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                <title>case. - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>case. RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुंबई : डिजिटल अरेस्ट” फ्रॉड के मामले में साइबर गैंग से जुड़े तीन लोग गिरफ्तार </title>
                                    <description><![CDATA[<p>डिजिटल अरेस्ट” फ्रॉड के एक और मामले में, साइबर पुलिस ने एक साइबर गैंग से जुड़े तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, जिन पर आरोप है कि उन्होंने एक बुज़ुर्ग कपल से करीब ₹4 करोड़ की ठगी की।पुलिस ने कहा कि आरोपियों ने कपल को यह कहकर डरा दिया कि वे करोड़ों रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल हैं और उनके खिलाफ केस दर्ज किया गया है।नॉर्थ रीजन साइबर पुलिस के मुताबिक, आरोपी विलास मोरे, रिजवान खान और कासिम शेख ने फ्रॉड करने के लिए कई बैंक अकाउंट खोले थे। पुलिस ने कहा कि देश भर से पैसा आरोपियों के बैंकों में जमा किया गया था, और फ्रॉड से जुड़े अकाउंट अब फ्रीज कर दिए गए हैं।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/45744/three-people-associated-with-cyber-gang-arrested-in-mumbai-digital"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-11/download---2025-11-25t130701.226.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई :</strong> डिजिटल अरेस्ट” फ्रॉड के एक और मामले में, साइबर पुलिस ने एक साइबर गैंग से जुड़े तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, जिन पर आरोप है कि उन्होंने एक बुज़ुर्ग कपल से करीब ₹4 करोड़ की ठगी की।पुलिस ने कहा कि आरोपियों ने कपल को यह कहकर डरा दिया कि वे करोड़ों रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल हैं और उनके खिलाफ केस दर्ज किया गया है।नॉर्थ रीजन साइबर पुलिस के मुताबिक, आरोपी विलास मोरे, रिजवान खान और कासिम शेख ने फ्रॉड करने के लिए कई बैंक अकाउंट खोले थे। पुलिस ने कहा कि देश भर से पैसा आरोपियों के बैंकों में जमा किया गया था, और फ्रॉड से जुड़े अकाउंट अब फ्रीज कर दिए गए हैं।</p>
<p> </p>
<p>27 अक्टूबर को, एक अनजान आदमी ने गोरेगांव के शिकायत करने वाले बुज़ुर्ग कपल को फोन किया, और खुद को टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) का ऑफिसर बताया। फ्रॉड करने वाले ने कपल से कहा कि उनके पर्सनल डॉक्यूमेंट्स का इस्तेमाल देश में कई बैंक खोलने के लिए किया गया है, और उन अकाउंट्स में बड़ी रकम ट्रांसफर की गई है। पुलिस ने कहा कि आरोपियों ने कपल को यह कहकर डरा दिया कि वे करोड़ों रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल हैं और उनके खिलाफ केस दर्ज किया गया है।</p>
<p>जालसाजों ने दावा किया कि कपल से CBI ऑफिसर पूछताछ करेंगे, और इसके तुरंत बाद, मुंबई और दिल्ली से CBI ऑफिसर बनकर जालसाजों के साथियों ने कपल को फोन किया।जालसाजों ने कपल को सरकारी अधिकारियों के साइन और स्टैम्प वाले लेटर और कोर्ट का नोटिस भी WhatsApp पर भेजा। फिर जालसाजों ने वीडियो कॉल के ज़रिए कपल को 'सख्त निगरानी' में रखा, और उन्हें दिए गए अकाउंट में पैसे ट्रांसफर करने और जांच में सहयोग करने के लिए मजबूर किया।</p>
<p>डरकर, कपल ने आरोपियों को ₹4 करोड़ ट्रांसफर कर दिए और उन्हें बताया गया कि जांच पूरी होने के बाद पैसे उनके अकाउंट में वापस कर दिए जाएंगे।जब उनके अकाउंट में कोई पैसा वापस नहीं आया और आरोपियों ने कॉल या मैसेज का जवाब देना बंद कर दिया, तो शिकायत करने वालों ने आखिरकार पुलिस से संपर्क किया। बुज़ुर्ग कपल ने आखिरकार नवंबर के बीच में पुलिस साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई, और पुलिस ने तुरंत उन अकाउंट का पता लगाना शुरू कर दिया जिनमें पैसे ट्रांसफर किए गए थे। पता चला कि ये बैंक तीन आरोपियों के नाम पर रजिस्टर्ड थे, जिन्हें पकड़कर बोरीवली की एक लोकल कोर्ट में पेश किया गया और चार दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/45744/three-people-associated-with-cyber-gang-arrested-in-mumbai-digital</link>
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                <pubDate>Tue, 25 Nov 2025 13:12:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नासिक: सतपुर फायरिंग केस में पूर्व पार्षद और आरपीआई (अठावले गुट) के जिला अध्यक्ष प्रकाश लोंढे और उनके बेटे दीपक लोंढे गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सतपुर फायरिंग केस में बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने पूर्व पार्षद और आरपीआई (अठावले गुट) के जिला अध्यक्ष प्रकाश लोंढे और उनके बेटे दीपक लोंढे को गिरफ्तार किया है। दोनों को मंगलवार को अदालत में पेश किया गया, जहां कोर्ट ने उन्हें तीन दिन की पुलिस रिमांड (17 अक्टूबर तक) पर भेज दिया है। पुलिस के अनुसार, इस फायरिंग मामले का मुख्य आरोपी भुशन लोंढे अभी भी फरार है। उसे पकड़ने के लिए चार विशेष टीमें गठित की गई हैं, जो लगातार अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर रही हैं।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/44698/former-councilor-and-district-president-of-rpi-athawale-faction-prakash"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-10/download---2025-09-28t125536.205.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नासिक: </strong>सतपुर फायरिंग केस में बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने पूर्व पार्षद और आरपीआई (अठावले गुट) के जिला अध्यक्ष प्रकाश लोंढे और उनके बेटे दीपक लोंढे को गिरफ्तार किया है। दोनों को मंगलवार को अदालत में पेश किया गया, जहां कोर्ट ने उन्हें तीन दिन की पुलिस रिमांड (17 अक्टूबर तक) पर भेज दिया है। पुलिस के अनुसार, इस फायरिंग मामले का मुख्य आरोपी भुशन लोंढे अभी भी फरार है। उसे पकड़ने के लिए चार विशेष टीमें गठित की गई हैं, जो लगातार अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर रही हैं।</p>
<p> </p>
<p><strong>फायरिंग और वसूली विवाद से जुड़ा मामला </strong><br />जांच में खुलासा हुआ है कि सतपुर फायरिंग की घटना वसूली और आपराधिक वर्चस्व के विवाद से जुड़ी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गिरोह के सदस्यों के बीच लंबे समय से वसूली के पैसों के बंटवारे को लेकर टकराव चल रहा था, जो हाल ही में हिंसक रूप ले लिया। घटना के बाद पुलिस ने 11 अक्टूबर (शनिवार) को प्रकाश लोंढे से जुड़े ‘धम्मतीर्थ’ नामक लायजन ऑफिस पर छापा मारा था। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस को कुछ अहम दस्तावेज और मोबाइल रिकॉर्ड मिले हैं, जिनकी जांच जारी है।</p>
<p><strong>फरार आरोपी की तलाश तेज </strong><br />मुख्य आरोपी भुशन लोंढे की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने नासिक सहित पड़ोसी जिलों में कई ठिकानों पर छापे मारे हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपी अक्सर अपना ठिकाना बदल रहा है ताकि गिरफ्तारी से बच सके। </p>
<p>राजनीतिक हलकों में हलचल <br />प्रकाश लोंढे का नाम नासिक की स्थानीय राजनीति में जाना-पहचाना है। वे पहले पार्षद रह चुके हैं और वर्तमान में रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (अठावले गुट) के जिला अध्यक्ष हैं। उनकी गिरफ्तारी के बाद पार्टी के स्थानीय नेताओं में हलचल मच गई है।<br />पुलिस का बयान<br />सतपुर पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच में तेजी लाई गई है। “फायरिंग घटना आपराधिक गतिविधियों और धन के लेनदेन से जुड़ी है। सभी आरोपियों की भूमिका की बारीकी से जांच की जा रही है,” पुलिस ने कहा। फिलहाल, पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इस प्रकरण के पीछे किसी राजनीतिक या अन्य आपराधिक गिरोह का हाथ है। आगामी दिनों में भुशन लोंढे की गिरफ्तारी के बाद मामले में और खुलासे होने की संभावना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/44698/former-councilor-and-district-president-of-rpi-athawale-faction-prakash</link>
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                <pubDate>Wed, 15 Oct 2025 13:09:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : हिरासत में हुई मौत के मामले में दो पुलिस अधिकारियों को सात साल की कैद और जुर्माने की सजा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>2009 के घाटकोपर हिरासत में हुई मौत के मामले में सीबीआई अदालत ने सजा का फैसला सुनाया। इस मामले में कोर्ट ने दो पुलिस अधिकारियों को सात साल की कैद और जुर्माने की सजा सुनाई। हिरासत में हुई मौत के एक मामले में मुंबई की सीबीआई अदालत ने मंगलवार को घाटकोपर पुलिस स्टेशन के तत्कालीन पुलिस उपनिरीक्षक संजय सुदाम खेडेकर और तत्कालीन मुख्य निरीक्षक रघुनाथ विठोबा कोलेकर को दोषी ठहराया। अदालत ने सात साल की कैद और एक-एक लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। मेहरुनिस्सा कादिर शेख द्वारा दायर आपराधिक रिट याचिका में अदालत के आदेश पर सीबीआई एससीबी, मुंबई ने 27 नवंबर 2009 को अल्ताफ कादिर शेख की मृत्यु से संबंधित मामला दर्ज किया था। यह आरोप लगाया गया था कि मृतक को घाटकोपर पुलिस स्टेशन मामले में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस अधिकारियों द्वारा हिरासत में यातना दिए जाने के कारण उसकी मृत्यु हो गई।</p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/44514/mumbai--two-police-officers-sentenced-to-seven-years--imprisonment-and-fine-in-a-custodial-death-case"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-10/images---2025-10-08t112705.106.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>2009 के घाटकोपर हिरासत में हुई मौत के मामले में सीबीआई अदालत ने सजा का फैसला सुनाया। इस मामले में कोर्ट ने दो पुलिस अधिकारियों को सात साल की कैद और जुर्माने की सजा सुनाई। हिरासत में हुई मौत के एक मामले में मुंबई की सीबीआई अदालत ने मंगलवार को घाटकोपर पुलिस स्टेशन के तत्कालीन पुलिस उपनिरीक्षक संजय सुदाम खेडेकर और तत्कालीन मुख्य निरीक्षक रघुनाथ विठोबा कोलेकर को दोषी ठहराया। अदालत ने सात साल की कैद और एक-एक लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। मेहरुनिस्सा कादिर शेख द्वारा दायर आपराधिक रिट याचिका में अदालत के आदेश पर सीबीआई एससीबी, मुंबई ने 27 नवंबर 2009 को अल्ताफ कादिर शेख की मृत्यु से संबंधित मामला दर्ज किया था। यह आरोप लगाया गया था कि मृतक को घाटकोपर पुलिस स्टेशन मामले में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस अधिकारियों द्वारा हिरासत में यातना दिए जाने के कारण उसकी मृत्यु हो गई।</p>
<p> </p>
<p>जांच पूरी होने के बाद सीबीआई ने 30 दिसंबर 2010 को संजय सुदाम खेडेकर, पीएसआई (ए-1), रघुनाथ विठोबा कोलेकर, हेड कांस्टेबल (ए-2) और सयाजी बापूराव थोम्बरे, पुलिस नायक (ए-3) (सुनवाई के दौरान मृत्यु हो गई और उसके खिलाफ मामला समाप्त कर दिया गया) के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया। बता दें कि पिछले महीने पटना की सीबीआई अदालत ने तत्कालीन डिप्टी कमांडेंट आनंद कुमार (मृत्यु हो गई), असिस्टेंट कमांडेंट विजय कुमार झा और एसआई अपूर्वा सरकार (दोनों 19वीं बटालियन, एसएसबी, बथनाहा, फारबिसगंज) को 24 लाख रुपए मूल्य के जब्त माल की हेराफेरी के लिए 50 हजार रुपए प्रत्येक के जुर्माने के साथ एक वर्ष के कठोर कारावास (आरआई) की सजा सुनाई।</p>
<p>सीबीआई ने सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर यह मामला दर्ज किया। इसमें आरोप लगाया गया कि आनंद कुमार, विजय कुमार झा और एसआई अपूर्वा सरकार ने वर्ष 2009 के दौरान आपस में एक आपराधिक साजिश रची और लोक सेवक के रूप में अपने आधिकारिक पद का दुरुपयोग करके धोखाधड़ी और बेईमानी से उनके द्वारा जब्त किए गए लगभग 24 लाख रुपए मूल्य के एक ट्रक सुपारी का गबन किया।जांच के बाद सीबीआई ने 13 जुलाई 2012 को तत्कालीन डिप्टी कमांडेंट आनंद कुमार (मुकदमे के दौरान मृत्यु हो गई), असिस्टेंट कमांडेंट विजय कुमार झा और सब-इंस्पेक्टर अपूर्व सरकार के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया। कोर्ट ने आरोपियों पर लगे आरोपों को सही पाया और उन्हें दोषी ठहराया और सजा सुनाई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Oct 2025 11:27:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, हरियाणा और मुंबई में स्थित 15 परिसरों पर तलाशी अभियान</title>
                                    <description><![CDATA[<p>फेक कॉल सेंटर मामले में ईडी ने दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, हरियाणा और मुंबई में स्थित 15 परिसरों पर छापेमारी की। जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने दिल्ली के रोहिणी, पश्चिम विहार और राजौरी गार्डन में कई फर्जी कॉल सेंटर संचालित कर रखे थे। ईडी ने टेक सपोर्ट स्कैम से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, हरियाणा और मुंबई में स्थित 15 परिसरों पर तलाशी अभियान चलाया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/44489/mumbai--searches-conducted-at-15-premises-located-in-delhi--noida--gurugram--haryana-and-mumbai-in-connection-with-a-money-laundering-case"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-10/download---2025-10-07t183041.334.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>फेक कॉल सेंटर मामले में ईडी ने दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, हरियाणा और मुंबई में स्थित 15 परिसरों पर छापेमारी की। जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने दिल्ली के रोहिणी, पश्चिम विहार और राजौरी गार्डन में कई फर्जी कॉल सेंटर संचालित कर रखे थे। ईडी ने टेक सपोर्ट स्कैम से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, हरियाणा और मुंबई में स्थित 15 परिसरों पर तलाशी अभियान चलाया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।</p>
<p> </p>
<p><strong>पीएमएलए के तहत की गई कार्रवाई</strong><br />मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम के तहत यह जांच दिल्ली पुलिस द्वारा दर्ज कई एफआईआर के आधार पर शुरू की गई थी। जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने दिल्ली के रोहिणी, पश्चिम विहार और राजौरी गार्डन में कई फर्जी कॉल सेंटर संचालित कर रखे थे।</p>
<p><strong>कॉल सेंटरों से की जा रही थी ठगी</strong><br />इन कॉल सेंटरों से ठग खुद को चार्ल्स श्वाब फाइनेंशियल सर्विसेज, माइक्रोसॉफ्ट और एप्पल जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों के ग्राहक सहायता प्रतिनिधि या फिर पुलिस व जांच अधिकारी बताकर विदेशी नागरिकों को निशाना बनाते थे। वे लोगों को गिरफ्तारी की धमकी देकर उनकी आर्थिक संपत्तियां ठगते और वसूलते थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/44489/mumbai--searches-conducted-at-15-premises-located-in-delhi--noida--gurugram--haryana-and-mumbai-in-connection-with-a-money-laundering-case</link>
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                <pubDate>Tue, 07 Oct 2025 18:31:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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