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                <title>mud - Rokthok Lekhani</title>
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                <description>mud RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुंबई : सोनू निगम के पिता बने 'मैंगो विला' के मालिक, मुंबई के मड आइलैंड में की ₹10 करोड़ की बड़ी डील</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई का मड आइलैंड, जो अब तक अपनी शांत प्राकृतिक खूबसूरती और फिल्म शूटिंग लोकेशन के तौर पर मशहूर था, अब सेलेब्रिटीज की पसंदीदा रिहायशी जगह बनता जा रहा है. इसी कड़ी में मशहूर सिंगर सोनू निगम के पिता अगम कुमार निगम ने मड आइलैंड में अपने लिए 10 करोड़ रुपये की आलीशान प्रॉपर्टी खरीदी है. प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन के दस्तावेजों के मुताबिक, यह डील 18 फरवरी, 2026 को रजिस्टर्ड हुई. दस्तावेजों के अनुसार, करीब 1,197 वर्ग मीटर के इस प्लॉट के साथ ग्राउंड-प्लस-वन मंजिला रिहायशी और कमर्शियल स्ट्रक्चर भी शामिल है. इस बिल्डिंग का नाम ‘मैंगो विला’ है, जो सुचक को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी लिमिटेड में स्थित है.</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48055/mumbai-sonu-nigams-father-became-the-owner-of-mango-villa"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-02/download---2026-02-27t172913.740.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>मुंबई का मड आइलैंड, जो अब तक अपनी शांत प्राकृतिक खूबसूरती और फिल्म शूटिंग लोकेशन के तौर पर मशहूर था, अब सेलेब्रिटीज की पसंदीदा रिहायशी जगह बनता जा रहा है. इसी कड़ी में मशहूर सिंगर सोनू निगम के पिता अगम कुमार निगम ने मड आइलैंड में अपने लिए 10 करोड़ रुपये की आलीशान प्रॉपर्टी खरीदी है. प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन के दस्तावेजों के मुताबिक, यह डील 18 फरवरी, 2026 को रजिस्टर्ड हुई. दस्तावेजों के अनुसार, करीब 1,197 वर्ग मीटर के इस प्लॉट के साथ ग्राउंड-प्लस-वन मंजिला रिहायशी और कमर्शियल स्ट्रक्चर भी शामिल है. इस बिल्डिंग का नाम ‘मैंगो विला’ है, जो सुचक को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी लिमिटेड में स्थित है.</p>
<p> </p>
<p><strong>प्रॉपर्टी में क्या-क्या शामिल?</strong><br />इस डील में 2,329 वर्ग फुट का ग्राउंड और फर्स्ट फ्लोर वाला आईटी स्ट्रक्चर और 725 वर्ग फुट का रिहायशी हिस्सा शामिल है. इस डील पर 50 लाख रुपये की स्टांप ड्यूटी और 30,000 रुपये की रजिस्ट्रेशन फीस चुकाई गई है. प्रॉपर्टी की सेलर सपना काक और रानी दोशी (वर्मा) उर्फ रानी अमर वर्मा बताई गई हैं. हालांकि इस मामले में न तो अगम निगम और न ही सेलर्स की ओर से कोई बात है.</p>
<p><strong>पहले भी रियल एस्टेट में सक्रिय रहा निगम परिवार</strong><br />सोनू निगम पहले भी मुंबई के रियल एस्टेट बाजार में निवेश को लेकर चर्चा में रहे हैं. साल 2024 में उन्होंने अंधेरी में करीब 7 करोड़ रुपये की एक कमर्शियल प्रॉपर्टी खरीदी थी. वहीं 2025 में सांताक्रूज ईस्ट में एक प्रॉपर्टी 5 साल के लिए लीज पर दी, जिसका कुल किराया 12.61 करोड़ रुपये से ज्यादा बताया गया.</p>
<p><strong>क्यों खास है मड आइलैंड?</strong><br />मड आइलैंड मुंबई के मलाड इलाके में स्थित है और वर्सोवा के करीब पड़ता है. यहां कई बॉलीवुड हस्तियों ने भी निवेश किया है. कार्तिक आर्यन, रोनित रॉय, विवेक अग्निहोत्री, आयुष्मान खुराना जैसे सितारों के वर्सोवा इलाके में प्रॉपर्टी होने की खबरें रही हैं. मड आइलैंड में अर्चना पूरन सिंह और परमीत सेठी का बंगला भी है. लोकल ब्रोकर्स के मुताबिक, पिछले कुछ सालों में यहां प्रॉपर्टी की कीमतें दोगुनी हो चुकी हैं और अब रेट करीब 37,000 रुपये प्रति वर्ग फुट तक पहुंच गए हैं.</p>
<p><strong>कीमतें क्यों बढ़ रहीं?</strong><br />ब्रोकर बताते हैं कि वर्सोवा को जोड़ने वाले रोड ब्रिज और आने वाले बांद्रा-वर्सोवा सी लिंक प्रोजेक्ट की वजह से इलाके की कनेक्टिविटी बेहतर हुई है. यह सी लिंक मुंबई कोस्टल रोड प्रोजेक्ट का हिस्सा है और मड आइलैंड के पास ही स्थित है. बेहतर कनेक्टिविटी के कारण यहां रियल एस्टेट की मांग तेजी से बढ़ी है.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 27 Feb 2026 17:31:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वसई विरार शहर में गड्डों और कीचड़ से बदहाल सड़कें...</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">वसई विरार शहर में धूल को फैलने से रोकने के लिए सड़कों पर जमी मिट्टी पर पानी का छिड़काव करने का निर्णय लिया गया था। इसके लिए फायर ब्रिगेड और धूल नियंत्रण वाहनों का उपयोग किया जा रहा था। हालांकि, बारिश आने के बाद यह काम रोक दिया गया था। इस बीच, पिछले कुछ दिनों से बारिश भी रुक गई है, इसलिए धूल की समस्या एक बार फिर महसूस होने लगी है और नागरिकों के स्वास्थ्य को खतरा पैदा हो गया है, ऐसा नागरिकों का कहा है। खतरा और बढ़ गया है। बारिश रुकने पर धूल सूखकर हवा में गुब्बार बन जाती है, जिससे प्रदूषण फैलता है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/41353/roads-in-vasai-virar-city-are-in-bad-condition-due-to-potholes-and-mud"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-06/download-(1).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>विरार :</strong> पिछले कुछ दिनों से रुक-रुक कर हो रही बारिश ने वसई और विरार शहरों की सड़कों की पोल खोल दी है। जगह-जगह हुए गड्ढे और कीचड़ ने आम नागरिकों, खासकर बाइक सवारों का सफर बेहद मुश्किल बना दिया है। मानसून से पहले सड़कों की मरम्मत के दावों के बावजूद, जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। सड़कों पर भारी मात्रा में कीचड़ जमा होने के कारण फिसलन हो गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">इससे दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। हालांकि, स्थानीय लोगों का आरोप है कि महापालिका प्रशासन सड़क की सफाई में लापरवाही बरत रहीं है। शहर में कंस्ट्रक्शन का कार्य जोरों पर वसई विरार शहर में बिल्डिंगों के निर्माण कार्य की भरमार है। इसमें निर्माण स्थलों से मिट्टी और मलबे के साथ-साथ अन्य सामग्रियों लगातार परिवहन से ढोते समय सड़क पर गिर रहें हैं। जिससे सड़कें उबड़-खाबड़ और फिसलन भरी हो रही हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्य रूप से मिट्टी ढोने वाले परिवहन डंपरों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्णय प्रशासन ने कार्रवाई तो की है, लेकिन इस ओर गंभीरता से ध्यान नहीं दिए जाने के कारण इस प्रकार की घटनाएं लगातार हो रही हैं। जब सड़कें कीचड़ से भर जाती हैं तो उन्हें साफ करने की जिम्मेदारी महापालिका प्रशासन की होती है।</p>
<p style="text-align:justify;">पिछले कई दिनों से सड़कों पर मिट्टी जमा हो गई है<br />इसके लिए सफाई कर्मचारी नियुक्त किए गए हैं और वे रोजाना सड़क की सफाई के लिए जिम्मेदारी सौंप दिया गया है। हालांकि, यह बात सामने आई है कि शहर में कुछ आंतरिक सड़कों को छोड़कर अन्य जगहों पर सड़क सफाई का काम नहीं हो रहा है। नतीजतन, पिछले कई दिनों से सड़कों पर मिट्टी जमा हो गई है और थोड़ी सी बारिश होने पर भी कीचड़ का साम्राज्य बन रहा है। इससे दोपहिया वाहन दुर्घटनाएं हो रही हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">वसई विरार शहर में धूल को फैलने से रोकने के लिए सड़कों पर जमी मिट्टी पर पानी का छिड़काव करने का निर्णय लिया गया था। इसके लिए फायर ब्रिगेड और धूल नियंत्रण वाहनों का उपयोग किया जा रहा था। हालांकि, बारिश आने के बाद यह काम रोक दिया गया था। इस बीच, पिछले कुछ दिनों से बारिश भी रुक गई है, इसलिए धूल की समस्या एक बार फिर महसूस होने लगी है और नागरिकों के स्वास्थ्य को खतरा पैदा हो गया है, ऐसा नागरिकों का कहा है। खतरा और बढ़ गया है। बारिश रुकने पर धूल सूखकर हवा में गुब्बार बन जाती है, जिससे प्रदूषण फैलता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 15 Jun 2025 16:24:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मीठी नदी का कीचड़ निकालने तीन शिफ्ट में चल रहा काम...</title>
                                    <description><![CDATA[मुंबई में तेज बारिश होती है और  समुद्र में हाई टाइड आने पर  पानी के बहाव में रुकावटें आती हैं। इससे शहर में जलभराव हो जाता है। कभी-कभी  नदी के किनारे के निवासियों को स्थानांतरित करने का समय  भी होता है। इसके लिए ज्यादा से ज्यादा कीचड़ निकालने  की कोशिश की जा रही है।  ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/20608/work-is-going-on-in-three-shifts-to-remove-the-mud-of-mithi-river"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2023-05/download-(2)6.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई :</strong> वर्ष 2005  की पुनरावृत्ति रोकने के लिए मनपा कमर कस ली है।  मनपा प्रशासन ने मीठी नदी का कीचड़ निकालने  के लिए  ठेकेदार तीन पालियों में दिन-रात काम कर रहे हैं. इसके अलावा कीचड़ निकालने  के लिए मशीनरी बढ़ा दी गई है. कीचड़ ढोने वाले डंपर एक दिन में 300 चक्कर लगा रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">वर्तमान में प्रतिदिन करीब 4500 मीट्रिक टन कीचड़ निकाला जा रहा है।  मनपा प्रशासन ने विश्वास जताया है कि मानसून से पहले मीठी नदी की सफाई का  काम पूरा  हो जाएगा। अभी तक 50 प्रतिशत कीचड़ निकाला जा चुका है।</p>
<p style="text-align:justify;">मीठी नदी जो मुंबई कि   भांडुप फ़िल्टर पाड़ा-विहार  तलाव से  निकलती है. ,यह  मुंबई की एक महत्वपूर्ण नदी है।  वर्ष 2005 में आई प्रलयकारी बाढ़ के दौरान मीठी नदी परिसर सबसे अधिक नुकसान हुआ था जिसमे जानमाल का भी नुकसान हुआ था।  मनपा हर साल मानसून पूर्व मीठी नदी की सफाई पर विशेष ध्यान देती है।</p>
<p style="text-align:justify;">मीठी नदी  पूर्वी उपनगर   आरे कॉलोनी, कुर्ला, बांद्रा के क्षेत्र से होकर  17.80 किमी दूरी  तक बहती है  और माहिम खाड़ी के पास समुद्र में मिल जाती है।  मनपा बारिश के दौरान हाई टाइड के समय  मीठी नदी में होने  वाले उफ़ान के दौरान समुद्र का पानी शहर में आ जाता है जो कि बारिश के समय बड़ी हानि होने की अधिक संभावना बनी रहती है इसी समस्या से निपटने के लिए मनपा मानसून पूर्व  नदी की सफाई करती है।</p>
<p style="text-align:justify;">मीठी नदी का कीचड़ हटाकर पानी समुद्र में किस तरह सरलता से जाए इसको लेकर मनपा कठोर कार्रवाई करती है। कीचड़ निकालने  के लिए मनपा   नीदरलैंड की टक्सचर एम्फिबियस मशीन का इस्तेमाल किया जा रहा है और तैरते कचरे को हटाने के लिए स्वीडन की सिल्ट पुशर मशीन का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">नदी से निकाला गया कीचड़ को हटाने की  जिम्मेदारी संबंधित ठेकेदार पर तय की गई है और सफाई के बाद  कीचड़ को  वजन के हिसाब से पैसे का भुगतान किया जा रहा है।  <br /><br />मुंबई में तेज बारिश होती है और  समुद्र में हाई टाइड आने पर  पानी के बहाव में रुकावटें आती हैं। इससे शहर में जलभराव हो जाता है। कभी-कभी  नदी के किनारे के निवासियों को स्थानांतरित करने का समय  भी होता है। इसके लिए ज्यादा से ज्यादा कीचड़ निकालने  की कोशिश की जा रही है।  </p>
<p style="text-align:justify;">मीठी नदी के बहाव को रोकने के लिए 28 जगहों पर मजबूत सुरक्षात्मक दीवार (फ्लड गेट) बनाकर मुंबई को मीठी नदी की बाढ़ से मुक्त किया जा रहा है. कीचड़ हटाने के लिए तीन ठेकेदारों को दो साल का ठेका दिया गया है। मनपा ने इसके लिए  83 करोड़ रुपए खर्च कर रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">ऐसे हुई है अब तक नाला सफाई <br />शहरी  भाग  - 59.91 प्रतिशत<br />पूर्व  उपनगर - 73.77 प्रतिशत<br />पश्चिम उपनगर - 70.14 प्रतिशत<br />मीठी नदी - 49.28 प्रतिशत<br />कुल - 64.48 प्रतिशत </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 07 May 2023 10:08:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पुणे में मिट्टी की ढेर के नीचे दबकर दो मजदूरों की मौत...</title>
                                    <description><![CDATA[दोनो मजदूर रविवार 16 अप्रैल को दीवाल गिराने का काम कर रहे थे। शाम करीब साढ़े पांच बजे के आस-पास अचानक घर की दीवाल जो कि कच्ची मिट्टी की थी, इन दोनों मजदूरों के ठीक ऊपर आकर भरभराकर गिर गई और वहां देखते ही देखते मिट्टी का बड़ा ढेर लग गया। इस ढेर के नीचे यह दोनों मजदूर दब गए।  घटना जब स्थानीय लोगों के ध्यान में आई तो उन्होंने राहत व बचाव कार्य शुरू किया। इस बीच फायर ब्रिगेड को भी बुलाया गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/20007/two-laborers-died-after-being-buried-under-a-pile-of-mud-in-pune"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2023-04/images-(1)5.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>पुणे :</strong> पुणे के राजगुरूनगर इलाके में  एक पुराने वाडे़ेनुमा कच्चे घर को गिराते समय अचानक हुए हादसे में दो मजदूरों की मिट्टी के ढेर के नीचे दबकर दर्दनाक मौत हो गई है। इस संबंध में पुणे ग्रामीण पुलिस सूत्रों से जो जानकारी प्राप्त हुई है, उसके अनुसार राजगुरूनगर के आजाद चैक में स्वप्निल गोड़से का एक पुराना जर्जर घर था जिसे गिराकर उसकी मिट्टी हटाने का काम उन्होंने विजय वाडेकर निवासी चंडोली ता. खेड व सुनील पांचल निवासी खेड, मूल निवासी लातुर को दिया था।</p>
<p style="text-align:justify;">यह दोनो मजदूर रविवार 16 अप्रैल को दीवाल गिराने का काम कर रहे थे। शाम करीब साढ़े पांच बजे के आस-पास अचानक घर की दीवाल जो कि कच्ची मिट्टी की थी, इन दोनों मजदूरों के ठीक ऊपर आकर भरभराकर गिर गई और वहां देखते ही देखते मिट्टी का बड़ा ढेर लग गया। इस ढेर के नीचे यह दोनों मजदूर दब गए।  घटना जब स्थानीय लोगों के ध्यान में आई तो उन्होंने राहत व बचाव कार्य शुरू किया। इस बीच फायर ब्रिगेड को भी बुलाया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">जब तक इन मजदूरों के ऊपर से मिट्टी का ढेर हटाया गया और इन्हें बाहर निकाला गया तब तक इनकी मौत हो चुकी थी। पुलिस का कहना है कि स्थानीय लोगों और जेसीबी की मदद से मिट्टी व ईंट पत्थर के ढेर को हटाया गया किंतु उस दौरान तक विजय वाडेकर की मौत हो चुकी थी, जबकि सुनील नामक मजदूर की उपचार के दौरान मौत हो गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 18 Apr 2023 12:49:49 +0530</pubDate>
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