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                <title>mastermind - Rokthok Lekhani News </title>
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                            <item>
                <title>मुंबई : एमडी ड्रग फैक्ट्री संचालन के मास्टर माइंड आरोपी याकूब खान को लेकर पुलिस रवाना हुई </title>
                                    <description><![CDATA[<p>ग्राम चिकलाना में पकड़ी गई एमडी ड्रग फैक्ट्री संचालन के मास्टर माइंड आरोपी याकूब खान को लेकर पुलिस शुक्रवार देर शाम महाराष्ट्र के मुंबई के लिए रवाना हुई है। वहीं शुक्रवार को आरोपी दिलावर खान की पहली पत्नी फरीदा को सर्किल जेल से एक दिन के रिमांड पर पुलिस लेकर आई। फरीदा 17 जनवरी को न्यायालय मेंं पेश होने के दिन से ही जेल में बंद थी। </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/47209/police-left-with-accused-yakub-khan-mastermind-of-mumbai-md"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-01/download---2026-01-16t191214.1961.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>रतलाम : </strong>ग्राम चिकलाना में पकड़ी गई एमडी ड्रग फैक्ट्री संचालन के मास्टर माइंड आरोपी याकूब खान को लेकर पुलिस शुक्रवार देर शाम महाराष्ट्र के मुंबई के लिए रवाना हुई है। वहीं शुक्रवार को आरोपी दिलावर खान की पहली पत्नी फरीदा को सर्किल जेल से एक दिन के रिमांड पर पुलिस लेकर आई। फरीदा 17 जनवरी को न्यायालय मेंं पेश होने के दिन से ही जेल में बंद थी। </p>
<p> </p>
<p>मामले में अब तक 17 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस ने नौ से अधिक आरोपियों को चिन्हित किया है, जो भूमिगत हो गए हैं। पूछताछ में गुजरात और महाराष्ट्र से ड्रग कनेक्शन सामने आया है। शुक्रवार शाम करीब 06 बजे दिलावर और फरीदा को पुलिस चिकलाना स्थित निवास पर लेकर पहुंची। दिलावर और फरीदा को घर में ले जाने के बाद पुलिस ने दरवाजा बंद कर दिया। करीब दो घंटे तक दोनों अंदर थे और पुलिस अपनी जांच कर रही थी। कुछ देर बाद एसपी अमित कुमार भी दिलावर के घर पहुंचे और करीब 20 मिनट अंदर रुके।</p>
<p>दिलावर के घर में स्थित लॉकर को खुलवाने के लिए दिलावर और उसकी पत्नी को लाया गया था। वहीं पुलिस का कहना है कि दिलावर ने पूछताछ में एक बंदूक के लाइसेंस होने की बात कही थी। लाइसेंस की तलाशी के लिए ही उसे चिकलाना लेकर पहुंचे थे, लेकिन लाइसेंस नहीं मिला।</p>
<p><strong>लॉकर में दस्तावेज मिलने की संभावना</strong><br />थाने के लॉकअप में आरोपी अयाज अपने पिता दिलावर के रात में पैर दबाता हुआ दिखाई दिया। दिलावर और दामाद याकूब की लॉकअप के अंदर आपस में बहस होने की भी बात सामने आई है। दिलावर के चिकलाना स्थित घर के अंदर एक लॉकर है, जिसका लाक नंबर दिलावर और उसकी पत्नी फरीदा को मालूम है। शुक्रवार दोपहर एसपी अमित कुमार ने दोपहर में थाना स्टेशन रोड पहुंचकर याकूब, अयाज और दिलावर से बारी बारी से पुराने कंट्रोल रुम में पूछताछ की। पुलिस फरीदा और दिलावर को लेकर चिकलाना पहुंची थी। हालांकि लाकर खुला या नहीं इसकी जानकारी पुलिस ने नहीं दी है। दिलावर के मकान के साथ पुलिस उसके भांजे हसन खां के मकान पर भी पहुंची थी। </p>
<p><strong>निलंबित एसआई रउफ खान को भेजा नोटिस</strong><br />दिलावर के घर से जिस निलंबित एसआई रउफ खान का आईडी कार्ड मिला है, उसे पुलिस ने नोटिस भेजकर स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही आर खान नाम लगी प्लेट की वर्दी के मामले में भी उससे जवाब तलब किया गया है। रउफ 2024 से निलंबित है और पुलिस मुख्यालय भोपाल में अटैच है। शुक्रवार को महू रोड स्थित एक निजी होटल के शुभारंभ के कार्यक्रम में रउफ खान के शामिल होने की जानकारी मिली है। ये जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि रउफ और दिलावर के बीच क्या संबंध है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 24 Jan 2026 16:51:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई :58 करोड़ के साइबर ठगी के पीड़ित बुजुर्ग को 2 करोड़ रुपये वापस; फरार मास्टरमाइंड की तलाश तेज, 3 लाख का इनाम घोषित </title>
                                    <description><![CDATA[<p>देश के सबसे बड़े डिजिटल अरेस्ट साइबर ठगी मामले में महाराष्ट्र साइबर पुलिस ने बड़ी और निर्णायक सफलता हासिल की है। 58.13 करोड़ रुपये की भारी-भरकम ठगी के इस सनसनीखेज मामले में साइबर पुलिस ने अदालत के आदेश के तहत पीड़ित को 2 करोड़ रुपये की पहली किस्त के रूप में वापस दिला दी है। यह कार्रवाई न केवल आर्थिक रिकवरी की दिशा में अहम कदम है, बल्कि साइबर अपराध के खिलाफ सख्त रुख का स्पष्ट संकेत भी मानी जा रही है। इतना ही नहीं, इस ठगी के मास्टरमाइंड के ऊपर 3 लाख का इनाम घोषित किया गया है। </p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/47104/mumbai-rs-2-crore-returned-to-elderly-victim-of-cyber"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-01/download---2026-01-20t115754.204.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>देश के सबसे बड़े डिजिटल अरेस्ट साइबर ठगी मामले में महाराष्ट्र साइबर पुलिस ने बड़ी और निर्णायक सफलता हासिल की है। 58.13 करोड़ रुपये की भारी-भरकम ठगी के इस सनसनीखेज मामले में साइबर पुलिस ने अदालत के आदेश के तहत पीड़ित को 2 करोड़ रुपये की पहली किस्त के रूप में वापस दिला दी है। यह कार्रवाई न केवल आर्थिक रिकवरी की दिशा में अहम कदम है, बल्कि साइबर अपराध के खिलाफ सख्त रुख का स्पष्ट संकेत भी मानी जा रही है। इतना ही नहीं, इस ठगी के मास्टरमाइंड के ऊपर 3 लाख का इनाम घोषित किया गया है। </p>
<p> </p>
<p>महाराष्ट्र में साइबर सुरक्षा और साइबर अपराधों की नोडल एजेंसी, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, महाराष्ट्र साइबर कार्यालय द्वारा इस मामले में भारतीय न्याय संहिता 2023 की गंभीर धाराओं के साथ-साथ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 66(सी) और 66(डी) के अंतर्गत दर्ज किया गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि ठगों ने डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर पीड़ित से करोड़ों रुपये की ठगी की। लगातार तकनीकी विश्लेषण, वित्तीय ट्रैकिंग और बैंकों के साथ गहन समन्वय के चलते महाराष्ट्र साइबर ने जटिल लेन-देन की कड़ियों को जोड़ते हुए ठगी की राशि तक पहुंच बनाई। समय रहते कानूनी प्रक्रिया पूरी कर अदालत से अनुमति मिलने के बाद 2 करोड़ रुपये की राशि पीड़ित को लौटाई गई। अधिकारियों के अनुसार, यह केवल पहली किस्त है और आगे भी जब्त संपत्तियों के जरिए रकम वापस दिलाने की प्रक्रिया जारी रहेगी। इस रिकवरी से पीड़ित को आर्थिक राहत के साथ-साथ मानसिक संबल भी मिला है। महाराष्ट्र साइबर अधिकारियों का कहना है कि विभाग की प्राथमिकता केवल अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं, बल्कि साइबर ठगी से वंचित लोगों को जल्द से जल्द न्याय और राहत दिलाना भी है।  </p>
<p>जांच के दौरान गिरफ्तार आरोपियों से जुड़ी कई चल-अचल संपत्तियों की पहचान कर उन्हें फ्रीज किया गया है, जिन्हें न्यायालय के आदेश के बाद रिकवर की गई संपत्ति माना जाएगा। इस अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह के मुख्य साजिशकर्ताओं पर शिकंजा और कसा जा रहा है। मामले का प्रमुख आरोपी देवेंद्र सैनी अब भी फरार है, जिसे पूरे नेटवर्क का अहम ऑपरेशनल हैंडलर बताया जा रहा है। उसकी गिरफ्तारी के लिए महाराष्ट्र साइबर ने 3 लाख रुपये के इनाम की घोषणा की है। पुलिस को भरोसा है कि अंतरराज्यीय तालमेल और जनसहयोग से आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।</p>
<p>महाराष्ट्र साइबर ने स्पष्ट किया है कि साइबर अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई जारी रहेगी। 58 करोड़ रुपये के इस महाघोटाले में पहली किस्त की सफल वापसी यह दर्शाती है कि आधुनिक तकनीक, मजबूत जांच और कानूनी प्रक्रिया के जरिए साइबर अपराध पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।   </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 20 Jan 2026 11:59:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भुवनेश्वर: डीजीजीआई को एक सफलता;  325 करोड़ रुपए से अधिक के जीएसटी घोटाले का मास्टरमाइंड गिरफ्तार </title>
                                    <description><![CDATA[<p>गुड्स एंड सर्विस टैक्स खुफिया महानिदेशालय (डीजीजीआई) भुवनेश्वर जोनल यूनिट को एक बड़ी सफलता मिली है। मुंबई में कई स्थानों पर की गई छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने मुंबई निवासी निलेश योगेश जगीवाला को गिरफ्तार किया है। जगीवाला पर 325 करोड़ रुपए से अधिक के जीएसटी घोटाले का मास्टरमाइंड होने का आरोप है। साथ ही, 105 से अधिक फर्जी कंपनियों का जाल बुनकर इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) की जालसाजी करने का आरोप है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/45289/a-breakthrough-for-bhubaneswar-dggi-mastermind-of-gst-scam-worth"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-11/download---2025-11-07t183826.191.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>भुवनेश्वर: </strong>गुड्स एंड सर्विस टैक्स खुफिया महानिदेशालय (डीजीजीआई) भुवनेश्वर जोनल यूनिट को एक बड़ी सफलता मिली है। मुंबई में कई स्थानों पर की गई छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने मुंबई निवासी निलेश योगेश जगीवाला को गिरफ्तार किया है। जगीवाला पर 325 करोड़ रुपए से अधिक के जीएसटी घोटाले का मास्टरमाइंड होने का आरोप है। साथ ही, 105 से अधिक फर्जी कंपनियों का जाल बुनकर इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) की जालसाजी करने का आरोप है।<br /> प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि इस नेटवर्क ने जाली पहचान दस्तावेजों के जरिए कई फर्मों का पंजीकरण कराया और फर्जी निदेशकों को नियुक्त किया। यह पूरा नेटवर्क वर्चुअल इंफ्रास्ट्रक्चर के माध्यम से संचालित होता था। जांच में यह भी पाया गया कि जगीवाला और उसके सहयोगियों ने निष्क्रिय कंपनियों को खरीदकर उनमें सक्रिय जीएसटीआईएन का उपयोग किया। इसके बाद दूरस्थ रूप से डीआईआर-12 फाइलिंग के माध्यम से वास्तविक निदेशकों को हटाकर फर्जी निदेशकों की नियुक्ति की जाती थी।</p>
<p> </p>
<p>नेटवर्क के ऑपरेटरों के नियंत्रण में रखे गए सिम कार्ड्स के माध्यम से जीएसटी पोर्टल का संचालन किया जाता था, जिनका इस्तेमाल बड़े पैमाने पर फर्जी चालान जारी करने, दिखावटी बैंकिंग लेनदेन करने और बाद में नकद निकासी तथा कमीशन भुगतान के माध्यम से अंतिम लाभार्थियों को छिपाने के लिए किया जाता था। मुंबई और पुणे में की गई छापेमारी के दौरान बड़ी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री जब्त की गई।</p>
<p>इसमें विभिन्न कंपनियों की नकली मुहर, कई मोबाइल फोन और जीएसटी पंजीकरण से जुड़े सिम कार्ड, डिजिटल रिकॉर्ड, बैंक खातों के विवरण, लेनदेन का रिकॉर्ड और डिजिटल संचार से जुड़े दस्तावेज शामिल हैं। इससे पहले, 17 अक्टूबर को पुणे, महाराष्ट्र से एक महिला को गिरफ्तार किया था, जो प्रारंभिक जांच में निलेश योगेश जगीवाला की करीबी सहयोगी और नेटवर्क की संचालन समन्वयक पाई गई थी। दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।<br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 07 Nov 2025 18:39:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बांद्रा : बैग चेकिंग के नाम पर करोड़ों की उगाही...  महिला पुलिस अफसर निकली वसूली गैंग की मास्टरमाइंड !</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई के बांद्रा टर्मिनस पर यात्रियों से बैग चेकिंग के नाम पर लाखों रुपए की वसूली की जा रही थी। इस मामले में मुंबई जीआरपी की क्राइम ब्रांच ने कार्रवाई करते हुए एक महिला पुलिस अधिकारी सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान विजया उर्फ मनीषा इंगवले, नीलेश दीपक कलसुलकर और प्रवीण वेदनाथ शुक्ला के रूप में हुई है। जीआरपी सूत्रों के मुताबिक, यह पूरा वसूली रैकेट महिला अधिकारी इंगवले के इशारे पर ही चल रहा था।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/43649/mastermind-of-crores-of-female-police-officer-in-the-name"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-09/bandra-terminus-file_d.webp" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>बांद्रा : </strong>मुंबई के बांद्रा टर्मिनस पर यात्रियों से बैग चेकिंग के नाम पर लाखों रुपए की वसूली की जा रही थी। इस मामले में मुंबई जीआरपी की क्राइम ब्रांच ने कार्रवाई करते हुए एक महिला पुलिस अधिकारी सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान विजया उर्फ मनीषा इंगवले, नीलेश दीपक कलसुलकर और प्रवीण वेदनाथ शुक्ला के रूप में हुई है। जीआरपी सूत्रों के मुताबिक, यह पूरा वसूली रैकेट महिला अधिकारी इंगवले के इशारे पर ही चल रहा था।<br /><br />जांच में सामने आया है कि इंगवले के साथ गिरफ्तार हुए कलसुलकर और शुक्ला लंबे समय से उसके निजी सहयोगी थे। ये दोनों यात्रियों पर नजर रखते थे और जैसे ही किसी यात्री के पास भारी रकम होने की जानकारी मिलती, वे तुरंत इंगवले को इसकी ‘टिप’ दे देते थे।<br /><br />इसके बाद इंगवले और उसके साथी पुलिसकर्मी बनकर यात्रियों को रोकते, बैग की चेकिंग करते और फिर डरा-धमकाकर उनसे पैसे वसूल लेते। इस पूरे मामले में पीड़ित एक कपड़ा व्यवसायी है, जिससे इन लोगों ने मिलकर 10 लाख रुपए की वसूली की थी। बताया जा रहा है कि महिला अधिकारी इंगवले का कुछ ही दिन पहले बोरीवली रेलवे पुलिस स्टेशन से बांद्रा रेलवे पुलिस स्टेशन में तबादला हुआ था, लेकिन उसकी वसूली की आदतें नहीं बदलीं। बोरीवली में भी उसने अपने इन्हीं दो खास गुर्गों के साथ मिलकर एक यात्री से 50,000 रुपए की जबरन वसूली की थी। उस समय भी यही तरीका अपनाया गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 05 Sep 2025 10:20:48 +0530</pubDate>
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