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                <title>risk - Rokthok Lekhani News </title>
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                            <item>
                <title>मुंबई : घाटकोपर में नलों से आ रहा गंदा पानी... दूषित जल से बीमारियों का खतरा !</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">नागरिकों ने मनपा से मामले को गंभीरता से लेते हुए पानी की पाइपलाइन और लीकेज की तत्काल जांच, दूषित पानी की समस्या दूर करने तथा सुरक्षित पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है। साथ ही, प्रभावित इलाकों में पानी के नमूनों की जांच कराकर आवश्यक कदम उठाने की भी मांग की जा रही है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51916/dirty-water-coming-from-taps-in-mumbai-ghatkopar-danger-of"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-09/dfff.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई :</strong> घाटकोपर के एन विभाग अंतर्गत आने वाले प्रभाग क्रमांक 124 में पिछले कुछ दिनों से नलों के जरिए दुर्गंधयुक्त और दूषित पानी की आपूर्ति होने की शिकायत सामने आई है। स्थानीय रहवासियों का आरोप है कि शौचालय का गंदा पानी पीने के पानी में मिलकर घरों तक पहुंच रहा है। दूषित पानी के कारण इलाके में नागरिकों के स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">स्थानीय लोगों के मुताबिक, खासकर बच्चों और बुजुर्गों को उल्टी, दस्त, टाइफाइड और पीलिया जैसी बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है। इससे क्षेत्र में बीमारी फैलने की आशंका को लेकर भय का माहौल है। नागरिकों ने मनपा से मामले को गंभीरता से लेते हुए पानी की पाइपलाइन और लीकेज की तत्काल जांच, दूषित पानी की समस्या दूर करने तथा सुरक्षित पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है। साथ ही, प्रभावित इलाकों में पानी के नमूनों की जांच कराकर आवश्यक कदम उठाने की भी मांग की जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 21 Sep 2026 14:10:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मुंबई : फिर बरसेंगे बादल, अगले चार दिन मध्यम से भारी बारिश, जानें किन इलाकों में जलभराव का खतरा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई में जुलाई के पहले आठ दिनों के दौरान मानसून ने जमकर कहर बरपाया। इस अवधि में शहर में तीन बार 100 मिमी से अधिक और दो बार 200 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई। सांताक्रूज़ मौसम केंद्र में अब तक करीब 1272 मिमी बारिश रिकॉर्ड हो चुकी है, जबकि पूरे जुलाई महीने का सामान्य औसत 919.9 मिमी है। यानी इस महीने की सामान्य वर्षा का आंकड़ा पहले ही काफी पीछे छूट चुका है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50858/mumbai-will-see-clouds-again-for-the-next-four-days"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-07/images---2026-07-21t113620.247.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>मुंबई में जुलाई के पहले आठ दिनों के दौरान मानसून ने जमकर कहर बरपाया। इस अवधि में शहर में तीन बार 100 मिमी से अधिक और दो बार 200 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई। सांताक्रूज़ मौसम केंद्र में अब तक करीब 1272 मिमी बारिश रिकॉर्ड हो चुकी है, जबकि पूरे जुलाई महीने का सामान्य औसत 919.9 मिमी है। यानी इस महीने की सामान्य वर्षा का आंकड़ा पहले ही काफी पीछे छूट चुका है। हालांकि 10 जुलाई से 17 जुलाई के बीच बारिश में कुछ कमी देखने को मिली थी, लेकिन अब एक बार फिर मुंबई में तेज बारिश लौट आई है। पिछले 24 घंटों में सांताक्रूज़ में 88 मिमी बारिश दर्ज की गई है और सुबह के समय भी कई इलाकों में बारिश जारी रही। पूरे दिन रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना बनी हुई है।</p>
<p> </p>
<p><strong>मध्य भारत की मौसम प्रणाली से मुंबई में फिर बढ़ेगी बारिश</strong><br />बंगाल की खाड़ी से बने निम्न दबाव क्षेत्र का बचा हुआ चक्रवाती परिसंचरण फिलहाल झारखंड, छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश के ऊपर बना हुआ है। यह मौसम प्रणाली धीरे-धीरे पश्चिम की ओर बढ़ेगी और 20 से 24 जुलाई के बीच मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों और महाराष्ट्र के आसपास पहुंचेगी। इस मौसम प्रणाली के प्रभाव से कोंकण तट पर अरब सागर से आने वाली पश्चिमी नम हवाएं मजबूत होंगी। यही हवाएं मुंबई और आसपास के इलाकों में लगातार नमी पहुंचाएंगी, जिससे बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी। 25 जुलाई तक यह चक्रवाती परिसंचरण दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के निचले इलाकों की ओर पहुंचकर कमजोर पड़ जाएगा।</p>
<p><strong>अगले चार दिन मध्यम बारिश, जलभराव की आशंका</strong><br />मुंबई और उपनगरों में अगले चार दिनों तक मध्यम तीव्रता की बारिश, गरज-चमक और रुक-रुक कर तेज बारिश होने की संभावना है। फिलहाल ऐसी बारिश की उम्मीद नहीं है जिससे शहर की सामान्य गतिविधियां बड़े स्तर पर प्रभावित हों, लेकिन जहां लंबे समय तक लगातार बारिश होगी वहां जलभराव की स्थिति बन सकती है। बारिश की सबसे अधिक संभावना शाम, रात और सुबह के समय रहेगी। दिन में बीच-बीच में बारिश रुक भी सकती है। मौसम सुहावना बना रहेगा और अधिकतम तापमान 30°C से नीचे, जबकि न्यूनतम तापमान 24–26°C के आसपास रहने की संभावना है। सप्ताहांत में भी हल्की से मध्यम बारिश जारी रहेगी और इसका असर अगले सप्ताह की शुरुआत तक देखने को मिल सकता है।</p>
<p>पूर्वानुमान वैधता: यह पूर्वानुमान 20 जुलाई 2026 तक उपलब्ध मौसमीय आंकड़ों पर आधारित है। यदि निम्न दबाव क्षेत्र के अवशेष चक्रवाती परिसंचरण, कोंकण तट पर पश्चिमी नम हवाओं या मध्य भारत की मौसम प्रणाली में कोई महत्वपूर्ण बदलाव होता है, तो इस पूर्वानुमान में संशोधन किया जा सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Jul 2026 11:39:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मुंबई में डेंगू-स्वाइन फ्लू के मामले तेजी से बढ़े; बारिश के साथ बढ़ा बीमारियों का खतरा! </title>
                                    <description><![CDATA[<p>देश भर में मानसून ने अपना आगमन शुरू कर दिया है, लेकिन मुंबई में इसका असर कुछ ज्यादा ही देखने को मिल रहा है. मुंबई में लगातार धाराधार बारिश की खबरें सामने आती जा रही हैं. यह परेशानी अभी खत्म हुई नहीं थी कि अब नई परेशानी ने अपना आगमन दे दिया है.  वह है डेंगू, लेप्टोस्पायरोसिस और स्वाइन फ्लू जैसी बीमारियों का खतरा, जो फिर से बढ़ गया है.</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50772/dengue-swine-flu-cases-increase-rapidly-in-mumbai-risk-of-diseases"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-07/images---2026-07-16t115328.442.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>देश भर में मानसून ने अपना आगमन शुरू कर दिया है, लेकिन मुंबई में इसका असर कुछ ज्यादा ही देखने को मिल रहा है. मुंबई में लगातार धाराधार बारिश की खबरें सामने आती जा रही हैं. यह परेशानी अभी खत्म हुई नहीं थी कि अब नई परेशानी ने अपना आगमन दे दिया है.  वह है डेंगू, लेप्टोस्पायरोसिस और स्वाइन फ्लू जैसी बीमारियों का खतरा, जो फिर से बढ़ गया है.  इसका कारण साफ है कि शहर भर में भारी बारिश के कारण जगह-जगह पानी और गंदगी का इकट्ठा हो जाना. यही वजह है कि इन बीमारियों के मामले बढ़ने लगे हैं. ऐसे में यह जानना बहुत जरूरी है कि इन बीमारियों से खुद को और अपने परिवार को कैसे सुरक्षित रखा जाए. आइए जानते हैं इसके बारे में पूरी जानकारी.</p>
<p> </p>
<p><strong>मुंबई में क्यों बढ़ रहा है बीमारियों का खतरा?</strong><br />मुंबई में पिछले कुछ दिनों से भारी बारिश हो रही है, जिसके कारण शहर के कई हिस्सों में जलजमाव हो गया है. रिपोर्ट के मुताबिक जमे हुए पानी में चलने से लोगों के बीच लेप्टोस्पायरोसिस होने का खतरा ज्यादा होता है, खासकर तब अगर उनके शरीर पर कट, घाव या मामूली खरोंच हो. यही वजह है कि हाल ही में बीएमसी ने चेतावनी देते हुए लोगों से अपील की है कि वे इन बीमारियों से खुद को बचाएं.</p>
<p>इस बात को गंभीरता से लेने के पीछे इसके बढ़ते आंकड़े हैं.  बता दें कि पिछले साल के आंकड़ों के अनुसार जुलाई के आखिरी हफ्तों में डेंगू के मामलों में करीब 58 प्रतिशत और लेप्टोस्पायरोसिस के मामलों में करीब 79 प्रतिशत तक की तेज बढ़ोतरी देखी गई थी. इस साल भी मानसून के दौरान ऐसे ही हालात बनने का खतरा बना हुआ है.</p>
<p><strong>बीएमसी की तैयारी और सावधानी की सलाह</strong><br />बीएमसी ने लोगों को सतर्क रहने के साथ-साथ मानसून से पहले ही इस समस्या से निपटने के लिए बड़ा अभियान शुरू कर दिया था.  जिसमें निगम के कीटनाशक विभाग ने कुछ महीनों में शहर के अलग-अलग हिस्सों में हजारों बार दौरा किया और 30 लाख से ज्यादा घरों के आसपास फॉगिंग करवाई, ताकि मच्छरों के पैदा होने की जगहों को खत्म किया जा सके.</p>
<p>इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि जो लोग जमा हुए बारिश के पानी या कीचड़ से होकर गुजरे हैं, वे 24 से 72 घंटों के भीतर डॉक्टर की सलाह लें. साथ ही विभाग ने यह भी कहा कि मानसून के मौसम में बुखार को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. ऐसे में उन्हें घरेलू उपाय करने के बजाय तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए. </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 Jul 2026 11:54:19 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>वाशिम : चाइनीज मांझा: सड़क हादसों का बढ़ता खतरा, प्रशासन पर सवाल</title>
                                    <description><![CDATA[<p>वाशिम जिले के शिरपुर क्षेत्र में जानलेवा चाइनीज मांझे के कारण एक गंभीर हादसा सामने आया। खैरू बुद्धू चौधरी (57) बाइक से घर लौट रहे थे, तभी खंडोबा मंदिर के पास सड़क पर लटक रहे चाइनीज मांझे की चपेट में आ गए। इस दुर्घटना में चौधरी की गर्दन पर गहरा घाव आया। घायल चौधरी ने बताया कि उन्होंने अचानक मांझे से टकराने के बाद खुद को बचाने की कोशिश की, लेकिन तब भी चोट लग गई।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/46741/washim-chinese-manjha-increasing-risk-of-road-accidents-questions-on"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-01/download---2026-01-05t131444.517.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>वाशिम : </strong>वाशिम जिले के शिरपुर क्षेत्र में जानलेवा चाइनीज मांझे के कारण एक गंभीर हादसा सामने आया। खैरू बुद्धू चौधरी (57) बाइक से घर लौट रहे थे, तभी खंडोबा मंदिर के पास सड़क पर लटक रहे चाइनीज मांझे की चपेट में आ गए। इस दुर्घटना में चौधरी की गर्दन पर गहरा घाव आया। घायल चौधरी ने बताया कि उन्होंने अचानक मांझे से टकराने के बाद खुद को बचाने की कोशिश की, लेकिन तब भी चोट लग गई। गनीमत यह रही कि चौधरी समय रहते बाइक रोक पाए, जिससे उनकी जान बच गई और एक बड़ी सड़क दुर्घटना टली। चोट के बाद उन्होंने शिरपुर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई।</p>
<p> </p>
<p>पीड़ित के अनुसार, पुलिस ने अवैध रूप से चाइनीज मांझा बेचने वाले दुकानदारों को नोटिस जारी कर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। हालांकि स्थानीय लोग पुलिस की सक्रियता पर संतुष्ट नहीं हैं और उन्होंने प्रशासन से मांझे की बिक्री और उपयोग पर सख्त रोक लगाने की मांग की है। मकर संक्रांति के अवसर पर पतंग उड़ाने में उपयोग होने वाला चाइनीज मांझा हर साल कई दुर्घटनाओं का कारण बनता है। लोगों ने कहा कि खुले में बेचे जाने वाले मांझे सड़क हादसों और चोटों के लिए जिम्मेदार हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अगर पुलिस समय रहते सख्ती बरते और अवैध मांझे की बिक्री पर रोक लगाए, तो इस तरह के हादसे टाले जा सकते हैं।</p>
<p>विशेषज्ञों का कहना है कि चाइनीज मांझे में इस्तेमाल होने वाला स्टील और ग्लास फाइबर बहुत तेज होता है और यह बाइक, मोटरसाइकिल या राहगीरों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। इस कारण से इसकी बिक्री पर रोक लगाना और मौसमी त्योहारों में सुरक्षा के उपाय अपनाना बेहद जरूरी है। हालांकि, चौधरी की तत्परता और स्वयं की सावधानी ने जान बचाने में मदद की। घायल होने के बावजूद उन्होंने कहा कि इस हादसे ने उन्हें पुलिस और प्रशासन के प्रति गहरी चिंता जताने पर मजबूर कर दिया। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि मकर संक्रांति से पहले चाइनीज मांझे की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित की जाए और सड़क किनारे लटके मांझों को तुरंत हटाया जाए।</p>
<p>इस घटना ने वाशिम जिले में सुरक्षा और जागरूकता की आवश्यकता पर ध्यान आकर्षित किया है। लोग चाहते हैं कि आने वाले वर्षों में इस तरह के हादसों को रोकने के लिए प्रशासन और पुलिस सक्रिय कदम उठाएं। इससे पहले भी कई स्थानों पर चाइनीज मांझे के कारण बाइक सवार, राहगीर और पक्षियों को चोटें पहुंच चुकी हैं। ऐसे में इस घटना को गंभीर चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है। स्थानीय नागरिकों और सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि चाइनीज मांझे की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध, सड़क किनारे मांझों की नियमित निगरानी और जनता को जागरूक करना ही इस समस्या का स्थायी समाधान है।<br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 05 Jan 2026 13:15:32 +0530</pubDate>
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