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                <title>Mumbai Politics - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>Mumbai Politics RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>महायुती सरकार फिर घिरी: सेव्हन हिल्स हॉस्पिटल और ब्लड बैंक प्राइवेटाइजेशन प्रस्ताव पर सुधार समिति में हंगामा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई में सेव्हन हिल्स हॉस्पिटल और BMC ब्लड बैंक निजीकरण प्रस्ताव पर बड़ा विवाद। विपक्ष के विरोध के बाद प्रस्ताव पुनर्विचार के लिए लौटाए गए।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50005/mahayuti-government-again-surrounded-by-uproar-in-reform-committee-over"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-05/mumbai--india---feb--4--2016---seven-hills-hospita_1779909534605.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई महानगरपालिका (BMC) की सुधार समिति की बैठक में सेव्हन हिल्स हॉस्पिटल और नगर निगम ब्लड बैंकों के निजीकरण को लेकर जोरदार राजनीतिक विवाद देखने को मिला। विपक्ष के तीखे विरोध के बाद महायुती सरकार को असहज स्थिति का सामना करना पड़ा और कई प्रस्तावों को पुनर्विचार के लिए वापस भेजना पड़ा। <br /><br />रिपोर्ट्स के मुताबिक, अंधेरी स्थित 1500 बेड वाले SevenHills Hospital को Public-Private Partnership (PPP) मॉडल के तहत निजी कंपनी को सौंपने का प्रस्ताव रखा गया था। इसके साथ ही BMC अस्पतालों के ब्लड बैंक और रक्त प्रक्रिया सेवाओं को निजी संस्थाओं के हवाले करने का प्रस्ताव भी एजेंडे में शामिल था। </p>
<p><br />विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं का निजीकरण गरीब और मध्यमवर्गीय मरीजों के हितों के खिलाफ है। Aaditya Thackeray ने आरोप लगाया कि “मुंबई का खून और खुली जमीन बेची जा रही है।” उन्होंने कहा कि नागरिक स्वेच्छा से रक्तदान इस भरोसे के साथ करते हैं कि उसका उपयोग सार्वजनिक सेवा के लिए होगा, न कि व्यावसायिक लाभ के लिए। <br /><br />कांग्रेस नेता Ashraf Azmi ने भी सेव्हन हिल्स परियोजना का विरोध करते हुए कहा कि BMC कोविड काल में इस अस्पताल को सफलतापूर्वक चला चुकी है, इसलिए इसे निजी हाथों में देने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि एक बार इतनी बड़ी सार्वजनिक संपत्ति निजी कंपनियों को सौंप दी गई तो भविष्य में अन्य बड़े सरकारी अस्पतालों के निजीकरण का रास्ता खुल सकता है। <br /><br />बैठक में ब्लड बैंक निजीकरण प्रस्ताव पर भी भारी हंगामा हुआ। विपक्षी सदस्यों ने दावा किया कि निजी संस्थाओं को संचालन सौंपे जाने के बाद रक्त सेवाओं के शुल्क बढ़ सकते हैं और सार्वजनिक विश्वास प्रभावित होगा। कुछ नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रस्तावित मॉडल में निजी कंपनियां भारी मुनाफा कमाने की कोशिश कर रही हैं। <br /><br />जानकारी के अनुसार, प्रस्ताव में कांदिवली, घाटकोपर, वांद्रे, कुर्ला और बोरीवली के BMC अस्पतालों की रक्तपेढ़ियों और तकनीकी सेवाओं को PPP मॉडल पर चलाने की योजना शामिल थी। इसमें रक्त संग्रह, प्लाज्मा विभाजन और अन्य तकनीकी प्रक्रियाएं शामिल थीं। <br /><br />विवाद बढ़ने के बाद मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis के हस्तक्षेप की भी खबरें सामने आईं। बाद में सुधार समिति ने सेव्हन हिल्स हॉस्पिटल और ब्लड बैंक से जुड़े प्रस्तावों को पुनर्विचार के लिए प्रशासन के पास वापस भेज दिया। <br /><br />राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मुद्दा आने वाले BMC चुनावों में बड़ा राजनीतिक विषय बन सकता है। सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं के निजीकरण को लेकर विपक्ष लगातार महायुती सरकार पर दबाव बना रहा है। <br /><br />फिलहाल BMC प्रशासन ने कहा है कि प्रस्तावों पर आगे विस्तृत समीक्षा के बाद ही अगला निर्णय लिया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 29 May 2026 23:39:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rokthok Lekhani]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मुंबई महानगरपालिका चुनाव में सियासी घमासान, नवाब मलिक उतरे मैदान में, मोटरसाइकिल से किया ताबड़तोड़ प्रचार</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महानगरपालिका चुनाव में एनसीपी ने झोंकी पूरी ताकत, नवाब मलिक ने मोटरसाइकिल से किया ताबड़तोड़ प्रचार, कई वार्डों में उम्मीदवारों के समर्थन में जनसंपर्क तेज, 15 को मतदान 16 को नतीजे</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/46813/nawab-malik-entered-the-political-fray-in-the-mumbai-municipal"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-01/img_20260107_232123.jpg" alt=""></a><br /><p><br />मुंबई महानगरपालिका चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर पहुंच गई है। चुनावी रण में जीत सुनिश्चित करने के लिए एनसीपी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री श्री नवाब मलिक पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहे हैं। समय की कमी और लगातार बढ़ती भीड़ के चलते वे मोटरसाइकिल पर सवार होकर अलग-अलग इलाकों में तेजी से पहुंचते हुए जोरदार प्रचार करते दिखाई दिए।<br />एनसीपी उम्मीदवारों के समर्थन में श्री नवाब मलिक ने वार्ड नंबर 174 की उम्मीदवार शबाना परवीन, वार्ड नंबर 179 की उम्मीदवार रेहाना आरिफ सैयद तथा सायन कोलीवाड़ा की उम्मीदवार वसंती मुर्गेश देवेंद्र सहित मुंबई के विभिन्न हिस्सों में जनसंपर्क अभियान चलाया। हर इलाके में कार्यकर्ताओं और समर्थकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।</p>
<p><br />इस प्रचार अभियान के दौरान एनसीपी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी भी मौजूद रहे। इनमें कार्याध्यक्ष श्री सिद्धार्थ टी. कांबले, जिल्हाध्यक्ष वेंकटेश मानव, संजय तटकरे, संतोष धुवाले, विभिन्न तालुका अध्यक्ष, वार्ड अध्यक्ष तथा मुंबई माइनॉरिटी प्रेसिडेंट एवं निरीक्षक हाजी मुकेश शेख शामिल थे। सभी पदाधिकारियों ने एकजुट होकर प्रचार को धार दी और नवाब मलिक को अपनी गाड़ी में बैठाकर कई इलाकों में अभियान को आगे बढ़ाया।</p>
<p><br />एनसीपी के सभी पदाधिकारी और कार्यकर्ता इस चुनाव में पूरी ताकत झोंक चुके हैं। पार्टी नेताओं का कहना है कि जनता का मूड बदलाव की ओर है और अंतिम फैसला मतदाता ही करेंगे। गौरतलब है कि 15 तारीख को मतदान होगा, जबकि 16 तारीख को नतीजों की घोषणा की जाएगी।<br />इस मौके पर पूर्व कैबिनेट मंत्री नवाब मलिक ने साफ शब्दों में कहा,<br />“एनसीपी पार्टी के बिना महानगरपालिका में मेयर बनना संभव नहीं है।”<br />अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है और सभी की नजरें 15 तारीख के मतदान तथा 16 तारीख को आने वाले नतीजों पर टिकी हुई हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 07 Jan 2026 23:23:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rokthok Lekhani]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>माहीम वार्ड 190: पूर्व नगरसेवक वीरेन तांडेल का मनसे से इस्तीफ़ा, बीएमसी चुनाव से पहले सियासी हलचल</title>
                                    <description><![CDATA[<p><br />मुंबई के माहीम क्षेत्र की राजनीति में बीएमसी चुनाव से पहले एक अहम घटनाक्रम सामने आया है। माहीम वार्ड क्रमांक 190 से महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के पूर्व नगरसेवक वीरेन तांडेल ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफ़ा दे दिया है। उन्होंने यह इस्तीफ़ा मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे को पत्र लिखकर सौंपा है।</p>
<p><br />अपने इस्तीफ़ा पत्र में वीरेन तांडेल ने कहा है कि वे लंबे समय से मनसे में सक्रिय थे और पार्टी की ओर से उन्हें सम्मान और भरोसा भी मिला। लेकिन हाल के समय में माहीम विधानसभा क्षेत्र और प्रभाग स्तर पर संगठनात्मक कामकाज, निर्णय प्रक्रिया और व्यवहार</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/46804/mahim-ward-190-former-corporator-viren-tandels-resignation-from-mns"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-01/inshot_20260107_161059546.jpg" alt=""></a><br /><p><br />मुंबई के माहीम क्षेत्र की राजनीति में बीएमसी चुनाव से पहले एक अहम घटनाक्रम सामने आया है। माहीम वार्ड क्रमांक 190 से महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के पूर्व नगरसेवक वीरेन तांडेल ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफ़ा दे दिया है। उन्होंने यह इस्तीफ़ा मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे को पत्र लिखकर सौंपा है।</p>
<p><br />अपने इस्तीफ़ा पत्र में वीरेन तांडेल ने कहा है कि वे लंबे समय से मनसे में सक्रिय थे और पार्टी की ओर से उन्हें सम्मान और भरोसा भी मिला। लेकिन हाल के समय में माहीम विधानसभा क्षेत्र और प्रभाग स्तर पर संगठनात्मक कामकाज, निर्णय प्रक्रिया और व्यवहार को लेकर उनके मन में गहरी नाराज़गी पैदा हुई।</p>
<p><br />वीरेन टोंडल ने पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के साथ अपमानजनक व्यवहार, गुटबाज़ी और समन्वय की कमी लगातार देखने को मिली। उनके अनुसार यह स्थिति पार्टी की विचारधारा और मूल सिद्धांतों के विपरीत है, जिससे उनके लिए संगठन में आगे काम करना मुश्किल हो गया।</p>
<p><br />गौरतलब है कि बीएमसी चुनाव से पहले माहीम सीट शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट) को मनसे के साथ युति के तहत मिली है। इस राजनीतिक समीकरण के बाद माहीम क्षेत्र में अंदरूनी हलचल पहले से ही तेज़ थी। ऐसे माहौल में एक पूर्व नगरसेवक का इस्तीफ़ा मनसे के लिए झटका माना जा रहा है।</p>
<p><br />मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वीरेन तांडेल टिकट और संगठन में भूमिका को लेकर भी असंतुष्ट थे। उन्होंने बिना किसी व्यक्तिगत आरोप के पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और सभी पदों से इस्तीफ़ा देने का निर्णय लिया और राज ठाकरे के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए पत्र का समापन “जय महाराष्ट्र” के नारे के साथ किया।</p>
<p><br />वीरेन टोंडल के इस कदम को माहीम की स्थानीय राजनीति में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आगामी बीएमसी चुनावों से पहले यह इस्तीफ़ा मनसे की संगठनात्मक स्थिति और युति की जमीनी चुनौतियों को उजागर करता है। अब राजनीतिक हलकों में उनके अगले कदम को लेकर चर्चाएं तेज़ हो गई हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 07 Jan 2026 16:17:02 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>माहिम वार्ड 182: भाजपा बनाम शिवसेना (उद्धव गुट), बदले समीकरणों में सीधा मुकाबला</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका के वार्ड क्रमांक 182 में इस बार चुनावी मुकाबला भले ही सिर्फ चार उम्मीदवारों तक सीमित है, लेकिन इसके राजनीतिक मायने गहरे हैं। AIMIM इस बार चुनाव मैदान में नहीं है, जबकि 2017 में उसकी मौजूदगी ने नतीजों को सीधे तौर पर प्रभावित किया था।<br />2017 के बीएमसी चुनाव में इस वार्ड से शिवसेना के मिलिंद दत्ताराम वैद्य ने 6899 वोट (32.06%) हासिल कर जीत दर्ज की थी। दूसरे स्थान पर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के राजन सुरेश पार्कर रहे थे, जिन्हें 5476 वोट (25.45%) मिले थे। कांग्रेस को 3214 वोट (14.93%), भाजपा को 2685 वोट (12.47%)</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/46784/mahim-ward-182-bjp-vs-shiv-sena-uddhav-faction-changes"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-01/inshot_20260106_200656979.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका के वार्ड क्रमांक 182 में इस बार चुनावी मुकाबला भले ही सिर्फ चार उम्मीदवारों तक सीमित है, लेकिन इसके राजनीतिक मायने गहरे हैं। AIMIM इस बार चुनाव मैदान में नहीं है, जबकि 2017 में उसकी मौजूदगी ने नतीजों को सीधे तौर पर प्रभावित किया था।<br />2017 के बीएमसी चुनाव में इस वार्ड से शिवसेना के मिलिंद दत्ताराम वैद्य ने 6899 वोट (32.06%) हासिल कर जीत दर्ज की थी। दूसरे स्थान पर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के राजन सुरेश पार्कर रहे थे, जिन्हें 5476 वोट (25.45%) मिले थे। कांग्रेस को 3214 वोट (14.93%), भाजपा को 2685 वोट (12.47%) और AIMIM के रऊफ उस्मान मिठाईवाला को 1804 वोट (8.38%) प्राप्त हुए थे।</p>
<p><br />राजनीतिक विश्लेषण के अनुसार, AIMIM को मिले 1804 वोटों ने निर्णायक भूमिका निभाई थी। माना जाता है कि अगर AIMIM मैदान में न होती, तो इन वोटों का बड़ा हिस्सा मनसे और कांग्रेस की ओर जा सकता था। यही कारण रहा कि मजबूत वोट शेयर के बावजूद मनसे के राजन पार्कर जीत से 1423 वोट पीछे रह गए।</p>
<p><br />अब 2026 के चुनावी परिदृश्य में स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। शिवसेना विभाजन के बाद इस वार्ड में उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट ही शिवसेना का प्रतिनिधित्व कर रहा है, और उसे मनसे का समर्थन प्राप्त है। इससे 2017 में बंटे हुए मराठी वोटों के एकजुट होने की संभावना जताई जा रही है।</p>
<p><br />सबसे बड़ा राजनीतिक मोड़ यह है कि 2017 में मनसे उम्मीदवार रहे राजन सुरेश पार्कर इस बार भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। भाजपा को उम्मीद है कि पार्कर की स्थानीय पकड़ और 2017 में मिले मनसे वोटों का एक हिस्सा इस बार उसके खाते में आएगा।</p>
<p><br />वहीं, AIMIM के मैदान में न होने से लगभग 1800 वोटों का सवाल खड़ा हो गया है। यह वोट बैंक किस ओर झुकेगा, यही इस सीट का नतीजा तय करने वाला अहम फैक्टर माना जा रहा है।<br />कुल मिलाकर, वार्ड 182 का यह चुनाव सिर्फ उम्मीदवारों की लड़ाई नहीं, बल्कि 2017 में कटे वोटों के पुनर्संयोजन की परीक्षा है। बदले गठबंधन, पुराने आंकड़े और नए राजनीतिक समीकरण इस सीट को एक बार फिर कांटे की टक्कर में बदलते दिख रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 06 Jan 2026 20:08:09 +0530</pubDate>
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