<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.rokthoklekhani.com/tag/1495/jj-hospital" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Rokthok Lekhani RSS Feed Generator</generator>
                <title>JJ Hospital - Rokthok Lekhani</title>
                <link>https://www.rokthoklekhani.com/tag/1495/rss</link>
                <description>JJ Hospital RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>जेजे अस्पताल में इमरजेंसी से लेकर ICU तक बेहाल... दवा क्या, पट्टी तक नहीं है! </title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<p>गरीब रोगी सरकारी अस्पतालों का रुख इसलिए करते हैं, ताकि डॉक्टर, बेड और दवाइयों का खर्चा बच जाए, लेकिन जेजे अस्पताल में मरीजों को कुछ दवाइयों का खर्च खुद को वहन करना पड़ रहा है।</p>]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/26690/from-emergency-to-icu-in-jj-hospital--there-is-no-medicine--not-even-a-bandage"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2023-12/download-(1)7.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई:</strong> जेजे अस्पताल पर मुंबई और आसपास की एक बड़ी आबादी की सेहत दुरुस्त रखने का जिम्मा है। सरकार और प्रशासन यहां की व्यवस्थाएं सुधारने का दावा भी यदा-कदा करते रहते हैं। लेकिन हाल यह है कि जेजे अस्पताल में दवाएं तो दूर, पट्टी तक नहीं है।</p>
<p style="text-align:justify;">इन समस्याओं से जूझने का अनुभव तब हुआ जब यह रिपोर्टर इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती हुआ। अस्पताल में इंफेक्शन का इलाज करने के लिए लगने वाली एंटीबायोटिक दवाइयां, टेटनस इंजेक्शन यहां तक के मल्टी विटामिन तक उपलब्ध नहीं हैं। पैन 40 (एसिडिटी) के अलावा अस्पताल से कोई भी दवाइयां नहीं मिलीं।</p>
<p style="text-align:justify;">यही हाल ओपीडी व आईसीयू का भी है, वहां भी कुछ दवाइयां हैं, तो कुछ बाहर से खरीदने के लिए कहा जाता है। गरीब रोगी सरकारी अस्पतालों का रुख इसलिए करते हैं, ताकि डॉक्टर, बेड और दवाइयों का खर्चा बच जाए, लेकिन जेजे अस्पताल में मरीजों को कुछ दवाइयों का खर्च खुद को वहन करना पड़ रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">रिपोर्टर को इंफेक्शन होने के बाद सबसे पहले टीटी का इंजेक्शन बाहर से मंगावाया गया। एडमिट होने के बाद एज़िथ्रोमाइसिन, डॉक्सीसाइक्लिन, एमोक्सिसिलिन और मल्टी विटामिन की गोलियां लिखी गईं। यह सभी दवाइयां बाहर से मंगाने के लिए कही गईं, क्योंकि अस्पताल में यह दवाएं सोमवार से गुरुवार तक उपलब्ध नहीं थीं।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/26690/from-emergency-to-icu-in-jj-hospital--there-is-no-medicine--not-even-a-bandage</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/26690/from-emergency-to-icu-in-jj-hospital--there-is-no-medicine--not-even-a-bandage</guid>
                <pubDate>Sun, 10 Dec 2023 11:04:28 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2023-12/download-%281%297.jpg"                         length="10937"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Online Desk]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई में बढ़ते प्रदूषण के बीच जेजे अस्पताल ने सांस के मरीजों के लिए खोला अलग ओपीडी वार्ड... </title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<p>मुंबई को उम्मीद है कि बुधवार को भारी बारिश स्वच्छ हवा के लिए हांफ रहे शहर के लिए राहत लेकर आएगी। सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी फोरकास्टिंग एंड रिसर्च (SAFAR-India) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, मुंबई में वर्तमान AQI 121 दर्ज किया गया। राज्य मंत्री दीपक केसरकर ने बुधवार को कहा कि मुंबई में बिगड़ती वायु गुणवत्ता को देखते हुए वायु प्रदूषण को कम करने के लिए निगम द्वारा कई नई पहल की जा रही हैं।</p>]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/25803/amidst-the-increasing-pollution-in-mumbai--jj-hospital-opened-a-separate-opd-ward-for-respiratory-patients"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2023-11/download-(8)3.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई :</strong> शहर में बढ़ते प्रदूषण के बीच, मुंबई के जेजे अस्पताल ने सांस की समस्याओं से पीड़ित मरीजों को आपातकालीन उपचार प्रदान करने के लिए एक अलग ओपीडी वार्ड खोला है। जेजे हॉस्पिटल ने कहा, देश और महाराष्ट्र, खासकर मुंबई में प्रदूषण बढ़ रहा है, इसलिए सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी की आशंका है। इसे देखते हुए मुंबई के जेजे हॉस्पिटल ने सांस संबंधी बीमारियों पर एक अध्ययन शुरू किया है।</p>
<p style="text-align:justify;">सांस के मरीज सुबह 8 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक विशेष ओपीडी में इलाज करा सकते हैं। ऐसे मरीजों का इलाज दोपहर के बाद किसी भी समय कैजुअल्टी या इमरजेंसी वार्ड में किया जाएगा।<br />प्रतिदिन सांस के मरीजों की संख्या की दैनिक रिपोर्ट वरिष्ठ कार्यालय को सौंपी जाएगी। जेजे अस्पताल ने कहा, "अगर सांस के मरीजों की संख्या बढ़ती है तो एक और अलग वार्ड खोला जाएगा।" इस बीच, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे राज्य में मौजूदा प्रदूषण की स्थिति की समीक्षा के लिए आज एक बैठक की अध्यक्षता करेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">मुंबई को उम्मीद है कि बुधवार को भारी बारिश स्वच्छ हवा के लिए हांफ रहे शहर के लिए राहत लेकर आएगी। सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी फोरकास्टिंग एंड रिसर्च (SAFAR-India) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, मुंबई में वर्तमान AQI 121 दर्ज किया गया। राज्य मंत्री दीपक केसरकर ने बुधवार को कहा कि मुंबई में बिगड़ती वायु गुणवत्ता को देखते हुए वायु प्रदूषण को कम करने के लिए निगम द्वारा कई नई पहल की जा रही हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">केसरकर ने एएनआई को बताया, प्रदूषण का स्तर निर्धारित स्तर से ऊपर है (मुंबई में)। और इसीलिए निगम द्वारा कई नई पहल की जा रही हैं। उनमें से एक है पानी से सड़कें साफ़ करना। दूसरा है निर्माण स्थलों पर पानी का छिड़काव। वायु प्रदूषण को कम करने के लिए फॉगिंग गन, जो हवा में पानी का छिड़काव करती है, का भी उपयोग किया जा रहा है। बॉम्बे हाई कोर्ट ने सोमवार को महाराष्ट्र सरकार और मुंबई और आसपास के इलाकों में नगर निगम अधिकारियों को बिगड़ते वायु प्रदूषण के मुद्दे को कम करने के लिए अंतरिम निर्देश पारित किए थे।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/25803/amidst-the-increasing-pollution-in-mumbai--jj-hospital-opened-a-separate-opd-ward-for-respiratory-patients</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/25803/amidst-the-increasing-pollution-in-mumbai--jj-hospital-opened-a-separate-opd-ward-for-respiratory-patients</guid>
                <pubDate>Thu, 09 Nov 2023 14:37:52 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2023-11/download-%288%293.jpg"                         length="9264"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Online Desk]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई के जेजे अस्पताल में रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल जारी, मरीजों की मुश्किलें बढ़ीं</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[जेजे अस्पताल के नेत्र विभाग में सीनियर डॉक्टरों और रेजिडेंट डॉक्टरों के बीच बढ़ते विवाद देखते हुए विधानसभा में नेता विपक्ष अजित पवार ने रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल को रोकने के लिए मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से हस्तक्षेप करने की मांग की है, क्योंकि इसके कारण मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/21665/resident-doctors-strike-continues-in-mumbais-jj-hospital-increasing-patients"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2023-06/resident-doctors-on-strike-at-jj-hospital.-ganesh-shirsekar.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबईः </strong>स्टाइपेंड के भुगतान व सर्जरी से दूर रखे जाने से नाराज जेजे अस्पताल के रेजिडेंट डॉक्टरों की तीसरे दिन भी हड़ताल जारी रही, जिसके चलते शुक्रवार को मरीजों की मुश्किलें बढ़ गईं। रेजिडेंट डॉक्टरों ने सोमवार से अपनी हड़ताल को राज्य स्तरीय करने की योजना बनाई है। अस्पताल की डीन डॉ पल्लवी सापले ने कहा कि हड़ताल करनेवाले डॉक्टरों के साथ हमारी बातचीत जारी है। हालांकि, डॉक्टरों की इस हड़ताल से होनेवाली परेशानी से बचने के पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं। शुक्रवार को अस्पताल में कुल 46 सर्जरी की गई। इसमें से 10 बड़ी सर्जरी थी, जबकि 36 छोटी सर्जरी की गई। इस बीच, अस्पताल की ओपीडी में 1,467 मरीज पहुंचे और 55 नए मरीज भर्ती किए गए। फिलहाल अस्पताल में 850 मरीज भर्ती हैं।</p>
<p><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/2023-06/resident-doctors-on-strike-at-jj-hospital.-ganesh-shirsekar.jpg" alt="Resident-doctors-on-strike-at-JJ-Hospital.-Ganesh-Shirsekar"></img></p>
<p>इससे पहले, बुधवार से अस्पताल परिसर में हड़ताल पर बैठे रेजिडेंट डॉक्टरों ने नेत्र चिकित्सा विभाग की प्रमुख डॉ रागिनी पारेख व अस्पताल के पूर्व डीन टी. पी. लहाने के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और उन्हें अस्पताल से बाहर करने की मांग की। एक रेजिडेंट डॉक्टर ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि अस्पताल के पूर्व डीन लहाने का कहना है कि वे स्टेप-बाय स्टेप सर्जरी सिखाते हैं, लेकिन उसे अस्पताल में 15 महीने बीत गए हैं। उसे अब तक सर्जरी के नाम पर कुछ नहीं करने दिया गया है, जबकि दूसरे अस्पतालों में ऐसा नहीं है...JJ Hospital resident doctors on strike....</p>
<p>अस्पताल के पूर्व डीन डॉक्टर लहाने ने रेजिडेंट डॉक्टरों की ओर से लगाए जा रहे आरोपों को लेकर शुक्रवार को मीडिया के सामने सफाई दी है। उन्होंने कहा कि नेत्र चिकित्सा विभाग काफी अच्छा काम कर रहा है। 1995 से पहले तक इस विभाग में केवल 30 मरीज आते थे। तब साल भर में आंखों की 600 सर्जरी होती थी। वर्तमान में 300 से 400 मरीज विभाग में रोजाना आ रहे हैं और साल भर में दस हजार से 18 हजार के करीब सर्जरी हो रही है।<br /><br />उन्होंने कहा कि पिछले 28 साल में 692 शिविर आयोजित कर 30 लाख मरीजों का उपचार किया गया है, जबकि 70 हजार मरीजों की सर्जरी की गई है। रेजिडेंट डॉक्टरों की शिकायत के बाद नेत्र चिकित्सा विभाग की प्रमुख पारेख का पक्ष सुने बिना ही जांच समिति का गठन कर दिया गया। सभी रेजिडेंट डॉक्टरों को पर्याप्त प्रशिक्षण दिया गया है। एक अंतराल के बाद रेजिडेंट डॉक्टरों को मोतियाबिंदु की सर्जरी का अवसर दिया जाता है। पूरे प्रकरण को लेकर एकतरफा जांच की गई है...JJ Hospital resident doctors on strike..</p>
<p>जेजे अस्पताल के आर्थोपेडिक वार्ड 10 में घुटने के इलाज के लिए भर्ती मरीज सफी की सर्जरी डॉक्टरों के हड़ताल के चलते टल गई। सोमवार से अस्पताल में भर्ती सफी की शुक्रवार को सर्जरी होनी थी। डेट दी गई थी, लेकिन जब सर्जरी का समय आया तो उन्हें बताया गया कि अब उ‌न्हें दोबारा ऑपरेशन की तारीख बताई जाएगी। कई अन्य मरीजों की भी सर्जरी टाल दी गई है। नेत्र चिकित्सा विभाग में इमरजेंसी सर्जरी को छोड़कर बाकी एक भी सर्जरी नहीं हुई है...JJ Hospital resident doctors on strike..</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/21665/resident-doctors-strike-continues-in-mumbais-jj-hospital-increasing-patients</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/21665/resident-doctors-strike-continues-in-mumbais-jj-hospital-increasing-patients</guid>
                <pubDate>Sat, 03 Jun 2023 10:50:27 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2023-06/resident-doctors-on-strike-at-jj-hospital.-ganesh-shirsekar.jpg"                         length="133790"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Online Desk]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हड़ताल से सरकारी अस्पताल बेहाल...  जेजे अस्पताल ने मनपा अस्पतालों के स्वास्थ्यकर्मियों का सहारा लिया</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[मरीजों को किसी भी परेशानी का सामना न करना पड़े इसलिए जेजे अस्पताल ने मनपा अस्पतालों के स्वास्थ्यकर्मियों का सहारा लिया। राज्य कर्मचारी संघ द्वारा शुरू हड़ताल में राज्य सरकार के अस्पतालों में कार्यरत नर्सों, तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के स्वास्थ्य कर्मचारियों ने भी हिस्सा लिया है। इन स्वास्थ्य कर्मियों के हड़ताल में शामिल होने से मुंबई के जेजे, कामा, जीटी, सेंट जॉर्ज अस्पताल के इनपेशेंट विभाग में मरीजों की देखभाल प्रभावित हुई है।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/18996/government-hospital-in-trouble-due-to-strike----jj-hospital-took-support-of-health-workers-of-municipal-hospitals"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2023-03/sd1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई :</strong> पुरानी पेंशन योजना को तत्काल लागू करने की मांग को लेकर कल से राज्य भर के सरकारी और अर्ध सरकारी कर्मचारी, शिक्षक व गैर शिक्षक संघ हड़ताल पर चले गए हैं। इस हड़ताल ने सरकारी अस्पतालों को बेहाल कर दिया है। मुंबई में राज्य सरकार द्वारा संचालित अस्पतालों में जहां आउट पेशेंट विभाग की सेवाएं सुचारु रूप से शुरू थीं, वहीं इनपेशेंट विभाग और सर्जरी पर कुछ हद तक असर पड़ा।</p>
<p>मरीजों को किसी भी परेशानी का सामना न करना पड़े इसलिए जेजे अस्पताल ने मनपा अस्पतालों के स्वास्थ्यकर्मियों का सहारा लिया। राज्य कर्मचारी संघ द्वारा शुरू हड़ताल में राज्य सरकार के अस्पतालों में कार्यरत नर्सों, तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के स्वास्थ्य कर्मचारियों ने भी हिस्सा लिया है। इन स्वास्थ्य कर्मियों के हड़ताल में शामिल होने से मुंबई के जेजे, कामा, जीटी, सेंट जॉर्ज अस्पताल के इनपेशेंट विभाग में मरीजों की देखभाल प्रभावित हुई है।</p>
<p>हालांकि, आउट पेशेंट विभाग में विभाग प्रमुखों, प्रोफेसर, रेजिडेंट डॉक्टर मरीज की सुचारू देखभाल सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे थे। हड़ताल के चलते ओपीडी में खासी भीड़ रही। बताया गया कि जेजे अस्पताल के ५० कर्मचारियों ने हड़ताल में हिस्सा नहीं लिया। इसी तरह अन्य अस्पतालों के कुछ कर्मचारियों ने हड़ताल में भाग नहीं लिया। इसके चलते आउट पेशेंट और गहन देखभाल इकाइयों में सेवाएं ज्यादा प्रभावित नहीं हुर्इं। सेंट जार्जेस, कामा अस्पताल में केवल अत्यावश्यक सर्जरियां की गर्इं, जबकि अन्य सभी सर्जरियों को आगे खिसका दिया गया। डीन डॉ. पल्लवी सापले ने कहा कि जेजे अस्पताल में कल ओपीडी में इलाज कराने के लिए २,००० मरीज पहुंचे।</p>
<p>इसके साथ ही यहां पहले से तय सभी सर्जरियां हुर्इं। उन्होंने कहा कि जेजे में ४५० प्राध्यापक, ८०० पीजी छात्र, १,२०० एमबीबीएस के छात्र और २५० इंटर्न डॉक्टर मरीजों को सेवाएं दे रहे थे। इसके साथ ही स्टूडेंट नर्सेस और १०० कॉन्ट्रैक्ट बेसिस पर कार्यरत कर्मियों की मदद ली गई। उन्होंने कहा कि हड़ताल से हो रही दिक्कतों को देखते हुए सेंट जार्जेस से ३८, कामा और जीटी अस्पताल से क्रमश: १००-१०० मरीजों को छुट्टी दे दी गई। डॉ. सापले ने कहा कि फिलहाल कल की परिस्थितियों का नियोजन करने के लिए मीटिंग हुई है।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/18996/government-hospital-in-trouble-due-to-strike----jj-hospital-took-support-of-health-workers-of-municipal-hospitals</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/18996/government-hospital-in-trouble-due-to-strike----jj-hospital-took-support-of-health-workers-of-municipal-hospitals</guid>
                <pubDate>Wed, 15 Mar 2023 10:59:21 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2023-03/sd1.jpg"                         length="769386"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Online Desk]]>
                    </dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        