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                <title>Bihar Government - Rokthok Lekhani</title>
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                <title>7 अफ्रीकी देशों में लड़कियों के लिए बिहार की साइकिल योजना सुपरहिट, UN ने की तारीफ</title>
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                        <![CDATA[बिहार की मुफ्त साइकिल योजना स्कूली छात्राओं के लिए एक महत्वपूर्ण योजना है. जिसके नतीजों को ध्यान में रखते हुए 7 अफ्रीकी देशों में इसे लागू किया गया है. बिहार की एक स्कीम देखते देखते कैसे अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में छा गई, आइए जानते हैं....]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/21202/bihars-cycle-scheme-for-girls-in-7-african-countries-has"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2023-05/e294h2dvgagtewd-1.webp" alt=""></a><br /><p>बिहार में लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए लाई गई एक स्कीम अब अंतरराष्ट्रीय सुर्खियां बटोर रही है. यहां बात बिहार की छात्राओं को दी जाने वाली फ्री साइकिल योजना की. जिसके प्रभाव की स्टडी के दौरान ये खुलासा हुआ है कि यह महत्वाकांक्षी योजना विदेशों में भी कारगर साबित हुई है. आपको बताते चलें कि इस योजना को जाम्बिया समेत 7 अफ्रीकी देशों में भी लागू किया गया है और अब संयुक्त राष्ट्र (UN) ने भी इस स्कीम की तारीफ करते हुए इस कामयाब मॉडल को प्रमोट किया है...Bihar's cycle scheme superhit..</p>
<p>गौरतलब है कि लड़कियों के लिए मुफ्त साइकिल स्कीम, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रमुख योजनाओं में से एक है जो साल 2006 में शुरू की गई थी. इस योजना के तहत 9वीं से 12वीं कक्षा तक की लड़कियों को स्कूल जाने के लिए मुफ्त साइकिलें दी जाती हैं. अब लड़कियों के लिए साइकिल के बिहार सरकार के इस मॉडल को अफ्रीकी देशों में सफलतापूर्वक दोहराया गया है...Bihar's cycle scheme superhit..</p>
<p> रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका की नॉर्थईस्टर्न यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर निशीथ प्रकाश ने तीन अन्य रिसर्चर्स के साथ इन नतीजों की जानकारी 'व्हील्स ऑफ चेंज: ट्रांसफॉर्मिंग गर्ल्स लाइव्स विथ साइकिल्स' की रिपोर्ट में दी है. आपको बताते चलें कि प्रोफेसर प्रकाश ने 2017 में एक अन्य शोधकर्ता कार्तिक मुरलीधरन के साथ, एशियाई विकास और अनुसंधान संस्थान (ADRI) पटना के लिए बिहार की साइकिल योजना के प्रभाव का अध्ययन किया था.</p>
<p><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/2023-05/e294h2dvgagtewd-1.webp" alt="E294h2dVgAgtEwd-1"></img></p>
<p>प्रकाश के मुताबिक ज़ाम्बिया में बिहार के इस मॉडल के लागू होने के एक साल बाद, स्कूलों में लड़कियों की अनुपस्थिति में 27 प्रतिशत की कमी आई है. वहीं देर से आने वाली छात्राओं में 66 प्रतिशत की कमी आई है और स्कूलों में छात्राओं की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है. शोध के नतीजों के मुताबिक छात्राओं के गणित परीक्षा के अंकों में सुधार हुआ था. पढ़ाई और शिक्षा की समझ बढ़ने से वहां छात्राओं ने कम उम्र में शादी करने से इनकार कर दिया. इसी तरह से जाम्बिया में गर्भधारण की सही उम्र को लेकर जागरूकता बढ़ी तो इस मॉडल को संयुक्त राष्ट्र ने आगे बढ़ाया तो कुछ और अफ्रीकी देशों में इस ट्रेंड को फॉलो किया...Bihar's cycle scheme superhit...</p>
<p>शोधकर्ताओं के मुताबिक ये योजना शिक्षा में लैंगिक अंतर को कम करने में भी कामयाब रही है. इस प्रोजेक्ट की कामयाबी का जिक्र करते हुए यूएन ने कहा कि इस स्कीम की वजह से स्कूलों में दाखिला लेने वाले लड़कियों की संख्या बढ़ी है. छात्राओं की उपस्थिति में भी इजाफा हुआ है. इस स्कीम से महिलाओं को सशक्त बनाने में भी मदद मिली है</p>]]>
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                <pubDate>Wed, 24 May 2023 11:39:43 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Online Desk]]>
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                <title>बीजेपी पर गरजे आनंद मोहन, कहा- वो छटपटा रहे हैं, क्यों वो जानते हैं, कमल दल को हाथी की तरह रौंद दूंगा</title>
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                        <![CDATA[काफी सालों बाद जेल से बाहर आए बिहार के माफिया आनंद मोहन ने महिषी में एक समारोह के दौरान बीजेपी पर करारा हमला बोला। आनंद मोहन ने कहा कि बीजेपी वाले मेरी रिहाई से डर गए हैं। मैं हाथी हूं उनके कमल को रौंद दूंगा-फाड़ दूंगा।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/21041/anand-mohan-roared-at-bjp"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2023-05/19_05_2023-anand_mohan_hearing_2_23416675_8525461.jpg" alt=""></a><br /><p>सुप्रीम कोर्ट से अगस्त तक राहत मिलने के बाद अब आनंद मोहन खुल कर सामने आ गए हैं। गोपालगंज के तत्कालीन डीएम जी कृष्णैया हत्याकांड में उम्र कैद की सजा काटने के बपूर्व सांसद आनंद मोहन जेल से बाहर आए हैं, तब से वह लागातर सामाजिक और राजनीतिक कार्यक्रमों में शामिल हो रहे हैं, बल्कि अपने पुराने रंग में भी नजर आने लगे हैं।  शुक्रवार को एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने बीजेपी पर बड़ा हमला करते हुए कहा वह जानते हैं कि आनंद मोहन कौन है, वह कमल दल को हाथी की तरह रौंद देगा। आनंद मोहन ने जिले के महिषी प्रखंड के महपुरा गांव में पूर्व मुखिया इंद्रदेव सिंह की प्रतिमा का अनावरण करने पहुंच थे।</p>
<p>पूर्व सांसद आनंद मोहन ने बीजेपी पर हमला करते हुए कहा कि मेरे जेल से निकलने के बाद छटपटाहट किसको है और क्यों है, वो हम समझ रहे हैं. दरअसल वो लोग ये जानते हैं ये आदमी कमल दल को हाथी की तरह रौंद देंगा. उन्होंने कहा कि हम जितने दिन रहेंगे, समाजवाद के लिए लड़ते रहेंगे. इस दौरान उन्होंने कहा कि उन पर दलित विरोधी होने का आरोप लगाया जा रहा है, जबकि सच्चाई जनता भी समझती है।</p>
<p><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/2023-05/19_05_2023-anand_mohan_hearing_2_23416675_8525461.jpg" alt="19_05_2023-anand_mohan_hearing_2_23416675_8525461"></img></p>
<p>पूर्व सांसद ने कहा कि महिषी इसका गवाह है कि राजपूतों की सात हजार से भी कम आबादी होने के बावजूद उन्होंने इस सीट पर 62 हजार से अधिक मतों से जीत दर्ज की थी, जबकि तब उनके सामने पिछड़ा समाज के सबसे कद्दावर नेता खड़े थे.</p>
<p>आनंद मोहन ने अपने विरोधियों पर निशाना साधते हुए कहा कि जिनको भी शक है वह महिषी, सहरसा, पंचगछिया और बिहरा में आकर पता लगा लें कि मेरा चरित्र कैसा है. उन्होंने कहा कि मैंने कई बार कहा कि मेरा कैरेक्टर दिल्ली तय नहीं करेगी. ना ही उत्तर प्रदेश की महिला नेता (मायावती) तय करेगी और ना ही आंध्र प्रदेश से ये तय होगा. ये तय बिहार से होगा और मैं आने वाले समय में इस बात को साबित भी करूंगा</p>]]>
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                <pubDate>Sat, 20 May 2023 18:16:28 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Online Desk]]>
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                <title>आनंद मोहन केस में सुप्रीम कोर्ट का अहम निर्देश, बिहार सरकार से मांगा वास्तविक रिकॉर्ड  </title>
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                        <![CDATA[बिहार के बाहुबली नेता और पूर्व सांसद आनंद मोहन की रिहाई के केस में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। इस सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए और वक्त दिया। सुप्रीम कोर्ट ने इस दौरान बिहार सरकार से आनंद मोहन की रिहाई के रेकॉर्ड भी पेश करने को कहा।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/20970/64672dd68e2a7"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2023-05/kspkgsgg_anand-mohan-ndtv-650-_650x400_25_april_23.webp" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली:</strong> <a href="https://www.tv9hindi.com/tag/bihar">बिहार</a> के बाहुबली नेता और पूर्व नेता आनंद मोहन की रिहाई के खिलाफ दाखिल याचिका पर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. इस दौरान मामले पर बिहार सरकार की ओर से समय से जवाब ना देने पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताई. इसी के साथ कोर्ट ने इस पर राजनीति करने से भी मना किया...SC gives last chance to Bihar government...</p>
<p><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/2023-05/kspkgsgg_anand-mohan-ndtv-650-_650x400_25_april_23.webp" alt="kspkgsgg_anand-mohan-ndtv-650-_650x400_25_April_23"></img></p>
<p>कोर्ट ने सभी पक्षकारों को ताकिद किया कि कोई भी इस मामले का कोर्ट में राजनीतिकरण नहीं करे. कोर्ट में सिर्फ कानूनी पहलू बताएं. वहीं याचिकाकर्ता ने इस मामले को जानबूझकर टालने का आरोप लगाया है. सुनवाई की शुरुआत होते ही याचिकाकर्ता की ओर से वकील सिद्धार्थ लूथरा ने कहा कि याचिका सबको प्रेषित की गई. लेकिन जानबूझकर मामले को टालने की मांग की जा रही है और जवाब नहीं दाखिल किया गया है.</p>
<p>इस पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताई और बिहार सरकार को जवाब दाखिल करने का आखिरी मौका दिया. अब इस मामले में अगली सुनवाई 1 अगस्त को होगी. बेंच ने बिहार सरकार को आखिरी मौका देते हुए कहा कि आगे सुनवाई को टाला नहीं जाएगा.</p>
<p>सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार को सजा में छूट के प्रावधानों से संबंधित बदलाव से जुड़े दस्तावेज पेश करने का आदेश दिया है. कोर्ट ने बिहार सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए एक हफ्ते का समय दिया है. इसी के साथ आनंद मोहन को भी एक हफ्ते में जवाब दाखिल करने का आखिरी मौका दिया गया है...SC gives last chance to Bihar government...</p>
<p>इसके अलावा कोर्ट ने याचिकाकर्ता को बिहार के हलफनामे पर जवाब देने के लिए दो सप्ताह का समय दिया है. बता दें, आनंद मोहन की रिहाई के खिलाफ गोपालगंज के तत्कालीन डीएम जी कृष्णैया की पत्नी उमा कृष्णैया ने याचिका दाखिल की थी. इससे पहले 8 मई को मामले की सुनवाई करते हुए बिहार सरकार और आनंद मोहन को नोटिस जारी किया गया था और 2 हफ्ते बाद सुनवाई की तारीख तय की थी. लेकिन ना ही बिहार सरकार और ना ही आनंद मोहन की ओर से अभी तक कोई जवाब दाखिल किया गया.</p>
<p>बता दें, आनंद मोहन जी कृष्णैया की हत्या मामले 16 साल तक जेल में था. इसके बाद बिहार सरकार ने कानून में बदलाव किया जिससे आनंद मोहन और 25 अन्य कैदी रिहा हो गए. जी कृष्णैया की पत्नी ने उनकी इसी रिहाई के खिलाफ याचिका दाखिल की थी...SC gives last chance to Bihar government...</p>
<p> </p>]]>
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                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/20970/64672dd68e2a7</link>
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                <pubDate>Fri, 19 May 2023 14:10:46 +0530</pubDate>
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                <title>सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार को नहीं दी राहत, पटना HC के आदेश पर रोक लगाने से किया इनकार</title>
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                        <![CDATA[उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को पटना उच्च न्यायालय के उस आदेश पर स्थगनादेश देने से इनकार कर दिया, जिसमें बिहार सरकार द्वारा कराए जा रहे जाति आधारित सर्वेक्षण पर रोक लगा दी गई थी। न्यायमूर्ति अभय एस. ओका और न्यायमूर्ति राजेश बिंदल की पीठ ने कहा कि इस बात की जांच करनी होगी कि क्या यह कवायद सर्वेक्षण की आड़ में जनगणना तो नहीं है। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/20951/supreme-court-did-not-give-relief-to-bihar-government-refused"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2023-05/16844030486465f368c918a.webp" alt=""></a><br /><p>बिहार में जातीय जनगणना  को लेकर बिहार सरकार को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) से बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने पटना हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाने से इंकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के बिहार सरकार ने एक ऑफिशियल लेटर का जिक्र किया और कहा कि जातीय जनगणना, जनगणना से अलग है। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने पटना हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाने से इंकार कर दिया है...Supreme Court refuses to lift stay on Bihar caste census...</p>
<p><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/2023-05/16844030486465f368c918a.webp" alt="16844030486465f368c918a"></img></p>
<p>सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार से पूछा कि सर्वे के मामले बिहार सरकार लोगों के प्राइवेसी और व्यक्तियों के डेटा को कैसे प्रोटेक्ट करेगा? सुप्रीम कोर्ट को जवाब देते हुए बिहार सरकार ने कहा कि बिहार के लोगों की प्राइवेसी को प्रोटेक्ट करने की जिम्मेदारी बिहार सरकार की है इसके लिए बिहार सरकार ने पहले से तैयारी कर रखी है।</p>
<p>बिहार सरकार ने आगे बताया कि पटना हाईकोर्ट ने मामले में बिहार सरकार की पूरी बात नहीं सुनी और जाति सर्वेक्षण पर तुरंत प्रभाव से रोक लगा दी। राज्य सरकार ने आगे बताया कि सर्वे का 80 फीसदी काम पूरा हो चुका है। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के बाद ये स्पष्ट किया कि वो हाईकोर्ट के आदेश पर रोक नहीं लगाएगा। इस मामले में बिहार सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से 10 दिन का और समय मांगा है ताकि सर्वे को पूरा किया जा सके। हाईकोर्ट के आदेश के बाद सब कुछ रोक दिया गया है जिसकी वजह से सर्वे का काम रुक गया है...Supreme Court refuses to lift stay on Bihar caste census...</p>
<p>इसके पहले 4 मई को पटना हाईकोर्ट ने बिहार की नीतीश कुमार सरकार को झटका देते हुए  जातिगत जनगणना पर अंतरिम रोक लगा दी थी। पटना हाईकोर्ट ने 3 मई को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था और 4 मई को अपना फैसला सुनाया था। चीफ जस्टिस के विनोद चंद्रन की अध्यक्षता वाली ये पीठ अब मामले में 3 जुलाई को अगली सुनवाई करेगी...Supreme Court refuses to lift stay on Bihar caste census...</p>
<p> </p>]]>
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                <pubDate>Thu, 18 May 2023 15:43:39 +0530</pubDate>
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