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                <title>victory - Rokthok Lekhani News </title>
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                <title>रूसी संसद में पुतिन की पार्टी का एकतरफा राज: विपक्ष पस्त, ऐतिहासिक 355 सीटों पर दर्ज की महाजीत</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन यूनाइटेड रशिया पार्टी के सदस्य नहीं हैं. हालांकि, वे 2008 से 2012 तक इसके अध्यक्ष जरूर रहे हैं. उस समय भी वे पार्टी के औपचारिक सदस्य नहीं थे. पार्टी नियमों के मुताबिक, अध्यक्ष होने के लिए सदस्यता अनिवार्य नहीं है. 2012 में पुतिन ने पार्टी अध्यक्ष पद छोड़ दिया था. इसके बाद दिमित्री मेदवेदेव को कमान सौंपी गई.</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51928/one-sided-rule-of-putins-party-in-russian-parliament-opposition-defeated"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-09/454sd.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>रूस : </strong>रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के समर्थन वाली युनाइटेड रशिया पार्टी ने बंपर बहुमत हासिल किया है. पुतिन की पार्टी ने संसद की 450 सीटों में से रिकॉर्ड 355 सीटें जीती हैं. एसोसिएटिड प्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक सेंट्रल इलेक्शन कमीशन के अनुसार, 95% से ज़्यादा पोलिंग स्टेशनों के नतीजों से पता चला कि क्रेमलिन की 'यूनाइटेड रशिया' पार्टी को पार्टियों के लिए तय 225 सीटों में से 58% से कुछ कम वोट मिले. बाकी 225 सांसद सिंगल-बैलेट मुकाबलों में चुने गए और नतीजों में 'यूनाइटेड रशिया' के उम्मीदवार इनमें से 208 सीटों पर आगे रहे.<br /><br />सेंट्रल इलेक्शन कमीशन की चेयरपर्सन एला पमफिलोवा ने कहा कि शुरुआती नतीजों से संकेत मिला है कि 'यूनाइटेड रशिया' को 450 में से 355 सीटें जीतीं, जो पार्टी के लिए अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा होगा.<br /><br />यह फरवरी 2022 में यूक्रेन के साथ शुरू हुए संघर्ष के बाद पहला संसदीय चुनाव है. पुतिन ने चुनाव को यूक्रेन में लड़ रहे रूसी सैनिकों के समर्थन से जोड़कर पेश किया था. 2021 के पिछले संसदीय चुनाव में यूनाइटेड रशिया ने स्टेट ड्यूमा 450 में से 324 सीटों पर कब्जा किया था.<br />इन चुनावों में युद्ध-विरोधी पार्टी याब्लोको को इस बार चुनाव लड़ने से रोक दिया गया था. हालांकि, पार्टी के कई नेताओं को कुछ सीटों से चुनाव लड़ने की इजाजत दे दी गई थी. कथित तौर पर कई सरकार विरोधी नेताओं और उम्मीदवारों को भी चुनाव लड़ने का मौका नहीं मिला. रूस में इस चुनाव में 56.66 फीसदी लोगों ने वोट डाला. मास्को में मतदान रिकॉर्ड स्तर पर रहा.</p>
<p style="text-align:justify;">राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन यूनाइटेड रशिया पार्टी के सदस्य नहीं हैं. हालांकि, वे 2008 से 2012 तक इसके अध्यक्ष जरूर रहे हैं. उस समय भी वे पार्टी के औपचारिक सदस्य नहीं थे. पार्टी नियमों के मुताबिक, अध्यक्ष होने के लिए सदस्यता अनिवार्य नहीं है. 2012 में पुतिन ने पार्टी अध्यक्ष पद छोड़ दिया था. इसके बाद दिमित्री मेदवेदेव को कमान सौंपी गई.</p>
<p style="text-align:justify;">ये चुनाव यूक्रेन के ड्रोन हमलों के बीच संपन्न हुए. रूस में संसदीय चुनाव के आखिरी दिन रविवार को यूक्रेन ने मास्को और आसपास के इलाकों में कथित तौर पर 1,600 से ज्यादा ड्रोन भेजे. मास्को के मेयर सर्गेई सोबयानिन ने दावा किया कि राजधानी को निशाना बनाकर 450 ड्रोन भेजे गए थे.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/51928/one-sided-rule-of-putins-party-in-russian-parliament-opposition-defeated</link>
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                <pubDate>Tue, 22 Sep 2026 15:19:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मुंबई : बीएमसी में जीत के बाद BJP ने घोषित की मुंबई की टीम, उत्तर भारतीयों को तवज्जो, जानें कौन क्या बना?</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई बीजेपी अध्यक्ष अमित साटम ने अपनी टीम की घोषणा कर दी। साटम ने अपनी टीम में युवाओं को बड़े पैमाने पर मौका दिया है। वहीं 81 सदस्यीय कमेटी में 24 उत्तर भारतीयों को जगह दी गई है। आचार्य पवन त्रिपाठी को महासचिव पद पर बरकरार रखा गया है। जबकि अमरजीत मिश्रा और पंकज यादव को उपाध्यक्ष , पूर्व नगरसेवक दीपक सिंह को युवा मोर्चा की कमान दी गई है।  </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48218/after-victory-in-mumbai-bmc-bjp-announced-mumbai-team-give"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-03/download---2026-03-06t110808.154.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>मुंबई बीजेपी अध्यक्ष अमित साटम ने अपनी टीम की घोषणा कर दी। साटम ने अपनी टीम में युवाओं को बड़े पैमाने पर मौका दिया है। वहीं 81 सदस्यीय कमेटी में 24 उत्तर भारतीयों को जगह दी गई है। आचार्य पवन त्रिपाठी को महासचिव पद पर बरकरार रखा गया है। जबकि अमरजीत मिश्रा और पंकज यादव को उपाध्यक्ष , पूर्व नगरसेवक दीपक सिंह को युवा मोर्चा की कमान दी गई है। साटम की कार्यकारिणी में प्रदीप मिश्रा को मुंबई उत्तर भारतीय मोर्चे का अध्यक्ष बनाया गया है। अभी कुछ दिन पहले ही रविंद्र चव्हाण ने प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा की थी। उसमें एक भी उत्तर भारतीय नेता को जगह नहीं दी गई थी। </p>
<p> </p>
<p><strong>साटम ने टीम में साधा संतुलन </strong><br />महाराष्ट्र बीजेपी अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण के उलट अमित साटम ने अपनी कार्यकारिणी में बड़े पैमाने पर उत्तर भारतीयों को शामिल किया है। इसे बीएमसी चुनाव में बीजेपी को मिली शानदार जीत का असर माना जा रहा है। जिसमें उत्तर भारतीय वोटरों ने एक मुश्त बीजेपी को वोट दिया था। उसी का परिणाम था कि बीजेपी 89 सीट जीतने में सफल रही और बीएमसी में पहली बार बीजेपी का महापौर बना है। बता दें कि मुंबई बीएमसी चुनाव से पहले आशीष शेलार की जगह अमित साटम को मुंबई बीजेपी अध्यक्ष बनाया गया था। जानकारों का कहना है कि साटम ने पार्टी में जातीय, क्षेत्रीय और भाषाई संतुलन बनाया है। उनकी टीम में युवा, महिला और नए चेहरों को मौका मिला है इसमें कई नगरसेवक भी शामिल हैं।</p>
<p><strong>मुंबई बीजेपी टीम की बड़ी बातें:</strong><br />अमित साटम ने 8 नेताओं को उपाध्यक्ष बनाया है। इसमें अभिजीत सामंत, अमरजीत मिश्रा, रवि राजा सहित किरण शेलार शामिल हैं।<br />3 महासचिव बनाए गए हैं। इसमें पवन त्रिपाठी के साथ राजेश शिरवडकर, विनोद शेलार और श्वेता पारुलकर शामिल हैं।<br />8 सचिव में मनोनीत नगरसेवक प्रतीक कर्पे, बिंदू त्रिवेदी , अखिलेश चौबे और रुक्मिणी खरटमल आदि शामिल हैं।<br />7 प्रवक्ता बनाए गए हैं। इनमें उज्जवल निकम के पुत्र अनिकेत निकम को प्रवक्ता बनाया गया है। साथ ही निरंजन शेट्टी और किशोर जोशी आदि शामिल हैं। </p>
<p><strong>कार्यकारिणी में ये 10 उत्तर भारतीय </strong><br />मुंबई बीजेपी अध्यक्ष अमित साटम की नई टीम में अखिलेश चौबे को सचिव,राहुल तिवारी, सुमिता सिंह, अजय सिंह और उदय प्रताप सिंह को प्रवक्ता बनाया गया है। साटम ने 25 सदस्यीय कार्यकारिणी की घोषणा की है, इसमें 10 उत्तर भारतीयों को जगह दी गई है , इसमें राजेश रस्तोगी, योगेश दुबे, अखिलेश सिंह , सीताराम तिवारी प्रमुख हैं। 27 मोर्चा अध्यक्षों की घोषणा की है। इसमें मुंबई युवा मोर्चे की कमान पूर्व नगरसेवक दीपक सिंह , उत्तर भारतीय मोर्चा का अध्यक्ष प्रदीप मिश्रा, एड मदन गुप्ता को लीगल सेल का सह संयोजक, उत्तराखंड सेल का अध्यक्ष महेंद्र सिंह गोसाई , बिहार प्रकोष्ठ का संयोजक मनोज झा और रिक्शा एवं टैक्सी चालक आघाडी का अध्यक्ष केके तिवारी को बनाया गया है। किरीट भंसाली को मुंबई का कोषाध्यक्ष बनाया गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 06 Mar 2026 11:11:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चंद्रपुर :नगर निगम चुनाव में कांग्रेस की जीत का जश्न</title>
                                    <description><![CDATA[<p>चंद्रपुर नगर निगम (सीसीएमसी) चुनाव में कांग्रेस ने ऐतिहासिक जीत हासिल करते हुए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक उलटफेर किया और 66 में से 28 सीटें जीतीं। कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने इस परिणाम को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के भ्रष्ट और जनविरोधी शासन के खिलाफ जनादेश बताया। इस जीत के बाद चंद्रपुर में व्यापक जश्न मनाया गया। कांग्रेस कार्यकर्ता और नागरिक सड़कों पर उतर आए और पटाखे और भगवा रंग का पाउडर (गुलाल) जलाकर जश्न मनाया। </p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/47053/celebration-of-congresss-victory-in-chandrapur-municipal-corporation-elections"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-01/download---2026-01-17t103428.910.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>चंद्रपुर : </strong>चंद्रपुर नगर निगम (सीसीएमसी) चुनाव में कांग्रेस ने ऐतिहासिक जीत हासिल करते हुए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक उलटफेर किया और 66 में से 28 सीटें जीतीं। कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने इस परिणाम को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के भ्रष्ट और जनविरोधी शासन के खिलाफ जनादेश बताया। इस जीत के बाद चंद्रपुर में व्यापक जश्न मनाया गया। कांग्रेस कार्यकर्ता और नागरिक सड़कों पर उतर आए और पटाखे और भगवा रंग का पाउडर (गुलाल) जलाकर जश्न मनाया। </p>
<p> </p>
<p>राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो भाजपा के भीतर विभाजन, विशेष रूप से भाजपा विधायकों सुधीर मुनगंटीवार और किशोर जोरगेवार के बीच दरार, कांग्रेस के लिए राजनीतिक लाभ का स्रोत साबित हुआ। पार्टी नेतृत्व के हस्तक्षेप के बावजूद, मुनगंटीवार और जोरगेवार अपने मतभेदों को सुलझाने में विफल रहे, क्योंकि दोनों के बीच बढ़ती दरार ने पार्टी कार्यकर्ताओं के मनोबल पर प्रतिकूल प्रभाव डाला। मुंगंटीवार ने मतदान प्रणाली में सुधार की पुरजोर वकालत की, जिससे कांग्रेस को राज्य चुनाव आयोग पर चुनाव संचालन को लेकर अपने हमले तेज करने का मौका मिल गया।</p>
<p>हालांकि, कांग्रेस ने एकजुटता का प्रदर्शन करते हुए हाल ही में संपन्न चंद्रपुर नगर परिषद और नगर पंचायत चुनावों में अपनी जीत का पूरा फायदा उठाया। चुनाव परिणामों पर बोलते हुए वडेट्टीवार ने कहा कि जनता ने भाजपा को उसके सत्ता के अहंकार, झूठे वादों और भ्रष्ट नीतियों के कारण नकार दिया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि चंद्रपुर के नागरिकों ने विकास, पारदर्शिता और जन कल्याण के लिए कांग्रेस पर भरोसा जताया है। उन्होंने कहा कि महंगाई, बेरोजगारी, जल संकट, अपशिष्ट प्रबंधन की विफलता और करोड़ों के घोटालों जैसे मुद्दों पर लोग भाजपा से बेहद असंतुष्ट थे। यह परिणाम जनता के उस आक्रोश का स्पष्ट प्रतिबिंब है। नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, कांग्रेस स्थानीय सरकार बनाने की मजबूत स्थिति में है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/47053/celebration-of-congresss-victory-in-chandrapur-municipal-corporation-elections</link>
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                <pubDate>Sat, 17 Jan 2026 10:35:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : कौन होगा नया मेयर? भारतीय जनता पार्टी की जीत के बाद 5 चेहरों पर चर्चा, अब फडणवीस पूरा करेंगे चुनावी वादा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>बीएमसी चुनाव के नतीजों ने मुंबई की राजनीति की पूरी तस्वीर बदल दी है. भारतीय जनता पार्टी (भारतीय जनता पार्टी) ने इस महाजंग में ऐतिहासिक जीत दर्ज कर देश की सबसे अमीर महानगर पालिका पर अपना परचम लहरा दिया है. इस बड़ी जीत के साथ ही अब सबकी नजरें इस सवाल पर टिकी हैं कि मुंबई का अगला मेयर कौन होगा?</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/47045/who-will-be-the-new-mayor-of-mumbai-after-the"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-01/images---2026-01-17t102052.723.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>बीएमसी चुनाव के नतीजों ने मुंबई की राजनीति की पूरी तस्वीर बदल दी है. भारतीय जनता पार्टी (भारतीय जनता पार्टी) ने इस महाजंग में ऐतिहासिक जीत दर्ज कर देश की सबसे अमीर महानगर पालिका पर अपना परचम लहरा दिया है. इस बड़ी जीत के साथ ही अब सबकी नजरें इस सवाल पर टिकी हैं कि मुंबई का अगला मेयर कौन होगा? चुनाव प्रचार के दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बेहद प्रभावशाली और रणनीतिक बयान दिया था कि “मुंबई का अगला मेयर हिंदू और मराठी होगा.” अब जब नतीजे बीजेपी के पक्ष में आए हैं, तो फडणवीस का यह वादा केवल एक राजनीतिक बयान नहीं बल्कि बीजेपी के लिए एक बड़ी चुनौती और अवसर बन गया है. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि स्थानीय पहचान और क्षेत्रीय गौरव को बढ़ावा देना कोई संकीर्ण राजनीति नहीं बल्कि संवैधानिक अधिकार है.</p>
<p> </p>
<p>बीएमसी चुनाव 2026 के नतीजों में भारतीय जनता पार्टी (भारतीय जनता पार्टी) सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के “मेयर हिंदू और मराठी होगा” वाले बयान के बाद, पार्टी के भीतर उन चेहरों की चर्चा तेज हो गई है जो इस कसौटी पर खरे उतरते हैं.</p>
<p><strong>बीएमसी मेयर पद के लिए इन 5 नामों पर चर्चा</strong><br />1. तेजस्वी घोसालकर : दहिसर (वार्ड नंबर 2) से 10,000 से अधिक वोटों से जीत दर्ज करने वाली तेजस्वी इस समय बीजेपी की सबसे बड़ी ‘पोस्टर गर्ल’ हैं. उन्होंने उद्धव गुट के गढ़ में सेंध लगाई है. वह युवा हैं, शिक्षित हैं और मुख्यमंत्री के ‘मराठी-हिंदू’ फॉर्मूले में पूरी तरह फिट बैठती हैं.</p>
<p>2. प्रकाश दरेकर : विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष प्रवीण दरेकर के भाई प्रकाश दरेकर ने वार्ड नंबर 3 से शानदार जीत हासिल की है. दरेकर परिवार का मुंबई और विशेषकर उत्तर-पश्चिम मुंबई के मराठी वोट बैंक पर जबरदस्त प्रभाव है. उनके पास प्रशासनिक अनुभव भी है, जो उन्हें मेयर पद का प्रबल दावेदार बनाता है.</p>
<p>3. प्रभाकर शिंदे : बीएमसी में बीजेपी के पूर्व गुट नेता प्रभाकर शिंदे पार्टी के सबसे अनुभवी पार्षदों में से एक हैं. उन्हें नगर निगम के कामकाज और नियमों की गहरी समझ है. ‘मराठी चेहरा’ होने के साथ-साथ अनुभवी होने के कारण वह मेयर की कुर्सी के लिए सुरक्षित विकल्प माने जा रहे हैं.</p>
<p>4. मकरंद नार्वेकर : विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर के भाई मकरंद नार्वेकर दक्षिण मुंबई के एक रसूखदार नाम हैं. वह लगातार जीतते आ रहे हैं और कोलाबा क्षेत्र में उनकी पकड़ बहुत मजबूत है. हालांकि वह ‘मराठी’ वर्ग से आते हैं, लेकिन उनकी छवि एक आधुनिक और विकासवादी नेता की है, जिसे बीजेपी भुनाना चाहेगी.</p>
<p>5. राजश्री शिरवाडकर : वार्ड नंबर 172 से जीतने वाली राजश्री शिरवाडकर बीजेपी की एक निष्ठावान और आक्रामक मराठी महिला चेहरा हैं. अगर पार्टी किसी महिला को मेयर बनाने का फैसला करती है (आरक्षण के आधार पर), तो राजश्री का नाम सबसे ऊपर होगा. वह स्थानीय मुद्दों पर काफी सक्रिय रहती हैं.<br />बीएमसी चुनाव परिणाम और मेयर का पद</p>
<p><strong>1. बीजेपी की ऐतिहासिक जीत</strong><br />बीएमसी चुनाव 2026 में बीजेपी ने दशकों पुराने शिवसेना के दबदबे को किनारे करते हुए सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरकर सबको चौंका दिया है. विकास के एजेंडे और हिंदुत्व के मेल ने बीजेपी को वह जादुई आंकड़ा छूने में मदद की है जिसकी तलाश उसे वर्षों से थी. इस जीत ने साफ कर दिया है कि मुंबई की जनता ने अब डबल इंजन सरकार पर भरोसा जताया है.</p>
<p><strong>2. मुख्यमंत्री फडणवीस का ‘हिंदू-मराठी’ कार्ड</strong><br />देवेंद्र फडणवीस ने मेयर के चयन को लेकर जो स्टैंड लिया है वह काफी चर्चा में है. उन्होंने अपने बयान का बचाव करते हुए कहा कि चेन्नई, हैदराबाद और अहमदाबाद जैसे कॉस्मोपॉलिटन शहरों में अगर वहां की स्थानीय पहचान वाले मेयर हो सकते हैं तो मुंबई में क्यों नहीं? उनके मुताबिक मुंबई की जड़ों से जुड़ा मेयर होना शहर के सांस्कृतिक और सामाजिक ताने-बाने के लिए जरूरी है.</p>
<p><strong>3. ‘मराठी-वाद’ नहीं, क्षेत्रीय गौरव की बात</strong><br />मुख्यमंत्री ने यह तर्क दिया है कि मराठी अस्मिता की बात करना ‘मराठी-वाद’ नहीं है. उनका मानना है कि जिस तरह अन्य राज्यों में स्थानीय भाषा और पहचान को सम्मान दिया जाता है, महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में भी उसी संवैधानिक परंपरा का पालन होना चाहिए. यह बयान सीधे तौर पर उन मराठी मतदाताओं को साधने की कोशिश है जो पारंपरिक रूप से शिवसेना के साथ रहे हैं.</p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Sat, 17 Jan 2026 10:26:38 +0530</pubDate>
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