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                <title>floods - Rokthok Lekhani News </title>
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                            <item>
                <title>मुंबई: बारिश ने बढ़ाई मुश्किलें, वसई-विरार के कई क्षेत्र डूबे</title>
                                    <description><![CDATA[<p>वसई-विरार में मूसलाधार बारिश ने एक बार फिर जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। महज दो दिनों में बारिश ने कई इलाकों को जलमग्न कर दिया। सड़कें नदी बन गईं, घरों और दुकानों में पानी घुस गया, मुंबई-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया और लोगों की दिनचर्या पूरी तरह प्रभावित हो गई। सबसे चिंताजनक घटना वसई पूर्व के राजावली-वाघराळ पाड़ा में हुई, जहां तेज बहाव में दो कारें बह गईं। एक वैगनआर कार में चालक मौजूद था। बहती कार पैदल पुल से टकरा गई, जिससे पुल क्षतिग्रस्त हो गया। चालक ने अंतिम क्षणों में कार से छलांग लगाकर अपनी जान बचाई।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50528/mumbai-rain-increased-problems-many-areas-of-vasai-virar-submerged"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-07/images---2026-07-03t105617.992.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>वसई-विरार में मूसलाधार बारिश ने एक बार फिर जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। महज दो दिनों में बारिश ने कई इलाकों को जलमग्न कर दिया। सड़कें नदी बन गईं, घरों और दुकानों में पानी घुस गया, मुंबई-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया और लोगों की दिनचर्या पूरी तरह प्रभावित हो गई। सबसे चिंताजनक घटना वसई पूर्व के राजावली-वाघराळ पाड़ा में हुई, जहां तेज बहाव में दो कारें बह गईं। एक वैगनआर कार में चालक मौजूद था। बहती कार पैदल पुल से टकरा गई, जिससे पुल क्षतिग्रस्त हो गया। चालक ने अंतिम क्षणों में कार से छलांग लगाकर अपनी जान बचाई।</p>
<p> </p>
<p>स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ सेकंड की देरी होती तो बड़ा हादसा हो सकता था। विवा कॉलेज, श्रीप्रस्थ रोड, कुंभारपाड़ा, तुलिंज, विजय नगर, धानीव बाग, नायगांव, चुलणे, देवतलाव, गिरीज और वसई फाटा समेत अनेक क्षेत्रों में घुटनों से लेकर कमर तक पानी भर गया। कई घरों, दुकानों और चॉलों में पानी घुसने से लोगों का सामान खराब हो गया। बच्चों की पढ़ाई बाधित हुई, जबकि दिहाड़ी मजदूरों की रोजी-रोटी पर भी असर पड़ा।मुंबई-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर मालजीपाड़ा, ससूनवघर, पेल्हार, चिंचोटी और वसई फाटा में जलभराव के कारण कई वाहन बीच सड़क पर बंद पड़ गए। घंटों तक लंबा ट्रैफिक जाम लगा रहा। एम्बुलेंस भी रेंगती हुई नजर आईं। यातायात पुलिस, हाईवे प्रशासन और मनपा की टीमों ने पंप लगाकर पानी निकालने का प्रयास किया, लेकिन नागरिकों का कहना है कि यह हर मानसून की दोहराई जाने वाली कहानी बन चुकी है।</p>
<p>विशेषज्ञों और स्थानीय लोगों का मानना है कि प्राकृतिक नालों पर बढ़ते अतिक्रमण, अधूरी ड्रेनेज परियोजनाएं और जल निकासी की वैज्ञानिक योजना के अभाव के कारण हर वर्ष यही स्थिति बनती है। सवाल यह भी उठ रहा है कि जिन इलाकों में हर मानसून जलभराव होता है, वहां स्थायी समाधान आज तक क्यों नहीं हो पाया। अतिरिक्त आयुक्त दीपक सावंत ने कहा कि लगातार भारी बारिश के कारण कई स्थानों पर जलभराव हुआ है। प्रभावित क्षेत्रों में पंप लगाकर पानी निकासी का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। आपदा प्रबंधन, अग्निशमन और अन्य टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 03 Jul 2026 10:57:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मुंबई : लाल सैलाब शहर में घुसा तो आर्थिक राजधानी की रफ्तार थम जाएगी. सरकार किसानों को मनाने की कोशिश कर रही है</title>
                                    <description><![CDATA[<p>अपनी मांगों को लेकर नासिक से मुंबई की ओर कूच कर रहे करीब 30 हजार आदिवासी किसानों के 'लॉन्ग मार्च' पर सरकार और किसान प्रतिनिधिमंडल के बीच हुई मैराथन बैठक के बाद अब यह आंदोलन खत्म होने के आसार नजर आ रहे हैं. नासिक के राजुर बहुला से निकला यह विशाल मार्च मंगलवार देर रात ठाणे के शाहपुर पहुंच जाएगा. किसानों का जत्था रात को शाहपुर के खरड़ी गांव में विश्राम करेगा. आगरा-मुंबई राजमार्ग पर हजारों किसानों की मौजूदगी को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात है और ट्रैफिक रूट में भी बदलाव किए गए हैं.</p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/47298/if-mumbai-red-flood-enters-the-city-the-pace-of"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-01/download---2026-01-28t123937.625.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>अपनी मांगों को लेकर नासिक से मुंबई की ओर कूच कर रहे करीब 30 हजार आदिवासी किसानों के 'लॉन्ग मार्च' पर सरकार और किसान प्रतिनिधिमंडल के बीच हुई मैराथन बैठक के बाद अब यह आंदोलन खत्म होने के आसार नजर आ रहे हैं. नासिक के राजुर बहुला से निकला यह विशाल मार्च मंगलवार देर रात ठाणे के शाहपुर पहुंच जाएगा. किसानों का जत्था रात को शाहपुर के खरड़ी गांव में विश्राम करेगा. आगरा-मुंबई राजमार्ग पर हजारों किसानों की मौजूदगी को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात है और ट्रैफिक रूट में भी बदलाव किए गए हैं.</p>
<p> </p>
<p><strong>किसान सभा और राज्य के मंत्रियों से हुई 3 घंटे तक चर्चा</strong><br />ऑल इंडिया किसान सभा के प्रतिनिधिमंडल और राज्य के मंत्रियों, गिरीश महाजन व चंद्रशेखर बावनकुले के बीच करीब 3 घंटे तक गहन चर्चा हुई. बताया जा रहा है कि यह चर्चा काफी सकारात्मक रही है. सरकार ने किसानों को आश्वासन दिया है कि उनकी मांगों को समय सीमा के भीतर पूरा किया जाएगा. सूत्रों के मुताबिक, मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे मंत्री गिरीश महाजन खुद ठाणे के शाहपुर जाकर किसानों से मुलाकात करेंगे. </p>
<p><strong>सीएम से मुलाकात के बाद लॉन्ग मार्च वापस लेने का हो सकता है अनुमान</strong><br />इससे पहले किसान प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से एक शिष्टाचार भेंट करेगा. संभावना जताई जा रही है कि मंगलवार दोपहर तक किसान इस लॉन्ग मार्च को वापस लेने का आधिकारिक एलान कर वहीं से वापस लौट सकते हैं. अगर 30 हजार किसानों का यह 'लॉन्ग मार्च' मुंबई की सीमाओं में दाखिल होता है, तो इसके गंभीर प्रभाव पड़ सकते हैं. मुंबई की lसड़कों पर इसका सबसे बड़ा असर दिखेगा.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 28 Jan 2026 12:41:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मुंबई : बाढ़ के कारण भारी नुकसान; किसानों के लिए 31,628 करोड़ रुपये के मुआवजा पैकेज की घोषणा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र सरकार ने हाल में हुई बारिश और बाढ़ के कारण भारी नुकसान उठाने वाले किसानों के लिए 31,628 करोड़ रुपये के मुआवजा पैकेज की घोषणा की। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि सरकार बाढ़ से क्षतिग्रस्त प्रति हेक्टेयर कृषि भूमि के लिए 47,000 रुपये नकद और रोजगार गारंटी योजना के तहत 3 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान करेगी। </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/44502/mumbai--floods-cause-massive-damage--rs-31-628-crore-compensation-package-announced-for-farmers"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-10/images---2025-10-08t111733.108.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>महाराष्ट्र सरकार ने हाल में हुई बारिश और बाढ़ के कारण भारी नुकसान उठाने वाले किसानों के लिए 31,628 करोड़ रुपये के मुआवजा पैकेज की घोषणा की। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि सरकार बाढ़ से क्षतिग्रस्त प्रति हेक्टेयर कृषि भूमि के लिए 47,000 रुपये नकद और रोजगार गारंटी योजना के तहत 3 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान करेगी। </p>
<p> </p>
<p>राज्य मंत्रिमंडल की साप्ताहिक बैठक के बाद संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने कहा कि पशुधन के नुकसान के संबंध में किसानों को प्रति पशु 32,000 रुपये मिलेंगे। फडणवीस ने कहा कि मानसून की शुरुआत में कुल 1.43 लाख हेक्टेयर भूमि पर बुवाई हुई थी, लेकिन 68 लाख हेक्टेयर भूमि पर फसल बर्बाद हो गई। उन्होंने यह भी बताया कि मिट्टी की ऊपरी परत बह जाने के कारण 60,000 हेक्टेयर कृषि भूमि को नुकसान हुआ है। मुख्यमंत्री ने बताया कि भारी बारिश के कारण 36 में से 29 जिले और 358 में से 253 तालुका प्रभावित हुए हैं।</p>
<p>उन्होंने बताया कि पैकेज में फसल नुकसान, मिट्टी के कटाव, घायलों के अस्पताल में भर्ती होने, निकट परिजन के लिए अनुग्रह राशि, घरों, दुकानों और पशुशालाओं को हुए नुकसान आदि के लिए मुआवजा शामिल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके अतिरिक्त, सभी प्रभावित किसानों को प्रति हेक्टेयर 10,000 रुपये तथा क्षतिग्रस्त कुओं के लिए 30,000 रुपये दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि फसल बीमा कराने वाले 45 लाख किसानों को प्रति हेक्टेयर 17,000 रुपये की बीमा राशि मिलेगी। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि किसानों को निराश नहीं होना चाहिए।</p>
<p>उन्होंने कहा कि वित्तीय संकट के बावजूद किसानों को सहायता मिलेगी। शिंदे ने कहा, ‘‘हमने (गृह मंत्री) अमित शाह से मुलाकात की और केंद्रीय सहायता की मांग की।” शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के इस दावे पर कि उनके मुख्यमंत्री रहने के दौरान ऋण माफी की गई थी, फडणवीस ने कहा कि उनके (फडणवीस के) पहले कार्यकाल (2014 से 2019) के दौरान फसल ऋण माफ किए गए थे। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Oct 2025 11:18:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बीड : पिछले 70 वर्षों से बाढ़ से जूझ रहे हैं वसंतवाडी गांव के लोग</title>
                                    <description><![CDATA[<p>पिछले कई दिन से महाराष्ट्र के मराठवाड़ा और पश्चिम महाराष्ट्र में भारी बारिश से लोगों का जनजीवन पूरी तरह से अस्त व्यस्त हो चुका है. बारिश और बाढ़ की वजह से लोगों का दुकान और मकान पानी में डूब चुका है. NDRF और SDRF की टीम बीड, सोलापुर, धाराशिव में डेरा जमाया हुआ है. बाढ़ में फंसे हुए लोगों का रेस्क्यू ऑपरेशन कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है.</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/44192/beed--the-people-of-vasantwadi-village-have-been-battling-floods-for-the-last-70-years"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-09/download---2025-09-26t115723.590.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बीड : </strong>पिछले कई दिन से महाराष्ट्र के मराठवाड़ा और पश्चिम महाराष्ट्र में भारी बारिश से लोगों का जनजीवन पूरी तरह से अस्त व्यस्त हो चुका है. बारिश और बाढ़ की वजह से लोगों का दुकान और मकान पानी में डूब चुका है. NDRF और SDRF की टीम बीड, सोलापुर, धाराशिव में डेरा जमाया हुआ है. बाढ़ में फंसे हुए लोगों का रेस्क्यू ऑपरेशन कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है. सरकार स्थिति पर निगरानी बनाए हुए और हर संभव मदद करने का ऐलान किया है. प्रशासन का मानना है कि बारिश रुकने के बाद बाढ़ का पानी उतरेगा और दो से दिन में राहत मिलेगी, लेकिन आज हम आपको महाराष्ट्र के एक ऐसे गांव के बारे में बताने जा रहे हैं. जहां के लोग पिछले सत्तर वर्षों से बाढ़ जैसे हालात से गुजर रहे हैं. ना गांव में कोई रास्ता है ना पुल. बड़े हो या फिर बुजुर्ग या छोटे बच्चे रोजाना जान हथेली पर पानी के बीच से निकलकर आवागमन करते हैं. <br />400 आबादी वाला है गांव</p>
<p> </p>
<p>बीड के वसंतवाडी गांव के लोग पिछले 70 वर्षों से रोज पानी की इस आफत से ही जूझ रहे हैं. 400 की आबादी वाला यह गांव आज भी पक्के रास्ते और सार्वजनिक परिवहन से पूरी तरह वंचित है. यहां के लोग हर रोज नदी पार कर जीवन की मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति करने को मजबूर हैं. वसंतवाडी से लांबरवाडी तक का सफर आज भी नन्हें बच्चों के लिए खौफनाक साबित हो रहा है. रोज़ सुबह जब स्कूल के लिए निकलने का समय होता है, तो बच्चों को पालकों के कंधों पर या ट्यूब पर बैठाकर नदी पार कर स्कूल भेजा जाता है. जिवीका सानप, एक छोटी बच्ची, रोते हुए कहती है कि पप्पा, मुझे पानी से बहुत डर लगता है, मेरे कपड़े और टिफिन भीग जाते हैं, मुझे रास्ता चाहिए. <br />गांव के युवाओं की नहीं होती शादी</p>
<p>गांव में कोई पक्का रास्ता नहीं है और न ही कोई सार्वजनिक परिवहन सुविधा. बीमार, गर्भवती महिलाएं, बुज़ुर्ग सभी को ट्यूब के सहारे नदी पार करनी पड़ती हैं. गांव के निवासी बन्सी सानप कहते हैं, हमारे पास जमीन है, पानी है, घर है, लेकिन रास्ता नहीं है. जब कोई रिश्ता आता है तो सबसे पहले यही पूछते हैं कि आपके गांव तक सड़क है क्या? इसी वजह से गांव के युवाओं की शादियां भी नहीं हो पा रहीं. गांव के लोगों की नाराज़गी सरकार और सिस्टम से साफ दिखती है. महिला मथुरा सानप कहती हैं, तुम्हारें पंद्रह सौ रूपये का हम क्या करें? हमारी बहनों को तो रास्ता ही नहीं है कहीं जाने का. दूध, बकरी, पानी सभी सामान ट्यूब पर लाना ले जाना पड़ता है. वसंतवाडी के लोगों ने चार पीढ़ियां इस उम्मीद में गुजार दीं कि शायद अबकी बार पक्का रास्ता मिलेगा, लेकिन हर बार वादे अधूरे ही रह गए.<br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 26 Sep 2025 12:10:51 +0530</pubDate>
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