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                <title>audit - Rokthok Lekhani</title>
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                <description>audit RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुंबई : डीजीसीए ने वीएसआर वेंचर्स की सुरक्षा जांच की</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने 28 जनवरी को बारामती में हुए लीयरजेट 45 (वीटी-एसएसके) विमान दुर्घटना के बाद मेसर्स वीएसआर वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड का विशेष सुरक्षा ऑडिट करने का आदेश दिया है, जिसमें 66 वर्षीय अजीत पवार सहित पांच लोगों की जान चली गई थी। पवार की मृत्यु 28 जनवरी की सुबह उस समय हुई जब पुणे जिले के बारामती हवाई अड्डे पर उतरने की कोशिश के दौरान उनका लीयरजेट 45 विमान (वीटी-एसएसके) दुर्घटनाग्रस्त हो गया।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/47992/mumbai-dgca-conducts-security-audit-of-vsr-ventures"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-02/download---2026-02-25t125642.559.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने 28 जनवरी को बारामती में हुए लीयरजेट 45 (वीटी-एसएसके) विमान दुर्घटना के बाद मेसर्स वीएसआर वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड का विशेष सुरक्षा ऑडिट करने का आदेश दिया है, जिसमें 66 वर्षीय अजीत पवार सहित पांच लोगों की जान चली गई थी। पवार की मृत्यु 28 जनवरी की सुबह उस समय हुई जब पुणे जिले के बारामती हवाई अड्डे पर उतरने की कोशिश के दौरान उनका लीयरजेट 45 विमान (वीटी-एसएसके) दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान रनवे के किनारे पर आकर गिरा, जिससे उसमें सवार सभी पांच लोगों की मौत हो गई। मृतकों में पवार, उनके निजी सुरक्षा अधिकारी, एक फ्लाइट अटेंडेंट और दो पायलट शामिल थे। वे जिला पंचायत चुनावों के लिए प्रचार करने मुंबई से बारामती जा रहे थे।</p>
<p> </p>
<p>"28.01.2026 को बारामती में मेसर्स वीएसआर वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड के लीयरजेट 45 विमान (वीटी-एसएसके) की दुर्घटना के बाद, नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने संगठन का विशेष सुरक्षा ऑडिट करने का आदेश दिया," एक आधिकारिक बयान में कहा गया है। डीजीसीए ने एक बहु-विषयक लेखापरीक्षा दल का गठन किया जिसने संगठन में विमान की उड़ान योग्यता, हवाई सुरक्षा और उड़ान संचालन के क्षेत्र में अनुमोदित प्रक्रियाओं के कई गैर-अनुपालनों का अवलोकन किया।</p>
<p>"देखी गई अनियमितताओं और रखरखाव प्रक्रियाओं में खामियों को ध्यान में रखते हुए, यह निर्णय लिया गया है कि पंजीकरण संख्या वीटी-वीआरए, वीटी-वीआरएस, वीटी-वीआरवी और वीटी-टीआरआई वाले लियरजेट 40/45 विमानों को तत्काल ग्राउंडेड करके सुधारात्मक उपाय शुरू किए जाएं, जब तक कि निरंतर उड़ान योग्यता मानकों को बहाल नहीं कर दिया जाता," डीजीसीए ने अपने आदेश में कहा। बयान में आगे कहा गया है कि उपर्युक्त क्षेत्रों में अनुपालन न करने के मूल कारणों का विश्लेषण प्रस्तुत करने के लिए मेसर्स वीएसआर वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड को कमियों की रिपोर्टिंग के लिए फॉर्म जारी किए गए हैं,</p>
<p>ताकि डीजीसीए द्वारा आगे मूल्यांकन किया जा सके। इस बीच, केंद्रीय नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने कहा कि महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की जान लेने वाले विमान हादसे की प्रारंभिक रिपोर्ट 28 फरवरी से पहले जारी कर दी जाएगी। उन्होंने दोहराया कि जांच निर्धारित मानदंडों के अनुसार की जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 25 Feb 2026 12:57:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई मनपा के ३० प्रसूति गृहों की ऑडिट पूरी करने के लिए 4 महीने का अतिरिक्त समय...</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">मुंबई हाई कोर्ट ने २९ जनवरी, २०२५ को बीएमसी संचालित ३० प्रसूति गृहों की सामाजिक ऑडिट के लिए आठ सदस्यीय समिति का गठन किया था। यह निर्णय भांडुप स्थित सुषमा स्वराज मैटरनिटी होम में एक गर्भवती महिला और उसके नवजात की मृत्यु के बाद लिया गया, जहां कथित तौर पर बिजली गुल होने के कारण मोबाइल फोन की रोशनी में सर्जरी की गई थी। अदालत ने समिति को आठ सप्ताह में रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/39330/mumbai-municipal-corporation-has-been-given-4-months--extra-time-to-complete-the-audit-of-30-maternity-homes"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-03/download1.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई : </strong>मुंबई हाई कोर्ट द्वारा गठित समिति को मुंबई मनपा के ३० प्रसूति गृहों की सामाजिक ऑडिट पूरी करने के लिए चार महीने का अतिरिक्त समय दिया गया है। यह ऑडिट अस्पतालों की आधारभूत संरचना, सेवाओं की गुणवत्ता और अन्य कमियों की जांच के लिए किया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">मुंबई हाई कोर्ट ने २९ जनवरी, २०२५ को बीएमसी संचालित ३० प्रसूति गृहों की सामाजिक ऑडिट के लिए आठ सदस्यीय समिति का गठन किया था। यह निर्णय भांडुप स्थित सुषमा स्वराज मैटरनिटी होम में एक गर्भवती महिला और उसके नवजात की मृत्यु के बाद लिया गया, जहां कथित तौर पर बिजली गुल होने के कारण मोबाइल फोन की रोशनी में सर्जरी की गई थी। अदालत ने समिति को आठ सप्ताह में रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था।</p>
<p style="text-align:justify;">जस्टिस रेवती मोहिते-डेरे और नीला गोकले की खंडपीठ ने समिति को सामाजिक ऑडिट करने का निर्देश दिया। समिति ने अपने अंतरिम रिपोर्ट में बताया कि यह ऑडिट सिर्फ आधारभूत संरचना की जांच तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें मरीजों और अन्य संबंधित पक्षों से परामर्श भी किया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">अब २८ मार्च को समिति द्वारा अब तक की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। अप्रैल तक निरीक्षण पूरा करेगी, मई-जून में सामुदायिक बैठकें होंगी और जुलाई में अंतिम रिपोर्ट सौंपी जाएगी। समिति ने दो इंजीनियर और दो सेवानिवृत्त नर्सों को टीम में जोड़ने की सिफारिश की है, ताकि अस्पतालों की वास्तविक स्थिति बेहतर तरीके से समझी जा सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 28 Mar 2025 11:22:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई शहर में 13,000 पुरानी इमारतों की ऑडिट</title>
                                    <description><![CDATA[<p>अगले दो वर्षों के दौरान मुंबई में रियल एस्टेट क्षेत्र में मांग में लगातार सुधार दिखता रहेगा। यह कहना है कि देश की आर्थिक राजधानी के रियल एस्टेट बाजार पर नजर रखने वाले विशेषज्ञों का। रियल एस्टेट क्षेत्र के इन दिग्गजों के अनुसार मुंबई शहर में लगभग 13,000 पुरानी इमारतों की जांच (ऑडिट) होने वाली है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उनकी मरम्मत या पुनर्विकास की जरूरत है या नहीं। </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/38602/audit-of-13-000-old-buildings-in-mumbai-city"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-03/where-to-own-a-flat-in-mumbai-in-rs-35000-emi_0_1200.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>अगले दो वर्षों के दौरान मुंबई में रियल एस्टेट क्षेत्र में मांग में लगातार सुधार दिखता रहेगा। यह कहना है कि देश की आर्थिक राजधानी के रियल एस्टेट बाजार पर नजर रखने वाले विशेषज्ञों का। रियल एस्टेट क्षेत्र के इन दिग्गजों के अनुसार मुंबई शहर में लगभग 13,000 पुरानी इमारतों की जांच (ऑडिट) होने वाली है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उनकी मरम्मत या पुनर्विकास की जरूरत है या नहीं। </p>
<p>राज्य सरकार नियंत्रित महाराष्ट्र आवास एवं क्षेत्र विकास प्राधिकरण (म्हाडा) ने इमारतों की जांच के लिए संरचनात्मक सलाहकार नियुक्त किए हैं। ऐसी इमारतों को स्थानीय सेस इमारत कहा जाता है। सेस इमारत ऐसी इमारतें होती हैं जिन पर कर या मरम्मत राशि का भुगतान करना पड़ता है। म्हाडा ने अपने इंजीनियरों को उन इमारतों के लिए नोटिस जारी करने के लिए कहा है जो मुंबई भवन मरम्मत एवं पुनर्निर्माण बोर्ड के अधिकार क्षेत्र में आती हैं। म्हाडा ने अपने नोटिस में कहा, ‘ऑडिट से मुंबई की पुरानी एवं जर्जर इमारतों की देख-रेख की प्रक्रिया मजबूत हो जाएगी और समय रहते इनका विकास हो जाएगा। इसके साथ ही इनमें रहने वाले लोगों का रहन-सहन भी सुधर जाएगा।‘ सेस इमारतों का निर्माण मुंबई में सितंबर 1969 से पहले हुआ था। म्हाडा इन इमारतों के लिए मरम्मत उपकर वसूलता है। </p>
<p>म्हाडा ने 171 ऐसी इमारतों का ऑडिट किया है जिनमें 32 की रिपोर्ट इसे मिल चुकी है। वैस्कॉन इंजीनियर्स के प्रबंध निदेशक वासुदेवन मूर्ति ने कहा, ‘ये पुरानी इमारतों में रियल एस्सेट कारोबारियों के लिए काफी संभावनाएं मौजूद हैं। इन अवसरों का भरपूर लाभ उठाने के लिए डेवलपरों को ऑडिट रिपोर्ट पर नजर रखनी चाहिए, संबंधित पक्षों के साथ बात करनी चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि परियोजनाएं नियम-कानून एवं समुदाय की जरूरतों के अनुरूप रहें।‘ <br />मुंबई में रियल एस्सेट पुनर्विकास बाजार का 30,000 करोड़ रुपये से अधिक है और वृहद मुंबई नगर निगम के अनुसार अगले 30 वर्षों के दौरान इन पुरानी इमारतों का पुनर्विकास पूरा हो सकता है। <br />जमीन के बदले घर<br />धारावी और मध्य मुंबई में अंग्रेजों के जमाने के बीडीडी चॉल नए सिरे से बनाए जा रहे हैं और शहर के दूसरे हिस्सों में भी ऐसी झुग्गियों एवं चॉल के पुनर्विकास से जुड़ी संभावनाओं का आकलन किया जा रहा है। धारावी और बीडीडी में खाली बचने वाली जमीन पर बहु-मंजिला इमारतें बनाई जाएंगी, जो फ्री सेल के लिए उपलब्ध होगा। फ्री सेल के तहत पुनर्विकास की गई जायदाद का एक हिस्सा बिल्डरों को बाजार में मौजूदा दरों पर बेचने की इजाजत दी जाती है। रियल एस्टेट सलाहकार कंपनी एनारॉक ग्रुप के चेयरमैन अनुज पुरी कहते हैं, ‘राज्य सरकार ने हाल में इस (म्हाडा) योजना की घोषणा की है। हालांकि, इन जायदाद को बाजार में आते-आते कुछ वर्ष तो लग ही जाएंगे।’ </p>
<p>मुंबई में खाली जमीन की बहुत किल्लत है इसलिए विभिन्न पुनर्विकास परियोजनाओं से रियल एस्टेट खंड में मांग पर कोई खास असर नहीं होगा। सैविल्स इंडिया में प्रबंध निदेशक (आवासीय कारोबार) श्वेता जैन कहती हैं, ‘मुंबई में आवासीय जायदाद की मांग काफी अधिक है, खासकर कुछ क्षेत्रों में इसमें काफी तेजी दिख रही है। इसे देखते हुए मकानों की अत्यधिक आपूर्त जैसी नौबत शायद ही आएगी। दक्षिण मुंबई और बांद्रा जैसे महंगे इलाकों में मांग काफी मजबूत है जिससे नए मकान आते ही बिकने लगेंगे।‘ </p>
<p>भारत में मुंबई सबसे बड़ा जायदाद बाजार है जहां वर्ष 2024 में 96,187 मकानों की बिक्री हुई थी। नाइट फ्रैंक के अनुसार इसमें सालाना आधार पर 11 प्रतिशत की तेजी दर्ज हुई। स्क्वायर यार्ड्स में सह-संस्थापक एवं मुख्य कारोबार अधिकारी (कैपिटल मार्केट ऐंड सर्विसेस) आनंद मूर्ति ने कहा कि तैयार मकानों के खाली रहने की दर 5 प्रतिशत से भी कम है इसलिए आवासीय खंड में अत्यधिक आपूर्ति की स्थिति नहीं आएगी। <br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 03 Mar 2025 10:18:13 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>  मुंबई : कॉर्पोरेट कंपनियों के लिए साइबर ऑडिट करवाना अनिवार्य होगा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र साइबर सेल अब साइबर सिक्योरिटी कॉर्पोरेशन बन जायेगा. सूत्रों ने बताया कि इसके बन जाने के बाद महाराष्ट्र की सभी कॉर्पोरेट कंपनियों को कहा जायेगा कि साल में एक बार साइबर ऑडिट कराएं. ऑडिट का जिम्मा साइबर सिक्योरिटी कॉर्पोरेशन को सौंपा जाएगा. कॉर्पोरेट कंपनियों के लिए साइबर ऑडिट करवाना अनिवार्य होगा. नियम का उल्लंघन करने पर सख्त जुर्माने का प्रावधान रखा गया है. साइबर ऑडिट नहीं करवाने वाली कॉर्पोरेट कंपनियों पर 25 हजार रुपये एक दिन का फाइन लगाया जाएगा. </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/38385/it-will-be-mandatory-for-mumbai-corporate-companies-to-get"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-02/images---2025-02-22t130821.748.jpg" alt=""></a><br /><div>
<div><strong>मुंबई :</strong>महाराष्ट्र साइबर सेल अब साइबर सिक्योरिटी कॉर्पोरेशन बन जायेगा. सूत्रों ने बताया कि इसके बन जाने के बाद महाराष्ट्र की सभी कॉर्पोरेट कंपनियों को कहा जायेगा कि साल में एक बार साइबर ऑडिट कराएं. ऑडिट का जिम्मा साइबर सिक्योरिटी कॉर्पोरेशन को सौंपा जाएगा. कॉर्पोरेट कंपनियों के लिए साइबर ऑडिट करवाना अनिवार्य होगा. नियम का उल्लंघन करने पर सख्त जुर्माने का प्रावधान रखा गया है. साइबर ऑडिट नहीं करवाने वाली कॉर्पोरेट कंपनियों पर 25 हजार रुपये एक दिन का फाइन लगाया जाएगा. </div>
<div> </div>
<div>सूत्रों ने बताया कि साइबर सिक्योरिटी कॉर्पोरेशन कई कंपनियों को इम्पेनल करेगा. किसी भी कॉरपोरेट कंपनी को साइबर ऑडिट करवाना होगा तो उसे महाराष्ट्र सिक्योरिटी कॉर्पोरेशन या फिर उसके द्वारा इम्पेनल की गई कंपनी से संपर्क करना होगा. अहम फैसले के पीछे वजह है कि कई कंपनियों पर साइबर अटैक से डेटा में सेंधमारी की घटना हो चुकी है. </div>
<div> </div>
<div><strong>साइबर सेल बनेगा साइबर सिक्योरिटी कॉर्पोरेशन </strong></div>
<div>साइबर सिक्योरिटी कॉरपोरेशन डेटा चोरी की रोकथाम के लिए सॉफ्टवेयर इंस्टाल करेगी. सॉफ्टवेयर इंस्टाल करते समय ध्यान रखा जाएगा कॉर्पोरेट कंपनी को दोबारा साइबर अटैक का सामना नहीं करना पड़े. महाराष्ट्र साइबर विभाग के चीफ यशस्वी यादव ने बताया कि नया प्रोजेक्ट प्रदेश में लॉन्च करने के बाद हम दूसरे राज्य में भी जाएंगे. </div>
<div> </div>
<div><strong>नए प्रोजेक्ट के जरिए क्या है सरकार का उद्देश्य?  </strong></div>
<div>दूसरे राज्यों की पुलिस को प्रोजेक्ट की पूरी जानकारी देंगे. उन्होंने बताया कि प्रोजेक्ट का मकसद राज्य और देश में कॉरपोरेशन के डेटा को सुरक्षित करना और साइबर अटैक से बचाने का है. साइबर सिक्योरिटी कॉरपोरेशन सेवा के बदले कॉरपोरेट कंपनियों से फीस वसूलेगा. यानी अब महाराष्ट्र साइबर सेल कुछ दिनों में साइबर सिक्योरिटी कॉरपोरेशन बनकर पैसे कमाने का काम करेगा. </div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 22 Feb 2025 13:09:00 +0530</pubDate>
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