<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.rokthoklekhani.com/tag/1362/rokthok-lekhani" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Rokthok Lekhani News  RSS Feed Generator</generator>
                <title>Rokthok Lekhani - Rokthok Lekhani News </title>
                <link>https://www.rokthoklekhani.com/tag/1362/rss</link>
                <description>Rokthok Lekhani RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>एंटीलिया विस्फोटक मामला: सचिन वाझे, प्रदीप शर्मा समेत 10 आरोपियों पर NIA कोर्ट ने तय किए आरोप, अब शुरू होगा हाई-प्रोफाइल ट्रायल</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई की विशेष NIA अदालत ने एंटीलिया विस्फोटक और मनसुख हिरेन हत्या मामले में सचिन वाझे, प्रदीप शर्मा सहित 10 आरोपियों पर औपचारिक रूप से आरोप तय कर दिए हैं। सभी आरोपियों ने आरोपों से इनकार किया है। अब इस बहुचर्चित मामले में नियमित ट्रायल शुरू होगा, जिसमें अदालत उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अंतिम फैसला सुनाएगी।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51098/antilia-explosives-case-sachin-vaze-nia-court-frames-charges-against"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-08/mukesh-ambani-antilia-case.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई: देश के सबसे चर्चित आपराधिक मामलों में शामिल वर्ष 2021 के एंटीलिया विस्फोटक और मनसुख हिरेन हत्या मामले में विशेष NIA अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए पूर्व मुंबई पुलिस अधिकारी सचिन वाझे, पूर्व एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा और अन्य आठ आरोपियों के खिलाफ औपचारिक रूप से आरोप तय कर दिए हैं। अदालत में आरोप तय होने के बाद अब इस हाई-प्रोफाइल मामले का नियमित ट्रायल शुरू होगा। सभी आरोपियों ने अदालत के समक्ष खुद को निर्दोष बताते हुए आरोपों से इनकार किया है। विशेष NIA न्यायालय ने भारतीय दंड संहिता (IPC), गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA), विस्फोटक पदार्थ अधिनियम तथा अन्य संबंधित धाराओं के तहत आरोप तय किए हैं।</p>
<p><br />यह मामला 25 फरवरी 2021 को उस समय राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में आया था, जब उद्योगपति मुकेश अंबानी के दक्षिण मुंबई स्थित आवास 'एंटीलिया' के बाहर एक स्कॉर्पियो वाहन में जिलेटिन की छड़ें और धमकी भरा पत्र मिला था। इस घटना ने देश की सुरक्षा एजेंसियों और महाराष्ट्र पुलिस को सतर्क कर दिया था। शुरुआती जांच के बाद मामला राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंपा गया। जांच के दौरान वाहन के मालिक ठाणे के व्यवसायी मनसुख हिरेन की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई, जिसके बाद पूरे मामले ने हत्या और आपराधिक साजिश का गंभीर रूप ले लिया।</p>
<p><br />NIA की जांच के अनुसार, आरोपियों ने कथित रूप से सुनियोजित साजिश के तहत विस्फोटकों से भरा वाहन एंटीलिया के बाहर खड़ा किया और बाद में मामले से जुड़े अहम गवाह तथा वाहन मालिक मनसुख हिरेन की हत्या कर सबूत मिटाने का प्रयास किया। जांच एजेंसी का दावा है कि इस पूरे घटनाक्रम में कई लोगों की अलग-अलग भूमिकाएं थीं और सभी के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य जुटाए गए हैं। हालांकि, अदालत में आरोप तय होना किसी भी आरोपी के दोषी होने का अंतिम प्रमाण नहीं माना जाता। दोष या निर्दोषता का फैसला ट्रायल के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर किया जाएगा।</p>
<p><br />इस मामले में विशेष NIA अदालत द्वारा आरोप तय किया जाना न्यायिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण चरण माना जा रहा है। अब अभियोजन पक्ष अपने गवाहों और सबूतों को अदालत के सामने पेश करेगा, जबकि बचाव पक्ष को भी अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर मिलेगा। लंबे समय से चर्चा में रहे इस मामले की सुनवाई पर पूरे देश की नजर बनी हुई है, क्योंकि इसमें मुंबई पुलिस के पूर्व अधिकारियों के साथ-साथ राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े गंभीर आरोप भी शामिल हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/51098/antilia-explosives-case-sachin-vaze-nia-court-frames-charges-against</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/51098/antilia-explosives-case-sachin-vaze-nia-court-frames-charges-against</guid>
                <pubDate>Sun, 02 Aug 2026 14:57:04 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-08/mukesh-ambani-antilia-case.jpg"                         length="24341"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Rokthok Lekhani]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>1993 मुंबई सीरियल ब्लास्ट केस: अबू सलेम ने TADA कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया, ₹16.51 लाख जुर्माने पर मांगी स्पष्टता</title>
                                    <description><![CDATA[<p>1993 मुंबई सीरियल ब्लास्ट मामले में दोषी अबू सलेम ने ₹16.51 लाख के जुर्माने को लेकर स्पष्टता की मांग करते हुए TADA कोर्ट का रुख किया है। अदालत ने इस मामले में CBI से जवाब मांगा है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50715/abu-salem-tada-court-fine-clarity"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-07/untitled-design-36.jpg" alt=""></a><br /><h1><strong style="font-family:'-apple-system', BlinkMacSystemFont, 'Segoe UI', Roboto, 'Helvetica Neue', Arial, 'Noto Sans', sans-serif, 'Apple Color Emoji', 'Segoe UI Emoji', 'Segoe UI Symbol', 'Noto Color Emoji';font-size:14px;">मुंबई:</strong><span style="font-family:'-apple-system', BlinkMacSystemFont, 'Segoe UI', Roboto, 'Helvetica Neue', Arial, 'Noto Sans', sans-serif, 'Apple Color Emoji', 'Segoe UI Emoji', 'Segoe UI Symbol', 'Noto Color Emoji';font-size:14px;"> 1993 मुंबई सीरियल ब्लास्ट मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे गैंगस्टर </span><strong style="font-family:'-apple-system', BlinkMacSystemFont, 'Segoe UI', Roboto, 'Helvetica Neue', Arial, 'Noto Sans', sans-serif, 'Apple Color Emoji', 'Segoe UI Emoji', 'Segoe UI Symbol', 'Noto Color Emoji';font-size:14px;">अबू सलेम</strong><span style="font-family:'-apple-system', BlinkMacSystemFont, 'Segoe UI', Roboto, 'Helvetica Neue', Arial, 'Noto Sans', sans-serif, 'Apple Color Emoji', 'Segoe UI Emoji', 'Segoe UI Symbol', 'Noto Color Emoji';font-size:14px;"> ने एक बार फिर विशेष TADA कोर्ट का रुख किया है। इस बार उसने अदालत से अपने ऊपर लगाए गए </span><strong style="font-family:'-apple-system', BlinkMacSystemFont, 'Segoe UI', Roboto, 'Helvetica Neue', Arial, 'Noto Sans', sans-serif, 'Apple Color Emoji', 'Segoe UI Emoji', 'Segoe UI Symbol', 'Noto Color Emoji';font-size:14px;">₹16.51 लाख के जुर्माने</strong><span style="font-family:'-apple-system', BlinkMacSystemFont, 'Segoe UI', Roboto, 'Helvetica Neue', Arial, 'Noto Sans', sans-serif, 'Apple Color Emoji', 'Segoe UI Emoji', 'Segoe UI Symbol', 'Noto Color Emoji';font-size:14px;"> को लेकर स्पष्टता देने की मांग की है। अदालत ने इस याचिका पर </span><strong style="font-family:'-apple-system', BlinkMacSystemFont, 'Segoe UI', Roboto, 'Helvetica Neue', Arial, 'Noto Sans', sans-serif, 'Apple Color Emoji', 'Segoe UI Emoji', 'Segoe UI Symbol', 'Noto Color Emoji';font-size:14px;">CBI को जवाब दाखिल करने का निर्देश</strong><span style="font-family:'-apple-system', BlinkMacSystemFont, 'Segoe UI', Roboto, 'Helvetica Neue', Arial, 'Noto Sans', sans-serif, 'Apple Color Emoji', 'Segoe UI Emoji', 'Segoe UI Symbol', 'Noto Color Emoji';font-size:14px;"> दिया है।</span></h1>
<p>याचिका में अबू सलेम ने कहा है कि जुर्माने की राशि, उसके भुगतान और उससे जुड़े कानूनी पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट नहीं है। इसी कारण उसने विशेष TADA कोर्ट से निर्देश जारी करने की मांग की है। मामले की अगली सुनवाई में CBI अपना पक्ष रखेगी।</p>
<p>अबू सलेम 1993 मुंबई सीरियल ब्लास्ट मामले में दोषी ठहराया जा चुका है और फिलहाल जेल में सजा काट रहा है। इससे पहले भी वह अपनी रिहाई की तारीख, सजा की अवधि और पैरोल से जुड़े विभिन्न मामलों को लेकर अदालत का दरवाज़ा खटखटा चुका है। हाल के महीनों में उसकी समयपूर्व रिहाई और पैरोल संबंधी कई याचिकाएं अदालतों द्वारा खारिज की जा चुकी हैं।</p>
<p>अब इस नए आवेदन पर सभी की नजरें हैं कि विशेष TADA कोर्ट और CBI इस जुर्माने को लेकर क्या रुख अपनाते हैं। अदालत में CBI के जवाब के बाद मामले की आगे की सुनवाई होगी।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/50715/abu-salem-tada-court-fine-clarity</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/50715/abu-salem-tada-court-fine-clarity</guid>
                <pubDate>Mon, 13 Jul 2026 16:40:08 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-07/untitled-design-36.jpg"                         length="116040"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Rokthok Lekhani]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई: बीएमसी जी-नॉर्थ वार्ड के फेरीवालों को मिला डिजिटल QR Code ID कार्ड, अब सम्मान से कर सकेंगे व्यवसाय</title>
                                    <description><![CDATA[<p dir="ltr">मुंबई के माहिम और धारावी (BMC G-North वार्ड) के पात्र पथविक्रेताओं (फेरीवालों) के लिए एक राहत भरी खबर है। एक लंबी प्रशासनिक प्रक्रिया के बाद, उन्हें डिजिटल QR Code आधारित आधिकारिक पहचान पत्र वितरित किए गए हैं। भाजपा पार्षद शीतल गंभीर और बीएमसी के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में ये कार्ड सौंपे गए, जिससे अब ये फेरीवाले बिना किसी उत्पीड़न के सम्मान और सुरक्षा के साथ अपना व्यवसाय कर सकेंगे।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50499/mumbai-bmc-g-north-ward-hawkers-get-digital-qr-code-id"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-07/img-20260629-wa0019.jpg" alt=""></a><br /><p dir="ltr"><strong>मुंबई: </strong>मुंबई के माहिम और धारावी इलाके में अपनी आजीविका चलाने वाले पथविक्रेताओं (फेरीवालों) के लिए एक बेहद बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। एक लंबी और जटिल प्रशासनिक प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद, सरकार और बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) द्वारा इन पात्र फेरीवालों के लिए विशेष डिजिटल QR Code आधारित आइडेंटिटी कार्ड जारी कर दिए गए हैं। यह कदम स्थानीय फेरीवालों को एक कानूनी, सुरक्षित और आधिकारिक पहचान देने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।</p>
<p dir="ltr">​<strong>जी-नॉर्थ वार्ड कार्यालय में विशेष कार्यक्रम का आयोजन</strong></p>
<p dir="ltr">​इन डिजिटल पहचान पत्रों के आधिकारिक वितरण के लिए बीएमसी के जी-नॉर्थ वार्ड कार्यालय में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस गरिमामयी अवसर पर भाजपा पार्षद शीतल गंभीर (Sheetal Gambhir) और बीएमसी के वरिष्ठ अधिकारी मुख्य रूप से मौजूद रहे। अधिकारियों और पार्षद के हाथों जब फेरीवालों को ये डिजिटल कार्ड सौंपे गए, तो वहां मौजूद सभी दुकानदारों और पथविक्रेताओं में एक अलग ही उत्साह और खुशी देखने को मिली।</p>
<p dir="ltr">​<strong>चेहरे पर दिखी राहत और स्वाभिमान की लहर</strong></p>
<p dir="ltr">​सरकारी नियमों के तहत वैध और आधिकारिक पहचान मिलने के बाद डिजिटल कार्ड हाथों में थामे फेरीवालों के चेहरों पर सुकून, संतुष्टि और स्वाभिमान का भाव साफ नजर आ रहा था। इस कार्ड के मिलने के बाद अब ये सभी मेहनती पथविक्रेते अधिकृत पहचान के साथ, पूरे हक और आत्मविश्वास से अपना व्यवसाय कर सकेंगे।</p>
<p dir="ltr">​<strong>बेवजह की परेशानियों और उत्पीड़न से मिलेगी मुक्ति</strong></p>
<p dir="ltr">​इस डिजिटल कार्ड की सबसे बड़ी खासियत इसमें दिया गया <strong>QR Code</strong> है। इस कोड की बदौलत अब कोई भी अधिकारी या व्यक्ति उनकी प्रामाणिकता और वैधता को आसानी से स्कैन करके देख सकेगा। इससे फेरीवालों को रोजाना धंधा चलाने के दौरान होने वाली बेवजह की दिक्कतों और मानसिक या प्रशासनिक परेशानियों से हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाएगी। इसके साथ ही उनका रोजगार पहले से कहीं अधिक सुरक्षित और सम्मानजनक हो जाएगा।</p>
<p dir="ltr">​प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों का कहना है कि वे हर एक कष्टकरी पथविक्रेते के सम्मान, सुरक्षा और उनकी उपजीविका (Livelihood) के अधिकार को सुरक्षित रखने के लिए हमेशा कटिबद्ध हैं।</p>
<div class="youtubeplayer-responsive-iframe-outer"><iframe class="youtubeplayer-responsive-iframe" title="YouTube video player" src="https://www.youtube.com/embed/8r_3YGMZpcU" width="560" height="315" frameborder="0" allowfullscreen=""></iframe></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/50499/mumbai-bmc-g-north-ward-hawkers-get-digital-qr-code-id</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/50499/mumbai-bmc-g-north-ward-hawkers-get-digital-qr-code-id</guid>
                <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 13:43:56 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-07/img-20260629-wa0019.jpg"                         length="178576"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Rokthok Lekhani]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एथेनॉल आवंटन पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: कर्नाटक हाईकोर्ट के आदेश पर लगाई रोक, यथास्थिति बनाए रखने का दिया निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[<p dir="ltr">सुप्रीम कोर्ट ने एथेनॉल आपूर्ति वर्ष 2025-26 के लिए एथेनॉल आवंटन पर यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया है और कर्नाटक हाईकोर्ट के उस फैसले पर रोक लगा दी है, जिसमें तेल कंपनियों को एक निजी फर्म का कोटा बढ़ाने पर विचार करने को कहा गया था। BPCL की याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने माना कि चालू आपूर्ति अनुबंधों में बदलाव करने से केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण एथेनॉल ब्लेंडिंग (E20) नीति और देश की ऊर्जा सुरक्षा प्रभावित हो सकती है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50485/supreme-courts-big-decision-on-ethanol-allocation-ban-on-karnataka"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-06/q0s38il8_supreme-court-of-india_625x300_26_august_25.jpg" alt=""></a><br /><p dir="ltr"><strong>नई दिल्ली / मुंबई: </strong>सुप्रीम कोर्ट ने देश के एथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम (एथेनॉल सम्मिश्रण कार्यक्रम) को बड़ी राहत देते हुए एथेनॉल आपूर्ति वर्ष (ESY) 2025-26 के लिए आवंटन पर 'यथास्थिति' (Status Quo) बनाए रखने का आदेश दिया है। इसके साथ ही शीर्ष अदालत ने कर्नाटक उच्च न्यायालय के उस निर्देश पर अंतरिम रोक लगा दी है, जिसमें तेल विपणन कंपनियों (OMCs) को एक निजी फर्म के आवंटन पर पुनर्विचार करने के लिए कहा गया था।</p>
<p dir="ltr">​जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस शील नागू की पीठ ने भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) द्वारा कर्नाटक हाईकोर्ट के 16 जून के फैसले को चुनौती देने वाली विशेष अनुमति याचिका (SLP) पर सुनवाई करते हुए यह अंतरिम आदेश पारित किया।</p>
<h3 dir="ltr">​देश की ऊर्जा नीति पर पड़ सकता था असर: अटॉर्नी जनरल</h3>
<p dir="ltr">​सुनवाई के दौरान BPCL की ओर से पेश देश के अटॉर्नी जनरल (AG) आर. वेंकटरमणी ने दलील दी कि कर्नाटक उच्च न्यायालय का निर्देश केंद्र सरकार की एथेनॉल ब्लेंडिंग पॉलिसी को अस्थिर कर सकता है। उन्होंने कहा कि 'वीआईएनपी डिस्टिलरीज एंड शुगर्स प्राइवेट लिमिटेड' (VINP Distilleries) को एथेनॉल कोटा बढ़ाने के आदेश से जारी खरीद प्रक्रिया बाधित हो जाएगी।</p>
<p dir="ltr">​अटॉर्नी जनरल ने स्पष्ट किया कि एथेनॉल आपूर्ति वर्ष 2025-26 के लिए एथेनॉल आपूर्ति अनुबंध पहले ही अक्टूबर 2025 में फाइनल हो चुके थे और वर्तमान में इसकी आपूर्ति सुचारू रूप से जारी है। ऐसी स्थिति में अदालती हस्तक्षेप से पूरी आवंटन प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।</p>
<h3 dir="ltr">​क्या था कर्नाटक हाईकोर्ट का आदेश?</h3>
<p dir="ltr">​दरअसल, कर्नाटक हाईकोर्ट ने 16 जून को अपने फैसले में सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों (BPCL, IOCL और HPCL) को निर्देश दिया था कि वे वीआईएनपी डिस्टिलरीज द्वारा एथेनॉल आवंटन बढ़ाने की मांग वाले आवेदन पर पुनर्विचार करें। कंपनी ने लॉन्ग-टर्म ऑफटेक एग्रीमेंट का हवाला देते हुए अधिक कोटा मांगा था। लेकिन तेल कंपनियों का मानना है कि टेंडर प्रक्रिया पूरी होने और आपूर्ति शुरू होने के बाद आवंटन को फिर से खोलने से देशव्यापी स्तर पर इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।</p>
<h3 dir="ltr">​क्यों जरूरी है ए20 (E20) प्रोग्राम?</h3>
<p dir="ltr">​केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया कि भारत का 'E20 ईंधन कार्यक्रम'—जिसके तहत पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिलाने का लक्ष्य है—एक बेहद महत्वपूर्ण मोड़ पर है। इस नीति का मुख्य उद्देश्य भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना, कच्चे तेल के आयात को कम करना, किसानों की आय बढ़ाना और पर्यावरण में कार्बन उत्सर्जन को कम करना है।</p>
<p dir="ltr">​सुप्रीम कोर्ट ने अब सभी पक्षों को नोटिस जारी कर अगली सुनवाई तक वर्तमान आवंटन प्रक्रिया में किसी भी बदलाव पर रोक लगा दी है।</p>
<h3 dir="ltr">​📌 मुख्य बातें (Quick Highlights):</h3>
<ul>
<li dir="ltr">​<strong>सुप्रीम कोर्ट का आदेश:</strong> एथेनॉल आपूर्ति वर्ष 2025-26 के आवंटन पर यथास्थिति (Status Quo) लागू।</li>
<li dir="ltr">​<strong>हाईकोर्ट के फैसले पर रोक:</strong> कर्नाटक हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगाई गई जिसमें निजी डिस्टिलरी का कोटा बढ़ाने पर विचार करने को कहा गया था।</li>
<li dir="ltr">​<strong>BPCL की दलील:</strong> बीच में आवंटन प्रक्रिया बदलने से सरकार के पूरे एथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम पर असर पड़ता।</li>
<li dir="ltr">​<strong>E20 लक्ष्य सुरक्षित:</strong> कोर्ट के फैसले से पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिलाने के राष्ट्रीय लक्ष्य को सुचारू रूप से चलाने में मदद मिलेगी।</li>
</ul>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/50485/supreme-courts-big-decision-on-ethanol-allocation-ban-on-karnataka</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/50485/supreme-courts-big-decision-on-ethanol-allocation-ban-on-karnataka</guid>
                <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 21:40:05 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-06/q0s38il8_supreme-court-of-india_625x300_26_august_25.jpg"                         length="17132"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Rokthok Lekhani]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        