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                <title>raising - Rokthok Lekhani News </title>
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                            <item>
                <title>ठाणे डीमार्ट में एक्सपायर्ड केक बेचने का आरोप, उपभोक्ता सुरक्षा पर उठ रहा सवाल</title>
                                    <description><![CDATA[<p>ठाणे पश्चिम स्थित धोकाली इलाके में एक डीमार्ट आउटलेट से कथित तौर पर एक्सपायर्ड केक बेचने जाने का मामला सामने आया है। इस घटना ने उपभोक्ता सुरक्षा और खासकर बच्चों के खाद्य उत्पादों की क्वालिटी को लेकर गंभीर चिंताएँ खड़ी कर दी हैं। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में आरोप लगाया गया है कि दुकान में “ब्रिटानिया गोबल्स फ्रूटी फन बार केक” जैसे प्रोडक्ट, जिनकी एक्सपायरी डेट 19 अप्रैल थी, उन्हें 2 मई तक भी बिक्री के लिए शेल्फ पर रखा गया था। वीडियो में यह भी दिखाया गया है कि केवल एक ही नहीं बल्कि केक का पूरा बैच एक्सपायर्ड स्थिति में था।</p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49679/accusation-of-selling-expired-cakes-in-thane-dmart-raises-questions"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-05/download---2026-05-03t192611.312.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>ठाणे : </strong>ठाणे पश्चिम स्थित धोकाली इलाके में एक डीमार्ट आउटलेट से कथित तौर पर एक्सपायर्ड केक बेचने जाने का मामला सामने आया है। इस घटना ने उपभोक्ता सुरक्षा और खासकर बच्चों के खाद्य उत्पादों की क्वालिटी को लेकर गंभीर चिंताएँ खड़ी कर दी हैं। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में आरोप लगाया गया है कि दुकान में “ब्रिटानिया गोबल्स फ्रूटी फन बार केक” जैसे प्रोडक्ट, जिनकी एक्सपायरी डेट 19 अप्रैल थी, उन्हें 2 मई तक भी बिक्री के लिए शेल्फ पर रखा गया था। वीडियो में यह भी दिखाया गया है कि केवल एक ही नहीं बल्कि केक का पूरा बैच एक्सपायर्ड स्थिति में था।</p>
<p> </p>
<p>घटना के दौरान ग्राहक और डीमार्ट  कर्मचारियों के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली। वीडियो में पुलिसकर्मी और एक स्थानीय नेता भी मौजूद दिखाई देते हैं। ग्राहक ने बिल दिखाते हुए दावा किया कि उसने यह केक 30 अप्रैल को खरीदा था। ग्राहक का यह भी कहना है कि उसने वह केक खा लिया था, जिसके बाद उसे पेट दर्द की शिकायत हुई। इस दावे के बाद मामला और गंभीर हो गया है, और उपभोक्ता ने खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन का आरोप लगाया है।</p>
<p>घटना के बाद इलाके में लोगों के बीच नाराजगी देखी जा रही है। उपभोक्ताओं ने मांग की है कि इस मामले की विस्तृत जांच की जाए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो। साथ ही खाद्य सुरक्षा विभाग से भी हस्तक्षेप करने की अपील की जा रही है। फिलहाल इस मामले में संबंधित अधिकारियों की ओर से जांच की संभावना जताई जा रही है, जबकि डीमार्ट की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह घटना एक बार फिर रिटेल स्टोर्स में खाद्य सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 03 May 2026 19:32:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भिवंडी के 51 स्कूलों में सीसीटीवी लगाने की तैयारी, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल</title>
                                    <description><![CDATA[<p>भिवंडी-निज़ामपुर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के बिजली विभाग ने शहर के 51 स्कूल भवनों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए लगभग 75 लाख रुपये का प्रस्ताव तैयार किया है। इस प्रस्ताव को मंजूरी और फंडिंग के लिए जिला योजना समिति को भेजा गया है। हालांकि, स्कूलों में सुरक्षा गार्ड की नियुक्ति को लेकर अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाई है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49343/preparation-to-install-cctv-in-51-schools-of-bhiwandi-questions"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-20t134455.239.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>भिवंडी : </strong>भिवंडी-निज़ामपुर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के बिजली विभाग ने शहर के 51 स्कूल भवनों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए लगभग 75 लाख रुपये का प्रस्ताव तैयार किया है। इस प्रस्ताव को मंजूरी और फंडिंग के लिए जिला योजना समिति को भेजा गया है। हालांकि, स्कूलों में सुरक्षा गार्ड की नियुक्ति को लेकर अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाई है।</p>
<p> </p>
<p>राज्य सरकार के निर्देशों के बावजूद, जिनमें स्कूलों में सीसीटीवी सर्विलांस अनिवार्य करने की बात कही गई है, भिवंडी के कई सिविक स्कूल अभी भी बुनियादी सुरक्षा ढांचे के बिना संचालित हो रहे हैं। कैमरे और सुरक्षा कर्मियों की कमी को लेकर गंभीर चिंता जताई जा रही है, क्योंकि इससे हजारों छात्रों और स्कूल संपत्तियों की सुरक्षा पर खतरा बना हुआ है। फिलहाल, बीएनएमसी कुल 97 स्कूलों का संचालन कर रही है, जिनमें 46 भवनों में 86 प्राथमिक और 11 माध्यमिक विद्यालय शामिल हैं। इन स्कूलों में कुल 24,563 छात्र पढ़ते हैं। लेकिन कई स्कूलों में चोरी, तोड़फोड़ और अनधिकृत प्रवेश की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं।</p>
<p>स्कूल अधिकारियों के अनुसार स्थिति गंभीर होती जा रही है। एक शिक्षक ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि लगातार हो रही चोरी की घटनाओं के कारण जरूरी सामान अक्सर सुरक्षा के लिए स्कूल परिसर के बाहर रखा जाता है। वहीं एक सेंटर हेड ने बताया कि आसपास के बच्चे बिना अनुमति स्कूल परिसर में प्रवेश कर खेलते हैं, जिससे भवन और अन्य संरचनाओं को नुकसान पहुंचता है। कई मामलों में सेंधमारी के बाद कंप्यूटर और अन्य कीमती सामान भी चोरी हो चुके हैं।</p>
<p>हालांकि स्थानीय पुलिस थानों में शिकायतें दर्ज कराई गई हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। प्रशासनिक कार्रवाई के अभाव में स्कूल स्टाफ और स्थानीय लोगों को खुद आगे आकर स्थिति संभालनी पड़ रही है। कुछ जगहों पर लोगों ने अपने स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था शुरू की है। नारली तालाब भवन में, जहां छह सिविक स्कूल संचालित होते हैं, शिक्षकों ने मिलकर अपने खर्च पर सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं।</p>
<p>इसी तरह एक पूर्व छात्र ने स्कूल नंबर 45 में कैमरे लगाने के लिए आर्थिक मदद दी, जो यह दिखाता है कि प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई की कमी के कारण स्थानीय स्तर पर पहल करनी पड़ रही है। इस पूरे मामले ने भिवंडी के सरकारी स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रस्ताव तैयार होने के बावजूद फंडिंग और गार्ड्स की नियुक्ति पर निर्णय न होने से स्थिति अनिश्चित बनी हुई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Apr 2026 13:45:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title> मुंबई : अंधेरी वेस्ट बिल्डिंग गिराने से सड़क पर मलबा; सुरक्षा संबंधी चिंताएं बढ़ीं </title>
                                    <description><![CDATA[<p>अंधेरी वेस्ट के लोखंडवाला इलाके में तोड़-फोड़ के काम के दौरान एक बिल्डिंग का एक हिस्सा सड़क और फुटपाथ पर गिरता हुआ दिखाने वाला एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिससे सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। यह घटना स्नेहा सागर बिल्डिंग को गिराने के दौरान हुई।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48735/mumbai-andheri-west-building-collapse-raises-debris-on-road-safety"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-03/download---2026-03-26t170535.192.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>अंधेरी वेस्ट के लोखंडवाला इलाके में तोड़-फोड़ के काम के दौरान एक बिल्डिंग का एक हिस्सा सड़क और फुटपाथ पर गिरता हुआ दिखाने वाला एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिससे सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। यह घटना स्नेहा सागर बिल्डिंग को गिराने के दौरान हुई। अंधेरी लोखंडवाला ओशिवारा सिटिजन्स एसोसिएशन ने यह वीडियो शेयर किया है, जिसमें कथित तौर पर कंस्ट्रक्शन साइट की सील की गई बाउंड्री वॉल के बाहर एक पूरा हिस्सा गिरता हुआ दिखाया गया है, जिससे पैदल चलने वालों और गाड़ी चलाने वालों की जान खतरे में पड़ गई। बीएमसी को टैग करते हुए, संगठन ने उनसे सही कार्रवाई करने और डीजीएस डेवलपर को काम रोकने का ऑर्डर जारी करने को भी कहा।</p>
<p> </p>
<p>पोस्ट का जवाब देते हुए, बीएमसी ने कहा, "यह हमारे ध्यान में लाने के लिए धन्यवाद। हमने वार्ड को इसमें शामिल होने के लिए कह दिया है।" सोशल मीडिया पर यूज़र्स ने इस घटना पर गुस्सा दिखाया, सुरक्षा उपायों की कमी की आलोचना की और जवाबदेही पर सवाल उठाए। कई लोगों ने कंस्ट्रक्शन वर्कर्स और राहगीरों दोनों के लिए खतरों पर बात की, और डेवलपर्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। इसे मज़ाकिया बताते हुए एक यूज़र ने सवाल किया, "कानून उन्हें ऐसे हालात में काम करने की इजाज़त कैसे देता है? कंस्ट्रक्शन वर्कर अपनी जान गंवा सकते थे!! राहगीर घायल हो सकते थे! कौन ज़िम्मेदार होगा?" </p>
<p>बिल्डर की बुराई करते हुए एक और यूज़र ने कहा, "बिल्डर जेब भरते हैं, और अचानक उसका मुँह बंद हो जाता है।" एक यूज़र ने बताया कि बिल्डिंग के पास का हिस्सा गाड़ियों और पैदल चलने वालों के आने-जाने की वजह से एक बिज़ी सड़क है। एक यूज़र ने कहा, "यह मज़ाकिया और बहुत घिनौना है। खुशकिस्मती से, किसी को चोट नहीं आई। यह एक बिज़ी सड़क है जहाँ से रेगुलर गाड़ियाँ और पैदल चलने वाले गुज़रते हैं। उम्मीद है कि सख्त एक्शन लिया जाएगा।" इस बीच, पिछले महीने ही, घाटकोपर ईस्ट में 60 फीट रोड के लोगों में टेंशन हो गई थी, जब सात मंज़िला बिल्डिंग को गिराने का मलबा पास की रिहायशी जगह पर गिर गया, जिससे जान-माल का खतरा हो गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 26 Mar 2026 17:06:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे की खुल गई पोल, घटिया निर्माण, रिपेयरिंग-पैचिंग पर उठे सवाल; एनएचएआई ने दिया जवाब</title>
                                    <description><![CDATA[<p>देश का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे पूरी तरह खुलने से पहले ही सवालों के घेरे में है। निर्माण की गुणवत्ता और डिजाइन में गड़बड़ियां इसका संकेत दे रहे हैं कि मार्ग को विकसित करने के दौरान हाईस्पीड मानकों के आधार को तरजीह नहीं दी गई। जी, हां हम बात 1350 किलोमीटर लंबे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे की बात कर रहे हैं, जो हरियाणा के सोहना से शुरू होकर सूरत तक बनाया गया है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48555/delhi-mumbai-expressway-exposed-questions-raised-on-poor-construction-repairing-and"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-03/download---2026-03-19t184129.443.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>दिल्ली : </strong>देश का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे पूरी तरह खुलने से पहले ही सवालों के घेरे में है। निर्माण की गुणवत्ता और डिजाइन में गड़बड़ियां इसका संकेत दे रहे हैं कि मार्ग को विकसित करने के दौरान हाईस्पीड मानकों के आधार को तरजीह नहीं दी गई। जी, हां हम बात 1350 किलोमीटर लंबे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे की बात कर रहे हैं, जो हरियाणा के सोहना से शुरू होकर सूरत तक बनाया गया है। हालांकि, इसके कई हिस्से यातायात के लिए खोल दिए गए हैं और कई जगह निर्माण कार्य जारी है। जहां पर सड़क को ट्रैफिक के लिए खोला गया है, वहां से बेहतर रिव्यू नहीं मिले हैं। कई बार रोड धंसने और कंक्रीट के उखड़ने की खबरें सामने आ चुकी हैं। एक्सप्रेसवे अभी तक पूर्णतया खुला भी नहीं है और पैंचिग का कार्य शुरू कर दिया गया है, जिसको लेकर एक यूजर ने एक्स पर वीडियो साझा किया है।</p>
<p> </p>
<p>दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसे मुख्य तौर पर 8 लेन का एक्सेस कंट्रोल ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे है। भविष्य में इसे ट्रैफिक की जरूरतों का ख्याल रखते हुए 12 लेन तक बढ़ाया जा सकता है। एक्सेस कंट्रोल का मतलब है कि एक्सीडेंट से मुक्त सड़क! लेकिन अभी तक यातायात के दौरान कई बड़े हादसे सामने आए हैं। इसका कारण सड़क में कंक्रीट का उखड़ना और तेज रफ्तार गाड़ियों का उछलना है। क्योंकि निर्माण में इस्तेमाल की गई सामाग्री उभरी हुई है, जिससे सड़क की सतह बेहद खराब और गाड़ी चलाते समय गाड़ियों का बैलेंस बिगड़ता है।</p>
<p><strong>एक्स यूजर ने दिखाई एक्सप्रेसवे की हकीकत</strong><br />हाल ही में एक्सप्रेसवे के बड़ोदरा और सूरत खंड के बीच सफर कर रहे एक चालक ने सोशल मीडिया 'एक्स' पर सड़क निर्माण और गुणवत्ता को स्पष्ट तौर पर दिखाया है। यूजर ने दावा कि हाईटेक एक्सप्रेसवे के कुछ हिस्से बेहद खराब हैं और निर्माण की क्वालिटी निराश करने वाली है। पोस्ट में कहा कि सड़क को 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार के तहत डिजाइन किया गया है, लेकिन 100 किमी. के ऊपर मीटर पहुंचने पर गाड़ी पर जोर के झटके महसूस किए जाते हैं और कई जगहों पर सीमेंट और कंक्रीट उखड़ गई है। यूजर मानक के विपरीत सड़क की हालत देख कुशल इंजीनियरिंग पर भी असहजता जताई और कहा कि इससे देश में बुनियादी ढांचे के प्रति उत्साही लोगों का मनोबल गिरता है। उसने बड़ी परियोजना में व्यापक पैमाने पर भ्रष्टाचार का अंदेशा जताया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 19 Mar 2026 18:43:17 +0530</pubDate>
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