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                <title>working - Rokthok Lekhani News </title>
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                            <item>
                <title>भिवंडी : बिजली का काम करते समय इलेक्ट्रिशियन को लगा करंट... युवक की मौत !</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">अस्पताल में डॉक्टरों ने उनकी जांच की, लेकिन उनकी हालत गंभीर होने के कारण उन्हें बचाया नहीं जा सका। डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिवार में छाया मातम 22 वर्षीय अफ्फान की मौत की खबर मिलते ही परिवार में शोक का माहौल फैल गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोगों के अनुसार, अफ्फान बिजली का काम करके अपना परिवार चलाते थे। अचानक हुए इस हादसे ने परिवार को गहरा सदमा पहुंचाया है। </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51863/bhiwandi-electrician-gets-electrocuted-while-doing-electrical-work-youth-dies"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-09/9f.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>भिवंडी: </strong>महाराष्ट्र के भिवंडी शहर के शांति नगर इलाके में बुधवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया। बिजली का काम कर रहे 22 वर्षीय इलेक्ट्रिशियन की कथित तौर पर करंट लगने से मौत हो गई। मृतक की पहचान बिलाल नगर निवासी अफ्फान फिरोज सैयद के रूप में हुई है। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। मौके पर मौजूद लोगों ने युवक को बचाने का प्रयास किया और तत्काल अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">बिजली का काम करते समय हुआ हादसा प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, अफ्फान फिरोज सैयद शांति नगर क्षेत्र में बिजली से जुड़ा काम कर रहे थे। इसी दौरान अचानक उन्हें तेज बिजली का झटका लग गया। बताया जा रहा है कि करंट लगने के बाद वह गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़े। अचानक हुए इस हादसे को देखकर आसपास मौजूद लोग घबरा गए और तुरंत उनकी मदद के लिए दौड़े। स्थानीय लोगों ने पहुंचाया अस्पताल घटना के बाद स्थानीय लोगों ने बिना देरी किए अफ्फान को उठाया और इलाज के लिए नजदीकी निजी अस्पताल लेकर पहुंचे।</p>
<p style="text-align:justify;">अस्पताल में डॉक्टरों ने उनकी जांच की, लेकिन उनकी हालत गंभीर होने के कारण उन्हें बचाया नहीं जा सका। डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिवार में छाया मातम 22 वर्षीय अफ्फान की मौत की खबर मिलते ही परिवार में शोक का माहौल फैल गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोगों के अनुसार, अफ्फान बिजली का काम करके अपना परिवार चलाते थे। अचानक हुए इस हादसे ने परिवार को गहरा सदमा पहुंचाया है। <br /><br />हादसे की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। पुलिस घटना के कारणों की जांच कर रही है। जांच के दौरान यह पता लगाया जाएगा कि बिजली का काम करते समय सुरक्षा के सभी जरूरी इंतजाम किए गए थे या नहीं। साथ ही हादसा किस परिस्थिति में हुआ, इसकी भी पड़ताल की जा रही है। सुरक्षा को लेकर उठे सवाल बिजली से जुड़े काम के दौरान सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल बेहद जरूरी माना जाता है। ऐसे हादसों में अक्सर लापरवाही या सुरक्षा उपायों की कमी को कारण माना जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस घटना के बाद क्षेत्र में बिजली के काम से जुड़े लोगों की सुरक्षा को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई जारी फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। मामले में संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए जा सकते हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद ही हादसे की वास्तविक वजह स्पष्ट हो पाएगी। भिवंडी के शांति नगर इलाके में हुए इस हादसे ने एक परिवार से उनका युवा सदस्य छीन लिया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/51863/bhiwandi-electrician-gets-electrocuted-while-doing-electrical-work-youth-dies</link>
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                <pubDate>Thu, 17 Sep 2026 10:07:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आगरा : लापता नेशनल टेबल टेनिस प्लेयर मुंबई में मजदूरी करते मिला, सिगरेट मिलने पर डांट से भागा था</title>
                                    <description><![CDATA[<p>एकलव्य स्टेडियम के छात्रावास से 31 जुलाई को लापता हुए 17 वर्षीय टेबल टेनिस के राष्ट्रीय खिलाड़ी वंश को मुंबई में सकुशल बरामद कर लिया है। पुलिस ने उसे शनिवार को मुंबई से आगरा लेकर आई। पूछताछ में वंश ने बताया कि हॉस्टल में उसकी अलमारी से सिगरेट मिलने पर आरएसओ ने डांटा था, जिससे वह डर गया और भाग गया। मुंबई में वह मजदूरी कर रहा था। पुलिस को सीसीटीवी कैमरों और इंस्टाग्राम से वंश का सुराग मिला।</p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51705/missing-national-table-tennis-player-from-agra-was-found-working"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-09/images---2026-09-06t115649.514.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>आगरा: </strong>एकलव्य स्टेडियम के छात्रावास से 31 जुलाई को लापता हुए 17 वर्षीय टेबल टेनिस के राष्ट्रीय खिलाड़ी वंश को मुंबई में सकुशल बरामद कर लिया है। पुलिस ने उसे शनिवार को मुंबई से आगरा लेकर आई। पूछताछ में वंश ने बताया कि हॉस्टल में उसकी अलमारी से सिगरेट मिलने पर आरएसओ ने डांटा था, जिससे वह डर गया और भाग गया। मुंबई में वह मजदूरी कर रहा था। पुलिस को सीसीटीवी कैमरों और इंस्टाग्राम से वंश का सुराग मिला।</p>
<p> </p>
<p><strong>हास्टल के लाकर में सिगरेट मिलने पर आरएसओ के डांटने पर भागा था</strong><br />शाहगंज के नगला छऊआ निवासी वंश सिंह 31 जुलाई की सुबह स्टेडियम के छात्रावास से गायब हो गया था। पुलिस के अनुसार वंश के लापता होने पर जांच के दौरान आगरा कैंट स्टेशन के सीसीटीवी कैमरों में उसकी फुटेज मिली। इसके बाद पुलिस ने रेलवे मार्ग और अन्य संभावित स्थानों के कैमरों की जांच की।</p>
<p><strong>इंस्टाग्राम और सीसीटीवी फुटेज से पुलिस को मिला सुराग</strong><br />इस बीच, वंश ने अपने एक मित्र से फोन पर संपर्क किया और एक अन्य लड़के के मोबाइल से इंस्टाग्राम पर मैसेज किया। इस मैसेज से पुलिस को उसकी लोकेशन मुंबई में होने का पता चला। पुलिस की टीम तुरंत मुंबई पहुंची और वंश को सकुशल बरामद कर लिया।</p>
<p><strong>वंश ने दी जानकारी, कैसे-कैसे पहुंचा मुंबई </strong><br />वंश ने बताया कि वह ट्रेन से आगरा से मथुरा, फिर उज्जैन, नागदा और इंदौर होते हुए मुंबई पहुंचा। मुंबई में वह कुछ लड़कों के साथ रहकर मजदूरी करने लगा। अपर पुलिस उपायुक्त हिमांशु गौरव ने बताया कि वंश को सकुशल बरामद कर लिया गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 06 Sep 2026 11:57:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : हॉर्स ट्रेडिंग के डर से राजनीतिक दलों ने अपने-अपने नगरसेवकों को एकजुट रखने में पूरा जोर लगा दिया; उद्धव सेना के 15 नगरसेवकों का मोबाइल फोन नॉट रीचेबल</title>
                                    <description><![CDATA[<p>बीएमसी चुनाव में बीजेपी 89 सीटें जीत कर सबसे बड़ी पार्टी बनी है, लेकिन मेयर किस दल का बनेगा, इसको लेकर सस्पेंस बरकरार है। वहीं, हॉर्स ट्रेडिंग के डर से राजनीतिक दलों ने अपने-अपने नगरसेवकों को एकजुट रखने में पूरा जोर लगा दिया है। जहां उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शनिवार से ही अपने 29 नगरसेवकों को बांद्रा में एक होटल में रखा और उनसे मिलकर उन्हें संबोधित किया, वहीं रविवार को उद्धव सेना के 15 नगरसेवकों का मोबाइल फोन नॉट रीचेबल आया, जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में हॉर्स ट्रेडिंग की चर्चाओं ने जोर पकड़ा। </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/47080/due-to-fear-of-mumbai-horse-trading-political-parties-put"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-01/images---2026-01-19t123032.496.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>बीएमसी चुनाव में बीजेपी 89 सीटें जीत कर सबसे बड़ी पार्टी बनी है, लेकिन मेयर किस दल का बनेगा, इसको लेकर सस्पेंस बरकरार है। वहीं, हॉर्स ट्रेडिंग के डर से राजनीतिक दलों ने अपने-अपने नगरसेवकों को एकजुट रखने में पूरा जोर लगा दिया है। जहां उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शनिवार से ही अपने 29 नगरसेवकों को बांद्रा में एक होटल में रखा और उनसे मिलकर उन्हें संबोधित किया, वहीं रविवार को उद्धव सेना के 15 नगरसेवकों का मोबाइल फोन नॉट रीचेबल आया, जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में हॉर्स ट्रेडिंग की चर्चाओं ने जोर पकड़ा। </p>
<p> </p>
<p>रविवार को उद्धव सेना के संजय राउत ने कहा कि महापौर शिंदे सेना या ठाकरे बंधुओं का हो, बस बीजेपी का न हो, यह सभी की भावना है। मेयर को लेकर जारी सस्पेंस के बीच बीजेपी के एक नेता ने दावा किया कि महायुति का ही मेयर बनेगा। वहीं, मुख्यमंत्री दावोस पहुंच गए हैं। वे 23 जनवरी को वापस लौटेंगे। उसके बाद ही मेयर पद पर कोई निर्णय संभव है।</p>
<p><strong>होटल पॉलिटिक्स ने बढ़ाया सस्पेंस</strong><br />उद्धव ने यह कहकर सस्पेंस बढ़ा दिया है कि अगर 'भगवान' चाहेंगे, तो मुंबई का मेयर शिवसेना का होगा। कहा जा रहा है कि शिंदे के कुछ नगरसेवकों ने मातोश्री से संपर्क किया था। जिसके बाद अलर्ट होते हुए शिंदे सेना ने होटल पॉलिटिक्स शुरू की। खबर है कि शिंदे ने रविवार को होटल में अपने नगरसेवकों को संबोधित किया। वहीं, शिंदे सेना की नेत्री शीतल म्हात्रे ने कहा कि किसी की पीठ में छुरा घोंपने की हमारी परंपरा नहीं है। जनता ने महायुति को जनमत दिया है और हमारा ही महापौर बनेगा। हमारे 29 में से 20 नगरसेवक ऐसे हैं, जो पहली बार चुनाव जीते हैं। उन्हें कैसे कामकाज करना है, इसका प्रशिक्षण देने के लिए होटल में ठहराया गया है। हमें होटल पॉलिटिक्स करने की जरूरत नहीं है।</p>
<p><strong>एआईएमआईएम के नगरसेवकों की बैठक, मिली नसीहत</strong><br />असदुद्दीन ओवैसी की एआईएमआईएम ने मुंबई में 8 सीटों पर जीत दर्ज की है। रविवार को पार्टी नेताओं ने सभी नवनिर्वाचित नगरसेवको के साथ बैठक की और रणनीति पर चर्चा की। पार्टी के एक नगरसेवक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उन्हें किसी दबाव या लालच से दूर रहने और पार्टी लाइन पर बने रहने की सलाह दी गई है। जबकि 24 सीटें जीतने वाली कांग्रेस के बड़े नेता भी लगातार अपने नगरसेवकों के साथ संपर्क में है। </p>
<p><strong>नगरसेवकों से संपर्क के कई तरीके हैं: संजय राउत</strong><br />सूत्रो के मुताबिक, उद्धव ठाकरे के कुछ नगरसेवक एकनाथ शिंदे के संपर्क में है। इस खबर ने राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। मुंबई में फूट की राजनीति फिर से देखने मिल सकती है। वही, इसके उलट उद्धव सेना के संजय राउत ने कहा कि शिंदे के नगरसेवक असल में शिवसैनिक है। उनके मन में मराठी पहचान की मशाल अभी भी जल रही है। सबकी एक राय है कि बीजेपी के मेयर को मुंबई में नहीं बैठने देना चाहिए। भले ही नगर सेवकों को होटल में बंद कर दिया हो, लेकिन हमारे पास उनसे संपर्क करने के कई तरीके है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 19 Jan 2026 12:31:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : 18 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में गहराते संकट; रेजिडेंट डॉक्टरों के काम करने और रहने की स्थिति प्रभावित</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सेंट्रल महाराष्ट्र एसोसिएशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स द्वारा किए गए हालिया राज्यव्यापी सर्वे ने महाराष्ट्र के 18 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में गहराते संकट को उजागर किया है, जिससे 5,800 से ज़्यादा पोस्टग्रेजुएट रेजिडेंट डॉक्टरों के काम करने और रहने की स्थिति प्रभावित हो रही है। MARD डॉक्टरों ने बताया कि सर्वे के नतीजों से अस्पताल की सुरक्षा में बड़ी कमियां, रहने लायक न होने वाली हॉस्टल सुविधाएं, देरी से मिलने वाला स्टाइपेंड और अपर्याप्त इंफ्रास्ट्रक्चर सामने आया है - ये ऐसी स्थितियां हैं जो डॉक्टरों को जोखिम में डाल रही हैं और पूरे महाराष्ट्र में मरीजों की देखभाल से समझौता कर रही हैं।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/46151/mumbai-deepening-crisis-in-18-government-medical-colleges-working-and"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-12/download-(89).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई :</strong> सेंट्रल महाराष्ट्र एसोसिएशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स द्वारा किए गए हालिया राज्यव्यापी सर्वे ने महाराष्ट्र के 18 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में गहराते संकट को उजागर किया है, जिससे 5,800 से ज़्यादा पोस्टग्रेजुएट रेजिडेंट डॉक्टरों के काम करने और रहने की स्थिति प्रभावित हो रही है। MARD डॉक्टरों ने बताया कि सर्वे के नतीजों से अस्पताल की सुरक्षा में बड़ी कमियां, रहने लायक न होने वाली हॉस्टल सुविधाएं, देरी से मिलने वाला स्टाइपेंड और अपर्याप्त इंफ्रास्ट्रक्चर सामने आया है - ये ऐसी स्थितियां हैं जो डॉक्टरों को जोखिम में डाल रही हैं और पूरे महाराष्ट्र में मरीजों की देखभाल से समझौता कर रही हैं।</p>
<p> </p>
<p>औसतन 25% सुरक्षा कर्मियों की कमी के साथ काम कर रहे हैं, जिससे इमरजेंसी वार्ड, हॉस्टल, आउटपेशेंट डिपार्टमेंट और कैंपस जैसे<br /> महत्वपूर्ण क्षेत्र अपर्याप्त रूप से सुरक्षित हैं। कई संस्थानों में सुरक्षा गार्डों के लिए 200 से ज़्यादा स्वीकृत पद हैं, लेकिन सिर्फ़ 150 ही तैनात हैं। MARD के अनुसार, इसके परिणाम हिंसा, उत्पीड़न, हॉस्टल में अनाधिकृत प्रवेश और इमरजेंसी के दौरान भीड़ प्रबंधन में कमी के बढ़ते मामलों में दिखाई दे रहे हैं। इसके अलावा, रेजिडेंट डॉक्टरों को पीछा करने, धमकाने और प्राइवेसी के उल्लंघन का सामना करना पड़ा है। शुक्रवार को जारी MARD के एक बयान के अनुसार, हालांकि ज़्यादातर कॉलेज महाराष्ट्र सुरक्षा बल (72%) पर निर्भर हैं, लेकिन प्रशासनिक देरी और निगरानी में विफलता के कारण सुरक्षा की मौजूदगी अनियमित रही है।सर्वे में हॉस्टल सुविधाओं की दयनीय तस्वीर सामने आई है।</p>
<p>लगभग आधे (50%) रेजिडेंट डॉक्टरों को हॉस्टल में रहने की जगह नहीं मिलती है और उन्हें अजीब समय पर लंबी और असुरक्षित दूरी तय करने के लिए मजबूर होना पड़ता है। जो डॉक्टर कैंपस में रहते हैं, वे अस्वच्छ और असुरक्षित स्थितियों की रिपोर्ट करते हैं, जिसमें कीड़े-मकोड़ों का प्रकोप, आवारा जानवर, टूटी-फूटी इमारतें, अविश्वसनीय पानी की आपूर्ति/कमी और बार-बार बिजली कटौती शामिल है। लगभग आधे कॉलेजों (50%) में मेस की सुविधाएं या तो काम नहीं कर रही हैं या अपर्याप्त हैं। इसके अलावा, कई अस्पतालों में पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग हॉस्टल भी नहीं हैं, जिससे महिला रेजिडेंट डॉक्टरों के लिए सुरक्षा संबंधी चिंताएं और बढ़ गई हैं।सर्वे के अनुसार, वित्तीय तनाव ने परेशानी और बढ़ा दी है। सेंट्रल MARD ने पाया कि तीन में से एक मेडिकल कॉलेज समय पर स्टाइपेंड जारी करने में विफल रहा है, जिसमें कई रेजिडेंट डॉक्टरों को महीने की 10 तारीख तक अपना स्टाइपेंड नहीं मिला है।</p>
<p>अक्सर ड्यूटी प्रति सप्ताह 80 घंटे से ज़्यादा होने के कारण, कई रेजिडेंट किराए, भोजन और परिवहन के लिए स्टाइपेंड पर निर्भर रहते हैं। सर्वे के अनुसार, इसके अलावा, इन देरी ने कई रेजिडेंट डॉक्टरों को वित्तीय अस्थिरता, कर्ज या असुरक्षित समझौतों की ओर धकेल दिया है, जिसमें अपर्याप्त यात्रा और आवास शामिल हैं। खराब सुरक्षा, भयानक रहने की स्थिति और वित्तीय कठिनाई के कारण पूरे राज्य में रेजिडेंट डॉक्टरों पर मानसिक रूप से बुरा असर पड़ा है।</p>
<p>केवल 39% रेजिडेंट डॉक्टरों ने काम पर सुरक्षित महसूस करने की बात कही, जबकि लगभग आधे ने कहा कि वे सिर्फ़ आंशिक रूप से सुरक्षित महसूस करते हैं। बड़ी संख्या में (11%) लोगों ने कहा कि वे असुरक्षित महसूस करते हैं और लगातार डर में काम करते हैं, जिससे उनमें क्रोनिक तनाव, चिंता, बर्नआउट और फ़ैसले लेने में दिक्कत होती है।इसके अलावा, बार-बार शिकायतें करने के बावजूद, आधे मेडिकल कॉलेजों ने बताया है कि उनके संबंधित प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की है। सुरक्षा तैनाती, हॉस्टल की मरम्मत, समय पर स्टाइपेंड और बुनियादी अस्पताल के इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे मुद्दों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है और ये महीनों से अनसुलझे हैं। सेंट्रल MARD ने कहा कि यह सिस्टम की विफलता को दिखाता है, न कि संसाधनों की कमी को।<br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 13 Dec 2025 12:02:07 +0530</pubDate>
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