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                <title>line - Rokthok Lekhani News </title>
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                            <item>
                <title>मुंबई : अहमदाबाद–दिल्ली रेलवे लाइन के समानांतर बन रहा है बुलेट ट्रेन का 480 मीटर लंबा ब्रिज</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के तहत अहमदाबाद के साबरमती नदी पर 36 मीटर ऊंचा लगभग 118 फीट (12 मंजिला इमारत जितना) ब्रिज का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। खास बात तो यह है कि यह 480 मीटर लंबा पुल पश्चिम रेलवे की अहमदाबाद–दिल्ली मुख्य लाइन के समानांतर बनाया जा रहा है। रणनीतिक रूप से साबरमती और अहमदाबाद बुलेट ट्रेन स्टेशनों के बीच स्थित यह पुल साबरमती बुलेट ट्रेन स्टेशन से लगभग 1 किलोमीटर और अहमदाबाद बुलेट ट्रेन स्टेशन से लगभग 4 किलोमीटर की दूरी पर है। </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49534/480-meter-long-bridge-of-bullet-train-is-being-built"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-28t112533.066.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के तहत अहमदाबाद के साबरमती नदी पर 36 मीटर ऊंचा लगभग 118 फीट (12 मंजिला इमारत जितना) ब्रिज का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। खास बात तो यह है कि यह 480 मीटर लंबा पुल पश्चिम रेलवे की अहमदाबाद–दिल्ली मुख्य लाइन के समानांतर बनाया जा रहा है। रणनीतिक रूप से साबरमती और अहमदाबाद बुलेट ट्रेन स्टेशनों के बीच स्थित यह पुल साबरमती बुलेट ट्रेन स्टेशन से लगभग 1 किलोमीटर और अहमदाबाद बुलेट ट्रेन स्टेशन से लगभग 4 किलोमीटर की दूरी पर है। </p>
<p> </p>
<p><strong>सभी 8 पिलर का काम पूरा</strong><br />पुल के सभी आठ पियर्स (पिलर) पूरे हो चुके हैं। जिनका व्यास 6 से 6.5 मीटर है। इनमें से चार नदी तल में दो नदी के किनारों पर (एक-एक प्रत्येक ओर) और दो नदी तट के बाहर स्थित हैं। पिलर की ऊंचाई 31 से 34 मीटर के बीच है। नदी के जल प्रवाह में न्यूनतम बाधा सुनिश्चित करने के लिए पिलर का रणनीतिक रूप से इस्तेमाल किया गया है। </p>
<p><strong>बैलेंस्ड कैंटिलीवर तकनीक का किया गया इस्तेमाल</strong><br />यह पुल 76 मीटर के 5 स्पैन और 50 मीटर के 2 स्पैन से मिलकर बना है, जिसमें प्रत्येक स्पैन का निर्माण 23 सेगमेंट्स द्वारा साइट पर ही (इन-सिटू) किया जा रहा है। इसका निर्माण बैलेंस्ड कैंटिलीवर तकनीक से किया जा रहा है, जो गहरे जल एवं नदियों पर लंबे स्पैन वाले पुलों के लिए एक विशेष तकनीक है। इस विधि में पुल के नीचे सहारा (स्कैफोल्डिंग) लगाए बिना, प्रत्येक पियर से दोनों ओर संतुलन बनाते हुए सेगमेंट्स को क्रमिक रूप से जोड़कर (पोस्ट-टेंशनिंग के माध्यम से) स्पैन तैयार किया जाता है। इससे एक निरंतर और स्थिर ब्रिज डेक का निर्माण होता है।</p>
<p><strong>नदी के प्रवाह के साथ नहीं किया गया कोई छेड़छाड़</strong><br />निर्माण के दौरान नदी के जल प्रवाह को निर्बाध बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया गया है। अस्थायी एम्बैंकमेंट के भीतर ह्यूम पाइप कल्वर्ट्स स्थापित किए गए हैं, साथ ही प्राकृतिक जल निकासी चैनल को भी बनाए रखा गया है, जिससे पानी का सतत और मुक्त प्रवाह सुनिश्चित होता है। ये उपाय सुनिश्चित करते हैं कि निर्माण गतिविधियों के बावजूद नदी का प्रवाह निरंतर और अप्रभावित बना रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Apr 2026 11:27:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : वडाला से बांद्रा सिर्फ 20 मिनट में: मेट्रो लाइन 11 से मुंबई की रफ्तार को मिलेंगे नए पंख</title>
                                    <description><![CDATA[<p>भारत की आर्थिक राजधानी मुंबई में सार्वजनिक परिवहन को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया जा रहा है। प्रस्तावित मेट्रो लाइन-11, जो अनिक डिपो से लेकर गेटवे ऑफ इंडिया तक फैलेगी, शहर के ट्रांसपोर्ट नेटवर्क में एक अहम कड़ी साबित होने जा रही है। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य न केवल यातायात दबाव को कम करना है, बल्कि यात्रियों को तेज, सुरक्षित और आधुनिक यात्रा का अनुभव भी प्रदान करना है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49418/mumbai-wadala-to-bandra-in-just-20-minutes-metro-line"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-23t112726.138.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>मुंबई : </strong>भारत की आर्थिक राजधानी मुंबई में सार्वजनिक परिवहन को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया जा रहा है। प्रस्तावित मेट्रो लाइन-11, जो अनिक डिपो से लेकर गेटवे ऑफ इंडिया तक फैलेगी, शहर के ट्रांसपोर्ट नेटवर्क में एक अहम कड़ी साबित होने जा रही है। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य न केवल यातायात दबाव को कम करना है, बल्कि यात्रियों को तेज, सुरक्षित और आधुनिक यात्रा का अनुभव भी प्रदान करना है।</div>
<div> </div>
<div> </div>
<div><strong>परियोजना का विस्तृत रूट और प्रमुख क्षेत्र</strong></div>
<div>मेट्रो लाइन-11 का रूट शहर के कई भीड़भाड़ वाले और महत्वपूर्ण इलाकों को जोड़ेगा। यह लाइन वडाला, भायखला, मझगांव, और दक्षिण मुंबई के व्यावसायिक क्षेत्रों से होकर गुजरेगी। खास बात यह है कि यह लाइन सीधे ऐतिहासिक और पर्यटन स्थल गेटवे ऑफ इंडिया तक पहुंचेगी, जिससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों को भी बड़ी राहत मिलेगी। वर्तमान में इन इलाकों तक पहुंचने में भारी ट्रैफिक और समय की समस्या रहती है, जिसे यह परियोजना काफी हद तक कम करेगी।</div>
<div> </div>
<div><strong>यात्रियों के लिए सुविधा और समय की बचत</strong></div>
<div>इस नई मेट्रो लाइन के शुरू होने से हजारों दैनिक यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा। अभी जहां वडाला से दक्षिण मुंबई तक पहुंचने में एक से डेढ़ घंटे का समय लग जाता है, वहीं मेट्रो लाइन-11 के जरिए यह सफर मात्र 30-40 मिनट में पूरा हो सकेगा। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि लोगों के दैनिक जीवन में भी सकारात्मक बदलाव आएगा, कम थकान, अधिक उत्पादकता और बेहतर जीवन गुणवत्ता।</div>
<div> </div>
<div><strong>शहरी विकास और आर्थिक प्रभाव</strong></div>
<div>मेट्रो लाइन-11 केवल एक परिवहन परियोजना नहीं है, बल्कि यह शहरी विकास का एक मजबूत आधार भी बनेगी। जिन क्षेत्रों से यह लाइन गुजरेगी, वहां रियल एस्टेट, व्यापार और रोजगार के अवसरों में वृद्धि होने की संभावना है। वडाला और भायखला जैसे इलाकों में नए व्यवसाय और निवेश आकर्षित होंगे, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। साथ ही, दक्षिण मुंबई में काम करने वाले लोगों के लिए आवागमन और आसान हो जाएगा।</div>
<div> </div>
<div><strong>पर्यावरणीय लाभ और ट्रैफिक में कमी</strong></div>
<div>मुंबई में लगातार बढ़ते वाहनों के कारण प्रदूषण और ट्रैफिक जाम बड़ी समस्या बन चुके हैं। मेट्रो लाइन-11 जैसी परियोजनाएं इस समस्या के समाधान की दिशा में अहम भूमिका निभाती हैं। अधिक लोग अगर निजी वाहनों के बजाय मेट्रो का उपयोग करेंगे, तो सड़कों पर ट्रैफिक कम होगा और प्रदूषण स्तर में भी गिरावट आएगी। यह पहल शहर को अधिक पर्यावरण-अनुकूल बनाने में मदद करेगी।</div>
<div> </div>
<div><strong>निर्माण और तकनीकी पहलू</strong></div>
<div>इस परियोजना को आधुनिक तकनीक के साथ विकसित किया जाएगा, जिसमें अंडरग्राउंड टनल, अत्याधुनिक स्टेशन डिजाइन और सुरक्षा के उच्च मानक शामिल होंगे। दक्षिण मुंबई जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में भूमिगत निर्माण एक चुनौतीपूर्ण कार्य है, लेकिन इससे शहर की ऐतिहासिक संरचना और यातायात पर कम प्रभाव पड़ेगा। निर्माण कार्य चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा ताकि आम जनजीवन प्रभावित न हो।</div>
<div> </div>
<div><strong>भविष्य की दिशा और महत्व</strong></div>
<div>मुंबई की बढ़ती आबादी और तेजी से फैलते शहरी क्षेत्र को देखते हुए मेट्रो नेटवर्क का विस्तार बेहद जरूरी हो गया है। मेट्रो लाइन-11 इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो शहर को भविष्य के लिए तैयार करेगा। यह परियोजना न केवल वर्तमान परिवहन समस्याओं का समाधान देगी, बल्कि आने वाले वर्षों में बढ़ती जरूरतों को भी पूरा करने में सक्षम होगी।</div>
<div> </div>
<div><strong>मुंबई ट्रांसपोर्ट में क्रांति</strong></div>
<div>कुल मिलाकर, मुंबई की मेट्रो लाइन-11 परियोजना शहर के ट्रांसपोर्ट सिस्टम में एक क्रांतिकारी बदलाव लाने की क्षमता रखती है। यह न केवल यात्रा को आसान और तेज बनाएगी, बल्कि आर्थिक विकास, पर्यावरण संरक्षण और शहरी जीवन स्तर में भी सुधार लाएगी। आने वाले समय में यह लाइन मुंबईकरों के लिए एक “लाइफलाइन” साबित हो सकती है।</div>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 23 Apr 2026 11:29:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई :  बिजली कटौती से मिलेगा छुटकारा, अदाणी एनर्जी की 1,000 मेगावॉट एचवीडीसी पावर लाइन शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई और वृहद मुंबई महानगरीय क्षेत्र में बिजली सप्लाई सुविधा की मजबूती की दिशा में अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड की सहायक कंपनी अदाणी इलेक्ट्रिसिटी मुंबई इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. कंपनी ने कुदूस और आरे के बीच 1,000 मेगावॉट की हाई वोल्टेज डायरेक्ट करंट ट्रांसमिशन लिंक को चालू कर दिया है. </p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49235/mumbai-will-get-relief-from-power-cuts-adani-energys-1000"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-15t133529.488.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>मुंबई और वृहद मुंबई महानगरीय क्षेत्र में बिजली सप्लाई सुविधा की मजबूती की दिशा में अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड की सहायक कंपनी अदाणी इलेक्ट्रिसिटी मुंबई इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. कंपनी ने कुदूस और आरे के बीच 1,000 मेगावॉट की हाई वोल्टेज डायरेक्ट करंट ट्रांसमिशन लिंक को चालू कर दिया है. </p>
<p> </p>
<p><strong>30किमी ओवरहेड, 50किमी अंडरग्राउंड लाइन</strong><br />इस प्रोजेक्ट के तहत 30 किलोमीटर लंबी ओवरहेड लाइन और 50 किलोमीटर लंबा अंडरग्राउंड कॉरिडोर बनाया गया है. इसे खासतौर से मुंबई जैसे घनी आबादी वाले शहर की चुनौतियों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. इसकी एक बड़ी खासियत इसमें लगा दुनिया का पहला कॉम्पैक्ट एचवीडीसी सबस्टेशन है. अक्टूबर 2020 में मुंबई में हुए ब्लैकआउट के बाद इस प्रोजेक्ट की परिकल्पना की गई थी.</p>
<p><strong>अक्षय ऊर्जा के लिए भी हो सकेगा इस्तेमाल</strong><br />इस एचवीडीसी ट्रांसमिशन लाइन के जरिए अब मुंबई और एमएमआर के इलाकों में बाहर से ज्यादा बिजली लेकर सप्लाई की जा सकेगी. रिन्यूएबल एनर्जी के लिए भी इसका इस्तेमाल किया जा सकेगा. वैसे तो मुंबई पहले से ही नेशनल ग्रिड से जुड़ा हुआ है, लेकिन एचवीडीसी लिंक के जरिए कनेक्टिविटी और भी बेहतर हो सकेगी. खासतौर से अक्षय ऊर्जा के मामले में इसका काफी फायदा होगा. </p>
<p><strong>ग्रिड होगा मजबूत, बिजली कटौती होगी कम</strong><br />मुंबई महानगरीय इलाका ऊर्जा की खपत के लिहाज से सबसे प्रमुख क्षेत्रों में से एक है. AEMIL के इस प्रोजेक्ट से बिजली सप्लाई सुविधा में बड़ा सुधार होगा, शहर में पैदा होने वाली बिजली पर निर्भरता घटेगी और 1,000 मेगावॉट की अतिरिक्त बिजली बाहर से लाई जा सकेगी. इससे ग्रिड मजबूत होगा और बड़े पैमाने पर बिजली कटौती की आशंका कम हो सकेगी. </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 15 Apr 2026 13:36:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई: बीएमसी ने मेट्रो लाइन 3 स्टेशनों के आस-पास 'लोकल एरिया प्लान' का प्रस्ताव रखा है</title>
                                    <description><![CDATA[<p>बीएमसी ने मुंबई मेट्रो लाइन 3 स्टेशनों के आस-पास के इलाकों के लिए लोकल एरिया प्लान  तैयार करने का प्रस्ताव रखा है। इस काम में ज़मीन के इस्तेमाल, इंफ्रास्ट्रक्चर और मौजूदा शहरी हालात का जायज़ा लेने के लिए सैटेलाइट तस्वीरों, फील्ड सर्वे और ट्रैफिक स्टडी का इस्तेमाल किया जाएगा। इस प्रस्ताव को मंज़ूरी के लिए बुधवार को नागरिक स्थायी समिति के सामने पेश किया जाएगा।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48486/mumbai-bmc-proposes-local-area-plan-around-metro-line-3"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-03/images---2026-03-17t131440.255.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>बीएमसी ने मुंबई मेट्रो लाइन 3 स्टेशनों के आस-पास के इलाकों के लिए लोकल एरिया प्लान  तैयार करने का प्रस्ताव रखा है। इस काम में ज़मीन के इस्तेमाल, इंफ्रास्ट्रक्चर और मौजूदा शहरी हालात का जायज़ा लेने के लिए सैटेलाइट तस्वीरों, फील्ड सर्वे और ट्रैफिक स्टडी का इस्तेमाल किया जाएगा। इस प्रस्ताव को मंज़ूरी के लिए बुधवार को नागरिक स्थायी समिति के सामने पेश किया जाएगा।</p>
<p> </p>
<p>ज़मीन के इस्तेमाल और इंफ्रास्ट्रक्चर का विश्लेषण करने के लिए स्टडी<br />प्रस्ताव के मुताबिक, बीएमसी सैटेलाइट तस्वीरों, सर्वे, ट्रैफिक की गिनती, पार्किंग के आकलन और सर्कुलेशन मैपिंग का इस्तेमाल करके ज़मीन के इस्तेमाल के तरीकों का अध्ययन करेगी; इन सभी की पुष्टि मौके पर जाकर किए गए निरीक्षणों से की जाएगी। प्लानर ज़मीन के इस्तेमाल के नक्शे और हालात के विश्लेषण की रिपोर्ट तैयार करेंगे, साथ ही मुख्य सड़कों (12–45 मीटर चौड़ी) के लिए सड़क संरचना योजनाएँ भी बनाएँगे, जिनमें सड़कों की हालत, उनके हिस्सों और विकास में आने वाली रुकावटों का आकलन किया जाएगा।</p>
<p>नागरिक प्रशासन लागत का अनुमान और सड़क डिज़ाइन के प्रस्ताव भी तैयार करेगा (सुंदरीकरण के कामों को छोड़कर), और विस्तृत रिपोर्टों के साथ सड़क डिज़ाइन के प्रस्ताव विकसित करेगा। मेट्रो स्टेशनों के आस-पास एकीकृत योजना बीएमसी हर मेट्रो स्टेशन क्षेत्र के लिए एलएपी तैयार करेगी, जिसमें ज़मीन का मौजूदा इस्तेमाल, योजना के प्रस्ताव, विकास नीतियाँ, इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े काम, लागत के अनुमान के साथ सड़क के डिज़ाइन और उन्हें लागू करने का ढाँचा शामिल होगा। एकीकृत परियोजना रिपोर्ट में पहचाने गए क्षेत्रों के लिए एलएपी, ट्रैफिक सर्कुलेशन और सड़क लेआउट योजनाओं को एक साथ मिलाया जाएगा।<br />एक नागरिक अधिकारी ने बताया, "इस काम में ज़मीन के मालिकाना हक और प्लॉट के आकार का डेटा इकट्ठा करना, सड़कों और घरों का सर्वे करना, और सर्कुलेशन योजनाएँ तैयार करने के लिए ट्रैफिक, पैदल चलने वालों और पार्किंग के तरीकों का अध्ययन करना शामिल होगा।" इसका नतीजा एक मसौदा एकीकृत एलएपी होगा, जिसमें मेट्रो स्टेशनों के आस-पास भविष्य के विकास को दिशा देने के लिए सड़क और सर्कुलेशन लेआउट शामिल होंगे।</p>
<p>चरण-वार लागू करने की योजना<br />पहले चरण में, डेवलपमेंट कंट्रोल एंड प्रमोशन रेगुलेशंस 33(23) के तहत 'ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट' पर आधारित चार स्टेशनों के लिए लोकल एरिया प्लानिंग का काम किया जाएगा, जिसके लिए प्रशासनिक मंज़ूरी पहले ही मिल चुकी है। इस चरण की अनुमानित लागत 1.37 करोड़ रुपये (हर स्टेशन के लिए 34.40 लाख रुपये) है, जिस पर जीएसटी नहीं लगेगा। बाकी स्टेशनों के लिए भी हर स्टेशन के हिसाब से यही लागत लागू होगी, जिसमें 10% अतिरिक्त प्रावधान भी शामिल होगा। यह काम आखिरकार मुंबई मेट्रो लाइन 3 के सभी 27 स्टेशनों को कवर करेगा और इसे 31 मार्च, 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 17 Mar 2026 13:16:19 +0530</pubDate>
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