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                <title>schools - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>schools RSS Feed</description>
                
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                <title>ठाणे के स्कूलों में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत बच्चों ने बनाई तिरंगा राखी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>देशभर में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर चलाए जा रहे ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत ठाणे में स्कूली बच्चों को देशभक्ति से जोड़ने के लिए कई रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। केंद्र और राज्य सरकारों की गाइडलाइंस के अनुसार 9 अगस्त से 15 अगस्त 2026 तक चल रहे इस अभियान के तहत ठाणे म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के स्कूलों में भी विद्यार्थियों के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में छात्रों के लिए ‘तिरंगा राखी बनाने’ की विशेष पहल की गई, जिसमें बच्चों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51285/children-made-tricolor-rakhi-under-har-ghar-tiranga-campaign-in"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-08/images---2026-08-11t110952.281.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>ठाणे।</strong> देशभर में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर चलाए जा रहे ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत ठाणे में स्कूली बच्चों को देशभक्ति से जोड़ने के लिए कई रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। केंद्र और राज्य सरकारों की गाइडलाइंस के अनुसार 9 अगस्त से 15 अगस्त 2026 तक चल रहे इस अभियान के तहत ठाणे म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के स्कूलों में भी विद्यार्थियों के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में छात्रों के लिए ‘तिरंगा राखी बनाने’ की विशेष पहल की गई, जिसमें बच्चों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया।</p>
<p>टीएमसी के अलग-अलग म्युनिसिपल स्कूलों में कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों ने तिरंगा राखी तैयार की। इस गतिविधि के दौरान बच्चों ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया और तिरंगे के तीनों रंगों के माध्यम से देशभक्ति का संदेश देने की कोशिश की। रचनात्मक गतिविधि के जरिए देशभक्ति का संदेश स्कूलों में आयोजित इस गतिविधि का उद्देश्य बच्चों को केवल स्वतंत्रता दिवस के महत्व से परिचित कराना ही नहीं, बल्कि उन्हें राष्ट्रीय एकता और देश के प्रति जिम्मेदारी की भावना से जोड़ना भी रहा। शिक्षकों ने बच्चों को बताया कि भारतीय राष्ट्रीय ध्वज केवल एक झंडा नहीं, बल्कि देश की एकता, स्वतंत्रता और गौरव का प्रतीक है।<br />बच्चों को तिरंगे के केसरिया, सफेद और हरे रंग के महत्व के बारे में भी जानकारी दी गई। शिक्षकों ने राखी बनाने की पूरी प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से समझाया, जिसके बाद विद्यार्थियों ने स्वयं राखियां तैयार कीं। इस दौरान बच्चों ने रंगीन सामग्री का इस्तेमाल करते हुए अलग-अलग डिजाइन की राखियां बनाईं। कई विद्यार्थियों ने राखियों में तिरंगे के रंगों के साथ राष्ट्रीय प्रतीकों और देशभक्ति से जुड़े संदेशों को भी शामिल किया।</p>
<p>स्कूलों में शिक्षकों ने बच्चों की मदद की और उन्हें सुरक्षित तरीके से सामग्री का इस्तेमाल करने की जानकारी दी। गतिविधि के दौरान बच्चों को टीम में काम करने और एक-दूसरे की मदद करने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया। तिरंगे के रंगों का बताया महत्व कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों ने बच्चों को भारतीय तिरंगे में शामिल तीन प्रमुख रंगों के महत्व के बारे में बताया। उन्हें समझाया गया कि राष्ट्रीय ध्वज देश की विविधता में एकता और लोकतांत्रिक मूल्यों का प्रतीक है। बच्चों को यह भी बताया गया कि स्वतंत्रता दिवस केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं है, बल्कि देश की आजादी के लिए संघर्ष करने वाले स्वतंत्रता सेनानियों को याद करने और राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों को समझने का दिन भी है। इस तरह तिरंगा राखी बनाने जैसी गतिविधि के माध्यम से विद्यार्थियों को इतिहास, राष्ट्रीय प्रतीकों और देशभक्ति से जोड़ने का प्रयास किया गया। ‘</p>
<p>हर घर तिरंगा’ अभियान से जुड़ रहे विद्यार्थी ‘हर घर तिरंगा’ अभियान का उद्देश्य स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर नागरिकों को राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान और देशभक्ति की भावना से जोड़ना है। ठाणे में नगर निगम के स्कूलों में आयोजित गतिविधियों के जरिए बच्चों को भी इस अभियान का सक्रिय हिस्सा बनाया जा रहा है। स्कूल स्तर पर होने वाली गतिविधियां बच्चों के बीच राष्ट्रीय पर्व को लेकर उत्साह बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। तिरंगा राखी के माध्यम से विद्यार्थियों को अपने घर और आसपास के लोगों के साथ भी अभियान का संदेश साझा करने का अवसर मिलेगा। राष्ट्रीय एकता की भावना मजबूत करने की कोशिश नगर निगम स्कूलों में आयोजित इस पहल का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य बच्चों में राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करना भी है। अलग-अलग सामाजिक और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि से आने वाले विद्यार्थी एक साथ बैठकर तिरंगा राखी बनाते नजर आए। शिक्षकों ने बच्चों को समझाया कि भारत की ताकत उसकी विविधता में है और देश के सभी नागरिकों को एक-दूसरे का सम्मान करते हुए मिल-जुलकर आगे बढ़ना चाहिए। रचनात्मक गतिविधि के जरिए यह संदेश बच्चों तक सरल और रोचक तरीके से पहुंचाने की कोशिश की गई। </p>
<p><strong>कला के साथ सीखने का अवसर </strong><br />तिरंगा राखी बनाने की गतिविधि बच्चों के लिए कला और शिक्षा का मिश्रण रही। इससे विद्यार्थियों को हाथों से काम करने, रंगों का संयोजन समझने और अपनी कल्पना को रचनात्मक रूप देने का अवसर मिला। शिक्षकों के अनुसार, इस तरह की गतिविधियां बच्चों में आत्मविश्वास और सहयोग की भावना विकसित करने में भी मदद करती हैं। जब बच्चे स्वयं कोई वस्तु तैयार करते हैं तो उनमें उपलब्धि और जिम्मेदारी की भावना भी पैदा होती है। स्वतंत्रता दिवस से पहले माहौल देशभक्ति से सराबोर 15 अगस्त से पहले ठाणे के म्युनिसिपल स्कूलों में आयोजित गतिविधियों से स्कूलों का माहौल देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आ रहा है।</p>
<p>तिरंगा राखी बनाने के साथ विद्यार्थियों को राष्ट्रीय ध्वज और स्वतंत्रता दिवस से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी जा रही है। नगर निगम की इस पहल से बच्चों को राष्ट्रीय पर्व के साथ जोड़ने और उन्हें देश की एकता तथा अखंडता का महत्व समझाने का प्रयास किया गया है। कुल मिलाकर, ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत तिरंगा राखी बनाने की पहल ने ठाणे के स्कूलों में स्वतंत्रता दिवस की तैयारियों को रचनात्मक और उत्साहपूर्ण बना दिया है। बच्चों की भागीदारी से यह संदेश भी सामने आया कि देशभक्ति की भावना को केवल भाषणों तक सीमित रखने के बजाय रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से भी नई पीढ़ी तक पहुंचाया जा सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 11 Aug 2026 11:11:04 +0530</pubDate>
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                <title>मुंबई: बिना लाइसेंस स्कूलों में भोजन आपूर्ति पर रोक</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र में स्कूली बच्चों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने बड़ा फैसला लिया है। विभाग के आयुक्त तुकाराम मुंढे ने घोषणा की है कि अब बिना खाद्य लाइसेंस के किसी भी स्कूल, छात्रावास या आंगनवाड़ी में भोजन की आपूर्ति नहीं की जा सकेगी। यह नियम सरकारी, अर्धसरकारी, अनुदानित और गैर-अनुदानित सभी स्कूलों पर लागू होगा।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51047/mumbai-bans-supply-of-food-to-unlicensed-schools"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-07/images---2026-07-30t120216.940.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>महाराष्ट्र में स्कूली बच्चों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने बड़ा फैसला लिया है। विभाग के आयुक्त तुकाराम मुंढे ने घोषणा की है कि अब बिना खाद्य लाइसेंस के किसी भी स्कूल, छात्रावास या आंगनवाड़ी में भोजन की आपूर्ति नहीं की जा सकेगी। यह नियम सरकारी, अर्धसरकारी, अनुदानित और गैर-अनुदानित सभी स्कूलों पर लागू होगा।</p>
<p> </p>
<p>मुंबई में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में तुकाराम मुंढे ने बताया कि राज्य में खाद्य सुरक्षा को लेकर लगातार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में करीब 2 करोड़ स्कूली छात्र हैं और उन्हें सुरक्षित, पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि स्कूल पोषण आहार से जुड़े नियम वर्ष 2020 में बनाए गए थे और 2021 से लागू हैं। अब इन नियमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है। </p>
<p>मुंढे ने कहा कि स्कूलों में भोजन की गुणवत्ता को लेकर कई स्तरों पर भ्रम की स्थिति थी कि किस विभाग की क्या जिम्मेदारी होगी। इसे दूर करने के लिए नई व्यवस्था लागू की जा रही है। इसके तहत स्कूलों, छात्रावासों, कैंटीनों और आंगनवाड़ियों में भोजन उपलब्ध कराने वाले सभी संस्थानों और आपूर्तिकर्ताओं के लिए खाद्य लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना वैध खाद्य लाइसेंस के कोई भी व्यक्ति या संस्था स्कूलों, छात्रावासों या आंगनवाड़ियों में भोजन की आपूर्ति नहीं कर सकेगी। यदि कोई इस नियम का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p>आयुक्त ने कहा कि विभाग का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि बच्चों तक सुरक्षित और पौष्टिक भोजन पहुंचाना है। इसके लिए राज्यभर में निरीक्षण अभियान और खाद्य सुरक्षा जांच लगातार जारी रहेगी। सरकार चाहती है कि विद्यार्थियों के स्वास्थ्य से किसी भी तरह का समझौता न हो और सभी शैक्षणिक संस्थान निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Jul 2026 12:03:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>भिवंडी के 51 स्कूलों में सीसीटीवी लगाने की तैयारी, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल</title>
                                    <description><![CDATA[<p>भिवंडी-निज़ामपुर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के बिजली विभाग ने शहर के 51 स्कूल भवनों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए लगभग 75 लाख रुपये का प्रस्ताव तैयार किया है। इस प्रस्ताव को मंजूरी और फंडिंग के लिए जिला योजना समिति को भेजा गया है। हालांकि, स्कूलों में सुरक्षा गार्ड की नियुक्ति को लेकर अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाई है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49343/preparation-to-install-cctv-in-51-schools-of-bhiwandi-questions"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-20t134455.239.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>भिवंडी : </strong>भिवंडी-निज़ामपुर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के बिजली विभाग ने शहर के 51 स्कूल भवनों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए लगभग 75 लाख रुपये का प्रस्ताव तैयार किया है। इस प्रस्ताव को मंजूरी और फंडिंग के लिए जिला योजना समिति को भेजा गया है। हालांकि, स्कूलों में सुरक्षा गार्ड की नियुक्ति को लेकर अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाई है।</p>
<p> </p>
<p>राज्य सरकार के निर्देशों के बावजूद, जिनमें स्कूलों में सीसीटीवी सर्विलांस अनिवार्य करने की बात कही गई है, भिवंडी के कई सिविक स्कूल अभी भी बुनियादी सुरक्षा ढांचे के बिना संचालित हो रहे हैं। कैमरे और सुरक्षा कर्मियों की कमी को लेकर गंभीर चिंता जताई जा रही है, क्योंकि इससे हजारों छात्रों और स्कूल संपत्तियों की सुरक्षा पर खतरा बना हुआ है। फिलहाल, बीएनएमसी कुल 97 स्कूलों का संचालन कर रही है, जिनमें 46 भवनों में 86 प्राथमिक और 11 माध्यमिक विद्यालय शामिल हैं। इन स्कूलों में कुल 24,563 छात्र पढ़ते हैं। लेकिन कई स्कूलों में चोरी, तोड़फोड़ और अनधिकृत प्रवेश की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं।</p>
<p>स्कूल अधिकारियों के अनुसार स्थिति गंभीर होती जा रही है। एक शिक्षक ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि लगातार हो रही चोरी की घटनाओं के कारण जरूरी सामान अक्सर सुरक्षा के लिए स्कूल परिसर के बाहर रखा जाता है। वहीं एक सेंटर हेड ने बताया कि आसपास के बच्चे बिना अनुमति स्कूल परिसर में प्रवेश कर खेलते हैं, जिससे भवन और अन्य संरचनाओं को नुकसान पहुंचता है। कई मामलों में सेंधमारी के बाद कंप्यूटर और अन्य कीमती सामान भी चोरी हो चुके हैं।</p>
<p>हालांकि स्थानीय पुलिस थानों में शिकायतें दर्ज कराई गई हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। प्रशासनिक कार्रवाई के अभाव में स्कूल स्टाफ और स्थानीय लोगों को खुद आगे आकर स्थिति संभालनी पड़ रही है। कुछ जगहों पर लोगों ने अपने स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था शुरू की है। नारली तालाब भवन में, जहां छह सिविक स्कूल संचालित होते हैं, शिक्षकों ने मिलकर अपने खर्च पर सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं।</p>
<p>इसी तरह एक पूर्व छात्र ने स्कूल नंबर 45 में कैमरे लगाने के लिए आर्थिक मदद दी, जो यह दिखाता है कि प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई की कमी के कारण स्थानीय स्तर पर पहल करनी पड़ रही है। इस पूरे मामले ने भिवंडी के सरकारी स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रस्ताव तैयार होने के बावजूद फंडिंग और गार्ड्स की नियुक्ति पर निर्णय न होने से स्थिति अनिश्चित बनी हुई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/49343/preparation-to-install-cctv-in-51-schools-of-bhiwandi-questions</link>
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                <pubDate>Mon, 20 Apr 2026 13:45:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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                <title>मुंबई में 164 स्कूल बिना इजाज़त के; हज़ारों स्टूडेंट्स का भविष्य अधर में</title>
                                    <description><![CDATA[<p>एक चौंकाने वाली बात सामने आई है कि मुंबई में 164 स्कूल बिना इजाज़त के हैं। इन स्कूलों में स्टूडेंट्स का भविष्य अधर में लटका हुआ है और म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन 48 स्कूलों को मंज़ूरी दिलाने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, यह प्रपोज़ल अक्टूबर 2025 से राज्य सरकार के पास पेंडिंग होने की वजह से स्टूडेंट्स और पेरेंट्स में चिंता बढ़ गई है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49283/164-schools-in-mumbai-open-without-permission-future-of-thousands"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-18t130923.658.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>एक चौंकाने वाली बात सामने आई है कि मुंबई में 164 स्कूल बिना इजाज़त के हैं। इन स्कूलों में स्टूडेंट्स का भविष्य अधर में लटका हुआ है और म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन 48 स्कूलों को मंज़ूरी दिलाने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, यह प्रपोज़ल अक्टूबर 2025 से राज्य सरकार के पास पेंडिंग होने की वजह से स्टूडेंट्स और पेरेंट्स में चिंता बढ़ गई है। म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के एक सर्वे में शुरू में 2022-23 एकेडमिक ईयर में 269 बिना इजाज़त वाले स्कूल मिले थे। उसके बाद, कुछ स्कूलों ने डॉक्यूमेंट्स पूरे किए, कुछ के खिलाफ एक्शन लिया गया, जबकि कुछ स्कूलों को बंद कर दिया गया। फिर भी, यह साफ़ है कि 164 स्कूल अभी भी बिना इजाज़त के हैं।</p>
<p> </p>
<p>मुंबई में 164 स्कूल बिना इजाज़त के हैं। खास बात यह है कि बाकी 48 स्कूलों को मंज़ूरी देने का मामला अभी भी पेंडिंग है। अगर इन स्कूलों को मंज़ूरी मिल जाती है तो हज़ारों स्टूडेंट्स को राहत मिल सकती है। लेकिन सरकार के फ़ैसले के इंतज़ार में स्टूडेंट्स का पढ़ाई का भविष्य पक्का नहीं है। म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ने इन स्टूडेंट्स को दूसरे मंज़ूर स्कूलों में एडमिशन देने का ऑप्शन भी सोच-समझकर रखा है।</p>
<p>हालांकि, शिक्षा के अधिकार का मुद्दा उठाते हुए पेरेंट्स तुरंत फ़ैसले की मांग कर रहे हैं। स्कूल तो अनऑथराइज़्ड है, लेकिन स्टूडेंट्स का क्या कसूर है? ऐसा सवाल अब उठ रहा है, और आलोचना हो रही है कि एडमिनिस्ट्रेटिव देरी का सीधा असर स्टूडेंट्स पर पड़ रहा है। राज्य सरकार को एजुकेशन सिस्टम के इस गंभीर मुद्दे पर तुरंत ध्यान देने की ज़रूरत है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 18 Apr 2026 13:10:16 +0530</pubDate>
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