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                <title>read - Rokthok Lekhani News </title>
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                            <item>
                <title>मुंबई-अहमदाबाद रूट पर दौड़ेगी भारत में बनी बुलेट ट्रेन, अगस्त 2027 तक सूरत से वापी के बीच संचालन, पढ़िए अपडेट्स</title>
                                    <description><![CDATA[<p>अब यह आधिकारिक तौर पर पुष्टि हो गई है कि रेलवे अहमदाबाद-मुंबई बुलेट ट्रेन परियोजना के पहले चरण पर भारत में निर्मित बुलेट ट्रेन बी28 चलाएगी। मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन का संचालन अगस्त 2027 में शुरू होना निर्धारित है। रेल मंत्रालय ने एक संसदीय समिति को सूचित किया कि राष्ट्रीय परिवहन कंपनी ने सूरत से वापी (97 किमी) तक के मार्ग पर बीईएमएल के निर्मित ट्रेनसेट का उपयोग करके परिचालन शुरू करने का निर्णय लिया है। </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48342/bullet-train-made-in-india-will-run-on-mumbai-ahmedabad-route"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-03/download---2026-03-11t111033.589.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>अब यह आधिकारिक तौर पर पुष्टि हो गई है कि रेलवे अहमदाबाद-मुंबई बुलेट ट्रेन परियोजना के पहले चरण पर भारत में निर्मित बुलेट ट्रेन बी28 चलाएगी। मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन का संचालन अगस्त 2027 में शुरू होना निर्धारित है। रेल मंत्रालय ने एक संसदीय समिति को सूचित किया कि राष्ट्रीय परिवहन कंपनी ने सूरत से वापी (97 किमी) तक के मार्ग पर बीईएमएल के निर्मित ट्रेनसेट का उपयोग करके परिचालन शुरू करने का निर्णय लिया है। <br />रेलवे संबंधी संसदीय स्थायी समिति की रिपोर्ट को मंगलवार संसद के दोनों सदनों में प्रस्तुत किया गया। इस रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि जब समिति ने मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल (एमएएचएसआर) परियोजना की अद्यतन पूर्णता समयसीमा के बारे में पूछताछ की।</p>
<p> </p>
<p><strong>बुलेट ट्रेन की रिपोर्ट में क्या</strong><br />मंत्रालय ने कहा कि बुलेट ट्रेन परियोजना एक अत्यंत जटिल और प्रौद्योगिकी-प्रधान परियोजना है। इस परियोजना में जापान और अन्य देशों से प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और खरीद/आपूर्ति शामिल है। शिंकानसेन की ई10 श्रृंखला का विकास जापान में चल रहा है, इसलिए, इसके संबंध में विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है। हालांकि, बी28 (भारत निर्मित बुलेट ट्रेनसेट) का उपयोग करके परिचालन शुरू करने का निर्णय लिया गया है।</p>
<p><strong>बीईएमएल में चल रहै निर्माण</strong><br />मंत्रालय ने पैनल को यह भी सूचित किया कि वैकल्पिक सिग्नलिंग सिस्टम (ईटीसीएस एल2 पर आधारित) के लिए निविदाएं जारी कर दी गई हैं और काम शुरू हो चुका है। मंत्रालय ने आगे बताया कि बी28 का निर्माण वर्तमान मेंबेंगलुरु के बीईएमएल में चल रहा है। मंत्रालय ने कहा कि सिविल संरचनाओं, ट्रैक, विद्युत, सिग्नलिंग और दूरसंचार से संबंधित सभी कार्यों के पूरा होने और ट्रेनसेट की आपूर्ति के बाद ही परियोजना के शुरू होने की संभावित समयसीमा का पता लगाया जा सकता है। </p>
<p><strong>280 किमी प्रति घंटे की होगी रफ्तार</strong><br />रिपोर्ट में कहा गया है कि हालांकि, सूरत-वापी (97 किमी) रूट पर अगस्त 2027 में बी28 (भारत निर्मित बुलेट, 280 किमी प्रति घंटा) का संचालन शुरू करने के प्रयास जारी हैं। लागत में संभावित वृद्धि, इसके प्रमुख कारणों और लागत में वृद्धि को रोकने के लिए उठाए जा रहे विशिष्ट उपायों के संबंध में भी बताया गया। मंत्रालय ने पैनल को सूचित किया कि दिसंबर 2015 में परियोजना की मूल अनुमानित लागत 97,636 करोड़ रुपये थी और यह व्यवहार्यता रिपोर्ट पर आधारित थी। निर्माण की योजना शुरू में आंशिक रूप से वायडक्ट पर और मुख्य रूप से तटबंध पर बनाई गई थी। </p>
<p><strong>बुलेट ट्रेन में कहां कितना बजट खर्च</strong><br />मंत्रालय ने समिति को बताया कि व्यवहार्यता रिपोर्ट में जिन कारकों पर विचार नहीं किया गया था, उनके कारण लागत में वृद्धि हुई है। कर और उपकर (29,330 करोड़ रुपये), उपयोगिता स्थानांतरण (2,625 करोड़ रुपये), स्टेशन पहुंच विकास (2,195 करोड़ रुपये), बिजली स्रोत व्यवस्था (1,250 करोड़ रुपये), स्वदेशी ट्रेनें और ईटीसीएस सिग्नलिंग प्रणाली (16,500 करोड़ रुपये), टिकट प्रणाली (283 करोड़ रुपये) और वन मंजूरी के कारण वैधानिक शुल्क (400 करोड़ रुपये)। </p>
<p><strong>मुंबई में 16,695 करोड़ रुपये जमीन का मुआवजा</strong><br />मंत्रालय ने कहा कि इसके अलावा, उत्पादन के आर्थिक कारकों (मुद्रास्फीति और मूल्य वृद्धि) में वृद्धि के कारण लागत में 19,084 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है, क्योंकि परियोजना को वर्ष 2015 में मंजूरी दी गई थी। विशेष रूप से शहरी क्षेत्रों में, मुंबई में भूमि की लागत सहित, भूमि दरों में भारी वृद्धि के कारण भूमि, पुनर्वास और पुनर्स्थापन लागत बढ़कर 16,695 करोड़ रुपये हो गई है। मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल लाइन परियोजना के लिए संशोधित लागत अनुमान मंजूरी के अधीन है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 11 Mar 2026 11:11:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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                <title>नई दिल्ली : यूपीएससी के 10 चमकते चेहरे, किसी ने MBBS की तो कोई है आईआईटीयन; पढ़ें टॉप-10 अभ्यर्थियों की कहानी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 का अंतिम परिणाम जारी हो चुका है। इस प्रतिष्ठित परीक्षा में राजस्थान के रावतभाटा के अनुज अग्निहोत्री ने पहला स्थान हासिल किया है, जबकि तमिलनाडु की राजेश्वरी सुवे एम दूसरे और पंचकुला के एकांश ढुल तीसरे स्थान पर रहे। इस बार कुल 958 अभ्यर्थियों का चयन हुआ है। आइए जानते हैं इन टॉपर्स की पढ़ाई, पृष्ठभूमि और सफलता की कहानी।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48233/new-delhi-10-shining-faces-of-upsc-some-have-done"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-03/upsc.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली : </strong>यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 का अंतिम परिणाम जारी हो चुका है। इस प्रतिष्ठित परीक्षा में राजस्थान के रावतभाटा के अनुज अग्निहोत्री ने पहला स्थान हासिल किया है, जबकि तमिलनाडु की राजेश्वरी सुवे एम दूसरे और पंचकुला के एकांश ढुल तीसरे स्थान पर रहे। इस बार कुल 958 अभ्यर्थियों का चयन हुआ है। आइए जानते हैं इन टॉपर्स की पढ़ाई, पृष्ठभूमि और सफलता की कहानी।</p>
<p> </p>
<p>राजस्थान के एक छोटे शहर से आने वाले अनुज अग्निहोत्री ने अपनी मेहनत और लगन से सिविल सेवा की तैयारी में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। अनुज ने सिविल सेवा परीक्षा 2025 में शीर्ष स्थान हासिल किया है। वह राजस्थान के रावतभाटा के रहने वाले हैं। अपनी स्कूली शिक्षा उन्होंने यहीं से पूरी की। इसके बाद, उन्होंने मेडिकल क्षेत्र में पढ़ाई करते हुए एम्स जोधपुर से एमबीबीएस की डिग्री प्राप्त की। </p>
<p>डॉक्टर बनने के बाद उन्होंने प्रशासनिक सेवाओं की ओर रुख किया और फिलहाल DANICS (दिल्ली, अंडमान और निकोबार सिविल सेवा) में प्रोबेशनर के रूप में कार्यरत हैं।</p>
<p><strong>कौन हैं दूसरी रैंक हासिल करने वाली राजेश्वरी सुवे एम</strong><br />यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 में ऑल इंडिया रैंक 2 हासिल करने वाली राजेश्वरी सुवे एम तमिलनाडु के मदुरै जिले से आती हैं। उन्होंने इलैक्ट्रिकल और इलैक्ट्रॉनिक्स में बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग की है। राजेश्वरी का वैकल्पिक विषय समाजशास्त्र था। </p>
<p><strong>कौन हैं तीसरी रैंक हासिल करने वाले एकांश ढुल?</strong><br />यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 में ऑल इंडिया रैंक 3 हासिल करने वाले एकांश ढुल पंचकुला के रहने वाले हैं। वह भाजपा नेता कृष्ण ढुल के बेटे हैं। उन्होंने पहले भी दो बार यूपीएससी परीक्षा पास की है, उनका लगातार तीसरी बार चयन हुआ है। 25 साल के एकांश ढुल ने एक बार फिर अपने परिवार और प्रदेश का नाम रोशन किया है।</p>
<p><strong>एकांश ढुल कितने पढ़े-लिखे हैं?</strong><br />एकांश ढुल ने अपनी स्कूली शिक्षा चंडीगढ़ के संत कबीर पब्लिक स्कूल और भवन विद्यालय से पूरी की है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स से कॉमर्स की पढ़ाई की है। उन्हें डिबेटिंग और वीडियो गेमिंग का शौक है। </p>
<p><strong>राघव झुनझुनवाला ने हासिल की चौथी रैंक</strong><br />मुजफ्फरपुर के राघव झुनझुनवाला संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में चौथी रैंक हासिल की है। उनके पिता स्वर्गवासी नवीन झुनझुनवाला माता अंजू झुनझुनवाला है। राघव की प्रारंभिक शिक्षा मुजफ्फरपुर के एक निजी स्कूल से पूरी हुई थी। 10वीं और 12वीं की परीक्षा अपने स्कूल में भी टॉप रह चुके है। इसके बाद उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स में अर्थशास्त्र में ग्रेजुएशन की।</p>
<p><strong>ईशान भटनागर की आई पांचवीं रैंक</strong><br />यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 में भोपाल के ईशान भटनागर ने देशभर में 5वीं रैंक हासिल की। ईशान वर्तमान में भारतीय राजस्व सेवा की ट्रेनिंग ले रहे हैं। ईशान ने दिल्ली के नेशनल लॉ कॉलेज विश्वविद्यालय से बीएएलएलबी कर चुके हैं।  ईशान ने स्कूली शिक्षा डीपीएस भोपाल से पूरी की है। ईशान की मां विनीता भटनागर आरजीपीवी में प्रोफेसर हैं। पिता शासकीय सेवा से सेवानिवृत्त हो चुके हैं।</p>
<p><strong>जिनिया अरोड़ा की आई छठी रैंक</strong><br />जिनिया अरोड़ा ब्यूरोक्रैट्स के परिवार से आती हैं और उनके माता-पिता दोनों ही सिविल सर्वेंट हैं। उन्होंने ग्रेजुएशन के साथ ही अपनी यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी थी। यूपीएससी 2024 परीक्षा में उन्होंने 156वीं रैंक हासिल की थी। जीनिया की स्कूलिंग दिल्ली के संस्कृति स्कूल से हुई है। स्कूली शिक्षा खत्म होने के बाद उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के सेंट स्टीफंस कॉलेज से पढ़ाई की। यहां से उन्होंने पॉलिटिकल साइंस एंड गवर्नमेंट, इकोनॉमिक्स के साथ बैचलर ऑफ आर्ट्स किया है।</p>
<p><strong>कौन हैं 7वीं रैंक हासिल करने वाले ए. आर. राजा मोहिदीन?</strong><br />ए. आर. राजा मोहिदीन का जन्म तमिलनाडु के कांचीपुरम जिले के चेंगलपट्टू में हुआ था। उनका पालन-पोषण चेन्नई में हुआ, जहां उन्होंने अपने प्रारंभिक जीवन का अधिकांश समय बिताया। उनकी मातृभाषा तमिल है। राजा मोहिदीन की शैक्षणिक पृष्ठभूमि बचपन से ही बहुत मजबूत थी। उन्होंने 2014 में चेन्नई के डीएवी बॉयज सीनियर सेकेंडरी स्कूल से कक्षा 10वीं उत्तीर्ण की। इसके बाद उन्होंने चेन्नई के डीएवी हायर सेकेंडरी स्कूल से कक्षा 12वीं उत्तीर्ण की।<br />स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद, उन्होंने तमिलनाडु के अन्नामलाई विश्वविद्यालय से संबद्ध राजाह मुथैया मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की पढ़ाई की और 2022 में स्नातक की उपाधि प्राप्त की। उनकी चिकित्सा शिक्षा ने उन्हें वैज्ञानिक समझ, विश्लेषणात्मक सोच और सामाजिक जिम्मेदारी की प्रबल भावना विकसित करने में मदद की। ए. आर. राजा मोहिदीन ने यूपीएससी सीएसई 2025 में सफलता प्राप्त करने से पहले दो बार सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में भाग लिया। अपने तीसरे प्रयास में, उन्होंने अखिल भारतीय रैंक 7 हासिल की।</p>
<p><strong>एमपी के पक्षल को 8वीं रैंक</strong><br />प्रदेश के धार जिले की कुक्षी विधानसभा के ग्राम बाग निवासी पक्षल जैन (सेक्रेटरी) ने 8वीं ऑल इंडिया रैंक हासिल की है। पक्षल के पिता नीलेश जैन ग्राम बाग में ही कपड़ा व्यापारी व मां दीप्ति जैन हाउस वाइफ हैं। बताया जा रहा है कि पक्षल अभी दिल्ली में हैं। उन्होंने महेश मेमोरियल पब्लिक हायर सेकेंडरी स्कूल बाग और एसआईसीए स्कूल से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की। इसके बाद उन्होंने अर्थशास्त्र की पढ़ाई आईआईटी कानपुर से की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 06 Mar 2026 19:02:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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                <title>हिमाचल : मूसलाधार बारिश और लैंडस्लाइड का खतरा... मानसूनी सीजन में पहाड़ों पर जाने से पहले पढ़ें ये खास रिपोर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">हिमाचल प्रदेश में मूसलाधार बारिश से तबाही मची हुई है। पहाड़ टूटने और बादल फटने से भारी नुकसान हुआ है। शिमला सिकासेरी गांव में आधी रात बादल फटने से भारी तबाही हुई है। एक मकान का हिस्सा बह गया तो किसानों के खेत और सेब के बगीचों को भी नुकसान हुआ है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/41774/read-this-special-report-before-going-to-the-mountains-in"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-06/download-(4)1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>हिमाचल : </strong>मॉनसून की एंट्री ने पहाड़ों को हिलाकर रख दिया है। मैदानी इलाकों को डुबो दिया है। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में आधी रात को बादल फट गया। उत्तराखंड के उत्तरकाशी में भी बादल फटने से भारी तबाही हुई है। मौसम विभाग ने 31 राज्यों-केंद्र शासित प्रदेशों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। ऐसे में अगर आप पहाड़ों में घूमने जाने का प्लान बना रहे हैं तो पहले से ही सचेत हो जाएं।<br /><br />हिमाचल प्रदेश में मूसलाधार बारिश से तबाही मची हुई है। पहाड़ टूटने और बादल फटने से भारी नुकसान हुआ है। शिमला सिकासेरी गांव में आधी रात बादल फटने से भारी तबाही हुई है। एक मकान का हिस्सा बह गया तो किसानों के खेत और सेब के बगीचों को भी नुकसान हुआ है।<br /><br />उधर, शिमला के भट्टाकुफर इलाके में सोमवार सुबह एक 5 मंजिला मकान ढह गया। ये मकान काफी वक्त से खाली और जर्जर हालत में था। गनीमत ये रही कि जिस वक्त ये मकान गिरा। उस वक्त घर के आसपास कोई मौजूद नहीं था। ये भवन फोरलेन निर्माण कार्य की वजह से पहले ही खाली कर लिया गया था।<br /><br />मंडी में लगातार हो रही बारिश पर्यटकों के साथ आम लोगों के लिए भी मुसीबत लेकर आई है। जगह-जगह लैंडस्लाइड हुई है। सड़क बंद होने से लोग टनल में रुकने को मजबूर हैं। हिमाचल प्रदेश के सोलन में लैंड स्लाइड हुई है। मलबे की चपेट में आने से वाहन बाल-बाल बच गए।<br /><br />मौसम विभाग ने अलर्ट जारी करते हुए कहा, ' अगले एक-दो दिन कांगड़ा, मंडी, सोलन और सिरमौर जिलों में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर और शिमला जिलों में अलग-अलग स्थानों पर तथा कुल्लू और चंबा जिलों में अलग-अलग स्थानों पर बारिश और लैंडस्लाइड का भी खतरा है।<br /><br />उत्तराखंड के उत्तरकाशी में भारी बारिश के बीच एक गाड़ी नदी में गिर गई। ड्राइवर किसी तरह बाहर निकल कर गाड़ी की छत पर चढ़ गया। लेकिन उफनती नदी और तेज बहाव की वजह से वो पानी से बाहर नहीं निकल पाया। घंटों तक वो पानी के प्रचंड प्रहार को झेलता रहा। काफी देर बाद वहां पहुंचे स्थानीय लोगों ने रस्सी के सहारे किसी तरह उसे रेस्क्यू किया।<br /><br />पहाड़ों पर हो रही लगातार बारिश की वजह से जगह-जगह लोग फंस गए हैं। पौड़ी में सड़क पर ही सैलाब बह रहा है। पानी की धारा इतनी तेज है कि उसे पार कर पाना नामुमिकन है। उत्तराखंड में लगातार बारिश और उत्तरकाशी में बादल फटने की घटनाओं के बाद हर जिले का प्रशासन अलर्ट मोड पर है।<br /><br />उत्तराखंड के ऋषिकेश में त्रिवेणी घाट पर फ्लड मॉकड्रिल की गई है। SDRF, जल पुलिस मॉकड्रिल में शामिल हुए। SDRF ने एनाउंसमेट कर लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। उत्तरकाशी में बादल बिल्कुल पहाड़ों पर आए हुए हैं। ऊपर तेज बरसात का पानी तेज बहाव के साथ नीचे जा रहा है, जिस वजह से ऋषिकेश और हरिद्वार में पानी का स्तर बढ़ गया है।<br /><br />वहीं, गंगोत्री यमनोत्री रूट पर बारिश और बादल फटने से काफी नुकसान हुआ है। रास्ते में जगह-जगह लैंडस्लाइड पूरे पहाड़ सड़क पर गिरे हुए हैं। इतना ही रास्ता बचा है, जिससे एक ही गाड़ी एक बार में आगे जा सकती है।<br /><br />उत्तराखंड के चंपावत में NH-74 पर वाहनों की आवाजाही बंद कर दी गई है। लगातार हो रही बारिश के चलते वाहनों को रोका गया है। बनबसा शारदा बैराज पर रेड अलर्ट जारी है। क्योंकि भारी बारिश के बाद शारदा नदी उफान पर है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 30 Jun 2025 21:29:42 +0530</pubDate>
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                <title>उत्तराखंड के मदरसे के बच्चे पढ़ेंगे प्रभु श्रीराम की कहानी...  नए सिलेबस में होने जा रहा बड़ा बदलाव</title>
                                    <description><![CDATA[<p>वक्फ बोर्ड के चीफ शादाब शम्स ने आगे कहा कि कौन ही होगा जो अपने बच्चों को भगवान श्रीराम के गुणों वाला नहीं बनाना चाहेगा. श्रीराम की जगह क्या हमें बच्चों को उस राजा के बारे में पढ़ाना चाहिए, जिसने अपने पिता को कैद कर लिया था और अपने भाइयों को गला काट दिया था. ये बोलकर शम्स ने औरंगजेब पर भी निशाना साधा.</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/28124/madrasa-children-of-uttarakhand-will-read-the-story-of-lord-shri-ram----big-change-is-going-to-happen-in-the-new-syllabus"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2024-01/download-(17)1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>उत्तराखंड : </strong>उत्तराखंड के मदरसों के सिलेबस में बड़ा बदलाव होने जा रहा है. उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के चेयरमैन ने बताया है कि मदरसे में बच्चों को भगवान श्रीराम की कहानियां पढ़ाई जाएंगी.</p>
<p style="text-align:justify;">वक्फ बोर्ड के चीफ शादाब शम्स ने बताया कि इस साल मार्च में शुरू होने वाले सेशन में नए सिलेबस को लागू किया जाएगा. उन्होंने बताया कि भगवान श्रीराम एक ऐसे चरित्र हैं जिनके बारे में हर एक को पता होना चाहिए और उनको फॉलो करना चाहिए. जान लें कि उत्तराखंड में वक्फ बोर्ड के तहत 117 मदरसे चलते हैं.<br /><br />वक्फ बोर्ड के चीफ शादाब शम्स ने कहा कि पिता को वादा पूरा करने में मदद के लिए भगवान श्रीराम ने सिंहासन छोड़ दिया था और वन चले गए थे. किसको भगवान श्रीराम के जैसा बेटा नहीं चाहिए होगा? उन्होंने आगे कहा कि मदरसे के स्टूडेंट्स को पैगंबर मोहम्मद के साथ ही भगवान श्रीराम की जिंदगी के बारे में भी पढ़ाया जाएगा.<br /><br />शादाब शम्स ने कहा कि भगवान श्रीराम के जो गुण हैं उन्हें हर किसी को फॉलो करना चाहिए. भले ही वो किसी भी धर्म का हो. भगवान श्रीराम की कहानियों से बच्चे अच्छे गुण और संस्कार सीखेंगे. देहरादून, ऊधम सिंह नगर, हरिद्वार और नैनीताल के जिलों में चलने वाले मदरसों में श्रीराम की कहानियां बच्चों को पढ़ाई जाएंगी.<br /><br />इस मौके पर वक्फ बोर्ड के चीफ शादाब शम्स ने अल्लामा इकबाल को भी याद किया. उन्होंने कहा कि इकबाल ने कहा था कि है राम के वजूद पे हिंदुस्तान को नाज, अहले नजर समझते हैं उनको इमाम-ए-हिंद. शम्स ने बताया कि श्रीराम के साथ बच्चे लक्ष्मण जी और माता सीता के बारे में भी जानेंगे, जिन्होंने महल के ऐशो-आराम को छोड़कर भगवान श्रीराम के साथ वन में जाने का फैसला किया था.</p>
<p style="text-align:justify;">वक्फ बोर्ड के चीफ शादाब शम्स ने आगे कहा कि कौन ही होगा जो अपने बच्चों को भगवान श्रीराम के गुणों वाला नहीं बनाना चाहेगा. श्रीराम की जगह क्या हमें बच्चों को उस राजा के बारे में पढ़ाना चाहिए, जिसने अपने पिता को कैद कर लिया था और अपने भाइयों को गला काट दिया था. ये बोलकर शम्स ने औरंगजेब पर भी निशाना साधा.</p>]]></content:encoded>
                
                

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/28124/madrasa-children-of-uttarakhand-will-read-the-story-of-lord-shri-ram----big-change-is-going-to-happen-in-the-new-syllabus</link>
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                <pubDate>Sun, 28 Jan 2024 18:42:29 +0530</pubDate>
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