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                <title>eateries - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>eateries RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर अवैध ढाबों पर चला बुलडोज, 15 अवैध ढाबे बंद, 20 वाहनों के चालान</title>
                                    <description><![CDATA[<p>दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर अवैध ढाबों, होटलों और पार्किंग के खिलाफ प्रशासन ने बुधवार को चौथी बड़ी संयुक्त कार्रवाई करते हुए करीब 15 अवैध होटल-ढाबों को बंद कराया, जबकि हाईवे पर खड़ी 20 गाड़ियों के चालान किए गए।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49410/bulldozing-on-illegal-dhabas-on-delhi-mumbai-expressway-15-illegal-dhabas"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-23t111139.298.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर अवैध ढाबों, होटलों और पार्किंग के खिलाफ प्रशासन ने बुधवार को चौथी बड़ी संयुक्त कार्रवाई करते हुए करीब 15 अवैध होटल-ढाबों को बंद कराया, जबकि हाईवे पर खड़ी 20 गाड़ियों के चालान किए गए। साथ ही 10 अवैध बिजली कनेक्शन भी काटे गए। यह अभियान एसडीएम फिरोजपुर झिरका लक्ष्मी नारायण के नेतृत्व में चलाया गया, जिसमें डीएमई स्टाफ, बिजली विभाग, ट्रैफिक पुलिस, सदर थाना पुलिस और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की संयुक्त टीम शामिल रही।  </p>
<p> </p>
<p><strong>प्रतिष्ठानों पर भी शिकंजा कसा गया।</strong><br />प्रशासन का कहना है कि एक्सप्रेसवे पर ट्रकों और अन्य वाहनों की अवैध पार्किंग अक्सर गंभीर सड़क हादसों का कारण बनती है। इसी को रोकने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि इससे पहले भी 26 अवैध ढाबों को बंद कराया जा चुका है, लेकिन रात के समय इनके दोबारा खुलने की शिकायतें मिलती रही हैं।</p>
<p>एसडीएम लक्ष्मी नारायण ने कहा कि अब हर 10 दिन में नियमित कार्रवाई की जाएगी और नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ चालान के साथ-साथ मुकदमे भी दर्ज किए जाएंगे। प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अवैध निर्माण और पार्किंग किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 23 Apr 2026 11:13:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : पूर्व संध्या पर खाने-पीने की जगहों और बार के खुलने का समय स्थायी रूप से बढ़ाने की अनुमति </title>
                                    <description><![CDATA[<p>पार्टी करने वालों और हॉस्पिटैलिटी बिज़नेस दोनों के लिए खुशी की बात है कि राज्य सरकार ने खास परमिशन की सालाना रस्म खत्म कर दी है और क्रिसमस और 31 दिसंबर को खाने की जगहों, होटलों, रेस्टोरेंट और ऑर्केस्ट्रा बार को तय समय के बाद भी चलाने की पूरी मंज़ूरी दे दी है। अभी तक, इंडियन होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन जैसी संस्थाएं राज्य सरकार और लोकल अधिकारियों से 24, 25 और 31 दिसंबर के लिए खुलने का समय बढ़ाने की मांग करती थीं।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/46603/mumbai-permission-to-permanently-extend-opening-hours-of-eating-places"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-12/download---2025-12-31t123126.091.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई :</strong> पार्टी करने वालों और हॉस्पिटैलिटी बिज़नेस दोनों के लिए खुशी की बात है कि राज्य सरकार ने खास परमिशन की सालाना रस्म खत्म कर दी है और क्रिसमस और 31 दिसंबर को खाने की जगहों, होटलों, रेस्टोरेंट और ऑर्केस्ट्रा बार को तय समय के बाद भी चलाने की पूरी मंज़ूरी दे दी है। अभी तक, इंडियन होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन जैसी संस्थाएं राज्य सरकार और लोकल अधिकारियों से 24, 25 और 31 दिसंबर के लिए खुलने का समय बढ़ाने की मांग करती थीं। चूंकि ये रिक्वेस्ट हर साल रेगुलर तौर पर मान ली जाती थीं, इसलिए सरकार ने इस परमिशन को परमानेंट करने का फैसला किया है।</p>
<p> </p>
<p>आमतौर पर, इन त्योहारों के मौकों पर ऐसी जगहों को अगले दिन सुबह 5 बजे तक खुला रखने की इजाज़त होती है। हालांकि, होम डिपार्टमेंट ने बढ़े हुए समय के साथ कुछ शर्तें भी जोड़ी हैं। होटल, रेस्टोरेंट और ऑर्केस्ट्रा बार को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्राइवेट सिक्योरिटी गार्ड रखने होंगे। डिपार्टमेंट की तरफ से मंगलवार को जारी एक ऑर्डर के मुताबिक, इन जगहों को उनके अंदर या बाहर होने वाली किसी भी अनहोनी के लिए ज़िम्मेदार ठहराया जाएगा और अगर नियम तोड़ने की रिपोर्ट मिलती है तो उन पर कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p>ऑर्डर में यह भी साफ़ किया गया है कि यह छूट सिर्फ़ जगह के इस्तेमाल पर लागू होगी। साउंड और म्यूज़िक सिस्टम के इस्तेमाल से जुड़े मौजूदा नियम लागू रहेंगे, जिसमें सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के सभी निर्देश शामिल हैं।<br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 31 Dec 2025 12:32:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बंबई उच्च न्यायालय ने कहा भोजनालय का लाइसेंस रखने वाले रेस्तरां हुक्का नहीं परोस सकते... </title>
                                    <description><![CDATA[नगरीय निकाय का दावा था कि रेस्तरां हर्बल हुक्का गतिविधि के लिए लौ या जले हुए चारकोल का उपयोग कर रहा था, जो सार्वजनिक सुरक्षा को खतरे में और ग्राहकों की जान जोखिम में डाल रहा था। अदालत ने बीएमसी के आदेश पर रोक लगाने से इनकार करते हुए कहा कि रेस्तरां को हुक्का गतिविधियां संचालित करने से रोकने का आदेश बिल्कुल सही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/20478/the-bombay-high-court-said-that-restaurants-having-a-license-to-eateries-cannot-serve-hookah"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2023-05/download-(13).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई :</strong> बंबई उच्च न्यायालय ने हर्बल हुक्का परोसने के लिए लाइसेंस रद्द किये जाने की कार्रवाई का सामना कर रहे एक उपनगरीय रेस्तरां को राहत देने से इनकार करते हुए कहा कि भोजनालय के लाइसेंस में हुक्का या हर्बल हुक्का परोसने की अनुमति स्वत: शामिल नहीं है। न्यायमूर्ति जी. एस. कुलकर्णी और न्यायमूर्ति आर. एन. लड्डा की खंडपीठ ने अपने आदेश में कहा कि हुक्का उस रेस्तरां में परोसी जाने वाली वस्तुओं में शामिल नहीं किया जा सकता,जहां बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग जलपान या भोजन के लिए जाते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">अदालत ने कहा, ‘‘जहां तक भोजनालय का संबंध है, तो यह (हुक्का परोसना) पूरी तरह से परेशानी का सबब होगा। यदि ऐसा (हुक्के की अनुमति) संभव हो जाता है, तो भोजनालय में ऐसे ग्राहकों पर इसके प्रभाव की कल्पना की जा सकती है।’ पीठ सायली पारखी की ओर से दायर एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) द्वारा पारित 18 अप्रैल, 2023 के उस आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसमें कहा गया था कि अगर हुक्का/हर्बल हुक्का परोसने का सिलसिला जारी रहता है तो उसके रेस्तरां ‘द ऑरेंज मिंट’ को दिया गया भोजनालय का लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">नगरीय निकाय का दावा था कि रेस्तरां हर्बल हुक्का गतिविधि के लिए लौ या जले हुए चारकोल का उपयोग कर रहा था, जो सार्वजनिक सुरक्षा को खतरे में और ग्राहकों की जान जोखिम में डाल रहा था। अदालत ने बीएमसी के आदेश पर रोक लगाने से इनकार करते हुए कहा कि रेस्तरां को हुक्का गतिविधियां संचालित करने से रोकने का आदेश बिल्कुल सही है। अदालत ने कहा, ‘‘एक बार जब यह स्पष्ट हो जाता है कि हुक्का गतिविधियां भोजनालय लाइसेंस की शर्तों का हिस्सा नहीं हैं, तो ऐसी गतिविधि की अनुमति नहीं दी जा सकती है।’</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 03 May 2023 11:49:16 +0530</pubDate>
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