<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.rokthoklekhani.com/tag/16244/kashmir" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Rokthok Lekhani News  RSS Feed Generator</generator>
                <title>Kashmir - Rokthok Lekhani News </title>
                <link>https://www.rokthoklekhani.com/tag/16244/rss</link>
                <description>Kashmir RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>जम्मू-कश्मीर रेलमार्ग बाधित, 51 ट्रेनें रद्द; फंसे यात्रियों के लिए चलाईं विशेष गाड़ियां</title>
                                    <description><![CDATA[<p>जम्मू-कश्मीर में कठुआ और माधोपुर पंजाब के बीच रेल पुल पर पटरियों के असंतुलन के कारण रेल यातायात बाधित हो गया है। इस वजह से 51 ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं, जबकि कुछ ट्रेनों को आंशिक रूप से समाप्त या शुरू किया जाएगा। उत्तर रेलवे की ओर से शनिवार को बताया गया कि यात्री सावधानी बरतें और यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति की पुष्टि करें।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/43536/jammu-kashmir-railway-line-disrupted--51-trains-cancelled--special-trains-run-for-stranded-passengers"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-08/download---2025-08-31t181959.174.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>कठुआ : </strong>जम्मू-कश्मीर में कठुआ और माधोपुर पंजाब के बीच रेल पुल पर पटरियों के असंतुलन के कारण रेल यातायात बाधित हो गया है। इस वजह से 51 ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं, जबकि कुछ ट्रेनों को आंशिक रूप से समाप्त या शुरू किया जाएगा। उत्तर रेलवे की ओर से शनिवार को बताया गया कि यात्री सावधानी बरतें और यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति की पुष्टि करें। रद्द की गई ट्रेनों में जम्मूतवी–धनबाद स्पेशल (03310), जम्मूतवी–पुणे जेहलम एक्सप्रेस (11078), जम्मूतवी–नई दिल्ली राजधानी (12426), जम्मूतवी–हावड़ा हिमगिरि एक्सप्रेस (12332), जम्मूतवी–पटना आर्चना एक्सप्रेस (12356), जम्मूतवी–अजमेर एक्सप्रेस (12414), उत्तर सम्पर्क क्रांति (12446/12445), श्री शक्ति एक्सप्रेस (22461/22462), स्वराज एक्सप्रेस (12471) सहित कई महत्वपूर्ण ट्रेनें शामिल हैं। इसके अलावा नई दिल्ली–श्री माता वैष्णो देवी कटरा वंदे भारत (22439/22477) और कटरा–नई दिल्ली वंदे भारत (22440/22478) जैसी ट्रेनें भी रद्द रहेंगी। वहीं वाराणसी–जम्मूतवी एक्सप्रेस (12237) अंबाला कैंट तक ही जाएगी, जम्मूतवी–वाराणसी एक्सप्रेस (12238)अंबाला कैंट से शुरू होगी। जम्मूतवी–कोलकाता टर्मिनल एक्सप्रेस (13152) भी अंबाला कैंट से ही चलेगी।</p>
<p> </p>
<p><strong>जम्मू-कश्मीर में फंसे यात्रियों के लिए चलाईं विशेष ट्रेनें</strong><br />फंसे यात्रियों की मदद के लिए उत्तर रेलवे की ओर से शनिवार को दो विशेष ट्रेनों का संचालन किया गया। यह दोनों स्पेशल ट्रेनें जम्मू से विभिन्न रूटों पर चलाई जाएंगी। इन ट्रेनों में यात्रियों की जरूरत को देखते हुए अलग-अलग श्रेणी के डिब्बों की व्यवस्था की गई है। पहली स्पेशल ट्रेन जम्मू से दादनगर (मऊ) के लिए रवाना होगी। यह ट्रेन लुधियाना, नई दिल्ली, ग्वालियर और भोपाल मार्ग से होते हुए दादनगर पहुंचेगी। इस ट्रेन में 2 कोच सेकेंड एसी, 1 कोच फर्स्ट एसी, 4 कोच थर्ड एसी, 2 कोच थर्ड एसी इकॉनमी, 6 स्लीपर और 4 जनरल कोच लगाए जाएंगे। </p>
<p>दूसरी स्पेशल ट्रेन जम्मू से छपरा के लिए चलाई जाएगी। यह ट्रेन लुधियाना, मुरादाबाद, गोंडा और बस्ती मार्ग से होकर गुजरेगी। इस ट्रेन में 1 कोच सेकेंड एसी, 10 कोच थर्ड एसी इकॉनमी, 5 स्लीपर और 4 जनरल कोच रहेंगे। रेलवे अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि दोनों ट्रेनों के प्रस्थान का समय अस्थायी है और आवश्यकता के अनुसार इसमें परिवर्तन संभव है। यात्रियों से अपील की गई है कि वे यात्रा से पहले आधिकारिक स्रोतों से समय की पुष्टि अवश्य कर लें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/43536/jammu-kashmir-railway-line-disrupted--51-trains-cancelled--special-trains-run-for-stranded-passengers</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/43536/jammu-kashmir-railway-line-disrupted--51-trains-cancelled--special-trains-run-for-stranded-passengers</guid>
                <pubDate>Sun, 31 Aug 2025 18:21:53 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2025-08/download---2025-08-31t181959.174.jpg"                         length="12878"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>माधोपुर : डैम से दो लाख से अधिक क्यूसेक पानी छोड़ा गया; 65 कर्मचारी और अधिकारी कश्मीर कैनाल में फंस गए</title>
                                    <description><![CDATA[<p>रणजीत सागर डैम से दो लाख से अधिक क्यूसेक पानी माधोपुर की ओर छोड़ा गया। दोपहर तक पानी को नियंत्रित करने के प्रयास किए गए ताकि माधोपुर हैडवर्क्स पर पानी रोकने के लिए बनाए गए गेटों को खोला जा सके। इस कार्य में विभाग के 65 कर्मचारी और अधिकारी बाहरी टीमों के साथ जुट गए। लेकिन अचानक पानी को रोकने के लिए लगाए गए 54 गेटों में से चार गेट बह गए, जिससे एक कर्मचारी बह गया।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/43424/madhopur--more-than-two-lakh-cusecs-of-water-released-from-the-dam--65-employees-and-officers-trapped-in-kashmir-canal"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-08/download---2025-08-27t193555.647.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>माधोपुर : </strong>रणजीत सागर डैम से दो लाख से अधिक क्यूसेक पानी माधोपुर की ओर छोड़ा गया। दोपहर तक पानी को नियंत्रित करने के प्रयास किए गए ताकि माधोपुर हैडवर्क्स पर पानी रोकने के लिए बनाए गए गेटों को खोला जा सके। इस कार्य में विभाग के 65 कर्मचारी और अधिकारी बाहरी टीमों के साथ जुट गए। लेकिन अचानक पानी को रोकने के लिए लगाए गए 54 गेटों में से चार गेट बह गए, जिससे एक कर्मचारी बह गया। एक अधिकारी ने बहते हुए कर्मचारी को बचाने की कोशिश की, लेकिन वह भी मुश्किल में पड़ गया। इस घटना के कारण लगभग 65 कर्मचारी और अधिकारी कश्मीर कैनाल में पानी आने के कारण फंस गए।</p>
<p> </p>
<p>इसके बाद जिलाधीश से संपर्क कर हेलीकॉप्टर के माध्यम से कर्मचारियों और अधिकारियों को निकालने का कार्य शुरू किया गया। दो हेलीकॉप्टरों की मदद से सभी को सुरक्षित निकाल लिया गया, लेकिन दुर्भाग्यवश एक कर्मचारी पानी में बह गया, जिसका अभी तक कोई पता नहीं चल पाया है।</p>
<p><strong>यूबीडीसी नहर पर बने दोनों पुलों पर आवागमन बंद</strong><br />गौरतलब है कि मंगलवार रात्रि यूबीडीसी नहर में भारी पानी आने के कारण माधोपुर स्थित यूबीडीसी नहर पर बने दोनों पुलों के ऊपर से चार से पांच फीट पानी बह गया। इससे पुलों को भारी नुकसान हुआ और पुलों के साथ में लगी रेलिंग और नहर के किनारे बने एक होटल का पिछला हिस्सा भी पानी के बहाव में बह गया।</p>
<p>इस स्थिति के चलते पुलों पर आवागमन मंगलवार रात से ही बंद कर दिया गया था। इसी प्रकार माधोपुर स्थित इंटरेस्टेड पुलिस नाके को भी पानी आने के डर से वहां से हटा लिया गया था, लेकिन बुधवार सुबह इसे फिर से स्थापित किया गया। </p>
<p><strong>रेलवे लाइन का एक हिस्सा खिसका, ट्रेनों की आवाजाही बंद</strong><br />सूत्रों के अनुसार रावी दरिया के ऊपर बने रेलवे लाइन का कुछ हिस्सा खिसक गया है। पानी का बहाव इतना तेज है कि नीचे से पिलर के हिलने का अंदाजा लगाया जा रहा है, जिसके चलते ट्रेनों की आवाजाही बंद कर दी गई है। कठुआ से पठानकोट आने वाले रावी के पुल पर भी आवाजाही पूरी तरह से बंद है।</p>
<p>माधोपुर हैडवर्क्स का दौरा करने पहुंचे डीसी पठानकोट आदित्य उप्पल और एसपी दलजिंदर सिंह ने स्थिति का जायजा लिया। इस अवसर पर डीसी ने कहा कि उनकी ओर से हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं। यदि किसी को किसी प्रकार की समस्या आती है तो वह इन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं और सरकार हर संभव मदद करेगी।</p>
<p><strong>नहरें भी उफान पर, घरों में घुसा पानी</strong><br />माधोपुर यूवीडीसी नहर में आए पानी के कारण रावी दरिया का पानी रोकने के लिए सिंचाई विभाग ने 54 गेट लगाए हैं। लेकिन जब रणजीत सागर डैम से पानी आया तो उनमें से केवल 19 गेट ही खुले, जिससे रावी का पानी ओवरफ्लो होकर नहर के रास्ते एएमबी लिंक और हाईडल नहर में चला गया। इससे नहरें भी उफान में आ गईं, जिससे आसपास के कई गांवों के घरों में पानी घुस गया और नुकसान हुआ।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/43424/madhopur--more-than-two-lakh-cusecs-of-water-released-from-the-dam--65-employees-and-officers-trapped-in-kashmir-canal</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/43424/madhopur--more-than-two-lakh-cusecs-of-water-released-from-the-dam--65-employees-and-officers-trapped-in-kashmir-canal</guid>
                <pubDate>Wed, 27 Aug 2025 19:36:57 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2025-08/download---2025-08-27t193555.647.jpg"                         length="6236"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जम्मू :  ई-नाम के जरिये पहली बार सीधा व्यापार; कश्मीर घाटी से सेब और नाशपाती से भरा ट्रक महाराष्ट्र पहुंचा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>जम्मू-कश्मीर और महाराष्ट्र के बीच ई-नाम के जरिये पहली बार सीधा व्यापार हुआ है। कश्मीर घाटी से सेब और नाशपाती से भरा एक ट्रक महाराष्ट्र के पूना स्थित गुलटेकडी कृषि उपज मंडी समिति (एपीएमसी) में पहुंचा है। इस ट्रक में 11 मीट्रिक टन फल थे। यह सौदा राष्ट्रीय कृषि बाजार यानी ई-नाम पोर्टल के जरिये किया गया। ई-नाम योजना केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई एक पहल है, जिसका मकसद देश भर की कृषि उपज मंडियों को एक साझा डिजिटल मंच पर लाना है ताकि किसानों और व्यापारियों के बीच सीधा और पारदर्शी व्यापार हो सके। </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/42882/jammu--direct-trade-for-the-first-time-through-e-nam--truck-loaded-with-apples-and-pears-from-kashmir-valley-reached-maharashtra"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-08/download---2025-08-09t183254.875.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>जम्मू : </strong> जम्मू-कश्मीर और महाराष्ट्र के बीच ई-नाम के जरिये पहली बार सीधा व्यापार हुआ है। कश्मीर घाटी से सेब और नाशपाती से भरा एक ट्रक महाराष्ट्र के पूना स्थित गुलटेकडी कृषि उपज मंडी समिति (एपीएमसी) में पहुंचा है। इस ट्रक में 11 मीट्रिक टन फल थे। यह सौदा राष्ट्रीय कृषि बाजार यानी ई-नाम पोर्टल के जरिये किया गया। ई-नाम योजना केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई एक पहल है, जिसका मकसद देश भर की कृषि उपज मंडियों को एक साझा डिजिटल मंच पर लाना है ताकि किसानों और व्यापारियों के बीच सीधा और पारदर्शी व्यापार हो सके। </p>
<p> </p>
<p><br />महाराष्ट्र राज्य कृषि विपणन बोर्ड के सयुक्त निदेशक विनायक कोकरे ने बताया कि राज्य की 133 कृषि मंडियां ई-नाम से जुड़ चुकी हैं। कोकरे ने व्यापारियों से अपील की कि वे ज्यादा से ज्यादा सौदे इसी मंच पर करें ताकि मूल्य निर्धारण और गुणवत्ता में पारदर्शिता बनी रहे। पूना के फल व्यापारी सुयोग जेंडे, जो इस व्यापार से जुड़े रहे, ने कहा कि यह किसानों और व्यापारियों दोनों के लिए फायदेमंद है। उन्होंने बताया कि इससे किसानों को देशभर के पंजीकृत व्यापारी मिलते हैं और व्यापारियों का यात्रा खर्च और समय भी बचता है।</p>
<p>ई-नाम से मंडियों को जोड़ने की यह पहल कृषि व्यापार के तरीके में बड़ा बदलाव ला रही है। बता दें कि जम्मू-कश्मीर की भी 17 मंडियां ई-नाम से जुड़ चुकी हैं।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/42882/jammu--direct-trade-for-the-first-time-through-e-nam--truck-loaded-with-apples-and-pears-from-kashmir-valley-reached-maharashtra</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/42882/jammu--direct-trade-for-the-first-time-through-e-nam--truck-loaded-with-apples-and-pears-from-kashmir-valley-reached-maharashtra</guid>
                <pubDate>Sat, 09 Aug 2025 18:33:43 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2025-08/download---2025-08-09t183254.875.jpg"                         length="17842"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : भारतीय रेलवे की चेरी उत्पादकों के लिए एक खास शुरुआत; महज 30 घंटे में कश्मीर से मुंबई पहुंचेगी चेरी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>भारतीय रेलवे यात्रियों की सुविधा के लिए लगातार अपनी कोशिशों में लगा रहता है, साथ ही मालों की ढुलाई में भी नित नई कामयाबी गढ़ता जा रहा है. रेलवे ने जम्मू-कश्मीर के चेरी उत्पादकों के लिए एक खास शुरुआत की है जो घाटी से सीधे मुंबई तक जाएगी. चेरी के लिए खासतैर पर बनाई गई इस व्यवस्था से इसे जल्दी बाजार तक पहुंचाया जा सकेगा.</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/41042/mumbai--indian-railways-has-made-a-special-beginning-for-cherry-growers--cherries-will-reach-mumbai-from-kashmir-in-just-30-hours"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-06/download---2025-06-03t124234.725.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>भारतीय रेलवे यात्रियों की सुविधा के लिए लगातार अपनी कोशिशों में लगा रहता है, साथ ही मालों की ढुलाई में भी नित नई कामयाबी गढ़ता जा रहा है. रेलवे ने जम्मू-कश्मीर के चेरी उत्पादकों के लिए एक खास शुरुआत की है जो घाटी से सीधे मुंबई तक जाएगी. चेरी के लिए खासतैर पर बनाई गई इस व्यवस्था से इसे जल्दी बाजार तक पहुंचाया जा सकेगा. चेरी उन फलों में आता है जो बहुत जल्दी खराब हो जाती है, लेकिन अब देश के कोने-कोने तक लोगों के बीच आसानी से पहुंचाया जा सकेगा. कश्मीर के चेरी उत्पादकों को भी आर्थिक रूप से इसका फायदा भी मिलेगा. </p>
<p> </p>
<p><strong>महज 30 घंटे में ही मुंबई पहुंचेगी चेरी</strong><br />रेलवे की ओर से ट्रेन में स्पेशल वैगन लगा देने से अब महज 30 से 33 घंटे में ही चेरी मुंबई तक पहुंच जाएगी. पहले सड़क मार्ग के जरिए चेरी को घाटी से मुंबई तक पहुंचाने में छह से सात दिन लग जाया करते थे. अब पहली बार जम्मू डिविजन के कटरा रेलवे स्टेशन से टेंपरेचर कंट्रोल्ड वैगन के जरिए चेरी की 24 टन की पहली खेप शनिवार को मुंबई पहुंचाई गई.</p>
<p>इस नई शुरुआत से कश्मीर के चेरी उत्पादकों के चेहरे पर मुस्कान आ गई है, क्योंकि उनकी चेरी खराब नहीं होगी और अब कम समय में ही मुंबई पहुंच सकेगी. फिर वहां से आस-पास के इलाकों में पहुंचाया जा सकेगा. आज मंगलवार को चेरी की एक और खेप मुंबई के लिए रवाना की जाएगी. </p>
<p><strong>ट्रांसपोर्टेशन की लागत में भी 75 फीसदी</strong><br />ट्रेन के जरिए चेरी को ले जाने से ट्रांसपोर्टेशन की लागत में भी 75 फीसदी की खासी कमी आई है. श्रीनगर से यात्री ट्रेन से जुड़ा एक पार्सल रेक आज 3 जून को भी 24 टन चेरी लेकर मुंबई के लिए रवाना हो रहा है. </p>
<p>रेलवे के एक अधिकारी का कहना है कि आने वाले दिनों में रेलवे कश्मीर से सभी तरह के ताजे फलों को देश के कई अन्य बड़े शहरों तक पहुंचाने की योजना बना रहा है. इस कोशिश से से कश्मीर के किसानों को फायदा होगा और लोगों को ताजे फल मिल सकेंगे.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/41042/mumbai--indian-railways-has-made-a-special-beginning-for-cherry-growers--cherries-will-reach-mumbai-from-kashmir-in-just-30-hours</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/41042/mumbai--indian-railways-has-made-a-special-beginning-for-cherry-growers--cherries-will-reach-mumbai-from-kashmir-in-just-30-hours</guid>
                <pubDate>Tue, 03 Jun 2025 12:43:55 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2025-06/download---2025-06-03t124234.725.jpg"                         length="14745"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        