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                <title>told - Rokthok Lekhani</title>
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                <title>नई दिल्ली : स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के वकील ने बताया कैसे मिली राहत!</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़े मामले में द्वारका शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी राहत देते हुए Allahabad High Court ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान महत्वपूर्ण अंतरिम आदेश पारित किया है। अदालत ने मामले में विस्तृत सुनवाई के बाद फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी और अंतिम निर्णय सुरक्षित रख लिया है, जिससे उन्हें तात्कालिक कानूनी सुरक्षा मिल गई है। </p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48082/new-delhi-swami-avimukteshwaranands-lawyer-told-how-he-got-relief"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-02/download---2026-02-28t183326.827.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली : </strong>नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़े मामले में द्वारका शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी राहत देते हुए Allahabad High Court ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान महत्वपूर्ण अंतरिम आदेश पारित किया है। अदालत ने मामले में विस्तृत सुनवाई के बाद फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी और अंतिम निर्णय सुरक्षित रख लिया है, जिससे उन्हें तात्कालिक कानूनी सुरक्षा मिल गई है। </p>
<p> </p>
<p>अदालत ने यह स्पष्ट किया कि जब तक अग्रिम जमानत अर्जी पर अंतिम आदेश नहीं आ जाता, तब तक याचिकाकर्ता को गिरफ्तार न किया जाए, हालांकि उन्हें जांच में पूरा सहयोग करना होगा। यह मामला उस शिकायत से जुड़ा है जिसमें कुछ नाबालिगों के शोषण के गंभीर आरोप लगाए गए थे, जिसके आधार पर संबंधित थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। याचिका में शंकराचार्य की ओर से दलील दी गई कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप निराधार और राजनीतिक अथवा व्यक्तिगत द्वेष से प्रेरित हैं तथा उन्हें बदनाम करने की साजिश के तहत मामला दर्ज कराया गया है। बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि वे जांच एजेंसियों के साथ सहयोग करने को तैयार हैं और फरार होने या साक्ष्यों से छेड़छाड़ करने का कोई इरादा नहीं है।</p>
<p>वहीं राज्य पक्ष ने अदालत के समक्ष मामले की गंभीरता का हवाला देते हुए कहा कि आरोप संवेदनशील प्रकृति के हैं और जांच प्रभावित न हो, इसका ध्यान रखा जाना चाहिए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने संतुलित रुख अपनाते हुए गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगाई और कहा कि अंतिम आदेश बाद में पारित किया जाएगा। अदालत के इस आदेश के बाद शंकराचार्य के समर्थकों में उत्साह का माहौल देखा गया।</p>
<p> न्यायालय परिसर के बाहर और उनके आश्रम में समर्थकों ने प्रसन्नता व्यक्त की, मिठाइयाँ बांटीं और इसे “सत्य की जीत” बताया। समर्थकों का कहना है कि उन्हें न्यायपालिका पर पूर्ण विश्वास था और अदालत ने निष्पक्ष दृष्टिकोण अपनाया है। हालांकि, मामले की जांच अभी जारी है और अंतिम निर्णय अग्रिम जमानत याचिका पर विस्तृत आदेश आने के बाद ही स्पष्ट होगा। इस प्रकरण ने धार्मिक, सामाजिक और राजनीतिक हलकों में व्यापक चर्चा छेड़ दी है, क्योंकि एक ओर आरोपों की गंभीरता है तो दूसरी ओर एक प्रमुख धार्मिक पदाधिकारी को मिली अंतरिम राहत, जिससे आगे की कानूनी प्रक्रिया पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 28 Feb 2026 18:36:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>नई दिल्ली : विरोध प्रदर्शन आयोजित करना और उनमें भाग लेना कोई अपराध नहीं - सुप्रीम कोर्ट </title>
                                    <description><![CDATA[<p>फरवरी 2020 में दिल्ली में हुए दंगों से जुड़े यूएपीए मामले में आरोपी शादाब अहमद ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि विरोध प्रदर्शन आयोजित करना और उनमें भाग लेना कोई अपराध नहीं है. अहमद की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ लूथरा ने भी जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस एन वी अंजारिया की पीठ के समक्ष अभियोजन पक्ष के इस दावे का खंडन किया कि अहमद ने देरी की है. अहमद के वकील ने कहा, “वह 27 वर्ष का है और 2016 से एनडीएस एंटरप्राइजेज जगतपुरी में सुपरवाइजर के रूप में कार्यरत है. आरोपों पर बहस चल रही है, लेकिन मेरे लिए बहस पूरी हो चुकी है और मेरी ओर से कोई देरी नहीं हुई है.”</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/45264/new-delhi-organizing-and-participating-in-protests-is-not-a"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-11/download---2025-11-06t202602.308.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली: </strong>फरवरी 2020 में दिल्ली में हुए दंगों से जुड़े यूएपीए मामले में आरोपी शादाब अहमद ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि विरोध प्रदर्शन आयोजित करना और उनमें भाग लेना कोई अपराध नहीं है. अहमद की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ लूथरा ने भी जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस एन वी अंजारिया की पीठ के समक्ष अभियोजन पक्ष के इस दावे का खंडन किया कि अहमद ने देरी की है. अहमद के वकील ने कहा, “वह 27 वर्ष का है और 2016 से एनडीएस एंटरप्राइजेज जगतपुरी में सुपरवाइजर के रूप में कार्यरत है. आरोपों पर बहस चल रही है, लेकिन मेरे लिए बहस पूरी हो चुकी है और मेरी ओर से कोई देरी नहीं हुई है.”</p>
<p> </p>
<p>लूथरा ने कहा, “संरक्षित गवाहों ने गवाही दी कि उन्होंने उसे एक बिरयानी स्टॉल पर साजिश के बारे में बात करते हुए सुना था. एक गवाह ने गवाही दी थी कि अहमद ने विरोध प्रदर्शन आयोजित किए थे और उनमें शामिल हुआ था. विरोध प्रदर्शनों का आयोजन और उनमें भाग लेना कोई अपराध नहीं है.” सुप्रीम कोर्ट ने अब मामले की सुनवाई 11 नवंबर के लिए स्थगित कर दी है, जब दिल्ली पुलिस अपनी दलीलें शुरू करेगी.</p>
<p>उमर खालिद, शरजील इमाम, गुलफिशा फातिमा, मीरान हैदर और रहमान पर फरवरी 2020 के दंगों के कथित “मास्टरमाइंड” होने के आरोप में आतंकवाद विरोधी कानून और तत्कालीन आईपीसी के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया था, जिसमें 53 लोग मारे गए थे और 700 से अधिक घायल हुए थे. नागरिकता (संशोधन) अधिनियम (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों के दौरान हिंसा भड़क उठी थी. 2020 के दिल्ली दंगों से जुड़े यूएपीए मामले में जमानत मांगते हुए, खालिद ने शीर्ष अदालत से कहा था कि उनके खिलाफ हिंसा से जुड़े कोई सबूत नहीं हैं और उनके खिलाफ साजिश के आरोपों से इनकार किया.</p>
<p>दिल्ली हाईकोर्ट ने खालिद और इमाम सहित नौ लोगों को जमानत देने से इनकार कर दिया और कहा कि नागरिकों द्वारा प्रदर्शनों या विरोध प्रदर्शनों की आड़ में “षड्यंत्रकारी” हिंसा की अनुमति नहीं दी जा सकती. खालिद और इमाम के अलावा, जिन लोगों की जमानत खारिज की गई उनमें फातिमा, हैदर, मोहम्मद सलीम खान, शिफा-उर-रहमान, अतहर खान, अब्दुल खालिद सैफी और शादाब अहमद शामिल हैं. एक अन्य आरोपी तस्लीम अहमद की जमानत याचिका 2 सितंबर को हाईकोर्ट की एक अलग पीठ ने खारिज कर दी थी.</p>
<p>हाईकोर्ट ने कहा कि संविधान नागरिकों को विरोध प्रदर्शन या आंदोलन करने का अधिकार देता है, बशर्ते वे व्यवस्थित, शांतिपूर्ण और बिना हथियारों के हों, और ऐसी कार्रवाई कानून के दायरे में होनी चाहिए. हालांकि, हाईकोर्ट ने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों में भाग लेने और सार्वजनिक सभाओं में भाषण देने का अधिकार अनुच्छेद 19(1)(ए) के तहत संरक्षित है, और इसे स्पष्ट रूप से सीमित नहीं किया जा सकता है, इसने कहा कि यह अधिकार “पूर्ण नहीं” और “उचित प्रतिबंधों के अधीन”.</p>
<p>ज़मानत अस्वीकृति आदेश में कहा गया है, “अगर विरोध प्रदर्शन के अप्रतिबंधित अधिकार के प्रयोग की अनुमति दी गई, तो यह संवैधानिक ढांचे को नुकसान पहुंचाएगा और देश में कानून-व्यवस्था की स्थिति को प्रभावित करेगा.” जिन अभियुक्तों ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों से इनकार किया है, वे 2020 से जेल में हैं और निचली अदालत द्वारा उनकी ज़मानत याचिकाए खारिज किए जाने के बाद उन्होंने हाईकोर्ट का रुख किया था.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 06 Nov 2025 20:27:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title> नई दिल्लीः मुंबई हमले पर पी. चिदंबरम का बड़ा कुबूलनामा; अमेरिका ने कहा था, जंग मत शुरू करो </title>
                                    <description><![CDATA[<p>बीजेपी ने पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री पी चिदंबरम के एक खुलासे को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा। चिदंबरम ने कहा था कि 26/11 मुंबई आतंकी हमलों के बाद यूपीए सरकार ने पाकिस्तान पर सैन्य कार्रवाई न करने का फैसला अंतरराष्ट्रीय दबाव और विदेश मंत्रालय की सलाह के चलते लिया था। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने माना कि वह बदला लेना चाहते थे, लेकिन सरकार ने युद्ध जैसे कदम से बचने का निर्णय किया।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/44308/new-delhi--p--chidambaram-s-major-confession-on-the-mumbai-attacks--america-had-told-him-not-to-start-a-war"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-09/p-chidambaram-mumbai-terror-attack-1759210472399.webp" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्लीः </strong>बीजेपी ने पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री पी चिदंबरम के एक खुलासे को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा। चिदंबरम ने कहा था कि 26/11 मुंबई आतंकी हमलों के बाद यूपीए सरकार ने पाकिस्तान पर सैन्य कार्रवाई न करने का फैसला अंतरराष्ट्रीय दबाव और विदेश मंत्रालय की सलाह के चलते लिया था। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने माना कि वह बदला लेना चाहते थे, लेकिन सरकार ने युद्ध जैसे कदम से बचने का निर्णय किया।</p>
<p> </p>
<p>केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि पूर्व गृह मंत्री ने स्वीकार किया है कि देश पहले से ही जानता था कि मुंबई हमलों को विदेशी ताकतों के दबाव में गलत तरीके से हैंडल किया गया। वहीं बीजेपी प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि पी चिदंबरम ने कहा कि 26/11 के हमले के बाद जब वह गृहमंत्री बने तो उनका विचार था कि पाकिस्तान पर कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन तत्कालीन पार्टी नेतृत्व ने उसकी अनुमति नहीं दी। अब इससे स्पष्ट हो जाता है कि पाकिस्तान के साथ डील करने के लिए कांग्रेस नेतृत्व का रुझान क्या था।</p>
<p><strong>गृहमंत्री बनने से हिचकिचा रहे चिदंबरम?</strong><br />वहीं बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने आरोप लगाया कि चिदंबरम पहले तो गृहमंत्री बनने से हिचकिचा रहे थे, बाद में सैन्य कार्रवाई चाहते थे लेकिन 'अन्य लोग हावी हो गए।' उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सोनिया गांधी या तत्कालीन पीएम मनमोहन सिंह ने इस फैसले को रोका और क्यों यूपीए सरकार अमेरिकी दबाव में काम कर रही थी।<br />पूनावाला ने आगे कहा कि कांग्रेस ने 26/11 और 2007 समझौता एक्सप्रेस धमाकों दोनों पर पाकिस्तान को 'क्लीन चिट' दी और 'हिंदू आतंक' की कहानी गढ़ी। साथ ही उन्होंने यूपीए पर पाकिस्तान को मोस्ट फेवर्ड नेशन (MFN) का दर्जा देने और बार-बार भारत की सैन्य कार्रवाई पर सवाल उठाने का आरोप लगाया।</p>
<p><strong>क्या बोले थे चिदंबरम?</strong><br />एक टीवी इंटरव्यू में चिदंबरम ने बताया, 'पूरी दुनिया दिल्ली आ गई थी यह कहने कि युद्ध मत शुरू कीजिए। तत्कालीन अमेरिकी विदेश मंत्री कोंडोलीजा राइस हमले के कुछ ही दिन बाद दिल्ली आईं और प्रधानमंत्री व मुझसे मिलीं। उन्होंने भी कहा कि आप प्रतिक्रिया न दें। मेरे मन में बदला लेने का विचार आया था लेकिन फैसला सरकार को लेना था।' उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री और अन्य वरिष्ठ लोगों से इस पर चर्चा की थी। प्रधानमंत्री ने हमले के दौरान ही इस मुद्दे पर विचार किया था और विदेश मंत्रालय की सलाह से निष्कर्ष यह निकला कि हमें प्रतिक्रिया नहीं करनी चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 30 Sep 2025 17:04:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राहुल गांधी ने बताए सीमावर्ती जिला पुंछ के हालात... पीड़ितों से मिलकर बोले- आपके साथ मजबूती से खड़ा हूं</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">जम्मू हवाई अड्डे से राहुल गांधी के साथ पार्टी के कार्यवाहक प्रधान रमण भल्ला व युवा नेता नीरज कुंदन भी साथ जाएंगे। राहुल गांधी पुंछ में करीब तीन घंटे तक रुकेंगे। राहुल गांधी के दौरे को देखते हुए पार्टी के सांसद व जम्मू-कश्मीर प्रभारी डा. सैयद नसीर अहमद, प्रदेश प्रधान तारिक हमीद करा पुंछ पहुंच चुके हैं। उन्होंने पुंछ में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक भी की। राहुल गांधी को प्रदेश प्रधान पूरी स्थिति की जानकारी देंगे। इस दौरान सीमांत इलाकों में बंकरों के निर्माण, बंकरों की मरम्मत, प्रभावित लोगों के लिए व्यापक पैकेज की मांग संबंधित मुद्दों पर भी विचार-विमर्श होगा। राहुल गांधी शनिवार शाम को ही दिल्ली लौट जाएंगे।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/40837/rahul-gandhi-told-about-the-situation-in-the-border-district-of-poonch-after-meeting-the-victims--he-said--i-stand-strongly-with-you"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-05/download-(3)2.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>जम्मू :</strong> लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी शनिवार को सीमावर्ती जिला पुंछ पहुंचे। यहां उन्होंने पाकिस्तानी गोलाबारी में मारे गए लोगों के स्वजनों से मुलाकात की और उनका दुख-दर्द सुना।इसके अलावा राहुल गांधी गोलीबारी से प्रभावित अन्य लोगों की भी व्यथा सुनी। राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, "आज पुंछ में पाकिस्तान की गोलाबारी में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों से मिला। टूटे मकान, बिखरा सामान, नम आंखें और हर कोने में अपनों को खोने की दर्द भरी दास्तान - ये देशभक्त परिवार हर बार जंग का सबसे बड़ा बोझ साहस और गरिमा के साथ उठाते हैं। उनके हौसले को सलाम है। पीड़ित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ा हूं। उनकी मांगें और मुद्दे राष्ट्रीय स्तर पर ज़रूर उठाऊंगा।</p>
<p style="text-align:justify;">पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के बाद राहुल गांधी का यह जम्मू-कश्मीर का दूसरा दौरा होगा। इससे पहले राहुल 25 अप्रैल को श्रीनगर आए थे। पाकिस्तानी गोलाबारी में पुंछ जिला में ही सबसे ज्यादा जानमाल का नुकसान हुआ है। यहां 20 से ज्यादा लोग मारे गए हैं। अपने एक दिवसीय दौरे के दौरान राहुल गांधी शनिवार सुबह करीब नौ बजे जम्मू पहुंचे और वहां से चापर के जरिए सीधे पुंछ के लिए आएं।</p>
<p style="text-align:justify;">जम्मू हवाई अड्डे से राहुल गांधी के साथ पार्टी के कार्यवाहक प्रधान रमण भल्ला व युवा नेता नीरज कुंदन भी साथ जाएंगे। राहुल गांधी पुंछ में करीब तीन घंटे तक रुकेंगे। राहुल गांधी के दौरे को देखते हुए पार्टी के सांसद व जम्मू-कश्मीर प्रभारी डा. सैयद नसीर अहमद, प्रदेश प्रधान तारिक हमीद करा पुंछ पहुंच चुके हैं। उन्होंने पुंछ में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक भी की। राहुल गांधी को प्रदेश प्रधान पूरी स्थिति की जानकारी देंगे। इस दौरान सीमांत इलाकों में बंकरों के निर्माण, बंकरों की मरम्मत, प्रभावित लोगों के लिए व्यापक पैकेज की मांग संबंधित मुद्दों पर भी विचार-विमर्श होगा। राहुल गांधी शनिवार शाम को ही दिल्ली लौट जाएंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 24 May 2025 15:28:58 +0530</pubDate>
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