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                <title>Namaz - Rokthok Lekhani</title>
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                            <item>
                <title>मुंबई  : AIMIM नेता वारिस पठान ने नमाज़ पर FIR और धार्मिक स्वतंत्रता पर उठाए सवाल </title>
                                    <description><![CDATA[<p>AIMIM नेता वारिस पठान ने हाल ही में नमाज़ पढ़ने के मुद्दे पर केंद्र और राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पठान ने सवाल किया कि क्या मुसलमानों के लिए नमाज़ पढ़ना भारत में अपराध बन गया है। उन्होंने कहा, "अगर रमज़ान का महीना है और नमाज़ का वक्त हो गया और किसी ने नमाज़ पढ़ ली, तो क्या हुआ? क्या हमारे हिन्दू भाई सरकारी दफ्तर में पूजा नहीं करते? हम तो इस पर कोई आपत्ति नहीं करते।"</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48050/mumbai-aimim-leader-waris-pathan-raised-questions-on-namaz-and"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-02/download---2026-02-27t125618.492.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई  : </strong> AIMIM नेता वारिस पठान ने हाल ही में नमाज़ पढ़ने के मुद्दे पर केंद्र और राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पठान ने सवाल किया कि क्या मुसलमानों के लिए नमाज़ पढ़ना भारत में अपराध बन गया है। उन्होंने कहा, "अगर रमज़ान का महीना है और नमाज़ का वक्त हो गया और किसी ने नमाज़ पढ़ ली, तो क्या हुआ? क्या हमारे हिन्दू भाई सरकारी दफ्तर में पूजा नहीं करते? हम तो इस पर कोई आपत्ति नहीं करते।" वारिस पठान ने धार्मिक स्वतंत्रता पर जोर देते हुए कहा कि संविधान ने हर व्यक्ति को अपने धर्म का पालन करने की आज़ादी दी है। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि कौन से कानूनी प्रावधान के तहत नमाज़ियों पर FIR दर्ज की जाती है। उन्होंने कहा कि यह एक पक्षपाती रवैया है और इसका मकसद केवल नफरत फैलाना है।<br /></p><p><br /></p><p>पठान ने यह भी सुझाव दिया कि अगर सरकारी दफ्तर में किसी धार्मिक आयोजन पर रोक लगानी है, तो यह सभी धर्मों पर समान रूप से लागू होना चाहिए। उनका कहना था कि किसी एक समुदाय के लिए अलग कानून और दूसरों के लिए अलग नियम बनाना गलत है। वारिस पठान का बयान राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का केंद्र बन गया है। उन्होंने कहा कि धार्मिक समानता और संविधानिक अधिकारों का सम्मान होना चाहिए। </p><p>उनका मानना है कि सरकार का रवैया धार्मिक विविधता को स्वीकार करने और समान अवसर सुनिश्चित करने के सिद्धांतों के खिलाफ है। इस बयान से न केवल मुस्लिम समुदाय में समर्थन बढ़ा है, बल्कि यह मुद्दा देश में धार्मिक स्वतंत्रता और कानून की समानता पर बहस का विषय बन गया है। AIMIM नेता का यह विरोधी रुख आगामी चुनावों और समाज में धार्मिक संवेदनशीलता के मुद्दों पर नई चर्चा को जन्म दे सकता है।<br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 27 Feb 2026 12:56:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई एयरपोर्ट पर नमाज शेड की मांग पर राजनीति तेज, हाईकोर्ट ने एमएमआरडीए से मांगा जवाब</title>
                                    <description><![CDATA[<p>एयरपोर्ट पर नमाज के लिए अस्थायी शेड की मांग पर सियासी घमासान छिड़ गया है. इसको लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट ने एमएमआरडीए से जवाब मांगा है, जबकि महाराष्ट्र विधानसभा में भी इस पर जमकर बहस हुई. एक पक्ष इसे मानवीय आधार पर रमजान के लिए आवश्यक मानता है, वहीं दूसरा सार्वजनिक स्थलों पर धार्मिक गतिविधियों के विरोध में है. यह मामला कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तरों पर गरमाया हुआ है.</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48006/politics-intensifies-on-demand-for-namaz-shed-at-mumbai-airport"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-02/download---2026-02-25t170530.285.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>एयरपोर्ट पर नमाज के लिए अस्थायी शेड की मांग पर सियासी घमासान छिड़ गया है. इसको लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट ने एमएमआरडीए से जवाब मांगा है, जबकि महाराष्ट्र विधानसभा में भी इस पर जमकर बहस हुई. एक पक्ष इसे मानवीय आधार पर रमजान के लिए आवश्यक मानता है, वहीं दूसरा सार्वजनिक स्थलों पर धार्मिक गतिविधियों के विरोध में है. यह मामला कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तरों पर गरमाया हुआ है. मुंबई एयरपोर्ट पर नमाज पढ़ने की अनुमति को लेकर महाराष्ट्र विधानसभा के दूसरे दिन विधान भवन कर बाहर जमकर राजनीतिक बहस हुई. इस मुद्दे पर विभिन्न दलों के नेताओं ने अलग-अलग प्रतिक्रिया दी.</p>
<p> </p>
<p><strong>कोर्ट की तरफ से होगा आखिरी फैसला</strong><br />मुम्बई के इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ओला उबर टेक्सी और पेसेंजर के लिए रमजान के महीने में नमाज पढ़ने के लिए एक अस्थायी शेड बनाने की मांग काफी दिनों से उठ रही थी. इसी मांग को लेकर एक समूह ने बॉम्बे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है.जिसके बाद बॉम्बे हाईकोर्ट ने इस मामले में एमएमआरडीए संस्था से इस मामले में उनका जवाब मांगा है.</p>
<p>इस पर आज हाइकोर्ट में एमएमआरडीए अपना जवाब फ़ाइल कर सकती है, जिसके बाद अदालत ये तय करेगी कि नमाज पढ़ने के लिए अस्थाई शेड 1 महीने के लिए बनाए देने का आदेश देना है या नही देना है. क्योंकि रमजान महीना शुरू हो चुका है. यही वजह है कि इस पर जल्द ही फैसला लेना होगा.</p>
<p><strong>हिंदू पक्ष कर रहा विरोध</strong><br />वहीं महाराष्ट्र का विधानसभा सत्र शुरू है. इस सत्र के दौरान ये मुद्दा सामने आने के बाद इस पर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है. मुस्लिम पक्ष चाहता है कि कोर्ट से ये इजाजत मिले तो वही हिन्दू पक्ष इसके खिलाफ है. मालेगांव से एमआईएम विधायक मुफ़्ती इस्माइल ने कहा कि यदि कोई नमाज़ पढ़ना चाहता है तो प्रशासन को अनुमति देनी चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई हनुमान चालीसा या पूजा-अर्चना करना चाहता है तो उसे भी अनुमति मिलनी चाहिए. उनका कहना था कि किसी एक धर्म के हर मुद्दे का विरोध करना उचित नहीं है.</p>
<p><strong>इसे राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाना चाहिए- सपा</strong><br />समाजवादी पार्टी के नेता अबू आसिम आज़मी ने इस मांग का समर्थन करते हुए कहा कि यदि कोर्ट में यह मांग उठी है तो इसमें गलत क्या है. उन्होंने इसे अस्थायी और समयबद्ध मांग बताते हुए कहा कि नमाज़ का समय तय होता है. इसे राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए.</p>
<p><strong>पूर्व मंत्री और विधायक ने जताया विरोध</strong><br />वहीं बीजेपी विधायक अतुल भातखलकर ने एयरपोर्ट पर नमाज की अनुमति का विरोध किया है, उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट जैसे सार्वजनिक स्थल पर ऐसी अनुमति क्यों दी जाए.पूर्व मंत्री और भाजपा विधायक सुधीर मुनगंटीवार ने भी इस प्रस्ताव का विरोध किया. उन्होंने सवाल उठाया कि यदि कोर्ट अनुमति देता है तो क्या फिर हर सार्वजनिक स्थान पर इसी तरह धार्मिक गतिविधियों की अनुमति दी जाएगी.</p>
<p><strong>मुंबई हाईकोर्ट में चल रही सुनवाई</strong><br />इस बीच,इस मामले पर बॉम्बे हाईकोर्ट में भी सुनवाई चल रही है. अदालत ने मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण से पूछा है कि क्या मानवीय आधार पर छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के पास अस्थाई शेड में रमजान के दौरान नमाज़ की अनुमति देने पर विचार किया जा सकता है. डिवीजन बेंच ने कहा कि केवल रमजान के पवित्र महीने के लिए अस्थायी व्यवस्था पर विचार किया जाए. कोर्ट ने एमएमआरडीए से इस पर स्पष्ट बयान देने को कहा है. मुंबई एयरपोर्ट पर नमाज़ की अनुमति का मुद्दा अब राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बना हुआ है.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 25 Feb 2026 17:06:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई :  अगर मुस्लिम ड्राइवर, पैसेंजर मुंबई एयरपोर्ट के पास टेम्पररी शेड में नमाज़ पढ़ सकते हैं तो 'इंसानी' आधार पर विचार करें</title>
                                    <description><![CDATA[<p>बॉम्बे हाईकोर्ट ने MMRDA से कहा बॉम्बे हाईकोर्ट ने  मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी को अगले हफ़्ते तक एक बयान देने का निर्देश दिया, जिसमें यह बताया जाए कि क्या वह पूरी तरह से 'इंसानी' आधार पर ऑटोरिक्शा, टैक्सी, ओला-उबर ड्राइवरों और यहां तक कि पैसेंजर को भी छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट के डोमेस्टिक टर्मिनल के पास एक टेम्पररी शेड में नमाज़ पढ़ने की इजाज़त देने पर विचार करेगा, कम-से-कम रमज़ान के पवित्र महीने के लिए तो।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/47942/mumbai-consider-humanitarian-grounds-if-muslim-driver-passengers-can-offer"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-02/download---2026-02-19t124336.098.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>बॉम्बे हाईकोर्ट ने MMRDA से कहा बॉम्बे हाईकोर्ट ने  मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी को अगले हफ़्ते तक एक बयान देने का निर्देश दिया, जिसमें यह बताया जाए कि क्या वह पूरी तरह से 'इंसानी' आधार पर ऑटोरिक्शा, टैक्सी, ओला-उबर ड्राइवरों और यहां तक कि पैसेंजर को भी छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट के डोमेस्टिक टर्मिनल के पास एक टेम्पररी शेड में नमाज़ पढ़ने की इजाज़त देने पर विचार करेगा, कम-से-कम रमज़ान के पवित्र महीने के लिए तो।</p>
<p> </p>
<p>बॉम्बे हाईकोर्ट ने पढ़ी-लिखी महिलाओं द्वारा कानून के गलत इस्तेमाल पर दुख जताया,... जस्टिस बर्गेस कोलाबावाला और जस्टिस फिरदौस पूनीवाला की डिवीजन बेंच ने कहा कि पिछले साल अप्रैल में शेड को अचानक गिराने से, जो 1995 से वहां था, न केवल ड्राइवरों को बल्कि कुछ पैसेंजर को भी कुछ परेशानी हो सकती है, खासकर रमज़ान के महीने में। जस्टिस कोलाबावाला ने MMRDA की तरफ से वकील अक्षय शिंदे से कहा, "पूरी तरह इंसानियत के आधार पर उनकी रिक्वेस्ट पर विचार करें, क्योंकि उनके अलावा यात्रियों को भी परेशानी हो सकती है... इस टेम्पररी शेड पर सिर्फ़ रमज़ान के लिए विचार करें..."</p>
<p>यूनियन ने दावा किया कि यह शेड 1995 से एयरपोर्ट के आस-पास था, लेकिन कथित तौर पर मिश्रा की शिकायत पर MMRDA ने 5 अप्रैल, 2025 को इसे अचानक गिरा दिया। हालांकि, MMRDA ने कहा कि उसके अधिकारियों ने 'गैर-कानूनी' तरीके से बने शेड के खिलाफ कुछ शिकायत मिलने के बाद ही कार्रवाई की। अडानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स (जो एयरपोर्ट को मैनेज कर रही है) की ओर से सीनियर एडवोकेट विक्रम नानकानी पेश हुए और जजों को बताया कि मौजूदा मामले में मुद्दा 'भावनाओं' से जुड़ा है और उनके क्लाइंट लीज़ पर होने के कारण इस याचिका में उनकी 'सीमित भूमिका' है।</p>
<p>हालांकि, रमज़ान महीने के लिए शेड देने की लिमिटेड प्रार्थना के लिए शिंदे ने जजों से कहा कि याचिकाकर्ता यूनियन प्रतिनिधि या सही आवेदन दायर कर सकती है, जिस पर MMRDA विचार कर सकती है। बेंच ने कहा कि वह इस सबमिशन से प्रभावित नहीं है। साथ ही कहा, "इस आवेदन या प्रतिनिधित्व पर फैसला करने तक रमज़ान का महीना खत्म हो जाएगा और आवेदन या उनकी प्रतिनिधित्व भी बेकार हो जाएगा। हम सिर्फ MMRDA के एक जिम्मेदार ऑफिसर से एक कमिटमेंट और एक बयान चाहते हैं, जिसमें बताया गया हो कि वे शेड की इजाज़त देंगे या नहीं, कम-से-कम रमज़ान के महीने के लिए पूरी तरह से मानवीय आधार पर।" बेंच ने शिंदे से इस समिति बिंदुओं पर 'सही' निर्देशों के साथ लौटने को कहा। बेंच ने आगे साफ़ किया, "हम आपसे स्ट्रक्चर को रेगुलराइज़ करने या ऐसा कुछ करने के लिए नहीं कह रहे हैं... बस उन्हें रमज़ान के कुछ खास मकसद के लिए टेम्पररी शेड लगाने दें और उसे बाद में हटाया जा सकता है... हम उनसे एक अंडरटेकिंग भी लेंगे कि अगर वे रमज़ान के बाद इसे नहीं हटाते हैं तो हम उन्हें भविष्य में (वहां नमाज़ पढ़ने की) इजाज़त नहीं देंगे... तो हमें एक स्टेटमेंट चाहिए, बस इतना ही।"<br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Feb 2026 11:43:44 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>कल्याण  : क्लास रूम में नमाज़ पढ़ने के लिए माफ़ी मांगने के लिए मजबूर किया; कल्याण के आइडियल कॉलेज को एक लीगल नोटिस</title>
                                    <description><![CDATA[<p>कल्याण के आइडियल कॉलेज को एक लीगल नोटिस भेजा गया, जहां विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने तीन मुस्लिम फार्मेसी स्टूडेंट्स को खाली क्लास रूम में नमाज़ पढ़ने के लिए माफ़ी मांगने के लिए मजबूर किया। हाई कोर्ट के वकील फैयाज़ शेख के नोटिस में उन लोगों की पहचान की जांच की मांग की गई है जिन्होंने माफ़ी मांगने के लिए मजबूर किया और बाहरी लोग कॉलेज में कैसे घुसे।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/45770/kalyan-%C2%A0-legal-notice-issued-to-ideal-college-kalyan-forced"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-11/download---2025-11-26t113847.324.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>कल्याण : </strong>कल्याण के आइडियल कॉलेज को एक लीगल नोटिस भेजा गया, जहां विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने तीन मुस्लिम फार्मेसी स्टूडेंट्स को खाली क्लास रूम में नमाज़ पढ़ने के लिए माफ़ी मांगने के लिए मजबूर किया। हाई कोर्ट के वकील फैयाज़ शेख के नोटिस में उन लोगों की पहचान की जांच की मांग की गई है जिन्होंने माफ़ी मांगने के लिए मजबूर किया और बाहरी लोग कॉलेज में कैसे घुसे।कॉलेज को लीगल नोटिस जहां मुस्लिम स्टूडेंट्स को नमाज़ के लिए माफ़ी मांगने के लिए मजबूर किया गया22 नवंबर को, तीनों के नमाज़ पढ़ने का वीडियो वायरल होने के बाद, बजरंग दल और VHP के सदस्य कैंपस में घुस गए और स्टूडेंट्स को माफ़ी मांगने के लिए मजबूर किया। इस दूसरे वीडियो में स्टूडेंट्स छत्रपति शिवाजी की मूर्ति के सामने कान पकड़कर वादा करते हुए दिख रहे हैं कि वे पब्लिक में कभी कोई धार्मिक काम नहीं करेंगे। फिर बाहरी लोग “जय श्री राम” के नारे लगाते हैं।</p>
<p> </p>
<p>मैनेजमेंट ने बाहरी लोगों से कहा कि कॉलेज के अंदर किसी भी धार्मिक एक्टिविटी की इजाज़त नहीं है, लेकिन यह भी कहा कि स्टूडेंट्स का कोई नुकसान पहुंचाने का इरादा नहीं था और उन्होंने मैनेजमेंट से माफ़ी भी मांग ली थी। बजरंग दल और VHP के सदस्यों ने कथित तौर पर मैनेजमेंट से स्टूडेंट्स के खिलाफ एक्शन लेने को कहा। पुलिस भी कॉलेज पहुंची, लेकिन उन्हें कोई शिकायत नहीं मिली है।</p>
<p>यह बताते हुए कि डिसिप्लिनरी एक्शन सिर्फ कॉलेज अथॉरिटी ही ले सकती है, लीगल नोटिस में यह भरोसा मांगा गया है कि स्टूडेंट्स को दोबारा ऐसी बेइज्जती नहीं झेलनी पड़ेगी। इसमें यह भी लिखा हुआ भरोसा मांगा गया है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सिक्योरिटी के उपाय किए जाएंगे और यह भी मांग की गई है कि किसी भी जांच के लिए सभी CCTV फुटेज संभाल कर रखे जाएं। इसमें कैंपस में धार्मिक न्यूट्रैलिटी की गारंटी देने वाला एक सर्कुलर जारी करने की भी मांग की गई है।</p>
<p>नोटिस में कहा गया है कि इन मांगों को पूरा न करने पर साइन करने वाले कोर्ट जाएंगे।साइन करने वालों में AIMIM के एडवोकेट अतीक अहमद खान, एडवोकेट नफीस खान और गोवंडी सिटिजन्स वेलफेयर फोरम शामिल हैं।फैयाज शेख ने कहा कि VHP/बजरंग दल के सदस्यों का जय श्री राम का नारा लगाते हुए और मुस्लिम स्टूडेंट्स को माफी मांगने के लिए मजबूर करते हुए एक वीडियो सर्कुलेट करके, पूरे समुदाय को एक मैसेज दिया जा रहा है। उन्होंने कहा, "इससे मुसलमानों में बेचैनी पैदा हुई है।" “अगर स्टूडेंट्स ने कॉलेज पॉलिसी तोड़ी होती, तो मैनेजमेंट बिना पॉलिटिकल और रिलीजियस ग्रुप्स को शामिल किए पब्लिक इशू बने एक्शन ले सकता था।” </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 26 Nov 2025 11:39:54 +0530</pubDate>
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