<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.rokthoklekhani.com/tag/1567/monsoon" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Rokthok Lekhani RSS Feed Generator</generator>
                <title>monsoon - Rokthok Lekhani</title>
                <link>https://www.rokthoklekhani.com/tag/1567/rss</link>
                <description>monsoon RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुंबई : जाते-जाते आफत बनकर टूटेगा मानसून, अगले 96 घंटे भारी बारिश, तूफान और बिजली गिरने का अलर्ट</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<p><strong> </strong>चार महीने का मानसून सीजन भले ही खत्म हो गया हो, लेकिन बारिश का दौर अब भी जारी है। महाराष्ट्र समेत देश के कई हिस्सों में आंधी-बारिश ने आम जनजीवन को प्रभावित किया है। इस बीच भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने एक बार फिर कई राज्यों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। आईएमडी के अनुसार, अगले पांच से छह दिनों तक दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में बारिश की गतिविधियां तेज रहेंगी और कुछ जगहों पर बहुत भारी वर्षा हो सकती है। वहीं, पश्चिमी विक्षोभ के असर से उत्तर-पश्चिम भारत में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है। </p>]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/44504/mumbai--monsoon-to-wreak-havoc-as-it-leaves--alert-for-heavy-rain--storms-and-lightning-in-next-96-hours"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-10/images---2025-10-08t111934.557.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>चार महीने का मानसून सीजन भले ही खत्म हो गया हो, लेकिन बारिश का दौर अब भी जारी है। महाराष्ट्र समेत देश के कई हिस्सों में आंधी-बारिश ने आम जनजीवन को प्रभावित किया है। इस बीच भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने एक बार फिर कई राज्यों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। आईएमडी के अनुसार, अगले पांच से छह दिनों तक दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में बारिश की गतिविधियां तेज रहेंगी और कुछ जगहों पर बहुत भारी वर्षा हो सकती है। वहीं, पश्चिमी विक्षोभ के असर से उत्तर-पश्चिम भारत में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है। </p>
<p> </p>
<p>मौसम विभाग ने कहा है कि कोकण, उत्तर महाराष्ट्र और मराठवाड़ा के कुछ जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। हालांकि जल्द ही राज्य से मानसून की वापसी की यात्रा भी शुरू हो सकती है। आईएमडी के अनुसार, अगले 3-4 दिनों के दौरान गुजरात के शेष भागों, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कुछ और हिस्सों तथा महाराष्ट्र के कुछ भागों से दक्षिण-पश्चिम मानसून के वापस लौटने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं।</p>
<p>पिछले 24 घंटों (सुबह 08:30 बजे तक) में महाराष्ट्र के विदर्भ में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश (70 से 110 मिमी) दर्ज की गई है। आईएमडी ने बताया कि चंद्रपुर जिले के बल्लारपुर में 70 मिमी बारिश दर्ज हुई है। वहीं, कोंकण, उत्तर महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में बारिश, गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की घटनाएं भी देखने को मिली।<br />कोंकण और मध्य महाराष्ट्र में बुधवार 8 अक्टूबर को हलकी से मध्यम बारिश के साथ तूफान और कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। इसलिए रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग, कोल्हापुर, सातार, सांगली, सोलापुर, लातूर, धाराशिव, चंद्रपुर, गढ़चिरौली जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।</p>
<p>जबकि महाराष्ट्र के विभिन्न हिस्सों में अगले 4 दिनों तक बिजली के साथ तूफान की संभावना है। मौसम विभाग ने बताया कि मानसून लौटने तक हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है। जबकि कुछ जगहों पर गरज के साथ बिजली गिरने की भी संभावना है। गुरुवार को सिंधुदुर्ग, कोल्हापुर, सांगली, सोलापुर, लातूर और धाराशिव में अलग-अलग स्थानों पर आंधी-तूफान के साथ बारिश की संभावना है। इन जिलों के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है। इस दौरान गरज-चमक के साथ हलकी से मध्यम बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीँ, मौसम विभाग ने मछुआरों को 8 अक्टूबर तक पश्चिम-मध्य और निकटवर्ती उत्तर-पश्चिम, पूर्व-मध्य अरब सागर में नहीं जाने की सलाह दी गई है।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/44504/mumbai--monsoon-to-wreak-havoc-as-it-leaves--alert-for-heavy-rain--storms-and-lightning-in-next-96-hours</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/44504/mumbai--monsoon-to-wreak-havoc-as-it-leaves--alert-for-heavy-rain--storms-and-lightning-in-next-96-hours</guid>
                <pubDate>Wed, 08 Oct 2025 11:20:38 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2025-10/images---2025-10-08t111934.557.jpg"                         length="6114"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Online Desk]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : चक्रवाती तूफान शक्ति; मानसून की विदाई में दो से तीन दिन तक की देरी</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<p>अरब पिछले हफ्ते आए चक्रवाती तूफान शक्ति ने मुंबई के मौसम को प्रभावित कर दिया है. पिछले छह सालों की तरह इस बार भी मुंबई से मानसून की विदाई में दो से तीन दिन तक की देरी हो सकती है. मुंबई में मानसून की वापसी की तारीख 8 अक्तूबर, लेकिन मौसम विभाग ने बताया कि साइक्लोन शक्ति की वजह से इस साल मानसून की वापसी 8 से 11 तारीख के बीच होगी. मौसम विभाग ने बताया कि चक्रवात शक्ति और मजबूत पश्चिमी विक्षोभ के कारण मानसून के विदाई में देरी हो रही है. 2018 के बाद से मुंबई में मानसून की सामान्य तारीख पर विदाई नहीं हुई. भारत मौसम विज्ञान विभाग  ने  बताया कि चक्रवात शक्ति, जो पहले बंगाल की खाड़ी से शुरू हुआ और अरब सागर में रौद्र रूप लिया, ने राज्य में मानसून की वापसी की प्रक्रिया को बाधित कर दिया है.</p>]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/44440/mumbai--cyclonic-storm-shakti--monsoon-withdrawal-delayed-by-two-to-three-days"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-10/images---2025-10-06t120158.449.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>अरब पिछले हफ्ते आए चक्रवाती तूफान शक्ति ने मुंबई के मौसम को प्रभावित कर दिया है. पिछले छह सालों की तरह इस बार भी मुंबई से मानसून की विदाई में दो से तीन दिन तक की देरी हो सकती है. मुंबई में मानसून की वापसी की तारीख 8 अक्तूबर, लेकिन मौसम विभाग ने बताया कि साइक्लोन शक्ति की वजह से इस साल मानसून की वापसी 8 से 11 तारीख के बीच होगी. मौसम विभाग ने बताया कि चक्रवात शक्ति और मजबूत पश्चिमी विक्षोभ के कारण मानसून के विदाई में देरी हो रही है. 2018 के बाद से मुंबई में मानसून की सामान्य तारीख पर विदाई नहीं हुई. भारत मौसम विज्ञान विभाग  ने  बताया कि चक्रवात शक्ति, जो पहले बंगाल की खाड़ी से शुरू हुआ और अरब सागर में रौद्र रूप लिया, ने राज्य में मानसून की वापसी की प्रक्रिया को बाधित कर दिया है.</p>
<p> </p>
<p><strong>बारिश का अलर्ट</strong><br />IMD ने कहा कि मुंबई में मानसून हटने तक हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है. सोमवार को मुंबई, ठाणे, रायगढ़ और पालघर के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश की संभावना है. IMD ने पालघर और ठाणे के लिए मंगलवार को ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है, जिसमें बिजली चमक, हल्की-मध्यम बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी है.<br />मौसम विशेषज्ञ अभिजीत मोडक ने बताया, ‘चक्रवात शक्ति ने राज्य में मानसून की वापसी के दौरान तूफानी गतिविधियों को कमजोर कर दिया है. इसके अलावा, एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ दक्षिण की ओर आ रहा है, जो शुष्क उत्तरी हवाओं को ला रहा है. इससे संवहनीय गतिविधियां कम हो सकती हैं. शक्ति से राज्य के तटीय इलाकों पर कोई खतरा नहीं है.</p>
<p><strong>बंगाल की खाड़ी का दबाव </strong><br />मुंबई के मौसम ट्रैकर रुशिकेश अग्रे ने कहा, ‘बंगाल की खाड़ी में दबाव प्रणाली ने विदाई को टाला था, लेकिन अब यह सक्रिय हो गई है. मानसून की पूरी तरह से विदाई में एक सप्ताह लग सकता है. तब तक मुंबई में हल्की बारिश होती रहेगी.’ इस साल मुंबई में मानसून की शुरुआत सबसे जल्दी 26 मई को हुई थी.</p>
<p><strong>मानसून में देरी की चुनौती</strong><br />इस देरी किसानों और शहरवासियों के लिए चुनौती पैदा कर रही है. मुंबई में लगातार वर्षा से जलभराव की समस्या बढ़ सकती है, जबकि ग्रामीण इलाकों में फसलें प्रभावित होंगी. IMD ने 5-7 अक्टूबर तक कोंकण क्षेत्र में मध्यम से भारी वर्षा का पूर्वानुमान दिया है. विशेषज्ञों का कहना है कि चक्रवात शक्ति का कमजोर पड़ना और पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव मिलकर मानसून को लंबा खींच रहा है.</p>
<p><strong>6 साल से मानसून की विदाई में देरी</strong><br />मानसून का ग्राफ देखें है कि 2018 के बाद मानसून की विदाई में देरी हुई है. 2019 में 12 अक्टूबर, 2020 में 15 अक्टूबर, 2021 में 13 अक्टूबर, 2022 में 11 अक्टूबर, 2023 में 14 अक्टूबर और 2024 में 10 अक्टूबर को विदाई हुई.</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/44440/mumbai--cyclonic-storm-shakti--monsoon-withdrawal-delayed-by-two-to-three-days</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/44440/mumbai--cyclonic-storm-shakti--monsoon-withdrawal-delayed-by-two-to-three-days</guid>
                <pubDate>Mon, 06 Oct 2025 12:04:17 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2025-10/images---2025-10-06t120158.449.jpg"                         length="10796"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Online Desk]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>यूपी में मानसून फिर दिखाएगा तेवर... प्रतापगढ़ और वाराणसी समेत 15 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<p style="text-align:justify;">लखनऊ आसपास अधिकतम तापमान में तीन-चार डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि दर्ज की गई है। मौसम विभाग का कहना है कि रविवार और सोमवार को प्रतापगढ़ समेत 15 से अधिक जिलों में मध्यम से भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया है। वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक, लखनऊ और आसपास के जिलों में कहीं-कहीं हल्की बरसात हो सकती है, लेकिन अगले चार-पांच दिनों तक भारी बारिश की संभावना नहीं है।</p>]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/43338/monsoon-will-show-again-in-up-tevar-pratapgarh-and-varanasi"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-08/download-(7)2.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>वाराणसी : </strong>पिछले तीन दिन से हो रही तेज धूप से उमसभरी गर्मी बढ़ गई है। लखनऊ आसपास अधिकतम तापमान में तीन-चार डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि दर्ज की गई है। मौसम विभाग का कहना है कि रविवार और सोमवार को प्रतापगढ़ समेत 15 से अधिक जिलों में मध्यम से भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया है। वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक, लखनऊ और आसपास के जिलों में कहीं-कहीं हल्की बरसात हो सकती है, लेकिन अगले चार-पांच दिनों तक भारी बारिश की संभावना नहीं है।<br /><br />अगले दो दिन बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, संत रविदास नगर, जौनपुर, गाजीपुर में बादल जमकर बरसेंगे। इसके अलावा पश्चिमी जिलों में भी तेज हवा के साथ वज्रपात और तेज बारिश के पूर्वानुमान हैं।<br /><br />खासकर, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, बिजनौर, हमीरपुर, महोबा, झांसी, ललितपुर एवं आसपास के जिलों मध्यम से भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने 35 से अधिक जिलों में वज्रपात की चेतावनी जारी की है।<br />आज बौछार कल हो सकती है वर्षा<br />आगरा। मौसम विभाग ने शहर में रविवार को बादल छाए रहने व गरज के साथ बौछार पड़ने का पूर्वानुमान जताया है। सोमवार को बादल छाए रहने के साथ वर्षा हो सकती है। इससे तापमान में गिरावट देखने को मिलेगी। शनिवार को सुबह से बादल छाए रहे और दोपहर में हवा के साथ बृूंदाबांदी हुई। अधिकतम तापमान में गिरावट आई।<br /><br />शहर में शनिवार को बादल छाए रहे। इससे आर्द्रता बढ़ने से न्यूनतम तापमान में वृद्धि दर्ज की गई। दिन में कभी धूप निकली तो कभी बादल छाए। इसके चलते दोपहर दो बजे तक शहरवासियों का पसीना छूटता रहा। दोपहर 2:15 बजे बादल घिर आए और हवा चलने लगी। इसके बाद बूंदाबांदी शुरू हो गई। ताजगंज में हल्की वर्षा हुई। शनिवार को 0.8 एमएम वर्षा ताजमहल स्थित मौसम विभाग के केंद्र पर दर्ज की गई।<br /><br />मौसम विज्ञानी मो. दानिश ने बताया कि बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाओं और मध्य प्रदेश पर बने चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से अरब सागर से आने वाली नमी के कारण प्रदेश में मानसून सक्रियता बढ़ेगी। इससे 25 अगस्त तक प्रदेश में हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना है।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/43338/monsoon-will-show-again-in-up-tevar-pratapgarh-and-varanasi</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/43338/monsoon-will-show-again-in-up-tevar-pratapgarh-and-varanasi</guid>
                <pubDate>Sun, 24 Aug 2025 17:19:13 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2025-08/download-%287%292.jpeg"                         length="4800"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Online Desk]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नई दिल्ली : मानसून के पैटर्न में बदलाव; मेघालय में 48% कम बारिश वहीं राजस्थान में 81 फीसदी ज्यादा बारिश </title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<p>जलवायु परिवर्तन के चलते मानसून के पैटर्न में बदलाव आया है। इस साल भी मानसून का रुख बिलकुल बदला हुआ है। जहां बरसों से बादलों के साये में जीने वाले मेघालय जैसे इलाके में अब तक 48% तक कम बारिश हुई है, वहीं राजस्थान जैसे सूखे इलाके में सामान्य से 81 फीसदी तक ज्यादा बारिश दर्ज की गई हैं। बारिश के इस उलटफेर ने खेती से लेकर जल सुरक्षा और जैव विविधता तक, हर मोर्चे पर खतरे की घंटी बजा दी है।</p>]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/42800/new-delhi--change-in-monsoon-pattern--48--less-rain-in-meghalaya-while-81--more-rain-in-rajasthan"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-08/images---2025-08-06t182441.563.jpg" alt=""></a><br /><p><br /><strong>नई दिल्ली : </strong>जलवायु परिवर्तन के चलते मानसून के पैटर्न में बदलाव आया है। इस साल भी मानसून का रुख बिलकुल बदला हुआ है। जहां बरसों से बादलों के साये में जीने वाले मेघालय जैसे इलाके में अब तक 48% तक कम बारिश हुई है, वहीं राजस्थान जैसे सूखे इलाके में सामान्य से 81 फीसदी तक ज्यादा बारिश दर्ज की गई हैं। बारिश के इस उलटफेर ने खेती से लेकर जल सुरक्षा और जैव विविधता तक, हर मोर्चे पर खतरे की घंटी बजा दी है। और साफ बता दिया है कि जलवायु परिवर्तन अब दूर की चेतावनी नहीं, हमारे दरवाज़े पर खड़ा सच है।</p>
<p> </p>
<p>मौसम विभाग की ओर से किए गए एक अध्ययन के मुताबिक पिछले 3 दशकों में भारी बारिश दर्ज करने वाले राज्य जैसे मेघालय, नागालैंड, पश्चिम बंगाल, बिहार और उत्तर प्रदेश में बारिश में काफी गिरावट दर्ज की गई है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश और पश्चिमी बंगाल में बारिश में कमी आई है। वहीं मैक्स प्लैंक इंस्टीट्यूट के अध्ययन के मुताबिक आने वाले समय में मानसून के पैटर्न में ये बदलाव और अधिक दिखाई देगा। राजस्थान में 2020-2049 के बीच मानसूनी बारिश में 35 फीसदी तक बढ़ोतरी का अनुमान है।</p>
<p>पूर्वोत्तर भारत में स्थित मेघालय जिसका अर्थ ही है ‘बादलों का घर’, में अब बादल बरसना कम कर चुके हैं। यह राज्य दुनिया के सबसे ज्यादा बारिश वाली दो जगहों मासिनराम और चेरापूंजी के लिए जाना जाता रहा है। यहां की 83 प्रतिशत आबादी खेती के लिए बारिश पर निर्भर है। लेकिन यहां लगातार घटती बारिश ने चिंता बढ़ा दी है। 1 जून से 4 अगस्त तक के अब तक के मानसून सीजन में यहां सामान्य से 48 फीसदी कम बारिश हुई है। वहीं अरुणाचल प्रदेश में 42 फीसदी और असम में 39 फीसदी तक कम बारिश दर्ज हुई है। इसकी तुलना में इसी मानसूनी सीजन के दौरान तुलनात्मक तौर पर सूखे राज्य झारखंड में 46 फीसदी और राजस्थान में सामान्य से 81 फीसदी ज्यादा बारिश दर्ज की जा चुकी है।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/42800/new-delhi--change-in-monsoon-pattern--48--less-rain-in-meghalaya-while-81--more-rain-in-rajasthan</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/42800/new-delhi--change-in-monsoon-pattern--48--less-rain-in-meghalaya-while-81--more-rain-in-rajasthan</guid>
                <pubDate>Wed, 06 Aug 2025 18:25:43 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2025-08/images---2025-08-06t182441.563.jpg"                         length="10236"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Online Desk]]>
                    </dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        