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                <title>Maharashtra goverment - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>Maharashtra goverment RSS Feed</description>
                
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                <title>ईद-ए-मिलादुन्नबी पर 1500 साल पूरे, विशेष तैयारी की मांग – सामाजिक कार्यकर्ता व पत्रकार फैसल शेख की अपील</title>
                                    <description><![CDATA[<p>ईद-ए-मिलादुन्नबी के 1500 साल पूरे होने पर सामाजिक कार्यकर्ता व पत्रकार फैसल शेख संपादक रोकठोक लेखनी न्यूज़पेपर &amp; अध्य्क्ष सबरी ह्यूमन वेलफेयर फाउंडेशन (संसता) ने महाराष्ट्र सरकार और BMC से अपील की है कि जैसे गणेशोत्सव व अन्य त्योहारों को अतिरिक्त समय दिया जाता है, वैसे ही जुलूस और कार्यक्रमों के लिए ईद-ए-मिलाद पर भी समय और विशेष अनुमति दी जाए। साथ ही इस ऐतिहासिक मौके को यादगार बनाने के लिए सरकारी फंड का प्रावधान करने की मांग की गई है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/43213/eid-e-miladunnabi-completes-1500-years--demand-for-special-preparations-%E2%80%93-appeal-by-social-worker-and-journalist-faisal-shaikh"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-08/inshot_20250820_150939941.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई। इस वर्ष ईद-ए-मिलादुन्नबी (Milad-un-Nabi) का पर्व ऐतिहासिक रूप से बेहद खास होने जा रहा है, क्योंकि इस अवसर पर हज़रत मोहम्मद साहब की पैदाइश को 1500 साल पूरे हो रहे हैं। इसको देखते हुए सामाजिक कार्यकर्ता व पत्रकार फैसल शेख संपादक रोकठोक लेखनी न्यूज़पेपर &amp; अध्य्क्ष सबरी ह्यूमन वेलफेयर फाउंडेशन (संसता) ने महाराष्ट्र सरकार और मुंबई महानगरपालिका (BMC) से विशेष व्यवस्था करने की अपील की है।</p>
<p>फैज़ल शेख ने कहा कि जिस तरह अन्य धार्मिक त्योहारों जैसे गणेशोत्सव, नवरात्रि और दही हांडी में आयोजन को लेकर अतिरिक्त समय और सहयोग दिया जाता है, उसी तरह ईद-ए-मिलादुन्नबी के मौके पर भी जुलूस और धार्मिक कार्यक्रमों के लिए अतिरिक्त समय और विशेष अनुमति दी जानी चाहिए।</p>
<p>उन्होंने यह भी अनुरोध किया कि इस ऐतिहासिक वर्ष के मद्देनज़र महाराष्ट्र सरकार को चाहिए कि बीएमसी के माध्यम से विशेष फंड उपलब्ध कराया जाए, जिससे बड़े पैमाने पर जुलूस, सजावट, रोशनी और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा सके।</p>
<p>फैज़ल शेख ने कहा कि ईद-ए-मिलादुन्नबी न केवल मुस्लिम समाज के लिए, बल्कि पूरे मानव समाज के लिए शांति और भाईचारे का संदेश लेकर आती है। ऐसे में 1500वें साल के इस मौके को ऐतिहासिक और यादगार बनाने के लिए सरकार को सहयोग करना चाहिए।</p>
<p>मुंबई और महाराष्ट्र के विभिन्न हिस्सों में मुस्लिम समाज ने भी सरकार से अपील की है कि इस वर्ष जुलूस और कार्यक्रमों के आयोजन के लिए विशेष अनुमति, अतिरिक्त समय और वित्तीय सहयोग उपलब्ध कराया जाए, ताकि उत्सव शांति और उल्लास के साथ मनाया जा सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 20 Aug 2025 15:11:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rokthok Lekhani]]></dc:creator>
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                <title>महाराष्ट्र: गैर हिंदू युवकों के त्रयंबकेश्वर मंदिर में प्रवेश पर एक्शन में महाराष्ट्र सरकार, FIR की दर्ज</title>
                                    <description><![CDATA[महाराष्ट्र के प्रसिद्ध त्र्यंबकेश्वर मंदिर में बीते दिनों कुछ लोगों की भीड़ ने जबरन घुसने का प्रयास किया था. अब सरकार ने उस घटना की जांच के लिए एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) बनाने का आदेश दिया है. महाराष्ट्र के उप-मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के आदेश पर एसआईटी का गठन किया जा रहा है.]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/20920/of-non-hindu-youths"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2023-05/maharashtra.webp" alt=""></a><br /><p>12 ज्योतिर्लिंगों में से एक नासिक के प्रसिद्ध त्रयंबकेश्वर मंदिर में गैर हिंदुओं के प्रवेश के मामले में माहौल गर्मा गया है. दो दिन पहले के इस घटनाक्रम का वीडियो वायरल होने के बाद महाराष्ट्र सरकार हरकत के हरकत में आने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है. इस मामले में पुलिस में IPC सेक्शन 295, 511 के तहत मामला दर्ज किया है. पुलिस ने इसकी जांच शुरू कर दी है. कुछ आरोपियों को हिरासत में भी लिया गया है...Non-Hindus forced entry in Trimbakeshwar Temple...</p>
<div></div>
<p>नासिक के प्रसिद्ध त्रयंबकेश्वर मंदिर में गैर हिंदुओं के प्रवेश का ये मामला 13 मई का बताया गया है. मंदिर में प्रवेश करने वाले कथित तौर पर मुस्लिम हैं. आरोप है कि वह चादर चढ़ाने के इरादे से मंदिर में पहुंचे थे. इसके बाद वहां हंगामा भी देखने को मिला. महाराष्ट्र सरकार ने भी इस घटना का संज्ञान लिया. इसी के बाद मामले के आरोपी आकिल सैय्यद, सलमान सैय्यद, मतीन सैय्यद, सलीम सैय्यद के खिलाफ मामला दर्ज किया है...Non-Hindus forced entry in Trimbakeshwar Temple...<img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/2023-05/maharashtra.webp" alt="Maharashtra"></img></p>
<p>इस मामले में महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम और होम मिनिस्टर देवेंद्र फडणवीस ने मामले की जांच एसआईटी से कराने के आदेश दे दिए हैं. एडीजी स्तर के एक अधिकारी के नेतृत्व में एक एसआईटी गठित करने का आदेश दिया है जो घटना की जांच कर रही है.</p>
<p class="short_desc">वही मामले में आज हिंदू महासंघ ने मंदिर के प्रवेश द्वार पर शुद्धीकरण और पूजन किया. इसके बाद आरोपियों पर 72 घंटे के भीतर कार्रवाई करने का अल्टीमेटम दिया गया. कार्रवाई ना होने पर महाराष्ट्र भर में सारे मंदिर 2 दिनों के लिए बंद रखने की चेतावनी दी गई...Non-Hindus forced entry in Trimbakeshwar Temple...</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/20920/of-non-hindu-youths</link>
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                <pubDate>Wed, 17 May 2023 13:43:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>फोन टैपिंग मामले में आईपीएस रश्मि शुक्ला का नाम आरोपी के तौर पर नहीं : महाराष्ट्र सरकार</title>
                                    <description><![CDATA[<p></p> <p><strong>Rokthok Lekhani</strong><br /> </p> <p>मुंबई: महाराष्ट्र सरकार ने बंबई उच्च न्यायालय को बताया कि भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) की वरिष्ठ अधिकारी रश्मि शुक्ला का नाम कथित गैर कानूनी फोन टैपिंग और पुलिस के स्थानांतरण और तबदला संबंधी दस्तावेजों को लीक करने के मामले में आरोपी के तौर पर शामिल नहीं किया गया है और इसलिए वह प्राथमिकी रद्द करने की मांग नहीं कर सकती।</p> <p>अदालत में शनिवार को दाखिल हलफनामे में सरकार ने कहा कि जांच का उद्देश्य केवल यह पता लगाना है कि कैसे राज्य खुफिया विभाग से गोपनीय और संवेदनशील जानकारी गैर कानूनी तरीके से तीसरे पक्ष तक पहुंची और</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/6419/ips-rashmi-shukla-not-named-as-accused-in-phone-tapping-government-of-maharashtra"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2021-09/images-41.jpeg" alt=""></a><br /><p></p> <p><strong>Rokthok Lekhani</strong><br /> </p> <p>मुंबई: महाराष्ट्र सरकार ने बंबई उच्च न्यायालय को बताया कि भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) की वरिष्ठ अधिकारी रश्मि शुक्ला का नाम कथित गैर कानूनी फोन टैपिंग और पुलिस के स्थानांतरण और तबदला संबंधी दस्तावेजों को लीक करने के मामले में आरोपी के तौर पर शामिल नहीं किया गया है और इसलिए वह प्राथमिकी रद्द करने की मांग नहीं कर सकती।</p> <p>अदालत में शनिवार को दाखिल हलफनामे में सरकार ने कहा कि जांच का उद्देश्य केवल यह पता लगाना है कि कैसे राज्य खुफिया विभाग से गोपनीय और संवेदनशील जानकारी गैर कानूनी तरीके से तीसरे पक्ष तक पहुंची और इसका दस्तावेज की सामग्री से कोई लेना देना नहीं है।</p> <p>सरकार ने दावा किया कि यह अपराध राज्य के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख पर लगे आरोपों की चल रही केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की जांच से संबद्ध नहीं है।</p> <p>राज्य सरकार ने यह हलफनामा शुक्ला की याचिका के जवाब में दाखिल किया है। शुक्ला ने अपनी याचिका में प्राथमिकी रद्द करने का अनुरोध करते हुए आरोप लगाया है कि पुलिस स्थानांतरण और तबादले में कथित भ्रष्टचार उजागर करने की वजह से उन्हें महाराष्ट्र सरकार द्वारा बलि का बकरा बनाया जा रहा है और उनपर निशाना साधा जा रहा है।</p> <p>मुंबई पुलिस की अपराध शाखा में उपायुक्त रश्मि कारंदिकर की ओर से दाखिल हलफनामे में कहा गया है कि पुलिस ने ‘अज्ञात लोगों’ के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है और ऐसे में याचिकाकर्ता द्वारा प्राथमिकी रद्द करने के लिए याचिका दायर करने का कोई आधार नहीं बनता।</p> <p>हलफनामे में कहा गया, ‘‘याचिका सुनवाई करने योग्य नहीं है और इसलिए आधार नहीं होने की वजह से इसे खारिज किया जाना चाहिए क्योंकि उनका (शुक्ला) नाम प्राथमिकी में आरोपी के तौर पर दर्ज नहीं है।’’</p> <p>राज्य सरकार ने कहा कि याचिकाकर्ता को नोटिस केवल जांच से संबंधित तथ्यों की जानकारी और सूचना देने के लिए जारी किया गया है। हलफनामे में कहा गया कि प्राथमिकी सरकारी गोपनीयता अधिनियम और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत हुए अपराध की वजह से दर्ज की गयी है।</p> <p>राज्य सरकार ने कहा कि लीक अति गोपनीय सूचना राज्य खुफिया विभाग से अनधिकृत रूप से प्राप्त की गई जो सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत संज्ञेय अपराध है।</p> <p>गौरतलब है कि शुक्ला ने वरिष्ठ अधिवक्ता महेश जेठमलानी और अधिवक्ता गुंजन मंगला के माध्यम से दायर याचिका में कहा है कि राज्य खुफिया विभाग ने निगरानी (कथित फोन टैपिंग) के लिए राज्य सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव से पूर्व अनुमति ली थी।</p> <p>इस मामले पर न्यायमूर्ति एसएस शिंदे और न्यायमूर्ति एनजे जामदार की पीठ 13 सितंबर को सुनवाई करेगी।</p> <p>शुक्ला इस समय केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के अतिरिक्त महानिेदेशक दक्षिण क्षेत्र के पद पर हैदराबाद में तैनात है।</p> <p>बता दे कि शुक्ला ने जिस प्राथमिकी को रद्द करने का अनुरोध किया है वह मुंबई के बीकेसी साइबर पुलिस थाने में दर्ज की गई है। यह प्राथमिकी कथित तौर पर गैर कानूनी तरीके से फोन टैपिंग करने और गोपनीय दस्तावेजों एवं सूचना लीक करने के मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज की गई है। आरोप है कि फोन टैपिंग की घटना पिछले साल तब हुई जब शुक्ला राज्य खुफिया विभाग की प्रमुख थीं।</p> <p></p> <p></p> <p></p> <p><br /> </p> <p></p> <p></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 Sep 2021 19:36:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rokthok Lekhani]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बंबई उच्च न्यायालय ने महाराष्ट्र सरकार से पूछा, क्या कोविड-19 रोगियों से अधिक वसूली शिकायतों के निवारण के लिए क्या राज्य में कोई प्रणाली है</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई, एक अक्टूबर (भाषा) बंबई उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को महाराष्ट्र सरकार से पूछा कि निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम्स में कोविड-19 के उपचार के लिए नागरिकों से अधिक शुल्क लिये जाने की शिकायतों के निवारण के लिए क्या राज्य में कोई प्रणाली है।<br /> मुख्य न्यायाधीश दीपांकर गुप्ता और न्यायमूर्ति गिरीश कुलकर्णी की पीठ एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसमें अनुरोध किया गया था कि राज्य सरकार एक अधिकतम मूल्य तय करे जो निजी अस्पताल और नर्सिंग होम पीपीई किट के लिए लागू कर सकते हैं। पिछली सुनवाई में राज्य सरकार ने अदालत को बताया था कि</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/4411/bombay-high-court-asked-maharashtra-government-is-there-any-system-in-the-state-for-redressal-of-excess-recovery-complaints-from-covid-19-patients"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2020-10/bombay-high-court-boost.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई, एक अक्टूबर (भाषा) बंबई उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को महाराष्ट्र सरकार से पूछा कि निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम्स में कोविड-19 के उपचार के लिए नागरिकों से अधिक शुल्क लिये जाने की शिकायतों के निवारण के लिए क्या राज्य में कोई प्रणाली है।<br /> मुख्य न्यायाधीश दीपांकर गुप्ता और न्यायमूर्ति गिरीश कुलकर्णी की पीठ एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसमें अनुरोध किया गया था कि राज्य सरकार एक अधिकतम मूल्य तय करे जो निजी अस्पताल और नर्सिंग होम पीपीई किट के लिए लागू कर सकते हैं। पिछली सुनवाई में राज्य सरकार ने अदालत को बताया था कि उसने बिस्तरों के लिए तथा 80 प्रतिशत बिस्तरों के लिहाज से पीपीई किट समेत आवश्यक वस्तुओं के लिए शुल्क सीमा तय की थी, वहीं निजी अस्पताल और नर्सिग होम्स को कोविड और गैर-कोविड दोनों तरह के मरीजों के इलाज के वास्ते बाकी 20 प्रतिशत बिस्तरों के लिए अपनी दरें तय करने की अनुमति दी थी।</p> <p>राज्य सरकार ने तब कहा था कि वह पूरी तरह निजी अस्पतालों पर नियंत्रण नहीं कर सकी है।याचिकाकर्ता अभिजीत मंगाड़े ने बृहस्पतिवार को अदालत से अनुरोध किया कि राज्य को बाकी बिस्तरों के लिए भी पीपीई किट के शुल्क की अधिकतम सीमा तय करने का निर्देश दिया जाए। तब अदालत ने राज्य सरकार से पूछा कि क्या वह कोविड-19 रोगियों से अतिरिक्त शुल्क वसूलने वाले निजी संस्थानों के खिलाफ कोई कार्रवाई कर सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/4411/bombay-high-court-asked-maharashtra-government-is-there-any-system-in-the-state-for-redressal-of-excess-recovery-complaints-from-covid-19-patients</link>
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                <pubDate>Thu, 01 Oct 2020 20:57:06 +0530</pubDate>
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