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                <title>abetment - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>abetment RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title> मुंबई : आत्महत्या के लिए उकसाने को साबित करने के लिए ठोस सबूत की ज़रूरत - हाई कोर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[<p>आत्महत्या के लिए उकसाने के जुर्म में, गोलमोल और आम आरोपों का कोई मतलब नहीं होता। इस जुर्म को साबित करने के लिए, गलत काम की पक्की जानकारी और सबूत रिकॉर्ड पर लाना ज़रूरी है, ऐसा मुंबई हाई कोर्ट का कहना है। नागपुर बेंच की जस्टिस उर्मिला जोशी-फाल्के ने एक केस पर अपने फैसले में साफ किया और आरोपी कपल के खिलाफ गैर-कानूनी एफआयआर और केस को रद्द कर दिया। </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48088/mumbai-high-court-needs-concrete-evidence-to-prove-abetment-to"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-03/download---2026-03-01t122517.667.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>आत्महत्या के लिए उकसाने के जुर्म में, गोलमोल और आम आरोपों का कोई मतलब नहीं होता। इस जुर्म को साबित करने के लिए, गलत काम की पक्की जानकारी और सबूत रिकॉर्ड पर लाना ज़रूरी है, ऐसा मुंबई हाई कोर्ट का कहना है। नागपुर बेंच की जस्टिस उर्मिला जोशी-फाल्के ने एक केस पर अपने फैसले में साफ किया और आरोपी कपल के खिलाफ गैर-कानूनी एफआयआर और केस को रद्द कर दिया। </p>
<p> </p>
<p>यवतमाल के सचिन और मनीषा बागड़े के खिलाफ एफआयआर और केस दर्ज किया गया था। वे दूसरों के साथ मिलकर शादीशुदा महिला को शारीरिक और मानसिक रूप से टॉर्चर कर रहे थे। आरोप था कि इसी वजह से शादीशुदा महिला ने आत्महत्या कर ली।</p>
<p>हालांकि, शिकायत में टॉर्चर की तारीख, समय और तरीके की जानकारी नहीं थी। साथ ही, कोर्ट को ऐसा कोई सबूत नहीं मिला कि कपल का शादीशुदा महिला को आत्महत्या के लिए उकसाने का इरादा था और उन्होंने इसमें सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से कोई भूमिका निभाई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 01 Mar 2026 12:26:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : कांस्टेबल की पत्नी ने कर ली आत्महत्या; परिवार वालों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज</title>
                                    <description><![CDATA[<p>एक दुखद घटना में, मीरा भयंदर वसई विरार पुलिस कांस्टेबल की पत्नी ने कथित तौर पर अपने मीरा रोड वाले घर में आत्महत्या कर ली। उसके पति और उसके तीन परिवार वालों, जिसमें पिता, मां और बहन शामिल हैं, के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज किया गया है। इस कपल ने इसी साल अप्रैल में शादी की थी। महिला की पहचान स्वाति चाटे के तौर पर हुई है, और उसके पति प्रभु चाटे मीरा रोड के लखमी पार्क में किराए पर रहते थे। 2023 मीरा-भायंदर वसई विरार भर्ती अभियान में चुने जाने के बाद प्रभु ने कांस्टेबल के तौर पर काम किया।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/45896/mumbai--constable-s-wife-commits-suicide--case-of-abetment-to-suicide-filed-against-family-members"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-12/images---2025-12-01t115106.293.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>एक दुखद घटना में, मीरा भयंदर वसई विरार पुलिस कांस्टेबल की पत्नी ने कथित तौर पर अपने मीरा रोड वाले घर में आत्महत्या कर ली। उसके पति और उसके तीन परिवार वालों, जिसमें पिता, मां और बहन शामिल हैं, के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज किया गया है। इस कपल ने इसी साल अप्रैल में शादी की थी। महिला की पहचान स्वाति चाटे के तौर पर हुई है, और उसके पति प्रभु चाटे मीरा रोड के लखमी पार्क में किराए पर रहते थे। 2023 मीरा-भायंदर वसई विरार भर्ती अभियान में चुने जाने के बाद प्रभु ने कांस्टेबल के तौर पर काम किया।</p>
<p> </p>
<p>रिपोर्ट के मुताबिक, उनकी शादी में मुश्किल से एक हफ्ते में ही दिक्कतें शुरू हो गईं। शादी के आठवें दिन, प्रभु कथित तौर पर नशे में घर लौटा, जिससे स्वाति ने नाराज़गी जताई। उसने उसे शराब पीना बंद करने के लिए भी कहा; हालांकि, उसके बार-बार कहने के बावजूद, उसकी शराब पीने की समस्या जारी रही। इसके अलावा, स्वाति को अपने ससुराल वालों की तरफ से मानसिक परेशानी भी झेलनी पड़ी।</p>
<p>अपनी ननद की प्रेग्नेंसी के दौरान, स्वाति को परिवार की मदद के लिए पुणे भेज दिया गया था। इस दौरान, कहा जाता है कि उसे अपने ससुराल वालों, जिसमें उसके ससुर, सास और ननद शामिल थे, से लगातार शक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 01 Dec 2025 11:52:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : पहले आकस्मिक मृत्यु, फिर आत्महत्या के लिए प्रेरित और अब पुलिस ने माना हत्या !</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">मझगांव इलाके में 53 वर्षीय महिला की रहस्यमयी मौत के मामले ने अब एक नया और चौंकाने वाला मोड़ ले लिया है। पहले जिसे आत्महत्या माना जा रहा था, अब पुलिस ने उसे हत्या का मामला मानते हुए भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत हत्या की धाराएं जोड़ दी हैं। मुख्य आरोपी शोएब इम्तियाज खान उर्फ बॉबडा (27) को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/41262/mumbai--first-accidental-death--then-abetment-to-suicide-and-now-police-accepts-it-as-murder"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-06/download-(1)1.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई :</strong> मझगांव इलाके में 53 वर्षीय महिला की रहस्यमयी मौत के मामले ने अब एक नया और चौंकाने वाला मोड़ ले लिया है। पहले जिसे आत्महत्या माना जा रहा था, अब पुलिस ने उसे हत्या का मामला मानते हुए भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत हत्या की धाराएं जोड़ दी हैं। मुख्य आरोपी शोएब इम्तियाज खान उर्फ बॉबडा (27) को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस जांच में सामने आया कि मृतका गुलशन, जो उसकी मौसी थी, उसके साथ उसने कथित तौर पर विवाह किया था। जांच में खुलासा हुआ कि यह मौत आत्महत्या नहीं, बल्कि एक पूर्व नियोजित हत्या हो सकती है। शोएब का भाई जैद और उनकी मां रोशन खान भी मामले में सह आरोपी हैं और फिलहाल फरार हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस को मृतका के घर के बाथरूम के दरवाजे और चप्पलों पर खून के धब्बे मिले हैं, जिनके फॉरेंसिक जांच के लिए नमूने एकत्र किए गए हैं। यह मामला पहली बार 16 अप्रैल को मृतका के पति द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के बाद सामने आया था। शुरुआत में इसे आकस्मिक मौत माना गया, बाद में आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज हुआ, लेकिन अब सबूतों के आधार पर हत्या की धाराएं जोड़ी गईं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 12 Jun 2025 10:29:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में 3 बरी...   बॉम्बे हाई कोर्ट का बड़ा फैसला</title>
                                    <description><![CDATA[<p>अदालत ने कहा कि आरोपी व्यक्तियों द्वारा पीड़िता को आत्महत्या के लिए उकसाने या प्रेरित करने का कोई सबूत नहीं है। न्यायमूर्ति वाघवासे ने कहा, “ताने मारने और पैसे मांगने के सरल आरोप, जिसके बाद शारीरिक या मानसिक क्रूरता नहीं की गई, आत्महत्या के लिए उकसाने के लिए पर्याप्त नहीं होंगे।”</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/28046/3-acquitted-in-the-case-of-abetment-to-suicide----big-decision-of-bombay-high-court"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2024-01/download-(3)17.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई: </strong>बॉम्बे हाई कोर्ट की औरंगाबाद पीठ ने एक महिला को परेशान करने और उसे आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप से तीन लोगों को बरी करते हुए कहा कि महज ताना मारना क्रूरता नहीं है। अदालत ने 2001 में नंदुरबार सत्र अदालत द्वारा पारित आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें पीड़िता के पति, सास और देवर को आत्महत्या के लिए उकसाने और उत्पीड़न और क्रूरता के आरोप में दोषी ठहराया गया था।</p>
<p style="text-align:justify;">इस जोड़े ने मई 1993 में शादी की। शुरुआत में उनके बीच सब कुछ ठीक था। हालांकि, अभियोजन पक्ष ने दावा किया कि पति, उसकी मां और भाई ने महिला को ठीक से खाना न बनाने, घरेलू काम करने, खाना पकाने में बहुत अधिक समय लेने और अन्य काम करने के लिए ताना देना शुरू कर दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">अप्रैल 1994 में, महिला ने कथित तौर पर आत्मदाह करके आत्महत्या कर ली। न्यायमूर्ति अभय वाघवासे ने टिप्पणी की, “इस अदालत की सुविचारित राय में, केवल ताने मारना उत्पीड़न या मानसिक क्रूरता नहीं होगी।”</p>
<p style="text-align:justify;">अभियोजन पक्ष ने यह भी कहा कि आरोपी ने मृतक से अपने पिता से 10,000 रुपये लाने के लिए कहा। महिला के परिवार ने दावा किया कि उसने अपने ससुराल वालों और पति द्वारा उसके साथ किए गए दुर्व्यवहार से तंग आकर आत्मदाह करके आत्महत्या कर ली। हालाँकि, आरोपी ने दावा किया कि यह एक दुर्घटना थी।</p>
<p style="text-align:justify;">पीठ ने कहा कि यह दिखाने के लिए किसी भी सामग्री के अभाव में कि आरोपी व्यक्तियों ने पीड़िता को आग लगा दी, उन्हें दोषी ठहराना अन्यायपूर्ण होगा और यह धारणाएं और अनुमान लगाने के समान होगा। आत्महत्या के लिए उकसाने का कोई सबूत नहीं.</p>
<p style="text-align:justify;">इसमें यह भी कहा गया है कि उसे यह दिखाने के लिए कोई सबूत नहीं मिला है कि आरोपी व्यक्तियों ने उसे आत्महत्या के लिए उकसाया था या उसके साथ लगातार और इस हद तक दुर्व्यवहार किया था कि उसके पास अपना जीवन समाप्त करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था।</p>
<p style="text-align:justify;">अदालत ने कहा कि आरोपी व्यक्तियों द्वारा पीड़िता को आत्महत्या के लिए उकसाने या प्रेरित करने का कोई सबूत नहीं है। न्यायमूर्ति वाघवासे ने कहा, “ताने मारने और पैसे मांगने के सरल आरोप, जिसके बाद शारीरिक या मानसिक क्रूरता नहीं की गई, आत्महत्या के लिए उकसाने के लिए पर्याप्त नहीं होंगे।”</p>
<p style="text-align:justify;">अदालत ने अपने आदेश में कहा कि आरोपी व्यक्तियों के खिलाफ लगाए गए लगभग सभी आरोप यह हैं कि उन्होंने पीड़िता को उचित भोजन न बनाने, जल्दी न उठने, कपड़े न धोने और बहुत अधिक खाने के लिए ताना मारा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 24 Jan 2024 20:24:37 +0530</pubDate>
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