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                <title>FDA - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>FDA RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुंबई:  612 ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन मिलने से मचा हड़कंप, एफडीए ने की कार्रवाई</title>
                                    <description><![CDATA[<p>फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) की टीम ने शनिवार को उल्हासनगर में भैसों के तबेले पर कार्रवाई करते हुए 612 ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन ज़ब्त किया है। जब्त किया गया आक्सीटोसिन इंजेक्शन भैंसों का दूध बढ़ाने के लिए गैर-कानूनी तरीके से दिए जा रहे थे । इस मामले की गहन छानबीन एफडीआई की टीम कर रही है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50848/mumbai-612-there-was-a-stir-after-receiving-oxytocin-injection"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-07/images---2026-07-20t132814.002.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) की टीम ने शनिवार को उल्हासनगर में भैसों के तबेले पर कार्रवाई करते हुए 612 ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन ज़ब्त किया है। जब्त किया गया आक्सीटोसिन इंजेक्शन भैंसों का दूध बढ़ाने के लिए गैर-कानूनी तरीके से दिए जा रहे थे । इस मामले की गहन छानबीन एफडीआई की टीम कर रही है।</p>
<p> </p>
<p>इस मामले की छानबीन कर रहे एफडीए अधिकारी ने आज बताया कि एफडीए टीम को उल्हासनगर कैंप नंबर 3 के ओटी सेक्शन के जसलोक हाई स्कूल इलाके में प्रकाश वाधवानी के भैंसों के तबेले पर छापा मारा। इस छापे में, जानवरों को ज़्यादा दूध के लिए लगाए जाने वाले 612 गैर-कानूनी इंजेक्शन और इसके लिए इस्तेमाल होने वाली प्लास्टिक की बोतलों का बड़ा स्टॉक ज़ब्त किया गया है।</p>
<p>ऑक्सीटोसिन दवा का इस्तेमाल जानवरों की सेहत के लिए बहुत खतरनाक माना जाता है। इन इंजेक्शन से जानवरों को बहुत तकलीफ होती है। इतना ही नहीं, मेडिकल एक्सपट्र्स को डर है कि इस तरह ऑक्सीटोसिन वाला दूध पीने से इंसानी सेहत पर, खासकर छोटे बच्चों और प्रेग्नेंट महिलाओं पर गंभीर साइड इफ़ेक्ट हो सकते हैं। इसी वजह से सरकार ने कानूनन इस दवा की बिक्री और इस्तेमाल पर पूरी तरह से बैन लगा दिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Jul 2026 13:29:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : 4.12 करोड़ की दवाएं जब्त, एफडीए ने अवैध कारोबार का किया भंडाफोड़</title>
                                    <description><![CDATA[<p>अन्न व औषधि प्रशासन (एफडीए) ने अवैध दवा कारोबारियों पर बड़ी कार्रवाई की है। राज्यभर में 34 ठिकानों पर छापा मार कर 4.12 करोड़ रुपए मूल्य की अवैध दवाएं, सौंदर्य प्रसाधन और चिकित्सा सामग्री जब्त की गई है। जांचे गए 587 नमूनों में 35 दवाएं व उत्पाद अमानक पाए गए, जिन्हें तत्काल बाजार से रिकॉल करने के निर्देश दिए गए हैं। नौ एफआईआर दर्ज कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50565/mumbai-medicines-worth-rs-412-crore-seized-fda-busts-illegal"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-07/images---2026-07-06t122505.074.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>अन्न व औषधि प्रशासन (एफडीए) ने अवैध दवा कारोबारियों पर बड़ी कार्रवाई की है। राज्यभर में 34 ठिकानों पर छापा मार कर 4.12 करोड़ रुपए मूल्य की अवैध दवाएं, सौंदर्य प्रसाधन और चिकित्सा सामग्री जब्त की गई है। जांचे गए 587 नमूनों में 35 दवाएं व उत्पाद अमानक पाए गए, जिन्हें तत्काल बाजार से रिकॉल करने के निर्देश दिए गए हैं। नौ एफआईआर दर्ज कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। एफडीए के अनुसार पिछले जून महीने में चलाए गए अभियान के दौरान आपत्तिजनक दवा विज्ञापनों के खिलाफ आठ स्थानों पर कार्रवाई करते हुए 2.27 लाख रुपए मूल्य की दवाएं जब्त की गई हैं।</p>
<p> </p>
<p>बिना लाइसेंस दवाओं और प्रसाधन सामग्री के निर्माण व बिक्री के 15 मामलों में 2.32 करोड़ रुपए का सामान जब्त किया गया है। चिकित्सा उपकरण नियम, 2017 के तहत एक कार्रवाई में 1.26 करोड़ रुपए मूल्य की चिकित्सा सामग्री के भंडार पर प्रतिबंध लगाया गया। वहीं गलत लेबल वाली प्रसाधन सामग्री और दवाओं के तीन मामलों में छापेमारी कर 33.26 लाख रुपए मूल्य का स्टॉक जब्त किया गया है।</p>
<p>दवाओं की गुणवत्ता की निगरानी के लिए मुंबई, छत्रपति संभाजीनगर और नागपुर स्थित सरकारी औषधि परीक्षण प्रयोगशालाओं में जून के दौरान 587 नमूनों की जांच की गई। इनमें 552 नमूने मानक गुणवत्ता के पाए गए, जबकि 35 नमूनों को अमानक गुणवत्ता का घोषित किया गया है। इन उत्पादों में एलोपैथिक दवाएं, आयुर्वेदिक औषधियां, प्रसाधन सामग्री और चिकित्सा उपयोग के उत्पाद शामिल हैं।</p>
<p>एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे के अनुसार लोगों के स्वास्थ्य से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। नकली दवाओं, बिना लाइसेंस निर्माण-बिक्री, भ्रामक विज्ञापनों, चिकित्सा उपकरण नियमों के उल्लंघन और मादक दवाओं के दुरुपयोग के खिलाफ पूरे राज्य में अभियान जारी रहेगा। अवैध कारोबार में शामिल लोगों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी। संदिग्ध दवा, चिकित्सा उपकरण या अवैध बिक्री की जानकारी नागरिक टोल-फ्री नंबर 1800-222-365 पर दे सकते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 06 Jul 2026 12:25:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>महाराष्ट्र एफडीए और एटीएस की बड़ी कार्रवाई, जालना में 1,080 अल्प्राजोलम टैबलेट जब्त</title>
                                    <description><![CDATA[<p>साइकोट्रोपिक दवाओं की कथित गैर-कानूनी बिक्री के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन और एंटी-टेररिज्म स्क्वॉड ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए जालना में 1,080 अल्प्राजोलम टैबलेट जब्त की हैं। इस मामले में दो लोगों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई शुरू की गई है। अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में बिना चिकित्सकीय पर्चे और खरीद संबंधी रिकॉर्ड के नियंत्रित दवा की बिक्री के संकेत मिले हैं।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50479/major-action-by-maharashtra-fda-and-ats-1080-alprazolam-tablets"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-06/16medicine.webp" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>साइकोट्रोपिक दवाओं की कथित गैर-कानूनी बिक्री के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन और एंटी-टेररिज्म स्क्वॉड ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए जालना में 1,080 अल्प्राजोलम टैबलेट जब्त की हैं। इस मामले में दो लोगों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई शुरू की गई है। अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में बिना चिकित्सकीय पर्चे और खरीद संबंधी रिकॉर्ड के नियंत्रित दवा की बिक्री के संकेत मिले हैं।</p>
<p> </p>
<p>अधिकारियों ने बताया कि संयुक्त अभियान एक गोपनीय सूचना के आधार पर शुरू किया गया। सूचना में बताया गया था कि एंजिलम 0.5 नामक दवा का कथित रूप से गैर-कानूनी तरीके से वितरण और बिक्री की जा रही है। अल्प्राजोलम एक नियंत्रित साइकोट्रोपिक दवा है, जिसका उपयोग चिकित्सकीय सलाह के अनुसार किया जाता है। ऐसे में इसकी बिक्री और वितरण निर्धारित नियमों के तहत ही किया जा सकता है। कार्रवाई के दौरान जांच टीम ने सबसे पहले जालना में एक व्यक्ति को 240 अल्प्राजोलम टैबलेट के साथ पकड़ा। अधिकारियों के अनुसार, पूछताछ के दौरान वह व्यक्ति इन दवाओं से संबंधित कोई वैध डॉक्टर का प्रिस्क्रिप्शन, खरीद का बिल या दवा रखने का अधिकृत दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई गई कि टैबलेट कथित तौर पर गैर-कानूनी बिक्री के उद्देश्य से रखी गई थीं।</p>
<p>इसके बाद अधिकारियों ने उस व्यक्ति से पूछताछ की। जांच में कथित तौर पर यह जानकारी सामने आई कि टैबलेट जालना के कदराबाद रोड स्थित मेसर्स वसंत मेडिकल एंड जनरल स्टोर्स से बिना बिल के खरीदी गई थीं। इस जानकारी के आधार पर एफडीए और एटीएस की टीम ने संबंधित मेडिकल स्टोर पर छापेमारी की। छापे के दौरान अधिकारियों ने मेडिकल स्टोर से 840 और अल्प्राजोलम टैबलेट बरामद कीं। इस तरह दोनों स्थानों से कुल 1,080 टैबलेट जब्त की गईं। अधिकारियों ने जब्त की गई दवाओं को जांच के लिए अपने कब्जे में ले लिया है और मामले से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।</p>
<p>एफडीए के अधिकारियों का कहना है कि नियंत्रित दवाओं की बिक्री निर्धारित नियमों के अनुसार केवल अधिकृत चिकित्सकीय पर्चे पर ही की जा सकती है। यदि कोई मेडिकल स्टोर या व्यक्ति इन नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई की जाती है। इस मामले में भी उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अधिकारियों के अनुसार, मामले में दो आरोपियों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की जा रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि दवाओं की आपूर्ति का स्रोत क्या था और क्या इस कथित नेटवर्क से अन्य लोग भी जुड़े हुए हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि दवाओं की खरीद-बिक्री कितने समय से की जा रही थी और क्या अन्य स्थानों पर भी इसी प्रकार की गतिविधियां संचालित हो रही थीं।</p>
<p>एफडीए ने कहा कि राज्य में साइकोट्रोपिक और अन्य नियंत्रित दवाओं की अवैध बिक्री रोकने के लिए नियमित निगरानी अभियान चलाए जा रहे हैं। विभाग ने मेडिकल स्टोर संचालकों को भी निर्धारित नियमों का पालन करने और बिना वैध दस्तावेज किसी भी नियंत्रित दवा की बिक्री नहीं करने की सलाह दी है। अधिकारियों ने लोगों से भी अपील की है कि ऐसी दवाएं केवल पंजीकृत चिकित्सक की सलाह और वैध प्रिस्क्रिप्शन पर ही खरीदें। यदि कहीं नियंत्रित दवाओं की अवैध बिक्री की जानकारी मिलती है, तो उसकी सूचना संबंधित विभाग को दें ताकि समय पर कार्रवाई की जा सके। फिलहाल मामले की जांच जारी है। एफडीए और एटीएस यह पता लगाने में जुटे हैं कि इस कथित अवैध बिक्री से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका क्या रही और क्या इस नेटवर्क का दायरा जालना से बाहर भी फैला हुआ है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/50479/major-action-by-maharashtra-fda-and-ats-1080-alprazolam-tablets</link>
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                <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 12:36:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मुंबई : अंधेरी पश्चिम इलाके में मिलावटखोरों का खतरनाक खेल; पुलिस औ एफडीए की संयुक्त कार्रवाई</title>
                                    <description><![CDATA[<p>हैरानी की बात यह है कि पैकेट से निकाला गया शुद्ध दूध भी अलग से नकली पैकेट में भरकर बेचा जाता था यानी एक ही दूध से दोहरा मुनाफा कमाने का यह खतरनाक खेल लंबे समय से चल रहा था। इस मिलावटी दूध का सीधा खतरा शहर के बुजुर्गों, छोटे बच्चों और आम नागरिकों की सेहत पर मंडरा रहा है। कार्रवाई के दौरान कुल ६३७ लीटर दूध जब्त किया गया। इनमें से कुछ नमूने जांच के लिए सुरक्षित रखे गए हैं, जबकि लगभग ६२१ लीटर मिलावटी दूध को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। जब्त किए गए दूध की अनुमानित कीमत करीब ३७ हजार रुपए बताई गई है। गौरतलब है कि इससे पहले भी ३१ दिसंबर २०२५ के आस-पास अंधेरी-पश्चिम के कपासवाड़ी और फोर बंगलो इलाकों में इसी तरह की छापेमारी की गई थी। उस कार्रवाई में सात लोगों को गिरफ्तार किया गया था। अलग-अलग अभियानों में कुल १४ आरोपियों को पकड़ा जा चुका है और सरकार ने इस गिरोह के खिलाफ मकोका लगाने की घोषणा भी की है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49139/dangerous-game-of-adulterators-in-mumbai-andheri-west-area-joint"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/sdfsdf.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई :</strong> मुंबई में लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ का खतरनाक खेल लगातार सामने आ रहा है। शहर में दूध जैसे रोजमर्रा के जरूरी खाद्य पदार्थ में मिलावट का गोरखधंधा अब खुलेआम चल रहा है। अंधेरी पश्चिम इलाके में मिलावटखोरों का एक ऐसा ही ‘सफेद जहर’ का कारोबार पुलिस और खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) की संयुक्त कार्रवाई में बेनकाब हुआ है। कार्रवाई के दौरान मिलावटी दूध बनानेवाला एक अवैध ‘मिनी कारखाना’ पकड़ा गया और पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">गिरफ्तार किए गए आरोपियों में भास्कर बतुला, रामलिंग गज्जी, रमेश जवाजी, महेश मंडरा और अश्विनी मंडरा शामिल हैं। ये सभी आरोपी लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर मिलावटी दूध बेचकर मोटा मुनाफा कमा रहे थे। पुलिस को मिली गुप्त सूचना के आधार पर ९ अप्रैल की सुबह करीब ४:३० बजे अंधेरी-पश्चिम के नवजीत नगर इलाके में छापा मारा गया। छापेमारी के दौरान जो दृश्य सामने आया, उसने अधिकारियों को भी चौंका दिया। यहां बाकायदा एक ‘मिनी दूध कारखाना’ चलाया जा रहा था, जहां बड़े पैमाने पर दूध में मिलावट की जा रही थी।</p>
<p style="text-align:justify;">जांच के दौरान मौके से बड़ी मात्रा में दूध के पैकेट, पानी की बोतलें, कटे हुए पाउच और पैकेट सील करने के उपकरण बरामद किए गए। आरोपी नामी कंपनियों के दूध के पैकेट को ब्लेड से काटकर उसमें से कुछ मात्रा में शुद्ध दूध निकाल लेते थे और उसकी जगह अस्वच्छ पानी भर देते थे। इसके बाद मोमबत्ती और चिमटे की मदद से पैकेट को दोबारा सील कर बाजार में बेच दिया जाता था।<br />हैरानी की बात यह है कि पैकेट से निकाला गया शुद्ध दूध भी अलग से नकली पैकेट में भरकर बेचा जाता था यानी एक ही दूध से दोहरा मुनाफा कमाने का यह खतरनाक खेल लंबे समय से चल रहा था। इस मिलावटी दूध का सीधा खतरा शहर के बुजुर्गों, छोटे बच्चों और आम नागरिकों की सेहत पर मंडरा रहा है।<br />६३७ लीटर दूध जब्त<br />कार्रवाई के दौरान कुल ६३७ लीटर दूध जब्त किया गया। इनमें से कुछ नमूने जांच के लिए सुरक्षित रखे गए हैं, जबकि लगभग ६२१ लीटर मिलावटी दूध को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। जब्त किए गए दूध की अनुमानित कीमत करीब ३७ हजार रुपए बताई गई है। गौरतलब है कि इससे पहले भी ३१ दिसंबर २०२५ के आस-पास अंधेरी-पश्चिम के कपासवाड़ी और फोर बंगलो इलाकों में इसी तरह की छापेमारी की गई थी। उस कार्रवाई में सात लोगों को गिरफ्तार किया गया था। अलग-अलग अभियानों में कुल १४ आरोपियों को पकड़ा जा चुका है और सरकार ने इस गिरोह के खिलाफ मकोका लगाने की घोषणा भी की है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/49139/dangerous-game-of-adulterators-in-mumbai-andheri-west-area-joint</link>
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                <pubDate>Sun, 12 Apr 2026 11:38:57 +0530</pubDate>
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