<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.rokthoklekhani.com/tag/17167/bangladeshis" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Rokthok Lekhani News  RSS Feed Generator</generator>
                <title>Bangladeshis - Rokthok Lekhani News </title>
                <link>https://www.rokthoklekhani.com/tag/17167/rss</link>
                <description>Bangladeshis RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुंबई : भोईवाड़ा में डिटेंशन सेंटर शुरू, 2500 बांग्लादेशियों की गिरफ्तारी के बाद उठाया गया कदम</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र में कई सालों से जिस डिटेंशन सेंटर के निर्माण और संचालन को लेकर चर्चा चल रही थी, वह अब आखिरकार धरातल पर उतर आया है. महाराष्ट्र गृह विभाग के सूत्रों के अनुसार, मुंबई के भोईवाड़ा इलाके में यह डिटेंशन सेंटर आधिकारिक रूप से चालू कर दिया गया है. शहर में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों को उनके निर्वासन की कानूनी प्रक्रिया पूरी होने तक अब इसी सेंटर में रखा जाएगा. </p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48751/detention-center-started-in-mumbai-bhoiwada-step-taken-after-arrest"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-03/download---2026-03-27t132412.228.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>महाराष्ट्र में कई सालों से जिस डिटेंशन सेंटर के निर्माण और संचालन को लेकर चर्चा चल रही थी, वह अब आखिरकार धरातल पर उतर आया है. महाराष्ट्र गृह विभाग के सूत्रों के अनुसार, मुंबई के भोईवाड़ा इलाके में यह डिटेंशन सेंटर आधिकारिक रूप से चालू कर दिया गया है. शहर में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों को उनके निर्वासन की कानूनी प्रक्रिया पूरी होने तक अब इसी सेंटर में रखा जाएगा. </p>
<p> </p>
<p>एक अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि इस डिटेंशन सेंटर का संचालन इसी साल 20 मार्च (2026) से शुरू कर दिया गया है. इस सेंटर में एक साथ करीब 150 लोगों को सुरक्षित रखने की व्यवस्था की गई है. यहां केवल पुरुषों ही नहीं, बल्कि महिलाओं और बच्चों को भी रखने के लिए अलग से विशेष इंतजाम किए गए हैं, ताकि मानवाधिकारों के मानकों का पालन किया जा सके. </p>
<p><strong>फिलहाल 10 से 15 बांग्लादेशी नागरिक किए गए शिफ्ट</strong><br />सूत्रों ने बताया कि सेंटर के शुरू होते ही यहां अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों को शिफ्ट करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है. फिलहाल भोईवाड़ा के इस डिटेंशन सेंटर में 10 से 15 बांग्लादेशी नागरिकों को रखा गया है. बताया जा रहा है कि इनमें कुछ महिलाएं भी शामिल हैं. </p>
<p><strong>क्यों पड़ी इस डिटेंशन सेंटर की जरूरत?</strong><br />मुंबई पुलिस शहर में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों और घुसपैठियों के खिलाफ लगातार सघन अभियान चला रही है. आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, केवल साल 2025-26 के दौरान ही मुंबई पुलिस ने 2500 से अधिक बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा है. इतनी बड़ी संख्या में हो रही गिरफ्तारियों के कारण इन लोगों को सुरक्षित और कानूनी निगरानी में रखने के लिए एक विशेष सेंटर की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी. अब भोईवाड़ा में इस डिटेंशन सेंटर के शुरू होने से पुलिस, प्रशासन और जांच एजेंसियों को एक बड़ी राहत मिली है.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/48751/detention-center-started-in-mumbai-bhoiwada-step-taken-after-arrest</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/48751/detention-center-started-in-mumbai-bhoiwada-step-taken-after-arrest</guid>
                <pubDate>Fri, 27 Mar 2026 13:24:56 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-03/download---2026-03-27t132412.228.jpg"                         length="15439"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : बांग्लादेशी के नाम पर लीगल फेरीवालों को परेशान करना बंद करें, बीएमसी और पुलिस कर्मियों को संजय निरुपम ने चेताया </title>
                                    <description><![CDATA[<p>शिंदे सेना के नेता व पूर्व सांसद संजय निरुपम ने मुंबई पुलिस और बीएमसी कर्मियों को चेताया है कि वे बांग्लादेशी के नाम पर कानूनी फेरीवालों को परेशान करना बंद करें। अगर उन्हें सचमुच बांग्लादेशी को पकड़ना है तो वे लेदर और टेक्सटाइल फैक्ट्रियों, जरी (कढ़ाई) इंडस्ट्री और बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन स्थल पर जाकर जांच पड़ताल करें। आज फेरीवालों के साथ जो हो रहा है उसकी संपूर्ण जानकारी जल्द ही मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को देंगे। </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48749/sanjay-nirupam-warns-bmc-and-police-personnel-to-stop-harassing"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-03/download---2026-03-27t132219.206.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>शिंदे सेना के नेता व पूर्व सांसद संजय निरुपम ने मुंबई पुलिस और बीएमसी कर्मियों को चेताया है कि वे बांग्लादेशी के नाम पर कानूनी फेरीवालों को परेशान करना बंद करें। अगर उन्हें सचमुच बांग्लादेशी को पकड़ना है तो वे लेदर और टेक्सटाइल फैक्ट्रियों, जरी (कढ़ाई) इंडस्ट्री और बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन स्थल पर जाकर जांच पड़ताल करें। आज फेरीवालों के साथ जो हो रहा है उसकी संपूर्ण जानकारी जल्द ही मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को देंगे। </p>
<p> </p>
<p><strong>फेरीवालों के संबंध में बॉम्बे हाई कोर्ट का फैसला अहम</strong><br />गुरुवार को मुंबई मराठी जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन की प्रेस कॉन्फ्रेंस में निरुपम ने कहा कि मुंबई पुलिस और बीएमसी मिलकर पिछले 2 महीनों में मुंबई के फेरीवालों पर कार्रवाई कर रहे हैं। क्या वे बताएंगे कि अब तक कितने गैर-कानूनी बांग्लादेशी हॉकरों के खिलाफ कार्रवाई की है ? उन्हें इसकी जानकारी सबूत के साथ सार्वजनिक करनी चाहिए। फेरीवालों के संबंध में बॉम्बे हाई कोर्ट का फैसला अहम और ऐतिहासिक है। </p>
<p><strong>स्ट्रीट वेंडर एक्ट अभी तक लागू क्यों नहीं</strong><br />बॉम्बे हाई कोर्ट का ऑर्डर देखने के बाद बीएमसी और मुंबई पुलिस को हॉकरों के बारे में उचित हल निकालना चाहिए। आखिर स्ट्रीट वेंडर एक्ट अभी तक लागू क्यों नहीं किया गया ? सन 2014 के एक्ट के मुताबिक, टाउन वेंडिंग कमेटी बनाने की जिम्मेदारी पूरी तरह से बीएमसी की है। कोर्ट के आदेश के बावजूद बीएमसी ने इसे नजरअंदाज किया। आज 12 साल बाद भी कमेटी नहीं बनी है। </p>
<p><strong>संजय निरुपम ने लगाए आरोप</strong><br />शिंदे सेना के नेता संजय निरुपम ने आरोप लगाया कि असल में बीएमसी और पुलिस चाहती हैं कि हॉकरों की समस्या ऐसे ही बनी रहे। फेरीवालों को टारगेट करना गलत है और ईमानदारी से बिजनेस करने वाले हजारों परिवारों के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/48749/sanjay-nirupam-warns-bmc-and-police-personnel-to-stop-harassing</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/48749/sanjay-nirupam-warns-bmc-and-police-personnel-to-stop-harassing</guid>
                <pubDate>Fri, 27 Mar 2026 13:23:14 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-03/download---2026-03-27t132219.206.jpg"                         length="6778"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : मुंबई पुलिस के एंटी टेररिज्म सेल के API समेत 4 पुलिसकर्मी सस्पेंड, अवैध बांग्लादेशियों की तलाशी की थी जिम्मेदारी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई पुलिस के एंटी टेररिज्म सेल (एटीसी) से जुड़े चार पुलिसकर्मियों को छापेमारी के दौरान कथित चोरी और वसूली के गंभीर आरोपों के बाद सस्पेंड कर दिया गया। इस मामले में तीन पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार भी किया गया है। इनमें एक एपीआई हैं। पुलिस के अनुसार,आरोपी एपीआई विजय सुतार, सिपाही योगेश खंडके, धनश्री रामचंद्र मोरे और रविंद्र नेमाने आरसीएफ पुलिस स्टेशन के एटीसी से जुड़े थे। इस टीम को इलाके में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों की तलाश के लिए अभियान चलाने की जिम्मेदारी दी गई थी। </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48269/4-policemen-including-api-of-anti-terrorism-cell-of-mumbai"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-03/download---2026-03-08t113318.515.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>मुंबई पुलिस के एंटी टेररिज्म सेल (एटीसी) से जुड़े चार पुलिसकर्मियों को छापेमारी के दौरान कथित चोरी और वसूली के गंभीर आरोपों के बाद सस्पेंड कर दिया गया। इस मामले में तीन पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार भी किया गया है। इनमें एक एपीआई हैं। पुलिस के अनुसार,आरोपी एपीआई विजय सुतार, सिपाही योगेश खंडके, धनश्री रामचंद्र मोरे और रविंद्र नेमाने आरसीएफ पुलिस स्टेशन के एटीसी से जुड़े थे। इस टीम को इलाके में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों की तलाश के लिए अभियान चलाने की जिम्मेदारी दी गई थी। </p>
<p> </p>
<p><strong>5 लाख रुपये की वसूली भी की</strong><br />आरोप है कि इस कार्रवाई के दौरान एक महिला के घर छापेमारी करते समय इन पुलिसकर्मियों ने कथित तौर पर उनके घर से नकदी और सोने के आभूषण चुरा लिए। इसके अलावा आरोप है कि इन्होंने कल्याण में रहने वाली एक संदिग्ध बांग्लादेशी महिला को कार्रवाई का डर दिखाकर उससे करीब 5 लाख रुपये की वसूली भी कर लिए। इसकी जानकारी आरोपी महिलाओं के रिश्तेदारों द्वारा स्थानीय एक सामाजिक कार्यकर्ता की मिली, जिन्होंने इसकी शिकायत जोनल डीसीपी समीर शेख से की। </p>
<p><strong>कौन-कौन अरेस्ट</strong><br />मामले की गंभीरता को देखते हुए शेख ने जांच के आदेश दिए और प्रारंभिक जांच में आरोपों में सच्चाई पाए जाने पर कार्रवाई करते हुए एपीआई विजय सुतार, सिपाही योगेश खंडके और धनश्री मोरे को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद नियमों के अनुसार, तीनों को डिम्ड सस्पेंशन में डाल दिया गया और मामले की जांच चेंबूर पुलिस स्टेशन को सौंप दी गई। बता दें कि इन सभी आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ आरसीएफ पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 305(ए), 308(2), 351(2) और 3(5) के तहत मामला दर्ज है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/48269/4-policemen-including-api-of-anti-terrorism-cell-of-mumbai</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/48269/4-policemen-including-api-of-anti-terrorism-cell-of-mumbai</guid>
                <pubDate>Sun, 08 Mar 2026 11:34:25 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-03/download---2026-03-08t113318.515.jpg"                         length="7605"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई में अवैध घुसपैठ पर बड़ा एक्शन, 3 साल में 1758 बांग्लादेशी पकड़े गए, कितने हुए डिपोर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई पुलिस शहर में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ लगातार सख्त अभियान चला रही है. पुलिस के मुताबिक पिछले तीन वर्षों में कुल 1758 बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा गया, जिनमें से 1283 को डिपोर्ट कर बांग्लादेश भेजा जा चुका है. मुंबई पुलिस के ज्वाइंट कमिश्नर (लॉ एंड आर्डर) सत्यनारायण चौधरी ने बताया कि 1 जनवरी से 20 फरवरी तक इस वर्ष 113 बांग्लादेशी नागरिकों को कस्टडी में लिया गया है. इनमें से 27 को अब तक डिपोर्ट किया जा चुका है, जबकि बाकी को भेजने की प्रक्रिया जारी है. </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/47932/big-action-on-illegal-infiltration-in-mumbai-1758-bangladeshis-caught"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-02/download---2026-02-22t130933.311.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>मुंबई : </strong>मुंबई पुलिस शहर में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ लगातार सख्त अभियान चला रही है. पुलिस के मुताबिक पिछले तीन वर्षों में कुल 1758 बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा गया, जिनमें से 1283 को डिपोर्ट कर बांग्लादेश भेजा जा चुका है. मुंबई पुलिस के ज्वाइंट कमिश्नर (लॉ एंड आर्डर) सत्यनारायण चौधरी ने बताया कि 1 जनवरी से 20 फरवरी तक इस वर्ष 113 बांग्लादेशी नागरिकों को कस्टडी में लिया गया है. इनमें से 27 को अब तक डिपोर्ट किया जा चुका है, जबकि बाकी को भेजने की प्रक्रिया जारी है. </div>
<div> </div>
<div> </div>
<div><strong>पुलिस और इंटेलिजेंस विभाग जुटा रहे जानकारी- ज्वाइंट कमिश्नर</strong></div>
<div>सत्यनारायण चौधरी ने आगे बताया कि इस कार्रवाई के लिए स्थानीय पुलिस और इंटेलिजेंस विभाग खुफिया तरीके से लगातार जानकारी जुटा रहे हैं. इनपुट के आधार पर अलग-अलग इलाकों में कार्रवाई की जा रही है.  </div>
<div> </div>
<div><strong>2025 में 1100 बांग्लादेशी नागरिकों को डिपोर्ट किया गया</strong></div>
<div>पुलिस आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में 1100 बांग्लादेशी नागरिकों को डिपोर्ट किया गया था. उस वर्ष 150 मामले दर्ज किए गए थे, जिनमें 224 आरोपी शामिल हैं. ये मामले फिलहाल अदालत में लंबित हैं और न्यायालय के आदेश के बाद आगे की डिपोर्टेशन प्रक्रिया पूरी की जाएगी. वहीं वर्ष 2024 में 156 बांग्लादेशी नागरिकों को डिपोर्ट किया गया था. उस साल 165 मामले दर्ज किए गए थे, जिनमें लगभग उतने ही बांग्लादेशी नागरिक आरोपी हैं. कोर्ट के आदेश के बाद उन्हें भी बांग्लादेश भेजा जाएगा. </div>
<div>बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान करना बड़ी जिम्मेदारी- पुलिस</div>
<div>चौधरी ने आगे बताया कि अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और कानून व्यवस्था से कोई समझौता नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा की बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान करना और उन्हें बांग्लादेश भेजना कहने में आसान लगता होगा पर यह बहुत बड़ी जिम्मेदारी है, कई बार हमें बांग्लादेशियों के होने के इनपुट्स मिलते हैं हम उन इनपुट्स को वेरिफाई करते हैं और पूरी तरह से आश्वस्त होने के बाद ही अगला कदम उठाते हैं. </div>
<div>हर कार्रवाई करने से पहले बेहतर तरीके से वेरिफिकेशन- पुलिस</div>
<div>पुलिस अधिकारी आगे कहा, ''हमें यह भी डर होता है कि गलती से भी कोई गलत जानकारी पर एक्शन ले लिया तो सिर्फ एक शख्स परेशान नहीं होगा बल्कि उसका पूरा परिवार परेशान हो जायेगा.'' एक उदाहरण देते हुए चौधरी ने बताया कि बांग्लादेशी होने की एक जानकारी हमारी टीम को मिली थी हमने एक्शन लेने में जल्दबाजी नहीं की बल्कि हम उसके गांव गए जहां हमें उसके पूर्वजों की जानकारी मिली और उसके पुराने दस्तावेज से उसके खेत की जानकारी मिली जिसके बाद हमने उसपर कोई करवाई नहीं की. यह बताने के पीछे का मकसद यह है कि मैं बता सकूं की एक एक कार्रवाई करने से पहले हम कितना और किस हद तक वेरिफिकेशन करते हैं.''</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/47932/big-action-on-illegal-infiltration-in-mumbai-1758-bangladeshis-caught</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/47932/big-action-on-illegal-infiltration-in-mumbai-1758-bangladeshis-caught</guid>
                <pubDate>Sun, 22 Feb 2026 17:10:26 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-02/download---2026-02-22t130933.311.jpg"                         length="17634"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        