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                <title>Narvekar - Rokthok Lekhani</title>
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                <title>पूर्व भाजपा नगरसेवक मकरंद नार्वेकर ने मनपा आयुक्त भूषण गगरानी को लिखा पत्र... </title>
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                        <![CDATA[<p style="text-align:justify;">मनपा आयुक्त को लिखे पत्र में नार्वेकर ने कहा कि नगर निगम ने दक्षिण मुंबई में सीसी सड़कों के लिए फिर से टेंडर मांगे हैं। मेसर्स एनसीसी लिमिटेड अनुमान से 9 प्रतिशत अधिक की दर पर 1,600 करोड़ रुपए के अनुबंध के लिए सबसे कम बोली लगाने वाली कंपनी के रूप में उभरी है। लेकिन वह रकम अनुमानित रकम से 150 करोड़ अधिक है। माना जा रहा है कि मेरे पत्र के बाद नगर निगम ने दरें कम करने के लिए ठेकेदार से बातचीत शुरू कर दी है।</p>]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/33088/former-bjp-corporator-makrand-narvekar-wrote-a-letter-to-municipal-corporation-commissioner-bhushan-gagrani"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2024-08/df44.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई :</strong> पूर्व भाजपा नगरसेवक मकरंद नार्वेकर ने मनपा आयुक्त भूषण गगरानी को पत्र लिखकर चेतावनी दी है कि अगर मनपा ने दक्षिण मुंबई के लिए सीसी रोड का ठेका अनुमानित राशि से अधिक दर पर दिया तो वह लोकायुक्त के पास अपील करेंगे। अधिक दर पर ठेका देकर ठेकेदार को कोई अतिरिक्त बोनस नहीं दिया जाना चाहिए। नार्वेकर ने आशंका जताई है कि चुनाव से पहले नागरिक उन्हें भ्रष्टाचारी समझेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">मनपा आयुक्त को लिखे पत्र में नार्वेकर ने कहा कि नगर निगम ने दक्षिण मुंबई में सीसी सड़कों के लिए फिर से टेंडर मांगे हैं। मेसर्स एनसीसी लिमिटेड अनुमान से 9 प्रतिशत अधिक की दर पर 1,600 करोड़ रुपए के अनुबंध के लिए सबसे कम बोली लगाने वाली कंपनी के रूप में उभरी है। लेकिन वह रकम अनुमानित रकम से 150 करोड़ अधिक है। माना जा रहा है कि मेरे पत्र के बाद नगर निगम ने दरें कम करने के लिए ठेकेदार से बातचीत शुरू कर दी है।</p>
<p style="text-align:justify;">नार्वेकर ने कहा, लेकिन यह समझा जाता है कि ठेकेदार ने अनुबंध की अनुमानित राशि के अनुसार निविदा स्वीकार करने से इनकार कर दिया है। नार्वेकर ने मनपा से दरों को और कम करने के लिए ठेकेदार के साथ फिर से बातचीत शुरू करने का अनुरोध किया और कहा कि ठेकेदार को अनुमान के अनुसार अनुबंध स्वीकार करने के लिए तैयार रहना चाहिए। शहर भर में अन्य सभी सीसी सड़कों के ठेके बजट राशि में दिए गए।</p>
<p style="text-align:justify;">इस- लिए, दक्षिण मुंबई का ठेका अनुमान से अधिक दर पर नहीं दिया जाना चाहिए। नार्वेकर ने कहा, अगर ऐसा किया जाता है, तो नागरिकों को यह चुनाव पूर्व भ्रष्टा- चार लग सकता है। नार्वेकर ने चेतावनी दी कि यदि मनपा ने अनुमानित दर से अधिक दर पर ठेका दिया, तो वह दक्षिण मुंबई के नागरिकों को न्याय दिलाने के लिए लोकायुक्त के फैसले के खिलाफ अपील करेंगे।</p>]]>
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                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 05 Aug 2024 16:15:24 +0530</pubDate>
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                <title>मैंने ये निर्णय सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों के अनुसार ही लिया है - राहुल नार्वेकर </title>
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                        <![CDATA[<p><strong>मुंबई: </strong>महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने मंगलवार को मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के गुट को असली शिवसेना के रूप में मान्यता देने के अपने फैसले का बचाव किया और कहा कि यह उच्चतम न्यायालय द्वारा दिये गये दिशानिर्देशों पर आधारित है.</p>]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/27821/i-have-taken-this-decision-as-per-the-guidelines-of-the-supreme-court---rahul-narvekar"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2024-01/images---2024-01-17t110019.546.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने मंगलवार को मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के गुट को असली शिवसेना के रूप में मान्यता देने के अपने फैसले का बचाव किया और कहा कि यह उच्चतम न्यायालय द्वारा दिये गये दिशानिर्देशों पर आधारित है. जून 2022 में शिवसेना में विभाजन के बाद शिंदे और ठाकरे गुटों द्वारा एक-दूसरे के विधायकों के खिलाफ दायर अयोग्यता याचिकाओं पर 10 जनवरी के फैसले को लेकर ठाकरे द्वारा एक संवाददाता सम्मेलन में निशाना साधे जाने के तुरंत बाद नार्वेकर ने यहां मीडिया से बात की.</p>
<p><br />विधानसभाध्यक्ष नार्वेकर ने अविभाजित शिवसेना के 2018 के संशोधित संविधान को स्वीकार नहीं करने के अपने फैसले को भी उचित ठहराया. उन्होंने कहा कि पार्टी ने तब निर्वाचन आयोग को केवल उद्धव ठाकरे के पार्टी प्रमुख होने के बारे में सूचित किया था, लेकिन संशोधित संविधान प्रस्तुत नहीं किया था. नार्वेकर ने अपने फैसले में कहा कि शिवसेना का 1999 का संविधान यह तय करने के लिए वैध था कि कौन सा गुट वास्तविक शिवसेना है.</p>
<p><br />उन्होंने कहा, ‘‘मेरा फैसला उच्चतम न्यायालय के दिशानिर्देशों पर आधारित था.’’ नार्वेकर ने कहा कि किसी पार्टी द्वारा बनाए गए नियम सिर्फ कागज पर नहीं होने चाहिए बल्कि उन्हें लागू किया जाना चाहिए.</p>
<p> </p>]]>
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                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 17 Jan 2024 11:01:34 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>अजीत पवार खेमा महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर के ऐतिहासिक फैसले से खुश </title>
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                        <![CDATA[<p><strong>मुंबई:</strong> महाराष्ट्र में स्पीकर राहुल नार्वेकर ने बुधवार को विधायकों की अयोग्यता से जुड़े मामले में अपना फैसला दे दिया। राजनीतिक रूप से मामला संवेदनशील था। इसलिए विधानसभा के सेंट्रल हॉल में सुनाए गए फैसले का सीधा प्रसारण किया गया। इससे इस निर्णय के तार्किक आधारों को लोगों तक पहुंचाने में थोड़ी मदद भले ही मिली हो, लेकिन शिवसेना (उद्धव गुट) ने अस्वीकार करते हुए इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की घोषणा करने में देर नहीं की।</p>]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/27637/ajit-pawar-camp-happy-with-the-historic-decision-of-maharashtra-assembly-speaker-rahul-narvekar"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2024-01/images---2024-01-11t101802.319.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई:</strong> महाराष्ट्र में स्पीकर राहुल नार्वेकर ने बुधवार को विधायकों की अयोग्यता से जुड़े मामले में अपना फैसला दे दिया। राजनीतिक रूप से मामला संवेदनशील था। इसलिए विधानसभा के सेंट्रल हॉल में सुनाए गए फैसले का सीधा प्रसारण किया गया। इससे इस निर्णय के तार्किक आधारों को लोगों तक पहुंचाने में थोड़ी मदद भले ही मिली हो, लेकिन शिवसेना (उद्धव गुट) ने अस्वीकार करते हुए इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की घोषणा करने में देर नहीं की। शिवसेना के बाद NCP भी विभाजन से गुजरी और उसका भी एक धड़ा अलग होकर मौजूदा सरकार का हिस्सा बना। वहां भी शरद पवार की अगुआई वाला हिस्सा खुद को मूल पार्टी बताते हुए इन विधायकों की अयोग्यता का सवाल उठा रहा है। शिवसेना के बाद अब इसी महीने शरद पवार की पार्टी एनसीपी में हुए बगावत पर फैसला आ सकता है।</p>
<p><br />बता दें कि शरद पवार के भतीजे अजित पवार ने बगावत करते हुए भाजपा और शिवसेना गठबंधन का दामन थाम लिया था। इसके बाद एनसीपी में भी विधायकों की अयोग्यता का केस चल रहा है। शिवसेना विवाद की तर्ज पर विधानसभा स्पीकर राहुल नार्वेकर को एनसीपी विधायकों की अयोग्यता पर भी फैसला करना है। स्पीकर के समक्ष मामले की सुनवाई जारी है। माना जा रहा है कि 20 जनवरी तक क्रॉस एग्जामिनेशन पूरा कर लिया जाएगा। क्रॉस एग्जामिनेशन को लेकर फाइनल सुनवाई 23 जनवरी को हो सकती है। इसके बाद 25 जनवरी को एक और सुनवाई के बाद 27 जनवरी को अंतिम सुनवाई कर ली जाएगी और 31 जनवरी को फैसला सुना दिया जाएगा।</p>
<p><br />एनसीपी (अजीत पवार गुट) के प्रमुख सुनील तटकरे ने कहा कि एनसीपी का मामला शिवसेना के मामले से अलग है। जहां मामला व्हिप की वैधता से संबंधित है और क्या प्रतिद्वंद्वी गुटों द्वारा जारी किए गए व्हिप कानूनी रूप से वैध हैं। उन्होंने कहा कि एनडीए की बैठक में भाग लेने के बाद हमारे खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू की गई। अजीत पवार गुट पहले ही चुनाव आयोग से इस याचिका के साथ संपर्क कर चुका है। अजित पवार को एनसीपी प्रमुख के रूप में मान्यता दी जाए और घड़ी का प्रतीक उनके गुट को आवंटित किया जाए। चुनाव आयोग ने सभी पक्षों को सुना है और अपना आदेश सुरक्षित रखा है।</p>
<p><br />वहीं एनसीपी के शरद पवार गुट के जितेंद्र आव्हाड ने कहा कि अजीत ने संविधान की 10वीं अनुसूची का उल्लंघन किया है। अजीत और उनके आठ सहयोगियों ने 2 जुलाई, 2023 को शिंदे सरकार में कैबिनेट सदस्यों के रूप में शपथ ली। इसलिए, हमने 10वीं अनुसूची के उल्लंघन के लिए उनके खिलाफ अयोग्यता की कार्यवाही शुरू की। आव्हाड ने कहा कि अजीत और उनके समर्थकों की हरकतें स्वेच्छा से पार्टी की सदस्यता छोड़ने के बराबर हैं। आव्हाड ने कहा कि 2 जुलाई को, अजीत के उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के तुरंत बाद, शरद पवार गुट ने उनकी और अन्य लोगों की अयोग्यता के लिए अध्यक्ष का रुख किया। बाद में अजीत पवार गुट ने भी शरद पवार गुट के विधायकों को अयोग्य ठहराने की मांग की।</p>]]>
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                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Jan 2024 10:19:27 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>शिंदे-नार्वेकर की मुलाकात पर बवाल, उद्धव ने कसा तंज तो... फडणवीस ने दी सफाई</title>
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                        <![CDATA[<p>शिवसेना में टूट के बाद शुरू हुई कानूनी जंग अब जल्द ही समाप्त हो सकती है। दरअसल, सीएम शिंदे सहित अन्य विधायकों के खिलाफ दायर अयोग्यता याचिकाओं पर कल यानी बुधवार को विधानसभा अध्यक्ष फैसला देंगे। जिसे लेकर महाराष्ट्र में सियासी पारा चढ़ गया है।</p>]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/27584/ruckus-over-shinde-narvekar-meeting--uddhav-taunted----fadnavis-gave-clarification"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2024-01/download-(7)3.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>महाराष्ट्र: </strong>शिवसेना में टूट के बाद शुरू हुई कानूनी जंग अब जल्द ही समाप्त हो सकती है। दरअसल, सीएम शिंदे सहित अन्य विधायकों के खिलाफ दायर अयोग्यता याचिकाओं पर कल यानी बुधवार को विधानसभा अध्यक्ष फैसला देंगे। जिसे लेकर महाराष्ट्र में सियासी पारा चढ़ गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसी क्रम में पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे ने स्पीकर राहुल नार्वेकर की एकनाथ शिंदे से मुलाकात को लेकर आलोचना की है। वहीं दूसरी ओर, डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने सरकार के स्थिर रहने का दावा किया है।<br /><br />अयोग्यता याचिकाओं पर फैसले से पहले सोमवार को राज्य के सीएम एकनाथ शिंदे ने विधानसभा स्पीकर से मुलाकात की थी। इसी मुलाकात को लेकर पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे ने नार्वेकर पर तंज कसा है। ठाकरे ने कहा कि सोमवार को नार्वेकर की शिंदे से मुलाकात एक न्यायधीश की अपराधी से मुलाकात की तरह है। उन्होंने आगे कहा कि ऐसे में हम किस तरह के न्याय की उम्मीद कर सकते हैं।<br /><br />वहीं दूसरी ओर, राज्य के डिप्टी सीएम और भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि शिवसेना और भाजपा सरकार स्थिर रहेगी। ये गठबंधन सरकार कानून के मुताबिक है और हमें उम्मीद है की स्पीकर न्यायोचित फैसला करेंगे। देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि स्पीकर उचित और कानूनी निर्णय लेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">हमारा पक्ष मजबूत है। हमारे द्वारा बनाई गई सरकार (एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली बीजेपी और शिवसेना) कानूनी रूप से मजबूत है। हमें उम्मीद है कि स्पीकर से हमें न्याय मिलेगा। हमारी सरकार कल भी स्थिर थी और कल भी स्थिर रहेगी।<br /><br />शिवसेना में विभाजन के बाद एक-दूसरे के विधायकों को अयोग्य ठहराने की मांग करने वाली शिवसेना के प्रतिद्वंद्वी गुटों द्वारा दायर याचिकाओं पर निर्णय लेने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने नार्वेकर को निर्देश दिए थे। पहले, सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाने की समय सीमा 31 दिसंबर, 2023 तय की थी, जिसे बाद में 10 जनवरी तक बढ़ा दिया गया था।</p>
<p style="text-align:justify;">बता दें शीर्ष अदालत ने इससे पहले मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उनके समर्थित विधायकों को अयोग्य ठहराने के लिए उद्धव ठाकरे गुट द्वारा दायर याचिकाओं पर फैसला करने में देरी पर विधानसभा अध्यक्ष को कड़ी फटकार लगाई थी और कहा था कि स्पीकर शीर्ष अदालत के आदेशों को खारिज नहीं कर सकते।</p>]]>
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                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 09 Jan 2024 19:05:40 +0530</pubDate>
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