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                <title>crypto - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>crypto RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुंबई : 800 करोड़ रुपये की ठगी: ईडी की मुंबई से लेकर बंगलूरू तक छापेमारी, क्रिप्टो के जरिए विदेश भेजी गई ठगी की रकम</title>
                                    <description><![CDATA[<p>ऑनलाइन सट्टेबाजी, गेमिंग और फर्जी निवेश के नाम पर लोगों से करीब 800 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले एक बड़े नेटवर्क का प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पर्दाफाश किया है। ईडी की मुंबई जोनल शाखा ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के तहत मुंबई, पुणे और बंगलूरू के कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। जांच में सामने आया है कि लोगों से ठगे गए पैसे को फर्जी कंपनियों और क्रिप्टो के जरिए विदेश भेजा जा रहा था। इस मामले में कई बैंक खातों को फ्रीज किया गया है और बड़ी मात्रा में डिजिटल सबूत भी जब्त किए गए हैं। </p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50967/mumbai-fraud-of-rs-800-crore-ed-raids-from-mumbai"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-07/img_dk_shivakumar_at_ed__2_1_79c5icdl.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>ऑनलाइन सट्टेबाजी, गेमिंग और फर्जी निवेश के नाम पर लोगों से करीब 800 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले एक बड़े नेटवर्क का प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पर्दाफाश किया है। ईडी की मुंबई जोनल शाखा ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के तहत मुंबई, पुणे और बंगलूरू के कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। जांच में सामने आया है कि लोगों से ठगे गए पैसे को फर्जी कंपनियों और क्रिप्टो के जरिए विदेश भेजा जा रहा था। इस मामले में कई बैंक खातों को फ्रीज किया गया है और बड़ी मात्रा में डिजिटल सबूत भी जब्त किए गए हैं। </p>
<p> </p>
<p><strong>ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी के नाम पर करोड़ों की ठगी</strong><br />ईडी के मुताबिक यह पूरा मामला 'ऑल पैनल एक्सचेंज' नाम के एक ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म से जुड़ा है। इस प्लेटफॉर्म के खिलाफ महाराष्ट्र के जलगांव पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया था, जिसके आधार पर ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की।</p>
<p>जांच में सामने आया कि शिकायतकर्ता को व्हाट्सएप संदेश भेजकर इस एप से जोड़ा गया था। शुरुआत में उसका भरोसा जीतने के लिए उसे छोटी-छोटी रकम निकालने की अनुमति दी गई। इससे उसे लगा कि प्लेटफॉर्म असली है। बाद में जब उसने बड़ी रकम निवेश कर दी, तो पैसे निकालने का विकल्प बंद कर दिया गया और आरोपियों ने उससे संपर्क भी खत्म कर दिया। </p>
<p>ईडी की जांच में पता चला कि गेमिंग और सट्टेबाजी के नाम पर लोगों से ठगे गए पैसे को पुणे स्थित एडसम फिनटेक प्राइवेट लिमिटेड के बैंक खातों में भेजा जाता था। इसके लिए फर्जी बैंक खाते और कई मुखौटा कंपनियों का इस्तेमाल किया गया। जांच में यह भी सामने आया कि इसी कंपनी के खाते देशभर में हुई कई साइबर धोखाधड़ी से जुड़े हैं। इनमें फर्जी शेयर ट्रेडिंग, क्रिप्टो निवेश और ऑनलाइन टास्क के नाम पर होने वाली ठगी के मामले शामिल हैं। बंगलूरू पुलिस ने भी इस कंपनी के खिलाफ 5.30 करोड़ रुपये की ऑनलाइन गेमिंग धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। </p>
<p><strong>ऐसे विदेश भेजी जा रही थी अवैध कमाई</strong><br />ईडी के अनुसार, आरोपियों ने अपराध से कमाए गए पैसे को कई फर्जी कंपनियों के जरिए इधर-उधर घुमाया और फिर क्रिप्टो प्लेटफॉर्म के माध्यम से उसे वर्चुअल डिजिटल एसेट में बदलकर विदेश भेज दिया। जांच में यह भी पता चला कि इन कंपनियों का कोई वास्तविक कारोबार नहीं था और इन्हें डमी निदेशकों के नाम पर संचालित किया जा रहा था। </p>
<p>सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ कि एक क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसाइटी के केवाईसी दस्तावेजों का दुरुपयोग कर एक क्रिप्टो एक्सचेंज पर फर्जी खाता और वॉलेट खोला गया। इसी खाते के जरिए करीब 800 करोड़ रुपये का लेनदेन किया गया। ईडी का कहना है कि यह पूरी रकम ऑनलाइन सट्टेबाजी, गेमिंग और फर्जी निवेश योजनाओं के जरिए लोगों से ठगी गई थी।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Jul 2026 12:19:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>क्रिप्टो और हवाला... ₹100 करोड़ गायब! ED ने दबोचे 4 बड़े 'डिजिटल चोर', होश उड़ा देगा ये साइबर फ्रॉड!</title>
                                    <description><![CDATA[<p>देश की आर्थिक राजधानी कहे जाने वाले गुजरात से एक ऐसा साइबर फ्रॉड सामने आया है जिसने जांच एजेंसियों तक को चौंका दिया है. प्रवर्तन निदेशालय (ED) की सूरत यूनिट ने ₹100 करोड़ से अधिक की अवैध कमाई से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. ED की टीम ने जिन चार लोगों को पकड़ा है, उनके नाम हैं मकबूल अब्दुल रहमान डॉक्टर, काशिफ मकबूल डॉक्टर, महेश माफतलाल देसाई और ओम राजेंद्र पांडे. आरोप है कि इन लोगों ने डिजिटल अरेस्ट, फॉरेक्स ट्रेडिंग, फर्जी सुप्रीम कोर्ट और ईडी नोटिस भेजकर लोगों को ठगा और फिर उस रकम को क्रिप्टोकरेंसी और हवाला रूट के जरिए विदेश भेज दिया.</p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/44573/crypto-and-hawala-100-crore-missing-ed-caught-4-big"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-10/images---2025-10-10t182644.742.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली: </strong>देश की आर्थिक राजधानी कहे जाने वाले गुजरात से एक ऐसा साइबर फ्रॉड सामने आया है जिसने जांच एजेंसियों तक को चौंका दिया है. प्रवर्तन निदेशालय (ED) की सूरत यूनिट ने ₹100 करोड़ से अधिक की अवैध कमाई से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. ED की टीम ने जिन चार लोगों को पकड़ा है, उनके नाम हैं मकबूल अब्दुल रहमान डॉक्टर, काशिफ मकबूल डॉक्टर, महेश माफतलाल देसाई और ओम राजेंद्र पांडे. आरोप है कि इन लोगों ने डिजिटल अरेस्ट, फॉरेक्स ट्रेडिंग, फर्जी सुप्रीम कोर्ट और ईडी नोटिस भेजकर लोगों को ठगा और फिर उस रकम को क्रिप्टोकरेंसी और हवाला रूट के जरिए विदेश भेज दिया.</p>
<p> </p>
<p><strong>100 करोड़ के साइबर फ्रॉड की गुत्थी सुलझाने में जुटी ईडी</strong><br />ईडी ने बताया कि इस मामले की जांच सूरत पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) द्वारा दर्ज एफआईआर (15 अक्टूबर 2024) के आधार पर शुरू की गई थी. जांच के दौरान पता चला कि गिरोह ने कई अलग-अलग खातों और प्री-एक्टिवेटेड सिम कार्ड्स का इस्तेमाल करते हुए ठगी की रकम इकट्ठा की.</p>
<p><strong>फर्जी नोटिस, नकली कॉल्स और ‘डिजिटल अरेस्ट’ का डर</strong><br />आरोपियों ने भोले-भाले लोगों को डराने के लिए फर्जी ईमेल्स और कॉल्स के ज़रिए खुद को कानून प्रवर्तन एजेंसियों का अधिकारी बताया. कई लोगों को “सुप्रीम कोर्ट समन” और “ED नोटिस” भेजे गए. इन चालबाजियों के जरिए पीड़ितों से करोड़ों रुपए वसूले गए.</p>
<p><strong>क्रिप्टो और हवाला चैनल से उड़ाई रकम</strong><br />जांच एजेंसी के मुताबिक, ठगी की रकम को पहले कई बैंक खातों में जमा किया गया, फिर हवाला ऑपरेटरों के ज़रिए उसे क्रिप्टोकरेंसी (USDT) में बदलकर ट्रैकिंग से बचने के लिए ब्लॉकचेन चैनल्स में भेजा गया. यह पूरा नेटवर्क कई राज्यों में फैला था और इसमें कई फर्जी कंपनियों व खातों का इस्तेमाल हुआ.</p>
<p><strong>5 दिन की ED कस्टडी, आगे की जांच जारी</strong><br />गिरफ्तार चारों आरोपियों को अहमदाबाद की विशेष पीएमएलए अदालत में पेश किया गया, जहां अदालत ने ईडी को 5 दिन की हिरासत दी है. एजेंसी अब यह जांच कर रही है कि साइबर ठगी की असली रकम ₹100 करोड़ से कहीं ज्यादा तो नहीं.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Oct 2025 18:27:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सुप्रीम कोर्ट ने क्रिप्टो घोटाले में सीबीआई को ट्रांसफर की सभी FIR...  दिल्ली की CBI कोर्ट में सुनवाई करने का निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[<p>खंडपीठ ने 45 एफआइआर पर आरोपित को अग्रिम जमानत संबंधी 30 अगस्त, 2019 के अपने पूर्ववर्ती आदेश को संशोधित करते हुए कहा कि अब यह प्रभावी नहीं है। सर्वोच्च अदालत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की रेजिस्ट्री में आरोपित की ओर से जमानत की पूर्व शर्त के तौर पर जमा कराए एक करोड़ रुपये भी दिल्ली स्थित सुनवाई अदालत में स्थानांतरित करने होंगे।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/26784/supreme-court-transfers-all-firs-in-crypto-scam-to-cbi---instructions-for-hearing-in-delhi-s-cbi-court"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2023-12/download-(4)10.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली : </strong>सुप्रीम कोर्ट ने बिटक्वाइन क्रिप्टोकरेंसी घोटाले से संबंधित कई एफआइआर को आगे की जांच के लिए सीबीआइ को ट्रांसफर कर दिया है। इसके साथ ही इस संबंध में आरोप पत्र भी दायर कर दिया है।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रधान न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पार्डीवाला और मनोज मिश्रा की खंडपीठ ने बुधवार को यह भी निर्देश दिया कि इन मामलों की सुनवाई नई दिल्ली स्थित एक विशेष सीबीआइ अदालत में हो। साथ ही कहा कि आरोपित को अगर अन्य अदालत से नियमित जमानत नहीं मिलती है तो वह दिल्ली हाई कोर्ट जा सकते हैं।<br /><br />खंडपीठ ने 45 एफआइआर पर आरोपित को अग्रिम जमानत संबंधी 30 अगस्त, 2019 के अपने पूर्ववर्ती आदेश को संशोधित करते हुए कहा कि अब यह प्रभावी नहीं है। सर्वोच्च अदालत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की रेजिस्ट्री में आरोपित की ओर से जमानत की पूर्व शर्त के तौर पर जमा कराए एक करोड़ रुपये भी दिल्ली स्थित सुनवाई अदालत में स्थानांतरित करने होंगे।<br /><br />आरोपित अमित भारद्वाज और अन्य के खिलाफ दर्ज दर्जनों एफआइआर में बिटक्वाइन कारोबार के जरिये देश के निवेशकों से धोखा करने का आरोप सर्वोच्च अदालत में लगाया गया है। इसमें कहा गया है कि अमित, उसके दो भाई और पिता भी आरोपित हैं। ईडी के मुताबिक देश भर के लोगों को ठगने पर उसके खिलाफ 47 एफआइआर दर्ज हुई थीं। यह मामले में 20 हजार करोड़ रुपये मूल्य के 87 हजार बिटक्वाइन की ट्रेडिग करने का आरोप है।</p>]]></content:encoded>
                
                

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                <pubDate>Wed, 13 Dec 2023 19:38:38 +0530</pubDate>
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