<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.rokthoklekhani.com/tag/13858/impact" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Rokthok Lekhani News  RSS Feed Generator</generator>
                <title>Impact - Rokthok Lekhani News </title>
                <link>https://www.rokthoklekhani.com/tag/13858/rss</link>
                <description>Impact RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>नई दिल्ली:ओडिशा-आंध्र में अर्नब का असर... दिल्ली समेत 22 राज्यों पर बारिश का खतरा !</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">आंध्र प्रदेश के कई इलाकों में भी तेज बारिश और हवाओं का असर देखने को मिला है। श्रीकाकुलम क्षेत्र में हवा की गति करीब 75 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की खबर है। तटीय और निचले क्षेत्रों में प्रशासन लोगों से सावधानी बरतने की अपील कर रहा है। अर्नब के असर के साथ देश के बड़े हिस्से में बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। 25 सितंबर के लिए मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 22 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में अलग-अलग स्तर की बारिश की संभावना है। ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51982/new-delhi-arnabs-impact-in-odisha-andhra-threat-of-rain-on"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-09/trt.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली:</strong> बंगाल की खाड़ी से उठा मौसमी सिस्टम ‘अर्नब’ उत्तर आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा के तट को पार करने के बाद भारी बारिश का कारण बना है। तटीय इलाकों में तेज हवाओं और लगातार बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है। कई निचले इलाकों में पानी भर गया है, जबकि सड़कों और पुलों पर पानी आने से आवाजाही प्रभावित हुई है। ओडिशा के कई जिलों में स्कूल बंद रखने के आदेश भी दिए गए। मौसम विभाग के मुताबिक सिस्टम ने उत्तर आंध्र प्रदेश के कलिंगपट्टनम के पास 23 सितंबर की रात से 24 सितंबर की तड़के के बीच तट पार किया।</p>
<p style="text-align:justify;">इस दौरान हवा की रफ्तार करीब 75 किलोमीटर प्रति घंटे तक दर्ज की गई। इसके प्रभाव से आंध्र प्रदेश और ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश हुई। ओडिशा में प्रशासन ने खराब मौसम को देखते हुए कई जिलों में स्कूल बंद किए। इससे पहले खुर्दा, जगतसिंहपुर, गंजाम, गजपति और मलकानगिरी समेत प्रभावित क्षेत्रों में स्कूलों को बंद रखने के निर्देश जारी किए गए थे। कई संवेदनशील जिलों में सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियां भी रद्द की गईं और प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया। भारी बारिश से बाढ़ और जलभराव का खतरा बढ़ गया है। मौसम विभाग ने ओडिशा के नबरंगपुर में अत्यधिक भारी बारिश की आशंका को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया, जबकि बरगढ़, नुआपाड़ा, बलांगीर, कालाहांडी, कोरापुट और मलकानगिरी समेत कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">आंध्र प्रदेश के कई इलाकों में भी तेज बारिश और हवाओं का असर देखने को मिला है। श्रीकाकुलम क्षेत्र में हवा की गति करीब 75 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की खबर है। तटीय और निचले क्षेत्रों में प्रशासन लोगों से सावधानी बरतने की अपील कर रहा है। अर्नब के असर के साथ देश के बड़े हिस्से में बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। 25 सितंबर के लिए मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 22 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में अलग-अलग स्तर की बारिश की संभावना है। ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी है।</p>
<p style="text-align:justify;">छत्तीसगढ़ में भी बहुत भारी से अत्यधिक भारी बारिश की आशंका जताई गई है और तेज हवाएं चल सकती हैं। पूर्वी मध्य प्रदेश में बहुत भारी बारिश की संभावना है। दिल्ली-NCR में बादल छाए रहने के साथ कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है, जबकि 27 और 28 सितंबर को बारिश की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान है। मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन ने भारी बारिश वाले क्षेत्रों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। जलभराव वाले रास्तों, नदी-नालों और तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूरी रखने को कहा गया है। तटीय क्षेत्रों में भी मौसम की स्थिति को देखते हुए प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/51982/new-delhi-arnabs-impact-in-odisha-andhra-threat-of-rain-on</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/51982/new-delhi-arnabs-impact-in-odisha-andhra-threat-of-rain-on</guid>
                <pubDate>Sat, 26 Sep 2026 13:02:05 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-09/trt.jpg"                         length="44222"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नई दिल्‍ली : 60 साल बाद बदलने जा रहा गन्‍ने से जुड़ा कानून, किसानों को फायदा होगा या नुकसान, एथनॉल उत्‍पादन पर भी असर</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong> </strong>यूपी सहित देश के तमाम गन्‍ना उत्‍पादक राज्‍यों के किसानों के लिए बड़ी खबर है. केंद्र सरकार 60 साल बाद गन्‍ने से जुड़े कानून में बदलाव करने जा रही है. इसका फायदा सीधे तौर पर किसानों को होगा. मामले से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि केंद्र सरकार ने साल 1966 के गन्ना नियंत्रण आदेश को एक व्यापक और नए नियामक ढांचे से बदलने का प्रस्ताव किया है.</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49398/new-delhi-the-law-related-to-sugarcane-is-going-to"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-22t184642.138.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्‍ली : </strong>यूपी सहित देश के तमाम गन्‍ना उत्‍पादक राज्‍यों के किसानों के लिए बड़ी खबर है. केंद्र सरकार 60 साल बाद गन्‍ने से जुड़े कानून में बदलाव करने जा रही है. इसका फायदा सीधे तौर पर किसानों को होगा. मामले से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि केंद्र सरकार ने साल 1966 के गन्ना नियंत्रण आदेश को एक व्यापक और नए नियामक ढांचे से बदलने का प्रस्ताव किया है. इसमें पहली बार एथनॉल उत्पादन, डिजिटल नियमों के पालन और कारखानों की मंजूरी के लिए एक औपचारिक व्यवस्था को साथ लाया गया है. सरकार ने इस मसौदे पर 20 मई तक सुझाव मांगे हैं.</p>
<p> </p>
<p>केंद्रीय खाद्य मंत्रालय के गन्ना (नियंत्रण) आदेश 2026 के मसौदे में पुराने कानून की बुनियादी संरचना को बरकरार रखा गया है. इसमें उचित और लाभकारी मूल्य (एफआरपी) के नियम, गन्ने की आवाजाही पर नियंत्रण, 14 दिनों के भीतर भुगतान की समय सीमा और देरी से भुगतान पर 15 फीसदी सालाना ब्याज शामिल है. हालांकि, इसमें पूरी तरह बदल चुके उद्योग के अनुरूप एक नया ढांचा तैयार किया गया है. इन नियमों का ज्‍यादातर लाभ किसानों को होगा, क्‍योंकि अभी मिलों के पास उनके हजारों करोड़ के बकाए पड़े हुए हैं.</p>
<p><strong>600 लीटर एथनॉल बराबर एक टन चीनी</strong><br />साल 1966 के कानून में सबसे महत्वपूर्ण बदलाव एथनॉल को गन्ना नियामक ढांचे में स्पष्ट रूप से शामिल करना है और मसौदे में चीनी कारखाने की परिभाषा का विस्तार कर इसमें गन्ने के रस, सिरप, चीनी और मोलासेस से एथनॉल उत्पादन को भी शामिल किया गया है. इसके लिए एक ठोस रूपांतरण सूत्र पेश किया गया है, जिसके तहत उत्पादन गणना करते समय 600 लीटर एथनॉल को एक टन चीनी के बराबर माना जाएगा.</p>
<p><strong>कुछ कंपनियों को बैंक गारंटी से छूट</strong><br />मसौदे में कहा गया है कि केवल एथनॉल बनाने वाली इकाइयां, जो अपने परिसर में गन्ना नहीं पेरती हैं. उन्हें प्रदर्शन बैंक गारंटी की आवश्यकता से छूट दी गई है. यह एकीकृत चीनी-सह-एथनॉल मिलों पर नियंत्रण हल्का किए बिना एकल एथनॉल क्षमता बढ़ाने के लिए एक सोची-समझी नीतिगत पहल है. मसौदे की धारा 6ए से 6जी में ऐसे प्रावधान शामिल किए गए हैं, जो पुराने आदेश में नहीं थे. इसमें नए कारखानों के लिए औपचारिक आईईएम-आधारित मंजूरी प्रक्रिया, न्यूनतम दूरी के नियम, प्रदर्शन बैंक गारंटी को बढ़ाकर दो करोड़ रुपये करना और प्रभावी कदम तथा व्यावसायिक उत्पादन के लिए समय सीमा तय करना शामिल है.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/49398/new-delhi-the-law-related-to-sugarcane-is-going-to</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/49398/new-delhi-the-law-related-to-sugarcane-is-going-to</guid>
                <pubDate>Wed, 22 Apr 2026 18:48:29 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-04/download---2026-04-22t184642.138.jpg"                         length="15885"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई में ओला-उबर और रैपिडो के ड्राइवरों की हड़ताल, एयरपोर्ट और स्टशनों पर कैसा रहा असर?</title>
                                    <description><![CDATA[<p>देश भर में एग्रीगेटर कंपनियों के ड्राइवरों ने 1 दिन का हड़ताल किया, जहां उन्होंने बंद का ऐलान किया और गाडी चलाने से इंकार कर दिया। इस वजह से मुंबई और पुणे के यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा, ख़ास करके एयरपोर्ट और स्टेशनों के यात्रियों को, लंबी दुरी का रास्ता तय करने के बाद, उन्हें अपने घर जाने के लिए ऑनलाइन गाडी नहीं मिल पा रही थी। नतीजन यात्रियों को मीटर ऑटो और टैक्सी का विकल्प चुनना पड़ा। वीकेंड होने के वजह से दफ्तर जाने वालों की संख्या कम थी, लेकिन जो लोग घूमने निकले थे, उन्हें परेशानी हुई।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/47573/how-was-the-strike-of-ola-uber-and-rapido-drivers"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-02/images---2026-02-08t142907.919.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>देश भर में एग्रीगेटर कंपनियों के ड्राइवरों ने 1 दिन का हड़ताल किया, जहां उन्होंने बंद का ऐलान किया और गाडी चलाने से इंकार कर दिया। इस वजह से मुंबई और पुणे के यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा, ख़ास करके एयरपोर्ट और स्टेशनों के यात्रियों को, लंबी दुरी का रास्ता तय करने के बाद, उन्हें अपने घर जाने के लिए ऑनलाइन गाडी नहीं मिल पा रही थी। नतीजन यात्रियों को मीटर ऑटो और टैक्सी का विकल्प चुनना पड़ा। वीकेंड होने के वजह से दफ्तर जाने वालों की संख्या कम थी, लेकिन जो लोग घूमने निकले थे, उन्हें परेशानी हुई।</p>
<p> </p>
<p>दरअसल बीते कुछ महीनों में कई बार एग्रीगेटर कंपनियों के ड्राइवरों अलग-अलग तरीके से विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। लेकिन अब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया है । असोसिएशन का कहना है कि ओला, उबर, रैपिडो जैसी ऐप-आधारित परिवहन आज भी डिमांड और सप्लाई के हिसाब से पैसा ले रही है, जबकि महाराष्ट्र परिवहन डिपार्टमेंट ने उन्हें सरकारी रेट के हिसाब से किराया लेने के लिए कहा है। इसके साथ ही अवैध बाइक टैक्सी सेवाओं के खिलाफ कार्रवाई और पैनिक बटन लगाने से संबंधित शिकायतों के निवारण सहित विभिन्न मांग शामिल थी।</p>
<p>इस हड़ताल की वजह से मुंबई एयरपोर्ट पर उतरे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।अपने गंतव्यों तक पहुंचने के लिए उन्हें गाडी नहीं मिली। गाड़ियों की कमी के कारण उन्हें मीटर टैक्सियों और रिक्शा के लिए लाइन में खड़ा होना पड़ा। तो वहीँ ड्राइवरों का कहना है कि इस हड़ताल की वजह से उन्हें भी 2,000 से 3,000 रुपये का नुकसान हुआ है।</p>
<p>महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने 'राइड एग्रीगेटर्स' (टैक्सी सेवा प्रदाता कंपनी) को चेतावनी दी कि अगर वे चालकों के साथ अनुचित व्यवहार करते हैं और उनके साथ अन्याय करते हैं, तो सरकार कंपनियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करेगी। भारतीय गिग कामगार मंच के अध्यक्ष केशव क्षीरसागर ने कहा कि महाराष्ट्र और देश के अन्य हिस्सों में हड़ताल आज (शनिवार) सुबह से शुरू है। अधिकांश ऑटो रिक्शा और टैक्सी चालकों ने हड़ताल का समर्थन कर रहे है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/47573/how-was-the-strike-of-ola-uber-and-rapido-drivers</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/47573/how-was-the-strike-of-ola-uber-and-rapido-drivers</guid>
                <pubDate>Sun, 08 Feb 2026 14:29:49 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-02/images---2026-02-08t142907.919.jpg"                         length="6537"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई :  उच्च राजस्व से आरबीआई की पीआईडीएफ योजना खत्म होने के असर की भरपाई होगी पेटीएम</title>
                                    <description><![CDATA[<p>पेटीएम ने शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजारों को जानकारी दी कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड (पीआईडीएफ) योजना के समाप्त होने से होने वाले किसी भी प्रभाव की भरपाई समय के साथ राजस्व में बढ़ोतरी और अधिक लक्षित बिक्री प्रयासों के जरिए की जा सकेगी।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/47193/paytm-to-offset-impact-of-end-of-rbis-pidf-scheme"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-01/download---2026-01-23t183908.487.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई :  </strong>पेटीएम ने शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजारों को जानकारी दी कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड (पीआईडीएफ) योजना के समाप्त होने से होने वाले किसी भी प्रभाव की भरपाई समय के साथ राजस्व में बढ़ोतरी और अधिक लक्षित बिक्री प्रयासों के जरिए की जा सकेगी। स्टॉक एक्सचेंजों को दी गई जानकारी में पेटीएम की मूल कंपनी वन97 कम्युनिकेशंस लिमिटेड ने कहा कि वह फिलहाल पीआईडीएफ योजना के तहत प्रोत्साहन आय को मान्यता दे रही है, जो साउंडबॉक्स और ईडीसी मशीनों जैसे भुगतान स्वीकृति उपकरणों पर किए गए खर्च से जुड़ी है।</p>
<p> </p>
<p>कंपनी ने स्पष्ट किया कि यदि यह योजना अपने मौजूदा कार्यकाल के बाद आगे नहीं बढ़ाई जाती है, तो पेटीएम को उम्मीद है कि वह उच्च राजस्व और ज्यादा केंद्रित बिक्री रणनीति के संयोजन से इसके प्रभाव की समय के साथ काफी हद तक भरपाई कर लेगी। पीआईडीएफ योजना 31 दिसंबर 2025 तक मान्य है। इसका उद्देश्य टियर-3 से टियर-6 शहरों और पूर्वोत्तर सहित जम्मू-कश्मीर और लद्दाख जैसे कम सेवा प्राप्त क्षेत्रों में डिजिटल भुगतान बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देना है। 30 सितंबर 2025 को समाप्त छह महीनों की अवधि में पेटीएम ने इस योजना के तहत 128 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन आय दर्ज की।</p>
<p>यह स्पष्टीकरण ऐसे समय में आया है, जब पेटीएम के वित्तीय प्रदर्शन में लगातार सुधार देखा जा रहा है। लागत नियंत्रण, ऑपरेटिंग लीवरेज और तिमाही-दर-तिमाही लाभप्रदता में सुधार से कंपनी को मजबूती मिली है। ब्रोकरेज फर्म इन्वेस्टेक इक्विटीज ने भी शुक्रवार को ऑफलाइन भुगतान के क्षेत्र में पेटीएम की मजबूत मौजूदगी और मर्चेंट अधिग्रहण में उसकी अग्रणी भूमिका की सराहना की। रिपोर्ट के अनुसार, साउंडबॉक्स में पेटीएम की 50 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी है, जबकि फिजिकल पीओएस में करीब 10 प्रतिशत और ऑनलाइन पेमेंट गेटवे में 15 से 20 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ कंपनी बेहतर स्थिति में है।</p>
<p>ब्रोकरेज ने यह भी कहा कि पेटीएम की तकनीकी क्षमताएं और व्यापारियों के साथ गहरे संबंध उसे दीर्घकालिक मूल्य निर्धारण की ताकत देते हैं और ग्राहकों के लिए स्विचिंग कॉस्ट को ऊंचा बनाते हैं। इस खुलासे के साथ पेटीएम ने निवेशकों को आश्वस्त किया कि वह अपनी सतत विकास संभावनाओं को लेकर आश्वस्त है।<br /> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/47193/paytm-to-offset-impact-of-end-of-rbis-pidf-scheme</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/47193/paytm-to-offset-impact-of-end-of-rbis-pidf-scheme</guid>
                <pubDate>Fri, 23 Jan 2026 18:42:03 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-01/download---2026-01-23t183908.487.jpg"                         length="8990"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        