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                <title>rains - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>rains RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुंबई: एक तरफ़ तापमान बढ़ा; दूसरी तरफ़ बेमौसम बारिश से राज्य के किसान परेशान</title>
                                    <description><![CDATA[<p>राज्य में दिन-ब-दिन तापमान बढ़ता जा रहा है। कई इलाकों में तापमान 40 डिग्री के पार चला गया है। अकोला देश का सबसे गर्म शहर बन गया है। क्योंकि वहां तापमान 44 डिग्री के पार चला गया है। साथ ही, विदर्भ के दूसरे जिलों में भी तापमान 42 से 44 डिग्री के पार चला गया है। वहीं, दूसरी तरफ, राज्य के कुछ हिस्सों में बेमौसम बारिश देखी जा रही है। सोलापुर शहर समेत जिले के अलग-अलग हिस्सों में बिजली कड़कने के साथ भारी बारिश शुरू हो गई है। इससे किसान परेशान हैं।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49281/mumbai-on-one-hand-the-temperature-increased-and-on-the"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-18t130733.742.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई:</strong> राज्य में दिन-ब-दिन तापमान बढ़ता जा रहा है। कई इलाकों में तापमान 40 डिग्री के पार चला गया है। अकोला देश का सबसे गर्म शहर बन गया है। क्योंकि वहां तापमान 44 डिग्री के पार चला गया है। साथ ही, विदर्भ के दूसरे जिलों में भी तापमान 42 से 44 डिग्री के पार चला गया है। वहीं, दूसरी तरफ, राज्य के कुछ हिस्सों में बेमौसम बारिश देखी जा रही है। सोलापुर शहर समेत जिले के अलग-अलग हिस्सों में बिजली कड़कने के साथ भारी बारिश शुरू हो गई है। इससे किसान परेशान हैं।</p>
<p> </p>
<p>सोलापुर शहर समेत जिले के अलग-अलग हिस्सों में बिजली कड़कने के साथ भारी बारिश शुरू हो गई है। मोहोल और नॉर्थ सोलापुर तालुका में शाम को करीब 1 घंटे तक भारी बारिश हुई है। जबकि सोलापुर शहर में पिछले 15 मिनट से बारिश शुरू हो गई है। पिछले कुछ दिनों से तेज गर्मी से परेशान लोगों को बारिश से कुछ राहत मिली है। हालांकि, इस बेमौसम बारिश से खेती की फसलों पर बड़ा असर पड़ने की संभावना है।</p>
<p><strong>बिजली गिरने से युवक की मौत</strong><br />सोलापुर में बेमौसम बारिश के दौरान बिजली गिरने से एक युवक की मौत हो गई है। यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना मोहोल तालुका के अधेगांव में हुई। मृतक का नाम विजय राजाराम डोंगरे है। शाम करीब 7 बजे तूफानी हवाओं के साथ बारिश के दौरान तेज बिजली गिरी। उसी समय, कंस्ट्रक्शन के लिए रेत का ट्रक आने पर विजय डोंगरे ट्रक को अनलोड करने गए थे। इसी समय अचानक मौसम खराब हो गया और बिजली गिर गई। इससे विजय डोंगरे गंभीर रूप से घायल हो गए, उनके रिश्तेदार उन्हें इलाज के लिए मोहोल ग्रामीण अस्पताल लाए थे। हालांकि, डॉक्टरों ने बताया कि इलाज से पहले ही उनकी मौत हो गई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 18 Apr 2026 13:08:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई में बढ़ी गर्मी, स्काईमेट ने इस बार के मॉनसून में औसत से कम बारिश का लगाया अनुमान, बढ़ी किसानों की टेंशन</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र में बेमौसम बारिश के दौर के बाद अब फिर से भीषण गर्मी लौट आई है। मुंबई, ठाणे और नवी मुंबई जैसे शहरों में पूरे दिन आसमान में बादल छाए रहते हैं और अधिकतम तापमान बढ़ने की संभावना है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि इस बार महाराष्ट्र में मॉनसून कैसा रहेगा। इसको लेकर एक प्राइवेट मौसम पूर्वानुमान एजेंसी स्काईमेट की ओर से एक रिपोर्ट जारी की गई है। जिसने किसानों और आम जनता दोनों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। स्काईमेट ने अनुमान लगाया है कि इस साल बारिश औसत से कम होने की संभावना है। क्या सूखे जैसी स्थिति पैदा होगी?</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49063/heat-increased-in-mumbai-skymet-predicted-less-than-average-rainfall"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download-(94).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई :</strong> महाराष्ट्र में बेमौसम बारिश के दौर के बाद अब फिर से भीषण गर्मी लौट आई है। मुंबई, ठाणे और नवी मुंबई जैसे शहरों में पूरे दिन आसमान में बादल छाए रहते हैं और अधिकतम तापमान बढ़ने की संभावना है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि इस बार महाराष्ट्र में मॉनसून कैसा रहेगा। इसको लेकर एक प्राइवेट मौसम पूर्वानुमान एजेंसी स्काईमेट की ओर से एक रिपोर्ट जारी की गई है। जिसने किसानों और आम जनता दोनों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। स्काईमेट ने अनुमान लगाया है कि इस साल बारिश औसत से कम होने की संभावना है। क्या सूखे जैसी स्थिति पैदा होगी?</p>
<p> </p>
<p>पिछले साल राज्य भर में अत्यधिक बारिश के कारण किसान परेशान हो गए थे। इस साल उन्हें कुछ राहत मिलने की उम्मीद थी। हालांकि स्काईमेट की ताजा रिपोर्ट के बाद चिंताएं और बढ़ गई हैं। इस बात की संभावना है कि मॉनसून के मौसम की शुरुआत में ही 'अल नीनो' की घटना सक्रिय हो सकती है। स्काईमेट की स्टडी से पता चलता है कि इससे जलवायु में बड़े बदलाव आएंगे। इसके परिणामस्वरूप जून और सितंबर के महीनों के बीच बारिश औसत से कम होगी। इसके अलावा एजेंसी ने अनुमान लगाया है कि इसके परिणामस्वरूप देश भर में सूखे जैसी स्थिति पैदा होने की 30 प्रतिशत संभावना है। </p>
<p><strong>अल नीनो मॉनसून के लिए बनेगा विलेन</strong><br />प्रशांत महासागर के मध्य और पूर्वी क्षेत्रों में सतह का तापमान बढ़ रहा है। इससे अल नीनो की घटना बनने की संभावना बढ़ जाती है। स्काईमेट ने अनुमान लगाया है कि इस घटना का भारत के मॉनसून पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। साथ ही स्काईमेट ने यह भी कहा कि अल नीनो के प्रभाव की तीव्रता को हिंद महासागर में 'इंडियन ओशन डाइपोल' द्वारा कुछ हद तक कम किया जा सकता है। उम्मीद है कि IOD जून की शुरुआत में मॉनसून के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनाएगा। </p>
<p><strong>अगस्त और सितंबर में कब बारिश</strong><br />हालांकि इसके परिणामस्वरूप देश के कई हिस्सों में अगस्त और सितंबर के बीच बारिश का स्तर कम रहने की संभावना है। महाराष्ट्र में आमतौर पर जुलाई और अगस्त के दौरान सबसे अधिक बारिश होती है। इसलिए जलवायु में यह बदलाव किसानों के लिए भारी नुकसान का जोखिम पैदा करता है। इन बदलावों का प्रभाव मध्य और पश्चिमी भारत में सबसे ज्यादा महसूस होने की संभावना है। </p>
<p><strong>भारत मौसम विज्ञान विभाग की रिपोर्ट का इंतजार</strong><br />इस बीच देश के पूर्वी और पूर्वोत्तर क्षेत्रों में अल नीनो का प्रभाव कम होने की उम्मीद है। नतीजतन इन क्षेत्रों में पूरे मॉनसून के मौसम के दौरान अच्छी बारिश होने का अनुमान है। हालांकि भारत मौसम विज्ञान विभाग ने अभी तक इस संबंध में कोई जानकारी जारी नहीं की है। फिर भी आईएमडी के इस सप्ताह तक अपनी रिपोर्ट सौंपने की संभावना है। स्काईमेट के पूर्वानुमान के अनुसार, औसत से कम बारिश होने की 40 प्रतिशत संभावना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 Apr 2026 11:58:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : महाराष्ट्र: बेमौसम बारिश से राहत के लिए सरकार ने 128.65 करोड़ रुपए जारी किए</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता वाली महाराष्ट्र कैबिनेट ने कहा कि राज्य में बेमौसम बारिश से प्रभावित किसानों को 128.65 करोड़ रुपए वितरित किए गए हैं। यह सहायता अक्टूबर और दिसंबर 2025 के बीच हुए नुकसान के लिए जारी किया गया है। साथ ही, राज्य सरकार ने यह भी पुष्टि की है कि 2026 की शुरुआत में बेमौसम मौसम के हालिया दौर से हुए नुकसान के आकलन का काम अभी चल रहा है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49054/mumbai-maharashtra-government-released-rs-12865-crore-for-relief-from"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download-(87).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता वाली महाराष्ट्र कैबिनेट ने कहा कि राज्य में बेमौसम बारिश से प्रभावित किसानों को 128.65 करोड़ रुपए वितरित किए गए हैं। यह सहायता अक्टूबर और दिसंबर 2025 के बीच हुए नुकसान के लिए जारी किया गया है। साथ ही, राज्य सरकार ने यह भी पुष्टि की है कि 2026 की शुरुआत में बेमौसम मौसम के हालिया दौर से हुए नुकसान के आकलन का काम अभी चल रहा है। 2025 की आखिरी तिमाही में हुई बेमौसम बारिश के कारण कृषि क्षेत्र में बड़े पैमाने पर संकट पैदा हो गया था।</p>
<p> </p>
<p>राज्य सरकार चंद्रपुर, धुले, गढ़चिरौली, जलगांव, नासिक, रायगढ़ और सिंधुदुर्ग जिलों में बेमौसम बारिश के कारण प्रभावित 1,14,752 हेक्टेयर कृषि भूमि के लिए 1,80,574 किसानों को सहायता प्रदान करेगी। नए साल की शुरुआत से ही राज्य को मौसम से जुड़ी लगातार चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। राज्य मंत्रिमंडल ने जनवरी और अप्रैल 2026 के बीच हुई बेमौसम बारिश से जुड़े शुरुआती आंकड़ों की समीक्षा की। 1.45 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र प्रभावित हुआ, जिससे 2.33 लाख किसानों पर असर पड़ा। क्षतिग्रस्त हुई फसलों में केले, प्याज, पपीते, आम, अंगूर, गेहूं, चना और ज्वार शामिल हैं।</p>
<p>राज्य सरकार के शुरुआती आकलन के अनुसार, इस साल अप्रैल में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि के कारण 1.94 लाख किसानों को 1.22 लाख हेक्टेयर जमीन पर नुकसान उठाना पड़ा है। मौसम की वजह से लगभग पांच लोगों की मौत हुई और नौ लोग घायल हुए। इसके अलावा, 36 पशुओं की भी मौत हुई। राज्य सरकार ने इन महीनों के लिए पंचनामा प्रक्रिया को तेज कर दिया है, ताकि समय पर सहायता सुनिश्चित की जा सके। राज्य जल संसाधन विभाग ने भी सत्र के दौरान एक प्रगति रिपोर्ट पेश की, जिसमें जुलाई 2022 से अब तक हुए बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पर प्रकाश डाला गया। लगभग 41 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जिनसे 105 टीएमसी की भंडारण क्षमता बनी है और राज्य की सिंचाई क्षमता में 2.95 लाख हेक्टेयर की बढ़ोतरी हुई है।</p>
<p>जुलाई 2022 से अब तक, 4.35 लाख करोड़ रुपए की 225 परियोजनाओं को प्रशासनिक और संशोधित मंजूरी दी जा चुकी है। सरकार की ओर से एक बयान में कहा गया कि एक बार जब ये परियोजनाएं पूरी हो जाएंगी, तो राज्य को कुल 33.45 लाख हेक्टेयर की सिंचाई क्षमता बनने की उम्मीद है। बयान में आगे कहा गया कि राज्य सरकार, तत्काल आपदा राहत और दीर्घकालिक सिंचाई इंफ्रास्ट्रक्चर, दोनों के माध्यम से कृषि क्षेत्र को सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Apr 2026 12:44:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई: पांच महीने बाद बारिश के थमने से मुंबईवासियों ने ली राहत की सांस </title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई समेत पूरे महाराष्ट्र के लोगों के लिए राहत भरी खबर है। मई में शुरू हुई बारिश 10 अक्टूबर को महाराष्ट्र से वापसी की यात्रा पर निकल गई है। मॉनसून की वापसी की यह रेखा विदर्भ के अकोला से राज्य के कोंकण के अलीबाग तक पहुंच गई है। मुंबई से भी मॉनसून की वापसी हो गई। इसके साथ ही आखिरकार पांच महीने बाद बारिश के थमने से मुंबईवासियों ने राहत की सांस ली। हालांकि बारिश की विदाई के साथ ही अब अक्टूबर जैसी गर्मी का एहसास होने लगा है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/44605/mumbai-residents-heave-a-sigh-of-relief-as-rain-stops"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-10/mumbai-weather-today_202407771153.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>मुंबई समेत पूरे महाराष्ट्र के लोगों के लिए राहत भरी खबर है। मई में शुरू हुई बारिश 10 अक्टूबर को महाराष्ट्र से वापसी की यात्रा पर निकल गई है। मॉनसून की वापसी की यह रेखा विदर्भ के अकोला से राज्य के कोंकण के अलीबाग तक पहुंच गई है। मुंबई से भी मॉनसून की वापसी हो गई। इसके साथ ही आखिरकार पांच महीने बाद बारिश के थमने से मुंबईवासियों ने राहत की सांस ली। हालांकि बारिश की विदाई के साथ ही अब अक्टूबर जैसी गर्मी का एहसास होने लगा है। शनिवार को मुंबईवासियों ने असहनीय गर्मी का अनुभव किया। आने वाले सप्ताह में मुंबई का अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। </p>
<p> </p>
<p><strong>10 अक्टूबर को मॉनसून की विदाई</strong><br />पिछले 15 दिनों से मॉनसून की वापसी में देरी हो रही है। हर साल 5 अक्टूबर तक रवाना होने वाला मॉनसून इस साल 10 अक्टूबर को विदा हुआ। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने अनुमान लगाया है कि अगले तीन-चार दिनों में पूरे राज्य से मॉनसून की विदाई हो जाएगी। इसलिए संभावना है कि दक्षिण-पश्चिम मॉनसूनी हवाएं भी 15 अक्टूबर तक देश से विदा हो जाएंगी।</p>
<p><strong>सांताक्रूज में रिकॉर्ड बारिश</strong><br />इस साल मॉनसून सामान्य 8 अक्टूबर के बजाय 10 अक्टूबर को मुंबई से विदा हुआ। इस सीजन में अब तक सांताक्रूज में 3,012 मिलीमीटर और कोलाबा में 2,263 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। सितंबर में मॉनसून का मौसम आधिकारिक रूप से समाप्त होने के बाद 1 से 10 अक्टूबर के बीच कोलाबा में 72 मिलीमीटर और सांताक्रूज में 31.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। 7 और 8 अक्टूबर को 24 घंटों में कोलाबा में हल्की बारिश दर्ज की गई। हालांकि पिछले तीन दिनों में सांताक्रूज में कोई बारिश दर्ज नहीं की गई।  </p>
<p><strong>मुंबई का तापमान बढ़ा</strong><br />वातावरण में अभी भी नमी बनी हुई है। 10 अक्टूबर को सुबह कोलाबा में 81 प्रतिशत, जबकि सांताक्रूज़ में 72 प्रतिशत नमी दर्ज की गई। शाम 5.30 बजे कोलाबा में 60 प्रतिशत, जबकि सांताक्रूज़ में 61 प्रतिशत नमी दर्ज की गई। वहीं शनिवार को मुंबई का अधिकतम तापमान भी और बढ़ गया। हालांकि ये तापमान औसत के आसपास ही रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 12 Oct 2025 11:59:35 +0530</pubDate>
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