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                <title>Manoj Jarange - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>Manoj Jarange RSS Feed</description>
                
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                <title>सरकार से बातचीत बेनतीजा, मनोज जरांगे ने मराठा आरक्षण को लेकर शुरू किया बेमियादी अनशन</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मराठा आरक्षण की मांग को लेकर मनोज जरांगे पाटील ने महाराष्ट्र सरकार के साथ बातचीत विफल होने के बाद जालना के अंतरवाली सराटी में बेमियादी अनशन शुरू किया। जानिए उनकी प्रमुख मांगें और ताजा घटनाक्रम।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50023/talks-with-the-government-remained-inconclusive-manoj-jarange-started-indefinite"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-05/images---2026-05-30t173454.947.jpeg" alt=""></a><br /><p>मुंबई/जालना : मराठा आरक्षण के मुद्दे पर महाराष्ट्र में एक बार फिर आंदोलन तेज होने के संकेत मिल रहे हैं। मराठा आंदोलन के प्रमुख नेता मनोज जरांगे पाटील ने सरकार के साथ हुई बातचीत में कोई ठोस समाधान नहीं निकलने के बाद बेमियादी अनशन शुरू कर दिया है।</p>
<p>जालना जिले के अंतरवाली सराटी गांव में शुरू हुए इस आंदोलन के जरिए जरांगे ने मराठा समाज की लंबित मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की है। उनका कहना है कि सरकार ने पहले भी कई आश्वासन दिए थे, लेकिन जमीनी स्तर पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।</p>
<p>जरांगे की प्रमुख मांगों में मराठा समाज के लिए आरक्षण संबंधी मुद्दों का समाधान, पात्र लोगों को कुणबी प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया में तेजी और पूर्व में किए गए वादों को लागू करना शामिल है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।</p>
<p>अनशन शुरू होने से पहले राज्य सरकार के प्रतिनिधियों और जरांगे के बीच बातचीत हुई थी। हालांकि दोनों पक्ष किसी सहमति पर नहीं पहुंच सके। इसके बाद आंदोलनकारी नेता ने अनशन का रास्ता अपनाया।</p>
<p>उधर राज्य सरकार का कहना है कि मराठा समाज से जुड़े मुद्दों पर संवैधानिक और कानूनी दायरे में रहकर समाधान निकालने के प्रयास जारी हैं। सरकार ने संवाद का रास्ता खुला रखने की बात भी कही है।</p>
<p>मनोज जरांगे के इस फैसले के बाद मराठा आरक्षण का मुद्दा एक बार फिर राज्य की राजनीति और सामाजिक चर्चाओं के केंद्र में आ गया है। आने वाले दिनों में सरकार और आंदोलनकारियों के बीच होने वाली बातचीत पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 30 May 2026 17:37:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rokthok Lekhani]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मराठा आरक्षण की मांग पर Manoj Jarange का बड़ा ऐलान: 30 मई से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करेंगे</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मराठा आरक्षण की मांग पर Manoj Jarange का बड़ा ऐलान। 30 मई से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करेंगे।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50011/manoj-shrangges-big-announcement-on-the-demand-of-maratha-reservation"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-05/images---2026-05-29t235728.293.jpeg" alt=""></a><br /><p>मराठा आरक्षण आंदोलन के प्रमुख चेहरे Manoj Jarange ने एक बार फिर बड़ा आंदोलन छेड़ने का ऐलान किया है। उन्होंने घोषणा की है कि मराठा आरक्षण की मांगों को लेकर वह 30 मई से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करेंगे। </p>
<p><br />रिपोर्ट्स के मुताबिक, Jarange ने आरोप लगाया कि सरकार ने मराठा समाज से किए गए कई वादों को अभी तक पूरा नहीं किया है। उनका कहना है कि आरक्षण और संबंधित मांगों को लेकर सरकार की ओर से ठोस कदम नहीं उठाए गए, जिसके कारण उन्हें फिर आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है। </p>
<p><br />उन्होंने समर्थकों से शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन में शामिल होने की अपील की है। Jarange ने कहा कि उनका आंदोलन समाज के अधिकारों और न्याय के लिए है तथा यह पूरी तरह लोकतांत्रिक तरीके से चलाया जाएगा। </p>
<p><br />मराठा आरक्षण का मुद्दा महाराष्ट्र की राजनीति में लंबे समय से बड़ा विषय रहा है। राज्य में कई बार बड़े आंदोलन और विरोध प्रदर्शन हो चुके हैं। इस मुद्दे पर सरकार और विभिन्न सामाजिक संगठनों के बीच लगातार बातचीत भी होती रही है। </p>
<p><br />राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी दिनों में Jarange के आंदोलन का असर राज्य की राजनीति और सामाजिक माहौल पर देखने को मिल सकता है। कई राजनीतिक दल भी इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। </p>
<p><br />प्रशासन ने फिलहाल कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए संबंधित जिलों में निगरानी बढ़ा दी है। अधिकारियों का कहना है कि आंदोलन शांतिपूर्ण रहे, इसके लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। </p>
<p><br />मराठा समुदाय के कई संगठनों ने Jarange के फैसले का समर्थन किया है। वहीं कुछ सामाजिक संगठनों ने सरकार और आंदोलनकारियों के बीच संवाद के जरिए समाधान निकालने की अपील की है। </p>
<p><br />फिलहाल महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक और सामाजिक चर्चा के केंद्र में आ गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 29 May 2026 23:59:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rokthok Lekhani]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मराठा आरक्षण की मांग को लेकर 25 जनवरी से शुरू करेंगे अनिश्चितकालीन अनशन - मनोज जरांगे</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">मनोज जरांगे स्पष्ट किया कि जो कोई भी इसमें शामिल होना चाहता है, उसका स्वागत है। किसी पर कोई दबाव या बाध्यता नहीं होगी। जरांगे ‘सगे सोयरे’ अधिसूचना को क्रियान्वित करने के अलावा महाराष्ट्र सरकार द्वारा गठित न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) संदीप शिंदे समिति के काम में भी तेजी लाने की मांग कर रहे हैं जिसे मराठा समुदाय के सदस्यों को कुनबी प्रमाणपत्र देने की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए गठित किया गया है ताकि उन्हें आरक्षण के लिए पात्र बनाया जा सके।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/36633/we-will-start-an-indefinite-hunger-strike-from-january-25-demanding-maratha-reservation---manoj-jarange"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2024-12/images5.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>जालना: </strong>मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने एक बार फिर से अनिश्चितकालीन अनशन शुरू करने का ऐलान कर दिया है। एक दिन पहले उन्होंने कहा था कि मंगलवार को तारीख का ऐलान करेंगे। आज जरांगे ने इसका ऐलान कर दिया है। मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने मंगलवार को घोषणा की कि अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के तहत नौकरियों और शिक्षा में आरक्षण सहित मराठा समुदाय की मांगों को लेकर दबाव बनाने के लिए वह 25 जनवरी 2025 को अनिश्चितकालीन अनशन शुरू करेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">मनोज जरांगे ने जालना के अंतरवाली सराटी गांव में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मराठा समुदाय के लोगों से बड़ी संख्या में विरोध स्थल पर एकत्र होने की अपील की। जरांगे ने कहा कि “किसी को भी घर पर नहीं रहना चाहिए। अंतरवाली सराटी में आकर अपनी सामूहिक ताकत दिखाएं।” गौरतलब है कि मनोज जरांगे उस मसौदा अधिसूचना के कार्यान्वयन की मांग कर रहे हैं, जो कुनबियों को मराठों के ‘सगे सोयारे’ (जन्म या विवाह से संबंधित) के रूप में मान्यता देता है और अन्य पिछड़ा वर्ग श्रेणी के तहत नौकरियों और शिक्षा में आरक्षण प्रदान करता है।</p>
<p style="text-align:justify;">कृषि प्रधान कुनबी समुदाय को पहले से ही ओबीसी श्रेणी के अंतर्गत आरक्षण का लाभ मिलता है। मनाेज जरांगे ने सरकार पर अपने वादे पूरे करने में विफल रहने का आरोप लगाते हुए कहा कि “सरकार ने हमें धोखा दिया है। अगर वे चालू शीतकालीन सत्र के दौरान हमारी मांगें पूरी नहीं करते हैं तो हम उन्हें नहीं बख्शेंगे।” जरांगे गत एक साल में इस मुद्दे पर अनशन कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि यह अनशन स्वैच्छिक होगा और मराठा समुदाय का कोई भी सदस्य इसमें हिस्सा ले सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">मनोज जरांगे स्पष्ट किया कि जो कोई भी इसमें शामिल होना चाहता है, उसका स्वागत है। किसी पर कोई दबाव या बाध्यता नहीं होगी। जरांगे ‘सगे सोयरे’ अधिसूचना को क्रियान्वित करने के अलावा महाराष्ट्र सरकार द्वारा गठित न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) संदीप शिंदे समिति के काम में भी तेजी लाने की मांग कर रहे हैं जिसे मराठा समुदाय के सदस्यों को कुनबी प्रमाणपत्र देने की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए गठित किया गया है ताकि उन्हें आरक्षण के लिए पात्र बनाया जा सके।<br /><br />राज्य विधानसभा ने इस साल फरवरी में सर्वसम्मति से एक विधेयक पारित किया था, जिसमें शिक्षा और सरकारी नौकरियों में मराठा समुदाय को एक अलग श्रेणी के तहत 10 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान है। हालांकि, जरांगे मराठा समुदाय को ओबीसी के तहत आरक्षण देने पर जोर दे रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 17 Dec 2024 18:26:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मराठा समुदाय को बचाने के लिए लिया ये निर्णय...  महाराष्ट्र चुनाव से यू-टर्न पर मनोज जरांगे ने दी सफाई</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने बुधवार को दावा किया कि वे महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले राज्य का राजनीतिक परिदृश्य बदल सकते हैं। चुनाव से दूर रहने का फैसला लेकर मराठा आरक्षण की लड़ाई को जीवित रखा है। जरांगे ने कहा कि अगर वे चुनावी मैदान में उतरते, तो मराठा समुदाय बंट सकता था। जरांगे ने कहा कि मराठा समुदाय पहले ही निशाने पर है। उन्होंने कहा कि ‘‘अगर हम चुनाव लड़ते, तो समुदाय में विभाजन पैदा हो सकता था।”</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/35531/this-decision-was-taken-to-save-the-maratha-community-manoj-jarange-gave-clarification-on-the-u-turn-from-maharashtra-elections"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2024-11/989.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>छत्रपति संभाजीनगर: </strong>महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में नामांकन वापस लेने के अंतिम दिन मनोज जरांगे ने चुनाव नहीं लड़ने का ऐलान करते हुए अपने सभी प्रत्याशियों को नामांकन वापस लेने के लिए कहा था। चुनाव नहीं लड़ने के फैसले पर मनोज जरांगे ने अब बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि हम चुनावी मैदान में उतरते तो मराठा समुदाय बंट सकता था।</p>
<p style="text-align:justify;">आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने बुधवार को दावा किया कि वे महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले राज्य का राजनीतिक परिदृश्य बदल सकते हैं। चुनाव से दूर रहने का फैसला लेकर मराठा आरक्षण की लड़ाई को जीवित रखा है। जरांगे ने कहा कि अगर वे चुनावी मैदान में उतरते, तो मराठा समुदाय बंट सकता था। जरांगे ने कहा कि मराठा समुदाय पहले ही निशाने पर है। उन्होंने कहा कि ‘‘अगर हम चुनाव लड़ते, तो समुदाय में विभाजन पैदा हो सकता था।”<br /><br />मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने जालना जिले में कहा कि 20 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए उम्मीदवारों को समर्थन देने के बारे में निर्णय उचित समय पर लिया जाएगा। मनोज जरांगे ने पहले कुछ निर्वाचन क्षेत्रों की पहचान की थी, जहां वह कुछ उम्मीदवारों का विरोध करने पर विचार कर रहे थे, लेकिन नामांकन वापस लेने के आखरी दिन 4 नवंबर को उन्होंने कहा कि “हम राज्य में किसी भी उम्मीदवार को चुनाव मैदान में नहीं उतारेंगे और न ही किसी प्रत्याशी का समर्थन करेंगे।”<br /><br />आगे की रणनीति के बारे में मनोज जरांगे ने कहा कि ‘‘चुनाव न लड़ने के फैसले से कुछ उम्मीदवार नाराज हो सकते हैं। लेकिन इस फैसले से मैंने आरक्षण की लड़ाई को जिंदा रखा है। चुनाव थोड़े समय के लिए खुशी देते हैं, जिससे हमें बचना चाहिए।” उन्होंने कहा कि वह समय आने पर निर्णय लेंगे कि चुनाव में किसे हराना है, क्योंकि मतदान में अभी कुछ दिन बाकी हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने कहा कि ‘‘जो हमसे समर्थन मांग रहे हैं, हम उन लोगों को मराठा आरक्षण के समर्थन में मसौदा देंगे। उसके बाद तय करेंगे कि हमें किसका समर्थन करना चाहिए। हमारे पास अंतिम चरण में राजनीतिक माहौल बदलने की क्षमता है। हम देखेंगे कि कौन मजबूत उम्मीदवार है और फिर तय करेंगे कि हमें किसे मसौदा और समर्थन देना चाहिए।”<br /><br />मनोज जरांगे के चुनाव नहीं लड़ने के उनके फैसले से विपक्षी गठबंधन महा विकास अघाड़ी को फायदा होगा? इसका जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि ‘‘यह बात तो बहुत पहले से कही जा रही है। फिर पिछले साल अंतरवाली सराती गांव में हमारे लोगों पर हमला क्यों किया गया?</p>
<p style="text-align:justify;">उनके खिलाफ मामले क्यों दर्ज किए गए। हाल ही में 15-16 समुदायों को आरक्षण दिया गया, लेकिन हमें आरक्षण नहीं दिया गया।” राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) प्रमुख शरद पवार ने सोमवार को कहा था कि विपक्षी गठबंधन में किसी का भी मनाेज जरांगे के चुनाव नहीं लड़ने के फैसले से कोई संबंध नहीं है। एनसीपी (एसपी) एमवीए का घटक दल है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 06 Nov 2024 20:24:43 +0530</pubDate>
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