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                <title>Arrested - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>Arrested RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुंबई : इलेक्ट्रिकल गाड़ियां चुराने वाले गिरोह के 2 लोग गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[<p>अगर आप भी इलेक्ट्रिक वीकल चलाते हैं तो अब थोड़ा सर्तकता बरतें, क्योंकि नई ईवी गाड़ियां चोरों की भी पहली पसंद बन गई है। उनके लिए इलेक्ट्रिकल वीकल चुराना और बेचना पेट्रोल-डीजल वाली गाड़ियों की अपेक्षा आसान होता है। एमआईडीसी पुलिस की क्राइम ब्रांच ने जब दो वाहन चोर मोहसिन मालतबड़े (25) और अरफात शेख (22) को पकड़ा तो यह नया फैक्ट सामने आया।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51070/2-people-of-gang-stealing-mumbai-electrical-vehicles-arrested"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-08/evs-midc-1785434198310_d.webp" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>अगर आप भी इलेक्ट्रिक वीकल चलाते हैं तो अब थोड़ा सर्तकता बरतें, क्योंकि नई ईवी गाड़ियां चोरों की भी पहली पसंद बन गई है। उनके लिए इलेक्ट्रिकल वीकल चुराना और बेचना पेट्रोल-डीजल वाली गाड़ियों की अपेक्षा आसान होता है। एमआईडीसी पुलिस की क्राइम ब्रांच ने जब दो वाहन चोर मोहसिन मालतबड़े (25) और अरफात शेख (22) को पकड़ा तो यह नया फैक्ट सामने आया। चोरी के आरोपियों ने कबूल किया कि उन्होंने मुंबई सेंट्रल, चांदीवली, चर्नी रोड, विक्रोली, दादर, वाकोला, अंधेरी और वरली समेत मुंबई के विभिन्न इलाकों से गाड़ियां चुराईं हैं।</p>
<p> </p>
<p><strong>पेट्रोल गाड़ी चुराने रिस्क ज्यादा</strong><br />एमआईडीसी पुलिस के अनुसार, मोहसिन और अरफात शेख के पास से चोरी की 11 इलेक्ट्रिक वीकल बरामद हुई हैं, जिनमें अधिकतर स्कूटर थी। पुलिस के अनुसार, अंधेरी स्थित ओपस सेंटर के बाहर खड़ी एक इलेक्ट्रिक स्कूटर चोरी की जांच के दौरान पुलिस 50 से 60 सीसीटीवी फुटेज की मदद से दोनों आरोपियों तक पहुंची थी।</p>
<p>पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि पेट्रोल वाहनों की अपेक्षा इन दिनों बाजार में ईवी की डिमांड काफी है। इसे चोरी करना और बेचना दोनों बेहद आसान है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि मुंबई में ईवी चोरी के पीछे कई गिरोह सक्रिय हैं। अब पेट्रोल गाड़ी से अधिक चोरों की नजर ईवी पर रहती हैं। कार्रवाई को डीसीपी दत्ता नलावडे के मार्गदर्शन में अंजाम दिया गया।<br /><strong>  </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/51070/2-people-of-gang-stealing-mumbai-electrical-vehicles-arrested</link>
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                <pubDate>Sat, 01 Aug 2026 11:39:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पुणे : अंधेकर गैंग हमले की साजिश, पुणे पुलिस की कार्रवाई में दो गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[<p>पुणे पुलिस ने अंधेकर गैंग के सदस्यों पर कथित हथियारबंद हमले की साजिश रचने के मामले में कार्रवाई करते हुए पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों पर आरोप है कि उन्होंने अंधेकर गैंग के सदस्यों पर हमला करने के उद्देश्य से रेकी की थी। यह कथित योजना उस समय बनाई गई थी, जब पुलिस अंधेकर गैंग से जुड़े सदस्यों को शिवाजीनगर कोर्ट से धुले और नंदुरबार ले जा रही थी।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51020/pune-andhekar-gang-attack-conspiracy-two-arrested-in-pune-police"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-07/images---2026-07-29t123643.280.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>पुणे : </strong>पुणे पुलिस ने अंधेकर गैंग के सदस्यों पर कथित हथियारबंद हमले की साजिश रचने के मामले में कार्रवाई करते हुए पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों पर आरोप है कि उन्होंने अंधेकर गैंग के सदस्यों पर हमला करने के उद्देश्य से रेकी की थी। यह कथित योजना उस समय बनाई गई थी, जब पुलिस अंधेकर गैंग से जुड़े सदस्यों को शिवाजीनगर कोर्ट से धुले और नंदुरबार ले जा रही थी।</p>
<p> </p>
<p>गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान वेदांत रोहित सावंत (21) और अथर्व दत्तात्रेय खोपड़े (21) के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, वेदांत सावंत धनकवडी की वनराई कॉलोनी का रहने वाला है, जबकि अथर्व खोपड़े कटराज के गुजरवाड़ी इलाके का निवासी है। मामले में नामजद अन्य आरोपियों की पहचान सूरज अशोक थोम्ब्रे (24), मानव शरद धमाले (24), धीरज लखारा और उनके अन्य साथियों के रूप में की गई है। पुलिस के अनुसार, इनमें से कुछ आरोपी अभी फरार हैं और उनकी गिरफ्तारी के लिए तलाश अभियान चलाया जा रहा है। <br />पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने कथित तौर पर अंधेकर गैंग के सदस्यों की गतिविधियों और पुलिस की आवाजाही की जानकारी जुटाने के लिए रेकी की थी। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस साजिश के पीछे क्या उद्देश्य था और इसमें कितने लोग शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार, संगठित अपराध से जुड़े मामलों में पुलिस लगातार निगरानी रख रही है। गैंग से जुड़े लोगों की गतिविधियों पर नजर रखने के साथ-साथ किसी भी संभावित हिंसक वारदात को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। <br />पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी है। पूछताछ के दौरान पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि उन्हें किसने निर्देश दिए थे, हमले की योजना कैसे बनाई गई और इसके लिए हथियार या अन्य संसाधन जुटाने की कोई तैयारी की गई थी या नहीं। जांच एजेंसियां आरोपियों के आपसी संबंधों और उनके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच कर रही हैं। इसके अलावा, पुलिस फरार आरोपियों की भूमिका और उनकी संभावित मदद करने वाले लोगों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है।</p>
<p>पुणे में पिछले कुछ समय से गैंग से जुड़े अपराधों को लेकर पुलिस सतर्क है। अधिकारियों का कहना है कि संगठित अपराध और गैंगवार जैसी घटनाओं को रोकने के लिए विशेष निगरानी और खुफिया तंत्र को मजबूत किया गया है। पुलिस ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। अधिकारियों का कहना है कि अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी भी तरह की हिंसक साजिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा। फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर रही है। जांच पूरी होने के बाद मामले में और खुलासे होने की संभावना है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस कार्रवाई का उद्देश्य न केवल कथित साजिश में शामिल लोगों को पकड़ना है, बल्कि संगठित अपराध नेटवर्क की गतिविधियों पर भी अंकुश लगाना है। आने वाले दिनों में जांच के आधार पर और लोगों के नाम सामने आ सकते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/51020/pune-andhekar-gang-attack-conspiracy-two-arrested-in-pune-police</link>
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                <pubDate>Wed, 29 Jul 2026 12:37:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : एयरपोर्ट पर बांग्लादेशी घुसपैठिया अरेस्ट, 10 साल पहले वाया बंगाल आया था भारत </title>
                                    <description><![CDATA[<p>पुलिस ने छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे मुंबई से 36 वर्षीय एक बांग्लादेशी नागरिक को गिरफ्तार किया है। उस पर फर्जी तरीके से हासिल किए गए भारतीय पासपोर्ट के जरिए यात्रा करने का आरोप है। आरोपी की पहचान बाबू बिस्वास उर्फ तपस बिस्वास के रूप में हुई है। आव्रजन अधिकारियों को उसके भारतीय पासपोर्ट पर उस समय शक हुआ, जब उन्होंने पाया कि उसका बोलने का लहजा बांग्लादेश में बोली जाने वाली भाषा से काफी मिलता-जुलता था। </p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50986/bangladeshi-infiltrator-arrested-at-mumbai-airport-came-to-india-via"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-07/images---2026-07-28t132041.100.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई :</strong> पुलिस ने छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे मुंबई से 36 वर्षीय एक बांग्लादेशी नागरिक को गिरफ्तार किया है। उस पर फर्जी तरीके से हासिल किए गए भारतीय पासपोर्ट के जरिए यात्रा करने का आरोप है। आरोपी की पहचान बाबू बिस्वास उर्फ तपस बिस्वास के रूप में हुई है। आव्रजन अधिकारियों को उसके भारतीय पासपोर्ट पर उस समय शक हुआ, जब उन्होंने पाया कि उसका बोलने का लहजा बांग्लादेश में बोली जाने वाली भाषा से काफी मिलता-जुलता था। </p>
<p> </p>
<p><strong>कोलकाता से बनवाया पासपोर्ट </strong><br />पुलिस ने बताया कि भारत आने के बाद आरोपी ने आधार कार्ड और पैन कार्ड जैसे भारतीय पहचान दस्तावेज बनवा लिए। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर उसने वर्ष 2019 में कोलकाता पासपोर्ट कार्यालय से भारतीय पासपोर्ट भी हासिल कर लिया। जांच के दौरान पता चला कि उसने इसी पासपोर्ट का इस्तेमाल कर विदेश यात्राएं भी कीं। वह वर्ष 2023 में दो बार मालदीव और कम से कम एक बार कोलंबो गया, लेकिन इस दौरान किसी को उस पर शक नहीं हुआ। <br />एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि अब जांच इस बात पर केंद्रित है कि किन एजेंटों ने आरोपी को फर्जी भारतीय पहचान दस्तावेज और पासपोर्ट बनवाने में मदद की थी। पुलिस उन सभी लोगों की पहचान करने की कोशिश कर रही है, जो इस पूरे मामले में शामिल हो सकते हैं।</p>
<p>पुलिस के अनुसार, बिस्वास वर्ष 2016 में पत्नी और परिवार के साथ पश्चिम बंगाल सीमा के रास्ते अवैध रूप से भारत आया था। इसके बाद वह पश्चिम बंगाल के नदिया जिले में रहने लगा और करीब सात साल तक कोलकाता में दिहाड़ी मजदूर के तौर पर काम करता रहा।</p>
<p><strong>कोलंबो से लौटने पर धरा गया </strong><br />कोलंबो से मुंबई हवाई अड्डे पहुंचने पर आरोपी को रोक लिया गया। वह आव्रजन जांच के लिए काउंटर पर पहुंचा, जहां उसने अपना भारतीय पासपोर्ट और बोर्डिंग पास अधिकारियों को दिखाया। काउंटर नंबर 23 पर तैनात एक सहायक आव्रजन अधिकारी ने बताया कि यात्री श्रीलंकाई एयरलाइंस की उड़ान संख्या यूएल-141 से तड़के सुबह करीब साढ़े तीन बजे मुंबई पहुंचा था। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/50986/bangladeshi-infiltrator-arrested-at-mumbai-airport-came-to-india-via</link>
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                <pubDate>Tue, 28 Jul 2026 13:21:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई का कारोबारी डिजिटल अरेस्ट, 14 दिन में ठगों को किया 7.9 करोड़ रुपये ट्रांसफर</title>
                                    <description><![CDATA[<p>देश की आर्थिक राजधानी कही जाने वाली मुंबई में डिजिटल अरेस्ट का बहुत बड़ा मामला सामने आया है। मुंबई में साइबर ठगों ने एक 73 साल के टूर एंड ट्रैवल कारोबारी को डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ऐसा डराया कि उन्होंने 14 दिनों के भीतर 7.9 करोड़ रुपए गंवा दिए। अंधेरी के रहने वाले इस कारोबारी से हुई साइबर ठगी की जांच अब मुंबई की वेस्ट साइबर पुलिस कर रही है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50953/mumbai-businessman-digitally-arrested-transferred-rs-79-crore-to-thugs"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-07/images---2026-07-26t110108.234.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>देश की आर्थिक राजधानी कही जाने वाली मुंबई में डिजिटल अरेस्ट का बहुत बड़ा मामला सामने आया है। मुंबई में साइबर ठगों ने एक 73 साल के टूर एंड ट्रैवल कारोबारी को डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ऐसा डराया कि उन्होंने 14 दिनों के भीतर 7.9 करोड़ रुपए गंवा दिए। अंधेरी के रहने वाले इस कारोबारी से हुई साइबर ठगी की जांच अब मुंबई की वेस्ट साइबर पुलिस कर रही है।</p>
<p> </p>
<p><strong>क्या है पूरा मामला?</strong><br />शिकायत के अनुसार, 5 जुलाई को कारोबारी को व्हाट्सऐप पर एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को दिल्ली पुलिस का अधिकारी बताया और कहा कि उनका नाम जेट एयरवेज के संस्थापक नरेश गोयल से जुड़े एक मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सामने आया है। कॉल करने वाले की व्हाट्सऐप प्रोफाइल पर दिल्ली पुलिस की तस्वीर लगी हुई थी, जिससे कारोबारी को उस पर विश्वास हो गया।</p>
<p><strong>कैसे की ठगी?</strong><br />इसके बाद ठगों ने उन्हें यह कहकर डराया कि मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है, इसलिए किसी को भी इसकी जानकारी न दें। कई दिनों तक वीडियो कॉल के जरिए उनकी पूछताछ की गई। एक व्यक्ति (जिसने अपना नाम राहुल गुप्ता बताया) ने दावा किया कि कारोबारी के आधार कार्ड का इस्तेमाल कर एक सरकारी बैंक में खाता खोला गया है। इसमें 7 करोड़ रुपए जमा हैं। उसने जल्द गिरफ्तारी की धमकी भी दी। ठगों ने कारोबारी को डर के माहौल में रखा और लगातार पैसे ट्रांसफर करने का दबाव बनाया। उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और सुप्रीम कोर्ट के नाम से फर्जी दस्तावेज भी भेजे।</p>
<p><strong>7.9 करोड़ रुपए ठगों के बताए बैंक खातों में भेजे</strong><br />वहीं, खुद को दिल्ली साइबर पुलिस की अधिकारी निशा गुप्ता बताने वाली एक महिला ने कहा कि अदालत के आदेश के तहत जांच के लिए कारोबारी अपने सभी म्यूचुअल फंड, फिक्स्ड डिपॉजिट और बैंक खातों की रकम बताए गए निजी बैंक खातों में ट्रांसफर करें। इस दावे को सही साबित करने के लिए एक फर्जी सुप्रीम कोर्ट का आदेश भी भेजा गया। लगातार दबाव और डर के कारण कारोबारी ने 7 जुलाई से 16 जुलाई के बीच छह अलग-अलग ट्रांजैक्शन में कुल 7.9 करोड़ रुपए ठगों की ओर से बताए गए निजी बैंक खातों में भेज दिए।</p>
<p><strong>कैसे हुआ फ्रॉड का खुलासा?</strong><br />इस पूरे धोखाधड़ी का खुलासा तब हुआ, जब 18 जुलाई को वेस्ट साइबर पुलिस के अधिकारी उनके घर पहुंचे और उन्हें बताया कि वे साइबर ठगी का शिकार हो चुके हैं। इसके बाद भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र से मिली खुफिया जानकारी के आधार पर वेस्ट साइबर पुलिस ने 21 जुलाई को एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की।</p>
<p><strong>पैसे वापस दिलाने की प्रक्रिया शुरू</strong><br />पुलिस ने ठगी गई 7.9 करोड़ रुपए की रकम वापस दिलाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। मुंबई पुलिस ने बताया कि मामले की गहन जांच की जा रही है। भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र से मिली सूचना के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई है और ठगी गई 7.9 करोड़ रुपए की राशि को रिकवर करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 26 Jul 2026 11:02:01 +0530</pubDate>
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