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                <title>Mahayuti - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>Mahayuti RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला: भरत गोगावले रायगढ़ के नए पालकमंत्री, गिरीश महाजन को नाशिक की जिम्मेदारी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र सरकार ने रायगढ़ और नाशिक के पालकमंत्री पदों को लेकर लंबे समय से चले आ रहे विवाद को खत्म करते हुए भरत गोगावले को रायगढ़ और गिरीश महाजन को नाशिक का पालकमंत्री नियुक्त किया है। दोनों जिलों के पदों को लेकर महायुति में लंबे समय से खींचतान चल रही थी।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51420/big-decision-of-maharashtra-government-bharat-gogavale-new-guardian-minister"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-08/untitled-design-2026-08-17t153147.787.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई: महाराष्ट्र सरकार ने लंबे समय से लंबित रायगढ़ और नाशिक के पालकमंत्री पदों को लेकर चल रही राजनीतिक खींचतान को आखिरकार खत्म कर दिया है। राज्य सरकार ने शिवसेना नेता और मंत्री भरत गोगावले को रायगढ़ का पालकमंत्री नियुक्त किया है, जबकि BJP के वरिष्ठ नेता और मंत्री गिरीश महाजन को नाशिक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। <br /><br />इन दोनों जिलों के पालकमंत्री पद को लेकर महायुति सरकार के भीतर लंबे समय से असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। रायगढ़ को लेकर शिवसेना और NCP के बीच दावेदारी सामने आई थी, जबकि नाशिक को लेकर भी BJP और NCP के बीच राजनीतिक खींचतान की चर्चा थी। सरकार के ताजा फैसले के बाद दोनों महत्वपूर्ण जिलों के पालकमंत्री पद को लेकर बना सस्पेंस समाप्त हो गया है। <br /><br />भरत गोगावले को रायगढ़ की कमान<br />भरत गोगावले लंबे समय से रायगढ़ के पालकमंत्री पद की मांग कर रहे थे। वह महाड विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं और रायगढ़ जिले की राजनीति में उनका मजबूत प्रभाव माना जाता है। अब सरकार ने उन्हें आधिकारिक तौर पर जिले की जिम्मेदारी सौंप दी है।  </p>
<p><br />स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर रायगढ़ में ध्वजारोहण की जिम्मेदारी भी गोगावले को दी गई थी। इसके बाद से ही उनके रायगढ़ के पालकमंत्री बनाए जाने की अटकलें तेज हो गई थीं। अब सरकार के फैसले के साथ इन अटकलों पर विराम लग गया है। <br /><br />गिरीश महाजन को नाशिक की जिम्मेदारी<br />BJP के वरिष्ठ नेता और राज्य सरकार में मंत्री गिरीश महाजन को नाशिक जिले का पालकमंत्री बनाया गया है। महाजन जलगांव जिले के जामनेर विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं और महाराष्ट्र की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय हैं।</p>
<p><br />नाशिक के पालकमंत्री पद को लेकर भी महायुति के भीतर लंबे समय से चर्चा और दावेदारी चल रही थी। सरकार के ताजा निर्णय के बाद अब गिरीश महाजन नाशिक जिले के प्रशासनिक और विकास संबंधी मामलों में समन्वय की जिम्मेदारी संभालेंगे। <br /><br />महायुति के भीतर लंबे विवाद का हुआ अंत<br />रायगढ़ और नाशिक के पालकमंत्री पदों को लेकर विवाद महाराष्ट्र की महायुति सरकार के भीतर राजनीतिक समीकरणों का अहम मुद्दा रहा है। पहले की नियुक्तियों के बाद गठबंधन के सहयोगी दलों की आपत्तियों के चलते दोनों पदों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई थी। <br /><br />अब रायगढ़ की जिम्मेदारी शिवसेना के भरत गोगावले और नाशिक की जिम्मेदारी BJP के गिरीश महाजन को देकर सरकार ने दोनों पक्षों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की है। इससे महायुति के भीतर लंबे समय से चले आ रहे इस विवाद के खत्म होने की उम्मीद है। <br /><br />रायगढ़ में अब गोगावले की बड़ी जिम्मेदारी<br />पालकमंत्री के तौर पर भरत गोगावले के सामने रायगढ़ में विकास योजनाओं की निगरानी, जिला प्रशासन के साथ समन्वय और सरकार की योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू कराने की बड़ी जिम्मेदारी होगी।</p>
<p><br />वहीं, नाशिक जैसे महत्वपूर्ण जिले की जिम्मेदारी मिलने के बाद गिरीश महाजन के सामने भी प्रशासनिक समन्वय और विकास परियोजनाओं को गति देने की चुनौती होगी।<br />सरकार के इस फैसले से दोनों जिलों में लंबे समय से खाली पड़े पालकमंत्री पदों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो गई है और अब प्रशासनिक कामकाज में भी तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 17 Aug 2026 18:02:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rokthok Lekhani]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मीरा-भाईंदर में BJP का बड़ा कदम! शिंदे और सरनाईक की तस्वीरें हटाने की तैयारी, महायुति में बढ़ी खींचतान</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मीरा-भाईंदर में BJP की ओर से एकनाथ शिंदे और प्रताप सरनाईक की तस्वीरें हटाने की पहल को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। इस कदम को शिंदे गुट के लिए झटके के तौर पर देखा जा रहा है और इससे BJP-शिवसेना के बीच स्थानीय स्तर पर चल रही खींचतान फिर सामने आ गई है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51345/bjps-big-step-in-mira-bhayander-preparation-to-remove-pictures-of"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-08/screenshot_2026-08-13-20-06-40-594_com.android.chrome-edit.jpg" alt=""></a><br /><p>मीरा-भाईंदर: मीरा-भाईंदर की राजनीति में BJP और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के बीच मतभेद एक बार फिर चर्चा में हैं। महानगरपालिका से जुड़े एक प्रस्ताव को लेकर सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। BJP की ओर से उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और मंत्री प्रताप सरनाईक की तस्वीरें हटाने की पहल को लेकर विवाद खड़ा हो गया है।<br />इस कदम को शिवसेना खेमे के लिए राजनीतिक झटके के तौर पर देखा जा रहा है। वहीं, दोनों दलों के बीच स्थानीय स्तर पर पहले से चले आ रहे मतभेदों के बीच यह नया विवाद महायुति के भीतर बढ़ती खींचतान की ओर इशारा कर रहा है।</p>
<p><br />तस्वीरें हटाने के प्रस्ताव से गरमाई राजनीति<br />मीरा-भाईंदर महानगरपालिका से जुड़े प्रस्ताव में एकनाथ शिंदे और प्रताप सरनाईक की तस्वीरों को हटाने की बात सामने आने के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं। BJP और शिवसेना के स्थानीय नेताओं के बीच पहले से कई मुद्दों पर मतभेद रहे हैं और अब तस्वीरों को लेकर सामने आया विवाद दोनों दलों के संबंधों को लेकर नई चर्चा पैदा कर रहा है।<br />यह मामला केवल तस्वीरों तक सीमित नहीं माना जा रहा है। इसके पीछे स्थानीय स्तर पर राजनीतिक वर्चस्व, प्रशासनिक फैसलों और महानगरपालिका में प्रभाव को लेकर चल रही खींचतान भी देखी जा रही है।</p>
<p><br />महायुति के भीतर मतभेद फिर सामने<br />महाराष्ट्र में BJP, शिवसेना और NCP महायुति सरकार का हिस्सा हैं। हालांकि, मीरा-भाईंदर की स्थानीय राजनीति में BJP और शिंदे गुट के बीच कई बार मतभेद सामने आए हैं।<br />महानगरपालिका के फैसलों और प्रस्तावों को लेकर दोनों पक्षों के बीच तनाव की स्थिति पहले भी बन चुकी है। ऐसे में तस्वीरों को हटाने की पहल ने एक बार फिर सहयोगी दलों के बीच स्थानीय समीकरण को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं </p>
<p><br />शिवसेना के लिए राजनीतिक झटका?<br />एकनाथ शिंदे और प्रताप सरनाईक की तस्वीरें हटाने की पहल को शिवसेना के लिए प्रतीकात्मक राजनीतिक झटके के तौर पर देखा जा रहा है। खासकर ऐसे समय में जब दोनों दल मीरा-भाईंदर क्षेत्र में अपनी-अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं।<br />अब नजर इस बात पर है कि शिवसेना इस प्रस्ताव पर क्या रुख अपनाती है और क्या पार्टी की ओर से इसका औपचारिक विरोध किया जाता है।</p>
<p><br />स्थानीय राजनीति में बढ़ रहा टकराव<br />मीरा-भाईंदर में BJP और शिवसेना के बीच मतभेद सिर्फ महानगरपालिका के प्रस्तावों तक सीमित नहीं हैं। स्थानीय राजनीतिक मुद्दों पर दोनों पक्षों के नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप भी सामने आते रहे हैं।</p>
<p><br />सीटों के बंटवारे, संगठनात्मक प्रभाव और स्थानीय प्रशासन में वर्चस्व जैसे मुद्दे भी दोनों दलों के लिए महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में तस्वीरों जैसे प्रतीकात्मक मुद्दे भी राजनीतिक संदेश देने का माध्यम बन सकते हैं।</p>
<p><br />BJP और शिवसेना के अगले कदम पर नजर<br />मीरा-भाईंदर में BJP की मजबूत राजनीतिक स्थिति के बीच पार्टी के स्थानीय फैसलों का व्यापक राजनीतिक असर हो सकता है। दूसरी ओर, शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना भी क्षेत्र में अपने संगठन और जनाधार को मजबूत करने की कोशिश कर रही है।</p>
<p><br />अब देखना होगा कि तस्वीरों को लेकर विवाद आगे किस दिशा में जाता है। यदि शिवसेना की ओर से इसका कड़ा विरोध किया जाता है, तो महायुति के स्थानीय स्तर पर रिश्तों में और तनाव पैदा हो सकता है।</p>
<p><br />फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम ने मीरा-भाईंदर की राजनीति को गर्म कर दिया है और आने वाले दिनों में दोनों दलों के नेताओं की प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण मानी जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 13 Aug 2026 20:07:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rokthok Lekhani]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव: महायुति में सीट बंटवारा तय, BJP 11, शिवसेना 4 और NCP 2 सीटों पर लड़ेगी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव से पहले महायुति गठबंधन ने 17 सीटों के लिए सीट बंटवारे का फॉर्मूला तय कर लिया है। BJP 11, शिवसेना 4 और NCP 2 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। लंबे समय से चल रही बातचीत के बाद गठबंधन में सहमति बनी। जानिए किस तरह हुआ समझौता और चुनावी समीकरणों पर इसका क्या असर पड़ेगा। </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50039/seat-distribution-decided-in-maharashtra-legislative-council-elections-bjp-will"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-05/screenshot_2026-05-31-20-12-27-541_com.android.chrome-edit1.jpg" alt=""></a><br /><p>महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव को लेकर सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन ने आखिरकार सीट बंटवारे का फॉर्मूला तय कर लिया है। लंबे समय से चल रही बातचीत और राजनीतिक खींचतान के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP), शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के बीच 17 सीटों का बंटवारा अंतिम रूप से तय हो गया है।</p>
<p>तय फॉर्मूले के अनुसार BJP सबसे ज्यादा 11 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी, जबकि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना को 4 सीटें मिली हैं। वहीं NCP को 2 सीटों पर चुनाव लड़ने का मौका दिया गया है।</p>
<p>सूत्रों के मुताबिक सीटों को लेकर महायुति के भीतर कई दौर की चर्चा हुई थी। कुछ सीटों पर BJP और शिवसेना दोनों ही दावा कर रहे थे, जिसके कारण समझौते में देरी हुई। अंततः गठबंधन नेतृत्व ने सभी सहयोगी दलों के बीच सहमति बनाकर सीटों का बंटवारा तय कर दिया।</p>
<p>महाराष्ट्र विधान परिषद की इन 17 सीटों के लिए 18 जून को मतदान होगा, जबकि मतगणना 22 जून को की जाएगी। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 1 जून निर्धारित की गई है।</p>
<p>राजनीतिक जानकारों का मानना है कि स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं में मजबूत प्रदर्शन के कारण महायुति इन चुनावों में बढ़त हासिल करने की कोशिश करेगी। दूसरी ओर विपक्षी महा विकास आघाड़ी (MVA) भी अपनी रणनीति के साथ मैदान में उतर चुकी है।</p>
<p>विधान परिषद चुनाव को आगामी राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऐसे में सभी दलों की नजर अब उम्मीदवारों की घोषणा और चुनावी रणनीति पर टिकी हुई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/50039/seat-distribution-decided-in-maharashtra-legislative-council-elections-bjp-will</link>
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                <pubDate>Sun, 31 May 2026 20:12:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rokthok Lekhani]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : बढ़ती गर्मी की समस्या; युवासेनाप्रमुख और विधायक आदित्य ठाकरे ने महायुति सरकार पर जोरदार हमला बोला</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई और उपनगरों में लगातार बढ़ रही गर्मी को लेकर शिवसेना नेता, युवासेनाप्रमुख और विधायक आदित्य ठाकरे ने महायुति सरकार पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि बढ़ती गर्मी की समस्या का सरकार के पास एक ही उपाय है, पेड़ों को काटना और उनकी जगह कंक्रीट डालो। इस संबंध में उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49196/mumbai-problem-of-rising-heat-yuva-sena-chief-and-mla"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-14t111814.364.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>मुंबई और उपनगरों में लगातार बढ़ रही गर्मी को लेकर शिवसेना नेता, युवासेनाप्रमुख और विधायक आदित्य ठाकरे ने महायुति सरकार पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि बढ़ती गर्मी की समस्या का सरकार के पास एक ही उपाय है, पेड़ों को काटना और उनकी जगह कंक्रीट डालो। इस संबंध में उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया है।</p>
<p> </p>
<p>बता दें कि मुंबई शहर और उपनगरों में एक बार फिर गर्मी का प्रकोप बढ़ने लगा है। पिछले कुछ दिनों तक सामान्य स्तर पर रहने वाला अधिकतम तापमान रविवार को लगातार दूसरे दिन तेजी से बढ़ा। इसी दौरान हवा की गुणवत्ता भी गिर गई और प्रदूषण में वृद्धि हुई। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में गर्मी और बढ़ने की संभावना जताई है। मार्च में तीव्र रही गर्मी का असर अप्रैल के पहले सप्ताह में कुछ कम हुआ था, लेकिन दूसरे सप्ताह में तापमान फिर से बढ़ गया।</p>
<p>बोरीवली में ३९.३ डिग्री, सांताक्रुज में ४० डिग्री, चेंबूर में ४२.४ डिग्री, नवी मुंबई में ४४.१ डिग्री और ठाणे में ४८.६ डिग्री तापमान दर्ज किया गया। ये आंकड़े ‘मुंबई रेंस’ नामक हैंडल से साझा किए गए। इसी संदेश को आगे बढ़ाते हुए आदित्य ठाकरे ने महायुति सरकार पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे मुंबई का तापमान बढ़ रहा है, वैसे-वैसे पर्यावरण का संतुलन भी बिगड़ता जा रहा है। सरकार का समाधान केवल पेड़ काटना और निर्माणकर्ताओं को अधिक कंक्रीट डालने की अनुमति देना है, जो बेहद चिंताजनक है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 Apr 2026 11:19:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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