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                <title>Landslides - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>Landslides RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>नागालैंड में आपदा का अलर्ट: भूस्खलन और बाढ़ से 8 लोगों की मौत, भारी तबाही</title>
                                    <description><![CDATA[<p dir="ltr">नागालैंड में भारी बारिश के बाद हुए भूस्खलन और अचानक बाढ़ में 8 लोगों की मौत हो गई है। राज्य प्रशासन ने आपदा का अलर्ट जारी कर दिया है और NDRF की टीमें राहत कार्य में जुटी हैं। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक और अधिक बारिश की चेतावनी दी है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50854/disaster-alert-in-nagaland-8-people-died-due-to-landslides"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-07/naga-1.jpg" alt=""></a><br /><p dir="ltr"><strong>कोहिमा:</strong> नागालैंड में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में हुए भीषण भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ (flash floods) की घटनाओं में अब तक कम से कम 8 लोगों की जान चली गई है। प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आपदा का अलर्ट जारी किया है।</p>
<p dir="ltr">​<strong>त्रासदी का विवरण और बचाव कार्य</strong></p>
<p dir="ltr">राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) के अनुसार, भूस्खलन के कारण कई प्रमुख सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं, जिससे पहाड़ी इलाकों का संपर्क मुख्य शहरों से कट गया है। सबसे अधिक प्रभावित जिलों में राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है। मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और स्थानीय प्रशासन की टीमें तैनात की गई हैं।</p>
<p dir="ltr">​<strong>प्रशासनिक सतर्कता</strong></p>
<ul>
<li dir="ltr">​<strong>अलर्ट:</strong> सरकार ने सभी जिलों के उपायुक्तों को सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। निचले इलाकों में रहने वाले निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।</li>
<li dir="ltr">​<strong>मौसम का पूर्वानुमान:</strong> मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक नागालैंड के कई हिस्सों में भारी बारिश जारी रहने की चेतावनी दी है, जिसके चलते भूस्खलन का खतरा और बढ़ सकता है।</li>
<li dir="ltr">​<strong>नुकसान का आकलन:</strong> बाढ़ और भूस्खलन से घरों, फसलों और बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान का प्रारंभिक आकलन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है और हर संभव सरकारी मदद का आश्वासन दिया है।</li>
</ul>
<p dir="ltr">​<strong>यातायात और जन-जीवन पर असर</strong></p>
<p dir="ltr">भारी बारिश के कारण राष्ट्रीय राजमार्गों पर यातायात प्रभावित हुआ है, जिससे आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में भी बाधा आ रही है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे तब तक यात्रा न करें जब तक बहुत जरूरी न हो और आपदा प्रबंधन की गाइडलाइंस का पालन करें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Jul 2026 17:30:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rokthok Lekhani]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हिमाचल : मूसलाधार बारिश और लैंडस्लाइड का खतरा... मानसूनी सीजन में पहाड़ों पर जाने से पहले पढ़ें ये खास रिपोर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">हिमाचल प्रदेश में मूसलाधार बारिश से तबाही मची हुई है। पहाड़ टूटने और बादल फटने से भारी नुकसान हुआ है। शिमला सिकासेरी गांव में आधी रात बादल फटने से भारी तबाही हुई है। एक मकान का हिस्सा बह गया तो किसानों के खेत और सेब के बगीचों को भी नुकसान हुआ है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/41774/read-this-special-report-before-going-to-the-mountains-in"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-06/download-(4)1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>हिमाचल : </strong>मॉनसून की एंट्री ने पहाड़ों को हिलाकर रख दिया है। मैदानी इलाकों को डुबो दिया है। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में आधी रात को बादल फट गया। उत्तराखंड के उत्तरकाशी में भी बादल फटने से भारी तबाही हुई है। मौसम विभाग ने 31 राज्यों-केंद्र शासित प्रदेशों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। ऐसे में अगर आप पहाड़ों में घूमने जाने का प्लान बना रहे हैं तो पहले से ही सचेत हो जाएं।<br /><br />हिमाचल प्रदेश में मूसलाधार बारिश से तबाही मची हुई है। पहाड़ टूटने और बादल फटने से भारी नुकसान हुआ है। शिमला सिकासेरी गांव में आधी रात बादल फटने से भारी तबाही हुई है। एक मकान का हिस्सा बह गया तो किसानों के खेत और सेब के बगीचों को भी नुकसान हुआ है।<br /><br />उधर, शिमला के भट्टाकुफर इलाके में सोमवार सुबह एक 5 मंजिला मकान ढह गया। ये मकान काफी वक्त से खाली और जर्जर हालत में था। गनीमत ये रही कि जिस वक्त ये मकान गिरा। उस वक्त घर के आसपास कोई मौजूद नहीं था। ये भवन फोरलेन निर्माण कार्य की वजह से पहले ही खाली कर लिया गया था।<br /><br />मंडी में लगातार हो रही बारिश पर्यटकों के साथ आम लोगों के लिए भी मुसीबत लेकर आई है। जगह-जगह लैंडस्लाइड हुई है। सड़क बंद होने से लोग टनल में रुकने को मजबूर हैं। हिमाचल प्रदेश के सोलन में लैंड स्लाइड हुई है। मलबे की चपेट में आने से वाहन बाल-बाल बच गए।<br /><br />मौसम विभाग ने अलर्ट जारी करते हुए कहा, ' अगले एक-दो दिन कांगड़ा, मंडी, सोलन और सिरमौर जिलों में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर और शिमला जिलों में अलग-अलग स्थानों पर तथा कुल्लू और चंबा जिलों में अलग-अलग स्थानों पर बारिश और लैंडस्लाइड का भी खतरा है।<br /><br />उत्तराखंड के उत्तरकाशी में भारी बारिश के बीच एक गाड़ी नदी में गिर गई। ड्राइवर किसी तरह बाहर निकल कर गाड़ी की छत पर चढ़ गया। लेकिन उफनती नदी और तेज बहाव की वजह से वो पानी से बाहर नहीं निकल पाया। घंटों तक वो पानी के प्रचंड प्रहार को झेलता रहा। काफी देर बाद वहां पहुंचे स्थानीय लोगों ने रस्सी के सहारे किसी तरह उसे रेस्क्यू किया।<br /><br />पहाड़ों पर हो रही लगातार बारिश की वजह से जगह-जगह लोग फंस गए हैं। पौड़ी में सड़क पर ही सैलाब बह रहा है। पानी की धारा इतनी तेज है कि उसे पार कर पाना नामुमिकन है। उत्तराखंड में लगातार बारिश और उत्तरकाशी में बादल फटने की घटनाओं के बाद हर जिले का प्रशासन अलर्ट मोड पर है।<br /><br />उत्तराखंड के ऋषिकेश में त्रिवेणी घाट पर फ्लड मॉकड्रिल की गई है। SDRF, जल पुलिस मॉकड्रिल में शामिल हुए। SDRF ने एनाउंसमेट कर लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। उत्तरकाशी में बादल बिल्कुल पहाड़ों पर आए हुए हैं। ऊपर तेज बरसात का पानी तेज बहाव के साथ नीचे जा रहा है, जिस वजह से ऋषिकेश और हरिद्वार में पानी का स्तर बढ़ गया है।<br /><br />वहीं, गंगोत्री यमनोत्री रूट पर बारिश और बादल फटने से काफी नुकसान हुआ है। रास्ते में जगह-जगह लैंडस्लाइड पूरे पहाड़ सड़क पर गिरे हुए हैं। इतना ही रास्ता बचा है, जिससे एक ही गाड़ी एक बार में आगे जा सकती है।<br /><br />उत्तराखंड के चंपावत में NH-74 पर वाहनों की आवाजाही बंद कर दी गई है। लगातार हो रही बारिश के चलते वाहनों को रोका गया है। बनबसा शारदा बैराज पर रेड अलर्ट जारी है। क्योंकि भारी बारिश के बाद शारदा नदी उफान पर है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 30 Jun 2025 21:29:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मुंबई में 22000 झोपड़ों पर है पहाड़ी खिसकने का खतरा... इन झोपड़ों में रहते हैं 1 लाख लोग</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">मनपा ने जिऑलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के जरिए 74 ऐसे खतरनाक स्थानों का सर्वे कराया था। इसमें से 46 स्थानों पर तत्काल सुरक्षा उपाय करने की सिफारिश की गई थी। इन स्थानों पर सुरक्षा उपाय किए जाए यह मांग बीएमसी डिजास्टर डिपार्टमेंट ने राज्य सरकार के मदद एवं पुनर्वसन विभाग को लिखा था अब तक डीपीडीसी निधि से यह कार्य किया जा रहा है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/30601/22000-huts-in-mumbai-are-in-danger-of-landslides1-lakh-people-live-in-these-huts"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2024-04/download-(4)19.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई :</strong> मानसून आने के पूर्व ही अभी दी दिन पूर्व घाटकोपर में लैंड स्लाइड की घटना घटी थी। हर साल मानसून के दौरान मुंबई में पहाड़ी खिसकने और भूस्खलन की घटना घटी है जिसमे जानमाल दोनों का नुकसान होता है। इसके बावजूद लाखों लोग वहां रहने को मजबूर हैं।<br />बता दें कि मुंबई में कुर्ला, साकीनाका, घाटकोपर, अंधेरी पूर्व में महाकाली गुफा एरिया, विक्रोली पार्कसाईट, भांडुप और माहुल इलाको में पहाड़ी के आसपास खतरनाक जोन में 22000 झोपड़े हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">जिसमें करीब 1 लाख लोग रहते हैं। अभी तक यहां लोगों की सुरक्षा के लिए सुरक्षा दीवार नहीं बन पाई है। सुरक्षा दिवार बनाने की जिम्मेदारी म्हाडा और पीडब्ल्यूडी की है। जिसका काम अभी तक पूरा नहीं हो पाया है। मनपा प्रशासन मॉनसून शुरू होने से पहले लैंड स्लाइड एरिया में रहने वालों को जल्द ही नोटिस भेजेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">जुलाई 2021 में एक ही दिन तीन जगहों चेंबूर वासीनाका विक्रोली और भांडुप तीन जगहों पर पहाड़ी खिसकने की घटना घटी, जिसमें 30 लोगों की मौत हो गई थी। बता दें कि आरटीआई से मिली जानकारी के अनुसार मुंबई में वर्ष 1992 से 2023 के बीच लैंडस्लाइड हादसे में 310 लोगों की मौत हुई और 300 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">मनपा ने जिऑलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के जरिए 74 ऐसे खतरनाक स्थानों का सर्वे कराया था। इसमें से 46 स्थानों पर तत्काल सुरक्षा उपाय करने की सिफारिश की गई थी। इन स्थानों पर सुरक्षा उपाय किए जाए यह मांग बीएमसी डिजास्टर डिपार्टमेंट ने राज्य सरकार के मदद एवं पुनर्वसन विभाग को लिखा था अब तक डीपीडीसी निधि से यह कार्य किया जा रहा है।<br /><br />सुरक्षा के मद्देनजर मनपा, आर्मी, नेवी और एनडीआरएफ की टीम लैंड स्लाइड इलाकों में जाकर जांच करेगी। वहां की भौगोलिक स्थिति समझने में आसानी होगी इससे आपात कालीन स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य में आसानी होगी। मनपा की टीम इन एरिया में रहने वालों को प्रशिक्षण भी देगी जिससे आपात स्थिति में लोग स्वयं एवं दूसरों की मदद कर सकें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 23 Apr 2024 09:40:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>किन्नौर जिले में नेशनल हाईवे पांच पर तीसरे दिन भी यातायात के लिए अवरूद्ध... पहाड़ी से लगातार हो रहा भूस्खलन</title>
                                    <description><![CDATA[<p>हजारों लोग छोटे वाहनों में करीब साढ़े छह किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय कर रहे हैं। खस्ताहाल इस सड़क पर छोटे वाहन जोखिमों भरा सफर तय कर रहे हैं। वहीं नेशनल हाईवे प्राधिकरण ने बाधित नेशनल हाईवे को बहाल करने के लिए मौके पर तीन जेसीबी मशीनें और 15 मजदूर तैनात किए हैं।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/25979/national-highway-5-in-kinnaur-district-remains-blocked-for-traffic-for-the-third-day----landslides-are-continuously-occurring-from-the-hill"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2023-11/download9.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>किन्नौर : </strong>किन्नौर जिले के नाथपा में नेशनल हाईवे पांच पर तीसरे दिन भी वाहनों के पहिये थमे रहे। पहाड़ी से भूस्खलन और चट्टानें गिरने से सामरिक महत्व का नेशनल हाईवे-5 सोमवार शाम से बंद पड़ा है। सड़क का करीब 200 मीटर हिस्सा मलबे में दब गया है। जिला किन्नौर के तीनों खंडों सहित काजा और लाहौल-स्पीति की ओर जाने वाले यात्रियों को दिक्कतें पेश आ रही हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">एनएच बाधित होने के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। मार्ग बाधित होने के कारण कल्पा, निचार और पूह सहित काजा और लाहौल स्पीति की ओर छोटे और बड़े वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से ठप पड़ी हुई है। हालांकि पानवी-प्लींगी-निचार वैकल्पिक मार्ग से केवल छोटे वाहनों की आवाजाही हो पा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">हजारों लोग छोटे वाहनों में करीब साढ़े छह किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय कर रहे हैं। खस्ताहाल इस सड़क पर छोटे वाहन जोखिमों भरा सफर तय कर रहे हैं। वहीं नेशनल हाईवे प्राधिकरण ने बाधित नेशनल हाईवे को बहाल करने के लिए मौके पर तीन जेसीबी मशीनें और 15 मजदूर तैनात किए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">पहाड़ी से लगातार हो रहे भूस्खलन के कारण मार्ग बहाल करना चुनौती से कम नहीं है। उधर, नेशनल हाईवे प्राधिकरण रामपुर के एक्सईएन केएल सुमन ने बताया कि बाधित नेशनल हाईवे को बहाल करने का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। पहाड़ी से बार-बार भूस्खलन के कारण मार्ग बहाली का कार्य प्रभावित हो रहा है। जल्द एनएच को बहाल कर दिया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                

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                <pubDate>Wed, 15 Nov 2023 18:21:02 +0530</pubDate>
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