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                <title>master - Rokthok Lekhani</title>
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                            <item>
                <title>नई दिल्ली : '100% इथेनॉल से चलेंगी गाड़ियां': गडकरी ने बनाया बड़ा मास्टर प्लान, कहा- ऊर्जा के लिए अब स्वदेशी राह ही विकल्प</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने भारत को 100% इथेनॉल मिश्रण की दिशा में बढ़ने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया संकट और 22 लाख करोड़ के भारी तेल आयात बिल को देखते हुए आत्मनिर्भरता जरूरी है। आइए, विस्तार से समझते हैं क्या है गडकरी का मास्टर प्लान।<br />भारत को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एक बड़ा लक्ष्य रखा है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49373/new-delhi-100-vehicles-will-run-on-ethanol-gadkari-made"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/okci9vp4_nitin-gadkari_640x480_25_august_23.webp" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली : </strong>सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने भारत को 100% इथेनॉल मिश्रण की दिशा में बढ़ने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया संकट और 22 लाख करोड़ के भारी तेल आयात बिल को देखते हुए आत्मनिर्भरता जरूरी है। आइए, विस्तार से समझते हैं क्या है गडकरी का मास्टर प्लान।<br />भारत को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एक बड़ा लक्ष्य रखा है। नई दिल्ली में आयोजित 'ग्रीन ट्रांसपोर्ट कॉन्क्लेव' को संबोधित करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में भारत को 100 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रण का लक्ष्य हासिल करना चाहिए। गडकरी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया के संकट के कारण तेल निर्यात में अनिश्चितता बनी हुई है।  </p>
<p> </p>
<p><strong>इथेनॉल मिश्रण पर गडकरी का नया लक्ष्य क्या है?</strong><br />नितिन गडकरी ने मंगलवार को कहा कि भारत को आने वाले समय में 100 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रण प्राप्त करने की आकांक्षा रखनी चाहिए। उन्होंने बताया कि पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध की वजह से आज हम ऊर्जा संकट का सामना कर रहे हैं, इसलिए ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर होना बेहद जरूरी है।  उन्होंने आगे कहा कि वर्तमान में भारत अपनी तेल की जरूरतों का 87 प्रतिशत हिस्सा आयात करता है। इस पर लगभग 22 लाख करोड़ रुपये खर्च होते हैं। गडकरी के अनुसार, यह न केवल आर्थिक बोझ है बल्कि प्रदूषण का भी बड़ा कारण है। ब्राजील जैसे देशों का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि वहां 100 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रण का सफल प्रयोग हो रहा है और भारत को भी उसी दिशा में बढ़ना चाहिए।</p>
<p><strong>ऊर्जा संकट और प्रदूषण से निपटने की योजना क्या?</strong><br />गडकरी ने वैकल्पिक ईंधन और जैव-ईंधन के उत्पादन को बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि 22 लाख करोड़ रुपये के जीवाश्म ईंधन के आयात को कम करने के लिए हमें सर्कुलर इकोनॉमी पर ध्यान देना होगा। इससे न केवल प्रदूषण कम होगा बल्कि देश में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि सरकार लोगों को पेट्रोल और डीजल गाड़ियां खरीदने से जबरन नहीं रोक सकती, लेकिन वैकल्पिक ईंधन को इतना सक्षम बनाया जाएगा कि लोग खुद उसकी ओर आकर्षित हों। उन्होंने ऑटोमोबाइल कंपनियों को सलाह दी कि वे केवल लागत पर नहीं बल्कि गुणवत्ता पर ध्यान दें ताकि वे नए बाजारों तक पहुंच सकें।</p>
<p><strong>क्या इथेनॉल के खिलाफ कोई साजिश हो रही है?</strong><br />सोशल मीडिया पर ई20 यानी 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रण को लेकर बढ़ रही चिंताओं पर गडकरी ने बड़ा खुलासा किया। उन्होंने कहा कि पेट्रोलियम क्षेत्र से जुड़े कुछ लोग इस कदम के खिलाफ लॉबिंग कर रहे हैं और नकारात्मकता फैला रहे हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इथेनॉल का बढ़ता उपयोग देश के भविष्य के लिए सही है। गडकरी ने यह भी बताया कि अगले साल एक अप्रैल से लागू होने वाले कॉर्पोरेट एवरेज फ्यूल एफिशिएंसी III मानकों का इलेक्ट्रिक और फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों पर बहुत कम प्रभाव पड़ेगा, जो इन वाहनों के भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत है।</p>
<p><strong>भविष्य का ईंधन ग्रीन हाइड्रोजन कैसा होगा?</strong><br />नितिन गडकरी ने ग्रीन हाइड्रोजन को भविष्य का असली ईंधन बताया। उन्होंने कहा कि हमें भारत को ऊर्जा का निर्यातक बनाने के लिए एक डॉलर में एक किलोग्राम हाइड्रोजन पैदा करने का लक्ष्य रखना होगा। वर्तमान में हाइड्रोजन का परिवहन एक बड़ी समस्या है और हाइड्रोजन फ्यूल स्टेशनों को आर्थिक रूप से व्यवहार्य बनाने के लिए उनकी लागत कम करने की आवश्यकता है। उन्होंने कचरे से हाइड्रोजन बनाने की तकनीक पर काम करने की सलाह दी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Apr 2026 19:07:33 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>ठाणे : 16 साल की कानूनी लड़ाई के बाद अदालत ने पूर्व स्टेशन मास्टर को किया रिहा</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong> </strong>महाराष्ट्र के ठाणे जिले में एक विशेष सीबीआई अदालत ने रिश्वत मामले में पूर्व स्टेशन मास्टर को निर्दोष माना है। पूर्व स्टेशन मास्टर ने इसके लिए 16 साल कानूनी लड़ाई लड़ी। अब जाकर उन्हें अदालत से न्याय मिला है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/41406/thane--after-16-years-of-legal-battle--court-releases-former-station-master"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-06/download---2025-06-11t124219.5791.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>ठाणे : </strong>महाराष्ट्र के ठाणे जिले में एक विशेष सीबीआई अदालत ने रिश्वत मामले में पूर्व स्टेशन मास्टर को निर्दोष माना है। पूर्व स्टेशन मास्टर ने इसके लिए 16 साल कानूनी लड़ाई लड़ी। अब जाकर उन्हें अदालत से न्याय मिला है। अदालत ने शिकायतकर्ता की गवाही और पेश किए गए सबूतों में अंतर पाया, जिसके बाद पूर्व अधिकारी को रिहा करने का आदेश दिया।  </p>
<p> </p>
<p><strong>क्या था मामला</strong><br />अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत एस शिंदे ने 9 जून को दिए अपने फैसले में पूर्व स्टेशन मास्टर को रिहा करने का आदेश दिया। जिसकी कॉपी रविवार को मिली। फैसले में जस्टिस शिंदे ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपों को साबित करने में विफल रहा। साल 2009 में एक फल विक्रेता ने पूर्व स्टेशन मास्टर रामकरण पंचूराम मीणा पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया था। अभियोजन पक्ष ने आरोप लगाया कि स्टेशन मास्टर ने फल विक्रेता सोनू राशिद रेन से 13 जून 2009 को दीवा रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों और स्टेशन परिसर में फल बेचने देने के लिए हर महीना 1000 रुपये और पूर्व के महीनों के लिए अतिरिक्त 5000 रुपये की रिश्वत मांगी थी।  </p>
<p>सीबीआई ने कथित तौर पर मीणा को 2500 रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा भी था। फल विक्रेता की शिकायत पर मीणा के खिलाफ भ्रष्टाचार रोधी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया। अभियोजन पक्ष का मामला शिकायतकर्ता की गवाही और अन्य गवाहों पर आधारित था। जिसमें एक इलेक्ट्रॉनिक सबूत, वॉइस रिकॉर्डिंग भी शामिल थी। अदालत ने माना कि शिकायतकर्ता की गवाही और अन्य सबूतों में अंतर था और अदालत ने वॉइस रिकॉर्डिंग के सबूत को विश्वसनीय नहीं माना। जज ने शिकायतकर्ता की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाए। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 17 Jun 2025 13:47:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> मुंबई : सीबीआई ने मुलुंड रेलवे स्टेशन के स्टेशन मास्टर को 9,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों किया गिरफ्तार </title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुलुंड रेलवे स्टेशन के स्टेशन मास्टर को 9,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए सीबीआई ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया है. आरोपी पर रेलवे स्टेशन की पार्किंग ठेकेदार से हर महीने घूस मांगने और उसे परेशान करने का आरोप है. केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने स्टेशन मास्टर के खिलाफ मामला दर्ज किया और ट्रैप बिछाकर उसे रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया. यह कार्रवाई 11 मार्च 2025 को की गई. </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/38902/mumbai--cbi-arrests-mulund-railway-station-station-master-red-handed-while-accepting-bribe-of-rs-9-000"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-03/download-(5).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई :</strong> मुलुंड रेलवे स्टेशन के स्टेशन मास्टर को 9,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए सीबीआई ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया है. आरोपी पर रेलवे स्टेशन की पार्किंग ठेकेदार से हर महीने घूस मांगने और उसे परेशान करने का आरोप है. केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने स्टेशन मास्टर के खिलाफ मामला दर्ज किया और ट्रैप बिछाकर उसे रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया. यह कार्रवाई 11 मार्च 2025 को की गई. </p>
<p><strong>क्या है पूरा मामला? </strong><br />शिकायतकर्ता एक निजी कंपनी की तरफ से मुलुंड रेलवे स्टेशन पर पार्किंग का काम संभाल रहा था. आरोप है कि फरवरी 2025 में स्टेशन मास्टर उसके पास आया और हर महीने 10,000 रुपये की रिश्वत मांगने लगा. उसने कहा कि अगर उसे हर महीने घूस दी जाए तो वह शिकायतों को नजरअंदाज करेगा और पार्किंग का काम सुचारू रूप से चलने देगा. </p>
<p><strong>रिश्वत न देने पर ठेकेदार को परेशान किया </strong><br />शिकायतकर्ता ने जब रिश्वत देने से मना कर दिया तो स्टेशन मास्टर ने दो बार उस पर जुर्माना लगाया और उसे परेशान किया. इसके बाद बातचीत के बाद रिश्वत की रकम 9,000 रुपये प्रति माह तय हुई.  CBI को जब इस मामले की जानकारी मिली, तो उसने आरोपी को पकड़ने के लिए जाल बिछाया. स्टेशन मास्टर ने पैसे सीधे न लेकर स्टेशन के ही एक सफाईकर्मी (स्वीपर) के जरिए रिश्वत ली. जैसे ही उसने पैसे लिए, CBI ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया. <br />जांच जारी और भी खुलासे हो सकते हैं  CBI ने कहा कि इस मामले की जांच अभी जारी है और संभावना है कि आरोपी के खिलाफ और भी सबूत सामने आ सकते हैं. रेलवे में भ्रष्टाचार के खिलाफ CBI की यह बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है.</p>
<p>  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 14 Mar 2025 15:14:00 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>भारतीय छात्र की US में मास्टर्स डिग्री पूरी होने में बचे थे 10 दिन... तभी ड्यूटी के दौरान गोली लगने से हुई मौत</title>
                                    <description><![CDATA[यलमंचिली ने कहा कि वह कुछ हफ्तों में ही इस काम को छोड़ने वाला था, जहां उसके साथ यह हादसा हुआ। वीरा अपने परिवार का पहला ऐसा सदस्य था, जो पढ़ने के लिए अमेरिका आया था और अपने परिवार के लिए कुछ बेहतर करना चाहता था, क्योंकि उसके पिता की दो साल पहले मृत्यु हो गई थी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/20109/indian-student-had-10-days-left-to-complete-his-master-s-degree-in-us--then-died-due-to-bullet-injury-while-on-duty"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2023-04/download-(5)13.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>अमरावती : </strong>संयुक्त राष्ट्र अमेरिका में पढ़ाई पूरी करने गए एक 24 वर्षीय युवक ने गोलीबारी में अपनी जान गंवा दी। दरअसल, यह भारतीय युवक आंध्र प्रदेश का रहने वाला था और यूएस में अपनी मास्टर डिग्री की पढ़ाई पूरी कर रहा था।</p>
<p style="text-align:justify;">अमेरिकी राज्य ओहियो में पुलिस के अनुसार, जिस गैस स्टेशन पर यह काम करता था, वहां पर गोलीबारी हुई, जिस दौरान घायल होकर उसकी मौत हो गई। पुलिस की ओर से एक अधिसूचना जारी करते हुए बताया गया, "20 अप्रैल, 2023 को दोपहर 12:50 पर कोलंबस पुलिस अधिकारियों को डब्ल्यू. ब्रॉड सेंट के 1000 ब्लॉक में एक कथित गोलीबारी की खबर मिली।</p>
<p style="text-align:justify;">घटनास्थल पहुंचने पर अधिकारियों को पता लगा कि इस घटना में एक युवक पीड़ित हो गया है, जिसकी पहचान साईश वीरा, M/O/24, को गोली लग गई है और वह घायल अवस्था में पड़ा है।" मृतक की पहचान साईश वीरा के रूप में हुई है और यह घटना गुरुवार को राज्य के कोलंबस डिवीजन में हुई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वीरा आंध्र प्रदेश का रहने वाला था।</p>
<p style="text-align:justify;">घटना के बाद, कोलंबस अग्निशमन सेवा के कर्मचारी घटनास्थल पर पहुंचे और पीड़ित को स्थानीय अस्पताल पहुंचाया। उन्होंने बताया कि पीड़ित को इलाज के दौरान पूरी तरह से निगरानी में रखा गया था, लेकिन फिर भी रात 1.27 पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने कहा कि घटना की जांच की जा रही है और परिजनों को सूचित कर दिया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">वीरा के शव को भारत वापस भेजने के लिए एक ऑनलाइन फंड इकट्ठा करने वाले रोहित यालमंचिली के अनुसार, मृतक युवक अपना मास्टर कोर्स कर रहा था और उसे H1B वीजा के तहत चुना गया था। इसके ग्रेजुएशन होने में सिर्फ 10 दिन बचे हुए थे।</p>
<p style="text-align:justify;">यलमंचिली ने कहा कि वह कुछ हफ्तों में ही इस काम को छोड़ने वाला था, जहां उसके साथ यह हादसा हुआ। वीरा अपने परिवार का पहला ऐसा सदस्य था, जो पढ़ने के लिए अमेरिका आया था और अपने परिवार के लिए कुछ बेहतर करना चाहता था, क्योंकि उसके पिता की दो साल पहले मृत्यु हो गई थी।</p>
<p style="text-align:justify;">यलमंचिली ने बताया कि वीरा हमेशा सभी परिस्थितियों में लोगों की मदद करने के लिए तैयार रहते थे और क्रिकेट का काफी बेहतर खिलाड़ी था। कोलंबस क्षेत्र में क्रिकेट खेलने वाला हर व्यक्ति उन्हें जानते थे, क्योंकि लगभग सभी से उसकी काफी दोस्ती थी। इसके साथ ही, यालमंचिली ने कहा, "मुझे उम्मीद है कि भगवान साईश, उसकी मां, परिवार और दोस्तों को शांति प्रदान करें।"</p>]]></content:encoded>
                
                

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/20109/indian-student-had-10-days-left-to-complete-his-master-s-degree-in-us--then-died-due-to-bullet-injury-while-on-duty</link>
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                <pubDate>Fri, 21 Apr 2023 16:09:01 +0530</pubDate>
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