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                            <item>
                <title>मुंबई : अप्रैल के बचे हुए दिनों में मौसम का मिजाज रहने वाला है गर्म और उमस भरा </title>
                                    <description><![CDATA[<p>महानगर में अप्रैल के बचे हुए दिनों में मौसम का मिजाज गर्म और उमस भरा रहने वाला है। दिन का अधिकतम तापमान लगभग 34 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहेगा, जबकि कुछ दिनों में इसमें हल्का उतार-चढ़ाव संभव है। मौसम वैज्ञानिक और विशेषज्ञ के अनुसार, तापमान बहुत ज्यादा नहीं बढ़ेगा, लेकिन बढ़ती उमस (ह्यूमिडिटी) लोगों की परेशानी बढ़ाएगी।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49244/mumbais-weather-is-going-to-be-hot-and-humid-in"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-16t111529.044.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>महानगर में अप्रैल के बचे हुए दिनों में मौसम का मिजाज गर्म और उमस भरा रहने वाला है। दिन का अधिकतम तापमान लगभग 34 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहेगा, जबकि कुछ दिनों में इसमें हल्का उतार-चढ़ाव संभव है। मौसम वैज्ञानिक और विशेषज्ञ के अनुसार, तापमान बहुत ज्यादा नहीं बढ़ेगा, लेकिन बढ़ती उमस (ह्यूमिडिटी) लोगों की परेशानी बढ़ाएगी। अप्रैल महीने की शुरुआत में वेस्टर्न डिस्ट्बेंस आने और पश्चिमी हवा सक्रिय होने के कारण शुरुआती 10 दिन मुंबईकरों के लिए आरामदायक थे, लेकिन अब पिछले 3 दिनों में मौसम से करवट ली है। </p>
<p> </p>
<p>क्षेत्रीय मौसम विभाग की वैज्ञानिक सुषमा नायर ने बताया, राज्य के ऊपर एक एंटी साइक्लोन एक्टिव होने के कारण मंगलवार को अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, बुधवार को इसमें थोड़ी गिरावट हुई और पारा 34.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हालांकि, उमस 46% रहने से लोगों को काफी परेशानी हुई।</p>
<p><strong>ह्यूमिडिटी 60 पर्सेंट तक</strong><br />मौसम विशेषज्ञ अथ्रेया शेट्टी ने बताया, दिन के समय ह्यूमिडिटी करीब 50- 60% के आसपास रह सकती है, जबकि रात में यह 70-80% तक पहुंचने की संभावना है। ऐसे में मुंबई को रात में भी चिपचिपी गर्मी से राहत मिलने के आसार कम है। रात में पारा 24-25 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहेगा और नमी 70-80% के इर्द गिर्द रहने की उम्मीद है। </p>
<p><strong>19-23 अप्रैल के बीच पड़ सकती है हल्की फुआरे</strong><br />अश्रेया ने बताया, 19 अप्रैल के बाद से पश्चिमी हवाओं के सक्रिय होने की संभावना है, जिसके चलते मध्य महाराष्ट्र और आंतरिक इलाकों में प्री- मॉनसून बारिश शुरू हो सकती है। इस दौरान मुंबई में भी 19-23 अप्रैल के बीच हल्की बारिश या बूंदाबांदी देखने को मिल सकती है। हालांकि, इस बारिश से तापमान में बड़ी गिरावट की उम्मीद नहीं है। उल्टा, बारिश के बाद उमस और बढ़ सकती है, जिससे गर्मी का अहसास और ज्यादा तीखा हो सकता है। कुल मिलाकर, अप्रैल के अंत तक मुंबईकरों को तेज धूप से ज्यादा उमस भरी गर्मी से जूझना पड़ेगा, और ठंडी रातों की राहत फिलहाल दूर ही नजर आ रही है। </p>
<p><strong>2 हवाओं के मिलने से होगी बारिश</strong><br />मौसम वैज्ञानिक सुषमा नायर ने बताया, 21-22 अप्रैल के दौरान बनने वाली बारिश की स्थिति को 'लाइन ऑफ डिस्कॉन्टिन्यूटी' कहा जाता है। इसका मतलब है 2 अलग तरह की हवाओ का मिलना है। एक तरफ उत्तर पूर्व से आने वाली सूखी हवाएं और दूसरी तरफ से समुद्र से आने वाली नमी वाली हवाएं। जब ये दोनों हवाएं आपस में टकराती है, तो वातावरण मे अस्थिरता बढ़ती है। अगर पहले से तापमान ज्यादा हो, तो यह स्थिति थंडर एक्टिविटी के साथ हल्की बारिश में बदल सकती है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 Apr 2026 11:20:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : अगले हफ्ते शुरू हो सकता है एल्फिंस्टन ब्रिज के शेष हिस्से को गिराने का काम </title>
                                    <description><![CDATA[<p>ब्रिटिश काल के एल्फिंस्टन ब्रिज के शेष हिस्से को गिराने का काम आखिरकार अगले हफ्ते शुरू हो सकता है। अधिकारियों ने बताया कि महाराष्ट्र रेल अवसंरचना विकास निगम (एमआरआईडीसी) के साथ वे-लीव शुल्क को लेकर चल रहे विवाद के बावजूद, पश्चिम रेलवे (डब्ल्यूआर) से इसे हरी झंडी मिलने की उम्मीद है। एमआरआईडीसी के अधिकारियों की एक टीम ने पुल के पश्चिमी हिस्से को तोड़ने की तैयारी के तहत शुक्रवार दोपहर को विध्वंस स्थल का दौरा किया, जो पश्चिम रेलवे के अधिकार क्षेत्र में आता है। 112 साल पुराने इस पुल को 12 सितंबर को यातायात के लिए बंद कर दिया गया था, जिसके बाद इसके संपर्क मार्गों को भी ध्वस्त कर दिया गया।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/45491/mumbai-work-to-demolish-remaining-portion-of-elphinstone-bridge-may"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-11/download---2025-11-15t125036.069.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>ब्रिटिश काल के एल्फिंस्टन ब्रिज के शेष हिस्से को गिराने का काम आखिरकार अगले हफ्ते शुरू हो सकता है। अधिकारियों ने बताया कि महाराष्ट्र रेल अवसंरचना विकास निगम (एमआरआईडीसी) के साथ वे-लीव शुल्क को लेकर चल रहे विवाद के बावजूद, पश्चिम रेलवे (डब्ल्यूआर) से इसे हरी झंडी मिलने की उम्मीद है। एमआरआईडीसी के अधिकारियों की एक टीम ने पुल के पश्चिमी हिस्से को तोड़ने की तैयारी के तहत शुक्रवार दोपहर को विध्वंस स्थल का दौरा किया, जो पश्चिम रेलवे के अधिकार क्षेत्र में आता है। 112 साल पुराने इस पुल को 12 सितंबर को यातायात के लिए बंद कर दिया गया था, जिसके बाद इसके संपर्क मार्गों को भी ध्वस्त कर दिया गया। अब मलबा साफ़ हो जाने के बाद, रेलवे पटरियों के ऊपर से गुज़रने वाले शेष 132 मीटर हिस्से को हटाने के लिए क्रेन तैनात की जा सकती हैं।</p>
<p> </p>
<p>हालांकि, जैसा कि अक्टूबर में एचटी ने बताया था, पुल को गिराने और सेवरी-वर्ली एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण के लिए रेलवे की ज़मीन के इस्तेमाल के लिए लगने वाले वे-लीव शुल्क (वे-लीव शुल्क) को लेकर एमआरआईडीसी और पश्चिम रेलवे के बीच टकराव के कारण यह काम रुका हुआ है। मध्य रेलवे (सीआर) ने वे-लीव शुल्क के रूप में ₹10 करोड़ मांगे थे, जबकि पश्चिम रेलवे ने इससे कहीं ज़्यादा ₹59.14 करोड़ की मांग की थी।बातचीत जारी रहने के दौरान, एमआरआईडीसी ने पुल के पूर्वी हिस्से को गिराना शुरू कर दिया, जो मध्य रेलवे के अधिकार क्षेत्र में आता है। हालाँकि, अधिकारियों ने बताया कि पश्चिम रेलवे जल्द ही अपनी मंज़ूरी दे देगा।पश्चिम रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, "हम उनके अनुरोध पर विचार करने के अंतिम चरण में हैं। वे-लीव शुल्क पर मतभेद के बावजूद, हम अगले हफ़्ते किसी समय इसे मंज़ूरी दे सकते हैं।</p>
<p>कार्य जारी रहने के दौरान ही राशि पर आम सहमति बन सकती है। इससे परियोजना की समय-सीमा प्रभावित नहीं होगी।"एमआरआईडीसी के प्रवक्ता ने कहा कि पुल के पूर्वी हिस्से से तोड़फोड़ शुरू हो गई है और योजना के अनुसार आगे बढ़ेगी।इस बीच, वीजेटीआई की एक टीम को साइट के पास की इमारतों की संरचनात्मक स्थिति की निगरानी के लिए नियुक्त किया गया है। निवासियों द्वारा चिंता व्यक्त किए जाने के एक दिन बाद, शुक्रवार को टीम ने इमारतों पर कंपन के प्रभाव का अध्ययन करने के लिए उपकरण लगाए। पाइल बोरिंग के दौरान निवारक उपायों के रूप में, वीजेटीआई टीम ने ठेकेदार को कठोर चट्टान में सॉकेटिंग करते समय रिग मशीन के आरपीएम को कम करने, ऑगर से मिट्टी हटाते समय शोर का स्तर कम रखने और पाइल बोरिंग के दौरान कंपन की निगरानी करने की सलाह दी।मध्य मुंबई के भीड़भाड़ वाले परेल और प्रभादेवी इलाकों को जोड़ने वाले एलफिंस्टन ब्रिज को सेवरी-वर्ली एलिवेटेड कॉरिडोर के लिए ध्वस्त किया जा रहा है, जो मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) द्वारा बनाया जा रहा एक प्रमुख पूर्व-पश्चिम संपर्क मार्ग है। महाराष्ट्र सरकार और रेल मंत्रालय का एक संयुक्त उद्यम, एमआरआईडीसी, रेलवे लाइनों के ऊपर से गुजरने वाले पुल के हिस्से को ध्वस्त करने और उसके पुनर्निर्माण के लिए ज़िम्मेदार है।</p>
<p>अधिकारियों के अनुसार, इस खंड को ध्वस्त करने के लिए चार-चार घंटे के 78 रेल ब्लॉकों की आवश्यकता होगी। उपनगरीय और लंबी दूरी की रेल सेवाओं में व्यवधान की सीमा की घोषणा अभी तक नहीं की गई है।पुल की जगह एक डबल-डेकर संरचना बनाई जाएगी जो आगामी 4.5 किलोमीटर लंबे सेवरी-वर्ली एलिवेटेड कॉरिडोर का हिस्सा होगी। निचले डेक में चार लेन होंगी, प्रत्येक दिशा में दो, जो पश्चिम में सेनापति बापट रोड और पूर्व में डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर रोड को जोड़ेगी, साथ ही पैदल यात्रियों के लिए फुटपाथ भी होगा। ऊपरी डेक में भी चार लेन होंगी, प्रत्येक दिशा में दो, जो बांद्रा-वर्ली सी लिंक को मुंबई ट्रांस हार्बर लिंक (अटल सेतु) से जोड़ेगी।रेलवे वाले हिस्से के लिए एक ओपन वेब गर्डर डिज़ाइन को अंतिम रूप दिया गया है, जिसके पुनर्निर्माण पर ₹167.35 करोड़ खर्च होने का अनुमान है। सेवरी-वर्ली एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना का कुल बजट 1,286 करोड़ रुपये है और इसे दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।<br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 15 Nov 2025 12:51:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>नई दिल्ली : एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम के बचे दो स्क्वाड्रनों को 2026-27 तक भारत को देगा रूस </title>
                                    <description><![CDATA[<p>रूस ने आश्वासन दिया है कि वह एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम के बचे दो स्क्वाड्रनों को 2026-27 तक भारत को दे देगा। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इसी एयर डिफेंस सिस्टम ने पाकिस्तान को जमकर धूल चटाई थी। एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम के चौथे और पांचवें स्क्वाड्रन की डिलीवरी में रूस-यूक्रेन युद्ध की वजह से देरी हुई। हाल में चीन के किंगदाओ में एससीओ रक्षा मंत्रियों की बैठक के दौरान राजनाथ सिंह और एंड्री बेलौसेव के बीच इसको लेकर द्विपक्षीय बैठक में चर्चा हुई।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/41696/new-delhi--russia-will-give-the-remaining-two-squadrons-of-s-400-air-defense-system-to-india-by-2026-27"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-06/download---2025-06-27t195444.117.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली : </strong>रूस ने आश्वासन दिया है कि वह एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम के बचे दो स्क्वाड्रनों को 2026-27 तक भारत को दे देगा। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इसी एयर डिफेंस सिस्टम ने पाकिस्तान को जमकर धूल चटाई थी। एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम के चौथे और पांचवें स्क्वाड्रन की डिलीवरी में रूस-यूक्रेन युद्ध की वजह से देरी हुई। हाल में चीन के किंगदाओ में एससीओ रक्षा मंत्रियों की बैठक के दौरान राजनाथ सिंह और एंड्री बेलौसेव के बीच इसको लेकर द्विपक्षीय बैठक में चर्चा हुई।</p>
<p> </p>
<p><strong>5 में से 3 की डिलीवरी कर पाया रूस</strong><br />इस बाबत रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "भारत-रूस रक्षा सहयोग को और ज्यादा मजबूत करने पर सार्थक चर्चा हुई।" 2018 में भारत-रूस के बीच 40 हजार करोड़ रुपये की डील पर हस्ताक्षर हुए थे, जिसके तहत भारत को एस-400 के 5 स्क्वाड्रन 2023 के आखिरी तक मिलने थे लेकिन अब तक भारत को सिर्फ 3 स्क्वाड्रन ही मिल पाए हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि चौथा स्क्वाड्रन अगले साल तक और पांचवां स्क्वाड्रन 2027 में मिल जाएगा।</p>
<p><strong>क्या है एस-400 की खासियत?</strong><br />एस-400 के हर एक स्क्वाड्रन में दो मिसाइल बैटरियां होती हैं, जिनमें 128 मिसाइलें शामिल होती हैं। ये मिसाइलें 120, 200, 250 और 380 किमी. तक मार करने में सक्षम हैं। इसके साथ ही इसमें लंबी दूरी का रडार सिस्टम और हर मौसम में चलने वाले ट्रांस्पोर्ट व्हीकल भी होते हैं। भारतीय वायुसेना ने पहले तीन एस-400 स्क्वाड्रनों को चीन और पाकिस्तान को काउंटर करने के लिए उत्तर-पश्चिम और पूर्वी भारत में तैनात किया हुआ है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 27 Jun 2025 19:56:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>एसटी कर्मचारियों के वेतन का शेष 44 प्रतिशत भुगतान आज</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र में एसटी कर्मचारियों के वेतन का शेष 44 प्रतिशत भुगतान आज किया जाएगा। एसटी कर्मचारी बहुत नाखुश थे क्योंकि उन्हें 7 अप्रैल को केवल 56 प्रतिशत वेतन ही मिला था। इसके बाद परिवहन मंत्री और परिवहन विभाग ने तत्काल बैठक कर एसटी कर्मचारियों के शेष वेतन का भुगतान करने का निर्णय लिया।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/39806/remaining-44--salary-of-st-employees-to-be-paid-today"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-04/download---2025-04-15t104810.519.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>महाराष्ट्र में एसटी कर्मचारियों के वेतन का शेष 44 प्रतिशत भुगतान आज किया जाएगा। एसटी कर्मचारी बहुत नाखुश थे क्योंकि उन्हें 7 अप्रैल को केवल 56 प्रतिशत वेतन ही मिला था।</p>
<p> </p>
<p>इसके बाद परिवहन मंत्री और परिवहन विभाग ने तत्काल बैठक कर एसटी कर्मचारियों के शेष वेतन का भुगतान करने का निर्णय लिया। शेष 44 प्रतिशत वेतन का भुगतान आज किया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/39806/remaining-44--salary-of-st-employees-to-be-paid-today</link>
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                <pubDate>Tue, 15 Apr 2025 10:49:08 +0530</pubDate>
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