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                <title>digital - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>digital RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>पुणे : डिजिटल अरेस्ट का पर्दाफाश चौंकाने वाला नेटवर्क</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सोशल मीडिया पर रील बनाकर लोकप्रियता हासिल करने वाले 26 वर्षीय रोहन रामेश्वर जाधव को पुणे साइबर पुलिस ने 10.74 करोड़ रुपये की डिजिटल अरेस्ट ठगी के मामले में गिरफ्तार किया है। पुलिस का आरोप है कि जाधव ने ठगी की रकम को अलग-अलग बैंक खातों के माध्यम से आगे भेजने और विदेशी नेटवर्क तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जांच में अब तक 5,436 बैंक खातों और हांगकांग में बैठे संदिग्ध साइबर संचालकों से संभावित संपर्क की जानकारी सामने आई है।</p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51364/pune-digital-arrest-network-exposed-shocking"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-08/c7g6ritg_digital-arrest-explainer-istock_625x300_04_october_24.webp" alt=""></a><br /><p><strong>पुणे : </strong>सोशल मीडिया पर रील बनाकर लोकप्रियता हासिल करने वाले 26 वर्षीय रोहन रामेश्वर जाधव को पुणे साइबर पुलिस ने 10.74 करोड़ रुपये की डिजिटल अरेस्ट ठगी के मामले में गिरफ्तार किया है। पुलिस का आरोप है कि जाधव ने ठगी की रकम को अलग-अलग बैंक खातों के माध्यम से आगे भेजने और विदेशी नेटवर्क तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जांच में अब तक 5,436 बैंक खातों और हांगकांग में बैठे संदिग्ध साइबर संचालकों से संभावित संपर्क की जानकारी सामने आई है।</p>
<p> </p>
<p>मूल रूप से छत्रपति संभाजीनगर निवासी रोहन जाधव पुणे के पिंपले गुरव क्षेत्र में रह रहा था। वह सोशल मीडिया पर रील बनाने के साथ सेलिब्रिटी मैनेजमेंट से जुड़ा काम भी करता था। साइबर पुलिस के अनुसार आरोपी लंबे समय से फरार था। उसके बैंक खातों और आर्थिक संसाधनों पर कार्रवाई के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, उसके खिलाफ लगे आरोपों की जांच जारी है और अदालत में दोष सिद्ध होना बाकी है।</p>
<p><strong>फर्जी सीबीआई अधिकारी बनकर बुजुर्ग को डराया</strong><br />यह मामला जनवरी 2026 में पुणे के भांडारकर रोड निवासी 82 वर्षीय बुजुर्ग से हुई ठगी से जुड़ा है। साइबर अपराधियों ने खुद को ट्राई, सीबीआई और न्यायिक अधिकारी बताकर उनसे संपर्क किया। आरोपियों ने दावा किया कि बुजुर्ग के आधार कार्ड और बैंक खातों का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग समेत गंभीर अपराधों में हुआ है।</p>
<p>गिरोह ने गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर पीड़ित को कथित डिजिटल अरेस्ट में रखा। इतना ही नहीं, जालसाजों ने ऑनलाइन अदालत जैसा माहौल भी तैयार किया। आरोपियों ने पैसे को सत्यापन और सुरक्षा के लिए भेजने का झांसा देकर बुजुर्ग से अलग-अलग बैंक खातों में कुल 10.74 करोड़ रुपये ट्रांसफर करा लिए। ठगी की रकम में उनकी जमा पूंजी और सावधि जमा भी शामिल थी।</p>
<p><strong>एटीएम से निकली रकम ने खोला राज</strong><br />शिकायत मिलने के बाद पुणे साइबर पुलिस ने बैंक लेनदेन, एटीएम फुटेज और तकनीकी सर्विलांस की जांच शुरू की। पुलिस को पहला महत्वपूर्ण सुराग तब मिला, जब ठगी की रकम का एक हिस्सा एटीएम से निकाला गया। जांच के आधार पर हर्षद सुभाष धानतोले और समर्थ सुरेश देशमुख को फरवरी में गिरफ्तार किया गया। इसके बाद अमर शिवाजी अत्तरगी को भी पुलिस ने पकड़ा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 14 Aug 2026 13:56:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : आईआईएम और आईआईटी बाॅम्बे ने शुरू किया डिजिटल साइंस व बिजनेस मैनेजमेंट कोर्स, जेईई मेन स्कोर से मिलेगा एडमिशन</title>
                                    <description><![CDATA[<p>ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जाम मेन 2026 में शामिल हुए कैंडिडेट्स के लिए बड़ा अपडेट है. अब जेईई मेन स्कोर से एडमिशन का दायरा बढ़ गया है. अब ऐसे कैंडिडेट्स जेईई मेन स्कोर से डिजिटल साइंस व बिजनेस मैनेजमेंट कोर्स में भी एडमिशन ले सकेंगे. इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट मुंबई ने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी बॉम्बे के साथ मिलकर 4 साल का ये अंडर ग्रेजुएट कोर्स शुरू किया है. ये अपने तरह का पहला कोर्स है, जो टेक्नोलॉजी और बिजनेस लीडरशिप को साथ रखकर तैयार किया गया है. </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49199/mumbai-iim-and-iit-bombay-started-digital-science-and-business"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-14t112056.307.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई :</strong> ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जाम मेन 2026 में शामिल हुए कैंडिडेट्स के लिए बड़ा अपडेट है. अब जेईई मेन स्कोर से एडमिशन का दायरा बढ़ गया है. अब ऐसे कैंडिडेट्स जेईई मेन स्कोर से डिजिटल साइंस व बिजनेस मैनेजमेंट कोर्स में भी एडमिशन ले सकेंगे. इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट मुंबई ने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी बॉम्बे के साथ मिलकर 4 साल का ये अंडर ग्रेजुएट कोर्स शुरू किया है. ये अपने तरह का पहला कोर्स है, जो टेक्नोलॉजी और बिजनेस लीडरशिप को साथ रखकर तैयार किया गया है. </p>
<p> </p>
<p>आइए, डिजिटल साइंस व बिजनेस मैनेजमेंट कोर्स के बारे में विस्तार से जानते हैं. जानेंगे कि इस कोर्स में क्या खास है? साथ ही इस कोर्स के एडमिशन प्रोसेस और फीस के बारे में विस्तार से जानते हैं.</p>
<p><strong>आईआईएम और आईआईटी ने तैयार किया कोर्स</strong><br />डिजिटल साइंस व बिजनेस मैनेजमेंट कोर्स की जानकारी आईआईएम मुंबई के डायरेक्टर प्रोफेसर मनोज तिवारी ने दी है. उन्होंने बताया कि आईआईएम मुंबई इस कोर्स को संचालित करेगा, जिसे इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी बॉम्बे और इंडस्ट्री पार्टनर्स के सहयोग से तैयार किया गया है, जो इस सेशन से संचालित किया जाएगा.</p>
<p><strong>जॉइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन मेन स्कोर और इंटरव्यू से एडमिशन</strong><br />डिजिटल साइंस व बिजनेस मैनेजमेंट कोर्स में एडमिशन जॉइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन  मेन स्काेर के आधार पर दिया जाएगा. एडमिशन के लिए जेईई मेन स्कोर के आधार पर कैंडिडेट्स को शार्टलिस्ट किया जाएगा, इसके बाद उनका एक इंटरव्यू होगा. इसके बाद एडमिशन के लिए फाइनल मेरिट बनेगी.</p>
<p><strong>कोर्स में क्या सीखाया जाएगा</strong><br />डिजिटल साइंस व बिजनेस मैनेजमेंट कोर्स को टेक्नोलॉजी और बिजनेस लीडरशिप को साथ रखकर तैयार किया गया है. इस कोर्स में एडमिशन लेने वाले स्टूडेंट्स को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, डेटा साइंस, इंटरनेट ऑफ थिंग्स और रोबोटिक्स के बारे में जानेंगे का मौका मिलेगा. इसके साथ ही कोर्स में मैनेजमेंट के मुख्य स्तंभों: ऑपरेशंस, मार्केटिंग, फाइनेंस और मैन्युफैक्चरिंग के बारे में भी पढ़ाया जाएगा. </p>
<p><strong>70 सीटें, फीस डिटेल्स और 100 फीसदी प्लेसमेंट</strong><br />डिजिटल साइंस व बिजनेस मैनेजमेंट कोर्स के लिए 70 सीटें निर्धारित हैं. तो वहीं ये कोर्स डिजिटल रूप से संचालित किया जाएगा, जिसे इंडस्ट्री की बदलती जरूरतों को पूरा करने के लिए डिजाइन किया गया है. इस कोर्स के लिए निर्धारित फीस की बात करें तो इस डिग्री प्रोग्राम की सालाना फीस 6-7 लाख रुपये होगी. तो वहीं 100 प्रतिशत प्लेसमेंट की गारंटी भी संस्थान की तरफ से दी जा रही है.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 Apr 2026 11:22:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : 32 लाख के डिजिटल अरेस्ट केस में पूर्व रणजी खिलाड़ी ऋषि अरोट गिरफ्तार, मुंबई पुलिस ने गुजरात से उठाया</title>
                                    <description><![CDATA[<p>गुजरात से मुंबई की साइबर क्राइम पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ़्तार किया है। पकड़े गए लोगों में एक ऋषि तुषार अरोट भी शामिल है। ऋषि अरोट पूर्व रणजी क्रिकेटर है। गिरफ्तार किए गए लोगों पर आरोप है कि इन्होंने 'डिजिटल अरेस्ट स्कैम' के ज़रिए आरे कॉलोनी की एक बुज़ुर्ग नागरिक से 32.7 लाख रुपये ठग लिए। पुलिस ने बताया कि इस मामले में पहले भी चार लोगों को गिरफ़्तार किया जा चुका है, जिससे कुल गिरफ़्तारियों की संख्या सात हो गई है। </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49129/former-ranji-player-rishi-arot-arrested-in-digital-arrest-case"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/photo_1711471999618.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>गुजरात से मुंबई की साइबर क्राइम पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ़्तार किया है। पकड़े गए लोगों में एक ऋषि तुषार अरोट भी शामिल है। ऋषि अरोट पूर्व रणजी क्रिकेटर है। गिरफ्तार किए गए लोगों पर आरोप है कि इन्होंने 'डिजिटल अरेस्ट स्कैम' के ज़रिए आरे कॉलोनी की एक बुज़ुर्ग नागरिक से 32.7 लाख रुपये ठग लिए। पुलिस ने बताया कि इस मामले में पहले भी चार लोगों को गिरफ़्तार किया जा चुका है, जिससे कुल गिरफ़्तारियों की संख्या सात हो गई है। <br />पुलिस ने बताया कि गिरफ़्तार किए गए तीनों आरोपी- ऋषि, हर्ष और निखिल हैं। ये तीनों कथित तौर पर ठगी के पैसे को इस स्कैम के सरगनाओं तक पहुंचाने में शामिल थे। पुलिस ने यह भी बताया कि ऋषि ए के पिता एक क्रिकेट कोच हैं।</p>
<p> </p>
<p><strong>ऐसे बुजुर्ग को फंसाया</strong><br />यह स्कैम 11 फरवरी का है, जब उस बुज़ुर्ग नागरिक को तमिल बोलने वाले एक व्यक्ति का फ़ोन आया। फ़ोन करने वाले ने दावा किया कि वह चेन्नई पुलिस का सब-इंस्पेक्टर है और कहा कि बुज़ुर्ग नागरिक के सिम कार्ड का इस्तेमाल अफ़ज़ल खान नाम के एक आतंकवादी ने किया था, जो पहलगाम हमले में शामिल था। उन्हें एक केस नंबर दिया गया और फ़ोन एक सीनियर अफसर को ट्रांसफर करने की बात कहकर दूसरे शख्स को ट्रांसफर कर दिया गया।</p>
<p><strong>मुंबई एटीएस से कॉल का दावा</strong><br />इसके बाद जिस व्यक्ति ने बुज़ुर्ग नागरिक से बात की, उसने कहा कि उसे पता है कि वह तमिलनाडु से मुंबई आ गई हैं और उसके पास उनके परिवार के सभी सदस्यों के बारे में जानकारी है। उनसे पुलिस से गैर-संलिप्तता प्रमाण पत्र लेने को कहा गया। उसके बाद उनका फ़ोन मुंबई ATS को ट्रांसफ़र करने की बात कहकर कॉल तीसरे को ट्रांसफर की गई। </p>
<p><strong>वीडियो कॉल पर देखा पूरा घर</strong><br />इसके बाद, उन्हें अंग्रेज़ी बोलने वाले एक व्यक्ति का वीडियो कॉल आया, जिसके व्हाट्सएप प्रोफ़ाइल पिक्चर पर एटीएस का लोगो लगा हुआ था। उसने पुलिस की वर्दी पहनी हुई थी और एक कुर्सी पर बैठा था, जिसके सामने कई फ़ाइलें रखी थीं। उसने उनसे फ़ोन लेकर पूरे घर में घूमने को कहा, ताकि वह हर कमरा देख सके और यह पक्का कर सके कि घर में सिर्फ़ परिवार के लोग ही मौजूद हैं। </p>
<p><strong>बेटा बर्लिन में, दिखाया गिरफ्तारी का डर</strong><br />इसके बाद, बुज़ुर्ग नागरिक से 'अराटाई' ऐप डाउनलोड करने और कुछ प्राइवेसी सेटिंग्स बदलने को कहा गया। उन्हें कुछ दस्तावेज़ भेजे गए, जैसे कि एक नोटिस, एक एफआईआर, एक गिरफ़्तारी वारंट और एक गोपनीयता समझौता; जो बाद में नकली निकले। बुज़ुर्ग नागरिक तब बुरी तरह डर गईं, जब ठगों ने कहा कि उन्हें पता है कि उनका बेटा बर्लिन में है और जैसे ही वह मुंबई लौटेगा, वे उसे गिरफ़्तार कर लेंगे। </p>
<p>11 से 16 फरवरी के बीच, उन्हें ठगों के कई फ़ोन आए और उन्होंने कुल 32.7 लाख रुपये उन्हें ट्रांसफ़र कर दिए। ठगों ने उनसे कहा था कि उनके पैसों को RBI द्वारा ऑनलाइन वेरिफ़ाई किया जाएगा और अगर वे कानूनी तौर पर उनके ही हुए, तो उन्हें वापस कर दिए जाएंगे। 16 फरवरी को, उनका बेटा बर्लिन से घर लौटा और उसे पता चला कि उनके साथ धोखाधड़ी हुई है। इसके बाद, उन्होंने अपनी पोती के ज़रिए साइबर पुलिस से संपर्क किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 11 Apr 2026 14:13:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई पुलिस के लिए चुनौतियां;  एक बार फिर अंडरवर्ल्ड सक्रिय हो रहा है, एन्क्रिप्टेड डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए धमकी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>एक बार फिर अंडरवर्ल्ड सक्रिय हो रहा है। लेकिन, इस बार ये गैंगस्टर टेक सेवी हैं। खौफ फैलाने या धमकाने का इनका तौर-तरीका पारंपरिक फोन कॉल या आमने-सामने धमकी देने की बजाए अब एन्क्रिप्टेड डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए दिया जा रहा है, जो मुंबई पुलिस के लिए चुनौतियां खड़ी कर रही हैं।  सिग्नल ऐप से कॉल, टेलीग्राम पर मैसेज, फेसबुक पोस्ट और प्रोटोन कॉल्स के जरिए हस्तियों को धमकियां दी जा रही हैं, जो इनके नए तकनीक आधारित हथियार बन गए हैं। पुलिस के सामने उभरता हुआ यह 'डिजिटल थ्रेट' न सिर्फ चुनौती बन रही हैं बल्कि दोषियों को गिरफ्तार करना और सजा दिलाने के लिए डिजिटल एविडेंस जुटाना मुश्किल ही नहीं, नामुमकिन जैसा लग रहा है। </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/47763/challenges-for-mumbai-police-underworld-once-again-becoming-active-threats"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-02/images---2026-02-16t115217.923.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>एक बार फिर अंडरवर्ल्ड सक्रिय हो रहा है। लेकिन, इस बार ये गैंगस्टर टेक सेवी हैं। खौफ फैलाने या धमकाने का इनका तौर-तरीका पारंपरिक फोन कॉल या आमने-सामने धमकी देने की बजाए अब एन्क्रिप्टेड डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए दिया जा रहा है, जो मुंबई पुलिस के लिए चुनौतियां खड़ी कर रही हैं।  सिग्नल ऐप से कॉल, टेलीग्राम पर मैसेज, फेसबुक पोस्ट और प्रोटोन कॉल्स के जरिए हस्तियों को धमकियां दी जा रही हैं, जो इनके नए तकनीक आधारित हथियार बन गए हैं। पुलिस के सामने उभरता हुआ यह 'डिजिटल थ्रेट' न सिर्फ चुनौती बन रही हैं बल्कि दोषियों को गिरफ्तार करना और सजा दिलाने के लिए डिजिटल एविडेंस जुटाना मुश्किल ही नहीं, नामुमकिन जैसा लग रहा है। </p>
<p> </p>
<p><strong>निशाने पर फिल्मी हस्तियां, सबूत जुटाना मुश्किल</strong><br />हाल के महीनों में कई सेलिब्रिटीज को कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग के शूटरों और गैंगस्टरों के नाम से ऑनलाइन धमकी मिली है। इनमें अभिनेता सलमान खान, कॉमेडियन कपिल शर्मा, अभिनेत्री दिशा पाटनी, अभिनेता आयुष शर्मा, निर्देशक रोहित शेट्टी और गायिका-अभिनेत्री हिमांशी खुराना जैसे नाम शामिल हैं। दिवंगत नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या से पहले भी उन्हें डिजिटल थ्रेट मिले थे।</p>
<p>धमकी वाले मैसेज विदेशी नंबरों, इंटरनेट कॉलिंग, वीपीएन या फर्जी अकाउंट से भेजे गए, ताकि सेंडर का लोकेशन और पहचान छिपी रहे। साइबर एक्सपर्ट गोविंद रॉय के अनुसार, अपराधी एन्क्रिप्टेड ऐप्स का इस्तेमाल इसलिए कर रहे हैं ताकि इन प्लेटफॉर्म पर बातचीत का ट्रैक करना मुश्किल हो जाए। कई बार धमकी देने के बाद तुंरत अकाउंट डिलीट कर दिया जाता है, जिससे जांच अधिकारियों को डिजिटल सबूत जुटाना मुश्किल हो जाता है। पुलिस को भी जांच की दिशा ट्रेडीशनल की बजाए टेक्नोलॉजी आधारित करनी चाहिए। </p>
<p><strong>पुलिस अलर्ट, सुरक्षा कड़ी हिदायतें जारी</strong><br />डिजिटल थ्रेट से निपटने के लिए मुंबई पुलिस ने साइबर सेल और खुफिया इकाइयों को हाई अलर्ट पर रखा है। सूत्र बताते हैं कि कुछ नामचीन फिल्मी हस्तियों की सुरक्षा की समीक्षा की जा रही है और उन्हें एडवांस में संदिग्ध कॉल या मैसेज मिलने पर तुरंत पुलिस को सूचित कर शिकायत दर्ज कराने की अपील की गई है। हालांकि, रिटायर्ड एसीपी कैलाश आव्हाड का कहना है कि वर्चुअल या अप्रत्यक्ष धमकियों का मकसद वसूली नहीं, बल्कि गैंगस्टर द्वारा डर और असुरक्षा का माहौल बनाना भी है। इससे निपटने के लिए इंटरपोल और साइबर क्राइम एजेंसियो की मदद ली जा सकती हैं। लेकिन,भविष्य में डिजिटल क्राइम की लड़ाई सड़कों से ज्यादा डिजिटल दुनिया में लड़ी जाएगी, इसमें दो राय नहीं है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 16 Feb 2026 11:53:31 +0530</pubDate>
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