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                <title>disqualification - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>disqualification RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>बांद्रा वेस्ट हाउसिंग सोसाइटी की प्रबंध समिति की अयोग्यता और प्रशासक की नियुक्ति रद्द </title>
                                    <description><![CDATA[<p>बॉम्बे हाईकोर्ट ने बांद्रा वेस्ट हाउसिंग सोसाइटी की प्रबंध समिति की अयोग्यता और प्रशासक की नियुक्ति को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने इन कार्यों को "अवैध" और "शक्ति का दुरुपयोग" बताया है। न्यायमूर्ति अमित बोरकर ने सोमवार को महाराष्ट्र सहकारिता विभाग के प्रधान सचिव को सहकारी समितियों के उप रजिस्ट्रार के आचरण की "निष्पक्ष और व्यापक" जांच करने के लिए एक वरिष्ठ अधिकारी नियुक्त करने का निर्देश दिया, जिन्होंने आदेश पारित किए थे।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/41241/disqualification-of-managing-committee-of-bandra-west-housing-society-and-cancellation-of-appointment-of-administrator"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-06/download---2025-06-11t124219.579.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>बॉम्बे हाईकोर्ट ने बांद्रा वेस्ट हाउसिंग सोसाइटी की प्रबंध समिति की अयोग्यता और प्रशासक की नियुक्ति को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने इन कार्यों को "अवैध" और "शक्ति का दुरुपयोग" बताया है। न्यायमूर्ति अमित बोरकर ने सोमवार को महाराष्ट्र सहकारिता विभाग के प्रधान सचिव को सहकारी समितियों के उप रजिस्ट्रार के आचरण की "निष्पक्ष और व्यापक" जांच करने के लिए एक वरिष्ठ अधिकारी नियुक्त करने का निर्देश दिया, जिन्होंने आदेश पारित किए थे। आठ सप्ताह के भीतर अनुपालन रिपोर्ट मांगी गई है। कोर्ट बांद्रा त्रिशूल परिसर सहकारी आवास सोसाइटी की प्रबंध समिति के छह सदस्यों द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिन्हें फरवरी 2025 में उप रजिस्ट्रार ने छह साल के लिए अयोग्य घोषित कर दिया था।</p>
<p> </p>
<p>सोसाइटी के सदस्यों की शिकायतों के बाद अयोग्यता की गई, जिसमें सोसाइटी के पुनर्विकास के लिए डेवलपर की नियुक्ति में अनियमितताओं का आरोप लगाया गया था। याचिकाकर्ताओं - हरीश अरोड़ा, वेनेटिया पालिया, फिरोज करमाली, खालिद उमर वकानी, नफीस खान और विनय वढेरा - ने तर्क दिया कि डेवलपर की नियुक्ति को सोसायटी की आम सभा ने मंजूरी दी थी, जो सर्वोच्च निर्णय लेने वाला प्राधिकरण है।</p>
<p>अदालत ने सहमति जताते हुए कहा, "ऐसी स्थिति में, प्रबंध समिति को मनमाने ढंग से या सोसायटी की सामूहिक इच्छा के विपरीत काम करने वाला नहीं कहा जा सकता।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 11 Jun 2025 12:43:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>16 विधायकों की अयोग्यता याचिका खारिज...  शिंदे गुट ही असली शिवसेना</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र की राजनीति के लिए आज का दिन बड़ा अहम रहा।  महाराष्ट्र विधानसभा के अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे सहित 16 विधायकों की अयोग्यता मामले में 1200 पन्नों का फैसला सुनाया। विधानसभा स्पीकर ने अपने फैसले में शिंदे गुट को ही असली शिवसेना माना।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/27610/disqualification-petition-of-16-mlas-rejected----shinde-faction-is-the-real-shiv-sena"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2024-01/download-(10)2.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>महाराष्ट्र: </strong>महाराष्ट्र की राजनीति के लिए आज का दिन बड़ा अहम रहा।  महाराष्ट्र विधानसभा के अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे सहित 16 विधायकों की अयोग्यता मामले में 1200 पन्नों का फैसला सुनाया। विधानसभा स्पीकर ने अपने फैसले में शिंदे गुट को ही असली शिवसेना माना।</p>
<p style="text-align:justify;">साथ ही 16 विधायकों को अयोग्य करार देने की मांग वाली याचिका भी खारिज कर दी। फैसले के अहम बिंदुओं को पढ़ते हुए उन्होंने कहा कि जब पार्टी में बंटवारा हुआ था, तब शिंदे गुट के पास 37 विधायकों का समर्थन था। ऐसे में उनके नेतृत्व वाला गुट ही असली शिवसेना है। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव आयोग ने भी इसे मान्य करार दिया था। </p>
<p style="text-align:justify;">इस मामले में फैसला सुनाते हुए महाराष्ट्र विधानसभा के स्पीकर राहुल नार्वेकर ने कहा कि उन्होंने अपने फैसले का आधार चुनाव आयोग के फैसले को बनाया है। शिवसेना विधायकों की अयोग्यता मामले में फैसला सुनाते हुए महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने कहा कि शिवसेना के दो गुटों द्वारा चुनाव आयोग को सौंपे गए संविधान पर कोई आम सहमति नहीं है।</p>
<p style="text-align:justify;">नेतृत्व संरचना पर दोनों पार्टियों के विचार अलग-अलग हैं। उन्होंने कहा कि 2018 का संशोधित संविधान चुनाव आयोग के रिकॉर्ड में नहीं है। शिवसेना का 1999 का संविधान ही मान्य है। चुनाव आयोग के रिकॉर्ड में भी शिंदे गुट ही असली शिवसेना है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 10 Jan 2024 21:11:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>CM शिंदे सहित 16 विधायकों पर लटकी तलवार... अयोग्यता मामले में विस अध्यक्ष आज सुना सकते हैं फैसला</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">महाराष्ट्र विधानसभा के अध्यक्ष राहुल नार्वेकर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे सहित 16 विधायकों की अयोग्यता मामले में अपना फैसला सुनाएंगे। बता दें, सर्वोच्च अदालत ने 10 जनवरी तक फैसला सुनाने का निर्देश दिया था। मामले की सुनवाई पूरी हो चुकी है। ऐसे में उम्मीद है कि आज फैसला आ जाएगा। महाराष्ट्र विधानसभा के अनुसार, नार्वेकर शाम चार बजे फैसला सुनाएंगे, जो राजनीति के लिए अहम सबित होगी। हालांकि, उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का दावा है कि सरकार स्थिर रहेगी। </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/27599/the-sword-hangs-on-16-mlas-including-cm-shinde---vis-speaker-can-give-the-decision-in-the-disqualification-case-today"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2024-01/download8.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>महाराष्ट्र : </strong>महाराष्ट्र की राजनीति के लिए आज का दिन अहम साबित हो सकता है। महाराष्ट्र विधानसभा के अध्यक्ष राहुल नार्वेकर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे सहित 16 विधायकों की अयोग्यता मामले में अपना फैसला सुनाएंगे। बता दें, सर्वोच्च अदालत ने 10 जनवरी तक फैसला सुनाने का निर्देश दिया था।</p>
<p style="text-align:justify;">मामले की सुनवाई पूरी हो चुकी है। ऐसे में उम्मीद है कि आज फैसला आ जाएगा। महाराष्ट्र विधानसभा के अनुसार, नार्वेकर शाम चार बजे फैसला सुनाएंगे, जो राजनीति के लिए अहम सबित होगी। हालांकि, उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का दावा है कि सरकार स्थिर रहेगी। <br /><br />फैसले के दिन पहले नार्वेकर और शिंदे की मुलाकात पर बवाल शुरू हो गया है। उद्धव गुट के नेता उद्धव ठाकरे ने मातोश्री पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए मुलाकात पर कटाक्ष किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि अगर न्यायाधीश ही आरोपी से मिलेंगे तो न्यायाधीश से क्या ही उम्मीद कर सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">ठाकरे ने कहा कि नार्वेकर की शिंदे से मुलाकात एक न्यायधीश की अपराधी से मुलाकात की तरह है। ऐसे में हम किस तरह के न्याय की उम्मीद करें। नार्वेकर का फैसला ही अब तय करेगा कि देश में लोकतंत्र है या नहीं। फैसले के बाद साफ हो जाएगा कि क्या दोनों नेता मिलकर लोकतंत्र की हत्या करेंगे या नहीं। <br /><br />इसके अलावा, एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने कहा कि जब किसी मामले की सुनवाई कर रहा कोई व्यक्ति उस व्यक्ति से मिलता है जिसके खिलाफ सुनवाई हो रही है, तो संदेह पैदा होता है। वहीं, नार्वेकर ने भी ठाकरे और पवार के बयानों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि ऐसा कोई नियम नहीं है कि किसी मामले की सुनवाई करते समय कोई स्पीकर अन्य महत्वपूर्ण काम नहीं कर सकता।<br /><br />राज्य के डिप्टी सीएम और भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि शिवसेना और भाजपा सरकार स्थिर रहेगी। ये गठबंधन सरकार कानून के मुताबिक है और हमें उम्मीद है की स्पीकर न्यायोचित फैसला करेंगे। देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि स्पीकर उचित और कानूनी निर्णय लेंगे। हमारा पक्ष मजबूत है। हमारे द्वारा बनाई गई सरकार (एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली बीजेपी और शिवसेना) कानूनी रूप से मजबूत है। हमें उम्मीद है कि स्पीकर से हमें न्याय मिलेगा। हमारी सरकार कल भी स्थिर थी और कल भी स्थिर रहेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/27599/the-sword-hangs-on-16-mlas-including-cm-shinde---vis-speaker-can-give-the-decision-in-the-disqualification-case-today</link>
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                <pubDate>Wed, 10 Jan 2024 10:12:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विधायकों की अयोग्यता पर 31 दिसंबर तक आएगा फैसला... </title>
                                    <description><![CDATA[<p>SC ने महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष को निर्देश दिया कि 31 दिसंबर तक शिवसेना और अगले साल 31 जनवरी तक एनसीपी में दलबदल की याचिकाओं पर फैसला करें। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति जे.बी. पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने शिवसेना विधायकों और एनसीपी विधायकों के खिलाफ अयोग्यता कार्यवाही में महाराष्ट्र विधानसभा के अध्यक्ष द्वारा शीघ्र निर्णय लेने की मांग वाली याचिकाओं पर सुनवाई की।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/25518/decision-on-disqualification-of-mlas-will-be-taken-by-31st-december"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2023-10/maharashtra-1024x500.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>महाराष्ट्र : </strong>SC ने महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष को निर्देश दिया कि 31 दिसंबर तक शिवसेना और अगले साल 31 जनवरी तक एनसीपी में दलबदल की याचिकाओं पर फैसला करें। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति जे.बी. पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने शिवसेना विधायकों और एनसीपी विधायकों के खिलाफ अयोग्यता कार्यवाही में महाराष्ट्र विधानसभा के अध्यक्ष द्वारा शीघ्र निर्णय लेने की मांग वाली याचिकाओं पर सुनवाई की।</p>
<p>सॉलिसिटर जनरल (एसजी) तुषार मेहता ने तीन न्यायाधीशों की पीठ का नेतृत्व कर रहे सीजेआई डी वाई चंद्रचूड़ को अवगत कराया कि पिछली सुनवाई के अनुसार उन्होंने महाराष्ट्र विधान सभा अध्यक्ष से बात की है। एसजी मेहता ने अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया कि दिवाली और क्रिसमस की छुट्टियों के मद्देनजर अध्यक्ष 31 जनवरी, 2024 तक सुनवाई समाप्त करने का प्रयास करेंगे। उन्होंने अदालत से जनवरी में सुनवाई सूचीबद्ध करने और प्रगति देखने का अनुरोध किया, लेकिन सीजेआई ने कहा कि अदालत चाहती है कि स्पीकर 31 दिसंबर तक कार्यवाही समाप्त कर दें।</p>
<p>लंबित दलबदल याचिकाओं पर निर्णय की मांग करने वाली एनसीपी नेता जयंत पाटिल (शरद पवार गुट) द्वारा दायर याचिका भी 30 अक्टूबर को सुनवाई के लिए शिवसेना नेता सुनील प्रभु (उद्धव ठाकरे गुट) की याचिका के साथ सूचीबद्ध की गई थी। शीर्ष अदालत ने निर्देश दिया है कि महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष को एनसीपी दलबदल याचिकाओं पर अगले साल 31 जनवरी तक सुनवाई पूरी करनी चाहिए। 17 अक्टूबर को शीर्ष अदालत ने महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर को उद्धव ठाकरे और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले शिवसेना के दो प्रतिद्वंद्वी गुटों द्वारा एक-दूसरे के खिलाफ दायर लंबित दलबदल याचिकाओं पर निर्णय लेने के लिए एक यथार्थवादी कार्यक्रम प्रदान करने का अंतिम अवसर दिया था।<br /><br />सीजेआई की अध्यक्षता वाली पीठ ने सॉलिसिटर जनरल (एसजी) तुषार मेहता की दलील को स्वीकार कर लिया था, जिन्होंने अदालत को आश्वासन दिया था कि वह दशहरा की छुट्टियों के दौरान व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के साथ बातचीत करेंगे। मेहता द्वारा समयसीमा तय करने के लिए स्पीकर से और समय मांगने के बाद सीजेआई ने स्पीकर के हालिया साक्षात्कार पर मेहता की खिंचाई की। नार्वेकर ने कहा था कि विधायिका की संप्रभुता बनाए रखना उनका कर्तव्य है और संविधान ने न्यायपालिका, विधायिका और कार्यपालिका को समान स्थान दिया है और किसी का भी दूसरे पर कोई पर्यवेक्षण नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने 13 अक्टूबर को शिवसेना और एनसीपी द्वारा दायर अयोग्यता याचिकाओं पर सुनवाई और निर्णय में देरी के लिए नार्वेकर को कड़ी फटकार लगाई थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 30 Oct 2023 17:57:55 +0530</pubDate>
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