<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.rokthoklekhani.com/tag/16120/manoj" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Rokthok Lekhani News  RSS Feed Generator</generator>
                <title>Manoj - Rokthok Lekhani News </title>
                <link>https://www.rokthoklekhani.com/tag/16120/rss</link>
                <description>Manoj RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>महाराष्ट्र : मनोज जरांगे पाटील के आंदोलन को मुंबई पुलिस ने अनुमति देने से किया इनकार </title>
                                    <description><![CDATA[<p>मराठा आरक्षण के लिए मुंबई के आजाद मैदान में 19 सितंबर से आमरण अनशन करने की अनुमति मनोज जरांगे पाटील ने मांगी थी, जिसे मुंबई पुलिस ने खारिज कर दिया है। आजाद मैदान पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक राजू बिडकर ने इस संबंध में पत्र जारी किया है।</p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51825/maharashtra-mumbai-police-denies-permission-to-manoj-jarange-patils-movement"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-09/images---2026-09-14t105632.515.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई:  </strong>मराठा आरक्षण के लिए मुंबई के आजाद मैदान में 19 सितंबर से आमरण अनशन करने की अनुमति मनोज जरांगे पाटील ने मांगी थी, जिसे मुंबई पुलिस ने खारिज कर दिया है। आजाद मैदान पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक राजू बिडकर ने इस संबंध में पत्र जारी किया है।</p>
<p> </p>
<p>इन सभी कारणों के चलते पुलिस ने आजाद मैदान में 19 सितंबर से प्रस्तावित आंदोलन को अनुमति देने से इनकार कर दिया है।  इससे पहले मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे ने ये धमकी दी थी कि अगर 12 सितंबर तक मांगें नहीं मानीं तो मुंबई कूच करेंगे। </p>
<p><strong>कौन हैं मनोज जरांगे पाटील?</strong><br />मनोज जरांगे पाटील महाराष्ट्र के एक प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता हैं। वह लंबे समय से मराठा आरक्षण के लिए संघर्ष कर रहे हैं और आंदोलन भी करते आए हैं। उन्होंने कई बार आमरण अनशन भी किया है और सरकारों पर प्रेशर बनाया है। हालांकि वह किसी राजनीतिक पार्टी से संबंधित नहीं है बल्कि उनका मुख्य उद्देश्य मराठा समुदाय को आरक्षण दिलाना है। वह अपने इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए एक बार फिर मुंबई के आजाद मैदान में आंदोलन करना चाहते हैं लेकिन मुंबई पुलिस ने इसकी इजाजत नहीं दी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/51825/maharashtra-mumbai-police-denies-permission-to-manoj-jarange-patils-movement</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/51825/maharashtra-mumbai-police-denies-permission-to-manoj-jarange-patils-movement</guid>
                <pubDate>Mon, 14 Sep 2026 10:57:31 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-09/images---2026-09-14t105632.515.jpg"                         length="32650"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : मनोज जरांगे की चेतावनी, 'मुंबई में एक भी युवक का खून बहा तो...'</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मराठा आरक्षण की मांग को लेकर मनोज जरांगे के अनशन का आज (07 सितंबर) दसवां दिन है. इस बीच जरांगे ने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर ढिलाई और लापरवाही बरत रही है, जिससे मराठा समाज का आक्रोश बढ़ता जा रहा है. उन्होंने सरकार को 12 सितंबर तक का समय दिया है.</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51744/mumbai-manoj-jaranges-warning-if-even-one-youths-blood-is"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-09/images---2026-09-08t121911.351.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>मराठा आरक्षण की मांग को लेकर मनोज जरांगे के अनशन का आज (07 सितंबर) दसवां दिन है. इस बीच जरांगे ने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर ढिलाई और लापरवाही बरत रही है, जिससे मराठा समाज का आक्रोश बढ़ता जा रहा है. उन्होंने सरकार को 12 सितंबर तक का समय दिया है. उन्होंने सरकार को सीधी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर मुंबई में एक भी युवक का खून बहा तो 10 मिनट के भीतर महाराष्ट्र बंद हो जाना चाहिए. जरांगे ने उस दिन सभी मराठा समाज के लोगों से अंतरवाली सराटी पहुंचने की अपील की है.</p>
<p> </p>
<p>मनोज जरांगे ने कहा, “सरकार जानबूझकर ढिलाई और लापरवाही कर रही है. मराठा समाज का आक्रोश बढ़ रहा है. मराठा समाज को खत्म करने के लिए जानबूझकर लापरवाही की जा रही है. हमने सरकार को 12 तारीख तक का समय दिया है. सभी मंत्रियों ने कहा था कि आपको अनशन करने की नौबत नहीं आएगी. मार्च और फरवरी में प्रसाद लाड ने कहा था कि हमें बुलाइए. उन्होंने कहा था कि देवेंद्र फडणवीस मराठों की मांगें पूरी करेंगे. इसलिए लाड को बुलाया गया था, लेकिन एक साल में उन्होंने कुछ नहीं किया.”</p>
<p><strong>एकनाथ शिंदे और सीएम फडणवीस की मिलीभगत- मनोज जरांगे</strong><br />जरांगे ने आगे कहा, “एकनाथ शिंदे और देवेंद्र फडणवीस की यह मिलीभगत है. हमें जानकारी मिली है कि शिंदे के दो मंत्री और दो प्रवक्ता आंदोलन को खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं. मुंबई की ओर निकलने के बाद हमला कर फडणवीस को बदनाम करने की सरकार की साजिश है. बावनकुले और उनके लोगों की भी यही गतिविधियां चल रही हैं. पिछले दो-तीन दिनों में कुछ पत्रकारों से सलाह ली जा रही है कि आंदोलन को कैसे खत्म किया जाए. मुंबई जाने के बाद यदि हमला हुआ तो इसे समझ लेना चाहिए. अगर मुंबई जाते समय हमें रोका नहीं गया तो समझेंगे कि हमें सही जानकारी नहीं मिली थी.”</p>
<p><strong>10 लोग भी होंगे तो मुंबई जाएंगे- मनोज जरांगे</strong><br />मनोज जरांगे ने 12 सितंबर को बड़ी संख्या में मराठा समाज से अंतरवाली सराटी पहुंचने की अपील की. उन्होंने कहा, “12 तारीख को सभी मराठा भाई अंतरवाली आएं. सांगली, सोलापुर, पुणे, कोल्हापुर, सातारा, सिंधुदुर्ग, रायगढ़, मुंबई, नगर और नाशिक जिले के हर गांव से मराठा समाज के लोग अंतरवाली आएं. सभी लोग व्यक्तिगत रूप से आएं. अब आंदोलनकारी नहीं भी आएं तो चलेगा, लेकिन 12 तारीख को जरूर आएं. 10 लोग भी होंगे तो हम मुंबई की ओर जाएंगे.”</p>
<p><strong>मनोज जरांगे ने सरकार को दी चेतावनी</strong><br />इस दौरान जरांगे ने मुंबई में संभावित स्थिति का जिक्र करते हुए चेतावनी दी. उन्होंने कहा, “मुंबई में अगर एक भी युवक का खून बहा तो 10 मिनट के भीतर महाराष्ट्र बंद हो जाना चाहिए. अगर सीएम फडणवीस ने साजिश रचकर हमला कराया तो 10 मिनट के भीतर महाराष्ट्र ठप हो जाना चाहिए, पूरी तरह बंद हो जाना चाहिए. अगर पुलिस हमला करे तो भागना मत, क्योंकि भगदड़ मच सकती है. हथियार कुछ नहीं कर सकते. अगर लड़कों ने उन्हें पकड़ लिया तो वे हिल भी नहीं पाएंगे. मुंबई में सतर्क रहो और स्वसंरक्षण के लिए तैयार रहो. अगर सरकार को यह बात समझ में नहीं आ रही है तो फिर मजबूरी है.” </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/51744/mumbai-manoj-jaranges-warning-if-even-one-youths-blood-is</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/51744/mumbai-manoj-jaranges-warning-if-even-one-youths-blood-is</guid>
                <pubDate>Tue, 08 Sep 2026 12:20:13 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-09/images---2026-09-08t121911.351.jpg"                         length="46877"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जालना : अब पानी और इलाज लेने से भी इनकार, 12 को मुंबई कूच का ऐलान, जालना में मनोज जरांगे पाटील का आंदोलन और तेज हुआ</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मराठा आरक्षण आंदोलन एक अहम मोड़ पर पहुंच गया है। कोटा की मांग कर रहे कार्यकर्ता मनोज जारांगे ने अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के आठवें दिन पानी और सलाइन लेना बंद कर दिया और मेडिकल इलाज कराने से भी इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि वे अपनी सभी मांगों को लागू किए जाने के अलावा कुछ भी स्वीकार नहीं करेंगे। इस घटनाक्रम ने सरकार और आंदोलनकारियों के बीच बातचीत को एक तरह से फिर से शुरू कर दिया है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51707/jalna-now-refuses-to-even-take-water-and-treatment-announces"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-09/jalna--india--july-21--2024--maratha-activist-mano_1756062754372.webp" alt=""></a><br /><p><strong>जालना : </strong>मराठा आरक्षण आंदोलन एक अहम मोड़ पर पहुंच गया है। कोटा की मांग कर रहे कार्यकर्ता मनोज जारांगे ने अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के आठवें दिन पानी और सलाइन लेना बंद कर दिया और मेडिकल इलाज कराने से भी इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि वे अपनी सभी मांगों को लागू किए जाने के अलावा कुछ भी स्वीकार नहीं करेंगे। इस घटनाक्रम ने सरकार और आंदोलनकारियों के बीच बातचीत को एक तरह से फिर से शुरू कर दिया है। कुछ दिन पहले ही जारांगे ने मंत्रियों के एक प्रतिनिधिमंडल के इस आश्वासन पर पानी और सलाइन लेने पर सहमति जताई थी कि कुछ मुख्य मांगों पर दो दिनों के भीतर कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p> </p>
<p>बिना किसी ठोस फैसले के वह समय-सीमा बीत जाने के बाद, जारांगे ने अपना रुख कड़ा कर लिया और अपनी जांच करने आई मेडिकल टीम को वापस लौटा दिया। मनोज जारांगे ने कहा कि जब तक सरकार वास्तव में हमारी सभी मांगों को लागू नहीं करती, तब तक मैं कुछ भी नहीं लूंगा और न ही इलाज कराऊंगा।<br />जहां से शुरू हुआ था मनोज जरांगे आंदोलन, फिर वहीं पहुंचा<br />मनोज जरांगे के पानी, सलाइन और इलाज लेने से इनकार करने और उनके मुंबई मार्च की समय-सीमा पास आने के कारण, यह गतिरोध एक बार फिर वहीं पहुंच गया है जहां से शुरू हुआ था। इससे पहले हफ्ते की शुरुआत में, जरांगे राज्य सरकार के एक प्रतिनिधिमंडल की अपील के बाद पानी पीने और नसों के जरिए तर‍ल लेने के लिए सहमत हो गए थे, लेकिन अब उन्होंने अपनी सहमति वापस ले ली है। उन्होंने यहां अंतरवाली सराटी में विरोध स्थल पर डॉक्टरों से चिकित्सा जांच कराने से इनकार कर दिया और कहा कि जब तक उनकी मांगें असल में पूरी नहीं हो जातीं, तब तक वह कोई इलाज नहीं कराएंगे।</p>
<p><strong>12 सितंबर को मुंबई कूच तय</strong><br />जरांगे ने हालांकि कहा है कि मांगें पूरी होने तक वह अपना आंदोलन वापस नहीं लेंगे। उन्होंने यह भी दोहराया है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो वह 12 सितंबर को मुंबई जाने के अपने फैसले पर कायम रहेंगे। जरांगे ने मांग की है कि 12 सितंबर तक पात्र मराठों को कुनबी प्रमाण पत्र जारी करने को लेकर सरकार शासनादेश (जीआर) जारी करे। इससे समुदाय के सदस्यों को अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के तहत आरक्षण का लाभ मिल सकेगा।</p>
<p><strong>मनोज जरांगे की मांगें</strong><br />सरकारी प्रतिनिधिमंडल ने संकेत दिया है कि मांगों पर अंतिम फैसला अगले एक या दो दिनों में बताया जा सकता है। हालांकि, जारांगे ने साफ कर दिया है कि अगर मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे 12 सितंबर को मुंबई तक मार्च करने के अपने फैसले पर अडिग रहेंगे। इस आंदोलन की मुख्य मांग है कि जस्टिस शिंदे समिति द्वारा पहचाने गए 58 लाख कुनबी रिकॉर्ड के आधार पर तुरंत कुनबी सर्टिफिकेट जारी किए जाएं और मराठवाड़ा में योग्य मराठों को कुनबी दर्जा देने के लिए हैदराबाद गजेटियर के प्रावधानों को लागू किया जाए।</p>
<p><strong>मनोज जरांगे की मांगे ये भी</strong><br />मनोज जारांगे पाटील ने सतारा और कोल्हापुर रियासतों और औंध-पुणे-बॉम्बे सरकार के गजेटियर में शामिल प्रावधानों को लागू करने के लिए सरकारी आदेश जारी करने और जाति वैधता प्रमाण पत्र की प्रक्रियाओं पर स्पष्टता की भी मांग की है। अन्य मुख्य मांगों में सगे-सोयरे (खून के रिश्तेदार) नोटिफिकेशन को तुरंत लागू करना, पूरे महाराष्ट्र में मराठा प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी मामलों (जिनमें अंतरवाली सराटी आंदोलन से जुड़े मामले भी शामिल हैं) को वापस लेना और एक अलग मराठा और कुनबी मंत्रालय बनाना शामिल है।</p>
<p>उन्होंने योग्य आवेदकों के लिए तुरंत कुनबी सर्टिफिकेट और जिन्हें पहले ही कुनबी दर्जा मिल चुका है, उनके लिए जाति वैधता प्रमाण पत्र की मांग की है। उन्होंने मराठा समुदाय को ओबीसी सुविधाएं और रियायतें देने वाले सरकारी आदेश को प्रभावी ढंग से लागू करने की भी मांग की है। मनोज जरांगे यह भी चाहते हैं कि सारथी की सभी लंबित योजनाएं लागू की जाएं, डॉ. पंजाबराव देशमुख स्कॉलरशिप के लिए फंड जारी किया जाए और हॉस्टल सुविधाओं का विस्तार किया जाए। उन्होंने आरक्षण आंदोलन के दौरान मारे गए प्रदर्शनकारियों के परिवारों के लिए नौकरी और आर्थिक मदद की भी मांग की है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/51707/jalna-now-refuses-to-even-take-water-and-treatment-announces</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/51707/jalna-now-refuses-to-even-take-water-and-treatment-announces</guid>
                <pubDate>Sun, 06 Sep 2026 12:00:04 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-09/jalna--india--july-21--2024--maratha-activist-mano_1756062754372.webp"                         length="144882"                         type="image/webp"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जालना : महाराष्ट्र सरकार ने किया अवॉइड तो अनशन कर रहे मनोज जरांगे भड़के, मराठा कोटा मांग लेकर मुंबई मार्च की चेतावनी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सामाजिक कार्यकर्ता मनोज जरांगे अनिश्चितकालीन अनशन पर हैं। वह अपनी इस मांग पर अड़े रहे कि सभी मराठों को कुनबी जाति के प्रमाणपत्र दिए जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर महाराष्ट्र सरकार ने उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं की, तो वह मुंबई तक मार्च करेंगे।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51615/when-maharashtra-government-avoided-jalna-manoj-jarange-got-angry-and"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-08/images---2026-08-27t103316.4481.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>जालना : </strong>सामाजिक कार्यकर्ता मनोज जरांगे अनिश्चितकालीन अनशन पर हैं। वह अपनी इस मांग पर अड़े रहे कि सभी मराठों को कुनबी जाति के प्रमाणपत्र दिए जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर महाराष्ट्र सरकार ने उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं की, तो वह मुंबई तक मार्च करेंगे। जरांगे ने शनिवार को जालना जिले के अपने पैतृक गांव अंतरवाली सराटी में मराठा आरक्षण से जुड़ी मांगों को लेकर अपना 11वां अनिश्चितकालीन अनशन शुरू किया। उनके आंदोलन के समर्थन में समुदाय के हजारों लोग वहां जुटे हैं। जरांगे की मांग है कि पात्र मराठों को कुनबी के रूप में मान्यता दी जाए।</p>
<p> </p>
<p>कुनबी एक कृषक समुदाय है, जिसे अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) श्रेणी के तहत शिक्षा और सरकारी नौकरियों में आरक्षण का लाभ मिलता है। बातचीत में जरांगे ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार को सभी मराठों को कुनबी घोषित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानीं, तो वह मुंबई तक मार्च करेंगे और आंदोलन को और तेज करेंगे।</p>
<p>उन्होंने बताया कि उनके नेतृत्व में मराठा समुदाय की कोर कमेटी की बैठक 12 सितंबर को अंतरवाली सराटी में होगी, जिसमें मुंबई में भूख हड़ताल करने को लेकर फैसला लिया जाएगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/51615/when-maharashtra-government-avoided-jalna-manoj-jarange-got-angry-and</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/51615/when-maharashtra-government-avoided-jalna-manoj-jarange-got-angry-and</guid>
                <pubDate>Mon, 31 Aug 2026 12:42:03 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-08/images---2026-08-27t103316.4481.jpg"                         length="69657"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        