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                <title>activist - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>activist RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>नई दिल्ली : दोषी सेक्स ट्रैफिकर जेफरी एपस्टीन और भारतीय बिजनेसमैन अनिल अंबानी के बीच “कई ईमेल” का लेन-देन हुआ था - एक्टिविस्ट-वकील प्रशांत भूषण </title>
                                    <description><![CDATA[<p>एक्टिविस्ट-वकील प्रशांत भूषण के इस दावे से एक नया पॉलिटिकल विवाद खड़ा हो गया है कि दोषी सेक्स ट्रैफिकर जेफरी एपस्टीन और भारतीय बिजनेसमैन अनिल अंबानी के बीच “कई ईमेल” का लेन-देन हुआ था। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में, भूषण ने लिखा कि दोनों करीबी लगते थे। उन्होंने कहा, "बहुत दिलचस्प! दोषी सेक्स ट्रैफिकर और पीडोफाइल जेफरी एपस्टीन और हमारे अपने बैंक फ्रॉड करने वाले अनिल अंबानी के बीच इतने सारे ईमेल!"</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/45636/new-delhi-multiple-emails-were-exchanged-between-convicted-sex-trafficker"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-11/download---2025-11-20t170313.697.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली : </strong>एक्टिविस्ट-वकील प्रशांत भूषण के इस दावे से एक नया पॉलिटिकल विवाद खड़ा हो गया है कि दोषी सेक्स ट्रैफिकर जेफरी एपस्टीन और भारतीय बिजनेसमैन अनिल अंबानी के बीच “कई ईमेल” का लेन-देन हुआ था। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में, भूषण ने लिखा कि दोनों करीबी लगते थे। उन्होंने कहा, "बहुत दिलचस्प! दोषी सेक्स ट्रैफिकर और पीडोफाइल जेफरी एपस्टीन और हमारे अपने बैंक फ्रॉड करने वाले अनिल अंबानी के बीच इतने सारे ईमेल!"</p>
<p> </p>
<p>भूषण ने आगे कहा, "लगता है वे चोरों की तरह करीबी थे!" उनकी यह बात उसी दिन सामने आई जब अमेरिका ने एपस्टीन से जुड़े हजारों पेज के डॉक्यूमेंट्स को पब्लिक करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया। बुधवार (लोकल टाइम) को, अमेरिका प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने एक बिल पर साइन किए, जिसमें एपस्टीन की फेडरल जांच से फाइलें जारी करने का निर्देश दिया गया था, जिनकी 2019 में कस्टडी में मौत हो गई थी। ट्रंप ने कहा कि डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस ने पहले ही कांग्रेस को करीब 50,000 पेज के डॉक्यूमेंट्स सौंप दिए हैं।</p>
<p>भूषण ने आगे कहा, "लगता है वे चोरों की तरह करीबी थे!" उनकी यह बात उसी दिन सामने आई जब अमेरिका ने एपस्टीन से जुड़े हजारों पेज के डॉक्यूमेंट्स को पब्लिक करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया।  अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने एक बिल पर साइन किए, जिसमें एपस्टीन की फेडरल जांच से फाइलें जारी करने का निर्देश दिया गया था, जिनकी 2019 में कस्टडी में मौत हो गई थी। ट्रंप ने कहा कि डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस ने पहले ही कांग्रेस को करीब 50,000 पेज के डॉक्यूमेंट्स सौंप दिए हैं।<br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 20 Nov 2025 17:04:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मुंबई : अजित पवार पर घोटाले के आरोप;  सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि दमानिया ने उन कई घोटालों की जाँच के लिए अदालत जाने का फैसला किया</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि दमानिया ने उन कई घोटालों की जाँच के लिए अदालत जाने का फैसला किया है जिनमें एनसीपी प्रमुख अजित पवार पर वर्षों से आरोप लगे हैं। इनमें सबसे ताज़ा मामला मुंधवा ज़मीन घोटाला है जिसमें उपमुख्यमंत्री और उनके बेटे पार्थ कथित तौर पर शामिल हैं। पिछले मामलों में महाराष्ट्र राज्य सहकारी बैंक घोटाला, जरंदेश्वर चीनी मिल घोटाला और सिंचाई घोटाला शामिल हैं।अंजलि दमानिया पार्थ पवार के स्वामित्व वाली अमीडिया एलएलपी ने हाल ही में एक प्लॉट, जिसका बाजार मूल्य कथित तौर पर ₹1,800 करोड़ है, मात्र ₹300 करोड़ में खरीदा और केवल ₹500 स्टांप शुल्क का भुगतान किया। </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/45400/mumbai-scam-allegations-against-ajit-pawar-social-activist-anjali-damania"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-11/download---2025-11-12t141905.257.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>मुंबई :</strong> सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि दमानिया ने उन कई घोटालों की जाँच के लिए अदालत जाने का फैसला किया है जिनमें एनसीपी प्रमुख अजित पवार पर वर्षों से आरोप लगे हैं। इनमें सबसे ताज़ा मामला मुंधवा ज़मीन घोटाला है जिसमें उपमुख्यमंत्री और उनके बेटे पार्थ कथित तौर पर शामिल हैं। पिछले मामलों में महाराष्ट्र राज्य सहकारी बैंक घोटाला, जरंदेश्वर चीनी मिल घोटाला और सिंचाई घोटाला शामिल हैं।अंजलि दमानिया पार्थ पवार के स्वामित्व वाली अमीडिया एलएलपी ने हाल ही में एक प्लॉट, जिसका बाजार मूल्य कथित तौर पर ₹1,800 करोड़ है, मात्र ₹300 करोड़ में खरीदा और केवल ₹500 स्टांप शुल्क का भुगतान किया। </div>
<div> </div>
<div> </div>
<div>महार वतन भूमि के नाम से जानी जाने वाली यह ज़मीन कभी अंग्रेजों ने "निम्न जाति" के महार समुदाय को उनकी सेवाओं के बदले उपहार में दी थी। अब यह सरकार के स्वामित्व में है, जिसने इसे भारतीय वनस्पति सर्वेक्षण को पट्टे पर दे दिया था। ज़मीन के कुछ मूल धारक मुंबई में थे और दमानिया उन्हें मंगलवार दोपहर राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले से मिलने ले गईं। राज्य ने मामले की जाँच के लिए अतिरिक्त मुख्य सचिव (राजस्व) विकास खड़गे के नेतृत्व में एक समिति गठित कर दी है।</div>
<div> </div>
<div>दमानिया ने मूल भूमि धारकों, पुणे के गायकवाड़ परिवार द्वारा दिए गए कागजात भी बावनकुले को सौंपे। उन्होंने कहा, "मैंने उन्हें 1932 की सनद (चार्टर) दी है, जब ज़मीन गायकवाड़ परिवार को दी गई थी, और परिवार द्वारा मुआवज़ा देने से इनकार करने से संबंधित कागजात भी दिए हैं।" उन्होंने आगे कहा, "हमने ज़मीन के कागजात भी सौंपे हैं।"दमानिया ने कहा कि सौदा रद्द करने का सरकार का फैसला गलत था और इस मामले पर केवल एक दीवानी अदालत ही फैसला कर सकती है। सामाजिक कार्यकर्ता ने कहा कि वह बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस धोखाधड़ी का पर्दाफाश करेंगी और उन्होंने कहा कि वह घोटाले की जाँच के लिए गठित खड़गे समिति के समक्ष एक आम व्यक्ति के रूप में गवाही देना चाहती हैं और उन्हें बताना चाहती हैं कि जाँच में क्या कदम उठाए जाने चाहिए।दमानिया ने कहा कि अजित पवार सिंचाई घोटाले, जरंदेश्वर चीनी मिल घोटाले और महाराष्ट्र राज्य सहकारी बैंक घोटाले जैसे कई घोटालों में शामिल रहे हैं, लेकिन "उनके दोस्त देवेंद्र फडणवीस" ने मामले को दबाने में उनकी मदद की।</div>
<div> </div>
<div>उन्होंने कहा, "एफआईआर में पार्थ पवार का नाम नहीं है क्योंकि वह अजित पवार के बेटे हैं। यह अपराध केवल पार्थ के साथी दिग्विजय पाटिल के खिलाफ दर्ज किया गया था, जो केवल एक मोहरा हैं।"सामाजिक कार्यकर्ता ने अजित से इस्तीफा देने और पुणे के संरक्षक मंत्री का पद छोड़ने की मांग की। उन्होंने कहा, "उनका दावा है कि पिछले 15-16 सालों के सभी घोटालों में उनके खिलाफ कुछ भी साबित नहीं हुआ, लेकिन सच्चाई यह है कि उन्हें बंद कर दिया गया था।" उन्होंने आगे कहा, "मैं मांग करूँगी कि सभी मामले फिर से खोले जाएँ। सिंचाई घोटाले में उन्हें फडणवीस ने बचाया था, लेकिन अब उन्हें कोई नहीं बचा सकता।"एनसीपी प्रवक्ता सूरज चव्हाण ने अपने बॉस का बचाव करते हुए कहा, "लोगों को प्रचार के लिए आरोप नहीं लगाने चाहिए। पवार साहब ने जाँच का सामना करने का फैसला किया है और एक महीने में सब कुछ स्पष्ट हो जाएगा।" </div>
<div> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 12 Nov 2025 14:19:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जारांगे से अशोक चव्हाण ने की मुलाकात...</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">अशोक चव्हाण ने कहा कि मैं मनोज जारांगे से पहली बार उस समय मिला था, जब मैं उद्धव ठाकरे के साथ आया था। उन्होंने आगे कहा कि हमने समुदाय से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की। उनकी मांगें हैं और इनका समाधान समन्वय के माध्यम होना है। हालांकि, उन्होंने कहा कि मुझे नहीं लगता कि लोकसभा चुनाव की तारीखों के एलान के बाद लगे आदर्श आचार संहिता के कारण इस मसले पर बातचीत आगे बढ़ेगी।  </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/29567/ashok-chavan-met-maratha-reservation-activist-manoj-jarange"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2024-03/download-(4)20.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>छत्रपति संभाजीनगर :</strong> भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा सांसद अशोक चव्हाण ने मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जारांगे से मुलाकात की। दोनों की मुलाकात जालना जिले के अंतरवाली सरती गांव में हुई। वहीं, जारांगे से मिलने के बाद भाजपा सांसद ने कहा कि उनसे मिलकर समुदाय से संबंधित कई मुद्दों पर चर्चा हुई। वहीं, उन्होंने साफ तौर पर कहा कि जारांगे और उनके बीच हुई बातचीत का लोकसभा चुनाव से कोई लेना-देना नहीं है।</p>
<p style="text-align:justify;">अशोक चव्हाण ने कहा कि मैं मनोज जारांगे से पहली बार उस समय मिला था, जब मैं उद्धव ठाकरे के साथ आया था। उन्होंने आगे कहा कि हमने समुदाय से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की। उनकी मांगें हैं और इनका समाधान समन्वय के माध्यम होना है। हालांकि, उन्होंने कहा कि मुझे नहीं लगता कि लोकसभा चुनाव की तारीखों के एलान के बाद लगे आदर्श आचार संहिता के कारण इस मसले पर बातचीत आगे बढ़ेगी।  </p>
<p style="text-align:justify;">वहीं, बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए जारांगे ने बताया कि उन्होंने चव्हाण से पूछा कि क्या वह सरकारी प्रतिनिधि या समुदाय के सदस्य के रूप में आए हैं। उन्होंने आगे कहा कि आरक्षण आंदोलनकारियों के खिलाफ अपराध दर्ज होने की संख्या कम होने के बजाय बढ़ गई है। उन्होंने आगे कहा कि मैंने उनसे कहा कि राज्य के गृह मंत्री समुदाय को गुमराह कर रहे हैं। कार्यकर्ता ने कहा कि 24 मार्च को मराठा समुदाय की बैठक होने वाली है और इसमें आगे की रणनीति पर चर्चा की जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 18 Mar 2024 11:13:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जारांगे के खिलाफ बीड में भड़काऊ भाषण देने के आरोप में मामला दर्ज </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">सीएम एकनाथ शिंदे ने कहा कि सरकार द्वारा जारी मराठा समुदाय के लिए सेज सॉयरे आरक्षण (मराठा आरक्षण) की अधिसूचना पर 8 लाख 47 हजार आपत्तियां आई हैं. इनमें 4 लाख 47 हजार आपत्तियों को दर्ज कर उनकी जांच की जा रही है. साथ ही इसमें करीब 25 से 30 दिन का समय लगेगा.</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/29537/case-registered-against-maratha-reservation-activist-manoj-jarange-for-giving-inflammatory-speech-in-beed"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2024-03/download-(2)22.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई:</strong> मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे पाटिल के खिलाफ केस दर्ज किया गया है. भड़काऊ भाषण देने के आरोप में महाराष्ट्र पुलिस ने मनोज जरांगे पाटिल और 15 अन्य लोगों के खिलाफ शनिवार (16 मार्च) को बीड में एफआईआर दर्ज की है. पुलिस ने यह केस तांदलवाडी घाट में दिए गए भाषण के चलते नेकनूर पुलिस स्टेशन में दर्ज किया है. </p>
<p style="text-align:justify;">एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि पिछले 15 दिनों में मनोज जरांगे के खिलाफ अब तक बीड जिले के शिरूर कसार, अमलनेर, पेठ, पिंपलनेर, अंबाजोगाई शहर, चकलामाबा, गेवराई, माजलगांवग्रामीण और नेकनूर पुलिस स्टेशनों में कुल 9 केस दर्ज हो चुके हैं. बता दें मनोज जारांगे पाटिल मराठा आरक्षण को लेकर कड़ा रुख अपना लिया है. ऐसे में शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीएम एकनाथ शिंदे से माराठा आरक्षण के सवालों पर जवाब दिया.<br /><br />सीएम एकनाथ शिंदे ने कहा कि सरकार द्वारा जारी मराठा समुदाय के लिए सेज सॉयरे आरक्षण (मराठा आरक्षण) की अधिसूचना पर 8 लाख 47 हजार आपत्तियां आई हैं. इनमें 4 लाख 47 हजार आपत्तियों को दर्ज कर उनकी जांच की जा रही है. साथ ही इसमें करीब 25 से 30 दिन का समय लगेगा.</p>
<p style="text-align:justify;">सामाजिक न्याय विभाग, खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग, अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, निःशक्तजन कल्याण विभाग सार्वजनिक छुट्टी के दिन भी ऑफिस आकर इन आपत्तियों को दर्ज कर जांच कर रहे हैं. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि अधिसूचना के मसौदे को अंतिम रूप देने के बाद विधि और न्याय विभाग की मंजूरी लेकर अंतिम अधिसूचना जारी की जाएगी.<br /><br />मराठाओं की मांगों को देखते हुए शिंदे सरकार की तरफ से 20 फरवरी को विधानसभा का एक विशेष बुलाया गया. इस सत्र के दौरान मराठाओं को सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में 10 फीसदी आरक्षण देने का बिल पास किया गया. मराठाओं को इससे पहले 52 फीसदी आरक्षण दिया गया था. </p>
<p style="text-align:justify;">शिंदे सरकार की तरफ से दिए गए आरक्षण की वजह से उनका आरक्षण 62 फीसदी हो गया, लेकिन उनकी मांग है कि उन्हें ओबीसी के अंदर आरक्षण दिया जाए. क्योंकि सुप्रीम कोर्ट के अनुसार किसी भी समुदाय को 50 फीसदी से ज्यादा आरक्षण नहीं दिया जा सकता है. </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/29537/case-registered-against-maratha-reservation-activist-manoj-jarange-for-giving-inflammatory-speech-in-beed</link>
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                <pubDate>Sun, 17 Mar 2024 10:19:46 +0530</pubDate>
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