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                <title>Bmc - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>Bmc RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मिठी नदी सफाई घोटाला: अभिनेता डीनो मोरिया के घर समेत 15 जगहों पर ईडी की छापेमारी</title>
                                    <description><![CDATA[<p dir="ltr">मिठी नदी सफाई से जुड़े 65 करोड़ रुपये के कथित घोटाले के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मुंबई और केरल में 15 ठिकानों पर छापेमारी की है। इस कार्रवाई में बॉलीवुड अभिनेता डीनो मोरिया और बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के अधिकारियों के घर और कार्यालय शामिल हैं।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50301/mithi-river-cleaning-scam-ed-raids-15-places-including-actor"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-06/dino-morea-on-the-royals-character.jpg" alt=""></a><br /><p dir="ltr"><strong>मुंबई:</strong> मिठी नदी के सफाई कार्य में 65 करोड़ रुपये के कथित घोटाले के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को मुंबई और केरल में 15 स्थानों पर छापेमारी की है। इस कार्रवाई के दायरे में बॉलीवुड अभिनेता डीनो मोरिया, बीएमसी के सहायक अभियंता प्रशांत रामगुडे और कुछ ठेकेदारों के आवास और कार्यालय शामिल हैं।</p>
<p dir="ltr">​छापेमारी के दौरान ईडी के अधिकारियों ने वित्तीय लेन-देन से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं। इन दस्तावेजों के आधार पर यह जांच की जाएगी कि वास्तव में यह घोटाला कैसे हुआ और पैसों का लेन-देन किस तरह किया गया।</p>
<p dir="ltr">​<strong>क्या है पूरा मामला?</strong></p>
<ul>
<li dir="ltr">​18 किलोमीटर लंबी मिठी नदी की सफाई के लिए 1100 करोड़ रुपये का ठेका निकाला गया था।</li>
<li dir="ltr">​यह सफाई का काम 2007 से 2021 के बीच होना था।</li>
<li dir="ltr">​हालांकि, यह दावा किया गया है कि जमीन पर सफाई का काम हुआ ही नहीं।</li>
<li dir="ltr">​मामले में 65 करोड़ रुपये के घोटाले की जानकारी मिलने के बाद मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा के विशेष जांच दल ने इस मामले की जांच शुरू की थी।</li>
<li dir="ltr">​इस मामले में बीएमसी के तीन अधिकारियों, पांच ठेकेदारों, तीन बिचौलियों और एक निजी कंपनी के दो कर्मचारियों सहित कुल 13 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।</li>
<li dir="ltr">​आर्थिक अपराध शाखा पहले ही अभिनेता डीनो मोरिया से इस मामले में दो बार पूछताछ कर चुकी है।</li>
</ul>
<p dir="ltr">​<strong>ठेके में धांधली का शक</strong></p>
<p dir="ltr">ईडी को शक है कि मिठी नदी की सफाई के लिए जो मशीनें मंगाई जानी थीं, उनके ठेकों की रकम को इस तरह से बढ़ाया गया ताकि कुछ विशिष्ट ठेकेदारों को अनुचित लाभ पहुंचाया जा सके। अब ईडी के अधिकारी ठेकों और इससे जुड़ी वित्तीय गतिविधियों की गहराई से जांच कर रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 16 Jun 2026 22:09:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rokthok Lekhani]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई: मराठी साइनबोर्ड न लगाने वाले 1,124 दुकानदारों पर BMC का एक्शन, कार्रवाई का अभियान हुआ तेज</title>
                                    <description><![CDATA[<p dir="ltr">मुंबई में बीएमसी (BMC) ने मराठी साइनबोर्ड (मराठी पाट्या) न लगाने वाले 1,124 दुकानदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। पिछले एक महीने के भीतर महानगर पालिका का यह अभियान काफी तेज हो गया है। बीएमसी ने स्पष्ट कर दिया है कि सुप्रीम कोर्ट और राज्य सरकार के आदेशों के तहत सभी दुकानों पर देवनागरी लिपि में बड़े अक्षरों में मराठी बोर्ड लगाना अनिवार्य है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50295/mumbai-bmcs-action-against-1124-shopkeepers-who-did-not-put"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-06/new-project-2026-05-29t102725.825.jpg" alt=""></a><br /><p dir="ltr"><strong>मुंबई: </strong>मुंबई में दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर देवनागरी लिपि में मराठी साइनबोर्ड (मराठी पाट्या) लगाने के नियम को सख्ती से लागू करने के लिए बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने अपना अभियान और तेज कर दिया है। पिछले एक महीने के भीतर बीएमसी ने नियमों की अनदेखी करने वाले 1,124 दुकानदारों के खिलाफ सख्त एक्शन लिया है।</p>
<p dir="ltr">​<strong>सुप्रीम कोर्ट और सरकार के आदेश का उल्लंघन</strong></p>
<p dir="ltr">राज्य सरकार और सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद, शहर के कई दुकानदारों ने अपने साइनबोर्ड नहीं बदले थे। इन निर्देशों के तहत हर छोटी-बड़ी दुकान के बाहर देवनागरी लिपि (मराठी भाषा) में नाम का बोर्ड होना अनिवार्य है, और मराठी अक्षरों का आकार किसी भी अन्य भाषा के अक्षरों से छोटा नहीं होना चाहिए। इस नियम का पालन न होने पर बीएमसी ने वार्ड स्तर पर विशेष निरीक्षण दल गठित कर कार्रवाई शुरू की है।</p>
<p dir="ltr">​<strong>1,124 दुकानों पर गिरी गाज</strong></p>
<p dir="ltr">बीएमसी के अधिकारियों ने पिछले एक महीने में शहर के विभिन्न इलाकों में बड़े पैमाने पर निरीक्षण किया। इस दौरान पाया गया कि 1,124 प्रतिष्ठानों ने या तो मराठी में साइनबोर्ड लगाए ही नहीं थे, या उनके बोर्ड निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं थे। इन सभी दुकानदारों के खिलाफ महाराष्ट्र दुकान और प्रतिष्ठान अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है।</p>
<p dir="ltr">​<strong>जुर्माना और कानूनी नोटिस</strong></p>
<p dir="ltr">बीएमसी प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि उल्लंघन करने वाले दुकानदारों को कानूनी नोटिस जारी किए गए हैं और उनसे नियमानुसार जुर्माना वसूला जा रहा है। प्रति कर्मचारी के हिसाब से जुर्माने का प्रावधान तय किया गया है, जिससे दुकानदारों पर भारी आर्थिक दंड लग सकता है।</p>
<p dir="ltr">​<strong>आगे भी जारी रहेगा अभियान</strong></p>
<p dir="ltr">महानगर पालिका ने कड़ी चेतावनी दी है कि यह अभियान यही नहीं रुकेगा। जो दुकानदार अभी भी सोच रहे हैं कि वे बिना मराठी बोर्ड के बच जाएंगे, उनके खिलाफ आने वाले दिनों में और भी सख्त कदम उठाए जाएंगे। बीएमसी ने सभी व्यापारियों से अपील की है कि वे किसी भी कानूनी कार्रवाई और भारी जुर्माने से बचने के लिए जल्द से जल्द अपने साइनबोर्ड को निर्धारित नियमों के अनुसार बदल लें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 16 Jun 2026 21:48:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rokthok Lekhani]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एल नीनो के कारण मुंबई में मानसून लेट, 10% पानी कटौती के बाद BMC का एक और बड़ा फैसला</title>
                                    <description><![CDATA[<p dir="ltr">एल नीनो (El Nino) के कारण मानसून में हो रही देरी और मुंबई को पानी सप्लाई करने वाली झीलों का जलस्तर तेजी से गिरने के बाद बीएमसी (BMC) ने एक और बड़ा फैसला लिया है। शहर में लागू 10 प्रतिशत की पानी कटौती के साथ-साथ अब कंस्ट्रक्शन साइट्स और स्विमिंग पूल की पानी सप्लाई पूरी तरह से रोक दी गई है, जबकि व्यावसायिक व औद्योगिक इस्तेमाल के लिए 20% की अतिरिक्त कटौती की गई है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50291/another-big-decision-of-bmc-after-monsoon-delay-in-mumbai"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-06/images---2026-06-16t214005.501.jpeg" alt=""></a><br /><p dir="ltr"><strong>मुंबई: </strong>एल नीनो (El Nino) के प्रभाव के कारण मुंबई और आसपास के इलाकों में इस साल मानसून के पहुंचने में काफी देरी हो रही है, जिसने शहर के सामने एक गंभीर जल संकट खड़ा कर दिया है। मुंबई को पीने का पानी सप्लाई करने वाली सात प्रमुख झीलों का कुल जलस्तर गिरकर मात्र 10 से 12 प्रतिशत के बीच रह गया है। 15 मई से ही शहर में 10 प्रतिशत पानी कटौती झेल रहे मुंबईकरों के लिए बृहनमुंबई महानगर पालिका (BMC) ने जल संरक्षण के मद्देनजर एक और कड़ा और बड़ा फैसला लिया है।</p>
<p dir="ltr">​<strong>कंस्ट्रक्शन साइट्स और स्विमिंग पूल का पानी रोका गया</strong></p>
<p dir="ltr">झीलों के सूखते जलस्तर को बचाने और पीने के पानी को प्राथमिकता देने के लिए बीएमसी ने फैसला किया है कि शहर में चल रहे सभी नए और मौजूदा निर्माण (Construction) स्थलों की पानी सप्लाई तुरंत प्रभाव से काट दी जाएगी। इसके साथ ही, स्विमिंग पूल को दी जाने वाली पानी की आपूर्ति भी पूरी तरह से निलंबित कर दी गई है। प्रशासन ने यह भी साफ किया है कि जब तक अच्छी बारिश नहीं होती और झीलों का जलस्तर नहीं सुधरता, तब तक किसी भी नए कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट को पानी का कनेक्शन नहीं दिया जाएगा।</p>
<p dir="ltr">​<strong>कमर्शियल और औद्योगिक सप्लाई में 20% की कटौती</strong></p>
<p dir="ltr">बीएमसी ने औद्योगिक (Industrial) और व्यावसायिक (Commercial) प्रतिष्ठानों, जिनमें स्पोर्ट्स क्लब और मॉल आदि शामिल हैं, की पानी आपूर्ति में 20 प्रतिशत की कटौती लागू की है। इसके अतिरिक्त, बोतलबंद पानी और बेवरेज बनाने वाली कंपनियों को भी अब केवल वहां काम करने वाले कर्मचारियों के पीने की जरूरत जितना ही पानी सप्लाई किया जाएगा।</p>
<p dir="ltr">​<strong>बीएमसी की नागरिकों और बड़े संस्थानों से अपील</strong></p>
<p dir="ltr">महानगर पालिका ने रेलवे, इंडियन नेवी, बीपीसीएल (BPCL) और मुंबई पोर्ट जैसे बड़े सरकारी व गैर-सरकारी संस्थानों को निर्देश दिए हैं कि वे गैर-पीने योग्य कार्यों (जैसे साफ-सफाई और गाड़ियां धोने) के लिए ट्रीटेड (Treated) सीवेज पानी या बोरवेल के पानी का ही इस्तेमाल करें।</p>
<p dir="ltr">​बीएमसी ने मुंबई के नागरिकों से भी घबराने की बजाय समझदारी दिखाने की अपील की है। प्रशासन ने अनुरोध किया है कि लोग पानी का संयम से इस्तेमाल करें, नलों को खुला न छोड़ें और गाड़ियां धोने के लिए पाइप की जगह गीले कपड़े का उपयोग करें। यदि कोई व्यक्ति या संस्था पीने के पानी की बर्बादी करते हुए पाई गई, तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 16 Jun 2026 21:43:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rokthok Lekhani]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई: कोस्टल रोड नॉर्थ प्रोजेक्ट में 45,000 से अधिक मैंग्रोव प्रभावित, 26.3 किमी लंबा मेगा कॉरिडोर बनेगा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई के कोस्टल रोड नॉर्थ प्रोजेक्ट में 45,000 से अधिक मैंग्रोव प्रभावित होंगे, जिनमें से 9,000 स्थायी रूप से हटाए जाएंगे। 26.3 किमी लंबे इस ₹22,000 करोड़ प्रोजेक्ट को छह पैकेज में बांटा गया है और इसमें 10 इंटरचेंज बनाए जाएंगे। सरकार का दावा है कि बाकी मैंग्रोव का पुनर्विकास किया जाएगा, जबकि पर्यावरण विशेषज्ञ चिंता जता रहे हैं।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50281/mumbai-coastal-road-north-project-will-create-a-263-km"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-06/untitled-design-89-(1).jpg" alt=""></a><br /><p><br />मुंबई के महत्वाकांक्षी Coastal Road North Project को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। इस प्रोजेक्ट के तहत 103.65 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले 45,000 से अधिक मैंग्रोव प्रभावित होने की संभावना जताई गई है। इनमें से लगभग 9,000 मैंग्रोव स्थायी रूप से हटाए जाएंगे, जबकि बाकी को भविष्य में पुनः रोपण (replantation) और पुनर्जीवन (rejuvenation) के माध्यम से बहाल करने की योजना है।</p>
<p><br />प्रोजेक्ट की कुल लंबाई लगभग 26.3 किलोमीटर होगी और इसकी अनुमानित लागत करीब ₹22,000 करोड़ बताई जा रही है। यह परियोजना मुंबई के पश्चिमी उपनगरों में ट्रैफिक कम करने के लिए एक बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर नेटवर्क के रूप में विकसित की जा रही है।</p>
<p><br />प्रोजेक्ट की संरचना (Six Packages में विभाजन)<br />कोस्टल रोड नॉर्थ को छह पैकेज में बांटा गया है:<br />Package A: 4.5 किमी – Versova से Bangur Nagar (Goregaon)<br />Package B: 1.66 किमी – Bangur Nagar से Mindspace (Malad)<br />Package C &amp; D: 3.9–3.9 किमी की ट्विन टनल – Mindspace (Malad) से Charkop (Kandivali)<br />Package E: 3.78 किमी – Charkop से Gorai<br />Package F: 3.69 किमी – Gorai से Dahisar</p>
<p><br />Dahisar से Bhayandar तक लगभग 5.6 किमी elevated corridor भी प्रस्तावित है<br />इंटरचेंज और कनेक्टिविटी</p>
<p><br />इस प्रोजेक्ट में कुल 10 प्रमुख इंटरचेंज/एंट्री पॉइंट्स बनाए जाने की योजना है, जो वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे (WEH), लिंक रोड और अन्य प्रमुख सड़कों को जोड़ेंगे। इसमें Andheri, Goregaon, Malad, Kandivali, Dahisar और Bhayandar जैसे महत्वपूर्ण इलाके शामिल हैं।<br />मैंग्रोव और पर्यावरणीय असर<br />कुल 45,000+ मैंग्रोव प्रभावित होंगे<br />लगभग 9,000 स्थायी रूप से हटाए जाएंगे<br />बाकी का पुनर्विकास और रोपण प्रस्तावित</p>
<p><br />कम्पेन्सेटरी प्लांटेशन के लिए Chandrapur और Palghar में भूमि चिन्हित की गई है<br />BMC और Forest Department GPS आधारित चरणबद्ध कटाई और demarcation कर रहे हैं</p>
<p><br />हालांकि, पर्यावरण विशेषज्ञ और स्थानीय निवासी मैंग्रोव हटाने को लेकर चिंता जता रहे हैं, क्योंकि यह मुंबई की प्राकृतिक बाढ़ सुरक्षा प्रणाली का अहम हिस्सा माने जाते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/50281/mumbai-coastal-road-north-project-will-create-a-263-km</link>
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                <pubDate>Mon, 15 Jun 2026 17:29:34 +0530</pubDate>
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