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                <title>Sambhajinagar - Rokthok Lekhani News </title>
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                <title>छत्रपति संभाजीनगर : एफडीए अधिकारी को भीड़ ने खिलाए एक्सपायर्ड बिस्कुट</title>
                                    <description><![CDATA[<p>जिले में एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है। यहां गुस्साई भीड़ ने फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन के एक अधिकारी को खाद्य सुरक्षा जांच के दौरान जब्त किए गए एक्सपायर्ड बिस्कुट खाने के लिए मजबूर कर दिया। यह घटना जिले के बीजापुर क्षेत्र की बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री बेचे जाने की शिकायतों के बाद एफडीए अधिकारियों की टीम एक स्थानीय पान की दुकान पर जांच करने पहुंची थी। इसी दौरान विवाद बढ़ गया और लोगों ने अधिकारी को घेर लिया। </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51609/6a93d0e336273"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-08/images---2026-08-30t121428.134.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>छत्रपति संभाजीनगर : </strong>जिले में एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है। यहां गुस्साई भीड़ ने फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन के एक अधिकारी को खाद्य सुरक्षा जांच के दौरान जब्त किए गए एक्सपायर्ड बिस्कुट खाने के लिए मजबूर कर दिया। यह घटना जिले के बीजापुर क्षेत्र की बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री बेचे जाने की शिकायतों के बाद एफडीए अधिकारियों की टीम एक स्थानीय पान की दुकान पर जांच करने पहुंची थी। इसी दौरान विवाद बढ़ गया और लोगों ने अधिकारी को घेर लिया। </p>
<p> </p>
<p>एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री की शिकायत पर पहुंची थी टीम जानकारी के अनुसार, स्थानीय लोगों को शिकायत मिली थी कि इलाके की एक दुकान पर एक्सपायर्ड खाद्य पदार्थ बेचे जा रहे हैं। शिकायत के आधार पर एफडीए की टीम ने दुकान का निरीक्षण किया। जांच के दौरान अधिकारियों ने कथित तौर पर कुछ एक्सपायर्ड बिस्कुट और अन्य खाद्य सामग्री जब्त की। इसके बाद मौके पर मौजूद लोगों और अधिकारियों के बीच बहस शुरू हो गई। </p>
<p><strong>अधिकारी पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप</strong><br />स्थानीय लोगों का आरोप है कि एफडीए अधिकारी ने दुकान संचालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की। लोगों का कहना था कि अधिकारी दुकानदार को बचाने की कोशिश कर रहे थे। कुछ लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि अधिकारी ने दुकानदार से रिश्वत ली और उसके पक्ष में काम किया। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इन आरोपों के बाद वहां मौजूद लोगों का गुस्सा बढ़ गया और उन्होंने अधिकारी को घेर लिया। </p>
<p>विवाद बढ़ने के बाद भीड़ ने एफडीए अधिकारी के साथ विरोध जताया। आरोप है कि लोगों ने जब्त किए गए एक्सपायर्ड बिस्कुट अधिकारी को खाने के लिए मजबूर किया। घटना का वीडियो भी सामने आने की बात कही जा रही है, जिसमें लोगों की भीड़ और अधिकारी के साथ हो रहे विरोध को देखा जा सकता है। हालांकि, वीडियो की आधिकारिक पुष्टि और उसमें दिख रही घटनाओं की पूरी जांच की जा रही है। खाद्य सुरक्षा को लेकर उठे सवाल इस घटना के बाद इलाके में खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि अगर किसी दुकान पर एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री मिलती है तो जिम्मेदार अधिकारियों को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।</p>
<p>वहीं, अधिकारियों के साथ इस तरह का व्यवहार भी कानून व्यवस्था का गंभीर मामला माना जा रहा है। एफडीए अधिकारी के आरोपों की होगी जांच मामले में अब प्रशासन और संबंधित विभाग की ओर से जांच की संभावना है। यदि अधिकारी पर लगाए गए रिश्वत और लापरवाही के आरोप सही पाए जाते हैं तो कार्रवाई की जा सकती है। वहीं, भीड़ द्वारा अधिकारी को जबरन एक्सपायर्ड सामान खिलाने के मामले में भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है। खाद्य सामग्री की गुणवत्ता पर चिंता देशभर में समय-समय पर एक्सपायर्ड और खराब गुणवत्ता वाले खाद्य उत्पादों की शिकायतें सामने आती रहती हैं।</p>
<p>खाद्य सुरक्षा विभाग ऐसे मामलों में जांच और कार्रवाई करता है। विशेषज्ञों का कहना है कि एक्सपायर्ड खाद्य पदार्थों का सेवन स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है और दुकानदारों को खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन करना चाहिए। दुकानदारों पर कार्रवाई की मांग स्थानीय लोगों ने मांग की है कि एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी हालत में नहीं छोड़ा जाना चाहिए।</p>
<p>वहीं, प्रशासन को भी यह सुनिश्चित करना होगा कि जांच प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से हो। मामले ने पकड़ा तूल एफडीए अधिकारी और स्थानीय लोगों के बीच हुए इस विवाद ने अब तूल पकड़ लिया है। एक तरफ जहां लोग अधिकारी पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर अधिकारी के साथ हुए व्यवहार को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल पूरे मामले की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और दोषी पाए जाने वालों पर क्या कार्रवाई की जाएगी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 30 Aug 2026 12:15:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>छत्रपति संभाजीनगर : रासायनिक कचरे के अवैध डंपिंग का बड़ा खुलासा, मुख्य सरगना यूपी से गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[<p>ग्रामीण जिले में खतरनाक औद्योगिक रसायनों और रासायनिक पाउडर के अवैध परिवहन एवं निपटान के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश से मुख्य सरगना इस्तेकार अहमद निसार खान को गिरफ्तार कर लिया है। सिल्लोड ग्रामीण पुलिस की विशेष टीम ने लगातार निगरानी, तकनीकी जांच और गोपनीय सूचना के आधार पर नेपाल सीमा से सटे उत्तर प्रदेश के इलाके में कार्रवाई कर उसे पकड़ा। मामला दर्ज होने के बाद से इस्तेकार खान फरार चल रहा था और पुलिस की भनक लगते ही लगातार अपना ठिकाना बदल रहा था।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51603/chhatrapati-sambhajinagar-big-revelation-of-illegal-dumping-of-chemical-waste"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-08/images---2026-08-30t115833.134.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>छत्रपति संभाजीनगर : </strong>ग्रामीण जिले में खतरनाक औद्योगिक रसायनों और रासायनिक पाउडर के अवैध परिवहन एवं निपटान के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश से मुख्य सरगना इस्तेकार अहमद निसार खान को गिरफ्तार कर लिया है। सिल्लोड ग्रामीण पुलिस की विशेष टीम ने लगातार निगरानी, तकनीकी जांच और गोपनीय सूचना के आधार पर नेपाल सीमा से सटे उत्तर प्रदेश के इलाके में कार्रवाई कर उसे पकड़ा। मामला दर्ज होने के बाद से इस्तेकार खान फरार चल रहा था और पुलिस की भनक लगते ही लगातार अपना ठिकाना बदल रहा था।</p>
<p> </p>
<p>पुलिस के अनुसार, छत्रपति संभाजीनगर ग्रामीण जिले के पालशी, सिल्लोड शहर, फरदापुर, आलंद, शिवुर और तोंडापुर समेत कई स्थानों पर खतरनाक रसायनों से भरे ड्रमों की अवैध डंपिंग की घटनाओं की जांच के दौरान इस गिरोह का नेटवर्क सामने आया। जांच में घटनास्थल से मिले रासायनिक ड्रम, दूषित मिट्टी, पर्यावरणीय नुकसान, वाहनों की आवाजाही, आरोपियों के संपर्क और वित्तीय लेनदेन की कड़ियों को जोड़ा गया। जांच आगे बढ़ने पर इस नेटवर्क के तार महाराष्ट्र के अलावा तेलंगाना, राजस्थान और उत्तर प्रदेश तक जुड़े होने का खुलासा हुआ। अब तक की कार्रवाई में पुलिस ने 1,601 ड्रमों में भरे करीब 3 लाख 52 हजार 220 लीटर खतरनाक औद्योगिक रसायन, 40 टन रासायनिक पाउडर और 50 टन रासायनिक रूप से दूषित मिट्टी बरामद की है। इसके अलावा तीन ट्रक, एक हाइड्रा मशीन और करीब 80.35 लाख रुपए मूल्य के सात मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। इस मामले में इस्तेकार खान समेत कुल 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।</p>
<p>पुलिस जांच में सामने आया है कि इस्तेकार खान का औद्योगिक कचरा निपटान के कारोबार से पुराना संबंध रहा है। वर्ष 2005 में मुंबई के धारावी स्थित गोल्डन कैसल कंपनी में काम करने के दौरान उसने प्लास्टिक कचरा एकत्र करने और उससे पेलेट बनाने का अनुभव हासिल किया। बाद में उसने अपने भाई के साथ प्लास्टिक निपटान की फर्म शुरू की और भोइसर तथा एमआईडीसी क्षेत्रों में प्लास्टिक कचरा एकत्र कर उसका निपटान करने का काम किया। इसी कारोबार के दौरान उसके संपर्क हैदराबाद के सादिक और हुसैन से हुए। सादिक के माध्यम से वह तेलंगाना के संगारेड्डी जिले के मुनिपल्ली स्थित वीबीआर ग्रीन एनवायरनमेंट प्राइवेट लिमिटेड से जुड़ा, जबकि हुसैन के जरिए राजस्थान के निम्बाहेड़ा स्थित 3आर एनवायरो कंपनी से संपर्क हुआ।</p>
<p>आरोप है कि इसके बाद गिरोह ने औद्योगिक प्रक्रियाओं से निकलने वाले खतरनाक रसायनों और पाउडर का वैज्ञानिक तरीके से निपटान करने के बजाय उन्हें अवैध रूप से विभिन्न स्थानों पर डंप करने का सिलसिला शुरू किया। पुलिस के मुताबिक, अगस्त 2025 के आसपास इस्तेकार खान सादिक के माध्यम से सिल्लोड निवासी अब्दुल गफ्फार खान हामिद खान पठान के संपर्क में आया। इसके बाद छत्रपति संभाजीनगर ग्रामीण क्षेत्र में रासायनिक कचरे के अवैध निपटान की गतिविधियों में उसकी भूमिका और अधिक सक्रिय हो गई।प्रारंभिक जांच में पुलिस को पता चला है कि पिछले 10 से 12 महीनों के दौरान इस्तेकार खान ने 100 से अधिक मालवाहक वाहनों के जरिए बड़ी मात्रा में रासायनिक कचरा छत्रपति संभाजीनगर ग्रामीण क्षेत्र में भेजा। प्रत्येक वाहन में करीब 200 लीटर क्षमता वाले 100 ड्रम भेजे जाने की जानकारी सामने आई है।</p>
<p>पुलिस का अनुमान है कि पिछले 10 से 11 महीनों में 10 हजार से अधिक रासायनिक ड्रमों के साथ सोडियम बाइकार्बोनेट से मिश्रित दूषित मिट्टी भी निपटान के लिए भेजी गई। इस अवैध निपटान के लिए गफ्फार पठान को प्रत्येक वाहन के हिसाब से अतिरिक्त भुगतान किए जाने की बात भी जांच में सामने आई है। पुलिस के अनुसार, रासायनिक कचरे के अवैध निपटान के लिए गिरोह से जुड़े लोगों के बीच 80 लाख रुपए से अधिक का वित्तीय लेन-देन हुआ है। जांच के दौरान राजस्थान के निम्बाहेड़ा स्थित 3आर एनवायरो कंपनी से जुड़े अत्यधिक खतरनाक रसायनों के इस्तेमाल का भी खुलासा हुआ है।</p>
<p>मौके से जब्त ड्रमों पर लगे लेबल के आधार पर इनमें टीएचएफ, क्लोरोफॉर्म और टोल्यून जैसे उच्च जोखिम वाले औद्योगिक सॉल्वेंट होने की प्रारंभिक जानकारी मिली है। रसायनों की वास्तविक संरचना की पुष्टि सरकारी मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला में वैज्ञानिक जांच के बाद ही होगी। महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मार्गदर्शन में जब्त रसायनों को सुरक्षित निपटान के लिए पुणे स्थित मान्यता प्राप्त टीएसडीएफ भेजा गया है।मुख्य आरोपी इस्तेकार खान की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को पूरे नेटवर्क की कार्यप्रणाली और उसके पीछे जुड़े लोगों तक पहुंचने में महत्वपूर्ण सुराग मिलने की उम्मीद है। फिलहाल, वह पुलिस हिरासत में है और उससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस रासायनिक कचरे के मूल स्रोत, ट्रांसपोर्टरों, बिचौलियों, वित्तीय लेन-देन और कचरे के अंतिम निपटान के स्थान एवं तरीके की जांच कर रही है। राजस्थान और हैदराबाद में भी इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश की जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 30 Aug 2026 11:59:31 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>छत्रपति संभाजीनगर : पोर्टेबल सोनोग्राफी मशीनें अवैध गर्भपात रैकेट को बढ़ावा दे रही</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सोनोग्राफी मशीनों का एक ही जगह पर (स्थिर रूप से) इस्तेमाल करने की अनुमति है। हालाँकि, राज्य में पोर्टेबल सोनोग्राफी मशीनों का इस्तेमाल करके लिंग-निर्धारण और गर्भपात के अवैध मामले बड़े पैमाने पर हो रहे हैं। भले ही सरकार ने ऐसी मशीनों के इस्तेमाल पर साफ़ तौर पर रोक लगा दी है, फिर भी इन्हें ऑनलाइन खरीदने और चोरी-छिपे इस्तेमाल करने की घटनाएँ बढ़ रही हैं।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48498/chhatrapati-sambhajinagar-portable-sonography-machines-promoting-illegal-abortion-racket"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-03/download---2026-03-17t124416.913.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>छत्रपति संभाजीनगर:</strong> सोनोग्राफी मशीनों का एक ही जगह पर (स्थिर रूप से) इस्तेमाल करने की अनुमति है। हालाँकि, राज्य में पोर्टेबल सोनोग्राफी मशीनों का इस्तेमाल करके लिंग-निर्धारण और गर्भपात के अवैध मामले बड़े पैमाने पर हो रहे हैं। भले ही सरकार ने ऐसी मशीनों के इस्तेमाल पर साफ़ तौर पर रोक लगा दी है, फिर भी इन्हें ऑनलाइन खरीदने और चोरी-छिपे इस्तेमाल करने की घटनाएँ बढ़ रही हैं। इसलिए, आम जनता यह सवाल उठा रही है कि प्रशासन इस मामले में क्या कर रहा है। </p>
<p> </p>
<p>छत्रपति संभाजीनगर में, दो दिन पहले एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ हुआ था, जो पोर्टेबल सोनोग्राफी मशीनों का इस्तेमाल करके लिंग-निर्धारण का काम करता था। पिछले कुछ सालों में, महाराष्ट्र के अलग-अलग ज़िलों में ऐसे कई गिरोह पकड़े गए हैं, जो पोर्टेबल सोनोग्राफी मशीनों की मदद से लिंग-निर्धारण और अवैध गर्भपात करते थे। जाँच में पता चला है कि ग्रामीण इलाकों में ऐसी मशीनों का इस्तेमाल घरों, गौशालाओं या गाड़ियों में भी किया जा रहा है। कुछ मामलों में, वायरलेस और ब्लूटूथ तकनीक पर चलने वाली सोनोग्राफी मशीनों के इस्तेमाल ने प्रशासन की चिंता और भी बढ़ा दी है</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/48498/chhatrapati-sambhajinagar-portable-sonography-machines-promoting-illegal-abortion-racket</link>
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                <pubDate>Tue, 17 Mar 2026 13:41:42 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>छत्रपति संभाजीनगर : जंगल में मिली सिर कटी लाश; मेटल क्लिप के जरिए पुलिस ने केस को सुलझाया</title>
                                    <description><![CDATA[<p>छत्रपति संभाजीनगर जिले के कन्नड तहसील में एक घने जंगल में मिली सिर कटी लाश ने सबको हक्का-बक्का कर दिया। एक छोटे-से मेटल क्लिप के जरिए पुलिस ने इस केस को सुलझाया है। मृतक के जबड़े में लगी एक 'जॉ फ्रैक्चर क्लिप' ने पुलिस को हत्यारे तक पहुंचाया और सच सामने आई। 3 सितंबर को कन्नड तहसील के गौताला जंगल में पुलिस को खबर मिली कि 100 फीट गहरी खाई में एक शव पड़ा है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/43915/chhatrapati-sambhajinagar--headless-body-found-in-the-forest--police-solved-the-case-through-a-metal-clip"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-09/download---2025-09-15t131359.567.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>छत्रपति संभाजीनगर :</strong> छत्रपति संभाजीनगर जिले के कन्नड तहसील में एक घने जंगल में मिली सिर कटी लाश ने सबको हक्का-बक्का कर दिया। एक छोटे-से मेटल क्लिप के जरिए पुलिस ने इस केस को सुलझाया है। मृतक के जबड़े में लगी एक 'जॉ फ्रैक्चर क्लिप' ने पुलिस को हत्यारे तक पहुंचाया और सच सामने आई। 3 सितंबर को कन्नड तहसील के गौताला जंगल में पुलिस को खबर मिली कि 100 फीट गहरी खाई में एक शव पड़ा है। शव का सिर धड़ से अलग था और शरीर इतना सड़ चुका था कि पहचान करना नामुमकिन लग रहा था। पुलिस ने इलाके को घेरकर तलाशी शुरू की। थोड़ी ही दूरी पर कटा हुआ सिर मिला, लेकिन पहचान अब भी एक पहेली थी। तभी जांच के दौरान शव के जबड़े में लगी एक छोटी-सी मेटल क्लिप पुलिस की नजर में आई। पुलिस ने फौरन इस क्लिप की तहकीकात शुरू की। पता चला कि जुलाई 2023 में एक युवक का एक्सीडेंट हुआ था, जिसके इलाज के दौरान उसके जबड़े में यह मेटल क्लिप लगाई गई थी। अस्पताल के रिकॉर्ड खंगालने पर शव की शिनाख्त 28 साल के निलेश सूर्यवंशी के रूप में हुई, जो चालीसगांव का रहने वाला था। निलेश कई दिनों से लापता था और उसकी गुमशुदगी का मामला पुलिस में पहले से दर्ज था।</p>
<p> </p>
<p>जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस की नजर निलेश के करीबी दोस्त श्रवण धनगर पर पड़ी। श्रवण को हिरासत में लिया गया और सख्त पूछताछ में उसने कबूल किया कि उसने ही निलेश की हत्या की थी। दोनों के बीच पुराना विवाद था, जो धमकियों तक पहुंच गया था। 26 अगस्त को श्रवण ने निलेश को जंगल में बुलाया। वहां दोनों में तीखी बहस हुई। गुस्से में आकर श्रवण ने कुल्हाड़ी से निलेश पर हमला कर दिया। निलेश जमीन पर गिर पड़ा और फिर श्रवण ने उसका सिर धड़ से अलग कर दिया। इसके बाद उसने शव को खाई में फेंक दिया, ताकि कोई सुराग न मिले। लेकिन तीन दिन बाद जब शव से बदबू फैलने लगी, तो स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके से सिर और धड़ बरामद किया, लेकिन सड़ी हुई लाश की पहचान करना मुश्किल था। पर जॉ फ्रैक्चर क्लिप की मदद से इस केस को सुलझाया गया। पुलिस ने मेडिकल रिकॉर्ड और तकनीकी सबूतों की मदद से मृतक की पहचान की। </p>
<p> छत्रपति संभाजीनगर ग्रामीण के पुलिस सुपरिटेंडेंट विनय कुमार राठौड़ ने बताया, "3 सितंबर को हमें सिर कटी लाश मिली। जबड़े में लगी सर्जिकल क्लिप से हमने अस्पतालों में जांच की। पता चला कि 2023 में निलेश का एक्सीडेंट हुआ था, जिसमें यह क्लिप लगाई गई थी। सात से आठ दिन की जांच में हम उसके दोस्त श्रवण धनगर तक पहुंचे। पूछताछ में उसने कबूल किया कि उसने कुल्हाड़ी से निलेश की हत्या की और शव को खाई में फेंक दिया। उन्होंने कहा कि आरोपी ने पहचान छुपाने की पूरी कोशिश की थी। उसने निलेश की घड़ी, कपड़े और हर उस चीज को हटा दिया था, जो उसकी शिनाख्त करा सकती थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 15 Sep 2025 13:15:21 +0530</pubDate>
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