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                <title>Kerala news - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>Kerala news RSS Feed</description>
                
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                <title>केरल के इस्लामिक विद्वान की महिलाओं को लेकर टिप्पणी पर विवाद, राजनीतिक दलों ने जताई कड़ी आपत्ति</title>
                                    <description><![CDATA[<p>केरल के इस्लामिक विद्वान कंठापुरम ए.पी. अबूबकर मुसलियार की महिलाओं के सार्वजनिक जीवन में शामिल होने को लेकर की गई टिप्पणी पर राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। CPI(M), कांग्रेस और BJP नेताओं ने बयान की आलोचना करते हुए इसे महिलाओं की समानता और स्वतंत्रता के खिलाफ बताया है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51625/kerala-islamic-scholar%E2%80%99s-remarks-on-women%E2%80%99s-public-participation-trigger-political-backlash"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-08/-2026-08-31t192227.857.jpg" alt=""></a><br /><p>केरल में इस्लामिक विद्वान कंठापुरम ए.पी. अबूबकर मुसलियार, जिन्हें शेख अबूबकर अहमद के नाम से भी जाना जाता है, की महिलाओं के सार्वजनिक जीवन में शामिल होने को लेकर की गई टिप्पणी के बाद राजनीतिक और सामाजिक विवाद तेज हो गया है। उन्होंने महिलाओं के घर तक सीमित रहने और सार्वजनिक मंचों पर आने से जुड़े विचार व्यक्त किए, जिसके बाद विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने उनकी आलोचना की।</p>
<p><br />कोच्चि में सम्मेलन के दौरान दिया बयान<br />रिपोर्ट के अनुसार, 30 अगस्त को कोच्चि में आयोजित Hubbul Rasool Conference के दौरान कंठापुरम ने कहा कि महिलाओं को अपने घरों तक सीमित रहना चाहिए और उन्हें सार्वजनिक क्षेत्र में नहीं आना चाहिए। उन्होंने अपने विचारों के समर्थन में धार्मिक संदर्भों का उल्लेख किया और कहा कि महिलाओं को सार्वजनिक मंचों पर लाने से गंभीर परिणाम हो सकते हैं।<br />उन्होंने महिलाओं की तुलना एक सोने के हार से करते हुए कहा कि जिस तरह कीमती वस्तु को सुरक्षित रखा जाता है, उसी तरह महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के लिए पर्दे और अलगाव की व्यवस्था जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि Samastha के विद्वान लंबे समय से इस तरह के विचारों को प्रस्तुत करते रहे हैं।</p>
<p><br />Samastha के Circular के बाद बढ़ा विवाद<br />इन टिप्पणियों से कुछ दिन पहले Kanthapuram faction of Samastha Kerala Jamiyyathul Ulama की ओर से एक Circular जारी किया गया था। रिपोर्ट के मुताबिक, इसमें धार्मिक कार्यक्रमों के दौरान महिलाओं को पुरुषों के साथ मंच साझा करने या सार्वजनिक स्थानों पर पुरुषों के साथ दिखाई देने से बचने की बात कही गई थी।<br />इसके बाद महिलाओं की सार्वजनिक भागीदारी, धार्मिक संस्थाओं की भूमिका और व्यक्तिगत स्वतंत्रता को लेकर केरल में बहस तेज हो गई है।</p>
<p><br />CPI(M) और कांग्रेस नेताओं ने की आलोचना<br />कंठापुरम की टिप्पणी पर CPI(M) और कांग्रेस से जुड़े नेताओं तथा महिला नेताओं ने आपत्ति जताई। आलोचकों ने इन विचारों को महिलाओं की स्वतंत्रता, समानता और सार्वजनिक जीवन में भागीदारी के अधिकार के खिलाफ बताया। केरल की Labour Minister Bindu Krishna ने कहा कि इस तरह के विचार महिलाओं को कई दशक पीछे ले जा सकते हैं और संवैधानिक समानता के अनुरूप नहीं हैं।</p>
<p><br />इस विवाद ने धार्मिक मान्यताओं और संविधान में दिए गए समानता तथा व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकारों के बीच संतुलन को लेकर भी चर्चा शुरू कर दी है।</p>
<p><br />BJP ने भी साधा निशाना<br />Kerala BJP President Rajeev Chandrasekhar ने भी कंठापुरम की टिप्पणी और Samastha के Circular की आलोचना की। उन्होंने कहा कि केरल की महिलाओं को शिक्षा, नेतृत्व, सार्वजनिक जीवन और अपने फैसले लेने की पूरी स्वतंत्रता और सम्मान मिलना चाहिए। उन्होंने महिलाओं को सार्वजनिक जीवन से दूर रखने की किसी भी कोशिश का विरोध करने की बात कही</p>
<p><br />BJP नेता Amit Malviya सहित पार्टी के अन्य नेताओं ने भी इस मुद्दे को उठाया और कांग्रेस तथा CPI(M) की प्रतिक्रिया पर सवाल किए। इसके बाद यह मामला केवल धार्मिक टिप्पणी तक सीमित न रहकर केरल की राजनीति में महिलाओं के अधिकार, धार्मिक संस्थाओं की भूमिका और संवैधानिक स्वतंत्रता से जुड़ी व्यापक बहस का विषय बन गया है।<br />फिलहाल कंठापुरम की टिप्पणी को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है। विवाद के बीच महिलाओं की सार्वजनिक भागीदारी और उनके अधिकारों को लेकर अलग-अलग राजनीतिक और सामाजिक पक्ष अपने विचार सामने रख रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 31 Aug 2026 20:28:53 +0530</pubDate>
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                <title>पत्नी चाहती थी तलाक, फैसले से आग-बबूला हो गया पति, कोर्ट से बाहर आते ही जज के साथ किया यह अंजाम</title>
                                    <description><![CDATA[तिरुवल्ला पुलिस थाने के एक अधिकारी ने बताया कि आरोपी को हिरासत में ले लिया गया और अदालती कामकाज में बाधा डालने, धमकाने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के लिए उसके खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज की गयी है. उन्होंने कहा, ‘अपनी पत्नी के साथ विवाद में खुद अपनी पैरवी कर रहे आरोपी ने दावा किया कि उसे अदालत से न्याय नहीं मिल रहा है. उसकी पत्नी ने अदालत में तलाक की याचिका दायर की थी.’ पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘वह आरोप लगा रहा है कि उसकी पत्नी का वकील और न्यायाधीश एक साथ मिलकर उसके खिलाफ काम कर रहे हैं और उसका पक्ष उचित तरीके से सुना नहीं जा रहा है.’]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/22532/a-man-vandalized-the-car-of-a-family-court-judge-at-thiruvalla-in-pathanamthitta-district-of-kerala"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2023-06/15_06_2023-court_verdict_234418301.jpeg" alt=""></a><br /><p>पतनमतिट्टा (केरल): केरल में पतनमतिट्टा जिले के तिरुवल्ला में एक व्यक्ति ने एक पारिवारिक अदालत के न्यायाधीश की कार में तोड़फोड़ की. वह उसके और उसकी पत्नी के बीच वैवाहिक विवाद की सुनवाई से नाखुश था. पुलिस ने बताया कि 55 वर्षीय व्यक्ति अदालत की सुनवाई के दौरान आग-बबूला हो गया और अदालत से बाहर आने के बाद उसने न्यायाधीश की कार पर अपना गुस्सा निकाला जो बुधवार को यहां तिरुवल्ला अदालत परिसर के भीतर खड़ी थी...A man vandalized the car of a family court judge at Thiruvalla in Pathanamthitta district of Kerala....</p>
<p><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/2023-06/15_06_2023-court_verdict_234418301.jpeg" alt="15_06_2023-court_verdict_23441830"></img></p>
<p>उसने कार की सभी खिड़कियां तोड़ दीं और विंड स्क्रीन को भी नुकसान पहुंचाया. कार को उसने क्षतिग्रस्त कर दिया. तिरुवल्ला पुलिस थाने के एक अधिकारी ने बताया कि आरोपी को हिरासत में ले लिया गया और अदालती कामकाज में बाधा डालने, धमकाने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के लिए उसके खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज की गयी है....A man vandalized the car of a family court judge at Thiruvalla in Pathanamthitta district of Kerala.....</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘अपनी पत्नी के साथ विवाद में खुद अपनी पैरवी कर रहे आरोपी ने दावा किया कि उसे अदालत से न्याय नहीं मिल रहा है. उसकी पत्नी ने अदालत में तलाक की याचिका दायर की थी.’ पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘वह आरोप लगा रहा है कि उसकी पत्नी का वकील और न्यायाधीश एक साथ मिलकर उसके खिलाफ काम कर रहे हैं और उसका पक्ष उचित तरीके से सुना नहीं जा रहा है.’</p>
<p>उन्होंने बताया कि शुरुआत में दंपती के बीच यह मामला 2017 में पतनमतिट्टा की एक अदालत में चल रहा था लेकिन आरोपी ने बाद में मामले को स्थानांतरित कराने के लिए केरल उच्च न्यायालय का रुख किया और दावा किया कि उसे पतनमतिट्टा की अदालत पर भरोसा नहीं है. पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘इसके बाद दंपति के बीच मामला इस साल यहां पारिवारिक अदालत में भेजा गया....A man vandalized the car of a family court judge at Thiruvalla in Pathanamthitta district of Kerala....</p>]]></content:encoded>
                
                

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                <pubDate>Thu, 22 Jun 2023 15:23:13 +0530</pubDate>
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