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                <title>Manoj Jarange - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>Manoj Jarange RSS Feed</description>
                
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                <title>महाराष्ट्र में हलचतल तेज, परमिशन नहीं, पर जालना से मुंबई की ओर बढ़े मनोज जरांगे... देवेंद्र फडणवीस का आया बयान</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">मनोज जरांगे मंगलवार रात करीब साढ़े आठ बजे गोदावरी नदी के पुल से होते हुए बीड जिले में पहुंचे। इसके बाद गेवराई और बीड शहर में जगह-जगह उनका स्वागत किया गया। काफिला रात्रि विश्राम के लिए तय पड़ाव पाटोदा पहुंचा। शारीरिक रूप से कमजोर नजर आ रहे जरांगे अपने चिर-परिचित सफेद कमीज-पायजामे में कार की अगली सीट पर बैठे हुए थे। उन्होंने बॉम्बे हाई कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि अदालत ने भी उन्हें मुंबई में प्रदर्शन से रोकने से इनकार कर दिया है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51854/there-is-a-stir-in-maharashtra-due-to-lack-of"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-09/89gf.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>जालना : </strong>मुंबई में प्रदर्शन करने की पुलिस से अनुमति न मिलने के बावजूद, अनशन पर बैठे मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने जालना जिले के अंतरवाली सराटी गांव से मुंबई के लिए कूच किया। कुनबी जाति की वंशावली वाले मराठा समुदाय के सदस्यों के लिए अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आरक्षण की मांग को लेकर पिछले 17 दिन से अनशन पर बैठे जरांगे को मुंबई पुलिस ने गणेश उत्सव के दौरान कानून-व्यवस्था की चिंताओं का हवाला देते हुए आजाद मैदान में विरोध प्रदर्शन करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। वहीं मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मनोज जरांगे के आंदोलन पर सवाल उठाए हैं। मनोज जरांगे अपने रुख पर कायम हैं। उन्होंने महाराष्ट्र के विभिन्न हिस्सों से मराठा समुदाय के लोगों को मुंबई में जुटाने की अपनी पहले की योजना में बदलाव किया। अब जरांगे ने कड़ी सुरक्षा के बीच केवल पांच से 10 सहयोगियों के एक छोटे समूह के साथ जाने का फैसला किया।<br /><br />मनोज जरांगे मंगलवार रात करीब साढ़े आठ बजे गोदावरी नदी के पुल से होते हुए बीड जिले में पहुंचे। इसके बाद गेवराई और बीड शहर में जगह-जगह उनका स्वागत किया गया। काफिला रात्रि विश्राम के लिए तय पड़ाव पाटोदा पहुंचा। शारीरिक रूप से कमजोर नजर आ रहे जरांगे अपने चिर-परिचित सफेद कमीज-पायजामे में कार की अगली सीट पर बैठे हुए थे। उन्होंने बॉम्बे हाई कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि अदालत ने भी उन्हें मुंबई में प्रदर्शन से रोकने से इनकार कर दिया है।<br /><br />मनोज जरांगे ने उनकी हत्या की साजिश रचने के आरोपों को दोहराया। आरक्षण कार्यकर्ता ने कहा, ‘क्या (मुख्यमंत्री) देवेंद्र फडणवीस मुझे गोली मरवाना चाहते हैं? मैं अकेला आ रहा हूं। उन्होंने मुझे मारने की साजिश रची है। भले ही वे मुझे मार डालें, मैं मराठा समुदाय के साथ विश्वासघात नहीं होने दूंगा।’ देवेंद्र फडणवीस और राज्य मंत्रिमंडल के अन्य मंत्रियों ने मनोज जरांगे से बार-बार अनशन खत्म करने की अपील करते हुए कहा था कि सरकार चर्चा के लिए तैयार है और कानूनी रूप से वैध मांगों को स्वीकार करेगी।<br />अहिल्यानगर, पुणे और रायगढ़ से होते हुए मुंबई पहुंचेंगे मनोज जरांगे<br />जरांगे का काफिला बीड के पाटोदा, अहिल्यानगर के श्रीगोंदा, पुणे के हडपसर और रायगढ़ जिले के खोपोली से होते हुए 19 सितंबर को मुंबई के आजाद मैदान पहुंचेगा। इससे पहले सुबह जरांगे की स्वास्थ्य जांच की गई। उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज को नमन किया और गांव के दो मंदिरों में माथा टेका। अंतरवाली सराटी-शाहगढ़ मार्ग पर कड़े सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं।<br /><br />अधिकारियों ने कहा कि तैनात किए गए सुरक्षाबल में तीन उपविभागीय पुलिस अधिकारी, 10 निरीक्षक, 30 सहायक/उप-निरीक्षक, 300 पुलिसकर्मी, 265 होमगार्ड आदि शामिल हैं। विभिन्न संवेदनशील बिंदुओं पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है। जरांगे के काफिले में दो एसयूवी और दो एम्बुलेंस शामिल हैं। जालना पुलिस द्वारा दिए गए दो बॉडीगार्ड्स के साथ-साथ छत्रपति संभाजीनगर की अतिरिक्त विशेष सुरक्षा इकाई (एसपीयू) के कर्मियों के साथ जरांगे की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है।<br /><br />मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि सरकार को उम्मीद है कि लोगों को कोई परेशानी नहीं होगी और विरोध-प्रदर्शनों के कारण गणेशोत्सव में कोई बाधा नहीं आएगी। यह मुंबई और पुणे में बहुत बड़ा त्योहार है और इसे सबसे बड़े हिंदू त्योहारों में से एक के रूप में सार्वजनिक तौर पर मनाया जाता है। जरांगे का काफिला 19 सितंबर को मुंबई के आजाद मैदान पहुंचने से पहले बीड, अहिल्यानगर के श्रीगोंदा, पुणे के हडपसर और रायगढ़ के खोपोली से होकर गुजरेगा। इस दौरान काफिला 400 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय करेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 16 Sep 2026 12:08:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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                <title>सरकार से बातचीत बेनतीजा, मनोज जरांगे ने मराठा आरक्षण को लेकर शुरू किया बेमियादी अनशन</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मराठा आरक्षण की मांग को लेकर मनोज जरांगे पाटील ने महाराष्ट्र सरकार के साथ बातचीत विफल होने के बाद जालना के अंतरवाली सराटी में बेमियादी अनशन शुरू किया। जानिए उनकी प्रमुख मांगें और ताजा घटनाक्रम।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50023/talks-with-the-government-remained-inconclusive-manoj-jarange-started-indefinite"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-05/images---2026-05-30t173454.947.jpeg" alt=""></a><br /><p>मुंबई/जालना : मराठा आरक्षण के मुद्दे पर महाराष्ट्र में एक बार फिर आंदोलन तेज होने के संकेत मिल रहे हैं। मराठा आंदोलन के प्रमुख नेता मनोज जरांगे पाटील ने सरकार के साथ हुई बातचीत में कोई ठोस समाधान नहीं निकलने के बाद बेमियादी अनशन शुरू कर दिया है।</p>
<p>जालना जिले के अंतरवाली सराटी गांव में शुरू हुए इस आंदोलन के जरिए जरांगे ने मराठा समाज की लंबित मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की है। उनका कहना है कि सरकार ने पहले भी कई आश्वासन दिए थे, लेकिन जमीनी स्तर पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।</p>
<p>जरांगे की प्रमुख मांगों में मराठा समाज के लिए आरक्षण संबंधी मुद्दों का समाधान, पात्र लोगों को कुणबी प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया में तेजी और पूर्व में किए गए वादों को लागू करना शामिल है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।</p>
<p>अनशन शुरू होने से पहले राज्य सरकार के प्रतिनिधियों और जरांगे के बीच बातचीत हुई थी। हालांकि दोनों पक्ष किसी सहमति पर नहीं पहुंच सके। इसके बाद आंदोलनकारी नेता ने अनशन का रास्ता अपनाया।</p>
<p>उधर राज्य सरकार का कहना है कि मराठा समाज से जुड़े मुद्दों पर संवैधानिक और कानूनी दायरे में रहकर समाधान निकालने के प्रयास जारी हैं। सरकार ने संवाद का रास्ता खुला रखने की बात भी कही है।</p>
<p>मनोज जरांगे के इस फैसले के बाद मराठा आरक्षण का मुद्दा एक बार फिर राज्य की राजनीति और सामाजिक चर्चाओं के केंद्र में आ गया है। आने वाले दिनों में सरकार और आंदोलनकारियों के बीच होने वाली बातचीत पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 30 May 2026 17:37:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rokthok Lekhani]]></dc:creator>
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                <title>मराठा आरक्षण की मांग पर Manoj Jarange का बड़ा ऐलान: 30 मई से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करेंगे</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मराठा आरक्षण की मांग पर Manoj Jarange का बड़ा ऐलान। 30 मई से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करेंगे।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50011/manoj-shrangges-big-announcement-on-the-demand-of-maratha-reservation"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-05/images---2026-05-29t235728.293.jpeg" alt=""></a><br /><p>मराठा आरक्षण आंदोलन के प्रमुख चेहरे Manoj Jarange ने एक बार फिर बड़ा आंदोलन छेड़ने का ऐलान किया है। उन्होंने घोषणा की है कि मराठा आरक्षण की मांगों को लेकर वह 30 मई से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करेंगे। </p>
<p><br />रिपोर्ट्स के मुताबिक, Jarange ने आरोप लगाया कि सरकार ने मराठा समाज से किए गए कई वादों को अभी तक पूरा नहीं किया है। उनका कहना है कि आरक्षण और संबंधित मांगों को लेकर सरकार की ओर से ठोस कदम नहीं उठाए गए, जिसके कारण उन्हें फिर आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है। </p>
<p><br />उन्होंने समर्थकों से शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन में शामिल होने की अपील की है। Jarange ने कहा कि उनका आंदोलन समाज के अधिकारों और न्याय के लिए है तथा यह पूरी तरह लोकतांत्रिक तरीके से चलाया जाएगा। </p>
<p><br />मराठा आरक्षण का मुद्दा महाराष्ट्र की राजनीति में लंबे समय से बड़ा विषय रहा है। राज्य में कई बार बड़े आंदोलन और विरोध प्रदर्शन हो चुके हैं। इस मुद्दे पर सरकार और विभिन्न सामाजिक संगठनों के बीच लगातार बातचीत भी होती रही है। </p>
<p><br />राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी दिनों में Jarange के आंदोलन का असर राज्य की राजनीति और सामाजिक माहौल पर देखने को मिल सकता है। कई राजनीतिक दल भी इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। </p>
<p><br />प्रशासन ने फिलहाल कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए संबंधित जिलों में निगरानी बढ़ा दी है। अधिकारियों का कहना है कि आंदोलन शांतिपूर्ण रहे, इसके लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। </p>
<p><br />मराठा समुदाय के कई संगठनों ने Jarange के फैसले का समर्थन किया है। वहीं कुछ सामाजिक संगठनों ने सरकार और आंदोलनकारियों के बीच संवाद के जरिए समाधान निकालने की अपील की है। </p>
<p><br />फिलहाल महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक और सामाजिक चर्चा के केंद्र में आ गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 29 May 2026 23:59:46 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>मराठा आरक्षण की मांग को लेकर 25 जनवरी से शुरू करेंगे अनिश्चितकालीन अनशन - मनोज जरांगे</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">मनोज जरांगे स्पष्ट किया कि जो कोई भी इसमें शामिल होना चाहता है, उसका स्वागत है। किसी पर कोई दबाव या बाध्यता नहीं होगी। जरांगे ‘सगे सोयरे’ अधिसूचना को क्रियान्वित करने के अलावा महाराष्ट्र सरकार द्वारा गठित न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) संदीप शिंदे समिति के काम में भी तेजी लाने की मांग कर रहे हैं जिसे मराठा समुदाय के सदस्यों को कुनबी प्रमाणपत्र देने की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए गठित किया गया है ताकि उन्हें आरक्षण के लिए पात्र बनाया जा सके।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/36633/we-will-start-an-indefinite-hunger-strike-from-january-25-demanding-maratha-reservation---manoj-jarange"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2024-12/images5.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>जालना: </strong>मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने एक बार फिर से अनिश्चितकालीन अनशन शुरू करने का ऐलान कर दिया है। एक दिन पहले उन्होंने कहा था कि मंगलवार को तारीख का ऐलान करेंगे। आज जरांगे ने इसका ऐलान कर दिया है। मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने मंगलवार को घोषणा की कि अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के तहत नौकरियों और शिक्षा में आरक्षण सहित मराठा समुदाय की मांगों को लेकर दबाव बनाने के लिए वह 25 जनवरी 2025 को अनिश्चितकालीन अनशन शुरू करेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">मनोज जरांगे ने जालना के अंतरवाली सराटी गांव में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मराठा समुदाय के लोगों से बड़ी संख्या में विरोध स्थल पर एकत्र होने की अपील की। जरांगे ने कहा कि “किसी को भी घर पर नहीं रहना चाहिए। अंतरवाली सराटी में आकर अपनी सामूहिक ताकत दिखाएं।” गौरतलब है कि मनोज जरांगे उस मसौदा अधिसूचना के कार्यान्वयन की मांग कर रहे हैं, जो कुनबियों को मराठों के ‘सगे सोयारे’ (जन्म या विवाह से संबंधित) के रूप में मान्यता देता है और अन्य पिछड़ा वर्ग श्रेणी के तहत नौकरियों और शिक्षा में आरक्षण प्रदान करता है।</p>
<p style="text-align:justify;">कृषि प्रधान कुनबी समुदाय को पहले से ही ओबीसी श्रेणी के अंतर्गत आरक्षण का लाभ मिलता है। मनाेज जरांगे ने सरकार पर अपने वादे पूरे करने में विफल रहने का आरोप लगाते हुए कहा कि “सरकार ने हमें धोखा दिया है। अगर वे चालू शीतकालीन सत्र के दौरान हमारी मांगें पूरी नहीं करते हैं तो हम उन्हें नहीं बख्शेंगे।” जरांगे गत एक साल में इस मुद्दे पर अनशन कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि यह अनशन स्वैच्छिक होगा और मराठा समुदाय का कोई भी सदस्य इसमें हिस्सा ले सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">मनोज जरांगे स्पष्ट किया कि जो कोई भी इसमें शामिल होना चाहता है, उसका स्वागत है। किसी पर कोई दबाव या बाध्यता नहीं होगी। जरांगे ‘सगे सोयरे’ अधिसूचना को क्रियान्वित करने के अलावा महाराष्ट्र सरकार द्वारा गठित न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) संदीप शिंदे समिति के काम में भी तेजी लाने की मांग कर रहे हैं जिसे मराठा समुदाय के सदस्यों को कुनबी प्रमाणपत्र देने की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए गठित किया गया है ताकि उन्हें आरक्षण के लिए पात्र बनाया जा सके।<br /><br />राज्य विधानसभा ने इस साल फरवरी में सर्वसम्मति से एक विधेयक पारित किया था, जिसमें शिक्षा और सरकारी नौकरियों में मराठा समुदाय को एक अलग श्रेणी के तहत 10 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान है। हालांकि, जरांगे मराठा समुदाय को ओबीसी के तहत आरक्षण देने पर जोर दे रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 17 Dec 2024 18:26:23 +0530</pubDate>
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