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                            <item>
                <title>मुंबई : वाकोला, विक्रोली और आरे फ्लाइओवर की रीसर्फेंसिंग में देरी तय</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबईकरों को ट्रैफिक जाम से राहत देने के लिए प्रस्तावित वाकोला, विक्रोली और आरे फ्लाइओवर की रीसर्फेंसिंग का काम फिलहाल अटक गया है। वजह है बीएमसी की स्टैंडिंग कमिटी का गठन न होना। ठेकेदार फाइनल होने के बावजूद तब तक ठेका नहीं दिया जा सकेगा, जब तक यह प्रस्ताव स्टैंडिंग कमिटी से मंजूर नहीं हो जाता। ऐसे में तीनों अहम फ्लाइओवरों की मरम्मत में देरी तय मानी जा रही है। </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/47296/delay-in-resurfacing-of-mumbai-vakola-vikhroli-and-aarey-flyover"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-01/download---2026-01-28t123719.065.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>मुंबईकरों को ट्रैफिक जाम से राहत देने के लिए प्रस्तावित वाकोला, विक्रोली और आरे फ्लाइओवर की रीसर्फेंसिंग का काम फिलहाल अटक गया है। वजह है बीएमसी की स्टैंडिंग कमिटी का गठन न होना। ठेकेदार फाइनल होने के बावजूद तब तक ठेका नहीं दिया जा सकेगा, जब तक यह प्रस्ताव स्टैंडिंग कमिटी से मंजूर नहीं हो जाता। ऐसे में तीनों अहम फ्लाइओवरों की मरम्मत में देरी तय मानी जा रही है। </p>
<p> </p>
<p>बीएमसी के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, तीनों फ्लाइओवर की मरम्मत के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और ठेकेदारों से आवेदन भी मिल चुके हैं। लेकिन नियमों के अनुसार ठेका देने से पहले स्टैंडिंग कमिटी की मंजूरी जरूरी है। 16 जनवरी को बीएमसी चुनाव संपन्न होने के बावजूद अब तक न तो मेयर का चुनाव हो पाया है और न ही कमिटियों का गठन हुआ है। स्टैंडिंग कमिटी के गठन में अभी 5 से 10 फरवरी तक का समय लग सकता है। कमिटी बनते ही प्रस्ताव पेश किया जाएगा और मंजूरी मिलने के बाद काम शुरू करने की कोशिश होगी।</p>
<p><strong>खर्च होंगे कुल 35 करोड़ रुपये</strong><br />अधिकारी ने बताया कि मरम्मत कार्य में देरी का सीधा असर वेस्टर्न और ईस्टर्न एक्सप्रेस हाइवे पर यातायात पर पड़ेगा। इन तीनो फ्लाइओवरों पर बड़ी संख्या में गड्ढे है, जिससे रोजाना ट्रैफिक स्लो रहता है और हादसों की आशंका बनी रहती है। बीएमसी ने सर्वे पूरा कर लिया है। अनुमान के मुताबिक वाकोला फ्लाइओवर की रीसर्फेसिंग पर करीब 10 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जबकिविक्रोली और आरे फ्लाइओवर पर 10 से 15 करोड़ रुपये तक की लागत आ सकती है।</p>
<p><strong>क्या है पूरा मामला?</strong><br />नवंबर 2025 में बीएमसी ने महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम के अधीन आने वाले इन तीन फ्लाइओवरों की रीस्फेंसिंग करने का फैसला लिया गया था। उस समय दिसंबर के पहले हफ्ते से काम शुरू होने की बात कही गई थी। 2 नवंबर, 2025 को केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने वेस्टर्न एक्सप्रेस हाइवे पर ट्रैफिक समस्या को लेकर ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए थे। बैठक के बाद मुख्यमंत्री के निर्देश पर बीएमसी ने महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम से यह जिम्मेदारी अपने हाथ में ली थी। हालांकि, टेंडरिंग पूरी होने के बाद भी प्रशासनिक मंजूरी के अभाव में अब तक काम शुरू नहीं हो सका है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/47296/delay-in-resurfacing-of-mumbai-vakola-vikhroli-and-aarey-flyover</link>
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                <pubDate>Wed, 28 Jan 2026 17:38:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title> नई दिल्ली : डॉग फीडर्स की तय होगी जिम्मेदारी… आवारा कुत्तों के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मेनका गांधी के बयान पर जताई नाराजगी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी की आवारा कुत्तों के मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश की आलोचना पर नाराजगी जताई. हालांकि कोर्ट ने कहा कि टिप्पणी “कंटेम्प्ट” के तौर पर सही है, लेकिन उसने “अपनी उदारता के कारण” आरोपों पर आगे नहीं बढ़ने का फैसला किया. जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच में इस मामले की सुनवाई हुई.</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/47120/new-delhi-responsibility-of-dog-feeders-will-be-fixedsupreme"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-01/download---2026-01-20t183153.078.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली : </strong>सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी की आवारा कुत्तों के मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश की आलोचना पर नाराजगी जताई. हालांकि कोर्ट ने कहा कि टिप्पणी “कंटेम्प्ट” के तौर पर सही है, लेकिन उसने “अपनी उदारता के कारण” आरोपों पर आगे नहीं बढ़ने का फैसला किया. जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच में इस मामले की सुनवाई हुई.</p>
<p> </p>
<p>आवारा कुत्तों के मामले पर 5वें दिन की सुनवाई मंगलवार को पूरी हुई. मामले की अगली सुनवाई 28 जनवरी को दोपहर 2 बजे होगी. आज याचिकाकर्ताओं और NGOs की दलीलें हुई पूरी. अगली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट राज्यों और एमिकस और NHRC का पक्ष सुनेगा. सुप्रीम कोर्ट ने एमिकस से पूछा कि क्या आपका नोट तैयार हो गया है? एमिकस क्यूरी गौरव अग्रवाल ने कहा कि 7 राज्य शेष हैं.</p>
<p>उच्चतम न्यायालय ने कहा कि उसने कुत्तों को भोजन कराने वालों को जवाबदेह ठहराने संबंधी टिप्पणी व्यंग्यात्मक नहीं, बल्कि गंभीर रूप से की थी. उच्चतम न्यायालय ने मेनका गांधी से सवाल किया कि उन्होंने आवारा कुत्तों से जुड़ी समस्या का समाधान कराने के लिए बजटीय आवंटन दिलाने में कितनी मदद की है.<br />आवारा कुत्तों से जुड़े फैसले की आलोचना को लेकर उच्चतम न्यायालय ने कहा कि वह उदारता दिखाते हुए मेनका गांधी के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू नहीं करेगा. जस्टिस संदीप मेहता ने कहा कि चूंकि आपकी मुवक्किल मंत्री रह चुकी हैं और पशु अधिकार कार्यकर्ता हैं तो हमें बताइए कि आपके आवेदन में बजट आवंटन का जिक्र क्यों नहीं है? इन क्षेत्रों में आपके मुवक्किल का क्या योगदान रहा है…?</p>
<p><strong>मेनका गांधी के बयान पर सुप्रीम कोर्ट ने जताई नाराजगी</strong><br />मेनका गांधी की ओर से पेश वकील राजू रामचंद्रन ने कहा कि मेरी मुवक्किल कई वर्षों तक केंद्रीय मंत्रिमंडल में मंत्री रह चुकी हैं. इस पर जस्टिस विक्रम नाथ ने कहा कि कुछ देर पहले आप कह रहे थे कि अदालत को सतर्क रहना चाहिए.क्या आपने पता लगाया कि वह किस तरह के बयान दे रही हैं?<br />रामचंद्रन ने कहा कि बिल्कुल, अगर मैं अजमल कसाब के लिए पेश हो सकता हूं, तो उनके लिए भी पेश हो सकता हूं. इस पर जस्टिस विक्रम नाथ ने कहा कि आपकी मुवक्किल ने अवमानना ​​की है. हमने कोई कार्रवाई नहीं की है, यही हमारी उदारता है. आप देखिए वह क्या कहती हैं, उनकी बॉडी लैंग्वेज.</p>
<p><strong>टिप्पणी व्यंग्यपूर्ण नहीं, हम गंभीर थे</strong><br />रामचंद्रन ने कहा कि सार्वजनिक टिप्पणियों के मामले में वकीलों और जजों का दृष्टिकोण अलग-अलग होता है, मुझे आवेदनों पर बोलने दीजिए. वकील राजू रामचंद्रन ने समस्या के समाधान के लिए सुझाव दिए और कहा कि एबीसी नियमों का कार्यान्वयन समग्र रणनीति का अभिन्न अंग है. एनएपीआरई नीति ने रेबीज उन्मूलन में 9 बाधाओं की पहचान की है. इसमें सभी हितधारकों की भूमिका स्पष्ट रूप से बताई गई है और राज्यों को अपनी कार्य योजनाएं विकसित करने का निर्देश दिया गया है. 30 से अधिक राज्यों ने ऐसा नहीं किया है. समाधान स्थायी आश्रय स्थल बनाने में नहीं, बल्कि मौजूदा ढांचे के समयबद्ध कार्यान्वयन में निहित है.</p>
<p>इस पर वकील प्रशांत भूषण ने आगे कहा कि कुत्तों का अल्ट्रासाउंड भी किया जा सकता है. जस्टिस संदीप मेहता ने कहा कि हम कुत्ते को प्रमाण पत्र ले जाने के लिए क्यों नहीं कह सकते? भूषण ने कहा कि मैं कहना चाहता हूं कि सुनवाई के दौरान जजों ने कुछ टिप्पणियां की हैं, जिनमें से कुछ का गलत अर्थ निकाला गया है, जस्टिस संदीप मेहता ने कहा कि कोई बात नहीं, तर्क अव्यावहारिक हैं.</p>
<p>भूषण ने कहा कि कभी-कभी कोर्ट की टिप्पणियों के गंभीर परिणाम हो जाते हैं. जैसे मान लीजिए पीठ ने व्यंग्यपूर्वक टिप्पणी की कि दाना चुगली करने वालों को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए, इसकी रिपोर्ट प्रकाशित हुई. जस्टिस विक्रम नाथ ने कहा कि नहीं नहीं, बिल्कुल भी व्यंग्यपूर्ण नहीं था. हम गंभीर थे, हमें नहीं पता कि हम क्या करेंगे, लेकिन हम गंभीर थे.</p>
<p><strong>प्रशांत भूषण ने दिया ये तर्क</strong><br />वरिष्ठ वकील राजू रामचंद्रन ने कहा कि बार के सदस्य के रूप में मैं भी इस पर कुछ कहना चाहता हूं. कार्यवाही का टेलीविजन पर प्रसारण होता है. बार और पीठ दोनों का कर्तव्य है कि वे सतर्क रहें. जस्टिस विक्रम नाथ ने कहा कि हम जानते हैं, इसे ध्यान में रखते हुए हम ऐसा करने से बच रहे हैं. वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि कुत्तों की प्रभावी नसबंदी सिर्फ कुछ ही शहरों में कारगर साबित हुई, दुर्भाग्य से यह प्रणाली अधिकांश शहरों में कारगर नहीं रही है. नसबंदी से समय के साथ आवारा कुत्तों की संख्या कम हो जाती है. इससे उनकी आक्रामकता भी कम होती है. इसे प्रभावी कैसे बनाया जाए? इसे पारदर्शी बनाएं और लोगों को जवाबदेह बनाएं. एक ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए जहां लोग बिना नसबंदी वाले आवारा कुत्तों की रिपोर्ट कर सकें. शिकायत पर कार्रवाई के लिए नामित अधिकारी होने चाहिए. उन्हें आकर जांच करनी चाहिए और स्थिति का जायजा लेना चाहिए.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 20 Jan 2026 18:33:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : एक्शन मोड में बीएमसी, वीडियो विज्ञापन बैन और होर्डिंग का साइज भी फिक्स </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">होर्डिंग के आकार से लेकर बीमा तक की नीति बनाई गई है। बीएमसी ने सितंबर 2024 से अब तक शहरभर से 1,963 अवैध विज्ञापन, पोस्टर, बैनर और झंडे हटाए, जिनमें 576 राजनीतिक और 473 धार्मिक होर्डिंग्स शामिल हैं. अकेले आज़ाद मैदान क्षेत्र से 750 से अधिक हटाए गए है. मुंबई में फिलहाल 1,025 वैध होर्डिंग्स हैं, इनमें 573 बिना लाइट, 382 लाइट वाले और 70 डिजिटल LED होर्डिंग्स हैं, जिनसे BMC को हर साल करीब 100 करोड़ का राजस्व प्राप्त होता है।</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/40731/mumbai--bmc-in-action-mode--video-ads-banned-and-hoarding-size-also-fixed"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-05/download5.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई :</strong> घाटकोपर में पिछले साल साल अवैध होर्डिंग गिरने से 17 लोगों की मौत हो गई थी। जिसके बाद बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने अब पूरे शहर में अधिकृत होर्डिंग्स पर अपनी निगरानी कड़ी कर दी है। खासकर मानसून से पहले सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ताकि दोबारा ऐसा हादसा न हो। बीएमसी ने नई नीति के तहत कार्रवाई शुरू की है, जिसके लिए कुछ नियम बनाए गए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">होर्डिंग के आकार से लेकर बीमा तक की नीति बनाई गई है। बीएमसी ने सितंबर 2024 से अब तक शहरभर से 1,963 अवैध विज्ञापन, पोस्टर, बैनर और झंडे हटाए, जिनमें 576 राजनीतिक और 473 धार्मिक होर्डिंग्स शामिल हैं. अकेले आज़ाद मैदान क्षेत्र से 750 से अधिक हटाए गए है. मुंबई में फिलहाल 1,025 वैध होर्डिंग्स हैं, इनमें 573 बिना लाइट, 382 लाइट वाले और 70 डिजिटल LED होर्डिंग्स हैं, जिनसे BMC को हर साल करीब 100 करोड़ का राजस्व प्राप्त होता है।</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 21 May 2025 10:03:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भिवंडी : बालविवाह के बहाने नाबालिग की सौदेबाजी... 8 गिरफ्तार तीन फरार, 1.20 लाख में तय हुआ था सौदा </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">भिवंडी तालुका स्थित पिलंझे गांव में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक नाबालिग आदिवासी लड़की की शादी के नाम पर एक लाख बीस हजार रुपए में सौदेबाजी की जा रही थी। यह मानव तस्करी जैसी अमानवीय घटना समय रहते उजागर हुई, गणेश पुरी पुलिस ने इस मामले 11 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर 8 लोगों को हिरासत में लिया है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/40445/bhiwandi--minor-girl-bargained-on-pretext-of-child-marriage-8-arrested--three-absconding--deal-was-fixed-for-rs--1-20-lakh"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-05/images.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>भिवंडी :</strong> भिवंडी तालुका स्थित पिलंझे गांव में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक नाबालिग आदिवासी लड़की की शादी के नाम पर एक लाख बीस हजार रुपए में सौदेबाजी की जा रही थी। यह मानव तस्करी जैसी अमानवीय घटना समय रहते उजागर हुई, गणेश पुरी पुलिस ने इस मामले 11 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर 8 लोगों को हिरासत में लिया है।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस के मुताबिक पिलंझे गांव निवासी अंकुश बामन पवार अपनी दूसरी पत्नी और पहली पत्नी से पैदा हुई 14 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ रहता था। गांव के एक मध्यस्थ के साथ अपनी नाबालिग लड़की की शादी अहमदाबाद से आऐ कुछ लोगों से 1 लाख 20 हजार में सौदाकर विवाह करने की योजना बनाई थी।</p>
<p style="text-align:justify;">विवाह का जुलूस संपन्न हो चुका था और लड़की को ससुराल ले जाया जा रहा था, तभी श्रमजीवी संगठन के कार्यकर्ता दयानंद पाटील को इस बारे में जानकारी मिली। उन्होंने तत्परता दिखाते हुए वाहन को बीच रास्ते में रोक दिया और यह मामला संगठन के संस्थापक और राज्य स्तरीय समीक्षा समिति के अध्यक्ष (मंत्री दर्जा प्राप्त) विवेक पंडित के संज्ञान में लाया।</p>
<p style="text-align:justify;">पंडित ने तत्काल पुलिस को सूचित किया, जिसके बाद गणेशपुरी पुलिस स्टेशन के सहायक पुलिस निरीक्षक संदीपान सोनवणे ने अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचकर नवविवाहित लड़के, बरात में शामिल अन्य लोग और सौदे में शामिल दलाल सहित कुल 8 लोगों को हिरासत में लिया। </p>
<p style="text-align:justify;"><strong>मानव तस्करी की धाराओं के तहत मामला दर्ज </strong><br />जबकि लड़की के माता-पिता और चाचा फरार हैं। इन सभी के खिलाफ बाल विवाह निषेध अधिनियम एवं मानव तस्करी की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। विवेक पंडित ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि समाज में लड़कियों की खरीद-फरोख्त, जबरन विवाह और नाबालिग बच्चियों के साथ होने वाले अन्यायपूर्ण व्यवहार को रोकना शासन और ग्राम स्तर के अधिकारियों की जिम्मेदारी है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने नाराजगी जताई कि ग्राम विकास अधिकारी और पुलिस पाटील जैसे जिम्मेदार लोग ऐसे मामलों में अपनी ड्यूटी निभाने में असफल हो रहे हैं। श्रमजीवी संगठन की सजगता और पुलिस की त्वरित कार्रवाई से इस नाबालिग लड़की का भविष्य अंधकारमय होने से बच गया। संगठन ने मांग की है कि इस तरह के मामलों की गहराई से जांच की जाए और समाज में फैली इस भयावह प्रवृत्ति को जड़ से समाप्त किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 09 May 2025 18:19:48 +0530</pubDate>
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