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                <title>Myanmar - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>Myanmar RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुंबई:  म्यांमार में बंधक भारतीय युवक, मां ने गहने बेचकर दी 8 लाख फिरौती</title>
                                    <description><![CDATA[<p>विदेश में अच्छी नौकरी का सपना दिखाकर युवाओं को ठगने और मानव तस्करी के जाल में फंसाने वाले अंतरराष्ट्रीय गिरोह का एक और मामला सामने आया है। मुंबई के तलोजा निवासी 23 वर्षीय साहिल तिवारी कथित तौर पर म्यांमार में ‘साइबर गुलामी’ का शिकार हो गए हैं। परिवार का आरोप है कि उन्हें बैंकॉक में नौकरी दिलाने का झांसा देकर पहले विदेश बुलाया गया और बाद में म्यांमार ले जाकर बंधक बना लिया गया। बेटे की रिहाई के लिए परिवार ने करीब 8 लाख रुपये की फिरौती भी दी, लेकिन इसके बावजूद साहिल की वापसी नहीं हो सकी है।</p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50840/mumbai-mother-of-indian-youth-held-hostage-in-myanmar-sells"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-07/images---2026-07-20t123813.022.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong> विदेश में अच्छी नौकरी का सपना दिखाकर युवाओं को ठगने और मानव तस्करी के जाल में फंसाने वाले अंतरराष्ट्रीय गिरोह का एक और मामला सामने आया है। मुंबई के तलोजा निवासी 23 वर्षीय साहिल तिवारी कथित तौर पर म्यांमार में ‘साइबर गुलामी’ का शिकार हो गए हैं। परिवार का आरोप है कि उन्हें बैंकॉक में नौकरी दिलाने का झांसा देकर पहले विदेश बुलाया गया और बाद में म्यांमार ले जाकर बंधक बना लिया गया। बेटे की रिहाई के लिए परिवार ने करीब 8 लाख रुपये की फिरौती भी दी, लेकिन इसके बावजूद साहिल की वापसी नहीं हो सकी है।</p>
<p> </p>
<p>साहिल तिवारी के परिवार के मुताबिक, उन्हें विदेश में बेहतर नौकरी और अच्छे भविष्य का सपना दिखाया गया था। नौकरी की तलाश में साहिल इस प्रस्ताव पर भरोसा कर विदेश गए, लेकिन वहां पहुंचने के बाद हालात पूरी तरह बदल गए। परिवार का आरोप है कि उन्हें म्यांमार में एक ऐसे गिरोह के हाथों सौंप दिया गया, जो लोगों को जबरन ऑनलाइन ठगी और साइबर अपराधों में शामिल कराता है। परिवार ने बताया कि साहिल को म्यांमार में कथित तौर पर साइबर गुलामी करने के लिए मजबूर किया गया। वहां मौजूद लोगों ने उनकी रिहाई के बदले पैसों की मांग की। बेटे को वापस लाने की उम्मीद में परिवार ने किसी तरह रकम जुटाई और करीब 8 लाख रुपये का भुगतान किया। इस रकम को जुटाने के लिए साहिल की कैंसर पीड़ित मां को अपने मंगलसूत्र और अन्य गहने तक बेचने पड़े।<br />परिवार के लिए सबसे दर्दनाक स्थिति यह है कि इतनी बड़ी रकम देने के बाद भी साहिल की कोई पुख्ता जानकारी नहीं मिल पाई है। मां की बीमारी और परिवार की आर्थिक स्थिति के बावजूद उन्होंने बेटे की जिंदगी बचाने के लिए अपने सबसे कीमती सामान तक बेच दिए, लेकिन अभी तक बेटे की सुरक्षित वापसी नहीं हो सकी है। साहिल के परिवार ने अब केंद्र सरकार, विदेश मंत्रालय और मुंबई पुलिस से मदद की गुहार लगाई है। परिवार का कहना है कि इस मामले को केवल विदेश में नौकरी से जुड़े विवाद के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि इसे मानव तस्करी के गंभीर मामले के तौर पर जांच की जानी चाहिए।</p>
<p>विशेषज्ञों के अनुसार, दक्षिण-पूर्व एशिया के कई देशों में साइबर अपराध से जुड़े गिरोह युवाओं को फर्जी नौकरी के ऑफर देकर अपने जाल में फंसा रहे हैं। इन युवाओं को पहले थाईलैंड, म्यांमार, कंबोडिया जैसे देशों में भेजा जाता है और बाद में उन्हें जबरन ऑनलाइन धोखाधड़ी जैसे कामों में लगाया जाता है। कई मामलों में पीड़ितों को बंधक बनाकर उनके परिवारों से फिरौती की मांग की जाती है। परिवार का कहना है कि साहिल के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ है। उन्हें बैंकॉक में नौकरी का भरोसा दिया गया था, लेकिन बाद में उन्हें म्यांमार भेज दिया गया। वहां से उन्हें बाहर निकलने का मौका नहीं दिया गया और लगातार दबाव बनाया गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Jul 2026 12:38:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई: म्यांमार में साइबर गुलामी केंद्रों में भारतीयों की तस्करी; व्यक्ति गिरफ्तार </title>
                                    <description><![CDATA[<p>केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने मुंबई निवासी सुनील नेल्लाथु रामकृष्णन को गिरफ्तार किया है, जिस पर एक मानव तस्करी रैकेट का मास्टरमाइंड होने का आरोप है। इस रैकेट पर कथित तौर पर म्यांमार में साइबर धोखाधड़ी के संचालन के लिए भारतीय नागरिकों को ले जाने का आरोप है। अधिकारियों के अनुसार, इन व्यक्तियों को आकर्षक नौकरियों के झूठे वादे करके बहकाया गया और बाद में धोखाधड़ी की गतिविधियों में भाग लेने के लिए मजबूर किया गया।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48741/mumbai-man-arrested-for-trafficking-indians-into-cyber-slavery-centers"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-03/download---2026-03-27t121935.582.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने मुंबई निवासी सुनील नेल्लाथु रामकृष्णन को गिरफ्तार किया है, जिस पर एक मानव तस्करी रैकेट का मास्टरमाइंड होने का आरोप है। इस रैकेट पर कथित तौर पर म्यांमार में साइबर धोखाधड़ी के संचालन के लिए भारतीय नागरिकों को ले जाने का आरोप है। अधिकारियों के अनुसार, इन व्यक्तियों को आकर्षक नौकरियों के झूठे वादे करके बहकाया गया और बाद में धोखाधड़ी की गतिविधियों में भाग लेने के लिए मजबूर किया गया।</p>
<p> </p>
<p>जांचों से संगठित अंतरराष्ट्रीय आपराधिक सिंडिकेटों के संचालन का खुलासा हुआ है। ये समूह पीड़ितों को थाईलैंड में नौकरी के प्रस्तावों का लालच देते हैं, केवल उन्हें दिल्ली से बैंकॉक और फिर गुप्त रूप से म्यांमार भेजने के लिए। म्यांमार में, विशेष रूप से म्यावाडी क्षेत्र के केके पार्क में, पीड़ितों को साइबर धोखाधड़ी में शामिल होने के लिए मजबूर किया जाता है, जिसमें डिजिटल गिरफ्तारी और क्रिप्टोकरेंसी निवेश धोखाधड़ी शामिल है। </p>
<p> प्रताड़ना और शोषण पीड़ितों को अवैध नजरबंदी, डराने-धमकाने और शारीरिक व मानसिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ता है। उनकी गतिविधियों को गंभीर रूप से प्रतिबंधित किया जाता है, क्योंकि उन्हें भारत सहित वैश्विक पीड़ितों को निशाना बनाने वाले विभिन्न साइबर घोटालों को अंजाम देने के लिए मजबूर किया जाता है। सीबीआई की जांच में मार्च और नवंबर 2025 में थाईलैंड से प्रत्यर्पित किए गए पीड़ितों के विस्तृत साक्षात्कार शामिल थे।</p>
<p>मुख्य सूत्रधार की पहचान जांच में सुनील उर्फ ​​कृष्ण को तस्करी रैकेट के भीतर एक प्रमुख सूत्रधार के रूप में उजागर किया गया। दक्षिण पूर्व एशिया में पीड़ितों के अवैध परिवहन और शोषण में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण थी। सुनील को निगरानी में रखा गया और मुंबई पहुंचने पर गिरफ्तार कर लिया गया। उनके आवास पर तलाशी के दौरान म्यांमार और कंबोडिया में तस्करी के संचालन से जुड़े डिजिटल सबूत मिले। सीबीआई इन आपराधिक नेटवर्क को खत्म करने और जिम्मेदार लोगों को न्याय दिलाने के लिए अपने प्रयासों को जारी रखे हुए है, ताकि विदेशों में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।<br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 27 Mar 2026 12:21:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नेपीडॉ: म्यांमार में भूकंप के 3 दिन बाद मलबे में दबी लाशों की फैली भीषण दुर्गंध... </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">म्यांमार के दूसरे सबसे बड़े शहर की सड़कों पर रविवार को सड़ते हुए शवों की गंध फैली हुई थी, क्योंकि लोग किसी जीवित व्यक्ति को खोजने की उम्मीद में मलबा हटाने के लिए हाथों से काम कर रहे हैं। दो दिन पहले आए भीषण भूकंप में 1,600 से अधिक लोग मारे गए हैं और अनगिनत लोग दब गए, जिनकी तलाश की जा रही है। </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/39399/naypyidaw--3-days-after-the-earthquake-in-myanmar--the-stench-of-dead-bodies-buried-in-the-rubble-spreads"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-03/download1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नेपीडॉ: </strong>म्यांमार में भूकंप के 3 दिन बाद मलबे में दबी लाशों की भीषण दुर्गंध चारों ओर फैल गई है। इससे रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने वाली टीम के सामने बड़ी चुनौती आ गई है। साथ ही आसपास के लोगों को महामारी की चपेट में भी आने का खतरा बढ़ गया है। जैसे-जैसे वक्त बीतता जा रहा है, तैसे-तैसे मलबे में दबे लोगों के जीवित मिलने की उम्मीदें कम होती जा रही हैं। भारत से भी कई टीमें म्यांमार में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने और घायलों के इलाज के लिए पहुंच चुकी हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">म्यांमार के दूसरे सबसे बड़े शहर की सड़कों पर रविवार को सड़ते हुए शवों की गंध फैली हुई थी, क्योंकि लोग किसी जीवित व्यक्ति को खोजने की उम्मीद में मलबा हटाने के लिए हाथों से काम कर रहे हैं। दो दिन पहले आए भीषण भूकंप में 1,600 से अधिक लोग मारे गए हैं और अनगिनत लोग दब गए, जिनकी तलाश की जा रही है। <br /><br />शुक्रवार दोपहर को 7.7 तीव्रता का भूकंप आया, जिसका केंद्र मांडले के पास था। इससे झूले की तरह धरती डोलने लगी। कई इमारतें गिर गईं। इस दौरान शहर के हवाई अड्डे जैसे तमाम बुनियादी और ऐतिहासिक ढांचे को बड़ा नुकसान पहुंचा। टूटी हुई सड़कों, गिरे हुए पुलों, संचार व्यवस्था में गड़बड़ी और गृहयुद्ध के बीच देश में काम करने की चुनौतियों के कारण राहत कार्य बाधित हो रहे हैं।<br /><br />स्थानीय निवासियों द्वारा जीवित बचे लोगों की तलाश मुख्य रूप से भारी उपकरणों की सहायता के बिना की गई है, जो 41 डिग्री सेल्सियस (106 फ़ारेनहाइट) की गर्मी में हाथों और फावड़ियों से मलबा हटा रहे हैं, केवल कभी-कभार ट्रैक किए गए उत्खननकर्ता दिखाई देते हैं। हालांकि अब भारत से बड़ी सहायता पहुंच गई है। एनडीआरएफ की टीमें रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर चुकी हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 30 Mar 2025 18:48:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत-म्यांमार बॉर्डर के पास जंगल में पूर्व विधायक की गोली मारकर हत्या... </title>
                                    <description><![CDATA[<p>युमसेन साल 2009 में खोंसा पश्चिम सीट से कांग्रेस की टिकट पर जीते थे और विधानसभा सदस्य बने थे। साल 2015 में उन्होंने बीजेपी ज्वाइन कर ली। राजनीति से पहले वह जिला वयस्क शिक्षा अधिकारी के रूप में भी काम कर चुके थे।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/26889/former-mla-shot-dead-in-forest-near-india-myanmar-border"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2023-12/download-(5)10.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>म्यांमार </strong>: भारत-म्यांमार बॉर्डर के पास एक पूर्व विधायक की गोली मारकर हत्या करने का मामला सामने आया है। अरुणाचल प्रदेश के तिराप से 56 खोंसा पश्चिम निर्वाचन क्षेत्र के पूर्व विधायक युमसेन माटे की शनिवार दोपहर करीब 2 बजे लाज़ू सर्कल के राहो गांव के पास जंगल में अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। लाजु थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी गई है। ये जानकारी तिराप जिला पुलिस के हवाले से सामने आई है।<br /><br />युमसेन साल 2009 में खोंसा पश्चिम सीट से कांग्रेस की टिकट पर जीते थे और विधानसभा सदस्य बने थे। साल 2015 में उन्होंने बीजेपी ज्वाइन कर ली। राजनीति से पहले वह जिला वयस्क शिक्षा अधिकारी के रूप में भी काम कर चुके थे।</p>
<p style="text-align:justify;">वह साल 2024 का चुनाव लड़ने का मन बना रहे थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, युमसेन माटे अपने समर्थकों के साथ गांव गए थे, जहां बहाने से उन्हें जंगल की तरफ ले जाया गया और गोली मार दी गई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। </p>]]></content:encoded>
                
                

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/26889/former-mla-shot-dead-in-forest-near-india-myanmar-border</link>
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                <pubDate>Sun, 17 Dec 2023 04:50:49 +0530</pubDate>
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