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                <title>schools - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>schools RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>भिवंडी के 51 स्कूलों में सीसीटीवी लगाने की तैयारी, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल</title>
                                    <description><![CDATA[<p>भिवंडी-निज़ामपुर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के बिजली विभाग ने शहर के 51 स्कूल भवनों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए लगभग 75 लाख रुपये का प्रस्ताव तैयार किया है। इस प्रस्ताव को मंजूरी और फंडिंग के लिए जिला योजना समिति को भेजा गया है। हालांकि, स्कूलों में सुरक्षा गार्ड की नियुक्ति को लेकर अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाई है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49343/preparation-to-install-cctv-in-51-schools-of-bhiwandi-questions"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-20t134455.239.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>भिवंडी : </strong>भिवंडी-निज़ामपुर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के बिजली विभाग ने शहर के 51 स्कूल भवनों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए लगभग 75 लाख रुपये का प्रस्ताव तैयार किया है। इस प्रस्ताव को मंजूरी और फंडिंग के लिए जिला योजना समिति को भेजा गया है। हालांकि, स्कूलों में सुरक्षा गार्ड की नियुक्ति को लेकर अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाई है।</p>
<p> </p>
<p>राज्य सरकार के निर्देशों के बावजूद, जिनमें स्कूलों में सीसीटीवी सर्विलांस अनिवार्य करने की बात कही गई है, भिवंडी के कई सिविक स्कूल अभी भी बुनियादी सुरक्षा ढांचे के बिना संचालित हो रहे हैं। कैमरे और सुरक्षा कर्मियों की कमी को लेकर गंभीर चिंता जताई जा रही है, क्योंकि इससे हजारों छात्रों और स्कूल संपत्तियों की सुरक्षा पर खतरा बना हुआ है। फिलहाल, बीएनएमसी कुल 97 स्कूलों का संचालन कर रही है, जिनमें 46 भवनों में 86 प्राथमिक और 11 माध्यमिक विद्यालय शामिल हैं। इन स्कूलों में कुल 24,563 छात्र पढ़ते हैं। लेकिन कई स्कूलों में चोरी, तोड़फोड़ और अनधिकृत प्रवेश की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं।</p>
<p>स्कूल अधिकारियों के अनुसार स्थिति गंभीर होती जा रही है। एक शिक्षक ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि लगातार हो रही चोरी की घटनाओं के कारण जरूरी सामान अक्सर सुरक्षा के लिए स्कूल परिसर के बाहर रखा जाता है। वहीं एक सेंटर हेड ने बताया कि आसपास के बच्चे बिना अनुमति स्कूल परिसर में प्रवेश कर खेलते हैं, जिससे भवन और अन्य संरचनाओं को नुकसान पहुंचता है। कई मामलों में सेंधमारी के बाद कंप्यूटर और अन्य कीमती सामान भी चोरी हो चुके हैं।</p>
<p>हालांकि स्थानीय पुलिस थानों में शिकायतें दर्ज कराई गई हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। प्रशासनिक कार्रवाई के अभाव में स्कूल स्टाफ और स्थानीय लोगों को खुद आगे आकर स्थिति संभालनी पड़ रही है। कुछ जगहों पर लोगों ने अपने स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था शुरू की है। नारली तालाब भवन में, जहां छह सिविक स्कूल संचालित होते हैं, शिक्षकों ने मिलकर अपने खर्च पर सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं।</p>
<p>इसी तरह एक पूर्व छात्र ने स्कूल नंबर 45 में कैमरे लगाने के लिए आर्थिक मदद दी, जो यह दिखाता है कि प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई की कमी के कारण स्थानीय स्तर पर पहल करनी पड़ रही है। इस पूरे मामले ने भिवंडी के सरकारी स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रस्ताव तैयार होने के बावजूद फंडिंग और गार्ड्स की नियुक्ति पर निर्णय न होने से स्थिति अनिश्चित बनी हुई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/49343/preparation-to-install-cctv-in-51-schools-of-bhiwandi-questions</link>
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                <pubDate>Mon, 20 Apr 2026 13:45:55 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>मुंबई में 164 स्कूल बिना इजाज़त के; हज़ारों स्टूडेंट्स का भविष्य अधर में</title>
                                    <description><![CDATA[<p>एक चौंकाने वाली बात सामने आई है कि मुंबई में 164 स्कूल बिना इजाज़त के हैं। इन स्कूलों में स्टूडेंट्स का भविष्य अधर में लटका हुआ है और म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन 48 स्कूलों को मंज़ूरी दिलाने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, यह प्रपोज़ल अक्टूबर 2025 से राज्य सरकार के पास पेंडिंग होने की वजह से स्टूडेंट्स और पेरेंट्स में चिंता बढ़ गई है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49283/164-schools-in-mumbai-open-without-permission-future-of-thousands"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-18t130923.658.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>एक चौंकाने वाली बात सामने आई है कि मुंबई में 164 स्कूल बिना इजाज़त के हैं। इन स्कूलों में स्टूडेंट्स का भविष्य अधर में लटका हुआ है और म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन 48 स्कूलों को मंज़ूरी दिलाने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, यह प्रपोज़ल अक्टूबर 2025 से राज्य सरकार के पास पेंडिंग होने की वजह से स्टूडेंट्स और पेरेंट्स में चिंता बढ़ गई है। म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के एक सर्वे में शुरू में 2022-23 एकेडमिक ईयर में 269 बिना इजाज़त वाले स्कूल मिले थे। उसके बाद, कुछ स्कूलों ने डॉक्यूमेंट्स पूरे किए, कुछ के खिलाफ एक्शन लिया गया, जबकि कुछ स्कूलों को बंद कर दिया गया। फिर भी, यह साफ़ है कि 164 स्कूल अभी भी बिना इजाज़त के हैं।</p>
<p> </p>
<p>मुंबई में 164 स्कूल बिना इजाज़त के हैं। खास बात यह है कि बाकी 48 स्कूलों को मंज़ूरी देने का मामला अभी भी पेंडिंग है। अगर इन स्कूलों को मंज़ूरी मिल जाती है तो हज़ारों स्टूडेंट्स को राहत मिल सकती है। लेकिन सरकार के फ़ैसले के इंतज़ार में स्टूडेंट्स का पढ़ाई का भविष्य पक्का नहीं है। म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ने इन स्टूडेंट्स को दूसरे मंज़ूर स्कूलों में एडमिशन देने का ऑप्शन भी सोच-समझकर रखा है।</p>
<p>हालांकि, शिक्षा के अधिकार का मुद्दा उठाते हुए पेरेंट्स तुरंत फ़ैसले की मांग कर रहे हैं। स्कूल तो अनऑथराइज़्ड है, लेकिन स्टूडेंट्स का क्या कसूर है? ऐसा सवाल अब उठ रहा है, और आलोचना हो रही है कि एडमिनिस्ट्रेटिव देरी का सीधा असर स्टूडेंट्स पर पड़ रहा है। राज्य सरकार को एजुकेशन सिस्टम के इस गंभीर मुद्दे पर तुरंत ध्यान देने की ज़रूरत है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 18 Apr 2026 13:10:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मुंबई : 1252 में से 827 स्कूल अयोग्य पाए गए; मान्यता खतरे में, टीचरों का भविष्य अनिश्चित  </title>
                                    <description><![CDATA[<p>राज्य के 1252 स्कूल जिन्हें साल 2000 में परमानेंट अनएडेड बेसिस पर मंज़ूरी मिली थी, लेकिन इवैल्यूएशन में बार-बार अयोग्य पाए गए। सरकार ने ऐसे 827 बैच को परमानेंट तौर पर अयोग्य घोषित कर दिया है और उनकी मान्यता रद्द कर दी जाएगी। सरकार के इस फ़ैसले से टीचरों का भविष्य खतरे में पड़ गया है। राज्य में करीब 6,000 प्राइमरी, सेकेंडरी और हायर सेकेंडरी स्कूल हैं।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49005/mumbai-827-schools-out-of-1252-found-ineligible-recognition-in"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download-(47).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई :</strong> राज्य के 1252 स्कूल जिन्हें साल 2000 में परमानेंट अनएडेड बेसिस पर मंज़ूरी मिली थी, लेकिन इवैल्यूएशन में बार-बार अयोग्य पाए गए। सरकार ने ऐसे 827 बैच को परमानेंट तौर पर अयोग्य घोषित कर दिया है और उनकी मान्यता रद्द कर दी जाएगी। सरकार के इस फ़ैसले से टीचरों का भविष्य खतरे में पड़ गया है। राज्य में करीब 6,000 प्राइमरी, सेकेंडरी और हायर सेकेंडरी स्कूल हैं। स्कूलों को साल 2000 में परमानेंट अनएडेड बेसिस पर मान्यता दी गई थी। हालांकि, कई स्कूल, जिनका परमानेंट शब्द हटा दिया गया था, उन्हें इवैल्यूएशन के बाद धीरे-धीरे ग्रांट मिल रही है। हालांकि, सरकार ने उन स्कूलों को परमानेंट तौर पर अयोग्य घोषित कर दिया है जो बार-बार मौका देने के बावजूद अयोग्य हो गए हैं और कहा है कि ये स्कूल एक महीने के अंदर सेल्फ-फाइनेंसिंग बेसिस पर मान्यता ले लें वरना स्कूल को हमेशा के लिए बंद कर दिया जाएगा। साथ ही, इन स्कूलों के स्टूडेंट्स को पास के स्कूल में एडजस्ट करने का फ़ैसला लिया जाएगा।</p>
<p> </p>
<p> </p>
<p>सरकार ने 1 अप्रैल, 2026 तक एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया पूरा न करने वाले स्कूलों के खिलाफ एक्शन लेने का फैसला किया है। अगर कोई स्कूल लगातार 3 साल तक असेसमेंट में अयोग्य पाया जाता है, तो उसकी मान्यता या परमिशन कैंसल कर दी जाएगी। इन स्कूलों को अब सेल्फ-फाइनेंस्ड एक्ट के प्रोविजन के अनुसार सरकारी मान्यता के लिए अप्लाई करने के लिए 30 अप्रैल, 2026 तक की डेडलाइन दी गई है।</p>
<p>टीचरों के लिए बेरोजगारी का समय इस फैसले ने उन हजारों टीचरों का भविष्य बर्बाद कर दिया है जो बीस साल से ज्यादा समय से बिना सैलरी के इस बेकार उम्मीद के साथ काम कर रहे हैं कि उन्हें कभी न कभी सैलरी मिल जाएगी। इंसानियत के नजरिए से, यह मांग है कि इन लोगों को एडेड स्कूलों में एडजस्ट किया जाए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 06 Apr 2026 13:52:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>ठाणे : स्कूलों के पास सिगरेट-गुटखा बेचने वालों की अब खैर नहीं, नगर परिषद ने शुरू किया बड़ा ‘सफाई’ अभियान</title>
                                    <description><![CDATA[<p>ठाणे जिले में स्थित अंबरनाथ नगर परिषद ने स्कूली छात्रों को नशे के जाल से बचाने के लिए एक बड़ा और सख्त कदम उठाया है। अंबरनाथ नगर परिषद प्रशासन ने सिगरेट और तंबाकू उत्पादों की बिक्री रोकने के लिए सख्त कदम उठाने का फैसला किया है। छात्रों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले गंभीर दुष्प्रभावों को देखते हुए इसकी बिक्री के खिलाफ एक विशेष अभियान शुरू कर दिया गया है और संबंधित पान की दुकानों के खिलाफ कार्रवाई करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48773/those-selling-cigarettes-and-gutkha-near-thane-schools-are-no"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-03/download---2026-03-28t105839.277.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>ठाणे :</strong> ठाणे जिले में स्थित अंबरनाथ नगर परिषद ने स्कूली छात्रों को नशे के जाल से बचाने के लिए एक बड़ा और सख्त कदम उठाया है। अंबरनाथ नगर परिषद प्रशासन ने सिगरेट और तंबाकू उत्पादों की बिक्री रोकने के लिए सख्त कदम उठाने का फैसला किया है। छात्रों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले गंभीर दुष्प्रभावों को देखते हुए इसकी बिक्री के खिलाफ एक विशेष अभियान शुरू कर दिया गया है और संबंधित पान की दुकानों के खिलाफ कार्रवाई करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह निर्णय नगर परिषद की अध्यक्ष तेजश्री करंजुले-पाटिल और मुख्याधिकारी उमाकांत गायकवाड़ की बैठक में लिया गया था।</p>
<p> </p>
<p>पिछले कुछ वर्षों में अंबरनाथ शहर में गांजा और अन्य नशीले पदार्थों की आपूर्ति और बिक्री के मामले पुलिस द्वारा दर्ज किए जा रहे हैं। इसके अलावा नशीले पदार्थों के विक्रेता स्कूलों के पास पान के पत्ते रखकर छात्रों को नशे के जाल में फंसाने की कोशिश कर रहे हैं। इसलिए छात्रों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए अंबरनाथ नगरपालिका ने स्कूलों और मंदिरों के 100 मीटर के दायरे में सिगरेट, गुटखा और तंबाकू की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है। </p>
<p><strong>नियमों को उल्लघंन किया तो हाेगी कार्रवाई</strong><br />इस अभियान के तहत, स्कूलों के पास बिक्री करने वाले दुकानदारों को पहले नोटिस दिया जाएगा। इसके बाद भी यदि नियमों का उल्लंघन जारी रहता है, तो जुर्माना और लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी। सिगरेट और तंबाकू का सेवन छात्रों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। यह आदत जो कम उम्र में शुरू होती है, बाद में लत में बदल जाती है और कैंसर, श्वसन संबंधी बीमारियों और अन्य गंभीर बीमारियों का कारण बनती है।</p>
<p><strong>छात्रों पर पड़ रहा प्रतिकूल प्रभाव</strong><br />अंबरनाथ नगर परिषद अध्यक्ष तेजश्री करंजुले ने बताया कि यह अभियान इसलिए चलाया जा रहा है क्योंकि इसका विद्यालय के वातावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। यह कार्रवाई नगर परिषद के अतिक्रमण विभाग, स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की संयुक्त टीम द्वारा की जाएगी। नागरिकों से भी ऐसी बिक्री के बारे में जानकारी देकर सहयोग करने की अपील की गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य छात्रों के स्वास्थ्य की रक्षा करना और तंबाकू मुक्त वातावरण बनाना है। नपा के मुख्याधिकारी उमाकांत गायकवाड़ के आदेशानुसार नपा के अवैध निर्माण तोडू दस्ते के प्रमुख नरेंद्र सखें की टीम ने टपरियों को हटाने तथा तोड़क कार्रवाई शुरू कर दी है।</p>
<p><strong>नारे नहीं, सड़कों पर कार्रवाई की जरूरत है</strong><br />वर्तमान स्थिति में अंबरनाथ शहर के विभिन्न हिस्सों में कई स्कूलों के पास सिगरेट और तंबाकू बेचने वाले दर्जनों स्टॉल मौजूद हैं। स्कूलों द्वारा नगर पालिका से बार-बार शिकायत करने के बावजूद, इन स्टॉलों को अभी भी पनाह दी जा रही है। इसलिए नगर पालिका ने स्कूलों के पास स्थित स्टॉलों के खिलाफ कार्रवाई की घोषणा की है। लेकिन सवाल उठ रहा है कि क्या नगर पालिका अधिकारी वास्तव में स्कूलों के पास से इन स्टॉलों को हटाएंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 28 Mar 2026 10:59:56 +0530</pubDate>
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