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                <title>Chhath - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>Chhath RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title> मुंबई-दिल्ली से धनबाद की ट्रेनें फुल; दिवाली-छठ पर घर वापसी मुश्किल  </title>
                                    <description><![CDATA[<p>दिवाली और छठ से पहले घर वापसी की बेताबी दिखने लगी है। बड़े शहरों से वापसी की ट्रेन की बुकिंग खुलते ही सीटें फुल हो रही हैं। कंफर्म टिकट मिलना दूर वेटिंगलिस्ट भी नहीं मिल पा रहा है। चार नवंबर को एलटीटी-धनबाद एक्सप्रेस में नो रूम तो सात नवंबर तक मुंबई-हावड़ा मेल में वेटिंग टिकट भी मुश्किल हो गया है। नई दिल्ली से चलने वाली दोनों राजधानी और शकूर बस्ती-धनबाद स्पेशल तक सात नवंबर को फुल हो चुकी हैं।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51762/mumbai-delhi-to-dhanbad-trains-full-return-home-difficult-on-diwali-chhath"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-09/images---2026-09-09t101850.462.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>धनबाद : </strong>दिवाली और छठ से पहले घर वापसी की बेताबी दिखने लगी है। बड़े शहरों से वापसी की ट्रेन की बुकिंग खुलते ही सीटें फुल हो रही हैं। कंफर्म टिकट मिलना दूर वेटिंगलिस्ट भी नहीं मिल पा रहा है। चार नवंबर को एलटीटी-धनबाद एक्सप्रेस में नो रूम तो सात नवंबर तक मुंबई-हावड़ा मेल में वेटिंग टिकट भी मुश्किल हो गया है। नई दिल्ली से चलने वाली दोनों राजधानी और शकूर बस्ती-धनबाद स्पेशल तक सात नवंबर को फुल हो चुकी हैं।</p>
<p> </p>
<p><strong>मौर्य में सात नवंबर तक वेटिंगलिस्ट, जयनगर समेत अन्य ट्रेनों में भी बुकिंग तेज</strong><br />धनबाद होकर बिहार जानेवाली ट्रेनों में भी छठ से पहले टिकटों की बुकिंग तेज है। संबलपुर-गोरखपुर मौर्य एक्सप्रेस में सात नवंबर की बुकिंग खुलते ही सारी सीटें फुल हो गई हैं।  रांची-गोरखपुर एक्सप्रेस में भी छह नवंबर की सारी सीटें भर चुकी हैं। राउरकेला-जयनगर, चर्लपल्ली-दरभंगा जैसी ट्रेनों में भी अब गिनती की सीटें ही बची हैं। </p>
<p><strong>यात्रियों को स्पेशल ट्रेनों का इंतजार</strong><br />नियमित ट्रेनें फुल होने से अब यात्रियों को स्पेशल ट्रेनों का इंतजार है। दिल्ली, मुंबई, सूरत, सिकंदराबाद, बेंगलुरु समेत अन्य बड़े शहरों से त्योहारी स्पेशल ट्रेन ही यात्रियों की मुश्किल आसान कर सकती हैं। सबसे ज्यादा डिमांड बेंगलुरु से धनबाद तक ट्रेन की है। अप्रैल तक चल कर धनबाद-यशवंतपुर स्पेशल बंद हो चुकी है। इस ट्रेन के चलने से बड़ी आबादी को राहत मिल जाएगी। </p>
<p><strong>दो नवंबर को सूरत-मालदा टाउन एक्सप्रेस रद</strong><br />सूरत से चलने वाली सूरत-मालदा टाउन एक्सप्रेस दो नवंबर को रद है। ऐसे में सूरत से वापसी के लिए यात्रियों को विकल्प ढूंढ़ना होगा। नौ को चलने वाली ट्रेन में बुकिंग खुलते ही मारामारी की स्थिति रहेगी।   </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 09 Sep 2026 10:19:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>नई दिल्ली : आठवें वेतन आयोग को मंजूरी, 50 लाख कर्मचारियों को छठ पर केंद्र सरकार का तोहफा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>केंद्र सरकार ने मंगलवार को 8th Pay Commission की Terms of Reference यानी ToR को मंजूरी दे दी. इस फैसले से करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 69 लाख पेंशनर्स की उम्मीदें एक कदम और आगे बढ गई हैं. I&amp;B मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट ब्रीफिंग में बताया कि आठवां वेतन आयोग अपनी सिफारिशें 18 महीने में सौंप देगा. छठ के समय आए इस अपडेट से कर्मचारियों की सालों पुरानी मांग पूरी होती दिख रही है.</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/45029/new-delhi-eighth-pay-commission-approved-central-governments-gift-to"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-10/download---2025-10-28t201934.998.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली : </strong>केंद्र सरकार ने मंगलवार को 8th Pay Commission की Terms of Reference यानी ToR को मंजूरी दे दी. इस फैसले से करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 69 लाख पेंशनर्स की उम्मीदें एक कदम और आगे बढ गई हैं. I&amp;B मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट ब्रीफिंग में बताया कि आठवां वेतन आयोग अपनी सिफारिशें 18 महीने में सौंप देगा. छठ के समय आए इस अपडेट से कर्मचारियों की सालों पुरानी मांग पूरी होती दिख रही है. सरकार ने जनवरी में ही कमिशन सेटअप करने की मंजूरी दे दी थी. अब ToR मिलते ही कमिशन का काम औपचारिक रूप से शुरू माना जा रहा है. यह कमिशन सैलरी स्ट्रक्चर, पेंशन और एलाउंस में जरूरी अपडेट सुझाएगा.</p>
<p> </p>
<p><strong>8th Pay Commission: नए वेतन आयोग की कमेटी में कौन-कौन?</strong><br />कैबिनेट नोट के अनुसार, 8th Central Pay Commission एक टेम्पररी बॉडी होगी. इसमें एक चेयरपर्सन, एक पार्ट टाइम मेंबर और एक मेंबर सेक्रेटरी शामिल होंगे. सरकार ने बताया कि ToR तैयार करने में मंत्रालयों, राज्यों और कर्मचारियों के प्रतिनिधियों से कंसल्टेशन किया गया है. नए पे कमीशन की कमेटी में जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई चेयरमैन होंगी. उनके साथ प्रोफेसर पुलक घोष और पंकज जैन शामिल किए गए हैं. उम्मीद है कि इससे सैलरी स्ट्रक्चर और एलाउंसेज में सुधार होगा.</p>
<p>कमिशन अपनी फाइनल रिपोर्ट 18 महीने में देगा. जरूरत होने पर इंटेरिम रिपोर्ट भी सबमिट की जा सकती है. रिपोर्ट्स में यह ध्यान रखा जाएगा कि देश की अर्थव्यवस्था पर दबाव न बढे और सरकारी खर्च संतुलित रहे. इसके साथ ही सरकार ने न्यूट्रिएंट बेस्ड सब्सिडी को भी मंजूरी दी. रबी सीजन की फसल के लिए 37952 करोड की सब्सिडी मिलेगी. इससे किसानों की जेब पर बढते खर्च का दबाव कम होगा.</p>
<p><strong>हर 10 साल में सैलरी रिवीजन</strong><br />भारत में हर 10 साल पर Pay Commission की परंपरा है. 7th Pay Commission फरवरी 2014 में गठित हुआ था और 1 जनवरी 2016 से लागू हुआ. अब अगला अपडेट 2026 में लागू होना है. कर्मचारियों की सैलरी महंगाई की वजह से प्रभावित न हो, इसलिए सरकार हर 6 महीने में Dearness Allowance यानी DA अपडेट करती है. अगर नए पे स्ट्रक्चर के बाद DA में भी सुधार होता है तो हाथ में आने वाली सैलरी और बढेगी.</p>
<p><strong>किन बातों पर फोकस करेगा 8th CPC</strong><br />कमिशन रिपोर्ट बनाते समय कई अहम मुद्दों पर गौर करेगा. जैसे:<br />देश की आर्थिक हालत और फिस्कल डिसिप्लिन.<br />डेवलपमेंट और वेलफेयर खर्च के लिए पर्याप्त रिसोर्स.<br />नॉन कॉन्ट्रिब्यूटरी पेंशन स्कीम्स का भार.<br />राज्यों की फाइनेंशियल हेल्थ क्योंकि वे भी अक्सर सिफारिशें अपनाते हैं.<br />सेंट्रल पीएसयू और प्राइवेट सेक्टर में कर्मचारियों की सैलरी तुलना.<br />एक तरह से यह कमिशन सिर्फ वेतन बढ़ाने का ही नहीं बल्कि आर्थिक बैलेंस और एम्प्लोयी वेलफेयर के बीच सही रास्ता चुनने का जिम्मेदार होगा.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Oct 2025 20:20:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई और ठाणे में 83 स्थानों पर सामूहिक छठ पूजा का आयोजन; जुहू तट पर अलग-अलग चार संगठनों द्वारा छठ पूजा का आयोजन</title>
                                    <description><![CDATA[<p>छठ पूजा सामूहिक रूप से आज पूरे देश में मनाई जाने लगी है। लेकिन इसकी शुरुआत 34 साल पहले मुंबई के जुहू तट पर सिर्फ 60 परिवारों से हुई थी।  यह एक सामाजिक उत्सव से आगे बढ़कर बिहारियों के राजनीतिक रसूख का भी प्रतीक बन गया है। मुंबई के जुहू स्थित समुद्री तट पर अलग-अलग चार संगठनों द्वारा जब छठ पूजा का आयोजन किया जाता है, और वहां लाखों की भीड़ जुटती है, तो सभी राजनीतिक दलों को उनमें एक बड़ा ‘वोटबैंक’ भी नजर आता है। क्योंकि सिर्फ मुंबई और ठाणे में ही बिहार मूल के 10 से 12 लाख लोग रहते हैं। जल्दी ही होनेवाले स्थानीय निकाय चुनावों में ये जिधर घूम जाएं, उसकी नैया पार लगा सकते हैं।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/44969/mass-chhath-puja-organized-at-83-places-in-mumbai-and"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-10/download---2025-10-26t110523.524.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>छठ पूजा सामूहिक रूप से आज पूरे देश में मनाई जाने लगी है। लेकिन इसकी शुरुआत 34 साल पहले मुंबई के जुहू तट पर सिर्फ 60 परिवारों से हुई थी।  यह एक सामाजिक उत्सव से आगे बढ़कर बिहारियों के राजनीतिक रसूख का भी प्रतीक बन गया है। मुंबई के जुहू स्थित समुद्री तट पर अलग-अलग चार संगठनों द्वारा जब छठ पूजा का आयोजन किया जाता है, और वहां लाखों की भीड़ जुटती है, तो सभी राजनीतिक दलों को उनमें एक बड़ा ‘वोटबैंक’ भी नजर आता है। क्योंकि सिर्फ मुंबई और ठाणे में ही बिहार मूल के 10 से 12 लाख लोग रहते हैं। जल्दी ही होनेवाले स्थानीय निकाय चुनावों में ये जिधर घूम जाएं, उसकी नैया पार लगा सकते हैं।</p>
<p> </p>
<p>ये अहसास भारतीय जनता पार्टी जैसे राजनीतिक दल को 34 वर्ष पहले ही हो गया था, जब मुंबई भाजपा के तत्कालीन अध्यक्ष रामदास नायक ने उस समय अपने एक बिहारी कार्यकर्ता मोहन मिश्र को कोई ऐसा आयोजन करने की सलाह दी थी, जिसमें बड़ी संख्या में बिहारियों को जुटाया जा सके। तब 1992 में पहली बार जुहू के समुद्री तट पर मोहन मिश्र ने पहली बार बिहार के 60 परिवारों को जुटाकर पहली बार सामूहिक छठ पूजा की शुरुआत की थी।</p>
<p><strong>पुलिस वालों ने किया था परेशान</strong><br />मिश्र बताते हैं कि तब यह भी आसान नहीं था। क्योंकि उस समय जुहू तट पर पर्यटकों को घोड़े और बग्घी वालों ने तो परेशान किया ही, पुलिस ने आकर बांस और तंबू भी उखाड़ फेंका था। लेकिन मोहन मिश्र ने हार नहीं मानी। वर्ष दर वर्ष जुहू तट पर पूजा के लिए जुटनेवाले परिवारों के लिए शुद्ध पेयजल, वड़ा पाव, शौचालय और पूजा के लिए आई महिलाओं के वस्त्र बदलने के केबिन तक का इंतजाम करते रहे।</p>
<p><strong>धीरे-धीरे आने लगे सेलीब्रिटी</strong><br />1997 में एस्कॉन मंदिर की ओर से श्रद्धालुओं के लिए खिचड़ी की व्यवस्था भी गई। छठ पूजा व्रतियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए 1997 से ही तब शिवसेना में रहे नेता संजय निरुपम ने बिहार फ्रंट बनाकर जुहू पर ही एक और पूजा की शुरुआत कर दी। धीरे-धीरे इन आयोजनों में उदित नारायण, शत्रुघ्न सिन्हा जैसे सेलीब्रिटी और सुशील मोदी और नंदकिशोर यादव जैसे नेताओं का आगमन भी होने लगा।</p>
<p><strong>उच्चन्यायालय ने लगाया था प्रतिबंध</strong><br />2004 में कुछ विवाद के कारण जब उच्चन्यायालय ने इन आयोजनों पर प्रतिबंध लगा दिया, तो तत्कालीन भाजपा नेता अरुण जेटली ने उसे सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती देकर न सिर्फ वह प्रतिबंध हटवाया, बल्कि वहीं से सर्वोच्च न्यायालय ने मुंबई में इस उत्सव की जिम्मेदारी राज्य सरकार को करने के निर्देश दे दिए। तब सरकार संप्रग की थी, और गृहमंत्री आर.आर.पाटिल थे।</p>
<p>2005 में पाटिल ने जुहू तट पर व्यवस्था संभालने के लिए न सिर्फ 1000 पुलिसकर्मी तैनात किए, बल्कि वह स्वयं एवं राकांपा के वरिष्ठ नेता छगन भुजबल भी जुहू तट के आयोजन में शामिल होने पहुंचे। फिर तो सामूहिक छठ पूजा में राजनेताओं के आने का सिलसिला ही चल पड़ा। 2014 में पहली बार मुख्यमंत्री बनने के बाद से अब तक देवेंद्र फडणवीस हर साल छठ मैया का आशीर्वाद लेने जुहू की पूजा में पहुंचते हैं।</p>
<p><strong>83 जगहों पर सामुहिक छठ पूजा</strong><br />मोहन मिश्र बताते हैं कि अब मुंबई और ठाणे में 83 स्थानों पर सामूहिक छठ पूजा का आयोजन होता है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए इस वर्ष यह संख्या और बढ़ाने की योजना भी है। इन सभी आयोजनों को संगठित रूप प्रदान करने के लिए 2004 में ही छठ उत्सव महासंघ की स्थापना की गई, जिसमें 14 आयोजन समितियां शामिल हैं। संगठन की शक्ति का ही कमाल है कि इस वर्ष मुंबई के प्रभारी मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा न सिर्फ स्वयं घूम-घूमकर छठ पूजा आयोजनों की तैयारियों का निरीक्षण कर रहे हैं, बल्कि इन आयोजनों को महाराष्ट्र में प्रमुखता से मनाए जानेवाले गणेशोत्सव जैसी सुविधाएं एवं अनुमतियां भी प्रदान करने के निर्देश प्रशासन को दे रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 26 Oct 2025 11:06:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>छठ पूजा; महापालिका की ओर से श्रद्धालुओं के लिए अनेक सुविधाएं</title>
                                    <description><![CDATA[<p>शहर में छठ पूजा उत्सव बड़े उल्लास के साथ मनाया जाएगा. इस अवसर पर महापालिका की ओर से श्रद्धालुओं के लिए अनेक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. साथ ही उत्सव के दौरान शहर की मेट्रो और बेस्ट बस सेवाएं देर रात तक जारी रहेंगी. मुंबई उपनगर के सह-पालकमंत्री मंगलप्रभात लोढा और भाजपा मुंबई अध्यक्ष विधायक अमित साटम ने छठ पूजा की तैयारियों का जायजा लेने के लिए नगर निगम मुख्यालय में बैठक आयोजित की थी. वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में इस बैठक में कई महत्त्वपूर्ण निर्णय लिए गए.</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/44581/many-facilities-for-devotees-from-chhath-puja-municipal-corporation"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-10/images---2025-10-11t105849.503.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई :</strong> शहर में छठ पूजा उत्सव बड़े उल्लास के साथ मनाया जाएगा. इस अवसर पर महापालिका की ओर से श्रद्धालुओं के लिए अनेक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. साथ ही उत्सव के दौरान शहर की मेट्रो और बेस्ट बस सेवाएं देर रात तक जारी रहेंगी. मुंबई उपनगर के सह-पालकमंत्री मंगलप्रभात लोढा और भाजपा मुंबई अध्यक्ष विधायक अमित साटम ने छठ पूजा की तैयारियों का जायजा लेने के लिए नगर निगम मुख्यालय में बैठक आयोजित की थी. वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में इस बैठक में कई महत्त्वपूर्ण निर्णय लिए गए.</p>
<p> </p>
<p>मुंबई में निर्धारित पूजा स्थलों पर पीने के पानी, प्रकाश व्यवस्था, पूजास्थल पर टेबल, यातायात नियंत्रण, शौचालय और महिला श्रद्धालुओं के लिए पूजा के बाद कपड़े बदलने हेतु अलग कमरे उपलब्ध कराए जाएंगे. ऐसी जानकारी महानगरपालिका के उपायुक्त प्रशांत सकपाळे ने दी. शहर और उपनगरों में कुल 40 पूजा स्थल तय किए गए हैं, जो मांग के अनुसार 60 तक बढ़ाए जा सकते हैं. </p>
<p>CM देवेंद्र फडणवीस हमेशा इस बात पर जोर देते हैं कि राज्य के त्यौहार और उत्सव उल्लासपूर्वक मनाए जाएं और श्रद्धालुओं को आवश्यक सुविधाएं प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई जाएं. इसी दिशा में यह बैठक आयोजित की गई थी, ऐसा मंत्री लोढा ने बताया. उन्होंने उपस्थित वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए कि छठ पूजा उत्सव के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शहर की यातायात सेवाएं देर रात तक चालू रखी जाएं. </p>
<p>मेट्रो और बेस्ट बस सेवाएं देर रात तक जारी रखने के लिए महानगरपालिका की ओर से संबंधित अधिकारियों से समन्वय किया जाएगा, ऐसा अतिरिक्त आयुक्त अमित सैनी ने स्पष्ट किया. साथ ही, यदि कुछ छठ पूजा मंडलों को पूजा स्थल की अनुमति की आवश्यकता हो, तो इसके लिए तुरंत ‘वन विंडो सिस्टम' के माध्यम से अनुमति दी जाए और यह अनुमति गणेशोत्सव की तरह आगामी पांच वर्षों के लिए मान्य हो, ऐसी सूचना भाजपा मुंबई अध्यक्ष अमित साटम ने दी, जिसे अधिकारियों ने भी स्वीकृति दी.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/44581/many-facilities-for-devotees-from-chhath-puja-municipal-corporation</link>
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                <pubDate>Sat, 11 Oct 2025 11:01:22 +0530</pubDate>
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