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                <title>markets - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>markets RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुंबई में बरसात का अलर्ट, एक घंटे की बारिश में ही भिवंडी का हुआ बुरा हाल, डूबे सड़क-बाजार और मोहल्ले</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र में मानसून की एंट्री के साथ ही झमाझम बारिश का दौर शुरू हो गया है. मौसम विभाग ने भारी बरसात का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. बीती रात काफी तेज बारिश हुई, जिससे ठाणे में कई जगह जलजमाव देखने मिला. फिलहाल, मुंबई में ऑरेंज अलर्ट यानी तेज बारिश की संभावना से पहले आम जनता और प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है.</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50456/rain-alert-in-mumbai-bhiwandis-condition-deteriorated-in-just-one"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-06/mumbai_rainfall_alert_maharashtra_weather_latest_1689812698434_1689812698804.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>महाराष्ट्र में मानसून की एंट्री के साथ ही झमाझम बारिश का दौर शुरू हो गया है. मौसम विभाग ने भारी बरसात का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. बीती रात काफी तेज बारिश हुई, जिससे ठाणे में कई जगह जलजमाव देखने मिला. फिलहाल, मुंबई में ऑरेंज अलर्ट यानी तेज बारिश की संभावना से पहले आम जनता और प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है.</p>
<p> </p>
<p>दूसरी ओर, बीती रात महज एक घंटे की बारिश में भिवंडी महानगरपालिका की तैयारियों की पोल खुल गई. भिवंडी के सड़क, बाजार और मोहल्ले पूरी तरह जलमग्न दिखे. बताया जा रहा है कि शहर की सड़कें दरिया बन गईं, मुख्य बाजार जलमग्न हो गए, दुकानों में पानी घुस गया. </p>
<p>बीच सड़क पर वाहन बंद पड़ने से लोगों को धक्का लगाना पड़ा. हालात ऐसे बन गए कि लोगों का पैदल चलना भी मुश्किल हो गया. एक घंटे की तेज बारिश ने पूरे शहर की रफ्तार थाम दी. मुख्य बाजार इलाके तीन बत्ती, भाजी मार्केट, निजामपुरा, आमपाड़ा, खंडूपाड़ा रोड और वंजारपट्टी समेत कई इलाके जलमग्न हो गए. सड़कों पर घुटनों से ऊपर तक पानी भर गया, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा. कई मोहल्लों और गलियों में भी पानी भरने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया.</p>
<p>सबसे ज्यादा असर शहर के मुख्य बाजारों तीन बत्ती, भाजी मार्केट में देखने को मिला, जहां बारिश का पानी कई दुकानों में घुस गया. दुकानदार अपना सामान बचाने के लिए जद्दोजहद करते नजर आए. वहीं, जलभराव के कारण कई दोपहिया और चारपहिया वाहन बीच सड़क पर बंद पड़ गए. वाहन चालकों को गाड़ियों को धक्का देकर बाहर निकालना पड़ा, जबकि कई प्रमुख मार्गों पर यातायात भी प्रभावित रहा.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/50456/rain-alert-in-mumbai-bhiwandis-condition-deteriorated-in-just-one</link>
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                <pubDate>Mon, 29 Jun 2026 11:33:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : बाजारों में बिकेंगे जेल की महिला कैदियों के बनाए हुए आर्टिफिशियल गजरे, आत्मनिर्भर बनने का मिलेगा अवसर</title>
                                    <description><![CDATA[<p>झारखंड की जेलों में बंद महिला कैदी अब सिर्फ सजा नहीं काट रहीं, बल्कि अपने हुनर से नई पहचान बना रही हैं। उनके हाथों से बने आर्टिफिशियल गजरे अब मुंबई के बाजारों में बिकने की तैयारी में हैं। इससे न सिर्फ उन्हें पहचान मिल रही है, बल्कि आत्मनिर्भर बनने का मौका भी मिल रहा है।  झारखंड की अलग-अलग जेलों में बंद महिला कैदियों द्वारा बनाए गए आर्टिफिशियल गजरे अब मुंबई के बाजारों में अपनी जगह बनाने जा रहे हैं। इन गजरों की खासियत यह है कि ये कभी मुरझाते नहीं हैं और लंबे समय तक चलते हैं। इन्हें बस अपने पसंदीदा इत्र से महका कर बालों में लगाया जा सकता है। महिला कैदियों का कहना है कि असली फूलों के गजरे एक ही दिन में खराब हो जाते हैं, लेकिन उनके बनाए गजरे लंबे समय तक नए जैसे दिखते हैं। इन गजरों को बनाने के लिए उन्हें विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/47960/artificial-gajras-made-by-female-jail-inmates-will-be-sold"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-02/download---2026-02-24t121357.703.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>मुंबई : </strong>झारखंड की जेलों में बंद महिला कैदी अब सिर्फ सजा नहीं काट रहीं, बल्कि अपने हुनर से नई पहचान बना रही हैं। उनके हाथों से बने आर्टिफिशियल गजरे अब मुंबई के बाजारों में बिकने की तैयारी में हैं। इससे न सिर्फ उन्हें पहचान मिल रही है, बल्कि आत्मनिर्भर बनने का मौका भी मिल रहा है।  झारखंड की अलग-अलग जेलों में बंद महिला कैदियों द्वारा बनाए गए आर्टिफिशियल गजरे अब मुंबई के बाजारों में अपनी जगह बनाने जा रहे हैं। इन गजरों की खासियत यह है कि ये कभी मुरझाते नहीं हैं और लंबे समय तक चलते हैं। इन्हें बस अपने पसंदीदा इत्र से महका कर बालों में लगाया जा सकता है। महिला कैदियों का कहना है कि असली फूलों के गजरे एक ही दिन में खराब हो जाते हैं, लेकिन उनके बनाए गजरे लंबे समय तक नए जैसे दिखते हैं। इन गजरों को बनाने के लिए उन्हें विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। </div>
<div> </div>
<div> </div>
<div>जेल आईजी सुदर्शन मंडल ने बताया कि शुरुआत में ये गजरे पुरुष कैदी बनाते थे, लेकिन बाद में महिला कैदियों ने भी इसे बनाने की इच्छा जताई। इसके बाद उन्हें प्रशिक्षण दिया गया और उन्होंने बहुत अच्छे तरीके से गजरे तैयार किए। उन्होंने बताया कि महिला कैदी अब गजरे के साथ-साथ ज्वेलरी और कपड़े बनाना भी सीख रही हैं। उनके बनाए उत्पादों की फिल्म इंडस्ट्री में काफी मांग है और दक्षिण भारत में भी ये गजरे लोकप्रिय हैं। </div>
<div> </div>
<div>फिलहाल मुंबई में इन गजरों के लिए बाजार तैयार करने की कोशिश की जा रही है, ताकि महिला कैदियों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल सके। जेल प्रशासन का कहना है कि सजा पूरी होने के बाद रिहा होने पर इन महिलाओं को रोजगार के अवसर मिल सकें, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 24 Feb 2026 12:15:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नई दिल्‍ली : दीपावली से खिला कारोबार, बाजारों में उमड़ी रौनक... कारोबार 5 लाख करोड़ के पार पहुंचने की उम्मीद</title>
                                    <description><![CDATA[<p>देश के बाजारों में इस बार दीपावली की रौनक कुछ अलग ही है. दुकानों में खरीदारों की भीड़ है, गलियों में ट्रैफिक बढ़ गया है और हर तरफ उत्साह का माहौल है. छोटे कस्बों से लेकर बड़े शहरों तक, हर जगह लोग जमकर खरीदारी कर रहे हैं. व्यापारियों के मुताबिक, इस बार का त्योहारी सीजन बीते कई सालों की तुलना में ज्यादा चमकदार साबित हो रहा है.</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/44731/new-delhi-diwali-brings-excitement-in-business-markets-business-expected"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-10/download---2025-10-16t194922.387.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्‍ली : </strong>देश के बाजारों में इस बार दीपावली की रौनक कुछ अलग ही है. दुकानों में खरीदारों की भीड़ है, गलियों में ट्रैफिक बढ़ गया है और हर तरफ उत्साह का माहौल है. छोटे कस्बों से लेकर बड़े शहरों तक, हर जगह लोग जमकर खरीदारी कर रहे हैं. व्यापारियों के मुताबिक, इस बार का त्योहारी सीजन बीते कई सालों की तुलना में ज्यादा चमकदार साबित हो रहा है.</p>
<p> </p>
<p><strong>बड़े शहरों से लेकर कस्बों तक भीड़ का नजारा</strong><br />दिल्ली, मुंबई, जयपुर, अहमदाबाद, लखनऊ, भोपाल, इंदौर, पटना, चेन्नई और कोलकाता जैसे शहरों में बाजारों की हालत यह है कि शाम होते-होते पैर रखने की जगह नहीं बचती. दुकानदार लगातार ग्राहकों की सेवा में जुटे हैं. वहीं छोटे कस्बों और टाउन मार्केट्स में भी लोगों का उत्साह देखने लायक है. कई दुकानों में तो सामान खत्म होने की नौबत आ चुकी है.</p>
<p><strong>मोदी की ‘वोकल फॉर लोकल’ अपील से बढ़ी स्वदेशी चीजों की बिक्री</strong><br />कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स के राष्ट्रीय महामंत्री और चांदनी चौक से सांसद प्रवीन खंडेलवाल का कहना है कि पीएम मोदी की “वोकल फॉर लोकल” अपील ने इस बार दीपावली के कारोबार में नई जान डाल दी है. खंडेलवाल के मुताबिक, सरकार द्वारा जीएसटी दरों में की गई कटौती और स्वदेशी उत्पादों के प्रचार ने लोगों की सोच बदली है. लोग अब विदेशी चीजों के बजाय देश में बने उत्पादों को प्राथमिकता दे रहे हैं. इससे ऑनलाइन और विदेशी कंपनियों की बिक्री को झटका लगा है.</p>
<p><strong>कारोबार का आंकड़ा छू सकता है 5 लाख करोड़ रुपये</strong><br />कैट का अनुमान है कि इस बार दीपावली सीजन में कुल व्यापार ₹5 लाख करोड़ रुपये के पार जा सकता है. पहले जहां अनुमान 4.75 लाख करोड़ का था, वहीं अब उम्मीद है कि यह आंकड़ा उससे कहीं आगे जाएगा. सिर्फ पारंपरिक बाजार ही नहीं, बल्कि इवेंट मैनेजमेंट, गिफ्ट पैकिंग, टैक्सी सर्विस, डेकोरेशन, मिठाइयों, फूलों, आतिशबाजी और ऑर्केस्ट्रा कलाकारों से जुड़े कारोबार में भी इस बार जबरदस्त बढ़त की संभावना जताई जा रही है.</p>
<p><strong>दीए से लेकर मोबाइल तक– हर चीज की भारी मांग</strong><br />बाजारों में मिट्टी के दीए, रंगीन कैंडल्स, झालरें, पारंपरिक सजावट की वस्तुएं, सूखे मेवे, उपहार पैक, भारतीय परिधान, सोने-चांदी के गहने, मोबाइल और घरेलू इलेक्ट्रॉनिक सामान की बिक्री अपने चरम पर है. दुकानदारों का कहना है कि “मेड इन इंडिया” सामान की बिक्री बढ़ी है और ग्राहक अब स्थानीय उत्पादों को ज़्यादा तवज्जो दे रहे हैं. इससे देश के छोटे और मध्यम उद्योगों को भी बड़ा फायदा हो रहा है.</p>
<p>त्योहारों का सिलसिला अब भी जारी रहेगा. दीपावली के साथ ही त्योहारों की श्रृंखला अभी खत्म नहीं हुई है. 18 अक्टूबर को धनतेरस, 19 को नरक चतुर्दशी, 20 को दीपावली, 22 को गोवर्धन पूजा और अन्नकूट महोत्सव, 23 को भैया दूज, 27–28 को छठ पूजा और 2 नवंबर को तुलसी विवाह के साथ त्योहारों का यह दौर आगे बढ़ेगा. हर राज्य और क्षेत्र में इन पर्वों को लेकर अलग-अलग तैयारियां चल रही हैं.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/44731/new-delhi-diwali-brings-excitement-in-business-markets-business-expected</link>
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                <pubDate>Thu, 16 Oct 2025 19:51:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हैदराबाद के बाजारों में ग्रीन क्रैकर्स की बंपर मांग, लोग चुन रहे हैं प्रदूषण-मुक्त दिवाली</title>
                                    <description><![CDATA[<p>शहर में इस दिवाली की रौनक कुछ खास है, बाज़ारों में ‘ग्रीन क्रैकर्स’ यानी पर्यावरण-अनुकूल पटाखों की धूम मची हुई है. ये पटाखे पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंचाते और पारंपरिक पटाखों के मुकाबले लगभग 40% कम प्रदूषण करते हैं. हैदराबाद के प्रमुख बाज़ारों जैसे बेगम बाज़ार और पुराने शहर में ग्रीन क्रैकर्स की मांग पिछले सालों के मुकाबले काफी बढ़ी है. दुकानदार बताते हैं कि लोग अब जागरूक होकर इन्हीं पटाखों को तरजीह दे रहे हैं. NEERI यानी नेशनल एनवायरनमेंटल इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट द्वारा प्रमाणित इन पटाखों की इस सीज़न में पूछताछ दोगुनी हो गई है.</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/44729/bumper-demand-for-green-crackers-in-hyderabad-markets-people-are"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-10/download---2025-10-16t194513.230.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>हैदराबाद :.</strong> शहर में इस दिवाली की रौनक कुछ खास है, बाज़ारों में ‘ग्रीन क्रैकर्स’ यानी पर्यावरण-अनुकूल पटाखों की धूम मची हुई है. ये पटाखे पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंचाते और पारंपरिक पटाखों के मुकाबले लगभग 40% कम प्रदूषण करते हैं. हैदराबाद के प्रमुख बाज़ारों जैसे बेगम बाज़ार और पुराने शहर में ग्रीन क्रैकर्स की मांग पिछले सालों के मुकाबले काफी बढ़ी है. दुकानदार बताते हैं कि लोग अब जागरूक होकर इन्हीं पटाखों को तरजीह दे रहे हैं. NEERI यानी नेशनल एनवायरनमेंटल इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट द्वारा प्रमाणित इन पटाखों की इस सीज़न में पूछताछ दोगुनी हो गई है.</p>
<p> </p>
<p>पटाखा व्यापारी कहते हैं कि पिछले साल लोग ग्रीन क्रैकर्स को लेकर अनजान थे लेकिन इस बार ज़्यादातर ग्राहक सीधे इन्हीं के बारे में पूछ रहे हैं. हालांकि, पर्यावरण-अनुकूल कच्चे माल की लागत ज़्यादा होने के कारण ग्रीन क्रैकर्स की कीमतें सामान्य पटाखों से 15-20% अधिक हैं फिर भी लोग बेहिचक इसके लिए तैयार हैं.</p>
<p><strong>बिना धुएं और आवाज वाले पटाखे</strong><br />बाज़ार में बिना धुएं वाली फुलझड़ी, इको-रॉकेट और कम आवाज़ वाले स्पार्कलर जैसे नए पटाखे भी लोकप्रिय हो रहे हैं खासकर बच्चों वाले परिवारों में. लोग थोड़ी महंगी कीमत होने पर भी इन्हें खरीद रहे हैं क्योंकि इनसे खाँसी या सांस की तकलीफ नहीं होती और वे इस बार बिना किसी पछतावे के दिवाली मनाना चाहते हैं. तेलंगाना फायर वर्कर्स डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष पी. वेणुगोपाल के मुताबिक इस साल लगभग सभी विक्रेताओं ने सिर्फ ग्रीन क्रैकर्स ही स्टॉक किए हैं. पिछले साल के मुकाबले मांग में 30% की बढ़ोतरी हुई है.</p>
<p>साफ है कि लोग अब पर्यावरण और स्वास्थ्य के प्रति ज़्यादा सजग हो रहे हैं, ग्रीन क्रैकर्स कम धुआं छोड़ते हैं और सांस लेने में आसान होते हैं, जिससे बच्चे और बुजुर्ग भी सुरक्षित रहते हैं. थोड़ी अधिक कीमत होने के बावजूद, लोग इसे अपने और अपनों की सेहत के लिए एक सार्थक निवेश मान रहे हैं.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/44729/bumper-demand-for-green-crackers-in-hyderabad-markets-people-are</link>
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                <pubDate>Thu, 16 Oct 2025 19:47:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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