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                <title>CBSE - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>CBSE RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>CBSE का बड़ा फैसला: 9वीं-10वीं में तीन भाषाएं अनिवार्य, दो भारतीय भाषाएं जरूरी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>CBSE ने जुलाई 2026 से कक्षा 9वीं और 10वीं में तीन भाषाएं अनिवार्य कर दी हैं, जिनमें दो भारतीय भाषाएं होना जरूरी होगा।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49876/cbse-three-language-rule-class-9-10-2026"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-05/screenshot_2026-05-16-21-21-12-573_com.openai.chatgpt-edit.jpg" alt=""></a><br /><p>केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए कक्षा 9वीं और 10वीं के छात्रों के लिए तीन भाषाओं का अध्ययन अनिवार्य करने का फैसला लिया है। नया नियम जुलाई 2026 से लागू होगा।</p>
<p><br />CBSE के अनुसार, छात्रों को अब कम से कम तीन भाषाएं पढ़ाईनी होंगी, जिनमें से दो भाषाएं भारतीय मूल की (Native Indian Languages) होना अनिवार्य होंगी। यह कदम नई शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत भाषाई विविधता और भारतीय भाषाओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उठाया गया है।</p>
<p><br />बोर्ड द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, विद्यालयों को छात्रों को क्षेत्रीय और भारतीय भाषाओं के अध्ययन के लिए प्रोत्साहित करना होगा। हिंदी, मराठी, तमिल, बंगाली, गुजराती, कन्नड़, पंजाबी, संस्कृत सहित विभिन्न भारतीय भाषाओं को इस परिकल्पना में शामिल किया गया है।<br />CBSE अधिकारियों का कहना है कि नई व्यवस्था का उद्देश्य छात्रों में मातृभाषा और भारतीय संस्कृति के प्रति गतिविधि मजबूत करना है। साथ ही विविध शिक्षा प्रणाली से छात्रों की संज्ञानात्मक क्षमता और सीखने की गुणवत्ता बेहतर होने की उम्मीद बताई गई है।</p>
<p> नई नीति लागू होने के बाद स्कूलों को अपने पाठ्यक्रम, शिक्षकों और परीक्षा व्यवस्था में बदलाव करने होंगे। कई निजी स्कूलों में अभी तक दो-भाषा प्रणाली लागू थी, ऐसे में उन्हें अतिरिक्त भाषा शिक्षकों की नियुक्ति करनी पड़ सकती है।</p>
<p><br />शिक्षा स्वयंसेवकों का नेतृत्व है कि यह कदम भारतीय भाषाओं के संरक्षण और प्रोत्साहन की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। हालांकि कुछ जुड़ाव और स्कूल संगठनों ने अतिरिक्त शैक्षणिक दबाव को लेकर चिंता भी पहुंचाई है।</p>
<p><br />सीबीएसई ने स्पष्ट किया है कि छात्रों को भाषा चयन में कुछ बांटा दिया जाएगा, लेकिन कम से कम दो भाषाएं भारतीय भाषाएं होना अनिवार्य रहेगा। बोर्ड जल्द ही विस्तृत पाठ्यक्रम और परीक्षा व्यवस्था जारी कर सकता है।</p>
<p><br />नई शिक्षा नीति के तहत पहले भी प्राथमिक स्तर पर मातृभाषा आधारित शिक्षा पर जोर दिया गया था। अब माध्यमिक स्तर पर यह नया बदलाव शिक्षा क्षेत्र में बड़ा परिवर्तन माना जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 16 May 2026 21:22:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rokthok Lekhani]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ठाणे मनपा प्रशासन शहर में अंग्रेजी माध्यम के साथ ही सीबीएसई स्कूल शुरू करने का लक्ष्य...</title>
                                    <description><![CDATA[पहले चरण में कम से कम १० और अंग्रेजी माध्यम के स्कूल शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। इन दोनों प्रकार के स्कूलों के लिए इस वर्ष तैयारी पूरी कर अगले शैक्षणिक वर्ष (२०२४-२०२५) के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। आयुक्त ने इसका समयबद्ध कार्यक्रम तैयार करने के निर्देश दिए। मनपा के स्कूलों के छात्रों को स्कूल शुरू होने के पहले १५ जून किताबें उपलब्ध कराने का आदेश आयुक्त ने शिक्षा विभाग को दिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/20776/thane-municipal-administration-aims-to-start-english-medium-as-well-as-cbse-school-in-the-city"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2023-05/images8.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>ठाणे :</strong> ठाणे मनपा प्रशासन शहर में अंग्रेजी माध्यम के साथ ही सीबीएसई स्कूल शुरू करने जा रहा है। मनपा आयुक्त अभिजीत बांगर ने पहले चरण में दो सीबीएसई और आठ अंग्रेजी माध्यम के स्कूल शुरू करने को लेकर नियोजन करने का आदेश शिक्षा विभाग को दिया है। इन स्कूलों को लेकर शिक्षा विभाग में हलचल शुरू हो गई है। बता दें कि आयुक्त बांगर ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ एक बैठक की। इस मौके पर आयुक्त ने सीबीएसई स्कूलों के पहले चरण में दो स्कूल शुरू करने का लक्ष्य मनपा शिक्षा विभाग को दिया है। इसमें से एक स्कूल स्वयं सेवी संस्था के माध्यम से और दूसरा मनपा प्रशासन के माध्यम से शुरू करने का आदेश दिया है।</p>
<p style="text-align:justify;">जबकि पहले चरण में कम से कम १० और अंग्रेजी माध्यम के स्कूल शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। इन दोनों प्रकार के स्कूलों के लिए इस वर्ष तैयारी पूरी कर अगले शैक्षणिक वर्ष (२०२४-२०२५) के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। आयुक्त ने इसका समयबद्ध कार्यक्रम तैयार करने के निर्देश दिए। मनपा के स्कूलों के छात्रों को स्कूल शुरू होने के पहले १५ जून किताबें उपलब्ध कराने का आदेश आयुक्त ने शिक्षा विभाग को दिया है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के विद्यालयों एवं अनुदान प्राप्त विद्यालयों में कक्षा एक से आठ तक के छात्रों को राज्य सरकार द्वारा किताबें नि:शुल्क प्रदान की जाएगी। स्कूल शुरू होने के बाद किताबें मुहैया कराने से उसका सीधा असर छात्रों की शिक्षा पर पड़ता है। आयुक्त बांगर ने कहा कि यूनिफार्म और छात्र के आत्मविश्वास के बीच घनिष्ठ संबंध है। अत: स्थायित्व के साथ-साथ इसका रंग आकर्षक एवं निजी विद्यालयों की तरह यूनिफार्म भी विशिष्ट प्रकार का होना चाहिए। इसलिए मनपा के विद्यालयों में यूनिफार्म का रंग बदलने के निर्देश दिए हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 12 May 2023 12:12:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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                <title>मुंबई में सीबीएसई के 5 नए स्कूल शुरू करेगी BMC... </title>
                                    <description><![CDATA[बीएमसी वर्ष 2007 से अपने स्कूलों में पढ़नेवाले विद्यार्थियों को 27 प्रकार की वस्तु स्कूल खुलने के पहले दिन उपलब्ध कराती है। इसमें स्कूली किताबों के साथ-साथ छात्रों को स्कूल बैग, छाते, रेनकोट, वॉटर बॉटल, पेंसिल, बुक और यूनिफॉर्म सहित अन्य सामग्री शामिल होती है। यह सामान जून में स्कूल के खुलने के पहले दिन विद्यार्थियों को उपलब्ध कराने का नियम है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/20380/bmc-to-start-5-new-cbse-schools-in-mumbai"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2023-04/download-(2)29.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई: </strong>सीबीएसई, आईसीएसई और कैंब्रिज माध्यमों के स्कूलों में विद्यार्थियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए बीएमसी इनकी संख्या बढ़ाने का फैसला किया है। यह स्कूल उपनगर और शहर में होंगे। शिक्षा विभाग के जॉइंट कमिश्नर अजित कुंभार ने कहा कि इसके लिए काम शुरू है। बता दें कि बीएमसी ने वर्ष 2021-22 के शिक्षा सत्र में सीबीएसई माध्यम के 10 स्कूल शुरू किए थे। अब इन स्कूलों में विद्यार्थियों के एडमिशन के लिए वोटिंग लिस्ट है।</p>
<p style="text-align:justify;">बीएमसी ने आईसीएसई का 1 और कैंब्रिज का 1 स्कूल भी शुरू किया है। बीएमसी नए शिक्षा सत्र के पहले ही दिन अपने विद्यार्थियों को सभी सामग्री उपलब्ध कराएगी। बीएमसी अपने स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को 27 प्रकार के सामान की किट मुफ्त में उपलब्ध कराती है। पिछले वर्ष अक्टूबर 2022 तक विद्यार्थियों को सामान नहीं मिल पाया था, जिससे बीएमसी की काफी किरकिरी हुई थी। उससे सबक लेते हुए बीएमसी ने ठेकेदारों को बुलाकर हर हाल में स्कूल के पहले दिन ड्रेस, शूज, बैग सहित सभी सामान उपलब्ध कराने का आदेश दिया है।</p>
<p style="text-align:justify;">बीएमसी वर्ष 2007 से अपने स्कूलों में पढ़नेवाले विद्यार्थियों को 27 प्रकार की वस्तु स्कूल खुलने के पहले दिन उपलब्ध कराती है। इसमें स्कूली किताबों के साथ-साथ छात्रों को स्कूल बैग, छाते, रेनकोट, वॉटर बॉटल, पेंसिल, बुक और यूनिफॉर्म सहित अन्य सामग्री शामिल होती है। यह सामान जून में स्कूल के खुलने के पहले दिन विद्यार्थियों को उपलब्ध कराने का नियम है।</p>
<p style="text-align:justify;">लेकिन अक्सर समय पर सामान विद्यार्थियों को नहीं मिल पाता है। बीएमसी के जॉइंट कमिश्नर अजित कुंभार ने कहा कि हमारी कोशिश है कि किसी कीमत पर सामान मिलने में देरी न हो। 15 से 30 जून के बीच सभी सामग्री विद्यार्थियों को उपलब्ध करा दी जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">पिछले साल 8 वीं से लेकर 10 वीं में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को छाता की जगह सीधे पैसे दिए गए थे। छाता खरीदने के लिए प्रिंसिपल के जरिए प्रत्येक विद्यार्थी को 270 रुपये नकद दिए थे। छाता और रेनकोट दो साल में एक बार और अन्य सभी सामग्री साल में एक बार दी जाती है। इसीलिए पहले दिन विद्यार्थियों को छाता और रेनकोट के अलावा स्कूल ड्रेस सहित अन्य सामग्री का एक सेट प्रदान किया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">बीएमसी ने वर्ष 2023-24 के शिक्षा सत्र के लिए विद्यार्थियों को दिए जाने वाली सामग्री को खरीदने के लिए अतिरिक्त 52 करोड़ रुपये दिए हैं। बीएमसी मुंबई में मराठी, हिंदी, इंग्लिश, गुजराती, तमिल, तेलगू, कन्नड़ और उर्दू सहित कुल 8 माध्यमों के स्कूलों का सञ्चालन करती है। जिसमें 3 लाख से अधिक विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण करते हैं। विद्यार्थियों के लिए जूता, सैंडल, बूट, मोज़े व स्टेशनरी, पेंसिल, रबर, ज्योमेट्री बॉक्स, किताब, कॉपी, बैग जैसे सामान शामिल हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 30 Apr 2023 15:20:59 +0530</pubDate>
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