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                <title>solution - Rokthok Lekhani</title>
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                <title>मुंबई : कई समस्याओं का हल है अंडरग्राउंड रेलवे लाइन; 5वीं और 6वीं रेलवे लाइन के लिए भूमिगत सुरंग</title>
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                        <![CDATA[<p>मेट्रो के बाद अब रेलवे भी जमीन के नीचे दौड़ने की तैयारी में है. सेंट्रल रेलवे पर परेल-करी रोड और छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस के बीच 5वीं और 6वीं रेलवे लाइन के लिए भूमिगत सुरंग (अंडरग्राउंड टनल) बनाने की दिशा में रेलवे ने कोशिश शुरू कर दी है. रेलवे की सोच ये है कि अगर मुंबई मेट्रो जमीन के नीचे चल सकती है, तो रेलवे क्यों नहीं? अगर सब कुछ ठीक-ठाक रहा, तो मुंबई को अपनी पहली अंडरग्राउंड रेलवे लाइन मिल सकती है. </p>]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/40350/mumbai--underground-railway-line-is-the-solution-to-many-problems--underground-tunnel-for-5th-and-6th-railway-line"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-05/imagesc.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>मेट्रो के बाद अब रेलवे भी जमीन के नीचे दौड़ने की तैयारी में है. सेंट्रल रेलवे पर परेल-करी रोड और छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस के बीच 5वीं और 6वीं रेलवे लाइन के लिए भूमिगत सुरंग (अंडरग्राउंड टनल) बनाने की दिशा में रेलवे ने कोशिश शुरू कर दी है. रेलवे की सोच ये है कि अगर मुंबई मेट्रो जमीन के नीचे चल सकती है, तो रेलवे क्यों नहीं? अगर सब कुछ ठीक-ठाक रहा, तो मुंबई को अपनी पहली अंडरग्राउंड रेलवे लाइन मिल सकती है. </p>
<p> </p>
<p>मध्य रेलवे पर 5वें और 6वें रेलवे कॉरिडोर के पहले चरण का काम, जो कुर्ला से परेल तक है, इस वक्त चल रहा है. इसके बाद दूसरे चरण में परेल से छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस तक 7.4 किलोमीटर के मार्ग को शामिल किया गया है. हालांकि, इस दूसरे चरण के प्रोजेक्ट में लैंड रेक्लमेशन और प्रोजेक्ट से प्रभावित लोगों के पुनर्वास जैसी बड़ी चुनौतियां रेलवे के सामने हैं. इन चुनौतियों को देखते हुए रेलवे यह विचार कर रही है कि क्या जमीन के नीचे सुरंग खोदकर इस समस्या का समाधान किया जा सकता है. </p>
<p>अगर रेलवे लाइन जमीन के नीचे बिछाई जाती है, तो सभी समस्याएं हल हो जाएंगी और यात्रा भी आसान होगी. रेलवे का तर्क है कि अगर मुंबई मेट्रो ये कर सकती है, तो रेलवे क्यों नहीं कर सकती है. हिंदुस्तान टाइम्स ने इस बारे में एक रिपोर्ट भी छापी है. </p>]]>
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                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 06 May 2025 12:09:51 +0530</pubDate>
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                <title>गाय दुनिया की तमाम समस्याओं का समाधान...  क्या कटने के लिए भेजना पुत्र का कर्तव्य है - RSS चीफ मोहन भागवत</title>
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                        <![CDATA[<p>आरएसएस प्रमुख ने गाय की दशा पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि कहा जाता है कि बांग्लादेश में सर्वाधिक गायें काटी जाती हैं. उन्होंने सवाल किया कि लेकिन उन्हें वहां भेजता कौन है? फिर उन्होंने खुद ही जवाब भी दिया कि वे हिन्दुओं के घरों से ही तो वहां पहुंचती हैं, उन्हें वहां ले जाने वाले कौन हैं, हिन्दू ही तो हैं. उन्होंने फिर सवाल उठाया, ‘हम गाय को माता कहते हैं.</p>]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/26382/cow-is-the-solution-to-all-the-problems-of-the-world----is-it-the-son-s-duty-to-send-it-for-slaughter---rss-chief-mohan-bhagwat"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2023-11/download-(7)15.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मथुरा :</strong> राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने सभी से गौ सेवा करने का आह्वान करते हुए कहा है कि गाय दुनिया की तमाम समस्याओं का समाधान है. भागवत मंगलवार को मथुरा के फरह क्षेत्र में स्थित परखम गांव में 70 एकड़ के दायरे में दीनदयाल कामधेनु गौशाला समिति द्वारा 200 करोड़ की लागत से प्रारंभ किए गए दीनदयाल गौ-विज्ञान, अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र में प्रथम चरण में निर्मित प्रशासनिक भवन, क्लास रूम और बायोगैस जनरेटर चलित बुनकर केंद्र का लोकार्पण करने पहुंचे थे.</p>
<p style="text-align:justify;">आरएसएस प्रमुख ने गाय की दशा पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि कहा जाता है कि बांग्लादेश में सर्वाधिक गायें काटी जाती हैं. उन्होंने सवाल किया कि लेकिन उन्हें वहां भेजता कौन है? फिर उन्होंने खुद ही जवाब भी दिया कि वे हिन्दुओं के घरों से ही तो वहां पहुंचती हैं, उन्हें वहां ले जाने वाले कौन हैं, हिन्दू ही तो हैं. उन्होंने फिर सवाल उठाया, ‘हम गाय को माता कहते हैं.</p>
<p style="text-align:justify;">गायों को कटने के लिए भेजना क्या एक पुत्र का कर्तव्य है ?’ उन्होंने जवाब भी दिया, ‘नहीं, हम गाय की सेवा करेंगे. हम अपनी गाय को ऐसे नहीं जाने देंगे. हम सदा उसे अपने पास रखेंगे. मरने के बाद उसका सींग भी हमारे काम आता है. उसकी खाल भी काम आती है. वह मृत्युपर्यंत भी हमारी सेवा करती है तो हम जीवित रहते हुए उसकी सेवा क्यों नहीं कर सकते.’</p>]]>
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                <pubDate>Wed, 29 Nov 2023 12:52:37 +0530</pubDate>
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