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                <title>puts - Rokthok Lekhani News </title>
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                            <item>
                <title>मुंबई : मराठी सीखें या मुंबई छोड़ दें, ऑटोरिक्शा ड्राइवर्स को MNS की धमकी, कांदिवली में लगाए चेतावनी बोर्ड</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र में ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा की अनिवार्यता के बीच एक बार फिर मनसे का बयान आया है। इस बार महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने मुंबई के कांदिवली इलाके में बोर्ड लगाए हैं। ये चेतावनी बोर्ड्स हैं, इनमें लिखा है कि भाषा के नियम को लेकर यात्रियों को परेशान किया गया या उन्हें मजबूर किया गया तो पार्टी चुप नहीं बैठेगी।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51562/mumbai-learn-marathi-or-leave-mumbai-mns-threatens-autorickshaw-drivers"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-08/untitled-3dsfgasdf.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>महाराष्ट्र में ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा की अनिवार्यता के बीच एक बार फिर मनसे का बयान आया है। इस बार महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने मुंबई के कांदिवली इलाके में बोर्ड लगाए हैं। ये चेतावनी बोर्ड्स हैं, इनमें लिखा है कि भाषा के नियम को लेकर यात्रियों को परेशान किया गया या उन्हें मजबूर किया गया तो पार्टी चुप नहीं बैठेगी। पार्टी के एक पदाधिकारी ने राज्य सरकार के इस नियम का समर्थन करते हुए कहा कि जिन ऑटो-रिक्शा चालकों को मराठी सीखने या बोलने में परेशानी है, वे महाराष्ट्र छोड़ सकते हैं।</p>
<p> </p>
<p>राज ठाकरे के नेतृत्व वाली मनसे की यह टिप्पणी कांदिवली में चार ऑटो-रिक्शा चालकों द्वारा एक मराठी भाषी चालक के साथ कथित मारपीट के एक दिन बाद आई है। उस चालक ने भाषा संबंधी नियम के विरोध में शामिल होने से इनकार कर दिया था।</p>
<p><strong>कांदिवली में कई जगह लगे बोर्ड्स</strong><br />कांदिवली की घटना के बाद स्थानीय स्तर पर मराठी भाषी लोगों और उत्तर भारत से आए चालकों के बीच तनाव पैदा हो गया। महानगर के चारकोप विधानसभा क्षेत्र मनसे के पदाधिकारी दिनेश सालवी ने कहा कि पार्टी ने कांदिवली में कई जगह बोर्ड लगाए हैं, जहां सोमवार को यह घटना हुई थी। सालवी ने कहा कि अगर ऑटो-रिक्शा चालकों को मराठी सीखने या बोलने में परेशानी है, तो वे महाराष्ट्र छोड़कर अपने-अपने राज्यों में वापस जा सकते हैं।</p>
<p><strong>मराठी सिखा रहे ये संस्थान</strong><br />महाराष्ट्र परिवहन विभाग ने 20 अगस्त से पूरे राज्य में अभियान शुरू किया है, जिसके तहत गैर-मराठी टैक्सी और ऑटो-रिक्शा चालकों के मराठी भाषा के कामचलाऊ ज्ञान की जांच की जा रही है। कोंकण मराठी साहित्य परिषद और मुंबई मराठी साहित्य संघ की ओर से चलाए गए 105 दिवसीय ‘हिंदूहृदय सम्राट बालासाहेब ठाकरे मराठी भाषा अभियान’ में 165601 गैर-मराठी भाषी ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालक कामचलाऊ मराठी सीखने के लिए आगे आए। पिछले सप्ताह परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा था कि ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चलाने के लिए व्यावहारिक मराठी भाषा का ज्ञान महाराष्ट्र में 1989 से जरूरी है, लेकिन इसे सख्ती से लागू नहीं किया गया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/51562/mumbai-learn-marathi-or-leave-mumbai-mns-threatens-autorickshaw-drivers</link>
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                <pubDate>Wed, 26 Aug 2026 13:04:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>डोंबिवली : मनसे ने कल्याण-डोंबिवली में ऑटो पर मराठी स्टिकर लगाए</title>
                                    <description><![CDATA[<p>कल्याण-डोंबिवली इलाके में भाषा पर बहस फिर से शुरू हो गई है, जहाँ ने ऑटो-रिक्शा ड्राइवरों के बीच मराठी के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए एक ज़ोरदार ज़मीनी कैंपेन शुरू किया है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब मई की शुरुआत में मराठी थोपने के खिलाफ एक जवाबी आंदोलन के संकेत मिल रहे हैं।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49495/dombivli-mns-put-marathi-stickers-on-autos-in-kalyan-dombivli"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/images-(41).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>डोंबिवली :</strong> कल्याण-डोंबिवली इलाके में भाषा पर बहस फिर से शुरू हो गई है, जहाँ ने ऑटो-रिक्शा ड्राइवरों के बीच मराठी के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए एक ज़ोरदार ज़मीनी कैंपेन शुरू किया है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब मई की शुरुआत में मराठी थोपने के खिलाफ एक जवाबी आंदोलन के संकेत मिल रहे हैं।</p>
<p> </p>
<p>ऑटो पर 'मैं मराठी बोलता हूँ' के स्टिकर कैंपेन के हिस्से के तौर पर मनसे कार्यकर्ताओं ने ऑटो-रिक्शा पर “मैं मराठी बोलता हूँ,” “मैं मराठी समझता हूँ,” और “मेरे रिक्शा में सवारी करें” जैसे मैसेज वाले स्टिकर लगाना शुरू कर दिया है। इस पहल का मकसद भाषा की पहचान को मज़बूत करना और पब्लिक बातचीत में रोज़ाना मराठी के इस्तेमाल को बढ़ावा देना है, खासकर एक ऐसे शहर में जो अपनी अलग-अलग तरह की प्रवासी आबादी के लिए जाना जाता है।</p>
<p>पार्टी के पदाधिकारियों ने कहा कि यह कैंपेन 4 मई को कुछ ग्रुप्स के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन का सीधा जवाब है, जो मराठी के “ज़बरदस्ती इस्तेमाल” का विरोध कर रहे हैं। मनसे, जो क्षेत्रीय पहचान पर अपने मज़बूत रुख के लिए जानी जाती है, ने इस बात का मुकाबला यात्रियों के लेवल पर सिंबॉलिक लेकिन दिखने वाली पहुँच के ज़रिए करने का फैसला किया है। माइग्रेंट ड्राइवर अपनी मर्ज़ी से हिस्सा ले रहे हैं दिलचस्प बात यह है कि इस कैंपेन को न सिर्फ़ लोकल मराठी बोलने वाले ड्राइवरों से, बल्कि बाहर के ऑपरेटरों से भी अच्छा रिस्पॉन्स मिला है। कई माइग्रेंट ऑटो ड्राइवरों ने अपनी मर्ज़ी से अपनी गाड़ियों पर स्टिकर लगाकर हिस्सा लिया है, जिससे पता चलता है कि वे लोकल भाषा के माहौल में ढलने को तैयार हैं। उनमें से कई ने कहा कि मराठी सीखने और इस्तेमाल करने से पैसेंजर के साथ बेहतर बातचीत करने और भरोसा बनाने में मदद मिलती है।</p>
<p>यह ड्राइव लोकल मनसे के पदाधिकारियों आरिफ शेख और योगेश पाटिल की लीडरशिप में चलाई जा रही है, जो पूरे शहर में ड्राइवरों के साथ एक्टिव रूप से जुड़ रहे हैं। बातचीत के दौरान, उन्होंने ऑपरेटरों से कहा कि वे आने-जाने वालों से बात करते समय मराठी को प्राथमिकता दें, और भाषा को बांटने वाले टूल के बजाय जोड़ने वाले मीडियम के तौर पर पेश करें। ड्राइवर शफीउल्लाह मराठी सीख रहे हैं हिस्सा लेने वाले ड्राइवरों में से एक, शफीउल्लाह ने बताया कि वह मराठी सीखने और कस्टमर से भाषा में बात करने की कोशिश कर रहे हैं, जो वर्कफोर्स के उन हिस्सों के बीच एक बड़ी भावना को दिखाता है जो भाषा को अपनाने में प्रैक्टिकल और सोशल वैल्यू देखते हैं।</p>
<p>इस डेवलपमेंट ने इलाके के पहले से ही सेंसिटिव पॉलिटिकल माहौल में एक नई परत जोड़ दी है। अलग-अलग ग्रुप्स की साफ़ हिस्सेदारी के साथ, यह कैंपेन आने वाले हफ़्तों में भाषा पर बातचीत को और बढ़ा सकता है। देखने वालों का कहना है कि दूसरे पॉलिटिकल स्टेकहोल्डर्स का रिस्पॉन्स यह तय करने में ज़रूरी होगा कि यह मुद्दा एक बड़े टकराव में बदलेगा या सिर्फ़ एक लोकल मोबिलाइज़ेशन की कोशिश बनकर रह जाएगा। जैसे-जैसे बहस आगे बढ़ रही है, कल्याण-डोंबिवली एक बार फिर महाराष्ट्र में भाषा, पहचान और इनक्लूसिविटी को लेकर बार-बार होने वाली बातचीत के सेंटर में आ गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 26 Apr 2026 12:12:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई पर मंडराया आतंकी खतरे का साया, आईएसआई ने बनाया खतरनाक प्लान, हाई अलर्ट पर मायानगरी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई पर एक बार फिर आतंकी हमले का खतरा मंडरा रहा है. मुंबई पर पाकिस्तान की बुरी नजर है. यही कारण है कि मुंबई को हाई अलर्ट पर रख दिया गया है. सुरक्षा एजेंसियों के सूत्रों ने बताया कि खुफिया एजेंसियों की ओर से संभावित आतंकी खतरे के बारे में अलर्ट किए जाने के बाद मुंबई में हाई अलर्ट जारी किया गया है.</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/46816/shadow-of-terrorist-threat-looms-over-mumbai-isi-made-a"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-01/download---2026-01-08t122822.550.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई :</strong> महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई पर एक बार फिर आतंकी हमले का खतरा मंडरा रहा है. मुंबई पर पाकिस्तान की बुरी नजर है. यही कारण है कि मुंबई को हाई अलर्ट पर रख दिया गया है. सुरक्षा एजेंसियों के सूत्रों ने बताया कि खुफिया एजेंसियों की ओर से संभावित आतंकी खतरे के बारे में अलर्ट किए जाने के बाद मुंबई में हाई अलर्ट जारी किया गया है.</p>
<p> </p>
<p>सूत्रों के मुताबिक, खुफिया एजेंसियों ने जानकारी दी है कि पाकिस्तानी जासूसी एजेंसी आईएसआई समर्थित आतंकी हमले की योजना बनाई जा रही है. इसके लिए विस्फोटक सामग्री कश्मीर या महाराष्ट्र से मंगाई जा सकती है. यह जानकारी कई एजेंसियों के साथ साझा की गई है, जिनमें एयरपोर्ट और अन्य संवेदनशील जगहों की सुरक्षा में लगी एजेंसियां भी शामिल हैं. इसके बाद सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया है.</p>
<p>इस बीच मुंबई पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने भीड़भाड़ वाले इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी है. पुलिस को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर नज़र रखने के लिए भी कहा गया है. मुंबई में संभावित आतंकी हमले को लेकर हाई अलर्ट ऐसे समय में जारी किया गया है, जब करीब दो महीने पहले दिल्ली में एक धमाके में 15 लोगों की मौत हो गई थी और दो दर्जन से ज्यादा लोग घायल हुए थे. यह धमाका 10 नवंबर की शाम करीब 7 बजे एक चलती हुई हुंडई आई20 कार में हुआ था, जिसे कथित आत्मघाती हमलावर डॉ. उमर उन नबी चला रहा था.</p>
<p>दिल्ली लाल किले ब्लास्ट वाले धमाके का असर इतना ज़बरदस्त था कि कई गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं, और घटनास्थल से मिले विज़ुअल्स में क्षत-विक्षत शव और बिखरा हुआ मलबा दिखाई दे रहा था. एनआईए ने फॉरेंसिक जांच के बाद कार चला रहे मृतक की पहचान उमर उन नबी के रूप में की है. वह पुलवामा जिले का निवासी था और फरीदाबाद के अल फलाह यूनिवर्सिटी में जनरल मेडिसिन विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर था. </p>
<p>एंटी-टेरर एजेंसी ने आतंकी नबी की एक और गाड़ी भी जब्त की है. इस गाड़ी की जांच सबूतों के लिए की जा रही है. इस मामले में एनआईए अब तक 73 गवाहों से पूछताछ कर चुकी है, जिनमें धमाके में घायल लोग भी शामिल हैं. दिल्ली पुलिस, जम्मू-कश्मीर पुलिस, हरियाणा पुलिस, उत्तर प्रदेश पुलिस और अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर एनआईए राज्यों में जांच जारी रखे हुए है.<br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/46816/shadow-of-terrorist-threat-looms-over-mumbai-isi-made-a</link>
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                <pubDate>Thu, 08 Jan 2026 12:30:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : वायु प्रदूषण के नियम तोड़ने पर बुलेट ट्रेन के बहुप्रतीक्षित प्रोजेक्ट पर एक बार फिर मनपा का ब्रेक; काम रोकने का नोटिस जारी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई-अमदाबाद बुलेट ट्रेन के बहुप्रतीक्षित प्रोजेक्ट पर एक बार फिर मनपा का ब्रेक लग गया है। बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स के स्टेशन के निर्माण में वायु प्रदूषण के नियम तोड़ने पर महानगरपालिका ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत काम रोकने का नोटिस जारी किया है, जिससे एक बार फिर मुंबई-अमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के कार्य पर ब्रेक लग गया है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/46483/mumbai-municipal-corporation-once-again-issued-a-notice-to-stop"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-12/download---2025-12-26t123924.356.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>मुंबई-अमदाबाद बुलेट ट्रेन के बहुप्रतीक्षित प्रोजेक्ट पर एक बार फिर मनपा का ब्रेक लग गया है। बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स के स्टेशन के निर्माण में वायु प्रदूषण के नियम तोड़ने पर महानगरपालिका ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत काम रोकने का नोटिस जारी किया है, जिससे एक बार फिर मुंबई-अमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के कार्य पर ब्रेक लग गया है।</p>
<p> </p>
<p>शहर में लगातार बढ़ रहे वायु प्रदूषण से जहां लोग परेशान हैं, वहीं दूसरी ओर मुंबई-अमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना ने मुंबई के वातारवण को और भी दूषित कर दिया है। इस वजह से मुंबईकरों में अपने स्वास्थ्य को लेकर चिंता और प्रशासन के प्रति नाराजगी देखी गई। हालांकि, मनपा द्वारा निर्माण कार्य के दौरान नियमों का उल्लंघन करनेवालों पर जुर्माना लगाए जाने के बावजूद शहर में धड़ल्ले से कंस्ट्रक्शन का कार्य चल रहा है। खैर, मुंबई-अमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के कार्य को तेजी से पूरा करने की कोशिश की जा रही है। वहीं दूसरी ओर बांद्रा-कुर्ला कॉम्पलेक्स में चल रहे निर्माण कार्य में नियमों का उल्लंघन करने के कारण मनपा ने बुलेट ट्रेन के निर्माण कार्य पर नोटिस जारी कर रोक लगा दी है। परिणामस्वरूप, बुलेट ट्रेन का निर्माण कार्य रुक गया और परियोजना में आवश्यक सुधार होने तक यह कार्य रुका रहेगा।</p>
<p><strong>स्थानीय लोगों ने किया विरोध</strong><br />दरअसल, मुंबई-अमदाबाद हाई-स्पीड रेल (बुलेट-ट्रेन) परियोजना के महाराष्ट्र खंड में पिछले कुछ महीनों में जमीन-अधिग्रहण, सुरंग-निर्माण तथा विस्फोटक कार्यों का ग्रामीण और किसान सक्रिय विरोध कर रहे थे। अक्टूबर २०२५ में पालघर जिले के जलसार, तेंबी व आसपास के गांवों में ग्रामीणों ने रात में बैरिकेड लगाकर निर्माण कार्य को अस्थायी रूप से रोक दिया था। विरोध का केंद्र बिंदु भूमि अधिग्रहण और सुरंग-विस्फोट के चलते घरों और खेती को हुआ संभावित नुकसान बताया गया। मार्च २०२५ से शुरू हुए सुरंग-निर्माण और ब्लास्टिंग से स्थानीय लोग पहले ही असंतुष्ट थे। उनका कहना था कि ब्लास्ट की तीव्रता से घरों में दरारें पड़ने से लोगों में भय बढ़ गया। निवासियों का कहना था कि विस्फोट का असर दूर तक महसूस हुआ। प्रभावितों का कहना है कि मुआवजे की सूची, दरें और भुगतान प्रक्रिया के बारे में साफ-साफ नहीं बताया गया कि किसे, कितनी जमीन के लिए कितना पैसा मिलेगा। मुआवजा उनकी मुख्य मांग रही।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/46483/mumbai-municipal-corporation-once-again-issued-a-notice-to-stop</link>
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                <pubDate>Fri, 26 Dec 2025 12:40:44 +0530</pubDate>
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