<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.rokthoklekhani.com/tag/13076/defamation" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Rokthok Lekhani News  RSS Feed Generator</generator>
                <title>defamation - Rokthok Lekhani News </title>
                <link>https://www.rokthoklekhani.com/tag/13076/rss</link>
                <description>defamation RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>महाराष्ट्र : पोस्ट में सतीश सालियान का नाम तक नहीं...' 500 करोड़ के मानहानि नोटिस पर आदित्य ठाकरे का पलटवार</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">आदित्य ठाकरे की ओर से दोनों पोस्ट हटाने, सार्वजनिक माफी मांगने और अंग्रेजी तथा मराठी में सोशल मीडिया पर माफीनामा प्रकाशित करने की मांग भी खारिज कर दी गई है. जवाब में कहा गया है कि पोस्ट में कोई झूठा या मानहानिकारक बयान नहीं है और इसलिए पोस्ट हटाने या माफी की कोई वजह नहीं है.</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51965/aditya-thackerays-counterattack-on-defamation-notice-of-rs-500-crore"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-09/6ewr6.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>महाराष्ट्र : </strong>महाराष्ट्र में दिशा सालियान मामले को लेकर आदित्य ठाकरे की ओर से सतीश सालियान के 17 सितंबर 2026 के कानूनी नोटिस का जवाब दिया गया है. आदित्य ठाकरे के वकील एडवोकेट अंशुमान सिन्हा ने 23 सितंबर को जवाब भेजते हुए नोटिस में लगाए गए सभी आरोपों, दावों और मांगों को खारिज किया है.</p>
<p style="text-align:justify;">कानूनी जवाब में कहा गया है कि 16 सितंबर 2026 को आदित्य ठाकरे के आधिकारिक X अकाउंट से किए गए दोनों पोस्ट में सतीश सालियान का नाम न तो लिया गया और न ही उन्हें पहचानने वाला कोई स्पष्ट संदर्भ दिया गया. वकील के मुताबिक, नोटिस में पोस्ट के शब्दों को दूसरे दस्तावेजों, शिकायतों, मीडिया रिपोर्ट और राजनीतिक घटनाक्रम के साथ जोड़कर एक अलग अर्थ निकालने की कोशिश की गई है.<br /><br />जवाब में आदित्य ठाकरे के उस बयान को दोहराया गया है कि मैं दिशा सालियान से कभी मिला या उन्हें जाना तक नहीं. वकील ने कहा कि आदित्य ठाकरे अपने इस बयान पर कायम हैं. साथ ही उन्होंने अपने पोस्ट को अपने खिलाफ लगाए गए गंभीर और अप्रमाणित आरोपों का जवाब बताया है.<br />CBI जांच को लेकर भी जवाब<br />कानूनी जवाब में कहा गया है कि बॉम्बे हाईकोर्ट ने जांच के निर्देश देते समय किसी व्यक्ति के खिलाफ प्रतिकूल टिप्पणी नहीं की थी और यह भी निर्देश दिया था कि जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर पर्याप्त आधार सामने आने तक किसी को आरोपी नहीं माना जाए. जवाब में कहा गया है कि जांच को स्वतंत्र रूप से आगे बढ़ने दिया जाना चाहिए और जांच को किसी व्यक्ति की संलिप्तता का प्रमाण नहीं माना जा सकता.<br /><br />आदित्य ठाकरे की ओर से कहा गया है कि उनके पोस्ट का निशाना सतीश सालियान नहीं, बल्कि उनके खिलाफ चल रहा कथित राजनीतिक और मीडिया अभियान था. जवाब में कहा गया है कि पोस्ट में few individuals और vested interests जैसे शब्द व्यापक राजनीतिक और मीडिया अभियान के संदर्भ में इस्तेमाल किए गए थे और इन्हें किसी एक व्यक्ति से जोड़ना उचित नहीं है.<br /><br />कानूनी जवाब में सतीश सालियान की ओर से मांगे गए ₹500 करोड़ के मुआवजे को भी खारिज किया गया है. वकील ने कहा कि नोटिस में न तो किसी विशिष्ट मानहानिकारक बयान की पहचान की गई है, न वास्तविक नुकसान का कोई आधार या गणना बताई गई है.<br /><br />आदित्य ठाकरे की ओर से दोनों पोस्ट हटाने, सार्वजनिक माफी मांगने और अंग्रेजी तथा मराठी में सोशल मीडिया पर माफीनामा प्रकाशित करने की मांग भी खारिज कर दी गई है. जवाब में कहा गया है कि पोस्ट में कोई झूठा या मानहानिकारक बयान नहीं है और इसलिए पोस्ट हटाने या माफी की कोई वजह नहीं है.<br /><br />जवाब में यह भी कहा गया है कि निजी कानूनी नोटिस के जरिए किसी व्यक्ति को जांच एजेंसी की तरह निर्देश नहीं दिए जा सकते. आदित्य ठाकरे की ओर से कहा गया है कि उन्होंने CBI जांच में कोई बाधा नहीं डाली है और वे कानूनी प्रक्रिया में सहयोग करेंगे.<br />कुल मिलाकर, जवाबी नोटिस में आदित्य ठाकरे ने सतीश सालियान के सभी मानहानि संबंधी दावों और ₹500 करोड़ के मुआवजे की मांग को खारिज करते हुए अपने 16 सितंबर के अंग्रेजी और मराठी पोस्ट पर कायम रहने की बात कही है.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/51965/aditya-thackerays-counterattack-on-defamation-notice-of-rs-500-crore</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/51965/aditya-thackerays-counterattack-on-defamation-notice-of-rs-500-crore</guid>
                <pubDate>Thu, 24 Sep 2026 15:00:08 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-09/6ewr6.jpg"                         length="32586"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भिवंडी कोर्ट ने मानहानि केस में राहुल गांधी को ज़मानत दी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>कांग्रेस नेता राहुल गांधी को मानहानि के एक केस में ज़मानत मिल गई है। महाराष्ट्र की भिवंडी कोर्ट ने उन्हें ज़मानत दे दी है। 2014 में राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि महात्मा गांधी की हत्या के पीछे RSS का हाथ था। RSS ने इन कमेंट्स पर आपत्ति जताते हुए केस किया था। इस केस की सुनवाई महाराष्ट्र की भिवंडी कोर्ट में हुई। </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/47928/bhiwandi-court-grants-bail-to-rahul-gandhi-in-defamation-case"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-02/download---2026-02-22t123419.880.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>भिवंडी : </strong>कांग्रेस नेता राहुल गांधी को मानहानि के एक केस में ज़मानत मिल गई है। महाराष्ट्र की भिवंडी कोर्ट ने उन्हें ज़मानत दे दी है। 2014 में राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि महात्मा गांधी की हत्या के पीछे RSS का हाथ था। RSS ने इन कमेंट्स पर आपत्ति जताते हुए केस किया था। इस केस की सुनवाई महाराष्ट्र की भिवंडी कोर्ट में हुई। </p>
<p> </p>
<p>सुनवाई के लिए राहुल गांधी खुद कोर्ट में पेश हुए। इसी क्रम में कोर्ट ने उन्हें ज़मानत दे दी। राहुल गांधी ने 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान महाराष्ट्र के सोनाले गांव में हुई एक रैली में हिस्सा लिया था। वहां बोलते हुए उन्होंने RSS पर गंभीर आरोप लगाए थे। राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि महात्मा गांधी की हत्या के पीछे संघ का हाथ था। </p>
<p>यह कहते हुए कि राहुल के कमेंट्स RSS की रेप्युटेशन को नुकसान पहुंचा रहे हैं, तब संघ एक्टिविस्ट राजेश कुंटे ने मजिस्ट्रेट कोर्ट में शिकायत दर्ज कराई थी। उस केस के ट्रायल में अब राहुल गांधी को ज़मानत मिल गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/47928/bhiwandi-court-grants-bail-to-rahul-gandhi-in-defamation-case</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/47928/bhiwandi-court-grants-bail-to-rahul-gandhi-in-defamation-case</guid>
                <pubDate>Sun, 22 Feb 2026 12:35:13 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-02/download---2026-02-22t123419.880.jpg"                         length="10064"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नई दिल्ली :  मानहानि केस में राहुल गांधी की भिवंडी कोर्ट में पेशी, BJP कार्यकर्ताओं ने दिखाए काले झंडे</title>
                                    <description><![CDATA[<p>कांग्रेस सांसद राहुल गांधी अपने खिलाफ दायर आरएसएस एक्टिविस्ट राजेश कुंटे की मानहानी केस के जमानत की सुनवाई के लिए  भिवंडी कोर्ट जा रहे थे, तभी महाराष्ट्र के मुलुंड में भाजपा कार्यकर्ताओं ने उन्हें काले झंडे दिखाए। प्रदर्शनकारियों ने अन्य कांग्रेस विरोधी नारों के साथ लश्कर-ए-राहुल के नारे भी लगाए। राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का केस में आरएसएस एक्टिविस्ट राजेश कुंटे ने आरोप लगाया गया था कि कांग्रेस नेता ने दावा किया था कि महात्मा गांधी की हत्या के पीछे संघ का हाथ था।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/47904/new-delhi-rahul-gandhi-appears-in-bhiwandi-court-in-defamation"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-02/download---2026-02-21t190350.354.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>नई दिल्ली :  </strong>कांग्रेस सांसद राहुल गांधी अपने खिलाफ दायर आरएसएस एक्टिविस्ट राजेश कुंटे की मानहानी केस के जमानत की सुनवाई के लिए  भिवंडी कोर्ट जा रहे थे, तभी महाराष्ट्र के मुलुंड में भाजपा कार्यकर्ताओं ने उन्हें काले झंडे दिखाए। प्रदर्शनकारियों ने अन्य कांग्रेस विरोधी नारों के साथ लश्कर-ए-राहुल के नारे भी लगाए। राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का केस में आरएसएस एक्टिविस्ट राजेश कुंटे ने आरोप लगाया गया था कि कांग्रेस नेता ने दावा किया था कि महात्मा गांधी की हत्या के पीछे संघ का हाथ था। कुंटे ने इंडियन पीनल कोड के सेक्शन 500 (मानहानि) के तहत अपनी शिकायत में कहा कि झूठी टिप्पणी से आरएसएस  की इमेज खराब हुई है।</div>
<div> </div>
<div> </div>
<div><strong>क्या है मामला?</strong></div>
<div>राहुल गांधी की भिवंडी कोर्ट में ये पेशी साल 2014 के लोकसभा चुनाव में प्रचार के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर की गई एक टिप्पणी से जुड़ी है। राहुल गांधी ने तब संघ पर महात्मा गांधी की हत्या का आरोप लगाया था। इसे लेकर संघ से जुड़े राजेश कुंटे ने कांग्रेस सांसद के खिलाफ मानहानी का मुकदमा दायर कर दिया था।</div>
<div> </div>
<div><strong>भाजपा कार्यकर्ताओं ने क्यों दिखाए काले झंडे</strong></div>
<div>दिल्ली में इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट को बाधित करने के लिए युवा कांग्रेस के विरोध में भाजपा कार्यकर्ता ने देश भर में कई स्थानों पर बड़ी संख्या में विरोध प्रदर्शन किए। भाजपा का विरोध दिल्ली, सूरत, हैदराबाद सहित अन्य शहरों तक देखने को मिला।</div>
<div> </div>
<div>कल, कांग्रेस यूथ के सदस्यों ने दिल्ली में एआई समिट स्थल के एक हॉल में नारे लगाते हुए घुस गए। जिसमें प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका के साथ व्यापार समझौते पर सहमत होने को लेकर सरकार के खिलाफ नारे लगाए।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/47904/new-delhi-rahul-gandhi-appears-in-bhiwandi-court-in-defamation</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/47904/new-delhi-rahul-gandhi-appears-in-bhiwandi-court-in-defamation</guid>
                <pubDate>Sat, 21 Feb 2026 19:05:09 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-02/download---2026-02-21t190350.354.jpg"                         length="9265"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : मानहानि मामले में नवाब मलिक के खिलाफ नहीं मिले सबूत, पुलिस ने कोर्ट में दाखिल की रिपोर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[<p>पूर्व एनसीबी अफसर समीर वानखेड़े की बहन की ओर से नवाब मलिक के खिलाफ की गई मानहानि की शिकायत की जांच में पुलिस को सबूत नहीं मिले हैं। पुलिस ने शिकायत को लेकर जांच रिपोर्ट मजिस्ट्रेट कोर्ट में दाखिल कर दी है। पुलिस ने कहा कि एनसीबी के पूर्व क्षेत्रीय निदेशक समीर वानखेड़े की बहन के वरिष्ठ राकांपा नेता नवाब मलिक के खिलाफ दायर मानहानि और पीछा करने की शिकायत में प्रथम दृष्टया संज्ञेय या असंज्ञेय अपराध का कोई सबूत नहीं मिला है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/43396/mumbai--no-evidence-found-against-nawab-malik-in-defamation-case--police-filed-report-in-court"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-08/download---2025-08-26t114822.284.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>पूर्व एनसीबी अफसर समीर वानखेड़े की बहन की ओर से नवाब मलिक के खिलाफ की गई मानहानि की शिकायत की जांच में पुलिस को सबूत नहीं मिले हैं। पुलिस ने शिकायत को लेकर जांच रिपोर्ट मजिस्ट्रेट कोर्ट में दाखिल कर दी है। पुलिस ने कहा कि एनसीबी के पूर्व क्षेत्रीय निदेशक समीर वानखेड़े की बहन के वरिष्ठ राकांपा नेता नवाब मलिक के खिलाफ दायर मानहानि और पीछा करने की शिकायत में प्रथम दृष्टया संज्ञेय या असंज्ञेय अपराध का कोई सबूत नहीं मिला है। 2021 में आईआरएस अधिकारी की बहन ने पूर्व राज्य मंत्री पर विभिन्न ट्वीट्स और टेलीविजन साक्षात्कारों में उनके खिलाफ झूठे, मानहानिकारक और निंदनीय आरोप लगाने का आरोप लगाया था। मामले में बांद्रा मजिस्ट्रेट कोर्ट ने सीआरपीसी की धारा 202 के तहत यास्मीन वानखेड़े की शिकायत की जांच का आदेश दिया था और पुलिस को अपनी रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया था।</p>
<p> </p>
<p>हाल ही में अदालत में दाखिल जांच रिपोर्ट में पुलिस ने कहा कि मलिक ने बताया कि उस समय उनके द्वारा की गई पोस्ट और प्रेस कॉन्फ्रेंस एक राजनीतिक पार्टी के प्रवक्ता के रूप में उनके कर्तव्य का हिस्सा थे। यास्मीन वानखेड़े से उनकी कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है। रिपोर्ट में एनसीपी नेता के बयान का भी हवाला दिया गया है कि उनके मन में महिलाओं के प्रति बहुत सम्मान है और उन्होंने कभी भी ऐसा काम नहीं किया। जिससे उनका अपमान या अनादर हो। रिपोर्ट में कहा गया कि यास्मीन वानखेड़े का इंस्टाग्राम अकाउंट सार्वजनिक है और मलिक ने अपने एक्स हैंडल पर उनके सार्वजनिक अकाउंट से तस्वीरें दोबारा पोस्ट कीं। जांच में प्रथम दृष्टया संज्ञेय या असंज्ञेय अपराध का कोई साक्ष्य नहीं मिला।</p>
<p>यास्मीन वानखेड़े के वकील अली काशिफ खान देशमुख ने कहा कि पुलिस यह नहीं समझ सकी कि किसी महिला की सोशल मीडिया अकाउंट से सार्वजनिक रूप से उपलब्ध निजी तस्वीर का इस्तेमाल मानहानिकारक संदर्भ में नहीं किया जा सकता। वे अगली सुनवाई में रिपोर्ट के खिलाफ विरोध याचिका दायर करेंगे।</p>
<p>शिकायतकर्ता ने कहा कि समीर वानखेड़े नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के जोनल निदेशक के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान, ड्रग रैकेट का भंडाफोड़ करने में सक्रिय रूप से शामिल थे। वे विभिन्न हाई-प्रोफाइल ड्रग-संबंधी (एनडीपीएस) मामलों को संभालते थे। उनके भाई द्वारा देखे जा रहे मामलों में से एक मलिक के दामाद दिवंगत एम समीर खान के खिलाफ था। शिकायत में कहा गया है कि अपने दामाद के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के खिलाफ व्यक्तिगत द्वेष और प्रतिशोध के कारण आरोपी मलिक ने जवाबी कार्रवाई के तौर पर शिकायतकर्ता और उसके परिवार के सदस्यों के खिलाफ झूठे, अपमानजनक और निराधार आरोप लगाने शुरू कर दिए। इसमें कहा गया है कि यह प्रयास परिवार पर दबाव डालने के लिए किया गया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/43396/mumbai--no-evidence-found-against-nawab-malik-in-defamation-case--police-filed-report-in-court</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/43396/mumbai--no-evidence-found-against-nawab-malik-in-defamation-case--police-filed-report-in-court</guid>
                <pubDate>Tue, 26 Aug 2025 11:49:26 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2025-08/download---2025-08-26t114822.284.jpg"                         length="6773"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        